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“डीएम की पहल: छात्रा को मिला मोबाइल, अब बिना रुके होगी पढ़ाई”

“मोबाइल की कमी अब नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा”


सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी की संवेदनशील पहल, छात्रा को दिलाया मोबाइल और एक वर्ष का इंटरनेट

सिद्धार्थनगर। शिक्षा के प्रति संवेदनशील प्रशासन की एक प्रेरणादायक तस्वीर उस समय सामने आई, जब मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित “हक की बात” कार्यक्रम में एक छात्रा की समस्या सुनकर जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए उसकी पढ़ाई का रास्ता आसान बना दिया।

बांसी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा-09 की छात्रा काजल ने कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी को बताया कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है, जिसके कारण वह गर्मी की छुट्टियों में चल रही ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रही थी। तकनीकी संसाधनों की कमी उसकी शिक्षा में बड़ी बाधा बन रही थी।

जिलाधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता

छात्रा की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने तत्काल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अंतर्गत छात्रा को मोबाइल फोन उपलब्ध कराया। इतना ही नहीं, उसकी ऑनलाइन पढ़ाई बिना रुकावट जारी रहे, इसके लिए एक वर्ष की इंटरनेट सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

इस पहल के बाद छात्रा और उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी जिलाधिकारी की इस संवेदनशील पहल की सराहना की।

“डीएम की पहल: छात्रा को मिला मोबाइल, अब बिना रुके होगी पढ़ाई”

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी छात्र-छात्रा की आर्थिक या तकनीकी समस्या उसकी शिक्षा में बाधा नहीं बनने दी जाएगी।

उन्होंने छात्रा को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मनिर्भर बनने और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

समाज को दिया सकारात्मक संदेश

यह पहल केवल एक छात्रा को मोबाइल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो तो संसाधनों की कमी किसी बच्चे के सपनों को रोक नहीं सकती।

आज डिजिटल शिक्षा के दौर में जहां मोबाइल और इंटरनेट पढ़ाई का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं, वहीं जरूरतमंद बच्चों तक ऐसी सुविधाएं पहुंचाना शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।


छात्रा की एक आवाज… और प्रशासन ने बदल दी तस्वीर

ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित थी छात्रा

“हक की बात” कार्यक्रम में रखी समस्या

डीएम ने तुरंत उपलब्ध कराया मोबाइल

एक वर्ष का इंटरनेट भी कराया उपलब्ध

“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के तहत मिली मदद

प्रेरणादायक संदेश

“अगर इरादे मजबूत हों और प्रशासन संवेदनशील, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।”

 

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