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सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त नजर: डीएम ने मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी का किया औचक निरीक्षण, कन्या जन्मोत्सव में 15 माताओं का सम्मान

सिद्धार्थनगर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय की इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) सहित वरिष्ठ डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

डीएम ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही साफ-सफाई, दवा उपलब्धता, उपचार प्रक्रिया और चिकित्सकीय सेवाओं का गहन निरीक्षण किया।

🏥 जीवनरक्षक उपकरण और ऑक्सीजन व्यवस्था की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इमरजेंसी में उपलब्ध जीवनरक्षक उपकरण, ऑक्सीजन सप्लाई, दवाओं के स्टॉक और मरीजों के रजिस्ट्रेशन सिस्टम की समीक्षा की।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मरीजों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।साफ-सफाई और सूचना व्यवस्था पर विशेष जोर

डीएम ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई को और बेहतर बनाने, मरीजों व तीमारदारों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्थाओं और सुधार कार्यों की जानकारी भी जिलाधिकारी को दी।

कन्या जन्मोत्सव: बेटियों के जन्म पर खुशियों का जश्न

इसी दौरान मेडिकल कॉलेज के एमसीएच विंग स्थित लेबर वार्ड में कन्या जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नवजात बालिकाओं के जन्म पर केक काटकर खुशियां मनाई गईं, जिससे पूरे वार्ड में उत्सव का माहौल रहा।

15 प्रसूताओं को किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में जिलाधिकारी, सीएमओ, प्राचार्य, सीएमएस, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. नम्रता सहित चिकित्सा स्टाफ मौजूद रहा।

इस अवसर पर शहजादी, अंजू, किरन, चंद्रकला, अनीता, संध्या, निर्मला, सुंदरी समेत 15 प्रसूताओं को सम्मानित कर उपहार वितरित किए गए।

बेटियां हैं समाज की शक्ति: जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियां परिवार और समाज की शक्ति हैं। उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाना सकारात्मक सोच और सामाजिक बदलाव का प्रतीक है।

उन्होंने माताओं को “घर में लक्ष्मी के आगमन” की शुभकामनाएं देते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

स्वास्थ्य और योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना, नवजात शिशुओं के टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्तनपान के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।

डॉ. नम्रता ने कंगारू मदर केयर (KMC) और नवजात देखभाल के जरूरी उपायों पर भी जागरूक किया।

सकारात्मक संदेश के साथ कार्यक्रम संपन्न

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, लिंग समानता को बढ़ावा देना और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

मिठवल के चरथरी विद्यालय में गूंजा सम्मान का स्वर, सेवानिवृत्त शिक्षक वरुणेंद्र राय को दी गई भावभीनी विदाई

सिद्धार्थनगर। मिठवल विकास खंड अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय चरथरी में आज एक गरिमामय एवं भावनात्मक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय हसवापार के सेवानिवृत्त शिक्षक वरुणेंद्र राय को उनके दीर्घकालीन शैक्षिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

शिक्षकों ने जताया गर्व और सम्मान

इस अवसर पर शिक्षक संघ अध्यक्ष रमेश मिश्रा ने कहा कि वरुणेंद्र राय का पूरा जीवन शिक्षा और संस्कारों को समर्पित रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाया, बल्कि उन्हें एक बेहतर नागरिक बनने की दिशा भी दिखाई।

प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि ऐसे शिक्षक शिक्षा जगत की रीढ़ होते हैं, जिनकी कार्यशैली और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।

अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

समारोह के दौरान अतुल दुबे, राजीव कुमार, रविकांत सहित अन्य शिक्षकों ने वरुणेंद्र राय को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। इस दौरान विद्यालय का वातावरण भावुक हो उठा और सभी ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त शिक्षक का भावुक संबोधन

अपने संबोधन में वरुणेंद्र राय ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा सेवा उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का प्यार और सहयोग उन्हें हमेशा याद रहेगा।

खबर का हुआ असर: 25 साल से जर्जर सड़क पर शुरू हुआ निर्माण, बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग पर दौड़ी विकास की रफ्तार

सिद्धार्थनगर। बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर स्थित बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग, जो पिछले 25 वर्षों से बदहाली की मार झेल रहा था, अब विकास की राह पर लौटता नजर आ रहा है। 4 दिन पहले इस सड़क की दुर्दशा को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब यहां निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है।

ग्रामीणों को हो रही थी परेशानी 

यह सड़क लंबे समय से गड्ढों, जलभराव और टूट-फूट के कारण स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई थी। स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों को रोजाना इस रास्ते से गुजरते समय भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब इस मुद्दे को FT News ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।

निर्माण कार्य शुरू हुआ 

खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर टीम भेजी और सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया। अब जेसीबी मशीनों की गूंज और सड़क पर बिछती नई परतें ग्रामीणों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आई हैं।

ग्रामीणों में खुशी की लहर 

ग्रामीणों की खुशी अब शब्दों में साफ झलक रही है। स्थानीय निवासी नीरज मिश्र ने कहाकि,

हमने कभी नहीं सोचा था कि खबर का इतना जल्दी असर होगा। 25 साल से हम इस सड़क की बदहाली झेल रहे थे, लेकिन अब काम शुरू होते देख बहुत राहत मिली है।”

वहीं अन्य ग्रामीणों ने कहाकि,

मीडिया ने हमारी आवाज को उठाया, तभी यह संभव हो पाया। अब उम्मीद है कि जल्द ही सड़क पूरी बनकर तैयार होगी और आवागमन आसान हो जाएगा।

इस निर्माण कार्य से न केवल क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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