सीमा पर रेल कनेक्टिविटी की नई इबारत, नेपालगंज रोड तक पहुंचीं चार ट्रेनें

सीमा पर रेल कनेक्टिविटी की नई इबारत, नेपालगंज रोड तक पहुंचीं चार ट्रेनें

योगी आदित्यनाथ और अश्विनी वैष्णव ने 56.15 किमी रेलखंड के गेज कन्वर्जन व विद्युतीकरण का किया शुभारंभ

गोरखपुर, 31 अगस्त।
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र के लिए सोमवार का दिन रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड के गेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण का शुभारंभ किया। करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 56.15 किलोमीटर लंबा यह रेलखंड अब ब्रॉडगेज नेटवर्क का हिस्सा बन गया है।
इस अवसर पर चार ट्रेन सेवाओं को नेपालगंज रोड तक विस्तारित करने की शुरुआत भी की गई। इससे बहराइच, नानपारा, मटेरा, रिसिया, बाबागंज और नेपालगंज रोड समेत सीमावर्ती इलाकों के यात्रियों को गोंडा, गोरखपुर, वाराणसी और अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर रेल संपर्क मिलने की उम्मीद है।
730 करोड़ की परियोजना में क्या बदला?
56.15 किमी लंबे रेलखंड का गेज कन्वर्जन
पूरे सेक्शन का विद्युतीकरण
नेपालगंज रोड तक चार ट्रेन सेवाओं का विस्तार
बहराइच-नानपारा-रुपईडीहा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूती
व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को संभावित बढ़ावा
इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन से डीजल पर निर्भरता घटने की उम्मीद
चार ट्रेन सेवाओं से सीधे जुड़ेंगे बड़े शहर
रेल मंत्रालय की स्वीकृति के अनुसार निम्न सेवाओं का विस्तार नेपालगंज रोड तक किया गया है—
14213/14214 वाराणसी-बहराइच एक्सप्रेस
15132/15131 वाराणसी सिटी-गोरखपुर एक्सप्रेस
75109/75110 गोंडा-बहराइच सेवा
75111/75112 गोंडा-बहराइच सेवा
इन सेवाओं के विस्तार से सीमावर्ती क्षेत्र के यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। खासकर नौकरी, शिक्षा, इलाज, कारोबार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।
1886 के मीटरगेज से आधुनिक ब्रॉडगेज तक
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का इतिहास पुराना है। यह मीटरगेज लाइन मूल रूप से 1886 में बनाई गई थी। अब गेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद यह आधुनिक ब्रॉडगेज नेटवर्क से जुड़ गई है।
रेलखंड के आधुनिक स्वरूप में आने से सीमावर्ती क्षेत्र को बड़े रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता मजबूत हुआ है। स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने, यात्रियों की आवाजाही बढ़ाने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
| सीमा क्षेत्र के लिए क्यों अहम है यह रेलखंड?
रेल सिर्फ यातायात का साधन नहीं, बल्कि विकास की कड़ी भी है।
नेपालगंज रोड तक ब्रॉडगेज रेल पहुंचने से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार, पर्यटन और सामाजिक-सांस्कृतिक संपर्क को भी इससे मजबूती मिल सकती है।
नेपाल की बाढ़ पर जताई संवेदना
कार्यक्रम की शुरुआत नेपाल में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ हुई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत और नेपाल के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए आपदा से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल से प्रभावित होकर भारत लाए जा रहे यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए रेलवे आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है। रेलवे बोर्ड, रेलवे जोन, जिला एवं राज्य प्रशासन तथा विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
योगी बोले—दशकों पुराना सपना हुआ साकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेल परियोजना को क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस रेल कनेक्टिविटी से बहराइच, रुपईडीहा और नेपालगंज के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर भी दुख जताया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सारांश
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का ब्रॉडगेज कन्वर्जन और विद्युतीकरण पूरा होने के बाद सीमावर्ती क्षेत्र को आधुनिक रेल नेटवर्क से नई कड़ी मिली है। करीब 730 करोड़ रुपये की परियोजना और चार ट्रेन सेवाओं के विस्तार से बहराइच व आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
| पटरी बदली तो बदल सकता है सीमावर्ती क्षेत्र का भविष्य
किसी भी सीमावर्ती इलाके के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेलखंड का ब्रॉडगेज और विद्युतीकरण सिर्फ रेलवे की तकनीकी उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि यह आवागमन और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावित नई नींव है।
अब असली परीक्षा इस बात की होगी कि नई रेल सुविधा का लाभ आम यात्री, व्यापारी, विद्यार्थी, मरीज और स्थानीय उत्पादक कितनी तेजी से उठा पाते हैं। यदि बेहतर ट्रेन संचालन, समयबद्धता और आगे की कनेक्टिविटी भी मजबूत होती है, तो बहराइच और सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को निश्चित रूप से नई गति मिल सकती है।
FT News Digital की नज़र में यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्र के लिए विकास और कनेक्टिविटी के नए अध्याय की शुरुआत है।
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