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कोचिंग अधिनियम में पुनर्विचार की आवश्यकता : विक्रम सिंह, अध्यक्ष, कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, रायबरेली कोचिंग संस्थानों की समस्याओं के समाधान हेतु जिला प्रशासन का विशेष शिविर आयोजित, पहले दिन बड़ी संख्या में संचालक हुए शामिल

 

 

रायबरेली, 29 जून। जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों की समस्याओं के समाधान एवं निर्धारित मानकों की पूर्ति के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित तीन दिवसीय विशेष शिविर के प्रथम दिवस का आयोजन रायबरेली विकास प्राधिकरण सभागार में किया गया। शिविर में विकास प्राधिकरण, माध्यमिक शिक्षा विभाग, अग्निशमन विभाग एवं विद्युत सुरक्षा विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को इस शिविर का नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

 

शिविर में बड़ी संख्या में कोचिंग संचालकों ने भाग लेकर पंजीकरण एवं निर्धारित मानकों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने संचालकों की समस्याएं सुनीं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

 

नोडल अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि किसी भी कोचिंग संचालक को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संचालक पंजीकरण कराकर एवं निर्धारित मानकों की पूर्ति करते हुए अपने संस्थानों का संचालन कर सकते हैं। हालांकि सभी आवश्यक मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

 

इस अवसर पर कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, रायबरेली के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विशेष शिविर आयोजित किया जाना सराहनीय पहल है, लेकिन वर्तमान कोचिंग अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत अधिकांश छोटे एवं मध्यम कोचिंग संस्थानों के लिए सभी मानकों को पूरा करना अत्यंत कठिन है।

 

उन्होंने कहा कि कोचिंग फेडरेशन लगातार कोचिंग संस्थानों को तत्काल संचालन की अनुमति दिलाने के लिए जनप्रतिनिधियों एवं शासन-प्रशासन से निरंतर संपर्क कर रहा है। यदि शीघ्र ही कोचिंग संस्थानों के संचालन की अनुमति नहीं दी गई तो हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी तथा इस क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों, कार्यालय कर्मचारियों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और प्रबंधकों सहित बड़ी संख्या में लोगों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा।

 

विक्रम सिंह ने कहा कि कोचिंग अधिनियम में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए पुनर्विचार एवं आवश्यक संशोधन किए जाने की आवश्यकता है, ताकि विद्यार्थियों की शिक्षा बाधित न हो, छोटे एवं मध्यम कोचिंग संस्थान सुचारु रूप से संचालित हो सकें तथा इस क्षेत्र से जुड़े हजारों लोगों का रोजगार सुरक्षित रह सके।

 

उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा आयोजित आगामी शिविरों में भी उपस्थित होकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करें तथा प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखें।

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