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कपिलवस्तु में गूंजा ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का मंचन, नाटक के जरिए सामने आई मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन की कहानी

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में संवाद, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुत किए गए प्रसंग

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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा, समर्पण और सुशासन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम नगर पालिका सिद्धार्थनगर स्थित अवैद्यनाथ सभागार में हुआ, जहां मंच पर कलाकारों ने संवाद, अभिनय और संगीत के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को प्रस्तुत किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा का ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रदेश में अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में कपिलवस्तु विधानसभा में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का मंचन हुआ। मंच पर कलाकारों ने अभिनय और संवाद के माध्यम से मोदी के सार्वजनिक जीवन की विभिन्न अवस्थाओं तथा शासन और जनकल्याण से जुड़े प्रसंगों को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया।

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कार्यक्रम की शुरुआत निर्धारित विधि से हुई, जिसके बाद मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। भगवा परिधान में कलाकारों की टीम ने सामूहिक प्रस्तुति, संवाद और संगीत के माध्यम से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। मंच के पीछे लगाए गए बैनर में ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ कार्यक्रम की थीम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े संदेश प्रदर्शित किए गए।

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नाट्य प्रस्तुति में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनकी भूमिका तक के अलग-अलग प्रसंगों को मंचित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन से जुड़े विषयों को भी नाट्य रूपांतरण के जरिए दर्शकों के सामने रखा गया।

 

भाजपा की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम उस व्यापक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ जैसे कार्यक्रमों को विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।


कार्यक्रम में क्या रहा खास

‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ का नाट्य मंचन

संवाद, अभिनय और संगीत के जरिए प्रस्तुति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों का मंचन

जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन से जुड़े विषयों की प्रस्तुति

भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद


अभियान का संदर्भ

भाजपा द्वारा चलाया जा रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाए जाने की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में दी गई है। अभियान के तहत ‘नमो सेवा’ सहित कई कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा से जुड़े प्रसंगों को लोगों तक पहुंचाने की योजना बताई गई है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा मंडल अध्यक्ष सतीश रस्तोगी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में दीपक मौर्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के आयोजन में सदर विधायक श्याम धनी राही की भूमिका रही।

इस अवसर पर फतेह बहादुर सिंह, पवन मिश्रा, फूल चंद जायसवाल, आशीष शुक्ला, प्रभात तिवारी, विजय कांत चतुर्वेदी, एसपी अग्रवाल, श्याम सुंदर मित्तल, मनोज लोधी, अरविन्द पाण्डेय, उमेश साहू, राजाराम लोधी, संदीप जायसवाल, अजय शर्मा सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सारांश

कपिलवस्तु विधानसभा में आयोजित ‘नमो सेवा—अनकही कहानियां’ केवल एक सामान्य सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं रही, बल्कि भाजपा के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रसंगों को नाट्य माध्यम से प्रस्तुत करने वाला कार्यक्रम रहा। मंच पर अभिनय और संवाद के जरिए राजनीतिक जीवन, सेवा और शासन से जुड़े प्रसंगों को दर्शकों के सामने रखा गया।

टिप्पणी

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक प्रसंगों को भाषण के बजाय नाट्य और सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इससे कार्यक्रम को एक अलग मंचीय स्वरूप मिला। उपलब्ध तस्वीरों में मंच पर कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति और सभागार में उपस्थित दर्शक भी दिखाई दे रहे हैं।

 

 

ग्राम पंचायतों की समस्याओं को लेकर प्रधान संगठन ने सौंपा ज्ञापन, पांच प्रमुख मांगों पर शासन से कार्रवाई की मांग

सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों और ग्राम प्रधानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्राम प्रधान संगठन की ओर से 24 सितंबर 2026 को विकास भवन परिसर में ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के संचालन, लंबित भुगतान, मनरेगा की धनराशि, ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की स्वीकृति तथा पंचायत राहत कोष से जुड़े मुद्दों को शासन के समक्ष रखा।

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संगठन की ओर से यह ज्ञापन मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम मुख्य विकास अधिकारी, जनपद सिद्धार्थनगर के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन में ग्राम प्रधानों की ओर से वर्तमान समय में सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है।


पांच मांगों के जरिए उठाए पंचायत व्यवस्था से जुड़े मुद्दे


ज्ञापन में ग्राम पंचायतों को मिलने वाली केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि शीघ्र जारी कराने, मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों की लंबित धनराशि और सामग्री मद सहित अन्य बकाया भुगतान कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई। साथ ही स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की स्वीकृति ग्राम पंचायत स्तर से सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।


मानदेय और पंचायत राहत कोष का भी मुद्दा


संगठन ने मांग की कि जिस प्रकार ग्राम प्रधानों को उनके दायित्वों एवं कार्यों के लिए मानदेय दिया जाता है, उसी प्रकार ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासनिक कर्मियों को भी उनके कार्यकाल के दौरान उचित मानदेय प्रदान किया जाए।

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ज्ञापन में पंचायत राहत कोष को पुनः शुरू/गठित किए जाने की मांग भी की गई है। संगठन का कहना है कि इससे किसी प्रशासक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके वारिस को पूर्व की भांति राहत अनुदान उपलब्ध कराया जा सकेगा।


| ज्ञापन में रखी गई पांच प्रमुख मांगें


1. केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि:

ग्राम पंचायतों को प्राप्त होने वाली केंद्रीय वित्त की लंबित धनराशि शीघ्र जारी कराई जाए, जिससे ग्राम पंचायतों में आवश्यक विकास एवं जनहित के कार्य सुचारु रूप से कराए जा सकें।

2. मनरेगा का बकाया भुगतान:

ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों की लंबित धनराशि, सामग्री मद सहित अन्य बकाया भुगतान शीघ्र कराया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।

3. ग्राम पंचायत स्तर पर स्वीकृति:

स्थानीय आवश्यकताओं एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की स्वीकृति की व्यवस्था ग्राम पंचायत स्तर से ही सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई।

4. प्रशासनिक कर्मियों के मानदेय का मुद्दा:

ग्राम प्रधानों को उनके दायित्वों एवं कार्यों के लिए जिस प्रकार मानदेय प्रदान किया जाता है, उसी प्रकार ग्राम पंचायतों में नियुक्त प्रशासनिक कर्मियों को भी कार्यकाल के दौरान उचित मानदेय दिए जाने की मांग रखी गई।

5. पंचायत राहत कोष:

पंचायत राहत कोष को पुनः गठित किए जाने की मांग की गई, ताकि किसी प्रशासक की मृत्यु होने की स्थिति में उनके वारिस को पूर्व की भांति राहत अनुदान प्राप्त हो सके।


मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील


ज्ञापन के अंत में मुख्यमंत्री से ग्राम प्रधानों एवं ग्राम पंचायतों की उपरोक्त समस्याओं की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।


मौके पर मौजूद रहे पदाधिकारी व प्रतिनिधि


ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा, जिला अध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र, ताकिब रिजवी, गंगा मिश्र, नीरज सिंह, पारस यादव, प्रदीप चौरसिया और दिनेश धर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। विकास भवन परिसर में बड़ी संख्या में प्रधान संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी रही।

सारांश

ग्राम प्रधान संगठन द्वारा दिए गए ज्ञापन में पंचायतों के सामने बताए गए वित्तीय और प्रशासनिक मुद्दों को पांच बिंदुओं में सामने रखा गया है। अब इन मांगों पर शासन एवं संबंधित विभागों की ओर से क्या कार्रवाई होती है, यह आगे देखने वाली बात होगी।

FT News Digital | सिद्धार्थनगर

जनहित से जुड़े मुद्दों पर तथ्य आधारित और संतुलित खबरों के लिए जुड़े रहिए।

उद्योग-व्यापार संगठन में कंचन वर्मा को मिली नई जिम्मेदारी

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बर्डपुर व्यापार इकाई की बैठक में सर्वसम्मति से संगठन मंत्री घोषित, व्यापारियों की समस्याओं को मजबूती से उठाने का संकल्प


सिद्धार्थनगर/बर्डपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की जिला इकाई की बैठक में संगठन के विस्तार और व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान बर्डपुर व्यापार इकाई के व्यवसायी कंचन वर्मा को सर्वसम्मति से संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कंचन वर्मा ने संगठन के प्रति निष्ठापूर्वक कार्य करने और व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने की बात कही।


शुक्रवार देर शाम मुख्यालय स्थित जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में संगठनात्मक विस्तार को लेकर पदाधिकारियों और सदस्यों ने विचार-विमर्श किया। चर्चा के बाद बर्डपुर इकाई में कंचन वर्मा को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपे जाने की घोषणा की गई। इस मौके पर संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।


बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अजय कसौधन ने की। बैठक में संगठन को स्थानीय स्तर पर और सक्रिय बनाने तथा व्यापारियों से जुड़े विषयों को प्रभावी तरीके से उठाने पर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के बाद कंचन वर्मा को जिला इकाई का संगठन मंत्री घोषित किया गया।


जिम्मेदारी मिलने के बाद कंचन वर्मा ने कहा कि संगठन ने उन्हें जो दायित्व सौंपा है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करने का प्रयास रहेगा। उन्होंने व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को संगठन के माध्यम से संबंधित स्तर तक पहुंचाने की बात कही।


संगठन में नई जिम्मेदारी


कंचन वर्मा — संगठन मंत्री

बर्डपुर व्यापार इकाई से जुड़े कंचन वर्मा को जिला इकाई में संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सहमति के बाद यह निर्णय सामने आया।


बैठक में ये मुद्दे रहे प्रमुख

संगठन के विस्तार पर चर्चा

व्यापारियों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श

स्थानीय इकाइयों को सक्रिय करने पर जोर

संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प

नई जिम्मेदारी के लिए कंचन वर्मा के नाम की घोषणा

संगठन की ओर से क्या कहा गया?

बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने व्यापारियों से जुड़े विषयों को संगठित तरीके से सामने रखने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने पर जोर दिया। कंचन वर्मा की नई जिम्मेदारी को इसी क्रम में देखा जा रहा है।

सारांश

बर्डपुर में उद्योग व्यापार संगठन की बैठक के दौरान संगठनात्मक विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में कंचन वर्मा को सर्वसम्मति से संगठन मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने संगठन के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने की बात कही।

टिप्पणी

किसी भी संगठन की मजबूती उसकी सक्रिय स्थानीय इकाइयों और सदस्यों की भागीदारी से तय होती है। बर्डपुर इकाई में नई जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब संगठनात्मक गतिविधियों को किस तरह गति मिलती है, यह आगे की कार्यप्रणाली से स्पष्ट होगा।

उपस्थित रहे: संरक्षक अखंड प्रताप सिंह, जिला प्रभारी राणा प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष अजय कसौधन, महामंत्री भीम चंद कसौधन, संरक्षक बैजनाथ कसौधन, जितेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष आनंद अग्रहरी, राम स्वरूप अग्रहरी, रणजीत कसौधन, शिवदत्त अग्रहरी, नीरज श्रीवास्तव सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य।

 

 

बारिश ने बिगाड़ी बिजली व्यवस्था, आठ फीडरों की आपूर्ति प्रभावित

पेड़ और बिजली के पोल गिरने से मुख्य लाइनें क्षतिग्रस्त, करीब 800 गांवों में संकट; कई इलाकों में 24 से 36 घंटे तक बिजली बाधित

सिद्धार्थनगर। लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह पेड़ गिरने और विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से मुख्य लाइनों में व्यवधान आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आठ फीडरों से जुड़े करीब 800 गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, जबकि कुछ इलाकों में 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की बात सामने आई है। विद्युत विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों और पोल को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं।


लगातार बारिश ने जिले के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को प्रभावित कर दिया। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जबकि कुछ जगह पोल टूट गए। इससे कई फीडरों से जुड़े गांवों में अंधेरा छाया रहा। बारिश जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में भी कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।


के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर घरों से लेकर दुकानों और अन्य जरूरी गतिविधियों पर पड़ा। बिजली न रहने से इन्वर्टर और मोबाइल चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई।

क्या सामने आया

जानकारी के मुताबिक जिले के विभिन्न हिस्सों में बिजली के पोल और लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। आठ फीडरों पर आपूर्ति प्रभावित होने की सूचना है। करीब 350 से अधिक विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने का अनुमान है, जबकि लगभग 800 गांवों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है। कुछ क्षेत्रों में पिछले 24 से 36 घंटे तक आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी भी सामने आई।


बांसी क्षेत्र के कुछ फीडरों के साथ ढेबरुआ, बोहली और बढ़नी क्षेत्र से जुड़ी विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित बताई गई। कई स्थानों पर मुख्य लाइनों पर पेड़ गिरने से फाल्ट की स्थिति बनी।


उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी

लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। घरों में इन्वर्टर की बैटरी खत्म होने के बाद मोबाइल और अन्य जरूरी उपकरण चार्ज करने में दिक्कत आई। बारिश और अंधेरे के कारण रात के समय परेशानी और बढ़ गई।

मरम्मत कार्य में मौसम बना चुनौती

विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार बारिश और तेज हवा के बीच क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत करना आसान नहीं है। जहां केवल तारों की मरम्मत संभव है, वहां कर्मचारी काम कर रहे हैं, लेकिन जिन स्थानों पर विद्युत पोल टूट गए हैं, वहां नए पोल लगाने में समय लग रहा है। विभागीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं।


बारिश थमने के बाद विद्युत बहाली के काम में तेजी आने की उम्मीद है। विभाग की ओर से फाल्ट वाले स्थानों को चिन्हित कर चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में पोल और मुख्य लाइनें ज्यादा क्षतिग्रस्त हैं, वहां बहाली में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है।

सड़क मार्गों पर भी असर

तेज हवा और बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस और वन विभाग की टीमों ने कुछ स्थानों पर पेड़ हटाकर रास्ता साफ कराया।


सारांश

सिद्धार्थनगर में लगातार बारिश के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई है। आठ फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित होने की सूचना है। 350 से अधिक पोल क्षतिग्रस्त होने और करीब 800 गांवों में बिजली संकट की जानकारी सामने आई है। विभागीय कर्मचारी मरम्मत कार्य में लगे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण बहाली की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

FT News Digital की सावधानी: जहां आंकड़े अनुमान या विभागीय जानकारी पर आधारित हैं, उन्हें उसी रूप में रखा गया है। किसी व्यक्ति या विभाग पर लापरवाही का आरोप नहीं लगाया गया है। अंतिम अपडेट के लिए संबंधित विद्युत विभाग की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

बढ़नी बॉर्डर पर 11 लाख रुपये की नकदी के साथ चार नेपाली नागरिक पकड़े गए

बिल्कुल। उपलब्ध अखबारी कटिंग की जानकारी को ज्यों-का-त्यों कॉपी किए बिना, अलग शब्दों और डिजिटल न्यूज़-पोर्टल शैली में तैयार किया गया है। आरोप/दावे को संबंधित सुर

मुंबई से कपिलवस्तु लौट रहा था परिवार, एसएसबी की जांच में नकदी मिलने का दावा

सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा के बढ़नी चेकपोस्ट पर नियमित जांच के दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों के पास से करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद किए जाने की जानकारी दी है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद एसएसबी ने नकदी और पकड़े गए लोगों को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग के सुपुर्द किए जाने की बात कही है।


 क्या है मामला?

बढ़नी भारत-नेपाल सीमा पर नियमित जांच के दौरान कार्रवाई।

एसएसबी के अनुसार करीब 11 लाख रुपये की भारतीय नकदी मिली।

परिवार के चार सदस्यों को जांच के लिए रोका गया।

सभी को आगे की कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंपे जाने की जानकारी।

परिवार मुंबई से नेपाल के कपिलवस्तु लौट रहा था।


बढ़नी सीमा पर नियमित चेकिंग के दौरान एसएसबी की टीम ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में भारतीय मुद्रा मिलने की जानकारी सामने आई। एसएसबी के मुताबिक बरामद नकदी की रकम करीब 11 लाख रुपये है। मामले को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंपा गया है।

सारांश

भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के बढ़नी चेकपोस्ट पर शुक्रवार रात नियमित जांच अभियान के दौरान एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों को जांच के लिए रोका। एसएसबी के अनुसार तलाशी में करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा मिली। पूछताछ के बाद नकदी और संबंधित लोगों को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया गया।

टिप्पणी

सीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नकदी की आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियां नियमित रूप से जांच करती हैं। इस मामले में बरामद धनराशि के संबंध में वास्तविक स्रोत, उद्देश्य और वैधता से जुड़े तथ्यों की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जानी है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।


बढ़नी बॉर्डर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। भारत-नेपाल सीमा पर नियमित जांच के दौरान एसएसबी ने एक नेपाली नागरिक और उसके परिवार के सदस्यों के पास से करीब 11 लाख रुपये की भारतीय नकदी मिलने की जानकारी दी है। परिवार मुंबई से कपिलवस्तु की ओर जा रहा था। एसएसबी ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद मामले को आगे की जांच के लिए सीमा शुल्क विभाग को सौंप दिया है।


जानकारी के मुताबिक 50वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बलरामपुर की बढ़नी इकाई के जवान भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय चेकपोस्ट पर नियमित तलाशी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान नेपाल के कपिलवस्तु जिले के बहादुरगंज निवासी अब्दुल वाहिद, उम्र करीब 50 वर्ष, अपने परिवार के साथ नेपाल जाने के लिए सीमा पर पहुंचे।

एसएसबी के अनुसार जांच के दौरान परिवार के सामान की तलाशी ली गई। इसी दौरान करीब 11 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित लोगों से प्रारंभिक पूछताछ की गई।

एसएसबी की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार बरामद नकदी और परिवार के चार सदस्यों को आगे की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए सीमा शुल्क विभाग, बढ़नी के सुपुर्द कर दिया गया है।

अब मामले में संबंधित विभाग द्वारा नकदी के स्रोत, उसके उपयोग और सीमा पार ले जाने से जुड़े नियमों के संबंध में जांच की जाएगी। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

 

सिद्धार्थनगर में बारिश का असर: राप्ती-बूढ़ी राप्ती समेत नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर डीएम-एसपी ने बांसी और ककरही पहुंचकर लिया जायजा, सिंचाई विभाग को बंधों की लगातार निगरानी के निर्देश

सिद्धार्थनगर में बारिश का असर: राप्ती-बूढ़ी राप्ती समेत नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर

डीएम-एसपी ने बांसी और ककरही पहुंचकर लिया जायजा, सिंचाई विभाग को बंधों की लगातार निगरानी के निर्देश

सिद्धार्थनगर, 26 सितंबर 2026। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच प्रशासन ने नदियों और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने शनिवार को राप्ती नदी के बांसी क्षेत्र और बूढ़ी राप्ती नदी के ककरही क्षेत्र का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

लीड | जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट

लगातार बारिश के कारण सिद्धार्थनगर से होकर गुजरने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर की 26 सितंबर शाम 4 बजे की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के स्तर से नीचे है, लेकिन कूड़ा नदी के आलमनगर गेज पर जलस्तर 87.20 मीटर दर्ज किया गया, जो निर्धारित खतरे के स्तर 87.20 मीटर के बराबर है। वहीं बूढ़ी राप्ती के ककरही गेज पर जलस्तर 85.60 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के स्तर 85.65 मीटर से महज 5 सेंटीमीटर नीचे है।

ऐसे में प्रशासन ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।

मौके पर पहुंचे डीएम और एसपी

भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने नदी तटों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों से जलस्तर और तटबंधों की स्थिति की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंधों की लगातार निगरानी की जाए और किसी भी संभावित समस्या की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि बारिश और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

डीएम की लोगों से अपील

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने जिले के लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। नदी, तटबंध और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।

| 26 सितंबर शाम 4 बजे की प्रमुख स्थिति

बांसी राप्ती: 82.91 मीटर — खतरे के स्तर से 1.99 मीटर नीचे

ककरही बूढ़ी राप्ती: 85.60 मीटर — खतरे के स्तर से सिर्फ 0.05 मीटर नीचे

परसौहन बूढ़ी राप्ती: 93.99 मीटर — खतरे के स्तर से 1.56 मीटर नीचे

मुंडेरवा बूढ़ी राप्ती: 89.48 मीटर — खतरे के स्तर से 1.31 मीटर नीचे

कूड़ा नदी आलमनगर: 87.20 मीटर — खतरे के स्तर के बराबर

उसका कूड़ा नदी: 81.40 मीटर — खतरे के स्तर से 2.12 मीटर नीचे

घोंघी लोटन: 84.50 मीटर — खतरे के स्तर से 2.50 मीटर नीचे

तेलार नाला: 86.80 मीटर — खतरे के स्तर से 0.70 मीटर नीचे

जमुआर नाला: 81.25 मीटर — खतरे के स्तर से 3.64 मीटर नीच

बारिश के बीच नदी किनारे पहुंचे डीएम-एसपी, जलस्तर और तटबंधों की स्थिति का लिया जायजा। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत होने पर ही घर से निकलने की अपील की।

खतरे के स्तर तक पहुंचा कूड़ा नदी का जलस्तर और ककरही में खतरे के निशान से महज 5 सेंटीमीटर नीचे पानी होने के कारण प्रशासन की निगरानी अहम हो गई है। हालांकि, सभी गेजों की स्थिति एक जैसी नहीं है और कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के स्तर से नीचे दर्ज किया गया है।

 

बारिश के बीच मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन हाजिरी पर सवाल, बर्डपुर में जमीनी सत्यापन की मांग

सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार खराब मौसम और बारिश के बीच विकासखंड बर्डपुर की कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। 25 सितंबर 2026 के उपलब्ध NMMS रिकॉर्ड में कई कार्यस्थलों पर बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है। वहीं प्राप्त जानकारी में कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति क्या एक जैसी है? इसकी पुष्टि के लिए संबंधित कार्यस्थलों का भौतिक निरीक्षण और सरकारी अभिलेखों का मिलान जरूरी है।

चार ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड पर सवाल

1. बजहा ग्राम पंचायत

उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड में “जरबी पुल से विजय के खेत तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है। रिकॉर्ड में 69 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई है।

प्राप्त जानकारी में मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, इसकी वास्तविक पुष्टि संबंधित अधिकारियों के स्थलीय निरीक्षण से ही हो सकेगी।

2. बरगढ़ी ग्राम पंचायत

यहां रिकॉर्ड में “कैलाश के खेत से विजय के खेत तक चकरोड पर मिट्टी पटाई कार्य” दर्ज है।

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 79 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई देती है। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति और मौके पर वास्तविक श्रमिकों की मौजूदगी का मिलान किए जाने की आवश्यकता है।

3. बर्डपुर नंबर-10

रिकॉर्ड में “पुलिया से नोखनिया पोखर तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज है। मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

4. बर्डपुर नंबर-7

यहां “पंचम के खेत से बगीचे तक नाला खुदाई कार्य” दर्ज है।

रिकॉर्ड में 59 श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई गई है। वहीं प्राप्त जानकारी में मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।

🌧️ खराब मौसम के बीच दर्ज हुई हाजिरी

मौसम को लेकर भी तस्वीर महत्वपूर्ण है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की 25 सितंबर 2026 की चेतावनी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए 25 और 26 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं जैसी स्थितियों की चेतावनी दर्ज थी। �

Mausam

इसी दौरान बर्डपुर क्षेत्र के इन मनरेगा कार्यों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है।

यहीं से सवाल उठता है—

क्या उस समय श्रमिक वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद थे?

क्या निर्धारित कार्य मौके पर हो रहा था?

और—

क्या ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति का भौतिक सत्यापन किया गया है?

इन सवालों का जवाब रिकॉर्ड और स्थलीय जांच से ही सामने आएगा।

🔎 सिर्फ ऑनलाइन रिकॉर्ड से निष्कर्ष नहीं

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ऑनलाइन उपस्थिति दिखाई देना अपने आप में अनियमितता का प्रमाण नहीं है।

केंद्र सरकार के आधिकारिक MGNREGA पोर्टल पर NMMS के माध्यम से कार्यस्थल की दैनिक उपस्थिति दर्ज किए जाने की व्यवस्था उपलब्ध है। �

NREGA

इसलिए इस मामले में वास्तविक स्थिति जानने के लिए—

NMMS की 25 सितंबर की उपस्थिति,

मस्टर रोल,

संबंधित जॉब कार्ड,

कार्यस्थल का भौतिक निरीक्षण,

कार्य की वास्तविक प्रगति,

माप पुस्तिका और अन्य संबंधित अभिलेख

का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।

❓ प्रशासन के सामने बड़ा सवाल

क्या बर्डपुर की संबंधित ग्राम पंचायतों में दर्ज ऑनलाइन हाजिरी का मौके पर सत्यापन किया गया है?

यदि जांच में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर सामने आता है, तो संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई का प्रश्न उठेगा।

लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं होती, किसी व्यक्ति, ग्राम पंचायत या अधिकारी पर अनियमितता अथवा फर्जी हाजिरी का आरोप तथ्य के रूप में लगाना उचित नहीं होगा।

📌 प्रशासन से जांच की मांग

मामले में प्रशासन द्वारा यदि जांच कराई जाती है तो चारों कार्यस्थलों का स्थलीय निरीक्षण, NMMS उपस्थिति और मस्टर रोल का मिलान तथा कार्य की वास्तविक प्रगति की जांच तस्वीर को स्पष्ट कर सकती है।

साथ ही खराब मौसम के दौरान कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

बर्डपुर ब्लॉक की चार ग्राम पंचायतों के कुछ मनरेगा कार्यों में 25 सितंबर की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड में बजहा में 69, बरगढ़ी में 79, बर्डपुर नंबर-10 में 76 और बर्डपुर नंबर-7 में 59 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई देती है। वहीं कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा सामने आया है।

ऐसे में मामला आरोप लगाने से ज्यादा ऑनलाइन रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत के मिलान का है। प्रशासनिक जांच होने पर ही स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में कोई अंतर था या नहीं।

 

“बर्डपुर में मनरेगा हाजिरी पर सवाल, ऑनलाइन रिकॉर्ड के स्थलीय सत्यापन की मांग”

ब्रेकिंग न्यूज़ | सिद्धार्थनगर


बारिश के बीच मनरेगा कार्यों पर उठे सवाल, बर्डपुर में ऑनलाइन हाजिरी और मौके की स्थिति के सत्यापन की मांग

सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार बारिश और मौसम खराब रहने के बीच विकासखंड बर्डपुर की कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। ऑनलाइन उपलब्ध NMMS आधारित दैनिक उपस्थिति रिकॉर्ड में 25 सितंबर 2026 को विभिन्न कार्यस्थलों पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई दे रही है। दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ स्थानों पर मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी नहीं होने का दावा किया गया है। ऐसे में वास्तविक स्थिति क्या है, यह स्थलीय जांच और संबंधित अभिलेखों के मिलान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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रिकॉर्ड में दर्ज कार्य


1. ग्राम पंचायत बजहा

ऑनलाइन रिकॉर्ड में जरबी पुल से विजय के खेत तक नाला खुदाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां 69 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होने का दावा किया गया है। मौके पर श्रमिक नहीं मिलने की बात भी सामने आई है, जिसका स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।

2. ग्राम पंचायत बरगढ़ी

रिकॉर्ड में कैलाश के खेत से विजय के खेत तक चकरोड पर मिट्टी पटाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 79 श्रमिकों की उपस्थिति बताई गई है। यहां भी मौके की स्थिति और ऑनलाइन हाजिरी का मिलान जांच का विषय है।

3. बर्डपुर नंबर-10

पुलिया से नोखनिया पोखर तक नाला खुदाई कार्य का रिकॉर्ड सामने आया है। उपलब्ध विवरण के अनुसार 76 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होने की बात कही गई है। मौके पर श्रमिकों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

4. बर्डपुर नंबर-7

ऑनलाइन रिकॉर्ड में पंचम के खेत से बगीचे तक नाला खुदाई कार्य दर्ज है। उपलब्ध जानकारी में 59 श्रमिकों की उपस्थिति का उल्लेख है। वहीं मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है।

मौसम खराब, फिर भी काम? जांच से साफ होगी तस्वीर

मौसम विभाग/प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी सूचना में सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बताई गई थी। आपके उपलब्ध स्क्रीनशॉट में भी अगले तीन घंटों के लिए मौसम संबंधी ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख दिखाई दे रहा है।

ऐसे मौसम में यदि मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठता है कि क्या उस समय वास्तव में श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद थे और कार्य कर रहे थे?

हालांकि, केवल ऑनलाइन उपस्थिति रिकॉर्ड के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि कहीं फर्जी हाजिरी हुई है। इसकी पुष्टि के लिए NMMS रिकॉर्ड, कार्यस्थल का भौतिक निरीक्षण, मस्टर रोल, माप पुस्तिका, कार्य की प्रगति और संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण का मिलान जरूरी है।

सबसे बड़ा सवाल

क्या बारिश के बीच दर्ज हुई ऑनलाइन हाजिरी वास्तव में कार्यस्थल पर मौजूद श्रमिकों की स्थिति को दर्शाती है?

अगर मौके की वास्तविक स्थिति और ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर मिलता है, तो इसकी जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी—यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

प्रशासन से अपेक्षित जांच

मामले में संबंधित अधिकारियों से निम्न बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है—

संबंधित तारीख की NMMS उपस्थिति का सत्यापन

मस्टर रोल और ऑनलाइन हाजिरी का मिलान

संबंधित कार्यस्थलों का भौतिक निरीक्षण

कार्य की वास्तविक प्रगति और माप पुस्तिका की जांच

बारिश के दौरान कार्य कराने की स्थिति में श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी

यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिले तो नियमानुसार कार्रवाई

सारांश

बर्डपुर ब्लॉक की कुछ ग्राम पंचायतों में 25 सितंबर की मनरेगा ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल उठे हैं। रिकॉर्ड में बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति दिखाई दे रही है, जबकि मौके पर श्रमिक नहीं मिलने का दावा किया गया है। बारिश और मौसम चेतावनी के बीच सामने आए इस मामले में ऑनलाइन रिकॉर्ड बनाम जमीनी हकीकत की जांच जरूरी है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि हाजिरी फर्जी है; अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और अभिलेखों के सत्यापन से ही स्पष्ट होगी।


FT News Digital की टिप्पणी


यह रिपोर्ट उपलब्ध ऑनलाइन रिकॉर्ड और प्राप्त जानकारी के आधार पर सवाल उठाती है। किसी व्यक्ति, ग्राम पंचायत या अधिकारी पर अनियमितता का आरोप सिद्ध रूप में नहीं लगाया जा रहा है। संबंधित पक्ष का स्पष्टीकरण मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।

 

 

श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच के लिए लगा चिकित्सा शिविर

सेवा संकल्प अभियान के तहत श्रम विभाग ने लगाया शिविर, निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श का मिला लाभ

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सिद्धार्थनगर। सेवा संकल्प अभियान के तहत श्रम विभाग, सिद्धार्थनगर की ओर से श्रमिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच की गई तथा चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, श्रम विभाग के अधिकारियों और चिकित्सकों की मौजूदगी रही।

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श्रमिकों और उनके परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया। चिकित्सकों ने सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सलाह और दवाएं उपलब्ध कराईं। कार्यक्रम में श्रमिकों को नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक रहने की जानकारी दी गई।


कार्यक्रम में ये रहे प्रमुख अतिथि एवं अधिकारी


कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष गोविंद माधव, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह और परियोजना निदेशक अनिल कुमार यादव की उपस्थिति रही।

श्रम विभाग की ओर से सहायक श्रम आयुक्त ओम प्रकाश तथा श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डॉ. अनूप कुमार जायसवाल सहित चिकित्सकीय टीम ने शिविर में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

कार्यक्रम में मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान से प्रसून कुमार शुक्ला, जय प्रकाश गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, तेज नारायण, आनंद श्रीवास्तव, अमरजीत पाण्डेय, राहुल शर्मा, विशाल और राघव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


कौन क्या रहे


श्यामधनी राही — सदर विधायक, कपिलवस्तु

जगदंबिका पाल — सांसद, डुमरियागंज

प्रतिनिधि

एसपी अग्रवाल — सांसद प्रतिनिधि

दीपक मौर्य — जिलाध्यक्ष, भाजपा सिद्धार्थनगर

बलराम सिंह — मुख्य विकास अधिकारी, सिद्धार्थनगर

अनिल कुमार यादव — परियोजना निदेशक

ओम प्रकाश — सहायक श्रम आयुक्त

जितेंद्र कुमार — श्रम प्रवर्तन अधिकारी

डॉ. अनूप कुमार जायसवाल — चिकित्सक/एमओआईसी

 

प्रसून कुमार शुक्ला — मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान

जय प्रकाश गुप्ता, अभिषेक मिश्रा, तेज नारायण, आनंद श्रीवास्तव, अमरजीत पाण्डेय, राहुल शर्मा, विशाल व राघव — कार्यक्रम में सहभागिता

सारांश

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित श्रमिक चिकित्सा शिविर में श्रमिकों और उनके परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा दी गई। चिकित्सकीय टीम ने स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक सलाह और दवाएं उपलब्ध कराईं।


कार्यक्रम की खास बातें

श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण

चिकित्सकीय परामर्श

आवश्यकता के अनुसार दवा उपलब्ध

श्रमिकों एवं परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता

श्रम विभाग और स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता


जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी


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श्रमिक वर्ग रोजमर्रा के कामकाज में व्यस्त रहने के कारण कई बार नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाता। ऐसे में शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना श्रमिकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की एक पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों और विभागीय अधिकारियों ने स्वास्थ्य के प्रति नियमित जांच और जागरूकता पर जोर दिया।

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सिद्धार्थनगर में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित श्रमिक चिकित्सा शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण कराते श्रमिक एवं मौजूद जनप्रतिनिधि, अधिकारी और चिकित्सकीय टीम।

सेवा संकल्प अभियान के तहत धेनसा में महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता शिविर

महिला स्वास्थ्य, पोषण और एनीमिया जांच पर रहा जोर; आरोग्य मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों की रही सहभागिता

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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को विकासखंड नौगढ़ के ग्राम धेनसा स्थित आरोग्य मंदिर में महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पोषण, एनीमिया तथा स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश में यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। आधिकारिक MY Bharat कार्यक्रम विवरण में सिद्धार्थनगर को भी अभियान से जुड़े जिलों में शामिल किया गया है।

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कार्यक्रम का शुभारंभ कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष गंगा मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह और पीडी अनिल कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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महिला स्वास्थ्य और पोषण बना कार्यक्रम का केंद्र

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शिविर में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। एनीमिया की जांच, पोषण, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी साझा की।

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कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का नियमित लाभ लेने तथा महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक रहने का संदेश दिया गया।


स्वास्थ्य विभाग की टीम रही मौजूद


कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय कुमार दोहरे, एमओआईसी डॉ. अनूप जायसवाल, डीसीपीएम मान बहादुर, सरश्री अनंत, डॉ. विजय कुमार, बीसीपीएम रवि चौधरी, सीएचओ सुषमा सहित आशा, एएनएम और संगिनी कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।

कार्यक्रम की तस्वीरों में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के साथ छात्राओं और महिलाओं की मौजूदगी भी दिखाई दे रही है। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया। एक तस्वीर में आरोग्य मंदिर परिसर में रिबन काटकर कार्यक्रम के शुभारंभ का दृश्य भी दिखाई देता है।

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अभियान का व्यापक उद्देश्य

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‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाला अभियान है। आधिकारिक विवरण के अनुसार इसके तहत सेवा, सुशासन, जनकल्याण और जनभागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं तथा नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी गतिविधियों में स्वास्थ्य शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा हैं।

धेनसा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और किशोरियों तक स्वास्थ्य जागरूकता एवं जांच सुविधाओं को पहुंचाने की पहल के रूप में आयोजित किया गया।


कार्यक्रम एक नजर में


कार्यक्रम: सेवा संकल्प अभियान

स्थान: आरोग्य मंदिर, ग्राम धेनसा, विकासखंड नौगढ़, सिद्धार्थनगर

तिथि: 26 सितंबर 2026

मुख्य विषय: महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पोषण, एनीमिया एवं स्वास्थ्य जांच

मुख्य अतिथि: श्यामधनी राही, विधायक कपिलवस्तु

प्रमुख उपस्थिति: दीपक मौर्य, एसपी अग्रवाल, गंगा मिश्रा, बलराम सिंह, अनिल कुमार

स्वास्थ्य विभाग: संजय कुमार दोहरे, डॉ. अनूप जायसवाल, मान बहादुर, डॉ. विजय कुमार, रवि चौधरी, सुषमा सहित स्वास्थ्यकर्मी

अभियान अवधि: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026


धेनसा के आरोग्य मंदिर में सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और एनीमिया जांच को लेकर जागरूकता पर जोर दिया गया। विधायक श्यामधनी राही, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य समेत जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

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