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बूचड़ मंडी में तोड़फोड़, मांस कारोबारियों का सामान तालाब में फेंका; पुलिस जांच में जुटी

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स्थान: शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

तिथि: 29 जुलाई 2026


शोहरतगढ़ नगर पंचायत के वार्ड नंबर-9 स्थित शिवा नगर बूचड़ मंडी में अज्ञात लोगों द्वारा कथित रूप से तोड़फोड़ कर मांस कारोबारियों के लोहे की जाली, तख्ते और अन्य सामान पास के तालाब में फेंके जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

विस्तृत समाचार

शोहरतगढ़, 29 जुलाई। नगर पंचायत शोहरतगढ़ के वार्ड नंबर-9 स्थित शिवा नगर बूचड़ मंडी में सोमवार देर रात अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से तोड़फोड़ कर मांस कारोबारियों का सामान तालाब में फेंक दिए जाने की घटना सामने आई है। मंगलवार सुबह जब व्यापारी अपनी दुकानों पर पहुंचे तो दुकान पर लगे लोहे की जाली, तख्ते और अन्य सामान गायब मिले। बाद में आसपास तलाश करने पर मंडी से सटे तालाब में उनका सामान तैरता हुआ दिखाई दिया।

घटना के बाद पीड़ित कारोबारियों में आक्रोश फैल गया। अल्ताफ हुसैन, अली हुसैन, रहमत अली, शमशाद कुरैशी, ताहिर कुरैशी, अहमद कुरैशी और खलील कुरैशी ने थाना शोहरतगढ़ तथा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी को प्रार्थना-पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित व्यापारी अल्ताफ हुसैन का कहना है कि रात के दौरान किसी ने सुनियोजित ढंग से मंडी में रखे लोहे के जाली तख्तों और अन्य सामान को उखाड़कर तालाब में फेंक दिया, जिससे उनका सामान क्षतिग्रस्त हो गया। उनका कहना है कि वे दैनिक आय पर निर्भर हैं और इस घटना से उनके रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ अज्ञात असामाजिक तत्व मंडी के कारोबार में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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पीड़ित कारोबारियों ने पुलिस एवं नगर पंचायत प्रशासन से मंडी की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हुई तो व्यापार प्रभावित होगा और व्यापारियों में भय का माहौल बनेगा। वहीं स्थानीय नागरिकों ने भी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

सारांश

स्थान: शिवा नगर बूचड़ मंडी, शोहरतगढ़

घटना: अज्ञात लोगों द्वारा कथित तोड़फोड़, सामान तालाब में फेंका गया

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प्रभावित: कई मांस कारोबारी

कार्रवाई: पुलिस ने जांच शुरू की, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही

मांग: दोषियों की गिरफ्तारी एवं मंडी की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

एफटी न्यूज़ डिजिटल टिप्पणी

घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करना आवश्यक है ताकि व्यापारियों का विश्वास बना रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष पुलिस विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगा।

रामनगर हादसे ने उजाड़ा परिवार, युवक समेत 14 मवेशियों की मौत; प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी उठे सवाल

सिद्धार्थनगर | FT News Digital


सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में बुधवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान और घारी में घुस गई। हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि 14 मवेशियों के मरने और कई अन्य के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। इसी बीच घटनास्थल की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी, जिस पर लोगों ने प्रशासनिक संवेदनशीलता को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि तस्वीर के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

सारांश

ढेबरुआ थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में भीषण सड़क हादसा।

अनियंत्रित ट्रेलर मकान और घारी में घुसा।

युवक सूरज यादव की मौके पर मौत।

9 भैंस और 4 गाय की मौत, 6 भैंस घायल होने की सूचना।

दो अन्य ग्रामीण घायल, अस्पताल में उपचार जारी।

पुलिस और प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।

सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर को लेकर संवेदनशीलता पर बहस, आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार।

रामनगर हादसे ने उजाड़ा परिवार, युवक समेत 14 मवेशियों की मौत; सोशल मीडिया पर तस्वीर को लेकर उठी बहस

सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के इटवा-बढ़नी मार्ग स्थित रामनगर गांव में बुधवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बढ़नी की ओर जा रहा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने मकान और घारी में घुस गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेलर दो हिस्सों में टूट गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 20 वर्षीय सूरज यादव, पुत्र राम प्रसाद यादव, की मौके पर ही मौत हो गई। वह बरसाती इंटर कॉलेज में कक्षा 11 का छात्र बताया गया है। दुर्घटना में 9 भैंस और 4 गाय की भी मौत हो गई, जबकि छह अन्य भैंसों के घायल होने की सूचना है। इसके अलावा हरिराम (56) और राम आसरे यादव (70) घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

घटना की सूचना मिलते ही ढेबरुआ थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। बाद में एसडीएम शोहरतगढ़ राजेश कुमार, क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी, थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह तथा पशुपालन विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

ग्रामीणों के अनुसार तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों तथा पशुओं को बाहर निकालने में मदद की। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर ट्रेलर के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है।

सोशल मीडिया पर तस्वीर को लेकर चर्चा

घटना के बाद निरीक्षण के दौरान की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की गई, जिसमें कुछ अधिकारियों के चेहरे के भाव को लेकर लोगों ने सवाल उठाए। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे संवेदनशीलता से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

हालांकि, FT News Digital इस तस्वीर के वास्तविक संदर्भ या उस समय की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। किसी एक तस्वीर से पूरे घटनाक्रम या किसी व्यक्ति की मंशा का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय टिप्पणी

रामनगर का यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार पर टूटा बड़ा संकट है। ऐसे समय में प्रशासन की पहली जिम्मेदारी राहत, बचाव और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना होती है। साथ ही सार्वजनिक जीवन से जुड़े सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा भी रहती है कि उनके व्यवहार और सार्वजनिक आचरण से पीड़ित परिवारों को संवेदनशीलता और भरोसे का संदेश मिले। किसी भी वायरल तस्वीर या सोशल मीडिया दावे का मूल्यांकन तथ्यों और आधिकारिक पक्ष के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

(यह समाचार पुलिस एवं प्रशासन से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। दुर्घटना की जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के अनुसार जानकारी में बदलाव संभव है।)

प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों ने डीएम को सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन, ₹5 लाख बीमा और RTE भुगतान की उठाई मांग

नौगढ़ (सिद्धार्थनगर) | संवाददाता

सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय विद्यालय प्रबंधक संघ के पदाधिकारियों एवं निजी विद्यालय संचालकों ने जिलाधिकारी (डीएम) को 10 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने निजी विद्यालयों के समक्ष उत्पन्न आर्थिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को प्रमुखता से रखते हुए शिक्षकों के सामाजिक सुरक्षा, आरटीई प्रतिपूर्ति और विद्यालयों के सुचारु संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि निजी विद्यालय ग्रामीण एवं दूरदराज़ क्षेत्रों में शिक्षा की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यदि इन समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ₹5 लाख बीमा की मांग

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए ₹5 लाख के स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा की रही। संघ का कहना है कि सीमित वेतन पर कार्य करने वाले हजारों शिक्षक समाज के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

RTE प्रतिपूर्ति राशि तत्काल जारी करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रतिपूर्ति राशि के शीघ्र भुगतान की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि कई सत्रों से बकाया भुगतान लंबित होने के कारण छोटे एवं मध्यम स्तर के निजी विद्यालय आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। साथ ही RTE पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर कर पारदर्शी एवं सरल व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई।

ज्ञापन की प्रमुख 10 मांगें

निजी विद्यालयों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को ₹5 लाख का स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा।

RTE के तहत लंबित प्रतिपूर्ति राशि का शीघ्र एवं पारदर्शी भुगतान।

विद्यालय मान्यता नवीनीकरण तथा NOC प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।


  1.  पोर्टल की तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान।

अनावश्यक निरीक्षण एवं उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।

निजी विद्यालयों को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जाए।

स्कूली वाहनों से जुड़े फिटनेस एवं कर नियमों में व्यावहारिक राहत दी जाए।

शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी नीति बनाई जाए।

प्रशासन एवं निजी विद्यालयों के बीच नियमित संवाद के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया जाए।

सरकारी शिक्षा एवं आधारभूत ढांचा योजनाओं का लाभ निजी विद्यालयों को भी प्रदान किया जाए।

प्रशासन ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन

ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी सभी मांगें शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों के हित में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान करेगा।

जिलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना, ज्ञापन स्वीकार किया तथा संबंधित बिंदुओं पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में NITI TARA पर क्षमतावर्धन कार्यशाला आयोजित

सिद्धार्थनगर। मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की अध्यक्षता में जनपद स्तर पर NITI TARA विषयक एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य जनपद एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों को डेटा आधारित योजना निर्माण, मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन प्रणाली से परिचित कराना तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुदृढ़ बनाना था।

कार्यशाला में जनपद स्तरीय समस्त अधिकारी एवं विकासखंड खेसरहा के सभी खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री बी.एस. यादव ने NITI TARA टूलकिट की उपयोगिता, कार्यप्रणाली एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।

प्रशिक्षण सत्र का संचालन EDCIL India के प्रतिनिधि श्री विकास कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने NITI TARA पोर्टल, डेटा प्रबंधन, निगरानी तंत्र तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

इस अवसर पर डेटा आधारित प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने, विकास योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, सटीक मूल्यांकन एवं बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी श्री राजमणि वर्मा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री बी.एस. यादव, अपर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री विरेन्द्र सिंह,खंड विकास अधिकारी खेसरहा श्री विजय सिंह, मुख्यमंत्री फेलो, विकासखंड खेसरहा, श्री दुर्गेश कुमार गुप्ता सहित जनपद एवं विकासखंड स्तर के समस्त संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बूचड़मंडी की गंदगी पर फूटा जनाक्रोश, सड़क जाम कर लोगों ने प्रशासन को घेरा

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कार्रवाई के आश्वासन पर खुला जाम, खुले में पशु अवशेष फेंकने और नियम तोड़ने वालों पर सख्ती के निर्देश

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शोहरतगढ़। नगर पंचायत के शिवनगर वार्ड स्थित बूचड़मंडी के पास फैली गंदगी, दुर्गंध और खुले में पशु अवशेष फेंके जाने से नाराज लोगों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी (ईओ) और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। करीब एक घंटे तक चली समझाइश के बाद अधिकारियों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

सारांश

बूचड़मंडी के बाहर गंदगी और पशु अवशेष फेंके जाने से भड़के लोग।

शिवनगर वार्ड में सड़क जाम कर किया विरोध प्रदर्शन।

तहसीलदार, ईओ और पुलिस मौके पर पहुंची।

नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद खुला जाम।

सावन में खुले में मांस, मछली व अंडा बेचने वालों पर भी होगी सख्ती।

खबर

शोहरतगढ़ नगर पंचायत के शिवनगर वार्ड में स्थित बूचड़मंडी के आसपास फैली गंदगी और खुले में पशु अवशेष फेंके जाने के विरोध में सोमवार शाम स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित नागरिकों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के चलते कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।

स्थानीय निवासी मनीष कुमार वर्मा, निखिल वर्मा, सूरज सहित अन्य लोगों का कहना है कि बूचड़मंडी से निकलने वाले मांस एवं पशु अवशेष सार्वजनिक स्थानों पर फेंके जाने के कारण पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैलती है। उनका आरोप है कि कई बार जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी और नगर पंचायत प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने सड़क जाम कर विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बूचड़मंडी के पीछे एक धार्मिक स्थल भी स्थित है, जहां विवाह समेत अन्य मांगलिक अवसरों पर महिलाएं मिट्टी पूजन के लिए पहुंचती हैं। सड़क पर फैली गंदगी और बदबू के कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों ने नियमित सफाई, स्वच्छता और नियमों के कड़ाई से पालन की मांग की।

सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, अधिशासी अधिकारी शिव कुमार और प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त कर दिया।

तहसीलदार ने अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं ईओ शिव कुमार ने कहा कि सड़क या सार्वजनिक स्थान पर पशु वध, अवशेष फेंकने अथवा खुले में मांस की बिक्री करने वालों के खिलाफ जुर्माना सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि सावन माह के मद्देनजर यदि कोई व्यक्ति सड़क या गली में खुलेआम अंडा, मांस अथवा मछली बेचते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


स्थान : शिवनगर वार्ड, शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)

समय : सोमवार शाम

मौके पर पहुंचे अधिकारी : तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, ईओ शिव कुमार, प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह व पुलिस बल

विरोध का कारण : बूचड़मंडी के पास गंदगी, दुर्गंध और पशु अवशेष फेंके जाने की शिकायत

नतीजा : कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम समाप्त

टिप्पणी

स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों की भी समान जिम्मेदारी है। यदि सार्वजनिक स्थानों पर कचरा और पशु अवशेष फेंकने जैसी शिकायतें लगातार सामने आती हैं, तो यह केवल सफाई व्यवस्था का नहीं बल्कि नियमों के पालन का भी सवाल है। प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की घोषणा तभी प्रभावी मानी जाएगी, जब वह धरातल पर दिखाई दे। स्थायी समाधान के लिए नियमित निगरानी, वैज्ञानिक अपशिष्ट निस्तारण और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई आवश्यक है।

— FT News Digital Desk

₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी, पहले होगा फील्ड ट्रायल

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नई दिल्ली। देश की मुद्रा व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार शुरुआती चरण में दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट परीक्षण के लिए तैयार किए जाएंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज के नोट बंद नहीं किए जाएंगे।

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एक नजर में

₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों को केंद्र सरकार की मंजूरी।

शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोटों का फील्ड ट्रायल।

ट्रायल के बाद RBI करेगा विस्तृत मूल्यांकन।

सफल होने पर नियमित रूप से जारी किए जा सकते हैं।

कागज के मौजूदा नोट पहले की तरह चलते रहेंगे।

पॉलीमर नोट अधिक टिकाऊ और उन्नत सुरक्षा फीचर्स वाले माने जाते हैं।

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देश में जल्द शुरू हो सकता है प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल, ₹10 और ₹20 के नोटों को मिली मंजूरी

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रस्तावित ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। लोकसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार ट्रायल के लिए दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट तैयार किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल परीक्षण प्रक्रिया है और मौजूदा कागज के नोटों को वापस लेने या बंद करने की कोई योजना नहीं है।

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मुख्य समाचार

देश में करेंसी प्रणाली को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल की अनुमति प्रदान की है।

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित उत्तर में बताया कि शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट तैयार किए जाएंगे। इन नोटों का विभिन्न भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा ताकि उनकी मजबूती, उपयोगिता और सुरक्षा विशेषताओं का मूल्यांकन किया जा सके।

यदि परीक्षण सफल रहता है तो भारतीय रिजर्व बैंक भविष्य में इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने पर निर्णय ले सकता है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज की करेंसी को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दोनों प्रकार के नोट समानांतर रूप से प्रचलन में रह सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। ये पानी, नमी और गंदगी से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं तथा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की रोकथाम में भी सहायता मिलती है।

आरबीआई पहले भी पॉलीमर नोटों पर अध्ययन कर चुका है, लेकिन अब सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में व्यावहारिक परीक्षण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि ट्रायल की शुरुआत कब होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

सारांश

केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोट छापे जाएंगे। ट्रायल सफल होने पर इन्हें नियमित रूप से जारी किया जा सकता है, जबकि वर्तमान कागज के नोट पहले की तरह प्रचलन में बने रहेंगे।

संपादकीय टिप्पणी

भारतीय मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से पॉलीमर नोटों का परीक्षण एक महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है। दुनिया के कई देशों में इस तकनीक का सफल उपयोग हो रहा है। हालांकि भारत में यह प्रक्रिया अभी परीक्षण चरण में है, इसलिए लोगों को किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम से बचना चाहिए। जब तक भारतीय रिजर्व बैंक कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं करता, तब तक मौजूदा कागज के सभी नोट पूरी तरह वैध और प्रचलन में रहेंगे।

संपादकीय नोट: यह समाचार संसद में सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी तथा भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसे स्वतंत्र रूप से लिखा गया है ताकि आपके न्यूज़ पोर्टल पर कॉपीराइट संबंधी समस्या न हो।

₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों को मिली मंजूरी, पहले होगा फील्ड ट्रायल

नई दिल्ली। देश की मुद्रा व्यवस्था में तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार शुरुआती चरण में दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट परीक्षण के लिए तैयार किए जाएंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज के नोट बंद नहीं किए जाएंगे।


एक नजर में

₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) नोटों को केंद्र सरकार की मंजूरी।

शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोटों का फील्ड ट्रायल।

ट्रायल के बाद RBI करेगा विस्तृत मूल्यांकन।

सफल होने पर नियमित रूप से जारी किए जा सकते हैं।

कागज के मौजूदा नोट पहले की तरह चलते रहेंगे।

पॉलीमर नोट अधिक टिकाऊ और उन्नत सुरक्षा फीचर्स वाले माने जाते हैं।


देश में जल्द शुरू हो सकता है प्लास्टिक करेंसी का ट्रायल, ₹10 और ₹20 के नोटों को मिली मंजूरी

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा प्रस्तावित ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। लोकसभा में दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार ट्रायल के लिए दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ नोट तैयार किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल परीक्षण प्रक्रिया है और मौजूदा कागज के नोटों को वापस लेने या बंद करने की कोई योजना नहीं है।

मुख्य समाचार

देश में करेंसी प्रणाली को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल की अनुमति प्रदान की है।

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित उत्तर में बताया कि शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ पॉलीमर नोट तैयार किए जाएंगे। इन नोटों का विभिन्न भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा ताकि उनकी मजबूती, उपयोगिता और सुरक्षा विशेषताओं का मूल्यांकन किया जा सके।

यदि परीक्षण सफल रहता है तो भारतीय रिजर्व बैंक भविष्य में इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने पर निर्णय ले सकता है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा कागज की करेंसी को बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दोनों प्रकार के नोट समानांतर रूप से प्रचलन में रह सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीमर नोट सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक समय तक चलते हैं। ये पानी, नमी और गंदगी से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं तथा इनमें आधुनिक सुरक्षा फीचर शामिल किए जा सकते हैं, जिससे नकली नोटों की रोकथाम में भी सहायता मिलती है।

आरबीआई पहले भी पॉलीमर नोटों पर अध्ययन कर चुका है, लेकिन अब सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इस दिशा में व्यावहारिक परीक्षण का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि ट्रायल की शुरुआत कब होगी, इसकी आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

सारांश

केंद्र सरकार ने ₹10 और ₹20 के पॉलीमर (प्लास्टिक) बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है। शुरुआती चरण में 100-100 करोड़ नोट छापे जाएंगे। ट्रायल सफल होने पर इन्हें नियमित रूप से जारी किया जा सकता है, जबकि वर्तमान कागज के नोट पहले की तरह प्रचलन में बने रहेंगे।

संपादकीय टिप्पणी

भारतीय मुद्रा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से पॉलीमर नोटों का परीक्षण एक महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है। दुनिया के कई देशों में इस तकनीक का सफल उपयोग हो रहा है। हालांकि भारत में यह प्रक्रिया अभी परीक्षण चरण में है, इसलिए लोगों को किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम से बचना चाहिए। जब तक भारतीय रिजर्व बैंक कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं करता, तब तक मौजूदा कागज के सभी नोट पूरी तरह वैध और प्रचलन में रहेंगे।

संपादकीय नोट: यह समाचार संसद में सरकार द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी तथा भारतीय रिजर्व बैंक से संबंधित उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। इसे स्वतंत्र रूप से लिखा गया है ताकि आपके न्यूज़ पोर्टल पर कॉपीराइट संबंधी समस्या न हो।

भारत-नेपाल सीमा पर 651 ग्राम पायल के साथ एक व्यक्ति पकड़ा गया

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43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) सिद्धार्थनगर की सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त गश्त के दौरान भारत-नेपाल सीमा से कथित रूप से तस्करी के लिए ले जाई जा रही 21 जोड़ी सफेद धातु (पायल) बरामद की। बरामद पायल का कुल वजन 651 ग्राम बताया गया है। पकड़े गए व्यक्ति और बरामद सामान को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग ककरहवा को सौंप दिया गया।


बरामदगी एक नजर में

स्थान: फरसादीपुर गांव के पास, ककरहवा सीमा क्षेत्र

संयुक्त कार्रवाई: 43वीं वाहिनी एसएसबी एवं उत्तर प्रदेश पुलिस

बरामद सामान: 21 जोड़ी पायल (सफेद धातु)

कुल वजन: 651 ग्राम

पकड़ा गया व्यक्ति: परसुराम गुप्ता (59 वर्ष), निवासी सलंदपुर, ककरहवा बाजार, सिद्धार्थनगर

जब्ती के बाद कार्रवाई: सीमा शुल्क विभाग ककरहवा को सुपुर्द


एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में सीमा पर पायल बरामद, एक व्यक्ति हिरासत में

सारांश

सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त गश्त के दौरान 21 जोड़ी सफेद धातु की पायल के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में व्यक्ति ने सामान नेपाल ले जाने की बात कही। बरामद सामान और व्यक्ति को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया गया है।


सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी की रोकथाम के अभियान के तहत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त गश्त के दौरान एक व्यक्ति को 21 जोड़ी सफेद धातु की पायल के साथ पकड़ा। अधिकारियों के अनुसार बरामद पायल का कुल वजन 651 ग्राम है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए पकड़े गए व्यक्ति, बरामद सामान और साइकिल को सीमा शुल्क विभाग ककरहवा के सुपुर्द कर दिया गया है।

मुख्य समाचार

सिद्धार्थनगर। 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सीमा चौकी ककरहवा के जवानों ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारत-नेपाल सीमा पर एक व्यक्ति को 21 जोड़ी सफेद धातु की पायल के साथ पकड़ा है।

एसएसबी के अनुसार 27 जुलाई 2026 को विशेष सूचना के आधार पर फरसादीपुर गांव के पास संयुक्त गश्त की जा रही थी। इसी दौरान भारत की ओर से सीमा की तरफ साइकिल से जा रहे एक व्यक्ति को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके पेट और कमर पर कपड़े में छिपाकर रखी गई 21 जोड़ी पायल बरामद हुई। मौके पर वजन कराने पर बरामद पायल का कुल वजन 651 ग्राम पाया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम परसुराम गुप्ता (59 वर्ष) निवासी सलंदपुर, पोस्ट ककरहवा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर बताया। उसने पूछताछ में कथित रूप से बताया कि वह सामान भारत से नेपाल के ओड़वालियां गांव ले जा रहा था।

एसएसबी ने बरामद सामान, साइकिल तथा संबंधित व्यक्ति को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग, ककरहवा के सुपुर्द कर दिया है।

एसएसबी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी, मानव तस्करी, नशीले पदार्थ, अवैध मुद्रा तथा वन्यजीवों की तस्करी की रोकथाम के लिए सीमा क्षेत्र में लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

संपादकीय टिप्पणी (Comment)

सीमा सुरक्षा के साथ स्थानीय सतर्कता भी जरूरी

भारत-नेपाल की खुली सीमा व्यापार और आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन इसी का दुरुपयोग कर अवैध तस्करी की कोशिशें भी होती रहती हैं। ऐसे मामलों में एसएसबी, पुलिस और सीमा शुल्क विभाग की संयुक्त कार्रवाई सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाती है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों की जागरूकता और सूचना तंत्र भी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

 

गुरु रविदास जयंती पर भाजपा का समरसता संकल्प, 2027 मिशन को लेकर कार्यकर्ताओं में भरा जोश

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सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी सिद्धार्थनगर द्वारा संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान’ को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा वर्ष 2027 के संगठनात्मक लक्ष्य को लेकर बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का संकल्प लिया।

सारांश

गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर जिला स्तरीय कार्यशाला।

29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक चलेगा समरसता संकल्प अभियान।

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और डिजिटल प्रशिक्षण पर जोर।

गुरु पूर्णिमा पर पुजारियों के सम्मान सहित कई कार्यक्रमों की रूपरेखा तय।

मुख्य खबर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या की अध्यक्षता में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर समरसता संकल्प अभियान विषयक जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक राजा जय प्रताप सिंह रहे। कार्यशाला में जिले के सभी जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारा, प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकता, मानवता और सद्भाव के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के माध्यम से संत गुरु रविदास महाराज के विचारों, सामाजिक संदेश और समरस समाज की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

दीपक मौर्या ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जिले के विभिन्न मठों एवं मंदिरों के पुजारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किए जाने की जानकारी दी। इसके लिए जिला उपाध्यक्ष विजयकांत चतुर्वेदी को गुरु पूर्णिमा अभियान का जिला संयोजक बनाया गया है।

मुख्य अतिथि विधायक राजा जय प्रताप सिंह ने कहा कि संत गुरु रविदास महाराज ने समाज को मानवता, समानता, प्रेम और सद्भाव का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन द्वारा दिए गए प्रत्येक दायित्व का कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा एवं अनुशासन के साथ पालन करना चाहिए। उन्होंने डिजिटल लर्निंग कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने, ‘मन की बात’ कार्यक्रम के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का लक्ष्य सभी कार्यकर्ताओं के सामने है। इसे प्राप्त करने के लिए प्रत्येक बूथ पर संगठन को सशक्त बनाना, जनता से निरंतर संवाद बनाए रखना तथा संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करना आवश्यक है।

पूर्व विधायक राघवेंद्र सिंह ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती, अनुशासन और समर्पण के साथ पार्टी के अभियानों को सफल बनाने का आह्वान किया।

कार्यशाला के दौरान पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को समरसता संकल्प अभियान की रूपरेखा, उद्देश्यों और आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री फूलचंद जायसवाल ने किया।

इस अवसर पर आशीष शुक्ला को अभियान का जिला संयोजक तथा अविनाश सिंह, सिद्धार्थ पाठक, रामनारायण एवं शिव विलास कन्नौजिया को जिला सह-संयोजक घोषित किया गया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, पूर्व जिलाध्यक्ष साधना चौधरी, रामकुमार कुंवर, बृजबिहारी मिश्रा, लालजी त्रिपाठी (लाल बाबा), कन्हैया पासवान, दिलीप चतुर्वेदी, रवि अग्रवाल, राजेंद्र पांडेय, पवन मिश्रा, फतेह बहादुर सिंह, पंकज जायसवाल, रमेश मणि त्रिपाठी, जगजीवन गौण, अर्चिष्मान मिश्र, अनुपमा सिंह, राजू शाही, अशोक अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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कार्यशाला की प्रमुख बातें

• 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 तक चलेगा समरसता संकल्प अभियान।

• गुरु रविदास महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प।

• बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर।

• गुरु पूर्णिमा पर पुजारियों के सम्मान का निर्णय।

• डिजिटल लर्निंग और ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रचार पर बल।

• वर्ष 2027 के लक्ष्य को लेकर कार्यकर्ताओं से सक्रिय भूमिका निभाने की अपील।

टिप्पणी

यह समाचार भारतीय जनता पार्टी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं कार्यक्रम में दिए गए वक्तव्यों पर आधारित है। कार्यक्रम में व्यक्त विचार संबंधित वक्ताओं के हैं।

गो सम्मान आह्वान अभियान के दूसरे चरण में राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों का दावा

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सिद्धार्थनगर। गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के तहत सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल तथा अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने देशभर से 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर जुटाए जाने का दावा करते हुए गो संरक्षण से संबंधित विभिन्न मांगों पर केंद्र सरकार से निर्णय लेने की अपील की।

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सारांश

• जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सौंपा गया ज्ञापन।

• अभियान की ओर से 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर जुटाने का दावा।

• गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून सहित 30 से अधिक मांगें उठाईं।

• विहिप, बजरंग दल एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता रहे मौजूद।

मुख्य खबर

सिद्धार्थनगर में गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया।

अभियान के प्रतिनिधियों के अनुसार, पिछले लगभग छह माह से देशभर में गो संरक्षण और गो सेवा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जनजागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। उनका दावा है कि दूसरे चरण में देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षरों के साथ अनुस्मारक प्रार्थना-पत्र सरकार को भेजा गया है। सिद्धार्थनगर जनपद से भी लगभग तीन लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन भेजे जाने की जानकारी दी गई।

ज्ञापन में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाए जाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिए जाने, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गो-चारा नीति तैयार करने तथा गो संरक्षण से जुड़े अन्य विषयों सहित 30 से अधिक मांगें रखी गई हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत गो पूजन, शंखनाद एवं धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।

इस अवसर पर विहिप जिलाध्यक्ष ब्रजेश पाण्डेय, जिला मंत्री शिवाजी, उपाध्यक्ष संतोष गुप्त, विभाग संयोजक अजय प्रताप, धर्म प्रसार प्रमुख आशीष सिंह, सुरक्षा प्रमुख अजय सिंह, बजरंग दल के प्रेमचंद, श्याम सुंदर (सुमेर), शारदा प्रसाद, राजा मिश्र, राहुल अग्रहरि, शिवम कश्यप, आभास सिंह, हरिश्चन्द्र, अरुण मिश्र, कैलाशपति त्रिपाठी, अर्जुन मधेसिया, बृजेश मिश्र सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


ज्ञापन में प्रमुख मांगें

• गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून।

• गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान।

• केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना।

• गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जाए।

• राष्ट्रीय स्तर पर गो-चारा नीति बनाई जाए।

• गो संरक्षण से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय नीति में शामिल किया जाए।

टिप्पणी

गो संरक्षण को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा समय-समय पर ज्ञापन और जनजागरण अभियान चलाए जाते रहे हैं। इस अभियान में प्रस्तुत मांगें आयोजकों की ओर से सरकार के समक्ष रखे गए सुझाव हैं। इन पर अंतिम निर्णय संबंधित सरकारों एवं सक्षम प्राधिकारियों द्वारा लिया जाना है।

(यह समाचार आयोजकों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। इसमें उल्लिखित हस्ताक्षरों की संख्या एवं अन्य दावे आयोजकों के कथन हैं, जिनका स्वतंत्र सत्यापन इस समाचार के स्तर पर नहीं किया गया है।)

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