फर्जी फाइनेंसर बनकर राहगीरों की गाड़ियों पर कब्जे का खेल बेनकाब, दो गिरफ्तार
स्विफ्ट कार से करते थे वाहनों का पीछा, पैसे न देने पर धमकी का आरोप; तीन बाइक बरामद, कार सीज
कप्तानगंज पुलिस की कार्रवाई से कथित वाहन कब्जा और वसूली के मामले का खुलासा, पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आए कई अहम तथ्य
बस्ती। फाइनेंसर बनकर राहगीरों की गाड़ियों को कथित तौर पर निशाना बनाने और वाहन वापस करने के नाम पर रकम मांगने के मामले में कप्तानगंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से तीन मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं, जबकि घटनाओं में प्रयुक्त बताई जा रही स्विफ्ट कार को सीज कर दिया गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद वाहन चालकों को फर्जी फाइनेंसिंग के नाम पर होने वाली कथित वसूली से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कप्तानगंज थाना पुलिस ने बुधवार 9 सितंबर 2026 को रेहरवा-टिनिच मार्ग स्थित नहर पुलिया के पास कार्रवाई करते हुए दो युवकों को स्विफ्ट कार के साथ पकड़ा। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसे वाहनों को निशाना बनाते थे, जिनके संबंध में उन्हें कथित तौर पर पहले से जानकारी मिलती थी।
मुख्य खबर
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदर्श सिंह पुत्र अनिल सिंह, निवासी हथिनाग थाना वजीरगंज जनपद गोंडा, उम्र करीब 23 वर्ष और शशांक पाण्डेय पुत्र केदारनाथ पाण्डेय, निवासी बैदोलिया थाना कप्तानगंज जनपद बस्ती, उम्र करीब 21 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को 9 सितंबर को दोपहर करीब 2:35 बजे रेहरवा-टिनिच मार्ग स्थित नहर पुलिया के पास स्विफ्ट कार संख्या UP51 BU 5308 के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ थाना कप्तानगंज में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 238/2026 और 241/2026 में धारा 308(5), 317(2) और 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
तीन मोटरसाइकिलें बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से UP58 AJ 7456 नंबर की होंडा एक्सट्रीम, BR55 D 5814 नंबर की बजाज पल्सर और UP51 BL 4244 नंबर की प्लैटिना मोटरसाइकिल बरामद किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार UP51 BU 5308 को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।
पूछताछ में सामने आया कथित तरीका
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने दो अन्य साथियों विशाल भारद्वाज और अमन सिंह के साथ स्विफ्ट कार से राहगीरों के वाहनों को कथित तौर पर निशाना बनाते थे। पुलिस के मुताबिक अभिषेक यादव द्वारा वाहन उपलब्ध कराने और एक कथित कोड के आधार पर संबंधित वाहन की जानकारी दिए जाने की बात पूछताछ में सामने आई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी पहले वाहन मालिक से रकम की मांग करते थे। रकम नहीं देने पर धमकी देकर वाहन अपने कब्जे में लेने और बाद में वाहन वापस करने के एवज में पैसे मांगने की बात सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
तीन अलग-अलग वाहनों का जिक्र
पुलिस के अनुसार 27 अगस्त को कप्तानगंज सीएचसी गेट के पास से गुलाब यादव की होंडा एक्सट्रीम मोटरसाइकिल कब्जे में लिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 6 सितंबर को जियो पेट्रोल पंप दुधौरा के पास विजय पाल की प्लैटिना मोटरसाइकिल को कथित रूप से धमकी देकर कब्जे में लेने का मामला बताया गया है। बिहार निवासी संजय मेहता की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल भी आरोपियों द्वारा कब्जे में लिए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
आपराधिक इतिहास भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार आदर्श सिंह के खिलाफ गोंडा के कोतवाली नगर थाने में वर्ष 2023 में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कप्तानगंज थाने के वर्तमान दोनों मुकदमों में भी उसका नाम बताया गया है।
वहीं शशांक पाण्डेय के खिलाफ वाल्टरगंज और हर्रैया थाने में पूर्व में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। कप्तानगंज थाने में दर्ज वर्तमान दोनों मुकदमों में भी उसके आरोपी होने की बात पुलिस ने कही है।
फर्जी फाइनेंसर से रहें सावधान
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध नोटिस और दस्तावेज के फाइनेंसर बनकर सड़क पर वाहन रोकता है, वाहन कब्जे में लेने का प्रयास करता है या धमकी देकर पैसे मांगता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा पुलिसकर्मियों को सूचना दें। किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति और दस्तावेजों की वैधता की पुष्टि करना जरूरी है।
पुलिस की कार्रवाई में क्या सामने आया?
दो आरोपी गिरफ्तार
तीन मोटरसाइकिलें बरामद
एक स्विफ्ट कार सीज
दो मुकदमों में कार्रवाई
वाहन कब्जे और रकम मांगने के आरोपों की जांच
अन्य बताए गए सहयोगियों की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में
कप्तानगंज पुलिस की गिरफ्त में बताए गए आरोपी। पुलिस के अनुसार वाहन कब्जे और कथित वसूली के मामले में दोनों की गिरफ्तारी की गई है।
कानूनी सावधानी के लिए प्रकाशन नोट
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खबर में लगाए गए आरोप पुलिस द्वारा बताए गए तथ्यों और जांच पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।
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