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सड़क हादसे के पीड़ित को न्यायालय से बड़ी राहत, एमएसीटी ने 68.49 लाख रुपये प्रतिकर का दिया आदेश

सड़क दुर्घटना पीड़ित को न्यायालय से बड़ी राहत: मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 68.49 लाख रुपये प्रतिकर देने का दिया आदेश

एमएसीटी सिद्धार्थनगर का फैसला, बीमा कंपनी को निर्धारित अवधि में भुगतान के निर्देश; न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों के आधार पर सुनाया निर्णय


सिद्धार्थनगर। सड़क दुर्घटना से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रतिकर वाद में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), सिद्धार्थनगर ने घायल याची के पक्ष में 68,49,600 रुपये प्रतिकर (मुआवजा) प्रदान करने का आदेश पारित किया है। न्यायालय ने अपने आदेश में बीमा कंपनी को निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध अभिलेखों, चिकित्सीय दस्तावेजों, पुलिस विवेचना, दोनों पक्षों की दलीलों तथा विधिक प्रावधानों पर विचार करने के उपरांत सुनाया गया है।

न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया विस्तृत फैसला

अधिकरण के समक्ष विचाराधीन प्रतिकर वाद में याची की ओर से सड़क दुर्घटना के कारण गंभीर शारीरिक क्षति, लंबे उपचार, आय पर पड़े प्रभाव तथा अन्य आर्थिक एवं चिकित्सीय मदों में प्रतिकर की मांग की गई थी।

न्यायालय ने वादपत्र, चिकित्सीय अभिलेख, दुर्घटना से संबंधित रिकॉर्ड, पुलिस द्वारा प्रस्तुत विवेचना तथा पक्षकारों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए 68,49,600 रुपये प्रतिकर देने का आदेश पारित किया।

भुगतान और निवेश को लेकर भी दिए गए निर्देश

न्यायालय के आदेश के अनुसार, प्रतिकर की धनराशि निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा की जाएगी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि धनराशि के भुगतान, ब्याज तथा राशि के एक हिस्से को नियमानुसार सुरक्षित निवेश (एफडीआर) में रखने की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होगी, ताकि पीड़ित के हित सुरक्षित रह सकें।

अधिवक्ता इम्तियाज अली की पैरवी से मिली राहत

मामले में याची की ओर से अधिवक्ता इम्तियाज अली ने पैरवी की। न्यायालय के समक्ष दुर्घटना, उपचार, आय पर प्रभाव तथा उपलब्ध दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पक्ष रखा गया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद अपना निर्णय सुनाया।


एक नजर में

न्यायालय: मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), सिद्धार्थनगर

मामला: सड़क दुर्घटना प्रतिकर वाद

आदेश: ₹68,49,600 प्रतिकर

निर्देश: बीमा कंपनी को निर्धारित अवधि में भुगतान

याची की ओर से पैरवी: अधिवक्ता इम्तियाज अली

आधार: न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्य, अभिलेख एवं दोनों पक्षों की दलीलें


एमएसीटी क्या है?

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (Motor Accident Claims Tribunal) सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों अथवा मृतकों के आश्रितों को कानून के अनुसार प्रतिकर दिलाने के लिए गठित विशेष न्यायिक मंच है। प्रत्येक मामले का निर्णय उसके तथ्यों, साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर किया जाता है।

कानूनी पक्ष

यह आदेश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, सिद्धार्थनगर द्वारा पारित न्यायिक निर्णय है। यदि किसी पक्ष को आदेश पर आपत्ति हो तो वह प्रचलित विधिक प्रावधानों के अनुसार सक्षम उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए स्वतंत्र है। अतः इस समाचार का उद्देश्य केवल न्यायालय के आदेश का तथ्यात्मक प्रस्तुतीकरण है, किसी पक्ष के पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी करना नहीं।

खबर का सारांश

सिद्धार्थनगर के मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने एक सड़क दुर्घटना प्रतिकर वाद में घायल याची के पक्ष में 68.49 लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश पारित किया है। न्यायालय ने बीमा कंपनी को निर्धारित समय में भुगतान करने का निर्देश दिया है। यह निर्णय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत अभिलेखों, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर दिया गया। मामले में याची की ओर से अधिवक्ता इम्तियाज अली ने पैरवी की।


संपादकीय सावधानी: यह समाचार न्यायालय के आदेश पर आधारित है। इसमें किसी पक्ष को दोषी या निर्दोष घोषित नहीं किया गया है। समाचार में केवल न्यायालय के अभिलेखों और आदेश में उल्लिखित तथ्यों का प्रस्तुतीकरण किया गया है, जिससे रिपोर्टर, संपादक और चैनल कानूनी रूप से सुरक्षित रहें।

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