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सिद्धार्थनगर: पेड़ारी में ट्रक ने युवक को रौंदा, मौके पर हुई मौत

खेसरहा, सिद्धार्थनगर। खेसरहा थाना क्षेत्र के परोई गांव निवासी प्रहलाद यादव नामक युवक की गुरुवार सुबह करीब 6 बजे दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पेड़ारी चौराहे पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को रौंद दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी घटना

स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि ट्रक तेज गति से आता है और युवक को टक्कर मारते हुए निकल जाता है। हादसे का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश भी देखा जा रहा है।

परिवार में मचा कोहराम,गांव में शोक की लहर

घटना की सूचना मिलते ही युवक के परिजन मौके पर पहुंच गए। बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

सूचना मिलने पर खेसरहा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तेज रफ्तार और लापरवाही बन रही हादसों की वजह

स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ारी चौराहे पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं। प्रशासन से यहां स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।

TET अनिवार्यता पर केंद्रीय मंत्री के बयान से भड़के शिक्षक, सिद्धार्थनगर में पुतला दहन और प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर: संसद में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के लिखित जवाब के बाद वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा की भावना गहरा गई है। इस मुद्दे को लेकर जिले में शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया और मामला अब आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन

बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के बयान की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई गई और पुतला दहन भी किया गया।

पुरानी नियुक्तियों पर नई शर्तें स्वीकार नहीं

प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर हुई थी, जब टीईटी (TET) लागू नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद नई अनिवार्यता लागू करना शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों शिक्षकों की नौकरी की स्थिरता और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

सरकार से जल्द स्पष्टीकरण की मांग

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत नहीं दी गई तो संगठन वृहद आंदोलन शुरू करेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अनिश्चितता की स्थिति जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा विरोध किया जाएगा।

एकजुटता के साथ संघर्ष का संकल्प

प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर लालजी यादव, इन्द्रसेन सिंह, शिवाकांत दूबे, सुधाकर मिश्र, करूणेश मौर्य, शैलेंद्र मिश्र, रामशंकर पांडेय, आनंद राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।

इटावा में पत्नी ने पति को कुल्हाड़ी से काटा

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी पत्नी अपनी दोनों बेटियों को लेकर मौके से फरार हो गई। इस वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और घर में कोहराम मच गया।

पड़ियापुर गांव का मामला

जानकारी के अनुसार, भरथना थाना क्षेत्र के पड़ियापुर गांव निवासी रणवीर सिंह यादव (45) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घर में खून फैला मिला और घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।

प्रेम संबंध को लेकर हत्या का आरोप

मृतक के भाई लालू यादव ने आरोप लगाया कि रणवीर की शादी वर्ष 2018 में पूजा से हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि पूजा का अर्पित नामक युवक से प्रेम संबंध था। परिवार को इस बारे में जानकारी भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रणवीर की हत्या कर दी और बच्चियों को लेकर फरार हो गई।

मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही भरथना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को कब्जे में ले लिया है। एसपी ग्रामीण सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

क्या बोले अपर पुलिस अधीक्षक?

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पड़ियापुर गांव में हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया परिजनों ने पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया है।

गांव में तनाव, पुलिस अलर्ट

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और दोनों बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

सिद्धार्थनगर बार एसोसिएशन की बड़ी कार्रवाई: अधिवक्ता इजहार अहमद खान की सदस्यता समाप्त, चैम्बर सील

सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने अधिवक्ता इजहार अहमद खान के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी है। कार्यकारिणी के सर्वसम्मत निर्णय के बाद उनके चैम्बर को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

आपातकालीन बैठक में लिया गया निर्णय

जानकारी के अनुसार, दिनांक 03 फरवरी 2026 को सायं 4 बजे बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह की अध्यक्षता एवं महामंत्री कृपाशंकर त्रिपाठी के संचालन में आयोजित की गई। बैठक में सभी कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इजहार अहमद खान द्वारा अधिवक्ता समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग कार्यकारिणी को सुनाई गई। इसके बाद उन्हें 6 फरवरी 2026 तक स्पष्टीकरण देने हेतु नोटिस जारी किया गया था।

स्पष्टीकरण न मिलने पर बढ़ी कार्रवाई

निर्धारित समय तक संतोषजनक जवाब न मिलने पर 6 फरवरी को दोपहर 1 बजे पुनः कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई। बैठक में पूर्व में लगे आरोपों और हालिया घटनाओं पर चर्चा के बाद कार्यकारिणी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

कार्यकारिणी ने जताई गंभीर आपत्ति

बैठक में बताया गया कि अधिवक्ता पर पूर्व में भी विवादित आचरण के आरोप लग चुके हैं। हालिया घटना के बाद बार परिसर और अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश का माहौल बताया गया। कार्यकारिणी ने इसे बार की गरिमा और अनुशासन के विरुद्ध मानते हुए कड़ा कदम उठाया।

सदस्यता समाप्त, चैम्बर किया गया सील

कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से इजहार अहमद खान की बार एसोसिएशन सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही उनके चैम्बर को सील कर कार्यकारिणी के नियंत्रण में लेने का आदेश दिया गया, जिसका तत्काल अनुपालन भी कराया गया।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि

बार एसोसिएशन अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह और पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की गरिमा, अनुशासन और पेशे की मर्यादा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और भविष्य में भी किसी भी अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सिद्धार्थनगर में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज व क्षत्रिय महासभा का व्यापक प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जनपद में यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज, क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू महासंघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा व न्याय एक संकल्प संस्थान के बैनर तले व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर बीएसए ग्राउंड से रैली निकालते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

यूजीसी एक्ट वापस लो के लगे नारे

इस दौरान “यूजीसी एक्ट वापस लो”, “समान शिक्षा-सामान अधिकार” और सवर्ण समाज का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगते रहे। भारी भीड़ जुटी रही और अपनी आवाज बुलंद करती रही।

रास्ते भर प्रदर्शनकारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य हाथों में तख्तियां व बैनर लिए नजर आए। रैली के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने ज्ञापन प्राप्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहां की, “यूजीसी (UGC) एक्ट-2026 में प्रतावित नियम से सवर्ण समाज का उत्पीड़न होगा और सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, यह एक्ट संविधान में निहित समानता के अधिकार का हनन करता है। इस एक्ट द्वारा समाज में वैमनस्यता बढ़ेगा।”

सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “सर्वण समाज ने आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अब इसी समाज को शिक्षा से वंचित करने की साजिश की जा रही है। सवर्ण समाज यह कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की।”

एक्ट वापस नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “यदि सरकार इस दमनकारी एक्ट को वापस नहीं लेती है तो सवर्ण समाज इससे भी बड़ा आंदोलन पूरे देश में करेगा।”

इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष व क्षत्रिय महासभा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, भूप नारायण सिंह, सुधीर पांडेय उर्फ फरसा बाबा, रामकृष्ण पांडेय व बड़ी संख्या में सवर्ण समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

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