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सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

मैनपुरी: महिला के ‘पत्थर बनने’ की अफवाह से मचा हड़कंप, प्रशासन ने दी जानकारी 

मैनपुरी, उत्तर प्रदेश।जनपद मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में शनिवार 01 फरवरी 2026 को एक अजीब और चौंकाने वाली अफवाह ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। गिहार कॉलोनी के पीछे स्थित मोहल्ला फर्दखाना में खेतों के बीच बने एक मकान में महिला के पत्थर में तब्दील हो जाने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

सूचना मिलते ही क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया।

क्या है पूरा मामला

स्थानीय व्यक्ति द्वारा दावा किया गया कि उसकी पत्नी अचानक पत्थर की तरह हो गई है। इस दावे के आधार पर आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच गए। हालांकि, प्रशासनिक जांच में महिला के पत्थर बनने जैसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं हुई।

प्रशासन और पुलिस का पक्ष

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह अफवाह और भ्रम पर आधारित है।

पुलिस के अनुसार,

महिला के पत्थर बनने का कोई वैज्ञानिक या वास्तविक प्रमाण नहीं मिला

मकान में मौजूद कुछ मूर्तियों और वस्तुओं को देखकर गलतफहमी फैलाई गई

महिला जीवित है और किसी अलौकिक घटना की पुष्टि नहीं हुई

प्रशासन ने लोगों से अंधविश्वास और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है।

स्थिति सामान्य

अधिकारियों की समझाइश के बाद भीड़ धीरे-धीरे हट गई और स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस द्वारा मामले पर नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की अफवाह फैलाकर माहौल खराब न किया जा सके।

 

सिद्धार्थनगर: ‘निमकी मुखिया’ फेम अभिनेत्री भूमिका गुरंग ने बांसी में ‘सरिता सखी’ ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी का किया उद्घाटन

सिद्धार्थनगर, बांसी।
उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर के तहसील बांसी में रविवार को महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल सामने आई। लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘निमकी मुखिया’ में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री भूमिका गुरंग ने बांसी के माधव चौक स्थित ‘सरिता सखी ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी’ का उद्घाटन किया।
यह उद्घाटन कार्यक्रम 01 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें नगर क्षेत्र के साथ-साथ गांव देहात से बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। अभिनेत्री की मौजूदगी को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री भूमिका गुरंग ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि आज के समय में महिलाएं यदि हुनर और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज दोनों को मजबूत कर सकती हैं।
आयोजकों के अनुसार, सरिता सखी ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी का उद्देश्य महिलाओं को सौंदर्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोजगार से जोड़ना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की पहल से क्षेत्र की महिलाओं को नई दिशा और अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।


अभिनेत्री भूमिका गुरंग का सिद्धार्थनगर के बांसी आगमन
माधव चौक पर ‘सरिता सखी’ ब्यूटी पार्लर एंड एकेडमी का उद्घाटन
महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार पर फोकस
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी

सुप्रीम कोर्ट में अनुदेशकों की जीत पर खुशी की लहर..प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि…

सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय के बाद प्रदेश भर के अनुदेशक शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम: विक्रम सिंह 

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि, “यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को राहत दी है।”

सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

विक्रम सिंह ने कहा कि, “यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है।” 

“यह निर्णय अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।”

बेसिक शिक्षा विभाग में भी खुशी का माहौल

प्रदेश के कई जनपदों के बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और अनुदेशक शिक्षकों ने भी मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। विद्यालयों में इस फैसले को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।

पूर्वोत्तर रेलवे में सेवानिवृत्त कर्मियों को दी गई विदाई

लखनऊ। 04 फरवरी 2026। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मण्डल के मण्डल रेल प्रबन्धक श्री गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल यादव के नेतृत्व में आज मण्डल रेल प्रबन्धक कार्यालय, लखनऊ के ’बहुउद्देशीय हाल’ में समापक भुगतान कार्यक्रम में मण्डल वित्त प्रबंधक श्री उमेश कुमार एवं सहायक मण्डल कार्मिक अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भारती/द्वितीय द्वारा सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों के स्थान पर रिक्त हुये पद के विरुद्ध तत्काल 12 पात्र कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति आदेश प्रदान किया गया। कार्यरत कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने पर उसके स्थान पर तत्काल पदोन्नति का लाभ प्राप्त होने पर रेलवे कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त किया है।

इस दौरान 23 रेल कर्मचारियों को सेवानिवृृत्त होने पर भाव भीनी विदाई देते हुए सहायक मण्डल कार्मिक अधिकारी श्री प्रमोद कुमार भारती/द्वितीय ने समापक भुगतान के रूप में समापक राशि का प्रपत्र एवं सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी रेलवे के प्रति समर्पण, निष्ठा एवं अतुलनीय योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने सेवानिवृत्त हुए रेलकर्मियों के दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

 

 

 

108 एंबुलेंस सेवा ने बचाई फिर से एक व्यक्ति की जान

सिद्धार्थनगर। जिले के ब्लॉक लोटन के विलोहा क्षेत्र में 108 एंबुलेंस सेवा की तत्परता से एक व्यक्ति तीर्थराम उम्र 77 वर्ष की जान बचाई गई। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के एक व्यक्ति तीर्थराम को अचानक सांस लेने में अत्यधिक दिक्कत होने लगी, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई।

108 पर मांगी सहायता

मरीज की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा पर कॉल कर सहायता मांगी। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस समय पर मौके पर पहुंची और मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया।

अस्पताल पहुंचाया

एंबुलेंस में मौजूद मेडिकल टेक्नीशियन (एमटी) प्रदीप कुमार और पायलट दुर्गेश ने मरीज की स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराई और लगातार देखरेख करते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लोटन अस्पताल पहुंचाया।

लोगों ने की सराहना

समय पर मिली चिकित्सा सहायता के कारण मरीज की हालत में सुधार हुआ और फिलहाल वह स्वस्थ बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने 108 एंबुलेंस सेवा की त्वरित कार्रवाई और कर्मचारियों की सराहना की है।

वन विभाग द्वारा मझौली सागर तट पर आर्द्रभूमि दिवस का हुआ आयोजन

सिद्धार्थनगर: सामाजिक वानिकी बन प्रभाग सिद्धार्थनगर द्वारा मझौली सागर के सुरम्य तट पर विश्व आर्द्रभूमि दिवस का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि, प्रकृति में वेटलैंड्स का परम महत्व है।मझौली सागर वेटलैंड्स के संरक्षण,संवर्धन,वा विकास पर हम सभी को ध्यान देना चाहिए़,अध्यक्षता में डीएफओ नीला एम ने कहा मझौली सागर वेटलैंड्स एक प्राकृतिक है। यहां प्रति वर्ष काफी संख्या में प्रवासी पक्षी आते है। जो सागर की शोभा बढ़ाते है। इनका शिकार ना करें। मझौली सागर में इको टूरिज्म की प्रवल संभावना है। जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, प्राकृतिक वैटलैंड का संरक्षण भी होगा,उन्होंने एक जनपद एक वेटलैंड्स के तहत मझौली सागर के चयन पर बल दिया, वही सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डा आशुतोष कुमार वर्मा ,विभागाध्यक्ष जंतु विज्ञान आशुतोष श्रीवास्तव ने मझौली सागर वेटलैंड्स की प्राकृतिक वा ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा मझौली सागर में हर वर्ष बीस हजार विदेशी पक्षी मेहमान के आने की बात कही। उक्त अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिता कराई गयी। क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान फरहान अहमद,द्वितीय गोपाल कन्नौजिया,वा तृतीय मो इमरान, चित्रकला में साक्षी जायसवाल प्रथम, राबिश द्वितीय, खुशी जायसवाल तृतीय।

प्रतियोगिता हुई संपन्न 

फोटोग्राफी प्रतियोगिता में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से प्रथम प्रीति कुशवाहा,द्वितीय हर्षिता सिंह, तृतीय सोनी यादव को सीडीओ बलराम सिंह,डीएफओ नीला एम ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों तथा स्कूली छात्रों ने मझौली सागर तट पर दूरबीन के माध्यम से बर्ड वाचिंग भी किया।कार्य क्रम का संचालन सिद्धार्थ शंकर ने किया। कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय वन अधिकारी नौगढ़ राजेश कुमार कुशवाहा ने किया। इस दौरान शिवकुमार गुप्ता क्षेत्रीय वन अधिकारी बांसी, मोहम्मद इलियास खान क्षेत्रीय वन अधिकारी इटवा ,राजेश कुमार डिप्टी रेंजर ,फॉरेस्टर देवेश मिश्रा ,अमजद अली, अतुल कुमार तिवारी, महेश यादव,शैलेन्द्र यादव, शिवम शुक्ला, सुजीत कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर सिविल कोर्ट में ‘राम द्वार’ का भव्य उद्घाटन, जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने दिया सामाजिक संदेश

जनपद सिद्धार्थनगर के सिविल कोर्ट परिसर में बने “राम द्वार” का विधिवत उद्घाटन तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा फीता काटकर किया गया। यह अवसर पूरे न्यायालय परिसर के लिए उत्सव जैसा बन गया, जहाँ अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा आयोजन

राम द्वार के उद्घाटन समारोह में न्यायिक गरिमा के साथ-साथ सांस्कृतिक आस्था की झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। आयोजन के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।

मेरे लिए यह गर्व का क्षण: जिला जज 

उद्घाटन के दौरान तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि:

“यह मेरे लिए अत्यंत गर्व व हर्ष का विषय है कि मुझे राम द्वार का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम सभी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों का अनुकरण करना चाहिए। साथ ही अधिवक्ताओं से अनुरोध है कि अनावश्यक हड़ताल से बचें और न्याय व्यवस्था को सुचारु रूप से चलने दें।”

उनके इस संदेश को उपस्थित अधिवक्ताओं ने गंभीरता से सुना और सराहा।

अधिवक्ता संघ की भी रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में सिद्धार्थ सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने इस अवसर को न्यायालय परिवार के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि, “इस तरह के निर्माण न्यायिक परिसर की गरिमा बढ़ाते हैं और अधिवक्ताओं को एकता का संदेश देते हैं।”

न्यायाधीशगणों की रही मौजूदगी

इस अवसर पर अरविंद राय (न्यायाधीश मोटर दुर्घटना न्यायालय), मो.रफी (अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम), विशेष न्यायाधीश विरेंद्र, न्यायालय एससी-एसटी मनोज तिवारी भी मौजूद रहे।

भंडारे का हुआ आयोजन 

उद्घाटन के बाद आयोजित भंडारे में अधिवक्ताओं और अन्य उपस्थित लोगों ने सहभागिता की। पूरे वातावरण में उल्लास और सौहार्द का माहौल रहा।

सुप्रीम कोर्ट में अनुदेशकों की बड़ी जीत..1 अप्रैल 2026 से 17 हजार मानदेय देने की बात कोर्ट ने कही

UP News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात 25000 अनुदेशकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय दिया है। 5 महीने से फैसले का इंतजार कर रहे अनुदेशकों में आज खुशी की लहर दौड़ गई, जब कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि, अनुदेशकों को 1 अप्रैल 2026 से 17000 का मानदेय दे और 2017 से एरियर का भुगतान अगले 6 महीने के अंदर करे।

जानिए कोर्ट ने क्या कहा 

उत्तर प्रदेश में अंशकालिक (पार्ट-टाइम) शिक्षकों की नियुक्ति, अवधि समाप्त होने के बाद अब संविदात्मक (contractual) नहीं रह गई है। उन्हें अन्यत्र नौकरी करने से रोका गया था। ऐसे पद स्वतः सृजित (automatically created) माने जाते हैं। मानदेय में संशोधन न करना (7,000 रुपये) अनुचित प्रथा (unfair practices) के बराबर है।

उपरोक्त के आलोक में यह निर्धारित है कि:

उत्तर प्रदेश में पार्ट-टाइम शिक्षक 2013 में निर्धारित मानदेय के संशोधन के हकदार हैं।

यह संशोधन समय-समय पर, यदि वार्षिक नहीं, तो किया जाना चाहिए।

17-18 से प्रभावी, संशोधन होने तक 17,000 रुपये प्रति माह का भुगतान करें।

1.04.2026 से नया भुगतान शुरू करें।

बकाया राशि (Arrears) आज से 6 महीने के भीतर भुगतान की जाए। 

काला हूं… पर टिकाऊ हूं!” सिद्धार्थनगर महोत्सव के मंच से पवन सिंह का मज़ेदार बयान, शादी के सवाल पर छिड़ी चर्चा

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद में आयोजित सिद्धार्थ महोत्सव उस वक्त चर्चा का केंद्र बन गया, जब भोजपुरी सिनेमा के चर्चित स्टार पवन सिंह मंच पर अपने स्टेज शो के दौरान एक हल्के-फुल्के बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए।

कहां और कब हुआ मामला?

स्थान: सिद्धार्थनगर जनपद, उत्तर प्रदेश

मौका: सिद्धार्थ महोत्सव

कार्यक्रम: लाइव स्टेज शो

समय: महोत्सव के दौरान हालिया आयोजन

बताया जा रहा है कि पवन सिंह मंच पर मौजूद दर्शकों और कलाकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान शादी को लेकर माहौल मज़ाकिया हुआ, तो पवन सिंह ने हँसते-हँसते कहा—

काला हूं, पर टिकाऊ हूं!”

स्टेज पर छाया हंसी-मज़ाक का माहौल

इस बयान के बाद:

पंडाल में मौजूद दर्शकों के बीच हंसी गूंज उठी

मंच पर मौजूद एक्ट्रेस और अन्य कलाकार भी मुस्कुराते नजर आए

पूरा माहौल मनोरंजन और मस्ती से भर गया

यह संवाद पूरी तरह स्टेज शो और मनोरंजन के क्रम में सामने आया, जिसे दर्शकों ने एक हल्के-फुल्के अंदाज़ के रूप में लिया।

सोशल मीडिया पर क्यों हो रही चर्चा?

महोत्सव से जुड़ा यह स्टेज मोमेंट जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचा, वैसे ही:

फैंस ने पवन सिंह के बिंदास और बेबाक अंदाज़ की तारीफ की

कई लोगों ने इसे स्टेज शो का मज़ेदार पल बताया

हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर किसी भी तरह की आधिकारिक घोषणा या निजी प्रस्ताव की पुष्टि नहीं की गई है।

महोत्सव में स्टारडम का असर

सिद्धार्थ महोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में बड़े कलाकारों की मौजूदगी दर्शकों का उत्साह बढ़ाती है। पवन सिंह की एंट्री और उनका देसी अंदाज़ कार्यक्रम को और यादगार बना गया।

 

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