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सिद्धार्थनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न, हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने पर फूटा उत्साह

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सिद्धार्थनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न, हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने पर फूटा उत्साह

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सिद्धार्थनगर। पूर्व सांसद बस्ती एवं भाजपा असम प्रदेश प्रभारी हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने की खबर के बाद सिद्धार्थनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जिला मुख्यालय स्थित साड़ी तिराहा पर निवर्तमान भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाकर खुशी जताई तथा एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।


| साड़ी तिराहा पर दिखा कार्यकर्ताओं का जोश

जश्न के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी की। मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और हरीश द्विवेदी को नई संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने पर खुशी का इजहार किया। तस्वीरों में कार्यकर्ता मिठाई बांटते और एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए।


संगठन में नई जिम्मेदारी से कार्यकर्ताओं में उत्साह

कार्यकर्ताओं ने हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने को संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने संगठन की मजबूती, अनुशासन और जनसेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की बात कही।

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कार्यकर्ताओं का कहना रहा कि संगठन में किसी कार्यकर्ता को नई जिम्मेदारी मिलना पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्साह का विषय होता है। इसी भावना के साथ सिद्धार्थनगर में कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से खुशी मनाई।

प्रमुख रूप से रहे मौजूद

कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष लाल जी त्रिपाठी, पूर्व जिला उपाध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्यामबिहारी जायसवाल, पूर्व जिला महामंत्री विपिन सिंह, पूर्व जिला मीडिया प्रभारी निशांत पांडेय, अरविंद उपाध्याय, पूर्व कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश यादव, भाजपा नेता संतोष पासवान, मयंक श्रीवास्तव, संतोष शुक्ला, ज्ञानेंद्र मिश्रा, मंगल चौरसिया, मंडल अध्यक्ष जोगिया राजेश दूबे, जिला महामंत्री फूलचंद जायसवाल, महेश वर्मा, मंडल अध्यक्ष उसका राकेश आर्य, डॉ. अरविंद पांडे, शिवशक्ति शर्मा, रवि जायसवाल, बृजेश उपाध्याय सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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सारांश

हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी मिलने की खुशी में सिद्धार्थनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न। साड़ी तिराहा पर पटाखे फोड़े गए, मिठाइयां बांटी गईं और कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रति उत्साह का प्रदर्शन किया।

टिप्पणी

सिद्धार्थनगर में आयोजित यह कार्यक्रम पार्टी कार्यकर्ताओं के संगठनात्मक उत्साह और सामूहिक सहभागिता की तस्वीर पेश करता है। राजनीतिक दलों के ऐसे कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी संगठन के जमीनी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का अनुशासन, शांतिपूर्ण आयोजन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक सहभागिता लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करती है।

 

नाग पंचमी पर सिमटती गई गुड़िया पीटने की परंपरा, मोबाइल युग में फीकी पड़ी पुराने उत्सव की रौनक

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सिद्धार्थनगर। नाग पंचमी के अवसर पर सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय स्थित पेट्रोल पंप तिराहे पर वर्षों पुरानी गुड़िया पीटने की परंपरा इस बार भी निभाई गई। बच्चों ने गुड़िया पीटकर अपनी परंपरा को आगे बढ़ाया, लेकिन स्थानीय लोगों की यादों में बसे पुराने दौर की तुलना में आयोजन में भीड़ और उत्साह कम नजर आया।

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स्थानीय लोगों के मुताबिक कभी नाग पंचमी के दिन पेट्रोल पंप तिराहे पर बड़ा आयोजन हुआ करता था। दूर-दराज से पहलवान पहुंचते थे, कुश्ती-दंगल आयोजित होते थे और आल्हा गायकों की प्रस्तुतियां भी आयोजन का हिस्सा हुआ करती थीं। लोगों का कहना है कि उस समय इतनी भीड़ जुटती थी कि तिराहे पर लोगों के खड़े होने तक की जगह मुश्किल से मिलती थी।


गुड़िया पीटने की परंपरा क्यों?

नाग पंचमी पर गुड़िया पीटने की परंपरा को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग लोककथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। एक प्रचलित लोककथा में भगवान शिव के भक्त एक युवक और उसकी बहन का उल्लेख मिलता है। लोकमान्यता के अनुसार, बहन ने भाई को नाग से बचाने के प्रयास में नाग पर प्रहार कर दिया था। इसी घटना की प्रतीकात्मक स्मृति से गुड़िया पीटने की परंपरा जुड़ी होने की बात कही जाती है।

हालांकि इस कथा का स्वरूप लोकमान्यता पर आधारित है, इसे प्रमाणित ऐतिहासिक घटना के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। नाग पंचमी का धार्मिक महत्व मुख्य रूप से नाग देवता की पूजा और प्रकृति तथा जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान की भावना से जुड़ा माना जाता है।


| कभी दंगल और आल्हा हुआ करते थे आकर्षण

स्थानीय बुजुर्गों के मुताबिक नाग पंचमी के दिन पेट्रोल पंप तिराहा सिर्फ गुड़िया पीटने का स्थान नहीं था, बल्कि लोक मनोरंजन और सामाजिक मेलजोल का भी प्रमुख केंद्र हुआ करता था।

दूर-दराज से पहलवान आते थे और कुश्ती-दंगल देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे। इसके अलावा आल्हा गायकों का आयोजन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहता था।

आल्हा की वीरगाथाओं से वातावरण गूंजता था और लोग घंटों तक कार्यक्रम का आनंद लेते थे।

इस बार क्या दिखा?

इस बार बच्चों ने गुड़िया पीटने की परंपरा निभाई, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले जैसी भीड़ और उत्साह दिखाई नहीं दिया।

दंगल और पहलवानों की मौजूदगी की पुरानी तस्वीर भी नजर नहीं आई। इसी तरह आल्हा गायकों के आयोजन की कमी भी लोगों को महसूस हुई।

एक ओर छोटे बच्चे परंपरा में शामिल दिखाई दिए, तो दूसरी ओर उनसे बड़े बच्चे और युवा मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए। कहीं सेल्फी ली जा रही थी तो कहीं मोबाइल पर बातचीत चल रही थी।

स्थानीय महिला ने बताई पुरानी तस्वीर

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आयोजन के दौरान एक स्थानीय महिला से जब पूछा गया कि वह कब से गुड़िया पीटने का उत्सव देख रही हैं, तो उन्होंने बताया कि वह बचपन से इस आयोजन को देखती आ रही हैं।

महिला के मुताबिक पहले यहां बहुत ज्यादा भीड़ होती थी, लेकिन अब धीरे-धीरे लोगों की संख्या सिमटती जा रही है।

उनकी बात में एक पीढ़ी के सामने बदलती हुई लोक परंपरा की तस्वीर साफ दिखाई देती है।

सारांश

सिद्धार्थनगर के पेट्रोल पंप तिराहे पर नाग पंचमी के दिन गुड़िया पीटने की परंपरा आज भी जारी है, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक समय के साथ इस आयोजन की पुरानी रौनक कम होती गई है।

कभी जहां कुश्ती-दंगल, दूर-दराज से आने वाले पहलवान, आल्हा गायन और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी आयोजन की पहचान हुआ करती थी, वहीं अब आयोजन अपेक्षाकृत सीमित नजर आता है।

मोबाइल और डिजिटल तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सवाल भी सामने आता है कि आने वाली पीढ़ी को स्थानीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से किस तरह जोड़ा जाए।

टिप्पणी

नाग पंचमी पर गुड़िया पीटने की परंपरा अपने आप में सिद्धार्थनगर की स्थानीय सांस्कृतिक पहचान का एक हिस्सा है। समय के साथ त्योहारों को मनाने के तरीके बदलना स्वाभाविक है, लेकिन किसी परंपरा का जीवित रहना तभी संभव है जब उसकी कहानी और सांस्कृतिक महत्व भी अगली पीढ़ी तक पहुंचे।

आज मोबाइल और सोशल मीडिया बच्चों और युवाओं की जिंदगी का हिस्सा हैं। तकनीक से दूरी बनाना समाधान नहीं है, लेकिन उसके साथ अपनी लोक संस्कृति, खेल, लोकगीत और पारंपरिक आयोजनों के लिए जगह बनाना भी जरूरी है।

सिद्धार्थनगर की यह तस्वीर शायद यही सवाल पूछ रही है—क्या गुड़िया पीटने की रस्म तो बची रहेगी, लेकिन उसके पीछे की पूरी लोक संस्कृति धीरे-धीरे यादों में सिमट जाएगी?

 

सिद्धार्थनगर में शौर्य, श्रद्धा और इतिहास का अद्भुत संगम, बारिश में भी नहीं थमा वीरांगना अवन्तीबाई के अनुयायियों का उत्साह

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घोड़े पर सवार तलवार लिए वीरांगना की मनमोहक झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, ढोल-नगाड़ों के बीच नगर भ्रमण करती रही शोभायात्रा

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सिद्धार्थनगर।

सिद्धार्थनगर में रविवार को वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर शौर्य, श्रद्धा, इतिहास और सामाजिक एकजुटता की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

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कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल, सदर विधायक श्यामधनी राही तथा उनके प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही की मौजूदगी रही। मंच से वक्ताओं ने वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के जीवन, उनके संघर्ष, साहस और बलिदान को याद करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।

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प्रतिमा स्थापित करने का उठा प्रस्ताव

कार्यक्रम के दौरान वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए उनके अनुयायियों की ओर से प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति एवं समर्थन की बात कही।

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इस प्रस्ताव के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह और बढ़ गया।

महासभा के पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

आयोजन में अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद लोधी, जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष रामप्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष सुनील लोधी, उपाध्यक्ष अमरीश लोधी, महामंत्री दुर्गेश लोधी, मंत्री राजेश लोधी, महामंत्री श्यामनंदन लोधी, वरिष्ठ सलाहकार एवं सभासद राजाराम लोधी, राम उचित लोधी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख दयाराम लोधी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू लोधी तथा जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी शामिल रहे।

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बारिश आई, लेकिन लोगों का उत्साह नहीं टूटा

जनसभा के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश बढ़ती गई, लेकिन मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा। सबसे खास तस्वीर यह रही कि बारिश के बावजूद कार्यक्रम में मौजूद लोगों की भीड़ डटी रही।

लोग बारिश में भी वक्ताओं को सुनते रहे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों का उत्साह कम होता नहीं दिखाई दिया। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में लोगों का टिके रहना आयोजन की खास तस्वीर बन गया।

घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने मोहा मन

जनसभा के बाद जब वीरांगना की झांकी के साथ शोभायात्रा निकली तो नजारा देखते ही बन रहा था।

घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और आकर्षक वेशभूषा में सजी झांकी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। झांकी इतनी मनमोहक थी कि शहर में जहां से भी यह गुजरी, लोगों की निगाहें उस पर टिकती चली गईं।

महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे—हर वर्ग के लोग इस झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। सड़क किनारे खड़े लोग वीरांगना की झांकी को एकटक निहारते नजर आए।

झांकी के साथ बजते ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।

तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी खींचा ध्यान

शोभायात्रा के दौरान तलवारबाजी का प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तलवारों की चमक, ढोल-नगाड़ों की गूंज और घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने शोभायात्रा को खास बना दिया।

लोग इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद करते दिखाई दिए।

भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से शुरू हुई शोभायात्रा

बैनर में दिए गए कार्यक्रम विवरण के अनुसार भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ी।

झांकी के आगे बढ़ने के साथ पीछे लोगों की भीड़ चलती रही। रास्ते में मौजूद लोग शोभायात्रा को देखने के लिए रुकते रहे। पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों की आवाज और वीरांगना की झांकी से जीवंत नजर आया।

इसके बाद शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने स्थित बीएसए ग्राउंड पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। बैनर में भी शोभायात्रा और समापन का यही कार्यक्रम विवरण अंकित है।

1857 के संग्राम की वीरांगना हैं अवन्तीबाई

वीरांगना अवन्तीबाई लोधी का जीवन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और संघर्ष की मिसाल के रूप में याद किया जाता है।

मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक विवरण के अनुसार रानी अवन्तीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। बचपन से ही उनमें वीरता और साहस के गुण थे तथा उन्होंने तलवारबाजी और घुड़सवारी सीखी। बाद में रामगढ़ रियासत के शासन की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व किया। 23 नवंबर 1857 को खैरी के युद्ध में उनके नेतृत्व वाली सेना ने अंग्रेजी सेना का सामना किया। मार्च 1858 में अंग्रेजी सेना के साथ संघर्ष के दौरान उन्होंने आत्मबलिदान किया।

इसी साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की स्मृति में उनके अनुयायी आज भी उनकी जयंती को श्रद्धा और गौरव के साथ मनाते हैं।

इनसेट | बारिश में भी अडिग रहा उत्साह

बारिश ने रोका आसमान, लोगों का हौसला नहीं।

जनसभा के दौरान तेज बारिश होने के बावजूद मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर बने रहे। बारिश के बीच लोगों का इस तरह डटे रहना आयोजन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल रहा।

इनबॉक्स | झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और पीछे ढोल-नगाड़ों की गूंज।

शोभायात्रा में वीरांगना अवन्तीबाई लोधी की झांकी ने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सभी झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

लीड

सिद्धार्थनगर में वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर आयोजित समारोह शौर्य, श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह का केंद्र बन गया। सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली घोड़े पर सवार वीरांगना की मनमोहक झांकी वाली शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और तलवारबाजी के प्रदर्शन के साथ नगर भ्रमण करते हुए बीएसए ग्राउंड, जेल के सामने पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।

सारांश

अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही और प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही समेत महासभा के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह बना रहा। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली भव्य शोभायात्रा में घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी, ढोल-नगाड़े और तलवारबाजी का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा का समापन बीएसए ग्राउंड, बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने हुआ।

टिप्पणी | इतिहास जब सड़क पर उतरता है

रानी अवन्तीबाई लोधी का इतिहास केवल किसी एक समुदाय की स्मृति तक सीमित न रहकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के व्यापक इतिहास का हिस्सा है। उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम इतिहास की उस वीरगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं।

सिद्धार्थनगर के आयोजन में खास बात यह रही कि मंचीय कार्यक्रम के साथ झांकी, पारंपरिक वाद्ययंत्र, तलवारबाजी और नगर भ्रमण ने इतिहास को दृश्य रूप में लोगों के सामने रखा। तेज बारिश के बावजूद लोगों का कार्यक्रम में बने रहना भी आयोजन के प्रति उनकी रुचि और उत्साह को दर्शाता है।

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सिद्धार्थनगर में शौर्य, श्रद्धा और इतिहास का अद्भुत संगम, बारिश में भी नहीं थमा वीरांगना अवन्तीबाई के अनुयायियों का उत्साह

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घोड़े पर सवार तलवार लिए वीरांगना की मनमोहक झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, ढोल-नगाड़ों के बीच नगर भ्रमण करती रही शोभायात्रा

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सिद्धार्थनगर।

सिद्धार्थनगर में रविवार को वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर शौर्य, श्रद्धा, इतिहास और सामाजिक एकजुटता की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

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कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल, सदर विधायक श्यामधनी राही तथा उनके प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही की मौजूदगी रही। मंच से वक्ताओं ने वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के जीवन, उनके संघर्ष, साहस और बलिदान को याद करते हुए उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला।

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प्रतिमा स्थापित करने का उठा प्रस्ताव

कार्यक्रम के दौरान वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की स्मृति को स्थायी रूप से संजोने के लिए उनके अनुयायियों की ओर से प्रतिमा स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति एवं समर्थन की बात कही।

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इस प्रस्ताव के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच उत्साह और बढ़ गया।

महासभा के पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

आयोजन में अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा, जनपद सिद्धार्थनगर के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद लोधी, जिला उपाध्यक्ष ओम प्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष रामप्रकाश लोधी, उपाध्यक्ष सुनील लोधी, उपाध्यक्ष अमरीश लोधी, महामंत्री दुर्गेश लोधी, मंत्री राजेश लोधी, महामंत्री श्यामनंदन लोधी, वरिष्ठ सलाहकार एवं सभासद राजाराम लोधी, राम उचित लोधी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख दयाराम लोधी, युवा जिला अध्यक्ष सोनू लोधी तथा जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी शामिल रहे।

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बारिश आई, लेकिन लोगों का उत्साह नहीं टूटा

जनसभा के दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश बढ़ती गई, लेकिन मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा। सबसे खास तस्वीर यह रही कि बारिश के बावजूद कार्यक्रम में मौजूद लोगों की भीड़ डटी रही।

लोग बारिश में भी वक्ताओं को सुनते रहे। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों का उत्साह कम होता नहीं दिखाई दिया। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में लोगों का टिके रहना आयोजन की खास तस्वीर बन गया।

घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने मोहा मन

जनसभा के बाद जब वीरांगना की झांकी के साथ शोभायात्रा निकली तो नजारा देखते ही बन रहा था।

घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और आकर्षक वेशभूषा में सजी झांकी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। झांकी इतनी मनमोहक थी कि शहर में जहां से भी यह गुजरी, लोगों की निगाहें उस पर टिकती चली गईं।

महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे—हर वर्ग के लोग इस झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। सड़क किनारे खड़े लोग वीरांगना की झांकी को एकटक निहारते नजर आए।

झांकी के साथ बजते ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्साह से भर दिया।

तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी खींचा ध्यान

शोभायात्रा के दौरान तलवारबाजी का प्रदर्शन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तलवारों की चमक, ढोल-नगाड़ों की गूंज और घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी ने शोभायात्रा को खास बना दिया।

लोग इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में भी कैद करते दिखाई दिए।

भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से शुरू हुई शोभायात्रा

बैनर में दिए गए कार्यक्रम विवरण के अनुसार भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ी।

झांकी के आगे बढ़ने के साथ पीछे लोगों की भीड़ चलती रही। रास्ते में मौजूद लोग शोभायात्रा को देखने के लिए रुकते रहे। पूरा वातावरण ढोल-नगाड़ों की आवाज और वीरांगना की झांकी से जीवंत नजर आया।

इसके बाद शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए सिद्धार्थनगर के बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने स्थित बीएसए ग्राउंड पहुंची, जहां शोभायात्रा का समापन हुआ। बैनर में भी शोभायात्रा और समापन का यही कार्यक्रम विवरण अंकित है।

1857 के संग्राम की वीरांगना हैं अवन्तीबाई

वीरांगना अवन्तीबाई लोधी का जीवन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में साहस और संघर्ष की मिसाल के रूप में याद किया जाता है।

मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक विवरण के अनुसार रानी अवन्तीबाई लोधी का जन्म 16 अगस्त 1831 को सिवनी जिले के मनकेहणी गांव में हुआ था। बचपन से ही उनमें वीरता और साहस के गुण थे तथा उन्होंने तलवारबाजी और घुड़सवारी सीखी। बाद में रामगढ़ रियासत के शासन की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व किया। 23 नवंबर 1857 को खैरी के युद्ध में उनके नेतृत्व वाली सेना ने अंग्रेजी सेना का सामना किया। मार्च 1858 में अंग्रेजी सेना के साथ संघर्ष के दौरान उन्होंने आत्मबलिदान किया।

इसी साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की स्मृति में उनके अनुयायी आज भी उनकी जयंती को श्रद्धा और गौरव के साथ मनाते हैं।

इनसेट | बारिश में भी अडिग रहा उत्साह

बारिश ने रोका आसमान, लोगों का हौसला नहीं।

जनसभा के दौरान तेज बारिश होने के बावजूद मंच से वक्ताओं का संबोधन जारी रहा और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर बने रहे। बारिश के बीच लोगों का इस तरह डटे रहना आयोजन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल रहा।

इनबॉक्स | झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

घोड़े पर सवार वीरांगना, हाथ में तलवार और पीछे ढोल-नगाड़ों की गूंज।

शोभायात्रा में वीरांगना अवन्तीबाई लोधी की झांकी ने शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सभी झांकी को देखने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। तलवारबाजी के प्रदर्शन ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

लीड

सिद्धार्थनगर में वीरांगना महारानी अवन्तीबाई लोधी की जयंती पर आयोजित समारोह शौर्य, श्रद्धा और सांस्कृतिक उत्साह का केंद्र बन गया। सांसद जगदंबिका पाल और विधायक श्यामधनी राही की मौजूदगी में हुए कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली घोड़े पर सवार वीरांगना की मनमोहक झांकी वाली शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और तलवारबाजी के प्रदर्शन के साथ नगर भ्रमण करते हुए बीएसए ग्राउंड, जेल के सामने पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।

सारांश

अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा जनपद सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में आयोजित जयंती समारोह में सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही और प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही समेत महासभा के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में वीरांगना की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। तेज बारिश के बावजूद जनसभा में लोगों का उत्साह बना रहा। इसके बाद भीमापार रेलवे क्रॉसिंग से निकली भव्य शोभायात्रा में घोड़े पर सवार वीरांगना की झांकी, ढोल-नगाड़े और तलवारबाजी का प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा का समापन बीएसए ग्राउंड, बेसिक शिक्षा कार्यालय परिसर, जेल के सामने हुआ।

टिप्पणी | इतिहास जब सड़क पर उतरता है

रानी अवन्तीबाई लोधी का इतिहास केवल किसी एक समुदाय की स्मृति तक सीमित न रहकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के व्यापक इतिहास का हिस्सा है। उनकी जयंती के अवसर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रम इतिहास की उस वीरगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं।

सिद्धार्थनगर के आयोजन में खास बात यह रही कि मंचीय कार्यक्रम के साथ झांकी, पारंपरिक वाद्ययंत्र, तलवारबाजी और नगर भ्रमण ने इतिहास को दृश्य रूप में लोगों के सामने रखा। तेज बारिश के बावजूद लोगों का कार्यक्रम में बने रहना भी आयोजन के प्रति उनकी रुचि और उत्साह को दर्शाता है।

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Avanti Bai Jayanti Celebrated in Siddharthnagar

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Siddharthnagar Witnesses Grand Avanti Bai Jayanti Procession

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लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस

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ध्वजारोहण के साथ गूंजा राष्ट्रगान, विद्यार्थियों को राष्ट्रप्रेम और जिम्मेदारी का दिया संदेश

सिद्धार्थनगर। शहर के पकड़ी-दुमदुमवा मार्ग स्थित लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को उत्साह और देशभक्ति के माहौल में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में MLC शिक्षक संघ ध्रुव कुमार त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत नजर आया।

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▪️ इनसेट

आजादी का पर्व, नई पीढ़ी के नाम

स्वतंत्रता दिवस समारोह में विद्यार्थियों को देश की स्वतंत्रता के महत्व के साथ अपने कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया गया।

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▪️ इनबॉक्स

शिक्षा के साथ संस्कार और राष्ट्रप्रेम पर जोर

मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने विद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के वास्तविक उद्देश्य को समझने तथा देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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▪️ लीड

विद्यार्थियों को बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा

विद्यालय के प्रबंधक आनंद अग्रहरि ने छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कार्यों और उपलब्धियों के माध्यम से परिवार, विद्यालय तथा समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

▪️ समारोह में ये रहे मौजूद

ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की अध्यक्ष सुनीता अग्रहरि, प्रमुख व्यवसायी एवं समाजसेवी ओमप्रकाश अग्रहरि, संयोजक प्रदीप ठकुराई, मुरलीधर अग्रहरि, संजय अग्रहरि और ओम पांडेय समेत विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।

वहीं छात्र-छात्राओं में प्रियांशी कसौधन, अंशुमान त्रिपाठी, लक्ष्मी, अनुज, हर्षित और प्राशी समेत अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

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▪️ सारांश

लक्ष्मी मेमोरियल पब्लिक स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला।

▪️ टिप्पणी

स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को याद करने और नई पीढ़ी को देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराने का दिन भी है। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम इसी भावना को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का माध्यम बना।

— FT News Digital, सिद्धार्थनगर

नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज में देशभक्ति का दिखा जज्बा, 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मना

Uttar Pradesh Siddharth Nagar

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बर्डपुर, सिद्धार्थनगर। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज, बर्डपुर में राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। ध्वजारोहण से लेकर राष्ट्रगान, देशभक्ति गीतों, भाषणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक विद्यालय परिसर में दिनभर राष्ट्रप्रेम का माहौल बना रहा।

ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ समारोह

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कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य ओम प्रकाश यादव ने ध्वजारोहण कर किया। राष्ट्रध्वज फहराते ही विद्यालय परिसर राष्ट्रगान से गूंज उठा। शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने तिरंगे को सलामी दी और स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। हाथों में तिरंगा लिए छात्र-छात्राओं की कतारें और राष्ट्रध्वज को सलामी देते बच्चों का दृश्य समारोह की गरिमा को और बढ़ाता नजर आया।

प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों को दिलाया कर्तव्य का अहसास

समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ओम प्रकाश यादव ने कहा कि देश की आजादी महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर शिक्षा ग्रहण करने, अनुशासन का पालन करने और अपने विद्यालय, परिवार, समाज तथा देश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

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उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। देश को मजबूत और विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रत्येक छात्र-छात्रा को शिक्षा के साथ अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रहना चाहिए।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

स्वतंत्रता दिवस समारोह में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, भाषणों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। जानवी, साधन, रितिका, नंदिनी, काजल, नमन वर्मा और ऋषभ साहनी सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। देशभक्ति गीतों और नारों ने समारोह में मौजूद लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया।

शिक्षकों और कर्मचारियों का रहा सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षक रवि कुमार, धनराज चौधरी, उमेश कुमार मौर्य, हीरालाल यादव और असलम की सहभागिता रही।

वहीं शिक्षिकाओं में रोशनी वर्मा, काजल, कौशल, ज्योति बिंदु और सफिया ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास से स्वतंत्रता दिवस समारोह व्यवस्थित और उत्साहपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

मिष्ठान वितरण के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं के बीच मिष्ठान वितरित किया गया। विद्यालय परिवार की ओर से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे समारोह के दौरान विद्यालय परिसर में देशभक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।

संपादकीय टिप्पणी

तिरंगे को सलामी देते नन्हे कदम और देशभक्ति के गीतों से गूंजता विद्यालय परिसर—यही तस्वीर किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत झलक है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देश के प्रति जिम्मेदारी, अनुशासन और कर्तव्य का बोध कराने का भी माध्यम हैं।

नवज्योति सिद्धार्थ इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों की भागीदारी यह संदेश देती नजर आई कि देश का भविष्य केवल किताबों में नहीं, बल्कि संस्कार, शिक्षा और राष्ट्रप्रेम के साथ तैयार होता है। यदि विद्यालयों में बच्चों को शिक्षा के साथ अपने कर्तव्यों का एहसास कराया जाए, तो यही पीढ़ी आने वाले भारत की मजबूत नींव बन सकती है।

 

कंपोजिट विद्यालय महली में गूंजे भारत माता के जयकारे, तिरंगे की शान में दिखा ग्रामीण अंचल का उत्साह

Siddharth Nagar Uttar Pradesh

महली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कंपोजिट विद्यालय महली में राष्ट्रीय पर्व हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस समारोह में बच्चों, शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यालय परिसर में सुबह से ही देशभक्ति का माहौल नजर आया और तिरंगे के सम्मान में लोगों ने एकजुट होकर राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

ध्वजारोहण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान बृजेश कुमार चौधरी द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। राष्ट्रध्वज फहराते ही विद्यालय परिसर राष्ट्रगान से गूंज उठा। इसके बाद उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी दी और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के जयघोष से वातावरण देशभक्ति से भर गया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं देशभक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन और उनके बलिदान पर आधारित झांकियां प्रस्तुत कर लोगों को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराया।

देशभक्ति गीतों पर बच्चों की प्रस्तुतियों और उनके प्रभावी भाषणों ने उपस्थित लोगों की खूब सराहना बटोरी। हाथों में तिरंगा लिए बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। ग्रामीण क्षेत्र के इस विद्यालय में बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने समारोह को खास बना दिया।

ग्रामीण अंचल में दिखी राष्ट्रभक्ति की मजबूत तस्वीर

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास का ग्रामीण वातावरण भी देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे।

तिरंगा हाथों में लेकर मौजूद बच्चों की तस्वीरें इस बात को बयां कर रही थीं कि देशभक्ति की भावना शहरों तक सीमित नहीं है। गांव के विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे भी राष्ट्रीय पर्व को लेकर उतने ही उत्साहित और जागरूक हैं।

ग्राम प्रधान ने बच्चों को दिया आगे बढ़ने का संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान बृजेश कुमार चौधरी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

पूर्व ग्राम प्रधान सोल्हू यादव सहित अन्य वरिष्ठ अतिथियों ने भी स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया तथा बच्चों से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

प्रधानाध्यापक ने जताया आभार

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कवलभान सिंह पटेल ने अतिथियों और ग्रामीणों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही मजबूत और जागरूक समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले विद्यालय परिवार, अभिभावकों और ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक अध्यापक अनुपम राठौर, सुनील यादव और राजेश चौधरी सहित रसोईया सुधरा देवी, प्रेम कुमारी, रामरती तथा सफाई कर्मी अदालत का सहयोग रहा।

इस अवसर पर राममिलन प्रजापति, रफीक, नारद प्रजापति, महेन्द्र कुमार, नन्द किशोर, राजेश, राम केश, प्रभु दयाल, गोलू, संजय, अजय और दिनेश कुमार प्रजापति सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, अभिभावक एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

मिष्ठान वितरण के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में बच्चों और उपस्थित ग्रामीणों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया। प्रधानाध्यापक ने सभी अतिथियों एवं ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन हुआ।

संपादकीय टिप्पणी

गांव के विद्यालयों में तिरंगे की शान और बच्चों के चेहरों पर देशभक्ति का उत्साह वास्तव में राष्ट्र की मजबूत नींव की तस्वीर है। कंपोजिट विद्यालय महली में आयोजित कार्यक्रम यह संदेश देता है कि देशप्रेम किसी स्थान या संसाधन का मोहताज नहीं होता। सीमित संसाधनों के बीच भी यदि शिक्षक, बच्चे, अभिभावक और ग्रामीण एकजुट होकर राष्ट्रीय पर्व मनाएं, तो यही भावना आने वाली पीढ़ी में देश के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान की भावना को मजबूत करती है।

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आजादी का पर्व केवल झंडा फहराने तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चों की शिक्षा, संस्कार और बेहतर भविष्य के संकल्प से जुड़े—यही ऐसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता है।

SSB 43वीं वाहिनी में लहराया राष्ट्रीय ध्वज

सिद्धार्थनगर। दिनांक 15.08.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा वाहिनी मुख्यालय सहित समस्त सीमा चौकियों में हर्षोल्लास एवं देशभक्ति की भावना के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।

इस अवसर पर श्री उज्जल दत्ता, कमांडेंट, 43वीं वाहिनी द्वारा सीमा चौकी बजहा में ध्वजारोहण किया गया। इसके उपरांत महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा प्रेषित संदेश को पढ़कर सुनाया गया तत्पश्चात पुलिस स्टेशन कपिलवस्तु में भारतीय युवा वेलफेयर एसोसिएशन (भारत) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की गई। साथ ही विभिन्न विद्यालयों के बच्चो से संवाद कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं एवं स्थानीय पुलिस, नेपाल ए.पी.एफ की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया।

वाहिनी मुख्यालय परिसर में श्री एल. आशाकुमार सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी, 43वीं वाहिनी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके उपरांत महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल द्वारा प्रेषित संदेश को पढ़कर सुनाया गया तथा उपस्थित जवानों में मिष्ठान वितरित किया गया।

इसी क्रम में वाहिनी की समस्त सीमा चौकियों, प्रमुख आवागमन मार्गों एवं विद्यालयों में स्थानीय पुलिस, मानव सेवा संस्थान (एन.जी.ओ.), नेपाल ए.पी.एफ., स्थानीय ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए तथा मिष्ठान वितरित किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित किया गया।

भारत माता के जयघोष से गूंजा सिद्धार्थनगर, प्रतिमा पर हुआ भव्य माल्यार्पण

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स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में रंगा माहौल, युवाओं और देशभक्तों ने लिया राष्ट्र की एकता-अखंडता का संकल्प

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सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिद्धार्थनगर में राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति से ओत-प्रोत वातावरण देखने को मिला। भारत माता की प्रतिमा पर भव्य माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में देशभक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भारत माता के जयघोष और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।

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| श्रद्धा से सजी भारत माता की प्रतिमा

कार्यक्रम के दौरान भारत माता की प्रतिमा को फूलों की मालाओं से सजाया गया। युवाओं एवं उपस्थित लोगों ने बारी-बारी से प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्र के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। हाथों में तिरंगा और मन में देशभक्ति का भाव लिए लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।


देशभक्ति केवल नारा नहीं, जिम्मेदारी भी

स्वतंत्रता दिवस हमें केवल आजादी का उत्सव मनाने का अवसर नहीं देता, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। भारत माता की प्रतिमा के समक्ष जुटे लोगों ने इसी भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

विनीत श्रीवास्तव ने कही महत्वपूर्ण बात

विनीत श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल या संगठन का प्रचार करना नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, आपसी भाईचारे, एकता और देश के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

देश के प्रति समर्पण का संकल्प

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने तथा देशहित में सदैव सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। उपस्थित लोगों का कहना था कि राष्ट्रध्वज और भारत माता के प्रति सम्मान केवल किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारियों को जीवन में उतारना ही सच्ची देशभक्ति है।

कार्यक्रम में रमेश वर्मा, अगम श्रीवास्तव, छोटू, मोहसिन, संदेश मिश्रा सहित अन्य सम्मानित लोग मौजूद रहे।


देशभक्ति के रंग में रंगा सिद्धार्थनगर

स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित भारत माता माल्यार्पण कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम किसी राजनीतिक सीमा का विषय नहीं, बल्कि देश के प्रति नागरिकों की साझा भावना है। तिरंगे की शान, भारत माता का सम्मान और देश की एकता-अखंडता के प्रति संकल्प—यही इस आयोजन की सबसे बड़ी तस्वीर रही।

संपादकीय टिप्पणी | देश पहले, बाकी सब बाद में

आज जब देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, ऐसे आयोजनों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि नई पीढ़ी को आजादी के पीछे दिए गए बलिदानों और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराना जरूरी है। देशभक्ति केवल नारों और आयोजनों तक सीमित न रहे—यह हमारे आचरण, कर्तव्य और समाज के प्रति जिम्मेदारी में भी दिखाई दे, तभी स्वतंत्रता का वास्तविक सम्मान होगा।

राष्ट्र सर्वोपरि।

तिरंगा हमारी आन है, भारत हमारी पहचान है।

जय हिंद!

कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने किया झंडारोहण

सिद्धार्थनगर 15 अगस्त 2026/80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह परम्परागत एवं सादगी के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में 8ः00 बजे कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को फहराया गया। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान जन-गण-मन को सभी अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा गायन किया गया। ध्वजारोहण कार्यक्रम के अवसर पर धर्मपत्नी जिलाधिकारी डा0 तनुश्री टीआर, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश, तथा कलेक्ट्रेट के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण कार्यक्रम के पश्चात कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम रघुवर प्रसाद सरस्वती शिशु मन्दिर के बच्चो द्वारा देश भक्ति गीत प्रस्तुत किया गया। जिलाधिकारी द्वारा बच्चें को उपहार दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभागार में उपस्थित समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों, अधिवक्तागण, मीडिया प्रतिनिधियों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि हमारे देश को आजाद कराने वाले अमर शहीदों के प्रति उनके द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि हम याद रखे कि हम कैसे आजाद हुए। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बहुत से देश आजाद हुए। आप सभी लोग जहां भी है अपने दायित्वों का र्निहन करें। जो भी आपके पास अपनी किसी भी समस्या को लेकर आये उसकी सहायता कर समस्या का निस्तारण कराये। देश 1947 में आजाद होने के बाद बहुत पीछे था। पहले देश में कुछ नही बनता था। आज हमारे देश में आधुनिक हथियार, राकेट और भी बहुत कुछ बन रहा है। भारत आज विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है। आने वाली पीढ़ी एवं बच्चों को वीर सपूतो की कुर्बानियों के बारे में बताये कि कैसे हम लोग आजाद हुए। हम लोग विकसित भारत का सपना देख रहे है सभ्ज्ञी लोग मिलकर कार्य कर देश को विकसित बनाने में सहयोग करे। समाज के अन्तिम व्यक्ति तक हमे पहुॅचना है। प्रत्येक परिवार सम्पन्न होगा तभी देश विकसित होगा। हम सभी लोगो ने मिलकर सभी चुनौतियों का सामना किया है। आगे भी कोई चुनौती आयेगी तो उसका सामना मिलकर करेंगे। सभी को पुनः स्वतंत्रता दिवस की बधाई दिया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी एवं उपस्थित सभी लोगो को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दिया। सभी ज्ञात एवं अज्ञात वीर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया। स्वतंत्रता आन्दोलन में सभी का योगदान रहा है। हमारे देश के वीर सपूतो के त्याग और बलिदान से हमको आजादी मिली। अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) ने कहा कि उन्होंने अपने प्रयासों से देश को आजाद कराया। देश ने बहुत विकास किया है। पूरे जिले की जनता जिलाधिकारी से अपेक्षा रखती है। सभी लोग अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें। जिले के विकास में अपना सहयोग करें। आदर्शाे और मूल्यों को सहेजे और आगे बढ़े।

अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ज्ञान प्रकाश ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दिया। उन्होंने कहा कि पहले हम लोग ऐसे नही थे। आज हमारी पहचान हिन्दुस्तानी के रूप में है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ। बहुत से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने जीवन का बलिदान देकर देश को आजद कराया। 1947 से 2026 तक देश विकास के पथ पर निरन्तर बढ़ रहा है। सभी लोग देश के विकास में अपना योगदान दे।

इस अवसर पर ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता सत्यदेव सिंह, जय शंकर प्रसाद मिश्र, राणा प्रताप सिंह द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किया गया।जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितो को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

गोष्ठी का संचालन प्रेमसागर चौधरी द्वारा किया गया।

स्वतन्त्रता दिवस आयोजन के इस अवसर पर ध्वजारोहण विकास भवन में- मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह, जनपद न्यायालय-मा0 जनपद न्यायाधीश, पुलिस लाइन-पुलिस अधीक्षक, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में-कुलपति, स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज सिद्धार्थनगर में प्राचार्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय- मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला सयुंक्त चिकित्सालय- मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, जिला कारागार में-अधीक्षक जिला कारागार, डी0एफ0ओ0 कार्यालय-डीएफओ, समस्त तहसीलों में-उपजिलाधिकारी, विकास खण्डों में-खण्ड विकास अधिकारी, नगर पालिका व नगर पंचायतों में मा0 अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया गया। जनपद की समस्त शिक्षण संस्थानों/समस्त कार्यालयों में ध्वजारोहण किया गया।

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