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आगरा में सपा-आप और कांग्रेस की जमानत जब्त विपक्षी दलों के नेताओं के दावे फेल, कई वार्डों में पहली बार हारी बीजेपी

आगरा में सपा-आप और कांग्रेस की जमानत जब्त

विपक्षी दलों के नेताओं के दावे फेल, कई वार्डों में पहली बार हारी बीजेपी

आगरा। आगरा में निकाय चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की। मतगणना से पहले भाजपा और बसपा के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही थी। जब ईवीएम में वोटों की गिनती हुई तो विरोधी दलों के दावे फेल हो गए। सपा, कांग्रेस, आम समेत 8 मेयर प्रत्याशी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए। जबकि चुनाव से पहले जीत के दावे कर रहे थे।
मेयर सीट पर बसपा 10वें राउंड तक बीजेपी पर भारी पड़ी। जब 15वें राउंड से बसपा पिछड़ती चली गई। 19 वें राउंड तक करीब 70 हजार वोटों से बीजेपी आगे निकल गई। बसपाइयों के चेहरे उतर गये और भाजपा मिले वोटों का आंकड़ा देखकर उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।ईवीएम के वोटों की गिनती में शुरू के 5 चक्रों में बसपा ने भाजपा को पीछे छोड़ दिया। लोगों को लगा बसपा इस बार इतिहास रच सकती है, लेकिन छठवें चक्र के बाद बसपा को मिले वोटों का आंकड़ा सिकुड़ने लगा। 8वें चक्र से भाजपा ने बसपा कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया और आखिर में 1 लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल कर ली।
दरअसल इस बार भाजपा और बसपा के बीच कड़ा मुकाबला बताया जा रहा था। बसपा द्वारा वाल्मीकि समाज से प्रत्याशी उतारे जाने पर चुनाव में कुछ ऐसी चर्चा शुरू हो गई, कि वाल्मीकि समाज बसपा के लिए लामंबद हो रहा है। वहीं खटीक समाज ने विरोध जाहिर किया था। कुछ लोग बीजेपी मेयर प्रत्याशी हेमलता दिवाकर के विधायक के तौर पर कार्यकाल से खुश नहीं थे। रिजल्ट आया तो सारा विरोध और चर्चाएं धरी रह गईं।
आगरा मेयर सीट के लिए सपा ने जूही प्रकाश जाटव को चुनाव मैदान में उतारा था। सपा के जिलाध्यक्ष आजाद सिंह और महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार समेत पार्टी के दिग्गजों ने उन्हें जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। सपा ने वाईएमडी फॉर्मूला इस्तेमाल किया था, लेकिन आगरा की जनता ने उसे स्वीकार नहीं किया। सपा ने आगरा के जाटव समाज को लुभाने की कोशिश की। चुनाव से पहले सपा जिलाध्यक्ष की कमान भी जाटव समाज के आजाद सिंह को दी और उसके बाद जाटव समाज से जूही प्रकाश को प्रत्याशी बनाया। सपा के दोनों ही दांव फेल हो गए। चुनाव में कुल मतदान का करीब 17 प्रतिशत वोट भी सपा को नहीं मिला। जूही प्रकाश 47703 वोटों पर सिमट कर रह गईं। मेयर सीट पर सपा के अलावा 7 अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। इनमें कांग्रेस, आप, असपा, दो निर्दलीय, पीजेपी और एजेपी के प्रत्याशी शामिल हैं। कांग्रेस प्रत्याशी लता कुमारी को 18246 वोट मिले। आप की मेयर प्रत्याशी सुनीता को 7504 वोट मिले। आजाद समाज पार्टी की प्रत्याशी सविता को 7238 वोट मिले। निर्दलीय सरोज को 6346 वोट मिले। निर्दलीय कमलेश को 3819 वोट मिले। पीजेपी प्रत्याशी रमा देवी को 2674 वोट मिले। जेएपी की प्रत्याशी सुजाता को 1783 वोट मिले। इन सभी की जमानत जब्त हो गई।

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