एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली में ठेकेदार कंपनियों द्वारा वर्षों से मजदूरों को डरा धमका कर उनको मिलने वाली मासिक मजदूरी का आधा हिस्सा वापस ले लिया जाता है
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एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली में ठेकेदार कंपनियों द्वारा वर्षों से मजदूरों को डरा धमका कर उनको मिलने वाली मासिक मजदूरी का आधा हिस्सा वापस ले लिया जाता है । अवैध रूप से डरा धमका कर की जाने वाली वसूली गम्भीर अपराधिक श्रेणी का अपकृत्य है।यह अपराधिक कृत्य दशकों से एनटीपीसी प्रबंधन और ठेकदार गठजोड़ द्वारा किया जा रहा हैं।
आज आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही ने एक पत्रकार वार्ता में उक्त आरोप लगाते हुए कहा कि इस लूट के विरुद्ध आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) द्वारा प्रतिवाद कर इसे रोकने की मांग थी। पिछले वर्ष इसी वसूली का विरोध करने पर संगठन के प्रमुख नेता पवन मिश्रा को एक ठेकेदार द्वारा मोबाइल फोन पर जान मारने की धमकी देने और बेहद अपमान जनक गाली गलौज करने का मामला सार्वजनिक है। उसके विरुद्ध अपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ था।
उन्होंने कहा कि ऊंचाहार थर्मल पॉवर में प्रबंधन के संरक्षण कार्यरत कंपनियों और ठेकेदारों की लूट के शिकार हजारों मजदूर हैं। काफी समय से एनटीपीसी प्रबंधन, स्थानीय व जिला प्रशासन से इस अवैध वसूली को रोकने के लिए उचित कार्यवाही करने की मांग़ की जा रही है। किंतु प्रबंधन और ठेकेदारों द्वारा उल्टे आवाज उठाने वाले संगठन के सदस्यों के दमन पर उतरी है।
आज फिर इसी लूट के विरुद्ध उठती आवाजों को खामोश करने और व्यापक मजदूरों के नौकरी से बाहर करने का भय पैदा करने की नियत से संगठन के नेता पवन मिश्रा ,संतोष कुमार सहित कुछ अन्य श्रमिको को सेवा से पृथक कर मजदूरों को आतंकित करने ,संगठन के नेतृत्व और उसके सदस्यों को इस मामले में खामोश करने की गई। संगठन ने आंदोलन का नोटिस जारी किया तो पहले पवन जी को उड़ीसा भेजे जाने का एक पत्र दिया गया । बाद में एनटीपीसी प्रबंधन ने 15 मार्च को वार्ता बुलाकर सभी की निरन्तर सेवाओं को सुनिश्चित कराने और वसूली पर रोक लगाने के लिए सभी कार्यरत कंपनियों और ठेकेदारों से शपथ पत्र लेने , शिकायत के लिए हेल्प लाइन नम्बर जारी करने और वसूली की शिकायत पर उसे काली सूची में डालने पर सहमति बनी। किन्तु प्रबंधन ने अगले दिन अपना असली रंग दिखा दिया और पवन मिश्रा को उनके सेवा स्थल के बजाय 4 किलो मीटर दूर प्लांट से बहुत दूर नियोजित करने का आदेश पत्र जारी किया। पवन मिश्रा को आखिर प्रबंधन प्लांट से क्यों दूर रखना चाहता है? यह इसलिए कि मजदूरों से वसूली आबाद रूप से जारी रहे और विरोध की प्रमुख आवाज को दायरे से बाहर कर दिया जाए। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
कामरेड विजय विद्रोही ने अंत में कहा कि पवन मिश्रा व अन्य मजदूरों का तत्काल गेट पास बनाकर सेवा में योगदान के लिए अधिकृत किए जाने , एनटीपीसी ऊंचाहार रायबरेली में श्रमिको से जबरन मजदूरी का आधा हिस्सा छीन लेने की वर्षों से चल रही आपराधिक कार्यवाही को रोकने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन जवाबदेही लेते हुए इस अपकृत्य में संलग्न कंपनियों, एजेंसियों,ठेकेदारों को काली सूची में डालकर उनके कार्यादेश निरस्त किए जाने , पेटी ठेकेदारों को भी काली सूची में डालने का कार्य करते हुए ,श्रमिको के अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से गतिविधियों को संचालित करने से रोकने ,उन्हें डराने ,धमकाने वाले तत्वों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग को लेकर आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस ( ऐक्टू) 15 मार्च की वार्ता के बाद स्थगित आंदोलन को तेज किया जाएगा । इसी क्रम में 1 अप्रैल को एनटीपीसी गेट के समीप एक एकता कन्वेंशन , 9 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन और 13 मार्च से एनटीपीसी गेट पर धरना शुरू करेगा।
उन्होंने अंत में कहा कि एनटीपीसी प्रबंधन , ठेकेदार प्रशासन के बल पर किसी तरह की दमनात्मक कार्यवाही के मुगालते में न रहें, एनटीपीसी प्रबंधन के अन्य तमाम भ्रष्ट्राचार और उसके कृत्यों के विरुद्ध पूरे ऊंचाहार में पनप रहे विक्षोभ का अभी उनको अंदाजा नहीं है। यदि समस्याओं का समाधान करने के लिए सकारात्मक ढंग से चीजों को लेने से ही शांति बनेगी ।
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