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हनुमान मंदिर से गूंजा स्वच्छता का संदेश, झाड़ू लेकर मैदान में उतरे सांसद व भाजपा कार्यकर्ता

“झाड़ू हाथ में, स्वच्छता का संकल्प साथ में; हनुमान मंदिर से भाजपा का बड़ा संदेश”


सिद्धार्थनगर, 06 जून।भारतीय जनता पार्टी द्वारा संचालित स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान के अंतर्गत शनिवार को नगर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में विशेष सफाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या तथा नगरपालिका अध्यक्ष गोविंद माधव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया।

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कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वयं झाड़ू लगाकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की, कूड़ा एकत्रित किया तथा आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अभियान के माध्यम से समाज को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया।

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इस अवसर पर सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छ और विकसित भारत का निर्माण संभव है तथा धार्मिक स्थलों की स्वच्छता समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करती है। उन्होंने सफाई कर्मियों को अंगवस्त्र भेंट कर उनके योगदान का सम्मान भी किया।

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जिला प्रभारी हरिचरण कुशवाहा ने कहा कि स्वच्छ वातावरण बेहतर स्वास्थ्य के साथ-साथ नगर की पहचान और सुंदरता को भी सुदृढ़ करता है। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने कार्यकर्ताओं से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा नियमित रूप से ऐसे अभियानों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

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कार्यक्रम में महामंत्री फतेह बहादुर सिंह, फूलचंद, घनश्याम मिश्रा, रमेश मणि, अरविंद पांडेय, हनुमंत सिंह, राजाराम, जहीर, बलवंत सिंह, राजेश जायसवाल सहित भाजपा के जिला एवं मंडल पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने स्वच्छता की शपथ लेते हुए अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने का संकल्प लिया।

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कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान के प्रति जनसमर्थन और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया।

सांसद ने किया वृक्षारोपण

सिद्धार्थनगर। 5 जून 2026/विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अंतर्गत आज ग्राम पंचायत पलिया टेकधर विकास खंड नौगढ़ में मुख्य अतिथि मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल की अध्यक्षता एवं जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी एन, पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, प्रभारी निदेशक सामाजिक वानिकी श्रीमती नीला एम की उपस्थिति में वृक्षारोपण का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

मुख्य अतिथि मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल को जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक एवं डीएफओ द्वारा बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि माननीय सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी का स्वागत करते हैं यह कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की आवाहन पर एवं केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर आज यह पहला कार्यक्रम वृक्षारोपण के रूप में मनाया जा रहा है एक पेड़ मां के नाम सभी को लगाना है। माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश जी ने पूरे प्रदेश में आज एक साथ पांच करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसके क्रम में आज जनपद सिद्धार्थनगर में 623000 पौधे लगाए जा रहे हैं। पर्यावरण आज असंतुलित हो रहा है दुनिया का तापमान लगातार बढ़ रहा है पर्यावरण बचाने का एक उपाय वृक्षारोपण है। पूरे विश्व की आबादी का भारत में 17ः लोग रहते हैं पानी का स्तर नीचे जा रहा है पानी का स्तर रोकने के लिए भी पेड़ लगाने की आवश्यकता है पेड़ों की जड़े पानी को रोकते हैं जल संरक्षण करें। माननीय सांसद डुमरियागंज में आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग, जिलाधिकारी पूरे जिला प्रशासन को इस कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु बधाई दिया गया।

जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी एन नई माने सांसद एवं अन्य सभी लोगों को विश्व पर्यावरण दिवस शुभकामनाएं दी। बच्चों द्वारा पर्यावरण के महत्व के बारे में बताया गया है। गर्मी का समाधान वृक्षारोपण से ही किया जा सकता है। आज जनपद में 6.23 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। सभी स्कूलों में भी पौधों पर किया जाएगा किसानों के साथ वार्ता कर उन्हें वृक्ष दिया जा रहा है मनरेगा से किसानों को मदद मिलेगा जनपद के सभी लोग एक पेड़ मां के नाम अवश्य लगे इससे पर्यावरण में सुधार होगा। मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल द्वारा सभी लोगो को पर्यावरण दिवस पर संकल्प दिलाया गया।

इसके पश्चात मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी एन, पुलिस अधीक्षक डॉ0 अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, प्रभारी निदेशक सामाजिक वानिकी श्रीमती नीला एम एवं अन्य मा0 जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारियों द्वारा पौधरोपड़ किया गया।

इस अवसर पर उपरोक्त पी डी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, डीसी एनआरएलएम देवनंदन दुबे, जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार, एसडीओ वन विभाग बीना तिवारी क्यों अपने संबंधित अधिकारी कर्मचारी स्काउट गाइड एवं स्कूल के बच्चे आदि उपस्थित थे।

जिला न्यायालय में पर्यावरण दिवस पर हुआ वृहद आयोजन

सिद्धार्थ नगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज दिनांक 05 जून 2026 को जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर परिसर में जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं पृथ्वी संरक्षण के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर श्री त्रिभुवन नाथ, माननीय पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सिद्धार्थनगर श्री अरविन्द कुमार राय एवं माननीय प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सिद्धार्थनगर श्री अखिलेश कुमार पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

 

उक्त अवसर पर श्री परवेज अहमद अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत, श्री बीरेन्द्र कुमार अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट, श्री कनिष्क कुमार सिंह अपर जनपद न्यायाधीश एफ०टी०सी० प्रथम, श्री अनुभव कटियार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री वकील सिविल जज सी०डि०/एफ०टी०सी०/प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री शिवेन्द्र शर्मा अपर सिविल जज जू०डि० कक्ष संख्या 2, श्री जयशंकर प्रसाद मिश्र सदस्य स्थायी लोक अदालत, श्री कृष्ण कुमार चतुर्वेदी सदस्य स्थायी लोक अदालत, श्री सुशील कुमार क्षेत्रीय वन अधिकारी खेसरहा तथा जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण व आमजनमानस उपस्थित रहें।

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, जल संसाधनों के संरक्षण तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति जन-जागरुकता उत्पन्न करना रहा। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों द्वारा विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधों का रोपण किया गया।

 

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवनदायी आधार हैं तथा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और जल संकट जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं उनके संरक्षण की आवश्यकता है। जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके संरक्षण हेतु वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए। साथ ही सभी उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प लिया गया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा तथा पर्यावरण संरक्षण संबंधी जन-जागरूकता गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनपद न्यायालय सिद्धार्थनगर की प्रतिबद्धता का प्रतीक रहा और सभी प्रतिभागियों ने हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु अपना योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।

उक्त आशय की जानकारी श्री वकील प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थनगर ने अपने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दिया है।

एक पेड़ मां के नाम: सिद्धार्थनगर में 6.23 लाख पौधों के रोपण का महाअभियान

विश्व पर्यावरण दिवस पर सांसद जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प।

सिद्धार्थनगर।

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर जनपद सिद्धार्थनगर में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया गया। विकास खंड नौगढ़ की ग्राम पंचायत पलिया टेकधर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह तथा सामाजिक वानिकी विभाग की प्रभारी निदेशक नीला एम की उपस्थिति में पौधरोपण किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर चल रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक ही दिन में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके तहत सिद्धार्थनगर जनपद में 6 लाख 23 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है।

सांसद ने कहा कि बढ़ता वैश्विक तापमान, जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन आज पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण ही प्रकृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का सबसे प्रभावी माध्यम है।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनपद के सभी विद्यालयों, ग्राम पंचायतों तथा किसानों के सहयोग से व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराया जा रहा है। उन्होंने लोगों से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान सांसद ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्काउट-गाइड के सदस्यों तथा स्कूली बच्चों ने पौधरोपण कर हरित सिद्धार्थनगर के निर्माण का संकल्प दोहराया।

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर सिद्धार्थनगर में 6.23 लाख पौधों के रोपण का अभियान शुरू हुआ। पलिया टेकधर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश दिया।

 

 

“17 साल का जनविश्वास: विकास की राह पर सिद्धार्थनगर के सारथी बने जगदंबिका पाल”

17 वर्षों की संसदीय यात्रा: सिद्धार्थनगर के विकास के पर्याय बने सांसद जगदंबिका पाल

जनपद में हर्ष का माहौल, जनता ने दी बधाई और शुभकामनाएं


इनसेट

सिद्धार्थनगर के लोकप्रिय सांसद जगदंबिका पाल ने सांसद के रूप में अपने 17 वर्ष का सफल संसदीय कार्यकाल पूरा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अवसर पर जनपदभर में खुशी का माहौल है और विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं जन संगठनों ने उन्हें बधाई दी है।

सिद्धार्थनगर

जनपद सिद्धार्थनगर के लोकप्रिय सांसद श्री जगदंबिका पाल द्वारा सांसद के रूप में 17 वर्ष का सफल एवं गौरवपूर्ण कार्यकाल पूर्ण किए जाने पर पूरे जिले में हर्ष और गर्व का वातावरण है। जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, व्यापारिक वर्ग तथा आम नागरिकों ने उन्हें इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

सांसद जगदंबिका पाल ने अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेलवे, पर्यटन, सिंचाई एवं आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए। उनके प्रयासों से सिद्धार्थनगर जनपद को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात मिली, जिससे जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।

जनपदवासियों का कहना है कि सांसद के रूप में उनके 17 वर्ष केवल राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि जनसेवा, विकास और समर्पण की एक मिसाल हैं। क्षेत्र की समस्याओं को संसद से लेकर शासन स्तर तक मजबूती से उठाने और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने के कारण उन्हें जनता का व्यापक समर्थन और विश्वास प्राप्त हुआ है।

सांसद जगदंबिका पाल की सक्रियता और विकासोन्मुखी सोच के कारण सिद्धार्थनगर में सड़क संपर्क, रेल सुविधाओं, पर्यटन विकास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को गति मिली। यही वजह है कि आज उनका संसदीय कार्यकाल जिले के लिए गौरव और सम्मान का विषय माना जा रहा है।

जनता की भावना

“सांसद जगदंबिका पाल का 17 वर्षों का संसदीय सफर सिद्धार्थनगर के विकास, जनसेवा और जनविश्वास की मजबूत कहानी है।”

सारांश

सांसद जगदंबिका पाल के 17 वर्ष के सफल संसदीय कार्यकाल पूर्ण होने पर सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। जनपदवासियों ने उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल राजनीतिक जीवन की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। जनता को विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में सिद्धार्थनगर विकास की नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।

 

“गिरा गेट, गई जान! ठेकेदार पर मुकदमा, जांच में खुलेंगी लापरवाही की परतें”

मौत का गेट! ठेकेदार पर एफआईआर, जांच टीम के पहुंचते ही खुलने लगीं लापरवाही की परतें

मधवापुर मछली मंडी हादसे में एक मजदूर की मौत, छह घायल; निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल

इनसेट

सिद्धार्थनगर के मधवापुर में निर्माणाधीन मछली मंडी का भारी गेट गिरने से हुई मजदूर की मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। हादसे के बाद पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि शासन और प्रशासन की जांच टीम मौके पर पहुंचकर पूरे निर्माण कार्य की पड़ताल में जुट गई है।

सिद्धार्थनगर

देवकली थाना क्षेत्र के मधवापुर में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन मछली मंडी में हुए दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को अचानक मुख्य प्रवेश द्वार का विशाल गेट भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि छह अन्य श्रमिक घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब मजदूर नियमित रूप से निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक तेज आवाज के साथ गेट धराशायी हो गया और वहां मौजूद मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

हादसे में गई एक मजदूर की जान

इस दर्दनाक दुर्घटना में 25 वर्षीय मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छह अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मजदूरों का इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया।

परिजनों की तहरीर पर दर्ज हुई एफआईआर

मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार यह मुकदमा प्रथम दृष्टया लापरवाही के आधार पर दर्ज किया गया है। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी।

मौके पर पहुंची जांच टीम

हादसे की गंभीरता को देखते हुए विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण किया और गेट गिरने के कारणों की जानकारी जुटाई।

जांच के दौरान निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रबंधों और कार्यदायी संस्था की भूमिका की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं।

कागजों में निगरानी, जमीन पर सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल निर्माण कार्य की निगरानी को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच और तकनीकी निरीक्षण हुआ होता तो इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।

जांच टीम इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा गेट की संरचना तकनीकी मानकों के अनुरूप थी या नहीं।

60 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका था निर्माण कार्य

सूत्रों के अनुसार मछली मंडी परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका था और परिसर को अंतिम रूप देने का काम चल रहा था। इसी दौरान मुख्य गेट का ढांचा गिरने से पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी निर्माणाधीन संरचना का अचानक गिर जाना निर्माण गुणवत्ता, डिजाइन या सुरक्षा प्रबंधन की गहन जांच की मांग करता है।

प्रशासन का सख्त संदेश

जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में

🔹 क्या निर्माण कार्य में मानक गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग हुआ?

🔹 क्या गेट निर्माण के दौरान तकनीकी परीक्षण कराया गया था?

🔹 क्या सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया गया?

🔹 क्या संबंधित अधिकारियों ने समय-समय पर निरीक्षण किया था?

🔹 आखिर मजदूर की मौत का जिम्मेदार कौन?

सारांश

मधवापुर मछली मंडी हादसे ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मजदूर की मौत और छह लोगों के घायल होने के बाद पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रही है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

 

“दहेज मृत्यु प्रकरण में बड़ा एक्शन: 72 घंटे में आरोपी गिरफ्तार”

72 घंटे में पुलिस के शिकंजे में आया दहेज मृत्यु प्रकरण का नामजद आरोपी

परसा रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तारी, न्यायालय भेजा गया आरोपी

सीओ मयंक द्विवेदी के निर्देशन और शोहरतगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई

विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा एक्शन, दहेज मृत्यु प्रकरण में नामजद आरोपी गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर। जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज दहेज मृत्यु प्रकरण में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य नामजद आरोपी को घटना के 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया है। विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मायके पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस अभिलेखों और शिकायतकर्ता द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, बलरामपुर जनपद के पचपेड़वा क्षेत्र स्थित ग्राम सेहरीहवा निवासी राजेन्द्र यादव ने थाना शोहरतगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री खुशबू यादव की शादी लगभग पांच वर्ष पूर्व थाना शोहरतगढ़ क्षेत्र के ग्राम पड़रिया निवासी दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ पुत्र मन्नु यादव के साथ हुई थी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित किया जाने लगा। तहरीर में आरोप लगाया गया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। शिकायतकर्ता के अनुसार घटना से पूर्व भी कई बार इसकी जानकारी परिवार को दी गई थी।

मायके पक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि 2 जून 2026 को विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। इसके बाद मृतका के पिता ने पति दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ, उसकी माता, तथा परिवार की अन्य महिलाओं इन्द्रवती और सुन्दरवती के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न एवं दहेज मृत्यु के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना शोहरतगढ़ पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 97/2026 पंजीकृत किया। पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश पर अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई।

पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ को परसा रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी करते हुए आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका

गिरफ्तारी अभियान में—

🔹 उपनिरीक्षक परमानन्द राय

🔹 हेड कांस्टेबल मनोज प्रसाद

ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से आरोपी को घटना के 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

सारांश

✔️ विवाहिता की संदिग्ध मौत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

✔️ दहेज उत्पीड़न और दहेज मृत्यु के आरोप

✔️ मुख्य आरोपी दिनेश यादव उर्फ बुडाऊ गिरफ्तार

✔️ 72 घंटे के भीतर शोहरतगढ़ पुलिस की कार्रवाई

✔️ परसा रेलवे क्रॉसिंग के पास से हुई गिरफ्तारी

✔️ आरोपी को न्यायालय भेजा गया

✔️ विवेचना अभी जारी

संपादकीय सुरक्षा

यह समाचार शिकायतकर्ता की तहरीर, दर्ज एफआईआर तथा पुलिस प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में विचारण एवं पुलिस विवेचना के निष्कर्षों के अधीन है। इसलिए खबर पत्रकारिता और कानूनी दृष्टि से संतुलित एवं सुरक्षित है।

मीडिया और प्रशासन के बीच सेतु रहे विमलेश कुमार, विदाई संदेश ने किया भावुक

मीडिया और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद की कड़ी रहे विमलेश कुमार, स्थानांतरण पर जताया आभार


सिद्धार्थनगर में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी निभाने के बाद अपर जिला सूचना अधिकारी विमलेश कुमार का स्थानांतरण बहराइच जनपद हो गया है। स्थानांतरण के अवसर पर उन्होंने जिले के पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भावुक संदेश जारी किया है।

सिद्धार्थनगर।जनपद में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और मीडिया जगत के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अपर जिला सूचना अधिकारी विमलेश कुमार का स्थानांतरण बहराइच जनपद में हो गया है। स्थानांतरण की सूचना के साथ उन्होंने मीडिया बंधुओं के नाम जारी अपने संदेश में सिद्धार्थनगर में बिताए गए समय को यादगार बताते हुए सभी पत्रकारों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

अपने संदेश में विमलेश कुमार ने कहा कि सिद्धार्थनगर में कार्यकाल के दौरान मीडिया का सहयोग, मार्गदर्शन और सकारात्मक सहभागिता हमेशा उन्हें प्राप्त हुई। इसी सहयोग के कारण शासन की योजनाओं, जनहितकारी कार्यक्रमों तथा विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की सूचनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सफलता मिली।

उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों का हिस्सा रहेगा। यहां के पत्रकारों, मीडिया प्रतिनिधियों और सहयोगियों से मिला स्नेह, विश्वास और आत्मीयता हमेशा उनके साथ रहेगी।

स्थानांतरण की सूचना सामने आने के बाद मीडिया जगत से जुड़े कई लोगों ने भी उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी हैं। प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने में उनकी भूमिका को भी याद किया जा रहा है।

विमलेश कुमार ने अपने संदेश के अंत में सभी पत्रकार साथियों के उत्तम स्वास्थ्य, निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पुनः धन्यवाद ज्ञापित किया।

सिद्धार्थनगर से उनकी विदाई के साथ ही एक ऐसे अधिकारी का अध्याय भी पूर्ण हुआ, जिन्होंने सूचना के प्रवाह और मीडिया समन्वय को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। हालांकि स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन उनके संदेश ने अनेक लोगों को भावुक भी कर दिया है।

“तुलसियापुर हादसे पर उठे सवाल, 20 लाख मुआवजे की मांग”

तुलसियापुर हादसे पर सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा ने उठाए गंभीर सवाल, 20 लाख मुआवजा और जांच की मांग


निर्माणाधीन स्वागत द्वार हादसे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग


🔹 मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग

🔹 घायलों के समुचित उपचार और सहायता की मांग

🔹 निर्माण कार्य कराने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग

🔹 पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मानकों की जांच की मांग

🔹 सपा नेता मणेन्द्र मिश्रा ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति

🔹 तुलसियापुर हादसे में एक मजदूर की मौत, चार घायल


सारांश

तुलसियापुर में निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मृतक परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने, घायलों के बेहतर उपचार तथा निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के तुलसियापुर चौराहे पर निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से हुए दर्दनाक हादसे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों और घायल मजदूरों के लिए व्यापक राहत एवं सहायता की मांग की है।

जारी विज्ञप्ति में मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि तुलसियापुर में निर्माणाधीन स्वागत द्वार गिरने से एक मजदूर की जान चली गई, जबकि कई अन्य मजदूर घायल हुए हैं। यह घटना अत्यंत दुःखद है और इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए ताकि हादसे के वास्तविक कारण सामने आ सकें।

उन्होंने कहा कि यह निर्माण कार्य प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संचालित मत्स्य विकास परियोजना से जुड़ा बताया जा रहा है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

सपा नेता ने मांग की कि हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही घायल मजदूरों के उपचार, पुनर्वास और उनके स्वस्थ होने तक आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाए।

मणेन्द्र मिश्रा ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा मानकों के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार संबंधित फर्म और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्य कराने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की भी मांग उठाई।

विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस दुःख की घड़ी में मृतक परिवार और घायल मजदूरों के साथ खड़ी है तथा प्रशासन से अपेक्षा करती है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।

उल्लेखनीय है कि तुलसियापुर क्षेत्र में निर्माणाधीन स्वागत द्वार का ढांचा गिरने से एक मजदूर की मृत्यु हो गई थी जबकि चार अन्य मजदूर घायल हो गए थे। घटना के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और संबंधित विभागों द्वारा तथ्य जुटाए जा रहे हैं।

 

15 दिन पहले जिस बेटी को समझौते के बाद विदा किया था, आज उसी की मौत की खबर ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

फंदे से लटका मिला विवाहिता का शव, परिजनों की तहरीर पर पति समेत चार नामजद; ढाई साल का मासूम मां की ममता से हुआ वंचित


संदिग्ध मौत से उठे कई सवाल, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच


रिश्ते बचाने की कोशिश या जिंदगी की आखिरी विदाई?

15 दिन पहले हुए विवाद के बाद मायके आई थी बेटी, समझौते के बाद लौटी ससुराल, अब फंदे से लटका मिला शव


सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में एक विवाहिता का शव फंदे से लटका मिलने के बाद पूरे इलाके में शोक और चर्चा का माहौल है। मृतका के परिजनों ने पति एवं ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतका अपने पीछे ढाई वर्ष का मासूम पुत्र छोड़ गई है, जो अब मां के स्नेह और ममता से वंचित हो गया है।

जिस घर से बेटी की विदाई हुई थी, वहीं से आई मौत की खबर

सिद्धार्थनगर। एक पिता ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस बेटी को कुछ दिन पहले रिश्तों को बचाने और घर-परिवार को संवारने की उम्मीद के साथ ससुराल विदा किया था, कुछ ही दिनों बाद उसी बेटी की मौत की खबर उसे भीतर तक तोड़ देगी। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक विवाहिता की संदिग्ध मौत ने न केवल एक परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है, बल्कि कई ऐसे सवाल भी खड़े कर दिए हैं जिनके जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

मृतका का शव ससुराल में फंदे से लटका मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए।

परिजनों का कहना है कि विवाह के बाद से समय-समय पर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रही। उनके अनुसार घटना से लगभग 15 दिन पहले भी पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। उस समय पिता अपनी बेटी को मायके ले आए थे और मामले को लेकर शिकायत भी की गई थी। बाद में सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर बातचीत हुई। रिश्तों को बचाने और बेटी का घर बसाए रखने की उम्मीद में उसे दोबारा ससुराल भेज दिया गया।

लेकिन परिवार को क्या पता था कि यह विदाई शायद आखिरी साबित होगी।

कुछ ही दिनों बाद आई सूचना ने पूरे परिवार की दुनिया बदल दी। विवाहिता का शव फंदे से लटका मिलने की खबर सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना के बाद क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

मां चली गई, ढाई साल का मासूम रह गया अकेला

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मार्मिक और झकझोर देने वाला पहलू एक ढाई साल का मासूम बच्चा है, जो अभी ठीक से दुनिया को समझ भी नहीं पाया है। उसे शायद यह भी नहीं पता कि उसकी मां अब कभी उसे गोद में नहीं उठा पाएगी।

एक ओर परिवार अपनी बेटी को खोने के दर्द से गुजर रहा है, वहीं दूसरी ओर एक मासूम का बचपन मां की ममता से वंचित हो गया है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में भी इस घटना को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी

मृतका के परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्य, गवाहों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

समाज के लिए एक सवाल

यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है। वैवाहिक जीवन में उत्पन्न होने वाले विवाद, पारिवारिक तनाव और महिलाओं की सुरक्षा जैसे विषय आज भी चिंता का कारण बने हुए हैं। हालांकि इस मामले में सच्चाई क्या है, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा, लेकिन एक परिवार की बेटी की मौत और एक मासूम बच्चे का मां से बिछड़ जाना निश्चित रूप से हर संवेदनशील व्यक्ति को सोचने पर मजबूर करता है।

FT News Digital विशेष

15 दिन पहले जिस बेटी को समझौते के बाद विदा किया था, आज उसी की मौत की खबर ने उजाड़ दिया पूरा परिवारपरिवार की खुशियां बिखर गईं और एक मासूम की दुनिया बदल गई। अब पूरे मामले में न्याय और सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

 

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