“धरने से सत्ता तक पहुंची पुकार, रोजगार सेवकों ने प्रभारी मंत्री को सौंपा मांग पत्र”
रोजगार सेवकों की आवाज़ पहुंची सत्ता के दरबार तक
सिद्धार्थनगर में धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रभारी मंत्री अनिल राजभर को सौंपा ज्ञापन, मांगों के समाधान की उठी जोरदार मांग

सिद्धार्थनगर। ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में रोजगार सेवकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जनपद दौरे पर आए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर को संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौंपकर रोजगार सेवकों की समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। मंत्री द्वारा ज्ञापन स्वीकार किए जाने के बाद रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की उम्मीद जताई।
सारांश
जनपद सिद्धार्थनगर के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप द्विवेदी, जिला अध्यक्ष सदानन्द यादव, जिला संरक्षक राजेश चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने सेवा सुरक्षा, नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि तथा अन्य लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर ज्ञापन प्राप्त किया और उनकी बात सुनी।
रोजगार सेवकों ने बुलंद की आवाज़, समस्याओं के समाधान की मांग
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर सोमवार को उस समय रोजगार सेवकों की आवाज़ से गूंज उठा, जब ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले बड़ी संख्या में रोजगार सेवक धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। संगठन का कहना है कि वर्षों से ग्राम पंचायतों में विकास योजनाओं और मनरेगा कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद रोजगार सेवकों की विभिन्न मांगें लंबित हैं।
धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप द्विवेदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता सदानन्द यादव (जिला अध्यक्ष) ने की। कार्यक्रम का संचालन राजेश चतुर्वेदी (जिला संरक्षक) द्वारा किया गया।
धरने के दौरान रोजगार सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री अनिल राजभर का जनपद भ्रमण कार्यक्रम था। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम से लौटते समय संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर रोजगार सेवकों की समस्याओं से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि रोजगार सेवक ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन सेवा सुरक्षा, मानदेय और भविष्य को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संगठन ने सरकार से मांग की कि रोजगार सेवकों की समस्याओं का स्थायी और सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। ऐसे में रोजगार सेवकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी समस्याओं पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत संगठन के प्रतिनिधियों ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को भी ज्ञापन सौंपा तथा शासन स्तर तक उनकी मांगों को पहुंचाने की मांग की।
क्या हैं रोजगार सेवकों की प्रमुख मांगें?
सेवा सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
रोजगार सेवकों के नियमितीकरण पर निर्णय लिया जाए।
मानदेय में वृद्धि की जाए।
लंबित समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
रोजगार सेवकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
“हमारी मांगें किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि रोजगार सेवकों के सम्मान और भविष्य से जुड़ी हैं। सरकार हमारी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे।” — संगठन के पदाधिकारी
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