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असनाई की आग में बुझ गई एक जिंदगी फोन पर विवाद, खेत में मुलाकात और एक वार ने ले ली जान

सिद्धार्थनगर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में कथित प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां आपसी विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। खेत के पास युवक का शव मिलने के बाद शुरू हुई पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार मामला कथित असनाई, विवाद और गुस्से का परिणाम बताया जा रहा है।

शव मिलने से मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार ग्राम उज्जैनिया निवासी बृजभान चौरसिया 25 जनवरी की शाम घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों द्वारा तलाश के बाद 26 जनवरी की सुबह गांव के पूरब स्थित खेत के पास उनका शव मिला।

शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच में सामने आया कथित प्रेम प्रसंग

पुलिस की जांच और पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक का गांव की ही एक महिला से लगातार संपर्क था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच कथित प्रेम संबंध को लेकर कुछ समय से विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

घटना वाले दिन भी फोन पर दोनों के बीच कहासुनी होने की बात जांच में सामने आई है।

खेत में हुई मुलाकात, विवाद ने लिया हिंसक रूप

जांच में सामने आया कि घटना की शाम मृतक अपने खेत की ओर गया था। उसी दौरान महिला से उसकी मुलाकात हो गई।

पुलिस के अनुसार, पुराने विवाद और आपसी तनाव के कारण दोनों के बीच तीखी बहस हुई।

बताया जा रहा है कि इसी दौरान महिला ने पास में पड़े सूखे बांस के डंडे से सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही बृजभान की मौत हो गई।

तकनीकी साक्ष्यों से खुली गुत्थी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में त्रिलोकपुर पुलिस और सर्विलांस टीम ने जांच तेज की।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड, स्थानीय पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़ी कड़ियां सामने आईं।

महिला गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद

पुलिस ने ग्राम उज्जैनिया से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा भी बरामद किया गया है।

फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

कानूनी स्थिति

पुलिस द्वारा मामले में गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

हालांकि, अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।

समाज के लिए संदेश

यह घटना इस बात का संकेत है कि कथित प्रेम संबंध, शक, विवाद और भावनात्मक आवेश यदि समय रहते नियंत्रित न किए जाएं, तो वे न केवल रिश्तों को बल्कि जिंदगियों जीको भी खत्म कर सकते हैं।

एनएच-730 बाइपास निर्माण से जल निकासी बाधित होने की आशंका, जांच के लिए मौके पर पहुंची टीम

उस्का बाजार (सिद्धार्थनगर): सिद्धार्थनगर-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 के बाइपास निर्माण कार्य के चलते उस्का बाजार नगर पंचायत के सेखुई वार्ड में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मुख्य नाले के अवरुद्ध होने की संभावना को लेकर सभासद पूनम त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी से शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन और निर्माण एजेंसी हरकत में आ गई।

जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने सभासद द्वारा जताई गई आशंका को गंभीर मानते हुए समस्या के समाधान के लिए अंडर बाइपास (जल निकासी मार्ग) बनाए जाने का आश्वासन दिया।

सभासद पूनम त्रिपाठी का कहना है कि बाइपास निर्माण के कारण मुख्य जल निकासी नाला बंद होने से बरसात के मौसम में पूरे वार्ड में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित होगा।

आवागमन पर भी पड़ सकता है असर

समस्या केवल जल निकासी तक सीमित नहीं है। बाइपास निर्माण के चलते वार्ड के दो प्रमुख रास्ते भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वार्ड दो हिस्सों में बंटने की स्थिति बन रही है। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पुलिया और अंडरपास निर्माण की मांग

सभासद ने जिलाधिकारी से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए पुराने नाले पर पुलिया का निर्माण कराया जाए तथा प्रभावित दोनों मार्गों पर अंडरपास बनाए जाएं, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे और लोगों की आवाजाही में कोई बाधा न हो।

स्थानीय लोगों में चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान हालात गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

सिद्धार्थनगर में उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के लोगों ने अपनी मांग को लेकर किया धरना प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जिले के कलेक्टेट प्रांगण उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ के लोगों ने किया धरना प्रदर्शन राजेश कुमार मिश्रा जिलाध्यक्ष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उपजिलाधिकारी द्वारा एफआईआर दर्ज करा दिया गया। उसके बाद गिरफ्तार नहीं किया गया और उसका रिवॉल्वर लाइसेंसी है जिससे हमारे अमीन सुभाष को मारने के लिए धमकी भी दे रहा है और गिरफ्तार नहीं हो रहा है। इसलिए हम लोग धरना दे रहे हैं। अगर हमारी मांगे नहीं मानी जाती है तो हमारे प्रांतीय अध्यक्ष सर्वेश शर्मा द्वारा वार्ता किया गया है। उनके द्वारा कहा गया अगर दो-तीन दिन के अंदर गिरफ्तार नहीं किया जाता है उसका लाइसेंस निरस्त नहीं होगा तो हमारे पूरे प्रदेश के राजस्व संग्रह अमीन संघ धरना देगा। अभी तक किसी अधिकारी से हमारे द्वारा नहीं बात किया गया। मैं पूर्व में पत्र जारी कर दिया था। दो दिन पहले तहसील द्वारा पत्र जारी हुआ था। वह भी बीत गया और दो दिन के बाद फिर मैं जिलाध्यक्ष के हैसियत से पत्र जारी किया था। उसको एसपी, जिलाधिकारी के यहां पूरे तहसीलों में सभी के यहां मैं भिजवा दिया था। लेकिन उसके बाद भी किसी अधिकारी द्वारा कोई वार्ता नहीं किया गया। इस मौके पर महेश्वर प्रसाद मिश्र ,शिवात्मा प्रसाद ,हरेन्द्र कुमार ,रमेश चन्द्र ,विश्व कुमार मिश्र आदि लोग मौजूद रहे

सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

सिद्धार्थनगर में यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज व क्षत्रिय महासभा का व्यापक प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर। जनपद में यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर सवर्ण समाज, क्षत्रिय महासभा, विश्व हिंदू महासंघ, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा व न्याय एक संकल्प संस्थान के बैनर तले व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने एकजुट होकर बीएसए ग्राउंड से रैली निकालते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से मार्च किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

यूजीसी एक्ट वापस लो के लगे नारे

इस दौरान “यूजीसी एक्ट वापस लो”, “समान शिक्षा-सामान अधिकार” और सवर्ण समाज का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगते रहे। भारी भीड़ जुटी रही और अपनी आवाज बुलंद करती रही।

रास्ते भर प्रदर्शनकारी संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य हाथों में तख्तियां व बैनर लिए नजर आए। रैली के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन

कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। जिलाधिकारी की ओर से उपजिलाधिकारी शशांक शेखर राय ने ज्ञापन प्राप्त किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहां की, “यूजीसी (UGC) एक्ट-2026 में प्रतावित नियम से सवर्ण समाज का उत्पीड़न होगा और सवर्ण समाज के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने कहा कि, यह एक्ट संविधान में निहित समानता के अधिकार का हनन करता है। इस एक्ट द्वारा समाज में वैमनस्यता बढ़ेगा।”

सवर्ण समाज को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “सर्वण समाज ने आजादी से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अब इसी समाज को शिक्षा से वंचित करने की साजिश की जा रही है। सवर्ण समाज यह कत्तई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने सरकार से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग की।”

एक्ट वापस नहीं तो होगा उग्र आंदोलन

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि, “यदि सरकार इस दमनकारी एक्ट को वापस नहीं लेती है तो सवर्ण समाज इससे भी बड़ा आंदोलन पूरे देश में करेगा।”

इस दौरान बार एसोसिएशन अध्यक्ष व क्षत्रिय महासभा व विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, कृष्णपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, भूप नारायण सिंह, सुधीर पांडेय उर्फ फरसा बाबा, रामकृष्ण पांडेय व बड़ी संख्या में सवर्ण समाज से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर में चला कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान

सिद्धार्थनगर,खेसरहा। जिले के विकास खंड खेसरहा अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों के माध्यम से समाज में कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के दौरान सीएचसी खेसरहा की एएनएम राजेश श्रीवास्तव ने विद्यालय के बच्चों को कुष्ठ रोग (Leprosy) के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने सरल भाषा में समझाया कि कुष्ठ रोग एक संक्रमणजनित लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है और सरकार द्वारा इसका उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है।

कुष्ठ रोग के लक्षणों की दी जानकारी

एएनएम ने बच्चों को बताया कि यदि शरीर पर ऐसे सफेद या तांबे रंग के धब्बे दिखाई दें जिनमें सुन्नपन हो, या हाथ-पैरों में झनझनाहट और संवेदना में कमी महसूस हो, तो यह कुष्ठ रोग का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवानी चाहिए।

भ्रम दूर करने पर जोर

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि कुष्ठ रोग छूने मात्र से नहीं फैलता और मरीजों से भेदभाव करना गलत है। समय पर इलाज मिलने से रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।

राजेश श्रीवास्तव ने बच्चों से अपील की कि वे अपने गांव और घर में यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण देखें तो उसे छिपाएं नहीं, बल्कि सीएचसी खेसरहा या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर जांच और इलाज कराएं।

बच्चों ने दिखाई रुचि

विद्यालय के छात्रों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की पहल सराहनीय

स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में कुष्ठ रोग उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जागरूकता के माध्यम से ही इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

इस दौरान शिक्षक महेश विश्वकर्मा, निर्मल, सुजीता, सत्यपाल, अनुराधा रसोइया शंकर तथा अन्य लोग उपस्थित रहे

धूमधाम से मनी रविदास जयंती

कपिलवस्तु विधानसभा के विकासखंड लोटन अंतर्गत ग्राम सभा हरिगांव में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई जिसके मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल रहे। संत रविदास जयंती पर सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि, संत शिरोमणि गुरु रविदास एक महान समाज सुधारक, कवि और ईश्वर के अनन्य भक्त थे उन्होंने समानता, सामाजिक समरसता और मानव जाति की एकता का संदेश दिया उनका एक प्रसिद्ध वाक्य “मन चंगा तो कठौती में गंगा”, उनके द्वारा रचित यह प्रसिद्ध वाक्य मन की पवित्रता को ही सच्ची भक्ति मानता है कार्यक्रम को पूर्व जिला अध्यक्ष लाल जी त्रिपाठी उर्फ लाल बाबा ने भी अपने संबोधन में महान संत रविदास पर अपनी शुभकामनाएं लोगों को दिया तथा कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र पांडे ने किया इस अवसर पर लालबेनी,चंद्रमणि चौरसिया ,रामकुमार, राजेंद्र सीताराम, डॉक्टर नंदकुमार ,रमेश ,अब्दुल सलाम ,कृष्ण चंद्र सिंह ,मोनी सिंह ,मनोज कुमार ,घनश्याम साहनी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे

यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक पर सिद्धार्थनगर के अधिवक्ताओं ने जताई खुशी

सिद्धार्थनगर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का विभिन्न वर्गों में स्वागत किया जा रहा है। न्यायालय के इस निर्णय को कई लोगों ने संतुलित और न्यायसंगत कदम बताया है। सिद्धार्थनगर में भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

विस्तृत सुनवाई का रास्ता खुला

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के कुछ नए प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगाते हुए मामले की विस्तृत सुनवाई का रास्ता खोला है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह कदम नियमों की संवैधानिक वैधता, प्रभाव और व्यवहारिक पक्षों की गहन समीक्षा सुनिश्चित करेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने जताई खुशी 

सिद्धार्थनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहाकि,

यह निर्णय स्वागत योग्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने संवैधानिक संतुलन और न्यायिक विवेक का परिचय दिया है। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक होता है।”

आगे उन्होंने कहा कि, शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लागू होने वाले नियमों पर सभी हितधारकों की राय जरूरी है।”

मार्च में होगी अगली सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी और केंद्र सरकार से जवाब माँगा है। अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी, जिसमें अदालत नियमों की वैधता, प्रभाव और सुधार की दिशा पर विचार करेगी।

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