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गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत दो व्यक्तियों को किया गया था जिला बदर, प्रशासनिक आदेश फिर चर्चा में

सिद्धार्थनगर। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत पूर्व में जारी जिला बदर के दो आदेश एक बार फिर चर्चा में हैं। प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार हरिशंकर पाण्डेय तथा अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक मामलों एवं पुलिस रिपोर्टों के आधार पर सक्षम न्यायालय द्वारा छह-छह माह के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से निष्कासन (जिला बदर) का आदेश पारित किया गया था।

सारांश

गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत दो व्यक्तियों के विरुद्ध जिला बदर की कार्रवाई।

पुलिस की रिपोर्ट एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सक्षम न्यायालय ने पारित किए थे आदेश।

दोनों को छह माह तक सिद्धार्थनगर जनपद की सीमा में प्रवेश न करने का निर्देश।

आदेश प्रशासनिक एवं न्यायिक अभिलेखों का हिस्सा, दोषसिद्धि का प्रमाण नहीं।

मुख्य खबर

जनपद सिद्धार्थनगर में शांति व्यवस्था एवं जनसुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत कार्रवाई की जाती रही है। उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार थाना त्रिलोकपुर क्षेत्र के हरिशंकर पाण्डेय पुत्र बलिराम पाण्डेय, निवासी महतिनिया खुर्द तथा थाना मोहाना क्षेत्र के अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू, निवासी खलीलपुर टोला गाँहनिया, के विरुद्ध भी ऐसी ही कार्रवाई की गई थी।

हरिशंकर पाण्डेय का मामला

प्रशासनिक अभिलेखों में उल्लेख है कि हरिशंकर पाण्डेय के विरुद्ध वर्ष 2020 में विभिन्न थानों में चोरी, टेलीग्राफ अधिनियम तथा अन्य धाराओं से संबंधित कई मुकदमे दर्ज होने का हवाला देते हुए पुलिस ने गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की संस्तुति की थी। अभिलेखों में यह भी उल्लेख किया गया कि उसके प्रभाव के कारण आमजन के बीच भय का वातावरण होने की बात पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कही थी।

इसके आधार पर सक्षम न्यायालय ने 23 फरवरी 2023 के नोटिस की पुष्टि करते हुए उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के प्रावधानों के तहत छह माह के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) करने का आदेश पारित किया था।

अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू का मामला

इसी प्रकार थाना मोहाना क्षेत्र के अख्तर हुसैन उर्फ मुन्नू के संबंध में भी पुलिस ने विभिन्न मुकदमों एवं अभिलेखों का उल्लेख करते हुए गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की संस्तुति की थी। प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार सक्षम न्यायालय ने 9 जुलाई 2020 के नोटिस की पुष्टि करते हुए उन्हें भी छह माह के लिए जनपद सिद्धार्थनगर की सीमा से निष्कासित करने का आदेश दिया था तथा निर्धारित अवधि तक जनपद में प्रवेश न करने का निर्देश जारी किया था।


क्या होता है जिला बदर?

जिला बदर (Externment) उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत की जाने वाली एक निवारक (Preventive) प्रशासनिक कार्रवाई है। इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना होता है। यह किसी व्यक्ति के दोषी सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होता, बल्कि उपलब्ध पुलिस रिपोर्ट, अभिलेख और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत सामग्री के आधार पर पारित प्रशासनिक आदेश होता है।

टिप्पणी

जनहित और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन समय-समय पर गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई करता है। हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी व्यक्ति के विरुद्ध दर्ज मुकदमे या जिला बदर का आदेश अपने-आप में अंतिम आपराधिक दोषसिद्धि नहीं माने जाते। किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाता है।

(यह समाचार उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों एवं न्यायालय द्वारा पारित आदेशों पर आधारित है। इसमें वर्णित तथ्य संबंधित दस्तावेजों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना इस समाचार का उद्देश्य नहीं है।)

मचान विधि से बदल रही किसानों की तस्वीर, कम लागत में बढ़ रही उपज और आमदनी

सिद्धार्थनगर। जनपद में सब्जी उत्पादन करने वाले किसान अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मचान विधि (सहारा पद्धति) को अपना रहे हैं। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में विशेषकर लोटन क्षेत्र के किसान लौकी, तोरई, करेला, खीरा, सेम सहित अन्य बेलदार सब्जियों की खेती मचान पर कर बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित कर रहे हैं।

सारांश

लोटन क्षेत्र के किसान मचान विधि से कर रहे हैं सब्जियों की खेती।

लौकी, करेला, तोरई, खीरा और सेम की गुणवत्ता में हो रहा सुधार।

फसल में रोग कम लगने के साथ 20 से 25 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ने की संभावना।

उद्यान विभाग किसानों को दे रहा प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग।

मुख्य खबर

सिद्धार्थनगर जनपद के किसानों के बीच अब मचान विधि तेजी से लोकप्रिय हो रही है। उद्यान विभाग की पहल से कई किसान बेलदार सब्जियों की खेती आधुनिक तरीके से कर रहे हैं, जिससे उनकी उपज, गुणवत्ता और आय तीनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

इस तकनीक के तहत खेत में मजबूत बांस, खम्भों और तारों की सहायता से जाल (मचान) तैयार किया जाता है, जिस पर लौकी, करेला, तोरई, खीरा, सेम जैसी बेलदार फसलें ऊपर की ओर बढ़ती हैं। इससे पौधों को पर्याप्त धूप और हवा मिलती है, फल जमीन के संपर्क में नहीं आते और रोगों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम रहता है। परिणामस्वरूप सब्जियां साफ-सुथरी, आकर्षक और बेहतर गुणवत्ता की प्राप्त होती हैं।

कई वर्षों से इस विधि से खेती कर रहे किसानों सच्चिदानन्द, श्रीमती निर्मला, ज्ञानदास तथा गोवर्धन ने बताया कि मचान विधि अपनाने से खेत का बेहतर उपयोग होता है। सिंचाई, निराई-गुड़ाई और तुड़ाई का कार्य भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाता है। साथ ही फल जमीन पर न लगने से उनके सड़ने और खराब होने की संभावना भी काफी कम रहती है।

जिला उद्यान अधिकारी विमल कान्त ने बताया कि किसानों को प्रशिक्षण देकर मचान विधि को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद के कई क्षेत्रों में जलभराव की समस्या रहती है, ऐसे में यह तकनीक किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। इस विधि से सब्जियों की उपज में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है, जिससे किसानों की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से इस तकनीक को अपनाने की अपील की।


मचान विधि के प्रमुख लाभ

बेलदार सब्जियों की बेहतर गुणवत्ता।

रोग एवं कीटों का कम प्रकोप।

उत्पादन में 20–25 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना।

सिंचाई, देखभाल और तुड़ाई में सुविधा।

फल जमीन से ऊपर रहने के कारण सड़ने की संभावना कम।

किसानों की आय में वृद्धि।

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मचान विधि से तैयार खेत में खड़े किसान, जहां लौकी, तोरई, करेला व अन्य बेलदार सब्जियों की आधुनिक तकनीक से खेती की जा रही है।

टिप्पणी

जलवायु परिवर्तन और बढ़ती खेती लागत के बीच मचान विधि किसानों के लिए एक प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यदि तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचे, तो सिद्धार्थनगर जैसे कृषि प्रधान जनपद में सब्जी उत्पादन और किसानों की आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। यह खेती का ऐसा मॉडल है, जो कम जोखिम के साथ बेहतर मुनाफे की दिशा में किसानों को नई राह दिखा रहा है।

Kargil Vijay Diwas: सिद्धार्थनगर में एबीवीपी की भव्य तिरंगा यात्रा, वीर शहीदों को नमन

 

कारगिल विजय दिवस पर एबीवीपी की भव्य तिरंगा यात्रा, वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि


सिद्धार्थनगर में युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकालकर कारगिल के अमर वीरों के शौर्य और बलिदान को किया नमन।


मुख्य बिंदु

कारगिल विजय दिवस पर निकली भव्य तिरंगा यात्रा।

बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ताओं और युवाओं की सहभागिता।

कारगिल के वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।

राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश।


कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), सिद्धार्थनगर इकाई द्वारा शनिवार को भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ताओं और युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्रभक्ति के नारों के बीच वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 मुख्य खबर

सिद्धार्थनगर में आयोजित तिरंगा यात्रा का उद्देश्य कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के शौर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति को स्मरण करना रहा।

यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने राष्ट्रध्वज के साथ नगर भ्रमण किया तथा देशभक्ति के नारों से वातावरण को राष्ट्रमय बना दिया। वक्ताओं ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा और युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

कार्यक्रम में एबीवीपी के विभाग संगठन मंत्री अंकित मिश्रा, जिला संयोजक यशराज शर्मा, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य शाश्वत भट्ट, तहसील संयोजक खुशाल त्रिपाठी, आदित्य अग्रहरि, दिव्यांशु पांडेय, नगर सह मंत्री आदित्य सिंह गौड़ तथा नगर मंत्री सुमित सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सारांश

कारगिल विजय दिवस पर निकाली गई तिरंगा यात्रा।

युवाओं ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।

बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता और स्थानीय युवा हुए शामिल।

टिप्पणी

कारगिल विजय दिवस देश के उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश देते हैं।

 

सिद्धार्थनगर: एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवाल, रिपोर्टों के बाद भी कार्रवाई का इंतजार क्यों?

एम्बुलेंस सेवा पर उठे सवालों की फाइल ठंडी? रिपोर्टें छपीं, लेकिन कार्रवाई का इंतजार


जनहित का बड़ा सवाल

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर फिर उठी बहस।

पूर्व में कई मीडिया रिपोर्टों में सामने आए थे गंभीर मुद्दे।

अब तक कार्रवाई या जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न होने पर उठ रहे सवाल।

नागरिक बोले— “यदि शिकायतें गलत हैं तो स्पष्ट करें, सही हैं तो जिम्मेदारी तय हो।”


सिद्धार्थनगर में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा को लेकर पहले प्रकाशित गंभीर रिपोर्टों के बाद भी यदि हालात नहीं बदले हैं, तो यह केवल एक विभाग का नहीं बल्कि आम नागरिकों के भरोसे का भी सवाल है। जनचर्चा का विषय यह है कि जिन मुद्दों को प्रमुखता से सार्वजनिक किया गया था, उन पर आखिर क्या कार्रवाई हुई? यदि जांच हुई तो उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?

मुख्य खबर

आपातकालीन चिकित्सा सेवा किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है। दुर्घटना, गर्भवती महिला, गंभीर मरीज या अन्य आपात स्थितियों में एम्बुलेंस ही जीवन और मृत्यु के बीच पहली उम्मीद होती है।

सिद्धार्थनगर में पूर्व में विभिन्न प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों में एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली, कुछ वाहनों की स्थिति, रखरखाव, संचालन व्यवस्था तथा कथित प्रशासनिक कमियों को लेकर सवाल उठाए गए थे। इन रिपोर्टों में कुछ कर्मचारियों की ओर से कार्यदबाव और संचालन संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया था।

इन प्रकाशित रिपोर्टों के बाद स्थानीय स्तर पर यह अपेक्षा थी कि संबंधित विभाग तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराएगा और यदि कहीं कोई कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल दूर करेगा। लेकिन अब तक कार्रवाई या जांच के संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आने से लोगों के बीच कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकारों का मानना है कि एम्बुलेंस सेवा जैसी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की तकनीकी, प्रशासनिक या संचालन संबंधी कमी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ऐसी सेवाओं में नियमित निरीक्षण, वाहनों की फिटनेस, उपकरणों की उपलब्धता और समयबद्ध संचालन अत्यंत आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पूर्व में लगाए गए आरोप या शिकायतें निराधार थीं, तो संबंधित विभाग को आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं यदि किसी स्तर पर अनियमितता मिली है, तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि लोगों का भरोसा बना रहे।

सारांश

एम्बुलेंस सेवा को लेकर पहले भी गंभीर सवाल उठ चुके हैं।

प्रकाशित रिपोर्टों के बाद कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

जनहित में पारदर्शी जांच और सार्वजनिक रिपोर्ट जारी करने की मांग।

विभाग का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

टिप्पणी

एम्बुलेंस सेवा सीधे मानव जीवन से जुड़ी व्यवस्था है। इसलिए इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी आवश्यक है। यह खबर किसी व्यक्ति, संस्था या कंपनी को दोषी ठहराने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि जनहित में उठे उन प्रश्नों को सामने रखने के लिए है जिन पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब की अपेक्षा की जा रही है। यदि संबंधित विभाग या सेवा प्रदाता अपना पक्ष उपलब्ध कराता है, तो उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

महराजगंज में भीषण सड़क हादसा: 27 वर्षीय युवक गंभीर घायल, पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज से बीआरडी रेफर

बृजमनगंज-लेहरा मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें


महराजगंज जनपद के बृजमनगंज थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में एक 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का उपचार पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर की इमरजेंसी में किया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया।

सिद्धार्थनगर/महराजगंज।

महराजगंज जनपद के बृजमनगंज-लेहरा मार्ग पर रविवार लगभग 2:30 बजे हुए सड़क हादसे में 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर में हुआ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक की पहचान मोहम्मद अदनान (27 वर्ष) पुत्र मोहम्मद राज, निवासी ग्राम दुबौलिया ओला हरपुर, थाना बृजमनगंज, जनपद महराजगंज के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह अपने एक मित्र के साथ किसी कार्य से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उसकी बाइक की टक्कर हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में अदनान के सिर और नाक पर गंभीर चोटें आईं। उसके साथ बैठे युवक तथा दूसरी बाइक पर सवार दोनों लोगों को अपेक्षाकृत हल्की चोटें आने की जानकारी है।

घटना के बाद घायल अदनान को तत्काल पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर लाया गया। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया।

समाचार लिखे जाने तक घायल युवक की स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में कोई आधिकारिक अपडेट प्राप्त नहीं हो सका था।


हादसे की मुख्य बातें

घटना स्थल: बृजमनगंज-लेहरा मार्ग, महराजगंज

समय: रविवार, लगभग 2:30 बजे

दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर

🚑 घायल का इलाज पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर में हुआ

गंभीर हालत में बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर

अन्य घायलों को हल्की चोटें आने की सूचना

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महराजगंज के बृजमनगंज क्षेत्र में दो बाइकों की टक्कर में 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सिद्धार्थनगर स्थित पंडित माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया।

टिप्पणी

यह समाचार स्थानीय स्तर पर प्राप्त जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के कथनों पर आधारित है। दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। यदि पुलिस या स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक बयान प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। यह समाचार किसी निष्कर्ष पर पहुंचे बिना उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रकाशित किया गया है।

55 एकड़ जमीन के लिए 46वें दिन भी डटे दलित पट्टाधारक, तेन्दुअहिया में सत्याग्रह जारी

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37 दलित परिवारों का दावा—1996 में मिला था वैध पट्टा, 2009 में अनियमित तरीके से निरस्त किए जाने का आरोप


महराजगंज जनपद के पनियरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा तेन्दुअहिया में 55 एकड़ कृषि भूमि से जुड़े विवाद को लेकर 37 दलित पट्टाधारक परिवारों का धरना रविवार को 46वें दिन भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने प्रशासन से जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और मामले का शीघ्र समाधान करने की मांग की।

महराजगंज।

पनियरा ब्लॉक की ग्राम सभा तेन्दुअहिया (तेंदुआ) में भूमि विवाद को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेतृत्व में 37 दलित पट्टाधारक परिवार अपनी कथित 55 एकड़ कृषि भूमि के अधिकार की मांग को लेकर बेमियादी धरने पर बैठे हैं। आंदोलन रविवार को 46वें दिन भी जारी रहा।

धरना दे रहे किसानों का कहना है कि वर्ष 1996 में उन्हें शासन की ओर से वैध रूप से भूमि का पट्टा आवंटित किया गया था, जिस पर वे वर्षों तक खेती करते रहे। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2009 में बिना पूर्व सूचना के उनके पट्टे निरस्त कर दिए गए, जिससे वे अपनी भूमि से वंचित हो गए। किसानों ने इस कार्रवाई में अनियमितता होने का आरोप लगाया है।

प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उनका आरोप है कि जांच प्रक्रिया में विलंब के कारण उन्हें न्याय मिलने में देरी हो रही है।

भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रामअशीष ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और किसानों की मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई की मांग की।

धरना स्थल पर मुराली प्रसाद, रामवृक्ष, सालिक प्रसाद, महेंद्र, राजेंद्र, चुन्नीलाल, त्रिवेणी, सोना देवी, सिंधु देवी, रेशमा देवी, प्रभावती देवी, राजेंद्र पासवान सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

ग्राम प्रधान ब्रह्मानंद धारिया ने भी किसानों के समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा कि विवाद का समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत होना चाहिए तथा न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी का जो भी निर्णय होगा, उसका सम्मान किया जाएगा।


मामले की मुख्य बातें

स्थान: ग्राम सभा तेन्दुअहिया, पनियरा ब्लॉक, महराजगंज

37 दलित पट्टाधारक परिवारों का धरना 46वें दिन भी जारी

किसानों का दावा—1996 में मिला था 55 एकड़ भूमि का पट्टा

2009 में पट्टा निरस्त किए जाने पर अनियमितता का आरोप

जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग

सारांश

भूमि विवाद को लेकर किसानों का आंदोलन जारी।

जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग।

भाकियू के नेतृत्व में धरना 46वें दिन भी जारी रहा।

ग्राम प्रधान ने विधिसम्मत समाधान की आवश्यकता बताई।

टिप्पणी

यह समाचार आंदोलनकारी किसानों एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन अथवा संबंधित पक्ष का विस्तृत पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। यह प्रस्तुति पत्रकारिता के संतुलित और कानूनी रूप से सुरक्षित मानकों के अनुरूप तैयार की गई है।

भाजपा कार्यालय में गूंजा ‘मन की बात’, कारगिल वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत का संदेश

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भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा, सिद्धार्थनगर द्वारा भाजपा जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम के बाद सामाजिक समरसता भोज (टिफिन बैठक) आयोजित हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

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सिद्धार्थनगर।

भाजपा किसान मोर्चा सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में रविवार को भाजपा जिला कार्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया गया। कार्यक्रम किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय शर्मा के नेतृत्व तथा भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में किसान मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री लाल जी यादव एवं सांसद जगदंबिका पाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों एवं सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस और बलिदान को देश के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, सिंगल यूज प्लास्टिक के पुनर्चक्रण तथा ‘वेस्ट टू वेल्थ’ जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे।

प्रधानमंत्री ने युवाओं की खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष एवं नवाचार के क्षेत्र में उपलब्धियों की सराहना करते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। साथ ही हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के प्रयासों की भी प्रशंसा की।

मुख्य अतिथि लाल जी यादव ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की अपील की।

सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग से संवाद स्थापित करते हैं। उन्होंने जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का आह्वान किया।

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार देशवासियों को सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करते हैं। किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अजय शर्मा ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मनीष शुक्ला, ज्ञानेंद्र मिश्रा, पंकज चौबे, आशीष पांडेय, धर्मेंद्र सिंह, नागेंद्र मिश्रा, अरविंद पांडेय, विनय त्रिपाठी, भूप नारायण सिंह, रमेश चौधरी, सुभाष मिश्रा, दिलीप दुबे सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


मुख्य बातें

भाजपा कार्यालय पर सुनी गई ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि।

जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर जोर।

‘वोकल फॉर लोकल’ और स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील।

कार्यक्रम के बाद सामाजिक समरसता भोज (टिफिन बैठक) आयोजित।

सारांश

किसान मोर्चा ने भाजपा कार्यालय पर सामूहिक रूप से सुनी ‘मन की बात’।

प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण और आत्मनिर्भर भारत के संदेशों पर हुई चर्चा।

कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी, जल संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

टिप्पणी

‘मन की बात’ कार्यक्रम से जुड़े विचार और वक्तव्य कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं के संबोधन एवं प्रधानमंत्री के प्रसारित संदेशों पर आधारित हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना बताया गया।

5 लाख तक कैशलेस इलाज की सौगात: सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को मिले स्वास्थ्य कार्ड, मुख्यमंत्री योजना का हुआ शुभारंभ

IMG 20260726 WA0818मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना लागू, उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों व आश्रितों को मिलेगा ₹5 लाख तक निःशुल्क उपचार


IMG 20260726 WA0829उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और उनके आश्रितों के लिए बड़ी राहत लेकर आई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा से किया। सिद्धार्थनगर में विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखा गया तथा शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए।

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सिद्धार्थनगर।

उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आगरा से किया गया। सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं शिक्षकों ने इसका सीधा प्रसारण देखा।

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कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, विधायक श्यामधनी राही, विधायक सैय्यदा खातून, पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के आरंभ में जिलाधिकारी ने अतिथियों का पुष्प, अंगवस्त्र एवं गमला भेंट कर स्वागत किया।

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी। उन्होंने इसे शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए गए हैं।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षकों के हित में शुरू की गई यह योजना उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की आधारशिला हैं और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।

विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार समाज के विभिन्न वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना उसी दिशा में एक अहम पहल है।

विधायक सैय्यदा खातून एवं पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने भी योजना की सराहना करते हुए शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। अंत में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, शिक्षकगण एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

इन बॉक्स

योजना की प्रमुख बातें

✅ उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को मिलेगा लाभ

✅ ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा

✅ सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को वितरित किए गए स्वास्थ्य कार्ड

✅ अंबेडकर सभागार में देखा गया मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण

✅ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन

सारांश

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ।

सिद्धार्थनगर में शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड वितरित।

योजना के तहत ₹5 लाख तक निःशुल्क कैशलेस उपचार की सुविधा।

जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों को दी शुभकामनाएं और योजना की सराहना की।

टिप्पणी

उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी यह पहल चिकित्सा खर्च की चिंता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। योजना का उद्देश्य शिक्षकों और उनके आश्रितों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।

(यह समाचार जिला सूचना कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित है।)

माटीकला से आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: सिद्धार्थनगर में 6 उद्यमी सम्मानित, सांसद बोले- मिट्टी के उत्पादों को दें नई पहचान

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माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, जनप्रतिनिधियों ने स्वरोजगार और नवाचार पर दिया जोर

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सिद्धार्थनगर के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम (माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा) में माटीकला से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में छह लाभार्थियों को सम्मानित किया गया तथा स्वरोजगार, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया गया।

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सिद्धार्थनगर

उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की विपणन विकास सहायता एवं प्रचार-प्रसार योजना के अंतर्गत आयोजित माटीकला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल ने की। इस अवसर पर बांसी विधायक जय प्रताप सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह द्वारा अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत करने से हुई।

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि माटीकला से जुड़ी पारंपरिक कला एक समय समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और माटीकला बोर्ड के माध्यम से इसे नया जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि मिट्टी से बने उत्पाद अब देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक पहुंच रहे हैं। सरकार टूलकिट, प्रशिक्षण और ऋण जैसी योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और माटीकला उद्योग से जुड़ने की अपील की।

बांसी विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि माटीकला बोर्ड के गठन के बाद कुम्हार समुदाय को नई पहचान मिली है। प्रशिक्षण, मिट्टी की उपलब्धता और ऋण सुविधा के जरिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ माटीकला उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि सरकार की योजनाओं से पारंपरिक कारीगरों का मनोबल बढ़ा है और बैंकिंग सहायता के माध्यम से वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने माटीकला से जुड़े सभी उद्यमियों को शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने माटीकला बोर्ड से जुड़े छह लाभार्थियों को सम्मानित किया। अंत में मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी गंगाधर दुबे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में माटीकला उद्यमी उपस्थित रहे।

सारांश

माटीकला बोर्ड स्थापना पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

सांसद, विधायक, डीएम और सीडीओ की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम।

माटीकला से जुड़े 6 लाभार्थियों का सम्मान।

प्रशिक्षण, टूलकिट, ऋण और स्वरोजगार योजनाओं पर दिया गया जोर।

पारंपरिक माटीकला को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भरता का संदेश।


मुख्य बिंदु

स्थान: अंबेडकर सभागार, विकास भवन, सिद्धार्थनगर

आयोजन: उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड

6 लाभार्थी हुए सम्मानित

,स्वरोजगार प्रशिक्षण और ऋण योजनाओं की दी गई जानकारी

जनप्रतिनिधियों ने माटीकला को बढ़ावा देने का किया आह्वान

टिप्पणी

माटीकला केवल एक पारंपरिक कला नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम है। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम कारीगरों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

 

43वीं वाहिनी, स.सी.बल द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों हेतु निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन*

*43वीं वाहिनी, स.सी.बल द्वारा सीमावर्ती ग्रामीणों हेतु निःशुल्क मानव चिकित्सा शिविर का आयोजन*

दिनांक 25.07.2026 को नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल सिद्धार्थनगर द्वारा चिकित्सा अधिकारी डॉ राम विलास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शोहरतगढ़ के सहयोग से एफ-समवाय, खूनवा के अंतर्गत आने वाले Vribrant Village मदरहना जनुबी में शिविर लगाकर निःशुल्क मानव चिकित्सा सेवा प्रदान किया गया I इस शिविर के माध्यम से सीमाई क्षेत्र के गाँव महला,महली, मदरहना जनूबी, एवं पड़रहवा गाँव के 55 पुरुष ,38 महिला और 18 बच्चों के साथ कुल -111 लोगो का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवा वितरित किया गया I साथ ही ग्रामीणों को मौसम को ध्यान रखते हुए स्वच्छता, संतुलित आहार एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति जागरूक किया गया ।

उपरोक्त आयोजन के दौरान 43वीं वाहिनी स.सी.ब. सीमा चौकी खूनवा के समवाय प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह (सहायक कमान्डेंट) एवं सहायक उप निरीक्षक फार्मासिस्ट आशुतोष कुमार, आरक्षी/सामान्य शिवशंकर उपाध्याय,और कार्मिको के साथ-साथ स्थानीय ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे I

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