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सिद्धार्थनगर: मेले से लौट रहे युवक पर चाकू से हमला, हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज

 

खुनुवां बाईपास के निजी मैरिज हॉल में झूला-सर्कस देखने के दौरान कहासुनी की बात आई सामने; नौडिहवा पुल के पास घायल मिला युवक, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में उपचार की जानकारी


सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक पर चाकू से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि खुनुवां बाईपास स्थित एक निजी मैरिज हॉल में झूला-सर्कस देखने के दौरान दो युवकों के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद नौडिहवा पुल के पास एक युवक की पीठ में चाकू लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन की तहरीर के आधार पर पुलिस ने नामजद युवक के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है।


घटना कैसे हुई?


प्राप्त समाचार विवरण के अनुसार, शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के सिसवा बुजुर्ग निवासी आशीष निषाद अपने मामा के यहां बसहिया गांव में रह रहे थे। मंगलवार रात वह अपने ममेरे भाई राजन के साथ बाइक से खुनुवां बाईपास स्थित एक निजी मैरिज हॉल में झूला-सर्कस देखने गए थे।

वहां किसी बात को लेकर आशीष और बसहिया गांव के नौडिहवा टोला निवासी अखिलेश यादव के बीच कहासुनी होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि विवाद बढ़ने पर दोनों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। मैरिज हॉल में मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया।

इसके बाद नौडिहवा पुल के पास आशीष की पीठ में चाकू लगने से वह घायल हो गए। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और दोनों घटनाक्रमों के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


घायल युवक को गोरखपुर किया गया रेफर


घटना के बाद घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शोहरतगढ़ ले जाया गया। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, चिकित्सकों ने उसकी पीठ में फंसे चाकू को निकालकर प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर देखते हुए उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर किया गया।

उपलब्ध समाचार विवरण में गोरखपुर में उसके उपचार की जानकारी दी गई है। हालांकि, उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई नया आधिकारिक मेडिकल अपडेट उपलब्ध नहीं मिला है।


पिता की तहरीर पर मुकदमा, पुलिस जांच जारी


थाना प्रभारी शेषमणि पांडेय के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार, घायल युवक के पिता पवन की तहरीर पर अखिलेश यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश किए जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है।

15 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में गिरफ्तारी की कोई पुष्ट सूचना नहीं मिली है। इसलिए आरोपी की वर्तमान स्थिति और पुलिस की आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना उचित होगा।


मामले में आगे क्या महत्वपूर्ण होगा?


इस घटना में विवाद की मूल वजह, पुल के पास हुए घटनाक्रम की परिस्थितियां, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और चिकित्सकीय रिपोर्ट जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हो सकते हैं। पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।


FT News Digital का पक्ष: किसी भी आपराधिक मामले में प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच पसरा मातम, सड़क हादसे में एक ही गांव के तीन दोस्तों की मौत

बयारा चौराहे के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से दर्दनाक हादसा, चौरा बनगवा गांव में शोक की लहर

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सिद्धार्थनगर। जिस गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर उत्सव की तैयारियां की गई थीं, जहां पट खुलने के बाद प्रसाद वितरण हुआ और लोगों के बीच खुशी का माहौल था, उसी गांव में कुछ ही देर बाद मातम पसर गया। खुशियों और आस्था के इस माहौल को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने गहरे शोक में बदल दिया। एक ही गांव के तीन मित्रों की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर से परिवारों में चीख-पुकार मच गई, जबकि पूरे गांव में सन्नाटा छा गया।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, भवानीगंज थाना क्षेत्र के चौरा बनगवा गांव निवासी तीन युवक बाइक से बयारा चौराहे की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि गांव में स्थापित दुर्गा प्रतिमा का पट खुलने के बाद प्रसाद वितरण हुआ था। इसके बाद तीनों मित्र बाइक से निकले और बयारा चौराहे के पास पहुंचे ही थे कि भड़रिया की तरफ से आ रहे एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।


तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़


इस हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान विशाल पुत्र रामचंद्र प्रजापति, उम्र लगभग 16 वर्ष; इंद्रजीत गौतम पुत्र बसंत गौतम, उम्र लगभग 20 वर्ष; और मुकेश अग्रहरि पुत्र रामतीरथ अग्रहरि, उम्र लगभग 16 वर्ष के रूप में बताई गई है।

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तीनों एक ही गांव के रहने वाले और मित्र बताए जा रहे हैं। एक साथ तीन युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। अपनों को खोने के दुख में परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस उम्र में युवकों के सामने जीवन के अनेक सपने और संभावनाएं थीं, उसी उम्र में उनकी असमय मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।


उत्सव के बाद गांव में छाया सन्नाटा


गांव में दुर्गा प्रतिमा स्थापना और पूजा-पाठ के बीच जहां धार्मिक उत्साह का माहौल था, वहीं तीन युवकों की मौत की खबर ने पूरे वातावरण को गमगीन कर दिया। जिन घरों में कुछ समय पहले तक सामान्य चहल-पहल थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर शोक और दुख का माहौल है।


पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे


घटना की सूचना मिलने पर भवानीगंज थाना अध्यक्ष विजय शंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से चला गया।

इस संबंध में थाना अध्यक्ष विजय शंकर सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


बड़ा सवाल: सड़क पर सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो?


एक ही गांव के तीन युवकों की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और अज्ञात वाहन से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल हादसे से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होनी है। अज्ञात वाहन की पहचान और दुर्घटना के कारणों को स्पष्ट करने के लिए जांच महत्वपूर्ण होगी।

यह केवल एक सड़क दुर्घटना की खबर नहीं, बल्कि तीन परिवारों के उजड़ते सपनों और एक गांव की सामूहिक पीड़ा की कहानी है। उत्सव के बाद जिस गांव में खुशियां होनी थीं, वहां अब अपनों को खोने का गम है।

बृजभूषण तिवारी की जयंती पर 500 सहयोगियों का सम्मान, PDA स्वाभिमान एप सदस्यता अभियान शुरू

मणेन्द्र मिश्रा बोले—भेदभाव के खिलाफ आजीवन संघर्ष करते रहे बृजभूषण तिवारी, समारोह में 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प

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गौहनिया चौराहा, शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। समाजवादी चिंतक, विचारक एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय बृजभूषण तिवारी की जयंती के अवसर पर शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गौहनिया चौराहे पर विशाल सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में उनके साथियों, सहयोगियों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और लोकतंत्र रक्षक सेनानियों सहित 500 लोगों को अंगवस्त्र एवं समाजवादी साहित्य भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान PDA स्वाभिमान एप सदस्यता अभियान का भी शुभारंभ हुआ।

 

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वैचारिक विरासत और सामाजिक समानता पर हुई चर्चा


कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री मुलायम सिंह यादव और स्वर्गीय बृजभूषण तिवारी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने बृजभूषण तिवारी से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उनके राजनीतिक जीवन, समाजवादी विचारधारा और सामाजिक विषमता को दूर करने के प्रयासों को याद किया।

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आयोजक एवं संयोजक मणेन्द्र मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि बृजभूषण तिवारी राष्ट्रीय स्तर के नेता और सच्चे समाजवादी थे। उनका व्यक्तित्व भेदभाव विरोधी था और वे आजीवन सामाजिक विषमता दूर करने के लिए समर्पित रहे। उन्होंने समाजवादी पार्टी की वैचारिक मजबूती पर हमेशा जोर दिया।

 

मिश्रा ने बताया कि समाजवादी परंपरा और विचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से समाजवादी अध्ययन केंद्र की स्थापना की गई है। इसके सभागार का नाम भी बृजभूषण तिवारी के नाम पर रखा गया है।


2027 को लेकर राजनीतिक संकल्प


समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने और PDA स्वाभिमान एप के माध्यम से सदस्यता अभियान को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।


रवि रांझा की प्रस्तुतियों ने बांधा समां


कार्यक्रम में समाजवादी सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव, भोजपुरी अभिनेता एवं गायक रवि रांझा ने गीतों की प्रस्तुति दी। आयोजन समिति की ओर से उन्हें मां सरस्वती की कांस्य प्रतिमा, बाबा साहब के प्रतीक चिह्न, अंगवस्त्र और शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया।


कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी रहे मौजूद


कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष हरिनारायण यादव ने की, जबकि हरिहर मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष लालजी यादव, डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून, मुरलीधर मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी, पूर्व विधायक अमर चौधरी, प्रदेश सचिव राम मिलन भारती, लोकतंत्र रक्षक सेनानी बेचई यादव, जुबैदा चौधरी, जिला महासचिव कमरुज्जमा, हरिराम यादव, रामू यादव, शकील शाह, अखिलेश मौर्या, घनश्याम जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य अनीता द्विवेदी, जावेद खान और गोपाल फौजी सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इसके अलावा बहराइची प्रेमी, जय करन गौतम, नौशाद आलम, अजय चौरसिया, डॉ. अमित शर्मा, डॉ. सरफराज अंसारी, उदयभान तिवारी, उमाशंकर उपाध्याय, राकेश दुबे, फूलचंद्र शर्मा, लाल बिहारी यादव, शादाब, इरशाद, सर्वेश मिश्रा, अनूप त्रिपाठी, संजय यादव, एजाज अंसारी, प्रभात तिवारी, नीशू तिवारी और कुलदेवी नाथ तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


डिजिटल डेस्क | FT News Digital


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फोटो कैप्शन: शोहरतगढ़ के गौहनिया चौराहे पर स्वर्गीय बृजभूषण तिवारी की जयंती पर आयोजित सम्मान समारोह में मौजूद समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सम्मानित सहयोगी।

 

 

सिद्धार्थनगर: बांसी पुलिस का बड़ा एक्शन, चोरी का ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद; आठ लाख की बरामदगी का दावा

एंटी थेफ्ट टीम और सर्विलांस सेल के साथ संयुक्त कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार; तमंचा और कारतूस मिलने की भी पुलिस ने दी जानकारी

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डिजिटल डेस्क | FT News Digital


सिद्धार्थनगर में वाहन चोरी के मामले में बांसी पुलिस को सफलता मिलने की खबर सामने आई है। भरथना गांव के पास तेलौरा स्थित गिट्टी प्लांट से चोरी हुए ट्रैक्टर और ट्रॉली को बरामद करने का पुलिस ने दावा किया है। संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, बरामद वाहन की अनुमानित कीमत करीब आठ लाख रुपये है। गिरफ्तार व्यक्ति के कब्जे से देशी तमंचा, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी बरामद होने की बात कही गई है। पुलिस की इस कार्रवाई में एंटी थेफ्ट टीम, सर्विलांस सेल और थाना बांसी की संयुक्त भूमिका सामने आई है।


चोरी के मामले में पुलिस की संयुक्त कार्रवाई


सिद्धार्थनगर। जनपद के थाना बांसी क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर वाहन बरामद करने की जानकारी दी है। पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 18 अगस्त 2026 की रात ग्राम भरथना, पोस्ट तेलौरा स्थित गिट्टी प्लांट से ट्रैक्टर और ट्रॉली चोरी होने की सूचना मिली थी। इस मामले में 26 अगस्त को थाना बांसी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

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मामले के अनावरण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर एंटी थेफ्ट टीम, सर्विलांस सेल और थाना बांसी पुलिस की संयुक्त टीम लगाई गई। पुलिस के मुताबिक, सूचना और चेकिंग अभियान के आधार पर कार्रवाई करते हुए चोरी के मामले से संबंधित ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किया गया।


नहर पटरी पर घेराबंदी, चालक को पकड़ा


पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 12 और 13 अक्टूबर की मध्यरात्रि में पुलिस टीम रात्रि गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर काजी रुधौली से देवरिया की ओर जाने वाली नहर पटरी पर घेराबंदी की गई।

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पुलिस का कहना है कि इसी दौरान एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया गया। चालक ने वाहन लेकर निकलने की कोशिश की, लेकिन रास्ता संकरा होने के कारण उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सोनू लोध, निवासी थाना खेसरहा क्षेत्र, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में बताई गई है।

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पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ 315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किया गया।


: आठ लाख रुपये के वाहन बरामद करने का दावा

– ट्रैक्टर: अनुमानित कीमत छह लाख रुपये।

– ट्रॉली: अनुमानित कीमत दो लाख रुपये।

– कुल कीमत: करीब आठ लाख रुपये।

– अन्य बरामदगी: एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन।

– पुलिस कार्रवाई: एक आरोपी गिरफ्तार।

बरामदगी और कीमत से संबंधित विवरण पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार हैं।


: मुकदमे में बढ़ाई गईं धाराएं


पुलिस के अनुसार, चोरी के दर्ज मुकदमे में बीएनएस की धारा 317(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद 13 अक्टूबर 2026 को न्यायालय भेजे जाने की जानकारी दी है।


टिप्पणी: चोरी पर अंकुश के लिए सतर्कता जरूरी


्ट्रै्क्टर और ट्रॉली किसानों तथा निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन हैं। ऐसे वाहनों की चोरी से आर्थिक नुकसान के साथ रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ता है। इस मामले में वाहन बरामद किए जाने का पुलिस का दावा संबंधित वाहन मालिक के लिए राहत की खबर है। साथ ही, ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश के लिए नियमित गश्त, संदिग्ध वाहनों की जांच और त्वरित कार्रवाई की अहम भूमिका रहती है।


सारांश


सिद्धार्थनगर के बांसी थाना क्षेत्र में गिट्टी प्लांट से ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी की गिरफ्तारी और करीब आठ लाख रुपये के वाहन बरामद करने की जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से तमंचा, जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन भी मिला है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय और जांच के निष्कर्षों के अनुसार आगे बढ़ेगी।


कानूनी पक्ष: यह समाचार पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। गिरफ्तारी को दोषसिद्धि नहीं माना जाना चाहिए।


FT News Digital | सच और… कुछ नहीं

आशा बहुओं की मांगों पर अब आर-पार की तैयारी! अनिल सिंह बोले—मांगें पूरी नहीं हुईं तो लखनऊ में होगा आंदोलन

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मानदेय में वृद्धि, लंबित भुगतान और रात्रि में ठहरने की व्यवस्था की मांग; विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर सौंपा ज्ञापन, शासन-प्रशासन के अगले कदम पर टिकी निगाहें

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सिद्धार्थनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाने वाली आशा बहुओं और आशा संगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर सिद्धार्थनगर में आवाज बुलंद की। ऑल आशा, आशा संगिनी कार्यकत्री सेवा समिति के बैनर तले प्रदेश संरक्षक अनिल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता विकास भवन परिसर में एकत्रित हुईं। यहां से बैनर के साथ पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचीं और नारेबाजी के बीच धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

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प्रदर्शन की प्रमुख मांगों में आशा संगिनियों का मानदेय 18 हजार रुपये और आशा बहुओं का मानदेय 16 हजार रुपये किए जाने, विभिन्न मदों में लंबित भुगतान का निस्तारण कराने तथा रात में प्रसव संबंधी जरूरतों के दौरान कार्यकर्ताओं के ठहरने के लिए कमरे की व्यवस्था शामिल है। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रेस द्वारा सवाल किए जाने पर प्रदेश संरक्षक अनिल सिंह ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो संगठन लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेगा। उन्होंने ऐसी स्थिति के लिए शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने की बात भी कही।

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: मानदेय से लेकर सुविधाओं तक, तीन प्रमुख मांगों पर जोर


आशा बहुओं और आशा संगिनियों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में निश्चित मानदेय की व्यवस्था करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। संगठन ने आशा संगिनियों के लिए 18 हजार रुपये और आशा बहुओं के लिए 16 हजार रुपये मानदेय निर्धारित करने का अनुरोध किया है। यह संगठन की मांग है; इसे किसी स्वीकृत सरकारी निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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ज्ञापन में विभिन्न मदों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया है। संगठन ने जननी सुरक्षा योजना समेत ज्ञापन में उल्लिखित अन्य मदों से संबंधित वर्ष 2024 के लंबित भुगतान के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है।

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इसके अतिरिक्त, रात के समय प्रसव संबंधी जरूरतों के दौरान अस्पताल जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के लिए रात्रि में ठहरने हेतु एक कमरे की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। संगठन के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में कार्यकर्ताओं को अपने छोटे बच्चों को घर पर छोड़कर जाना पड़ सकता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ठहरने की सुविधा की मांग उठाई गई है।

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ज्ञापन के बाद आंदोलन की चेतावनी


प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को नारेबाजी के माध्यम से सामने रखा। पैदल मार्च के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा गया, ताकि उनकी समस्याएं शासन और प्रशासन तक पहुंच सकें।

ज्ञापन सौंपने के बाद प्रेस के सवाल पर अनिल सिंह ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में संगठन लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेगा। उन्होंने प्रस्तावित आंदोलन की जिम्मेदारी शासन और प्रशासन पर होने की बात कही।

इस बयान के बाद अब संगठन की आगे की रणनीति और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार लखनऊ में प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन की तारीख और स्थान की औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है।


ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें


1. निश्चित मानदेय: आशा संगिनियों का मानदेय 18 हजार रुपये और आशा बहुओं का मानदेय 16 हजार रुपये किए जाने की मांग।

2. लंबित भुगतान: विभिन्न मदों में बकाया भुगतान की समीक्षा और पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार भुगतान कराने का अनुरोध।

3. रात्रि में ठहरने की सुविधा: रात में प्रसव संबंधी जरूरतों के दौरान कार्यकर्ताओं के लिए एक कमरे की व्यवस्था किए जाने की मांग।


अनिल सिंह की भूमिका और संगठन की अगली रणनीति

इस कार्यक्रम में प्रदेश संरक्षक अनिल सिंह ने संगठन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को एकजुट करते हुए मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने की पहल की। विकास भवन परिसर से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपने की कार्रवाई के बाद उन्होंने प्रेस के सामने मांगें पूरी नहीं होने पर लखनऊ में आंदोलन करने की बात रखी।

संगठन की ओर से उठाए गए मुद्दों पर अब संबंधित विभागों की ओर से स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। मानदेय निर्धारण, भुगतान की स्थिति और रात्रि में ठहरने की व्यवस्था के संबंध में आधिकारिक निर्णय सामने आने पर ही यह स्पष्ट होगा कि मांगों पर क्या प्रगति हुई है।


टिप्पणी: मांगों पर संवाद और समाधान जरूरी


आशा बहुओं और आशा संगिनियों की ओर से उठाए गए मुद्दे मानदेय, भुगतान और कार्य के दौरान आवश्यक सुविधाओं से जुड़े हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विभागों द्वारा ज्ञापन में दर्ज मांगों की समीक्षा, लंबित भुगतान की स्थिति की जांच और उपलब्ध नियमों के अनुरूप कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करना उपयोगी होगा।

संगठन ने अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा दी हैं और समाधान नहीं निकलने पर आगे आंदोलन की चेतावनी दी है। अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित अधिकारी मांगों पर स्थिति स्पष्ट करें, संगठन के प्रतिनिधियों के साथ संवाद करें और प्रत्येक मुद्दे पर नियमानुसार उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दें।

सवाल यही है: आशा बहुओं और आशा संगिनियों की इन मांगों पर शासन और संबंधित विभाग क्या निर्णय लेते हैं? इसका जवाब आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई से ही सामने आएगा।


FT News Digital | सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश

मिशन शक्ति फेज-6.0 से महिला सुरक्षा का संदेश, सिद्धार्थनगर में पुलिस-प्रशासन ने निकाला जागरूकता मार्च

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सदर विधायक श्यामधनी राही, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन और भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य की मौजूदगी में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन पर दिया गया जोर


सिद्धार्थनगर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर सिद्धार्थनगर में मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत शक्ति जागरूकता पैदल मार्च निकाला गया। 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं, पुलिस प्रशासन, तहसील प्रशासन और नगर पालिका की सहभागिता रही। अभियान के माध्यम से महिला सुरक्षा, अधिकारों के प्रति जागरूकता और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

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कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, सदर विधायक श्यामधनी राही, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य तथा अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद की मौजूदगी रही। पुलिस विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ प्रशासनिक अमले की सहभागिता ने अभियान के उद्देश्य को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया।

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महिला सुरक्षा और सम्मान को लेकर जागरूकता अभियान


मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत आयोजित पैदल मार्च का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, सुरक्षा के प्रति विश्वास मजबूत करना और महिला अपराधों की रोकथाम में जनसहभागिता बढ़ाना है। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाओं का सम्मान, उनकी सुरक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास समाज की प्राथमिकताओं में शामिल होने चाहिए।


पुलिस, तहसील प्रशासन और नगर पालिका की सहभागिता


कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के साथ तहसील प्रशासन, नगर पालिका और भाजपा कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। अभियान से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंदों को उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी देने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया।

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इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद, क्षेत्राधिकारी विश्वजीत शौर्यान और थाना प्रभारी सिद्धार्थनगर नवीन कुमार सिंह सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। महिला थाना, मिशन शक्ति टीम, एंटी रोमियो टीम और यातायात पुलिस की सहभागिता भी अभियान के संदर्भ में महत्वपूर्ण रही।


हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर किया जागरूक


महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या अन्य अपराध की स्थिति में बिना भय के सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी जा रही है।

– 1090: वीमेन पावर लाइन

– 112: पुलिस आपातकालीन सेवा

– 1076: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन

– 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन

– 181: महिला हेल्पलाइन

– 1930: साइबर अपराध हेल्पलाइन

पुलिस की मिशन शक्ति टीमें थानों पर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें विधिक अधिकारों, महिला हेल्प डेस्क और सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक कर रही हैं।


जनसहभागिता से मजबूत होगा सुरक्षा का संदेश


मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता मार्च निकालना ही नहीं, बल्कि महिलाओं एवं बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना और जरूरत के समय सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। पुलिस प्रशासन, तहसील प्रशासन, नगर पालिका, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की सहभागिता से महिला सुरक्षा के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


FT News Digital | सिद्धार्थनगर


 

बनगवां में यूपी एग्रीज योजना की बैठक, रबी की खेती को लेकर किसानों को मिला मार्गदर्शन

बनगवां में यूपी एग्रीज योजना की कृषक बैठक, रबी सीजन में उन्नत खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

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मिठवल, सिद्धार्थनगर। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, खेती की लागत कम करने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में यूपी एग्रीज योजना के तहत गांवों में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड मिठवल के ग्राम बनगवां में रविवार को विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित यूपी एग्रीज योजना के अंतर्गत कृषक बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को रबी सीजन की तैयारियों, उन्नत बीजों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।


खेती को आधुनिक बनाने की पहल, किसानों को दी गई उपयोगी जानकारी


कृषि क्षेत्र में बेहतर उत्पादन और किसानों को आधुनिक खेती के तौर-तरीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक में यूपी एग्रीज टीम ने किसानों के साथ संवाद किया। अधिकारियों ने योजना के उद्देश्यों और संभावित लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर खेती की लागत कम करने और उत्पादन में सुधार की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। बैठक में लगभग 30 से 40 किसानों ने प्रतिभाग किया।


इनबॉक्स लीड: रबी सीजन से पहले किसानों को खेती की बेहतर तैयारी का संदेश


बैठक के दौरान मिठवल विकासखंड के टेक्निकल एसोसिएट अविनाश मिश्रा ने यूपी एग्रीज योजना की रूपरेखा और इसके प्रमुख उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को उत्पादकता बढ़ाने, कृषि लागत कम करने और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के महत्व से अवगत कराया।

वहीं, टेक्निकल असिस्टेंट सुधा मिश्रा ने रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए उन्नत बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मिट्टी की सेहत बनाए रखने और सरकारी अनुदान के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। किसानों को खेती में वैज्ञानिक तरीकों के इस्तेमाल और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।


फॉलोअप: क्लस्टर आधारित खेती और बाजार से जुड़ाव पर भी चर्चा


कृषक बैठक में क्लस्टर आधारित खेती और बाजार से जुड़ाव के फायदों को भी समझाया गया। किसानों को बताया गया कि योजनाबद्ध तरीके से खेती करने, फसल की जरूरत के अनुसार कृषि प्रबंधन अपनाने और बाजार की मांग को ध्यान में रखने से बेहतर परिणाम हासिल करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

बैठक के दौरान किसानों ने योजना से संबंधित विभिन्न सवाल उठाए। यूपी एग्रीज टीम ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उपलब्ध जानकारी साझा की। इससे किसानों को योजना की कार्यप्रणाली और खेती में इसके उपयोग को समझने का अवसर मिला।


सार: जागरूकता से आधुनिक खेती की ओर बढ़ेंगे किसान


ग्राम बनगवां में आयोजित यह कृषक बैठक रबी सीजन से पहले किसानों को कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल रही। बैठक में किसानों ने योजना से जुड़कर इसका लाभ लेने में रुचि दिखाई और आगे भी आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कृषि योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाना, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देना और उन्हें उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना ग्रामीण कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। अब किसानों को इस जानकारी का खेतों में कितना व्यावहारिक लाभ मिलता है, यह आने वाले रबी सीजन में अपनाई जाने वाली कृषि पद्धतियों और उनके परिणामों से स्पष्ट होगा।


डिजिटल टिप्पणी


खेती में बेहतर उत्पादन की शुरुआत सही जानकारी और समय पर तैयारी से होती है। उन्नत बीज, मिट्टी के स्वास्थ्य पर ध्यान, संतुलित उर्वरक का उपयोग और बाजार की जरूरतों की समझ किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। यूपी एग्रीज जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों तक तकनीकी जानकारी पहुंचाना सकारात्मक पहल है। जरूरत इस बात की है कि किसानों को मार्गदर्शन के साथ योजना के पात्र लाभों, उपलब्ध सुविधाओं और उनके वास्तविक क्रियान्वयन की जानकारी भी समय पर मिलती रहे।

EVM, VVPAT सहित निर्वाचन संबंधी उपकरणों का DM ने किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर 12 अक्टूबर 2026/आगामी निर्वाचन की तैयारियों के क्रम में आज से इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों(EVM), जिसमें कण्ट्रोल यूनिट(CU),बैलट यूनिट(BU)और VVPAT शामिल हैं,की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) का जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा जिला निर्वाचन कार्यालय का निरीक्षण किया गया।

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षक/सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान श्री नरेंद्र कुमार मीणा के साथ ई0वी0एम0 वेयर को राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के समक्ष खोला गया। भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा EVM के निर्माता कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड(BEL) के अभियंता नामित किए गयेे हैं। जिले के 2239 मतदेय स्थलों के सापेक्ष 135 प्रतिशत मशीनों की जांच कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हो रही है। जांच के दौरान मशीनों को आगामी विधानसभा निर्वाचन हेतु तैयार किया जायेगा और उसमें डमी निर्वाचन चिह्न दर्ज अपलोड कर उनकी क्रियाशीलता भी चेक की चेक की जाएगी। इसके बाद मशीनों को भारत निर्वाचन आयोग के ईएमएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। जांच में खराब पाई जाने वाली मशीनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोग द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत निर्माता कंपनी को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान मशीनों की कार्यक्षमता परखने के लिए नमूना मतदान भी कराया जाएगा। बैलट यूनिट में उपलब्ध 16 बटनों की जांच के लिए छह-छह मत दर्ज कराकर उनकी कार्यप्रणाली देखी जाएगी। इसके अतिरिक्त एक प्रतिशत मशीनों पर 1200 मत, दो प्रतिशत पर 1000 मत और दो प्रतिशत मशीनों पर 500-500 मत दर्ज कराकर परीक्षण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी निगरानी की जानकारी और आई पी एड्रेस मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे प्रक्रिया की निगरानी सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, ए0आई0जी0 स्टाम्प ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई निर्माण खण्ड सतीश कुमार व अन्य संबधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

एशियन स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता प्रदीप चौरसिया को कन्हैया पासवान ने किया सम्मानित

सिद्धार्थनगर। विधानसभा क्षेत्र कपिलवस्तु अंतर्गत ग्राम सैनुआ निवासी युवा कबड्डी खिलाड़ी प्रदीप चौरसिया ने एशियन स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त कर क्षेत्र एवं जनपद सिद्धार्थनगर का नाम गौरवान्वित किया है।

प्रदीप चौरसिया की इस उपलब्धि पर भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान ने सैनुआ स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया तथा इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कन्हैया पासवान ने कहा कि प्रदीप चौरसिया ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और लगन के बल पर एशियन स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर सिद्धार्थनगर सहित पूरे कपिलवस्तु क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है कि ऐसी प्रतिभाओं को उचित अवसर, प्रोत्साहन और मंच उपलब्ध कराया जाए। प्रदीप चौरसिया की सफलता इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिश्रम और निरंतर अभ्यास के बल पर ग्रामीण क्षेत्र का युवा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।

कन्हैया पासवान ने प्रदीप चौरसिया के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आने वाले समय में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश,प्रदेश और जनपद का नाम रोशन करें।

इस दौरान पूर्व मंडल अध्यक्ष दृग नारायण सिंह,पूर्व जिला मीडिया प्रभारी निशांत पांडेय,भाजपा नेता मयंक श्रीवास्तव,संतोष शुक्ला,सूरज त्रिपाठी, अनुराग कसौधन,अजय सिंह एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मनरेगा के काम में पारदर्शिता की परीक्षा, ऑनलाइन हाजिरी और जमीनी हकीकत का हो सत्यापन

सिद्धार्थनगर: सरकारी पोर्टल पर मजदूरों की हाजिरी दर्ज, कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति पर उठे सवाल; बढ़नी की सिसवा बुजुर्ग पंचायत में जांच की जरूरत


सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य गांवों में विकास को गति देना, जरूरतमंद ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना और सार्वजनिक धन का सदुपयोग सुनिश्चित करना है। लेकिन जब किसी विकास कार्य की ऑनलाइन हाजिरी और मौके पर काम करने वाले मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति को लेकर सवाल सामने आएं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी हो जाता है।

सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी विकासखंड की सिसवा बुजुर्ग ग्राम पंचायत से जुड़े सरकारी पोर्टल के कुछ स्क्रीनशॉट सामने आए हैं। इनमें एक कार्य का नाम “सिसवा बुजुर्ग में समय माता के स्थान से ज्ञानदास के खेत तक बांध निर्माण कार्य” दर्ज दिखाई देता है। पोर्टल पर कार्य कोड 3151004034/FP/VB/YD/958486255823632836 और मस्टर रोल संख्या 2736 तथा 2740 भी प्रदर्शित हैं।


स्क्रीनशॉट के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 और 10 अक्टूबर 2026 की तारीखों के लिए मजदूरों की उपस्थिति का रिकॉर्ड दिखाई देता है। वहीं, इस कार्यस्थल पर मजदूरों की वास्तविक मौजूदगी और काम की स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। यदि मौके पर मजदूर मौजूद नहीं थे, जबकि संबंधित तारीख की हाजिरी दर्ज है, तो यह जांच का विषय है कि रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में कोई अंतर था या नहीं।


ऑनलाइन हाजिरी से आगे, मौके पर सत्यापन क्यों जरूरी?


सरकारी पोर्टल पर हाजिरी दर्ज होना अपने आप में इस बात का अंतिम प्रमाण नहीं है कि संबंधित समय पर सभी मजदूर कार्यस्थल पर मौजूद थे और निर्धारित काम हुआ। इसी तरह, किसी एक समय पर मजदूरों का दिखाई न देना भी अपने आप में फर्जी हाजिरी या भ्रष्टाचार का निर्णायक प्रमाण नहीं है।

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ऐसे में संबंधित अधिकारियों को कार्यस्थल का भौतिक सत्यापन कराना चाहिए। निर्धारित कार्य की प्रगति, माप पुस्तिका, मस्टर रोल, मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान विवरण और उपलब्ध डिजिटल फोटो का मिलान किया जाना चाहिए।


जनता के पैसे का हिसाब जनता को मिलना चाहिए


ग्रामीण विकास कार्यों में खर्च होने वाला सरकारी धन जनता के हित से जुड़ा है। इसलिए यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जिस काम के लिए धन स्वीकृत हुआ, वह वास्तव में निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा हो और मजदूरों को उनके काम के अनुरूप मजदूरी मिले।

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यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। वहीं, यदि रिकॉर्ड और कार्यस्थल की स्थिति में कोई गड़बड़ी नहीं मिलती है, तो तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।


जांच के दायरे में ये सवाल


1. क्या सिसवा बुजुर्ग पंचायत में दर्ज बांध निर्माण कार्य मौके पर निर्धारित योजना के अनुसार कराया जा रहा है?

2. 7 और 10 अक्टूबर 2026 की ऑनलाइन हाजिरी के समय कार्यस्थल पर कितने मजदूर वास्तव में मौजूद थे?

3. क्या संबंधित तारीखों की डिजिटल फोटो, उपस्थिति रजिस्टर और मस्टर रोल का मिलान किया गया है?

4. कार्य की स्वीकृत लागत, अब तक का व्यय, माप पुस्तिका और भुगतान की स्थिति क्या है?

5. क्या संबंधित कार्य का स्थल निरीक्षण कर उसकी वास्तविक प्रगति की रिपोर्ट तैयार की गई है?

 

इन सवालों का जवाब अभिलेखों और निष्पक्ष जांच के आधार पर सामने आना चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति पर आरोप न लगे और यदि कोई अनियमितता हुई है तो वह भी सामने आ सके।


प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा


संबंधित ग्राम पंचायत, विकासखंड और जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि मामले का संज्ञान लेकर कार्यस्थल का सत्यापन कराएं तथा ऑनलाइन दर्ज हाजिरी और वास्तविक कार्य की स्थिति का मिलान करें। जांच में कोई कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जांच के निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएं।


FT News Digital का पक्ष: यह रिपोर्ट उपलब्ध पोर्टल स्क्रीनशॉट और उनसे जुड़े जनहित के सवालों पर आधारित है। इन स्क्रीनशॉट से अपने आप किसी व्यक्ति या अधिकारी की संलिप्तता, फर्जी हाजिरी अथवा सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि नहीं होती। संबंधित पक्षों का जवाब और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आने पर उन्हें भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।


 

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