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सुप्रीम कोर्ट में अनुदेशकों की बड़ी जीत..1 अप्रैल 2026 से 17 हजार मानदेय देने की बात कोर्ट ने कही

UP News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात 25000 अनुदेशकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय दिया है। 5 महीने से फैसले का इंतजार कर रहे अनुदेशकों में आज खुशी की लहर दौड़ गई, जब कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि, अनुदेशकों को 1 अप्रैल 2026 से 17000 का मानदेय दे और 2017 से एरियर का भुगतान अगले 6 महीने के अंदर करे।

जानिए कोर्ट ने क्या कहा 

उत्तर प्रदेश में अंशकालिक (पार्ट-टाइम) शिक्षकों की नियुक्ति, अवधि समाप्त होने के बाद अब संविदात्मक (contractual) नहीं रह गई है। उन्हें अन्यत्र नौकरी करने से रोका गया था। ऐसे पद स्वतः सृजित (automatically created) माने जाते हैं। मानदेय में संशोधन न करना (7,000 रुपये) अनुचित प्रथा (unfair practices) के बराबर है।

उपरोक्त के आलोक में यह निर्धारित है कि:

उत्तर प्रदेश में पार्ट-टाइम शिक्षक 2013 में निर्धारित मानदेय के संशोधन के हकदार हैं।

यह संशोधन समय-समय पर, यदि वार्षिक नहीं, तो किया जाना चाहिए।

17-18 से प्रभावी, संशोधन होने तक 17,000 रुपये प्रति माह का भुगतान करें।

1.04.2026 से नया भुगतान शुरू करें।

बकाया राशि (Arrears) आज से 6 महीने के भीतर भुगतान की जाए। 

काला हूं… पर टिकाऊ हूं!” सिद्धार्थनगर महोत्सव के मंच से पवन सिंह का मज़ेदार बयान, शादी के सवाल पर छिड़ी चर्चा

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में आयोजित सिद्धार्थ महोत्सव उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब भोजपुरी सिनेमा के चर्चित स्टार पवन सिंह मंच पर अपने स्टेज शो के दौरान एक हल्के-फुल्के बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए।

कहां और कब हुआ मामला?

स्थान: सिद्धार्थनगर जनपद, उत्तर प्रदेश

मौका: सिद्धार्थ महोत्सव

कार्यक्रम: लाइव स्टेज शो

समय: महोत्सव के दौरान हालिया आयोजन

बताया जा रहा है कि पवन सिंह मंच पर मौजूद दर्शकों और कलाकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान शादी को लेकर माहौल मज़ाकिया हुआ, तो पवन सिंह ने हँसते-हँसते कहा—

काला हूं, पर टिकाऊ हूं!”

स्टेज पर छाया हंसी-मज़ाक का माहौल

इस बयान के बाद:

पंडाल में मौजूद दर्शकों के बीच हंसी गूंज उठी

मंच पर मौजूद एक्ट्रेस और अन्य कलाकार भी मुस्कुराते नजर आए

पूरा माहौल मनोरंजन और मस्ती से भर गया

यह संवाद पूरी तरह स्टेज शो और मनोरंजन के क्रम में सामने आया, जिसे दर्शकों ने एक हल्के-फुल्के अंदाज़ के रूप में लिया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?

महोत्सव से जुड़ा यह स्टेज मोमेंट जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचा, वैसे ही:

फैंस ने पवन सिंह के बिंदास और बेबाक अंदाज़ की तारीफ की

कई लोगों ने इसे स्टेज शो का मज़ेदार पल बताया

हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा या निजी प्रस्ताव की पुष्टि नहीं की गई है।

महोत्सव में स्टारडम का असर

सिद्धार्थ महोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में बड़े कलाकारों की मौजूदगी दर्शकों का उत्साह बढ़ाती है। पवन सिंह की एंट्री और उनका देसी अंदाज़ कार्यक्रम को और यादगार बना गया।

 

सिद्धार्थनगर में बाल विवाह के खिलाफ बड़ी पहल, मोहाना पुलिस ने शुरू किया जागरूकता अभियान

सिद्धार्थनगर।
जनपद में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने की दिशा में पुलिस और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर एक सराहनीय कदम उठाया है। मंगलवार को थाना मोहाना परिसर से बाल विवाह मुक्ति वैन (जागरूकता रथ) को थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता रथ आगामी 30 दिनों तक जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करेगा और लोगों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों, कानून की जानकारी और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।
पुलिस का सख्त संदेश—बाल विवाह अपराध है
इस मौके पर थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि कानूनन गंभीर अपराध है। इससे बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अपील की कि इस कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाई जाए।
गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता का संदेश
बाल विवाह मुक्ति रथ के माध्यम से—
पोस्टर और बैनर
पंपलेट वितरण
ऑडियो संदेश
नुक्कड़ सभाओं
के जरिए लोगों को यह बताया जाएगा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, उसे बढ़ावा देने या उसमें सहयोग करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
Child Marriage Awareness Van Flagged Off in Siddharthnagar
इस कार्यक्रम का आयोजन मानव सेवा संस्थान एवं पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। यह पहल न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक मजबूत प्रयास मानी जा रही है।
जनता में बढ़ रहा भरोसा
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगेगी।

सिद्धार्थनगर: बाजार में घात लगाकर हमला, हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर।
जनपद के थाना खेसरहा क्षेत्र में बाजार के दौरान जानलेवा हमले का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोप में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके पास से हमला करने में प्रयुक्त लोहे का पाइप भी बरामद किया है।
क्या है पूरा मामला? (पूरी कहानी)
पुलिस के अनुसार, दिनांक 02 फरवरी 2026 की शाम जगदीश उर्फ टक्कल कस्बा घोसियारी में रोजमर्रा की खरीदारी के लिए आए थे। उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे आरोपी कन्हैया तिवारी ने अचानक उन पर लोहे के पाइप से सिर पर हमला कर दिया।
हमले की मंशा जान से मारने की बताई जा रही है। अचानक हुए इस हमले से जगदीश उर्फ टक्कल गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल इलाज के लिए ले जाया गया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर उन्हें गोरखपुर रेफर किया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद थाना खेसरहा में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. अभिषेक महाजन के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत—
अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद
क्षेत्राधिकारी बाँसी सुश्री रोहिनी यादव
के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की।
दिनांक 03 फरवरी 2026 को आरोपी कन्हैया तिवारी को लक्ष्मीगंज तिराहा से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से लोहे का पाइप बरामद हुआ, जिसे हमले में प्रयुक्त बताया जा रहा है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण
नाम: कन्हैया तिवारी
पिता: रामउजागिर तिवारी
निवासी: अवाँरी, थाना खेसरहा, जनपद सिद्धार्थनगर
अपराध का पुराना इतिहास भी सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें—
महिला उत्पीड़न
यौन अपराध
गुंडा एक्ट
गंभीर आपराधिक धाराएँ
शामिल रही हैं। पुलिस इसे एक हिस्ट्रीशीटर प्रवृत्ति का व्यक्ति मानकर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस का संदेश
पुलिस का कहना है कि जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

सिद्धार्थनगर: सरकारी कुर्की के दौरान अमीन से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल—FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश
सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी कार्यवाही के दौरान एक राजस्व कर्मी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील नौगढ़ में तैनात संग्रह अमीन सुबाषचन्द्र 3 फरवरी 2026 को नायब तहसीलदार सदर की उपस्थिति में ग्राम रोहूडिला टोला सिंगहा, मोहाना में कुर्की की कार्यवाही करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि यह कार्यवाही उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, शाखा मोहाना के बकाया ऋण के संबंध में की जा रही थी, जिसकी कुल राशि लगभग ₹5,05,160 बताई गई है।
आरोप है कि कुर्की के दौरान संबंधित गांव के निवासी अनिल कुमार और अखिलेश कुमार मौके पर पहुंचे और सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए अमीन के साथ हाथापाई की। अमीन का यह भी आरोप है कि उनके साथ मारपीट के दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें राजस्व कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई दे रही है। हालांकि, चैनल इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता, लेकिन वीडियो के आधार पर मामले ने तूल पकड़ लिया है।
पीड़ित अमीन की तहरीर पर मोहाना थाने में संबंधित धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वीडियो फुटेज को भी साक्ष्य के रूप में खंगाला जा रहा है।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सिद्धार्थनगर महोत्सव के बाद मासूम से दरिंदगी, आरोपी किशोर 24 घंटे में पुलिस हिरासत में

सिद्धार्थनगर।
जनपद में आयोजित सिद्धार्थनगर महोत्सव के समापन के बाद एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र, जेल चौकी इलाके का है, जहाँ तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ एक किशोर द्वारा जघन्य अपराध किए जाने का आरोप है।
महोत्सव समाप्त होने के बाद भी कुछ दुकानदार अपनी अस्थायी दुकानें लगाए हुए थे। इसी दौरान नगर निवासी एक परिवार अपनी फास्ट फूड की दुकान पर पत्नी और बच्चों के साथ मौजूद था। परिवार ने अपने ही क्षेत्र के एक किशोर को काम पर रखा हुआ था।
आरोप है कि इसी किशोर ने भरोसे का गलत फायदा उठाते हुए मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया, जिससे बच्ची की हालत गंभीर हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को तत्काल सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए किशोर को हिरासत में लिया। पीड़ित बच्ची को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया, जहाँ उसका इलाज अभी भी जारी है।
पुलिस कार्रवाई
पीड़ित परिवार की तहरीर पर थाना सिद्धार्थनगर में
मु0अ0सं0–22/2026,
धारा 65(2) BNS एवं 5M/6 POCSO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने आरोपी बाल अपचारी को 24 घंटे के भीतर पुलिस अभिरक्षा में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय भेजा।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के निर्देश और पर्यवेक्षण में की गई।
समाज के लिए संदेश
यह घटना बच्चों की सुरक्षा और सतर्कता पर जोर देती है।
अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों के आसपास काम करने वाले हर व्यक्ति पर नज़र और सतर्कता बरतें।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई दिखाती है कि कानून समय पर लागू होने पर अपराधियों को रोका जा सकता है।
बच्ची का इलाज अभी भी जारी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परिवार और समाज का सहयोग बच्चों के भविष्य की सुरक्षा में कितना महत्वपूर्ण है।

सिद्धार्थनगर में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज व क्षत्रिय महासभा का व्यापक प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जनपद में यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज, क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू महासंघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा व न्याय एक संकल्प संस्थान के बैनर तले व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर बीएसए ग्राउंड से रैली निकालते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

यूजीसी एक्ट वापस लो के लगे नारे

इस दौरान “यूजीसी एक्ट वापस लो”, “समान शिक्षा-सामान अधिकार” और सवर्ण समाज का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगते रहे। भारी भीड़ जुटी रही और अपनी आवाज बुलंद करती रही।

रास्ते भर प्रदर्शनकारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य हाथों में तख्तियां व बैनर लिए नजर आए। रैली के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने ज्ञापन प्राप्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहां की, “यूजीसी (UGC) एक्ट-2026 में प्रतावित नियम से सवर्ण समाज का उत्पीड़न होगा और सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, यह एक्ट संविधान में निहित समानता के अधिकार का हनन करता है। इस एक्ट द्वारा समाज में वैमनस्यता बढ़ेगा।”

सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “सर्वण समाज ने आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अब इसी समाज को शिक्षा से वंचित करने की साजिश की जा रही है। सवर्ण समाज यह कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की।”

एक्ट वापस नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “यदि सरकार इस दमनकारी एक्ट को वापस नहीं लेती है तो सवर्ण समाज इससे भी बड़ा आंदोलन पूरे देश में करेगा।”

इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष व क्षत्रिय महासभा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, भूप नारायण सिंह, सुधीर पांडेय उर्फ फरसा बाबा, रामकृष्ण पांडेय व बड़ी संख्या में सवर्ण समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर में ठेले वाले का पुलिस पर आरोप, SHO ने बताया निराधार — जांच की मांग


डीएम से शिकायत, पुलिस ने दी सफाई — दोनों पक्ष आमने-सामने

सिद्धार्थनगर।
जनपद के शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत थाना चिल्हिया क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जिसमें एक ठेले पर नाश्ता बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले व्यक्ति ने थाना प्रभारी पर अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस प्रशासन ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
पीड़ित राम कुमार पुत्र स्वर्गीय तिलकराम, निवासी ग्राम पिपरहवा थाना जोगिया, ने जिला अधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर बताया कि वह करौंदा नानकार स्थित देशी शराब की सरकारी दुकान के पास पिछले 4–5 वर्षों से पकौड़ी, समोसा, नमकीन आदि का ठेला लगाकर जीवन यापन करता है।
पीड़ित के अनुसार, दिनांक 29 दिसंबर 2025 की शाम लगभग 6 बजे थाना चिल्हिया के थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मी उसकी दुकान पर पहुंचे और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाने तथा दुकान हटवाने की धमकी दी। इस घटना से पीड़ित और उसका परिवार भयभीत है।
पीड़ित ने प्रशासन से पुलिस की कथित दखलअंदाजी रोकने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस का पक्ष
वहीं इस पूरे मामले में थाना प्रभारी चिल्हिया ने आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है।
थाना प्रभारी के अनुसार, दिनांक 2 फरवरी 2026 को करौंदा नानकार में बाजार का दिन होने के कारण पुलिस टीम द्वारा पैदल गश्त की जा रही थी। गश्त के दौरान यह पाया गया कि देशी शराब की दुकान के आसपास कुछ दुकानदार ग्राहकों को दुकान पर बैठाकर शराब पिला रहे थे।
पुलिस के अनुसार, पुलिस को देखकर मौके से लोग भाग गए, जिसके बाद दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई कि वे केवल सामान बेचें, लेकिन दुकान पर बैठाकर शराब न पिलाएं।


थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पैसे मांगने या गाली देने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं, और मौके की स्थिति का वीडियो भी पुलिस द्वारा रिकॉर्ड किया गया है।
निष्कर्ष 
फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है।
एक ओर जहां पीड़ित ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस ने अपने कर्तव्य पालन की बात कही है। अब निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं, जिससे सच्चाई सामने आ सके।


“अब सवाल यह है कि क्या ठेले वाले के आरोप सही हैं या पुलिस की कार्रवाई नियमों के तहत थी — सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।”

बाल विवाह मुक्ति रथ को विधायक श्यामनी राही ने दिखाई हरी झंडी

सिद्धार्थनगर। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा पूरे देश में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त राष्ट्र बनाना है। उक्त के क्रम में बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए सदर विधायक श्याम धनी राही ने कहा कि यह अभियान केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी बेटियों के भविष्य, शिक्षा और सम्मान की रक्षा का एक सशक्त संकल्प है। इसी राष्ट्रीय अभियान को मानव सेवा संस्थान सेवा द्वारा जिले में “बाल विवाह मुक्ति रथ” का संचालन किया जा रहा है, जो लगभग 30 दिनों तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर जन-जन को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराएगा। उन्होंने कहा कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि जब हम एक बच्चे का बचपन बचाते हैं, तब हम एक पूरी पीढ़ी को शिक्षित, स्वस्थ और सशक्त बनाते हैं। बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवाधिकारों पर गहरा प्रहार है। उन्होंने कहा यह पुनीत अभियान समाज के लिए एक अत्यंत सकारात्मक, प्रेरणादायी और प्रभावशाली संदेश देगा।

मानव सेवा संस्थान के कार्यकारी निदेशक पुरु मयंक त्रिपाठी ने इस अभियान को हरी झंडी दिखाने के लिए सदर विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के सन्दीप कुमार मद्धेशिया, अरूण कुमार मद्धेशिया, ग्राम प्रधान झंगटी अरविंद तिवारी, प्रधान विशुनपुर राजेश यादव, हेमंत सिंह, प्रधान अनिल कुमार गुप्ता, प्रधान प्रतिनिधि अशोक कुमार, जेई सुधांशु पाठक, सर्वजीत, मंटू विश्वकर्मा, सहित भारी संख्या में स्टेकहोल्डर्स एवं ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।

डॉ मानसी द्विवेदी को मिला PHD की डिग्री

गोरखपुर: गोरखपुर विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान विषय में डॉक्टर मानसी द्विवेदी को पीएचडी (Doctor of Philosophy) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य “Study of Fungal Pathogens causing Strawberry fruit rots and their Management by Natural agents” विषय पर पूरा किया। यह शोध वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. पूजा सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

पूरे क्षेत्र को है garv

डॉ. मानसी की इस उपलब्धि से उनके पिता कैलाश नाथ द्विवेदी तथा पूरे जनपद का गौरव बढ़ा है।

पीएचडी शिक्षा की सर्वोच्च डिग्री मानी जाती है, जो मौलिक शोध (Original Research) और थीसिस के सफल डिफेंस के बाद प्रदान की जाती है। यह डिग्री किसी विषय में गहन विशेषज्ञता का प्रमाण होती है।

डॉ. मानसी ने अपने शोध में स्ट्रॉबेरी फलों में लगने वाले कवक रोग (Fungal Pathogens) और उनके प्राकृतिक प्रबंधन पर विस्तृत अध्ययन किया। उनके शोध पर आधारित 5 अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र स्कोपस इंडेक्स (Q1, Q2, Q3, Q4) जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।

स्ट्रॉबेरी की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाला बड़ा नवाचार

डॉ. मानसी द्विवेदी ने अपने शोध के दौरान डॉ. रितेश कुमार राय और प्रो. पूजा सिंह के साथ मिलकर ‘ऑर्गेनिक बेरी सेफ गार्ड’ नामक एक प्राकृतिक यौगिक विकसित किया है।

शोध में पाया गया कि:

सामान्यतः 2–4 दिन में खराब होने वाली स्ट्रॉबेरी

सामान्य तापमान पर 10–12 दिन

कोल्ड स्टोरेज में 20–25 दिन तक सुरक्षित रह सकती है

यह उत्पाद स्वाद, पोषण और गुणवत्ता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता।

पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित

यह नवाचार:

✔ पूरी तरह इको-फ्रेंडली

✔ मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित

✔ पर्यावरण को नुकसान रहित

✔ कम लागत में तैयार होने वाला

यह किसानों और व्यापारियों के लिए फलों को सड़ने से बचाने का किफायती समाधान साबित हो सकता है।

पेटेंट और औद्योगिकरण की ओर कदम

डॉ. मानसी के शोध के दौरान विकसित यह उत्पाद पेटेंट प्रकाशित हो चुका है और अब औद्योगिक उत्पादन की दिशा में अग्रसर है। इससे कृषि आधारित उद्योगों को भी नया अवसर मिलेगा।

विश्वविद्यालय का सहयोग और मार्गदर्शन

डॉ. मानसी ने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को देते हुए कहा कि कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में शोध व नवाचार को उत्कृष्ट वातावरण मिला।

उन्होंने प्रो. दिनेश यादव, डॉ. मनिन्द्र कुमार, प्रो. अनिल कुमार द्विवेदी सहित सभी शिक्षकों का आभार जताया।

परिवार और जनपद में खुशी

डॉ. मानसी द्विवेदी, सिद्धार्थनगर के वरिष्ठ पत्रकार कैलाश नाथ द्विवेदी एवं श्रीमती अर्चना द्विवेदी की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकगण और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।