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SSB 43वीं वाहिनी में लहराया राष्ट्रीय ध्वज

सिद्धार्थनगर। दिनांक 15.08.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा वाहिनी मुख्यालय सहित समस्त सीमा चौकियों में हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर श्री उज्जल दत्ता, कमांडेंट, 43वीं वाहिनी द्वारा सीमा चौकी बजहा में ध्वजारोहण किया गया। इसके उपरांत महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा प्रेषित संदेश को पढ़कर सुनाया गया तत्पश्चात पुलिस स्टेशन कपिलवस्तु में भारतीय युवा वेलफेयर एसोसिएशन (भारत) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की गई। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के बच्चो से संवाद कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं एवं स्थानीय पुलिस, नेपाल ए.पी.एफ की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया।

वाहिनी मुख्यालय परिसर में श्री एल. आशाकुमार सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी, 43वीं वाहिनी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके उपरांत महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा प्रेषित संदेश को पढ़कर सुनाया गया तथा उपस्थित जवानों में मिष्ठान वितरित किया गया।

इसी क्रम में वाहिनी की समस्त सीमा चौकियों, प्रमुख आवागमन मार्गों एवं विद्यालयों में स्थानीय पुलिस, मानव सेवा संस्थान (एन.जी.ओ.), नेपाल ए.पी.एफ., स्थानीय ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित किया गया।

भारत माता के जयघोष से गूंजा सिद्धार्थनगर, प्रतिमा पर हुआ भव्य माल्यार्पण

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स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा माहौल, युवाओं और देशभक्तों ने लिया राष्ट्र की एकता-अखंडता का संकल्प

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सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिद्धार्थनगर में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। भारत माता की प्रतिमा पर भव्य माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में देशभक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भारत माता के जयघोष और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।

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| श्रद्धा से सजी भारत माता की प्रतिमा

कार्यक्रम के दौरान भारत माता की प्रतिमा को फूलों की मालाओं से सजाया गया। युवाओं एवं उपस्थित लोगों ने बारी-बारी से प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। हाथों में तिरंगा और मन में देशभक्ति का भाव लिए लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।


देशभक्ति केवल नारा नहीं, जिम्मेदारी भी

स्वतंत्रता दिवस हमें केवल आजादी का उत्सव मनाने का अवसर नहीं देता, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। भारत माता की प्रतिमा के समक्ष जुटे लोगों ने इसी भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

विनीत श्रीवास्तव ने कही महत्वपूर्ण बात

विनीत श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या संगठन का प्रचार करना नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, आपसी भाईचारे, एकता और देश के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

देश के प्रति समर्पण का संकल्प

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा देशहित में सदैव सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। उपस्थित लोगों का कहना था कि राष्ट्रध्वज और भारत माता के प्रति सम्मान केवल किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारियों को जीवन में उतारना ही सच्ची देशभक्ति है।

कार्यक्रम में रमेश वर्मा, अगम श्रीवास्तव, छोटू, मोहसिन, संदेश मिश्रा सहित अन्य सम्मानित लोग मौजूद रहे।


देशभक्ति के रंग में रंगा सिद्धार्थनगर

स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित भारत माता माल्यार्पण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम किसी राजनीतिक सीमा का विषय नहीं, बल्कि देश के प्रति नागरिकों की साझा भावना है। तिरंगे की शान, भारत माता का सम्मान और देश की एकता-अखंडता के प्रति संकल्प—यही इस आयोजन की सबसे बड़ी तस्वीर रही।

संपादकीय टिप्पणी | देश पहले, बाकी सब बाद में

आज जब देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, ऐसे आयोजनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नई पीढ़ी को आजादी के पीछे दिए गए बलिदानों और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराना जरूरी है। देशभक्ति केवल नारों और आयोजनों तक सीमित न रहे—यह हमारे आचरण, कर्तव्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी में भी दिखाई दे, तभी स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान होगा।

राष्ट्र सर्वोपरि।

तिरंगा हमारी आन है, भारत हमारी पहचान है।

जय हिंद!

कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने किया झंडारोहण

सिद्धार्थनगर 15 अगस्त 2026/80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह परम्परागत एवं सादगी के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में 8ः00 बजे कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को फहराया गया। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान जन-गण-मन को सभी अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा गायन किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम के अवसर पर धर्मपत्नी जिलाधिकारी डा0 तनुश्री टीआर, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, तथा कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम रघुवर प्रसाद सरस्वती शिशु मन्दिर के बच्चो द्वारा देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा बच्चें को उपहार दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभागार में उपस्थित समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों, अधिवक्तागण, मीडिया प्रतिनिधियों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि हमारे देश को आजाद कराने वाले अमर शहीदों के प्रति उनके द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि हम याद रखे कि हम कैसे आजाद हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बहुत से देश आजाद हुए। आप सभी लोग जहां भी है अपने दायित्वों का र्निहन करें। जो भी आपके पास अपनी किसी भी समस्या को लेकर आये उसकी सहायता कर समस्या का निस्तारण कराये। देश 1947 में आजाद होने के बाद बहुत पीछे था। पहले देश में कुछ नही बनता था। आज हमारे देश में आधुनिक हथियार, राकेट और भी बहुत कुछ बन रहा है। भारत आज विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है। आने वाली पीढ़ी एवं बच्चों को वीर सपूतो की कुर्बानियों के बारे में बताये कि कैसे हम लोग आजाद हुए। हम लोग विकसित भारत का सपना देख रहे है सभ्ज्ञी लोग मिलकर कार्य कर देश को विकसित बनाने में सहयोग करे। समाज के अन्तिम व्यक्ति तक हमे पहुॅचना है। प्रत्येक परिवार सम्पन्न होगा तभी देश विकसित होगा। हम सभी लोगो ने मिलकर सभी चुनौतियों का सामना किया है। आगे भी कोई चुनौती आयेगी तो उसका सामना मिलकर करेंगे। सभी को पुनः स्वतंत्रता दिवस की बधाई दिया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी एवं उपस्थित सभी लोगो को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दिया। सभी ज्ञात एवं अज्ञात वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। स्वतंत्रता आन्दोलन में सभी का योगदान रहा है। हमारे देश के वीर सपूतो के त्याग और बलिदान से हमको आजादी मिली। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) ने कहा कि उन्होंने अपने प्रयासों से देश को आजाद कराया। देश ने बहुत विकास किया है। पूरे जिले की जनता जिलाधिकारी से अपेक्षा रखती है। सभी लोग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें। जिले के विकास में अपना सहयोग करें। आदर्शाे और मूल्यों को सहेजे और आगे बढ़े।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दिया। उन्होंने कहा कि पहले हम लोग ऐसे नही थे। आज हमारी पहचान हिन्दुस्तानी के रूप में है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ। बहुत से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने जीवन का बलिदान देकर देश को आजद कराया। 1947 से 2026 तक देश विकास के पथ पर निरन्तर बढ़ रहा है। सभी लोग देश के विकास में अपना योगदान दे।

इस अवसर पर ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यदेव सिंह, जय शंकर प्रसाद मिश्र, राणा प्रताप सिंह द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किया गया।जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितो को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

गोष्ठी का संचालन प्रेमसागर चौधरी द्वारा किया गया।

स्वतन्त्रता दिवस आयोजन के इस अवसर पर ध्वजारोहण विकास भवन में- मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, जनपद न्यायालय-मा0 जनपद न्यायाधीश, पुलिस लाइन-पुलिस अधीक्षक, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में-कुलपति, स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज सिद्धार्थनगर में प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय- मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सयुंक्त चिकित्सालय- मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, जिला कारागार में-अधीक्षक जिला कारागार, डी0एफ0ओ0 कार्यालय-डीएफओ, समस्त तहसीलों में-उपजिलाधिकारी, विकास खण्डों में-खण्ड विकास अधिकारी, नगर पालिका व नगर पंचायतों में मा0 अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया गया। जनपद की समस्त शिक्षण संस्थानों/समस्त कार्यालयों में ध्वजारोहण किया गया।

भीषण आग के बीच पुलिस का साहसिक रेस्क्यू, आठ लोगों को सुरक्षित निकाला

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बांसी के सर्राफा बाजार में मची अफरा-तफरी, संकरी गली बनी चुनौती

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दो गैस सिलेंडरों में हुआ विस्फोट, लकड़ी की छत भी क्षतिग्रस्त—फायर सर्विस और पुलिस ने संभाला मोर्चा


सिद्धार्थनगर के बांसी कोतवाली क्षेत्र के सीएस मोहल्ला/सर्राफा बाजार में स्वतंत्रता दिवस के दिन एक भवन के निचले तल पर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बांसी पुलिस और फायर सर्विस टीम मौके पर पहुंची। आग की विकराल स्थिति और संकरे रास्ते के बीच पुलिसकर्मियों ने जोखिम उठाकर भवन में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें एक व्यक्ति पक्षाघात से पीड़ित बताया गया, जिसे विशेष प्रयास कर बाहर निकालने के बाद उपचार के लिए बांसी अस्पताल भेजा गया।

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पूरी खबर

बांसी, सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के दिन बांसी नगर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब थाना कोतवाली बांसी क्षेत्र के सर्राफा बाजार स्थित एक भवन के निचले तल में अचानक भीषण आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही बांसी पुलिस ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला और फायर सर्विस टीम को भी सूचना दी।

सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक बांसी मृत्युंजय पाठक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं राहत एवं बचाव कार्य के लिए अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद, क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान (IPS) और क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह भी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान की निगरानी की।

संकरी गली बनी चुनौती, फिर भी नहीं रुका रेस्क्यू

घटनास्थल का रास्ता संकरा होने के कारण बड़ी फायर सर्विस गाड़ी को माधव मेला ग्राउंड में खड़ा करना पड़ा, जबकि छोटी फायर सर्विस गाड़ी को घटनास्थल के नजदीक ले जाकर आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की गई।

इसी दौरान आग की तीव्रता के बीच भवन में रखे दो गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ और लकड़ी की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने बचाव अभियान जारी रखा।

पुलिस के अनुसार, भवन के अंदर फंसे कुल आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें एक व्यक्ति पक्षाघात/फालिज से पीड़ित बताया गया, जिसे विशेष प्रयास कर सुरक्षित बाहर निकालने के बाद तत्काल उपचार के लिए बांसी अस्पताल भेजा गया।

आग पर पाया गया काबू, टली संभावित बड़ी जनहानि

पुलिस और फायर सर्विस की संयुक्त कार्रवाई के बाद आग को नियंत्रित किया गया और उसे आसपास के क्षेत्र में फैलने से रोकने का प्रयास सफल रहा। संकरी जगह, आग की तीव्रता और सिलेंडर विस्फोट जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना राहत एवं बचाव अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा।

पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, त्वरित कार्रवाई, साहस और मानवीय संवेदनशीलता के साथ किए गए रेस्क्यू से संभावित बड़ी जनहानि को समय रहते टाला जा सका।

सारांश

आग लगने की सूचना से लेकर लोगों के सुरक्षित रेस्क्यू और आग पर नियंत्रण तक बांसी पुलिस तथा फायर सर्विस की टीम ने तत्काल कार्रवाई की। आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम पक्ष रहा।

संपादकीय टिप्पणी

आग जैसी आपदा में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय पर सूचना मिलने के बाद त्वरित पुलिस और अग्निशमन कार्रवाई लोगों की सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। बांसी की घटना में भी संकरी गली, आग की तीव्रता और सिलेंडर विस्फोट जैसी मुश्किल परिस्थितियां सामने आईं।

प्रेस नोट में पुलिस की ओर से बताए गए घटनाक्रम के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भवन के भीतर प्रवेश कर फंसे लोगों को बाहर निकाला, जिसमें एक बीमार व्यक्ति को सुरक्षित निकालना विशेष चुनौती थी। इस कार्रवाई में पुलिस और फायर सर्विस के बीच समन्वय भी महत्वपूर्ण रहा।

ऐसी घटनाएं यह संदेश देती हैं कि आपदा के समय घबराहट के बजाय त्वरित सूचना, समन्वित बचाव और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी है। साथ ही आम लोगों से भी अपील है कि आग लगने की स्थिति में भीड़ लगाने के बजाय बचाव दल को रास्ता दें और तत्काल संबंधित आपात सेवा को सूचना दें।

बांसी की इस घटना में सबसे बड़ी राहत यही रही कि आग की भयावह स्थिति के बावजूद आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और संभावित जनहानि को टालने में सफलता मिली।

 

मदरसा अबू उबैदा में देशभक्ति का रंग, तिरंगा लेकर बच्चों ने निकाली प्रभात फेरी

Screenshot 20260815 093355मधुबनी में स्वतंत्रता दिवस पर दिखा राष्ट्रप्रेम का सुंदर दृश्य

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हाथों में तिरंगा, जुबां पर भारत माता की जय—बच्चों के जयघोष से गूंज उठा वातावरण


सिद्धार्थनगर के मधुबनी स्थित मदरसा अबू उबैदा में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति और उत्साह से सराबोर कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों ने हाथों में तिरंगा लेकर प्रभात फेरी निकाली। भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से वातावरण गूंज उठा। प्रभात फेरी के बाद विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई तथा अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

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पूरी खबर

मधुबनी, सिद्धार्थनगर। आजादी के पर्व 15 अगस्त पर मदरसा अबू उबैदा, मधुबनी में सुबह से ही देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के बच्चों, शिक्षकों और प्रबंधन ने स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया।

कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा निकाली गई तिरंगा प्रभात फेरी से हुई। बच्चे हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर विद्यालय से निकले और अपने गांव-कस्बे के रास्तों से होते हुए देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़े। भारत माता की जय के जयघोष से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। बच्चों के साथ शिक्षक भी कदम से कदम मिलाकर चलते दिखाई दिए।

प्रभात फेरी के दौरान बच्चों में गजब का उत्साह और उमंग दिखाई दी। हाथों में लहराता तिरंगा और देशभक्ति के बुलंद नारों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह दृश्य बच्चों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को दर्शाता नजर आया।

प्रभात फेरी विद्यालय परिसर में पहुंचने के बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय प्रबंधन और पूरे विद्यालय परिवार की मौजूदगी में तिरंगा फहराया गया तथा राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। इसके बाद देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए गए और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।

कार्यक्रम के बाद बच्चों के बीच मिठाइयां वितरित की गईं। मिठाई पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पूरे आयोजन में बच्चों के उत्साह के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक अमजद अली, ग्राम प्रधान मधुबनी एवं प्रधान संघ महासचिव, प्रधानाचार्य फिरोज आलम, अध्यापक मोहम्मद खुर्शीद, विजय कुमार, अम्रुल्लाह, इरशाद, मोनी रावत और कुमारी पूजा सहित विद्यालय परिवार के लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा वाजुद्दीन, अल्ताफ, मोहिउद्दीन, बरकत अली, रामसेवक, अलाउद्दीन, मुन्ना, गयासुद्दीन, मुस्ताक, राजेंद्र प्रसाद, सर्कुलर और मोहम्मद अयूब सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

सारांश

मदरसा अबू उबैदा का स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बच्चों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का सुंदर प्रयास नजर आया।

संपादकीय टिप्पणी

तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, स्वतंत्रता और गौरव का प्रतीक है। जब बच्चों के हाथों में तिरंगा होता है और उनकी आवाज में भारत माता के जयघोष की गूंज सुनाई देती है, तो यह आने वाली पीढ़ी में देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी की उम्मीद जगाता है।

मदरसा अबू उबैदा में आयोजित यह कार्यक्रम इस दृष्टि से सराहनीय रहा कि बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रध्वज के सम्मान, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। ऐसे आयोजन बच्चों के भीतर देश के प्रति प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

तिरंगा ऊंचा रहे, देश का मान बढ़ता रहे—यही इस आयोजन का सबसे सुंदर संदेश रहा।

तिरंगे के साथ गूंजा भारत माता का जयघोष

 

कृमि मुक्ति अभियान में जल्द एक्सपायर होने वाली दवा की सप्लाई पर सवाल

अगस्त में वितरण, सितंबर में एक्सपायरी—अभिभावकों ने उठाई व्यवस्था की पारदर्शिता और दूरदर्शिता पर चिंताIMG 20260814 WA10681

उसका बाजार, सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाए जाने के बीच दवा की एक्सपायरी डेट को लेकर अभिभावकों में चिंता सामने आई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उसका बाजार की ओर से बीआरसी के माध्यम से विद्यालयों को उपलब्ध कराई गई कुछ एल्बेंडाजोल 400 एमजी टैबलेट के पैकेट पर सितंबर 2026 की एक्सपायरी अंकित है। ऐसे में अगस्त में अभियान के दौरान दवा की उपलब्धता और उसके बाद बची दवाओं के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


| क्या है मामला?

बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत एल्बेंडाजोल 400 एमजी की टैबलेट दी गई।

उपलब्ध कराई गई दवा के पैकेट पर EXPIRY DATE: SEP 26 अंकित है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जल्द एक्सपायर होने वाले स्टॉक की पहले आपूर्ति करना विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप है।

बीईओ उसका के मुताबिक दवा की कम वैधता अवधि के संबंध में सीएचसी अधीक्षक को समय से जानकारी दी गई थी।

अभिभावकों की मांग है कि भविष्य में बच्चों के लिए दवाओं की आपूर्ति में पर्याप्त वैधता अवधि सुनिश्चित की जाए।


अभिभावकों की चिंता क्यों?

 

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े अभियान में ऐसी दवा उपलब्ध कराई जानी चाहिए जिसकी वैधता अवधि पर्याप्त हो। यदि किसी कारण से कोई बच्चा निर्धारित तिथि पर दवा नहीं ले पाता या अभियान में प्रशासनिक कारणों से देरी होती है, तो कम अवधि वाली दवा के इस्तेमाल की गुंजाइश काफी सीमित हो जाती है।

हालांकि, सिर्फ सितंबर 2026 की एक्सपायरी होने के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि अगस्त में दवा असुरक्षित थी। दवा की वैधता निर्माता द्वारा निर्धारित एक्सपायरी तिथि तक रहती है, बशर्ते उसका भंडारण निर्धारित शर्तों के अनुसार हुआ हो और पैकेट सही स्थिति में हो।

विभाग का पक्ष

बीईओ उसका अशोक कुमार सिंह के अनुसार, सीएचसी उसका द्वारा बीआरसी पर दवा उपलब्ध कराई गई थी और दवा की एक्सपायरी डेट करीब होने के संबंध में सीएचसी अधीक्षक को समय से जानकारी दे दी गई थी।

वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके पटेल का कहना है कि विभागीय नियम के अनुसार स्टॉक में उपलब्ध जल्द एक्सपायर होने वाली दवाओं की आपूर्ति पहले की गई। उनके मुताबिक सितंबर में एक्सपायर होने वाली दवा का वर्तमान समय में निर्धारित उपयोग के अनुसार सेवन सुरक्षित है।

LIST | व्यवस्था से जुड़े बड़े सवाल

पहला सवाल यह है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े अभियान के लिए दवाओं की आपूर्ति करते समय पर्याप्त वैधता अवधि वाले स्टॉक को प्राथमिकता देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

पहला सवाल यह है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े अभियान के लिए दवाओं की आपूर्ति करते समय पर्याप्त वैधता अवधि वाले स्टॉक को प्राथमिकता देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

दूसरा सवाल यह कि यदि अभियान किसी प्राकृतिक आपदा, अवकाश या प्रशासनिक कारण से आगे खिसक जाता, तो कम अवधि वाली दवाओं का क्या होता?

तीसरा सवाल यह कि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के स्तर पर क्या अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी?

इन सवालों का जवाब किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने से नहीं, बल्कि स्टॉक प्रबंधन और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा से सामने आ सकता है।

सारांश

मामला दवा के तत्काल असुरक्षित होने का नहीं, बल्कि दवा की आपूर्ति, स्टॉक प्रबंधन और पर्याप्त वैधता अवधि सुनिश्चित करने की व्यवस्था का है। स्वास्थ्य विभाग ने दवा को निर्धारित वैधता के भीतर सुरक्षित बताया है, जबकि अभिभावक चाहते हैं कि भविष्य में बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की आपूर्ति पर्याप्त मार्जिन के साथ की जाए।

सामाजिक टिप्पणी | बच्चों की दवा में सावधानी सबसे जरूरी

बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी सरकारी योजना का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना होना चाहिए। यहां किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराने से पहले विभागीय प्रक्रिया और उपलब्ध रिकॉर्ड की निष्पक्ष समीक्षा जरूरी है।

साथ ही, अभिभावकों की चिंता को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग यदि भविष्य की आपूर्ति में पर्याप्त वैधता अवधि वाले स्टॉक को प्राथमिकता देता है और स्कूलों को दवा की एक्सपायरी, भंडारण तथा सेवन संबंधी स्पष्ट दिशा-निर्देश देता है, तो ऐसी आशंकाओं को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।


बच्चों की सेहत से जुड़ी दवा में छोटी-सी सावधानी भी बड़ी जिम्मेदारी है।

 

FT NEWS DIGITAL | जागरूकता के साथ जिम्मेदार पत्रकारिता

विभाजन की विभीषिका का दर्द याद, सिद्धार्थनगर से गूंजा एकता का संदेश

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इतिहास का वह दर्द, जिसे भुलाया नहीं जा सकता

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विभाजन सिर्फ सरहदों का बंटवारा नहीं था, वह लाखों परिवारों के घर, रिश्ते और यादों के बिखरने की त्रासदी भी था। इसी पीड़ादायक इतिहास को स्मरण करते हुए सिद्धार्थनगर के डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले नागरिकों और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। साथ ही इतिहास की त्रासदी से सीख लेते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का संदेश दिया गया।

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स्मृति दिवस का संदेश

अतीत की पीड़ा को याद करना केवल श्रद्धांजलि नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए चेतावनी और सीख भी है।

कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि समाज को इतिहास के कठिन दौर से सीख लेकर आपसी विश्वास, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करना चाहिए।

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सभागार में दिखी गंभीरता और सहभागिता

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने भाग लिया। सभागार में विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों और पीड़ितों की स्मृतियों को प्रदर्शित करने वाली सामग्री भी लोगों का ध्यान आकर्षित करती रही।

सिद्धार्थनगर में इतिहास के दर्दनाक अध्याय को किया गया स्मरण

सिद्धार्थनगर। संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के तत्वावधान में 14 अगस्त को डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदम्बिका पाल सहित जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान विभाजन के दौर की उन पीड़ादायक घटनाओं को स्मरण किया गया, जिनका असर केवल उस समय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विस्थापित परिवारों की स्मृतियों और आने वाली पीढ़ियों तक भी पहुंचा। अपने घर-परिवार और अपनी जड़ों से बिछड़ने वाले लोगों के संघर्ष और पीड़ा को श्रद्धा के साथ याद किया गया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले असंख्य नागरिकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की। सभागार में लगाए गए ऐतिहासिक चित्रों और सामग्री के माध्यम से भी उस दौर की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया गया।

जब इतिहास बोलता है, तो वर्तमान को रास्ता दिखाता है

विभाजन की त्रासदी को याद करने का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यही है कि इतिहास को केवल स्मृति बनाकर न छोड़ा जाए। उससे ऐसी सीख ली जाए, जो समाज को विभाजनकारी परिस्थितियों से दूर रखते हुए एकता और भाईचारे की ओर ले जाए।

कार्यक्रम में इसी भावना के साथ राष्ट्रीय एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया गया।


टिप्पणी | दर्द को राजनीति नहीं, सीख में बदलना होगा

इतिहास के पन्नों में दर्ज विभाजन का अध्याय आज भी मानवीय पीड़ा की गहरी कहानी कहता है। लाखों लोगों के विस्थापन और असंख्य परिवारों के बिछड़ने की स्मृतियां यह सवाल छोड़ती हैं कि आखिर समाज को ऐसी परिस्थितियों से क्या सीख लेनी चाहिए?

जवाब स्पष्ट है—नफरत से नहीं, एकता से भविष्य बनता है।

विभाजन की पीड़ा को याद करने की सार्थकता तभी है, जब समाज अतीत से सीख लेकर वर्तमान में आपसी विश्वास मजबूत करे और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करे, जहां विविधता के बीच एकता देश की सबसे बड़ी ताकत बनी रहे।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि इतिहास की पीड़ा को याद रखना जरूरी है, लेकिन उससे भी जरूरी है कि देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को किसी भी परिस्थिति में कमजोर न होने दिया जाए।

विभाजन की विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले सभी नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि।

 

 

 

 

आकस्मिक निरीक्षण में गैरपंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप

बढ़या PHC के सामने संचालित सेंटर पर पहुंची टीम, अंदर मिली अल्ट्रासाउंड मशीनें; विभागीय जांच आगे बढ़ने के संकेत

सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान एक अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। विभागीय जानकारी के अनुसार, संबंधित सेंटर बढ़या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने संचालित दीक्षा पैथोलॉजी पॉली क्लीनिक में चल रहा था।

कार्रवाई नोडल अधिकारी मानमेद्र पाल के नेतृत्व में की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची तो सेंटर बंद मिला। विभागीय टीम के अनुसार, सामने के शटर पर ताला लगा था और पीछे के रास्ते से संचालक के निकल जाने की जानकारी सामने आई। निरीक्षण के दौरान परिसर के अंदर अल्ट्रासाउंड मशीनें मौजूद मिलीं।

टीम ने मौके की स्थिति का निरीक्षण करने के बाद संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान सीएचसी अधीक्षक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।


जांच के घेरे में पंजीकरण

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, आकस्मिक निरीक्षण में संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण से जुड़ी स्थिति सामने आई, जिसके बाद विभाग ने सीलिंग की कार्रवाई की। हालांकि, मामले में किसी व्यक्ति या संस्था की अंतिम जिम्मेदारी अथवा दोष का निर्धारण सक्षम विभागीय जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद ही किया जाना उचित होगा।


सवाल सिर्फ एक सेंटर का नहीं

स्वास्थ्य विभाग की यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण सवाल भी सामने लाती है—क्या जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड केंद्र निर्धारित नियमों और पंजीकरण व्यवस्था के अनुरूप चल रहे हैं?

एक सेंटर पर कार्रवाई के बाद अब जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग जिले के अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भी पंजीकरण स्थिति, संचालन व्यवस्था और आवश्यक दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन करे, ताकि नियमों से बाहर किसी भी गतिविधि की संभावना को समय रहते रोका जा सके।

जन-जागरूकता | मरीज भी रहें सतर्क

अल्ट्रासाउंड जैसी चिकित्सकीय जांच के लिए मरीजों और उनके परिजनों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। किसी भी जांच केंद्र पर जाने से पहले यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि केंद्र मान्य पंजीकरण और निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रहा है या नहीं।

मरीजों को संदेह की स्थिति में संबंधित स्वास्थ्य विभाग से जानकारी लेनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सक्षम अधिकारियों तक पहुंचानी चाहिए। जागरूक नागरिक ही स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

अधिकारियों के लिए अहम संदेश

बढ़या क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद यह मामला केवल सीलिंग तक सीमित न रहे, बल्कि विभागीय स्तर पर नियमों के अनुसार आगे की जांच भी होनी चाहिए। यदि जांच में कोई अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि सब कुछ नियमानुसार पाया जाता है तो स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए।

साथ ही जिले में संचालित सभी संबंधित केंद्रों की समय-समय पर जांच और रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर मरीजों के स्वास्थ्य और कानूनन निर्धारित व्यवस्था के साथ समझौते की गुंजाइश न रहे।

सारांश

सिद्धार्थनगर में स्वास्थ्य विभाग की आकस्मिक कार्रवाई के दौरान बढ़या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने संचालित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील किया गया। विभागीय टीम के अनुसार, मौके पर अल्ट्रासाउंड मशीनें मिलीं और सेंटर के पंजीकरण से संबंधित स्थिति को लेकर कार्रवाई की गई। अब मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया और जांच महत्वपूर्ण होगी।

FT News Digital की टिप्पणी | कार्रवाई के साथ व्यवस्था भी मजबूत हो

स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा कोई भी मामला सीधे आम आदमी की जिंदगी और भरोसे से जुड़ा होता है। इसलिए केवल एक केंद्र पर कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। जरूरत इस बात की है कि नियमों का पालन कराने के लिए नियमित निगरानी व्यवस्था और प्रभावी सत्यापन भी सुनिश्चित हो।

FT News Digital किसी व्यक्ति, संचालक अथवा संस्था को दोषी घोषित नहीं करता। दोष या जिम्मेदारी का निर्धारण सक्षम प्राधिकारी की जांच और विधिक प्रक्रिया से ही होगा। हमारा उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और उससे जुड़े जनहित के सवाल को सामने रखना है।

हम संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा करते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें और यदि कोई अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई करें। साथ ही आम जनता को भी सुरक्षित और वैध स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक किया जाए।

क्योंकि स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए—न मरीज के स्तर पर, न व्यवस्था के स्तर पर।

FT News Digital — जनहित की खबर, जिम्मेदारी के साथ।

खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज

सिद्धार्थ नगर

बांसी तहसील के 10 गांवों के प्रभावित भू-स्वामियों को 21 दिन में दावा-आपत्ति का मौका
सिद्धार्थनगर, 14 अगस्त 2026।
खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर सिद्धार्थनगर जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के उपमुख्य इंजीनियर निर्माण/सामान्य की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, परियोजना के अंतर्गत जिले की बांसी तहसील के 10 गांवों की भूमि प्रभावित हो रही है।
भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार प्रभावित गांवों में अन्तरखुसवा, परसिया, बहेरवा, अकसरामाफी, मिठवल बुजुर्ग, सिसईकला, गिधौरा, सिसवा, पेडार और बाम्हनपुरवा शामिल हैं।
परियोजना के भू-अधिग्रहण प्रस्ताव के संबंध में रेलवे (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 20E के तहत अधिसूचना भारत के राजपत्र में 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित की गई। इसके बाद स्थानीय स्तर पर अमर उजाला और द टाइम्स ऑफ इंडिया में भी 31 जुलाई 2026 को इसका प्रकाशन कराया गया।


प्रभावित भूस्वामियों के लिए जरूरी सूचना
जिन कृषकों/भूस्वामियों की भूमि प्रस्तावित रेलवे परियोजना से प्रभावित हो रही है, वे सार्वजनिक सूचना के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर अपना दावा/आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।
दावा या आपत्ति कार्यालय सक्षम प्राधिकारी (भूमि अध्याप्ति), अपर जिलाधिकारी (वि./रा.), कलेक्ट्रेट सिद्धार्थनगर में व्यक्तिगत रूप से अथवा अधिकृत प्रतिनिधि/अधिवक्ता के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकती है।
10 गांवों की भूमि प्रभावित
अन्तरखुसवा
परसिया
बहेरवा
अकसरामाफी
मिठवल बुजुर्ग
सिसईकला
गिधौरा
सिसवा
पेडार
बाम्हनपुरवा
सारांश
खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन परियोजना के लिए सिद्धार्थनगर की बांसी तहसील में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी हो चुकी है। परियोजना से जुड़े 10 गांवों के प्रभावित कृषकों एवं भूस्वामियों को दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। संबंधित हितबद्ध व्यक्ति निर्धारित अवधि के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण बात
यह सूचना प्रभावित भू-स्वामियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति की भूमि प्रस्तावित अधिग्रहण से प्रभावित हो रही है और उसे अपने अधिकार, मुआवजे अथवा भूमि से संबंधित कोई दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी है, तो उसे निर्धारित 21 दिनों की अवधि के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए।
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से यह जानकारी दी गई है।

पंचायत भवन पर ताला, ग्रामीणों की सुविधाओं पर सवाल

महुली में पंचायत भवन की स्थिति को लेकर FT News Digital ने उठाई जनहित की आवाज, जिम्मेदारों से जांच की मांग

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर।

गांवों में पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत भवनों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। लेकिन विकासखंड शोहरतगढ़ की ग्राम पंचायत महुली से सामने आई तस्वीर ने पंचायत भवन के संचालन और आम लोगों की पहुंच को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

तस्वीर में पंचायत भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, केवल एक तस्वीर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि पंचायत भवन नियमित रूप से बंद रहता है या ग्रामीणों को किसी सुविधा से वंचित किया जा रहा है। वास्तविक स्थिति क्या है, यह संबंधित विभाग की जांच और मौके के सत्यापन से ही स्पष्ट हो सकती है।

इसीलिए FT News Digital इस मामले को किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाने के बजाय जनहित के एक सवाल के रूप में जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में ला रहा है।


जिम्मेदारों से सीधा सवाल

क्या ग्राम पंचायत महुली का पंचायत भवन निर्धारित समय और व्यवस्था के अनुसार संचालित हो रहा है?

यदि भवन का संचालन नियमित है तो ग्रामीणों को पंचायत भवन में उपलब्ध सेवाओं, कार्यालयीन समय और संबंधित कर्मचारियों की उपस्थिति की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। यदि किसी कारण से भवन बंद है तो उसके कारण और वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में भी ग्रामीणों को अवगत कराया जाना चाहिए।

मामला जांच का है, आरोप का नहीं

पंचायत भवन ग्रामीणों और पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए महत्वपूर्ण स्थान होता है। ऐसे में यदि ग्रामीणों को पंचायत संबंधी कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर जाना पड़ रहा हो, तो यह निश्चित रूप से विचारणीय विषय है।

लेकिन FT News Digital यह स्पष्ट करता है कि बिना आधिकारिक जांच किसी व्यक्ति, ग्राम प्रधान, सचिव अथवा किसी अन्य जिम्मेदार पर लापरवाही का आरोप लगाना उचित नहीं है।

इसलिए संबंधित अधिकारी मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें और यह स्पष्ट करें कि पंचायत भवन का संचालन किस व्यवस्था के तहत हो रहा है।

सारांश

ग्राम पंचायत महुली के पंचायत भवन की तस्वीर सामने आने के बाद भवन के संचालन और ग्रामीणों की पहुंच को लेकर सवाल उठे हैं। तस्वीर में मुख्य द्वार पर ताला दिखाई दे रहा है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग मामले का स्थलीय सत्यापन कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करे।

यदि भवन निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संचालित पाया जाता है तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि कोई व्यावहारिक समस्या सामने आती है तो उसका समाधान कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए परेशानी न उठानी पड़े।

FT News Digital की टिप्पणी

पंचायत भवन सिर्फ एक इमारत नहीं, ग्रामीणों की स्थानीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है।

जनता के लिए बनाई गई व्यवस्था जनता तक आसानी से पहुंचे—यही किसी भी सरकारी व्यवस्था की सार्थकता है। इसलिए किसी पर आरोप लगाना हमारा उद्देश्य नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि जिस व्यवस्था पर ग्रामीणों का अधिकार और भरोसा है, उसकी वास्तविक स्थिति जिम्मेदार अधिकारी स्वयं जांचें।

FT News Digital संबंधित प्रशासन एवं पंचायत विभाग से आग्रह करता है कि ग्राम पंचायत महुली के पंचायत भवन का मौके पर निरीक्षण कर संचालन की स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी प्रकार की कमी या समस्या सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई एवं सुधार सुनिश्चित कराया जाए।

जनता सवाल पूछे, जिम्मेदार जवाब दें और व्यवस्था बेहतर हो—यही जनहित की पत्रकारिता का उद्देश्य है।

FT News Digital — सच और… कुछ नहीं।

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