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बाढ़ की त्रासदी के बीच नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे CDO, गांव का लिया जायजा

 

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राप्ती के उफान ने चारों तरफ से घेरा गांव, फसलें प्रभावित; 300 परिवारों को राशन किट, कटान रोधक कार्य और बांध सड़क निर्माण पर भी मंथन


सिद्धार्थनगर। राप्ती नदी के किनारे बसा विकासखंड जोगिया का संगलदीप गांव एक बार फिर बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ा तो पानी ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों में पानी पहुंचने से किसानों की फसलें प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीणों के सामने आवागमन और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर मुश्किलें बढ़ गईं।

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बाढ़ की इस गंभीर स्थिति के बीच प्रशासनिक अमला गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर संगलदीप पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाके का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने गांव की भौगोलिक स्थिति, जलभराव, आवागमन और कटान रोधक कार्यों की स्थिति को करीब से देखा।

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इस दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही और उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती समेत प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।


नाव बनी सहारा, तब गांव तक पहुंचा प्रशासन


संगलदीप की भौगोलिक स्थिति और चारों तरफ पानी होने के कारण मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह नाव पर सवार होकर गांव तक पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ के पानी से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और ग्रामीणों की समस्याओं को समझने का प्रयास किया।

 

यह तस्वीर बताती है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों तक प्रशासन की पहुंच भी कितनी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।


300 परिवारों तक पहुंची राहत


बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सदर विधायक श्यामधनी राही की देखरेख में संगलदीप के 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।

 

राहत सामग्री वितरण के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं भी सामने रखीं। कुछ ग्रामीणों ने राशन वितरण में परिवारों की संख्या को लेकर आपत्ति जताई।


ग्रामीणों की आपत्ति, विधायक का पक्ष भी सामने


कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष करीब 600 परिवारों को राशन वितरित किया गया था, जबकि इस बार 300 परिवारों को ही राशन किट दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गांव से बाहर बांध पर मकान बनाकर रहने वाले कुछ परिवारों को इस बार सूची में शामिल नहीं किया गया।

वहीं सदर विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पिछले वर्ष अमरिया का नाम भी सूची में शामिल था, जिसकी वजह से वितरण की संख्या अधिक थी। इस बार अलग व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया जा रहा है।

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इस तरह राहत वितरण को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति और जनप्रतिनिधि की ओर से दिया गया स्पष्टीकरण दोनों सामने आए हैं।

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बाढ़ से आगे स्थायी समाधान की जरूरत


संगलदीप की समस्या केवल मौजूदा बाढ़ तक सीमित नहीं है। हर वर्ष बाढ़ और जलभराव के दौरान गांव के लोगों को आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए गांव को सड़क से जोड़ने का मुद्दा भी निरीक्षण के दौरान प्रमुखता से सामने आया।

सदर विधायक श्यामधनी राही ने पूर्व जिलाधिकारी की ओर से भेजे गए प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वीकृति मिलने के बाद गांव की निकासी और आवागमन के लिए बांध सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

स्थायी सड़क बनने से बाढ़ के समय ग्रामीणों को होने वाली आवागमन की परेशानी को काफी हद तक कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।


कटान रोधक कार्यों पर भी प्रशासन की नजर


निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने गांव में कराए गए कटान रोधक कार्यों की स्थिति का भी जायजा लिया।

उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर कटान रोधक कार्यों में सुधार की आवश्यकता है, वहां आवश्यक सुधार कराया जाएगा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद कटान रोधक कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।


सारांश


संगलदीप में बाढ़ ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों को सामने ला दिया है। राप्ती के उफान से गांव चारों तरफ से प्रभावित हुआ, खेतों में पानी पहुंचा और ग्रामीणों के आवागमन की चुनौती बढ़ी। ऐसे समय में प्रशासनिक अधिकारियों का नाव से गांव तक पहुंचना और मौके पर स्थिति का जायजा लेना राहत एवं निगरानी व्यवस्था की सक्रियता को दर्शाता है।

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300 परिवारों को राशन किट वितरण के साथ अब नजर इस बात पर है कि बाढ़ उतरने के बाद फसल क्षति, कटान रोधक कार्य और गांव को सड़क से जोड़ने के प्रस्ताव पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।


टिप्पणी | बाढ़ केवल पानी नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी है


संगलदीप की तस्वीर हर साल आने वाली बाढ़ की उस चुनौती को सामने रखती है, जिसमें कुछ समय के लिए पूरा गांव सड़क, खेत और सामान्य आवागमन से कटने लगता है। राहत सामग्री तत्काल जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कटान नियंत्रण, सुरक्षित आवागमन और मजबूत सड़क व्यवस्था जरूरी है।

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शासन की मंशा के अनुरूप बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ-साथ उन कारणों पर भी काम करना जरूरी होगा, जिनकी वजह से हर वर्ष ग्रामीणों को इसी त्रासदी का सामना करना पड़ता है।

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अब ग्रामीणों की उम्मीद राहत से आगे बढ़कर स्थायी समाधान पर टिकी है।

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मौके पर मौजूद रहे


निरीक्षण एवं राहत वितरण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती, तहसीलदार अरविन्द नाथ पाण्डेय, नायब तहसीलदार अमित सिंह, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौर्यन, क्षेत्रीय लेखपाल अमित पाण्डेय, धनंजय पाण्डेय, रमेश गुप्ता, सुबोध कांत गुप्ता, विजय यादव, विकास गुप्ता तथा ग्राम प्रधान अमरिया-संगलदीप अम्बिका यादव सहित अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

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साथ ही उसका बाजार थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रही।

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रिपोर्ट: सद्दाम खान | FT NEWS DIGITAL

गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

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जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प


सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।


ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

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दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं


कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।


स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश


जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।


कार्यक्रम की खास बातें

कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण

अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान

गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि

विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत

वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश

नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर


विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर


कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

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अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

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कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।


सारांश


गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

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टिप्पणी


महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

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FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग

 

 

गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट गांधी-शास्त्री जयंती पर कलेक्ट्रेट में श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेशमें श्रद्धा, स्वच्छता और कर्तव्य का संदेश

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जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने किया ध्वजारोहण, महापुरुषों के चित्र पर अर्पित किए पुष्प; अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्रगान के साथ लिया उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प


सिद्धार्थनगर, 02 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्ट्रेट भवन पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण किया। इसके बाद अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान का गायन किया।


ध्वजारोहण के बाद कलेक्ट्रेट सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश सहित अधिकारियों-कर्मचारियों ने माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने देशभक्ति से जुड़े गीत प्रस्तुत किए।

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दो महापुरुष, दो प्रेरणाएं


कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचारों तथा लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा से जुड़े जीवन को याद किया। अधिकारियों ने कहा कि नई पीढ़ी को इन महापुरुषों के जीवन और विचारों से परिचित कराना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।


स्वच्छता को लेकर जिलाधिकारी का संदेश


जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने अपने संबोधन में स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई रखने तथा आने वाली पीढ़ी को महापुरुषों के सिद्धांतों और उनके जीवन मूल्यों के बारे में बताने की अपील की।

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उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को दिशा दी, जबकि लाल बहादुर शास्त्री सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए याद किए जाते हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों के बताए मार्ग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।


कार्यक्रम की खास बातें

कलेक्ट्रेट भवन पर प्रातः 9 बजे ध्वजारोहण

अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने किया सामूहिक राष्ट्रगान

गांधी और शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि

विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए देशभक्ति गीत

वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता पर दिया संदेश

नई पीढ़ी को महापुरुषों के विचारों से जोड़ने पर जोर


विचारों को व्यवहार में उतारने पर जोर


कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गौरव श्रीवास्तव ने गांधी जयंती और शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से जनआंदोलन को नई दिशा दी। उन्होंने गांधी जी के विचारों को ईमानदारी और अनुशासन से जोड़ते हुए उनके जीवन से सीख लेने की बात कही।

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अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) डॉ. ज्ञानप्रकाश ने लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन आज भी प्रेरणा देने वाला है।

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कार्यक्रम में अधिवक्ता सत्यदेव सिंह सहित अन्य लोगों ने भी महात्मा गांधी के आदर्शों और देश के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर अपने विचार रखे।


सारांश


गांधी-शास्त्री जयंती पर सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सत्य, अहिंसा, सादगी, अनुशासन और स्वच्छता जैसे जीवन मूल्यों को व्यवहार में अपनाने का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता रही।

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टिप्पणी


महापुरुषों को याद करना तभी सार्थक है, जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। गांधी जी का सत्य और अहिंसा का संदेश हो या लाल बहादुर शास्त्री की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा—इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज भी महत्वपूर्ण है। कलेक्ट्रेट में आयोजित कार्यक्रम ने इसी सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

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FT NEWS DIGITAL | छोटी हेडिंग

 

 

समय पर पहुंची पुलिस, बची एक जिंदगी

सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से टली अनहोनी, कमरे से व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर दी तत्काल सहायता


सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच किसी के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकती है। सिद्धार्थनगर में सामने आए एक ऐसे ही मामले में पीआरवी टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कमरे में बंद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की हालत को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई।


कभी-कभी किसी घटना में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की त्वरित कार्रवाई का ऐसा ही मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।


सूचना मिलते ही दौड़ी पीआरवी


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पीआरवी नंबर 9948 को इवेंट नंबर 05309 के तहत सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने के बाद कॉलर द्वारा बताए गए स्थान पर पीआरवी टीम तत्काल पहुंची।


कमरे में बंद था व्यक्ति


पुलिस के अनुसार मौके पर एक व्यक्ति अपने कमरे में बंद मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद टीम द्वारा तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।


सराहनीय पहल


इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम की समय पर मौके पर पहुंचना और तत्काल प्रतिक्रिया देना रही। आपात परिस्थितियों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीआरवी टीम द्वारा बिना अनावश्यक देरी के स्थिति को संभालना निश्चित रूप से सराहनीय है।


मामले की जानकारी थाना सिद्धार्थनगर के प्रभारी अधिकारी को दी गई। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल संजय चौरसिया मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को थाना पुलिस को सौंपा गया।

मौके पर कांस्टेबल फैज आलम और हेड कांस्टेबल ऋषिराज पाठक की मौजूदगी भी बताई गई है।


सारांश


एक सूचना, तत्काल पुलिस की पहुंच और समय पर की गई मदद—सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। यह मामला बताता है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित सहायता का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।


टिप्पणी


पुलिस की हर कार्रवाई गिरफ्तारी या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होती। कई बार पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी संकट में फंसे व्यक्ति तक समय पर पहुंचकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। सिद्धार्थनगर की इस घटना में पीआरवी टीम की तत्परता और तत्काल सहायता को इसी दृष्टि से देखा जा सकता है।

 

FT NEWS DIGITAL की ओर से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस टीम के प्रयास की सराहना।

 

 

समय पर पहुंची पुलिस, बची एक जिंदगी

सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से टली अनहोनी, कमरे से व्यक्ति को सुरक्षित निकालकर दी तत्काल सहायता


सिद्धार्थनगर। आपात स्थिति में पुलिस की त्वरित पहुंच किसी के लिए जीवन और मौत के बीच का अंतर बन सकती है। सिद्धार्थनगर में सामने आए एक ऐसे ही मामले में पीआरवी टीम ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और कमरे में बंद एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की हालत को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उसकी स्थिति सुरक्षित बताई गई।


कभी-कभी किसी घटना में पुलिस की कार्रवाई का महत्व केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर उठाया गया एक कदम किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की त्वरित कार्रवाई का ऐसा ही मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर परिस्थिति को देखते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया।


सूचना मिलते ही दौड़ी पीआरवी


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पीआरवी नंबर 9948 को इवेंट नंबर 05309 के तहत सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलने के बाद कॉलर द्वारा बताए गए स्थान पर पीआरवी टीम तत्काल पहुंची।


कमरे में बंद था व्यक्ति


पुलिस के अनुसार मौके पर एक व्यक्ति अपने कमरे में बंद मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद टीम द्वारा तत्काल सीपीआर एवं प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई गई।


सराहनीय पहल


इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात पुलिस टीम की समय पर मौके पर पहुंचना और तत्काल प्रतिक्रिया देना रही। आपात परिस्थितियों में शुरुआती कुछ समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। पीआरवी टीम द्वारा बिना अनावश्यक देरी के स्थिति को संभालना निश्चित रूप से सराहनीय है।


मामले की जानकारी थाना सिद्धार्थनगर के प्रभारी अधिकारी को दी गई। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल संजय चौरसिया मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मामले को थाना पुलिस को सौंपा गया।

मौके पर कांस्टेबल फैज आलम और हेड कांस्टेबल ऋषिराज पाठक की मौजूदगी भी बताई गई है।


सारांश


एक सूचना, तत्काल पुलिस की पहुंच और समय पर की गई मदद—सिद्धार्थनगर में पीआरवी टीम की तत्परता से एक व्यक्ति को सुरक्षित बचाने में मदद मिली। यह मामला बताता है कि आपात स्थिति में समय पर सूचना देना और प्रशिक्षित सहायता का पहुंचना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।


टिप्पणी


पुलिस की हर कार्रवाई गिरफ्तारी या कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं होती। कई बार पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी किसी संकट में फंसे व्यक्ति तक समय पर पहुंचकर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। सिद्धार्थनगर की इस घटना में पीआरवी टीम की तत्परता और तत्काल सहायता को इसी दृष्टि से देखा जा सकता है।

 

FT NEWS DIGITAL की ओर से आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली पुलिस टीम के प्रयास की सराहना।

 

 

सिद्धार्थनगर में बाढ़ प्रभावित गांवों का डीएम ने किया निरीक्षण, फसल क्षति के सर्वे और राहत वितरण के निर्देश

संगलदीप और बैरवानानकार में ग्रामीणों से जाना हाल, बंधों की निगरानी बढ़ाने के साथ मेडिकल टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश

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सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने तहसील नौगढ़ के अंतर्गत संगलदीप और बैरवानानकार गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ और बारिश से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर लगातार निगरानी रखने, प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने, क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।


मुख्य खबर | बाढ़ प्रभावितों को राहत पहुंचाने पर जोर


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए और जरूरतमंद परिवारों तक समय से सहायता पहुंचाई जाए।

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उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित लोगों के बीच लंच पैकेट और राहत किट का वितरण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही गांवों में बुजुर्गों, महिलाओं, पुरुषों और बीमार व्यक्तियों को चिह्नित कर उनकी जरूरतों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।


फसल नुकसान का सर्वे, मुआवजे की प्रक्रिया पर निर्देश


बाढ़ और बारिश से किसानों की फसलों को हुए संभावित नुकसान को देखते हुए जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी नौगढ़ निखिल चक्रवर्ती को क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वे कराने और पात्र प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

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इस पहल का उद्देश्य प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध कराना है। सर्वेक्षण के बाद ही फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेग


बंधों की निगरानी में लापरवाही न हो


बाढ़ के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बंधों पर सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी और समय रहते आवश्यक कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है, ताकि संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन उचित कदम उठा सके।


गांवों में पहुंचेगी मेडिकल टीम


बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने मेडिकल टीमों को गांवों में जाकर लोगों की जांच करने और जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को चिह्नित कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर ध्यान देने को कहा गया। इसका उद्देश्य प्रभावित परिवारों को गांव में ही आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।


ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से मदद का भरोसा


निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशासन की ओर से राहत सामग्री वितरण, फसल क्षति के सर्वे, बंधों की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अब इन निर्देशों के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन से प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है।


राहत कार्यों पर रहेगी नजर


बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ फसल क्षति के सर्वे की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी। ग्रामीणों को समय पर राहत सामग्री मिलना, बीमार लोगों को दवाएं उपलब्ध होना और प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन होना प्रशासनिक व्यवस्था की अहम जिम्मेदारियां हैं।

ऐसे में संबंधित विभागों की कार्यवाही और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचने की स्थिति पर आगे भी नजर बनी रहेगी।


सारांश


स्थान: संगलदीप और बैरवानानकार, तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर।

निरीक्षण: जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन।

प्रमुख निर्देश: बंधों की लगातार निगरानी, राहत किट एवं लंच पैकेट वितरण, फसल क्षति का सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया।

स्वास्थ्य सुविधा: गांवों में मेडिकल टीमों द्वारा जांच और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता।

विशेष ध्यान: बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों की पहचान कर सहायता उपलब्ध कराना।


संपादकीय टिप्पणी | संकट के समय राहत सबसे जरूरी


बाढ़ जैसी परिस्थितियों में प्रशासनिक सक्रियता का वास्तविक महत्व तभी सामने आता है, जब राहत और सहायता जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित रखना, किसानों के नुकसान का उचित आकलन करना, स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और बंधों की निगरानी सुनिश्चित करना जरूरी है। अब चुनौती यह है कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का समयबद्ध पालन हो और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी सहायता निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिल सके।


FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर

 

रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

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सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

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सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

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श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

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लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच

 

इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी


राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

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हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना


कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।

रक्तदान के क्षेत्र में लगातार लोगों को जोड़ने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की पहल को कार्यक्रम में सराहा गया। ऐसे प्रयास रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सहयोग की भावना मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं।


रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान


कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

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आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में रक्तदाता समूहों से जुड़े करीब 50 एडमिनों के साथ समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कृष्ण मिश्र और विवेक कुमार द्विवेदी ने किया।


जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

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रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

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इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।


सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

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सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

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टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े


रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

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सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।


FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश

रक्तदान महाअभियान में उमड़ा सेवाभाव, 125 रक्तदाताओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल; रक्तवीरों का हुआ सम्मान

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सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा की संयुक्त पहल, हिमांशु द्विवेदी समेत रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को किया गया सम्मानित

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सिद्धार्थनगर। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त मिल जाए, तो उसके परिवार के लिए इससे बड़ी राहत कुछ नहीं हो सकती। इसी मानवीय भावना को आगे बढ़ाते हुए सिद्धार्थनगर में रक्तदान महाअभियान का आयोजन किया गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के मल्टीपरपज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वालों के साथ उन समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता समूहों से जुड़े लोगों को भी सम्मानित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने और लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने में योगदान दे रहे हैं।

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श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महाअभियान ने रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों और समाजसेवियों की मौजूदगी रही।

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लीड | रक्तदान के साथ रक्तवीरों का सम्मान, सेवा करने वालों को मिला मंच

 

इस आयोजन की खास बात यह रही कि यहां केवल रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले लोगों के योगदान को भी पहचान मिली। आयोजकों के अनुसार, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही करीब 50 रक्तदाता एडमिनों सहित कई समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मान दिया गया।

कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित करना, जरूरत के समय रक्त की व्यवस्था में सहयोग करना और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी समाजसेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


मेडिकल कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में जुटे जनप्रतिनिधि और समाजसेवी


राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक श्यामधनी राही, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, समाजसेवी सत्य प्रकाश राही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिद्धार्थनगर और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश मोहन श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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ब्लड बैंक प्रभारी अशोक मिश्र के नेतृत्व में चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों ने रक्तदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। आयोजन के दौरान रक्तदान करने वाले लोगों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया।

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हिमांशु द्विवेदी के प्रयासों की हुई सराहना


कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक और निफा सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी को रक्तदान के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2025 में उनके प्रयासों से 95 यूनिट रक्तदान कराया गया था। सिद्धार्थनगर के अलावा लखनऊ, वाराणसी और बस्ती सहित अन्य जिलों में भी जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था कराने में उनके प्रयासों का उल्लेख किया गया।

रक्तदान के क्षेत्र में लगातार लोगों को जोड़ने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने की पहल को कार्यक्रम में सराहा गया। ऐसे प्रयास रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में सहयोग की भावना मजबूत करने में मददगार हो सकते हैं।


रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वालों का सम्मान


कार्यक्रम में निफा सिद्धार्थनगर से जुड़े और रक्तदान के क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों में देवेंद्र त्रिपाठी, बृजराज ओझा, जितेंद्र पाण्डेय, महेश मिश्र, आशुतोष तिवारी, देवकी नंदन उपाध्याय, उत्कर्ष श्रीवास्तव, राम शंकर पाण्डेय, सुधाकर मिश्र, योगेंद्र पाण्डेय, सलोनी शर्मा और कोमल मिश्रा सहित कई रक्तवीर मौजूद रहे।

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आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में रक्तदाता समूहों से जुड़े करीब 50 एडमिनों के साथ समाजसेवियों, चिकित्सकों और ब्लड बैंक कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल कृष्ण मिश्र और विवेक कुमार द्विवेदी ने किया।


जरूरतमंदों के लिए रक्त की उपलब्धता, समाज की साझा जिम्मेदारी

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रक्तदान की जरूरत केवल किसी एक अस्पताल या जिले तक सीमित नहीं रहती। दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन और प्रसव संबंधी जटिलताओं के दौरान मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता और रक्तदाता समूह मरीजों तथा उनके परिजनों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकते हैं।

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इस दिशा में रक्तदान शिविरों के आयोजन के साथ नियमित रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। रक्तदान करने से पहले चिकित्सकीय जांच और पात्रता का निर्धारण आवश्यक होता है। सुरक्षित प्रक्रिया के तहत किया गया स्वैच्छिक रक्तदान जरूरतमंद मरीजों के उपचार में मदद कर सकता है।


सारांश | एक आयोजन, कई संदेश

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सिद्धार्थनगर में आयोजित रक्तदान महाअभियान में करीब 125 लोगों ने रक्तदान किया। श्री राम निवास फाउंडेशन ट्रस्ट और निफा सिद्धार्थनगर की इस संयुक्त पहल में रक्तवीरों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, ब्लड बैंक कर्मियों और रक्तदाता एडमिनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिमांशु द्विवेदी के योगदान की भी सराहना हुई। आयोजन ने रक्तदान के प्रति जागरूकता और जरूरतमंदों की मदद के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।

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टिप्पणी | सम्मान तभी सार्थक, जब रक्तदान की मुहिम लगातार आगे बढ़े


रक्तदान के क्षेत्र में काम करने वालों का सम्मान समाज को प्रेरित करने का एक माध्यम है। लेकिन इस मुहिम की असली ताकत तब बढ़ेगी, जब रक्तदान किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर नियमित सामाजिक अभियान बने। जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने के लिए जागरूक नागरिकों, रक्तदाता समूहों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

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सिद्धार्थनगर में आयोजित यह महाअभियान इसी दिशा में एक पहल है। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर जारी रहते हैं, तो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरत के समय मरीजों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।


FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश

सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज, विधायक और जिलाधिकारी ने प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

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01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, 12 अक्टूबर से घर-घर पहुंचेंगी आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता; बुखार, टीबी के लक्षण, कुपोषण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की होगी पहचान

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सिद्धार्थनगर, 01 अक्टूबर 2026। जनपद में संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण और आमजन को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को वर्ष 2026 के तृतीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। विकास भवन परिसर से कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के माध्यम से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलभराव की समस्या के निस्तारण, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोगों के लक्षण वाले लोगों को समय से उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।


बीमारी की रोकथाम के लिए घर-घर पहुंचेगा स्वास्थ्य महकमा


संचारी रोगों की रोकथाम केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं, बल्कि घरों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने से भी जुड़ी है। इसी उद्देश्य से जनपद में एक महीने तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न विभाग मिलकर साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव दूर करने, मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। वहीं, 12 अक्टूबर से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित रोगियों तथा कुपोषित बच्चों की पहचान करेंगी, ताकि जरूरतमंदों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


प्रशासन ने शुरू की तैयारियां


विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने प्रचार वाहनों को रवाना कर अभियान की शुरुआत की। जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान विभिन्न विभागों के समन्वय से संचालित किया जाएगा। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार माइक्रोप्लान बनाकर गांवों और शहरी क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य बीमारी के संभावित स्रोतों को कम करना, लक्षण वाले लोगों की पहचान करना और जनसामान्य को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है।


दो चरणों में चलेगा अभियान


पहला चरण: 01 से 31 अक्टूबर तक

– गांवों और शहरी क्षेत्रों में नालियों की साफ-सफाई।

– झाड़ियों की कटाई और जलभराव का निस्तारण।

– मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और रोकथाम।

– संचारी रोगों से बचाव के प्रति जनजागरूकता।

दूसरा चरण: 12 से 31 अक्टूबर तक

– आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण।

– बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान।

– आईएलआई एवं एसएआरआई जैसे श्वसन संबंधी लक्षणों वाले संभावित रोगियों की पहचान।

– टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों को चिह्नित करना।

– मच्छरों के प्रजनन स्थलों और कुपोषित बच्चों की पहचान।

– जरूरत के अनुसार संबंधित लोगों को जांच, उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना।


कई विभाग मिलकर संभालेंगे जिम्मेदारी


अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत राज, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, पशुपालन, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, आईसीडीएस, कृषि, नगर विकास, उद्यान तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को समन्वित रूप से कार्य करना है। विभागीय स्तर पर निर्धारित माइक्रोप्लान के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएंगी, जिससे ग्रामीण और नगरीय दोनों क्षेत्रों में अभियान का लाभ पहुंच सके।


घरों के आसपास सफाई और जलभराव पर विशेष ध्यान


अभियान की सफलता में आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रहेगी। घरों और आसपास पानी जमा न होने देना, नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों को हटाना तथा मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को समाप्त करना जरूरी है। बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए। घर-घर भ्रमण के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने से संभावित रोगियों की समय पर पहचान में मदद मिलेगी।


सारांश | अभियान का मुख्य उद्देश्य


सिद्धार्थनगर में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को बढ़ावा देना, मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम करना, संभावित रोगियों की पहचान करना और जरूरतमंदों को समय पर उपचार से जोड़ना है। एक अक्टूबर से शुरू हुआ अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा, जबकि दस्तक अभियान के अंतर्गत घर-घर संपर्क का विशेष चरण 12 अक्टूबर से शुरू होगा।


टिप्पणी | जनभागीदारी से मजबूत होगी बीमारी के खिलाफ लड़ाई


संचारी रोगों की रोकथाम में सरकारी विभागों की सक्रियता के साथ आमजन की जागरूकता भी अहम है। यदि घरों के आसपास सफाई रखी जाए, जलभराव रोका जाए और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए, तो संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। अभियान की वास्तविक सफलता इस बात से भी जुड़ी होगी कि चिह्नित रोगियों को समय पर जांच और उपचार मिले तथा स्वच्छता संबंधी प्रयास पूरे महीने लगातार जारी रहें।


कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित


कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद के प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार दोहरे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

गांधी जयंती पर SBI का स्वच्छता संकल्प, झाड़ू उठाकर जमुआर घाट को चमकाने उतरे बैंक अधिकारी-कर्मचारी!

FT News Digital


सिद्धार्थनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर स्थित जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए इस अभियान में बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से घाट की सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। सभी ने मिलकर झाड़ू लगाई, एकत्रित कचरे को उचित स्थान तक पहुंचाने में योगदान दिया और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प दोहराया।


सामूहिक प्रयास से स्वच्छता का संदेश


गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय की ओर से जमुआर घाट पर सफाई अभियान आयोजित किया गया। सुबह लगभग 7 बजे बैंक के अधिकारी और कर्मचारी अभियान में शामिल हुए तथा घाट परिसर की साफ-सफाई में सक्रिय भागीदारी निभाई।

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अभियान के दौरान सभी प्रतिभागियों ने मिलकर झाड़ू लगाई और परिसर में एकत्रित कचरे को उचित स्थान पर पहुंचाने का प्रयास किया। इस सामूहिक पहल के माध्यम से आमजन को यह संदेश दिया गया कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वच्छता को जीवन और सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान दिया था। इसी भावना के अनुरूप गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित यह पहल स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा रखने की प्रेरणा देने वाली रही।


सुबह सात बजे शुरू हुआ अभियान


स्थान: जमुआर घाट, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर।

: सुबह लगभग 7 बजे।

अवसर: 2 अक्टूबर, गांधी जयंती।

आयोजक:भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय।

मुख्य गतिविधियां: झाड़ू लगाना, कचरा एकत्र करना और उसे उचित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग देना।


इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निभाई सहभागिता


स्वच्छता अभियान में भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के क्षेत्रीय प्रबंधक राजदेव सिंह, मुख्य प्रबंधक छोटेलाल, प्रबंधक अवधेश कुमार, प्रबंधक शिवाजी गर्ग सहित पीयूष श्रीवास्तव, विनय कुमार, मुकेश कुमार, अमित मेहता और सामंत शर्मा समेत बैंक के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

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सभी ने मिलकर सफाई अभियान में भागीदारी की और स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


स्वच्छता के लिए निरंतर प्रयास जरूरी


जमुआर घाट जैसे सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित सफाई के साथ-साथ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाना, कचरे को निर्धारित स्थान पर डालना और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखना ऐसी आदतें हैं, जिनसे स्वच्छ वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।

भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की इस पहल ने सामूहिक सहभागिता के महत्व को सामने रखा। ऐसे अभियान तभी स्थायी परिणाम दे सकते हैं, जब नागरिक भी अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को प्राथमिकता दें।


सारांश


गांधी जयंती के अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक, सिद्धार्थनगर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जमुआर घाट पर स्वच्छता अभियान चलाया। सुबह करीब 7 बजे आयोजित कार्यक्रम में सामूहिक सफाई कर सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ रखने और नागरिकों को जागरूक करने का संदेश दिया गया।


संपादकीय टिप्पणी


स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि नियमित जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह की पहल समाज में जिम्मेदारी, सहयोग और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती है।


FT News Digital | सिद्धार्थनगर


स्वच्छता के प्रति जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी की पहचान।

 

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