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विक्रम सिंह ने भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े को सौंपा अनुदेशकों का मांगपत्र, बुके देकर किया सम्मानित

गोरखपुर। गोरखपुर की पावन धरती पर अनुदेशक संघ ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने गोरखपुर के दो दिवसीय दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात कर उन्हें बुके और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। इसके बाद 25 हजार अनुदेशक परिवार की ओर से मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।

मांगपत्र में नियमितीकरण, बकाया एरियर भुगतान, 12 माह का वेतन, वार्षिक नवीनीकरण और बांड व्यवस्था समाप्त करने, स्थानांतरण एवं समायोजन, महिला अनुदेशकों को सीसीएल व मिसकैरेज अवकाश, आकस्मिक एवं अर्जित अवकाश, मेडिकल अवकाश और 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु समेत 11 प्रमुख मांगें शामिल हैं।

विक्रम सिंह ने कहा कि अनुदेशक वर्षों से विद्यालयों में पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब समय है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए और उन्हें सेवा सुरक्षा एवं सम्मान मिले।

अनुदेशक संघ का संदेश स्पष्ट है—सेवा का सम्मान चाहिए, समस्याओं का समाधान चाहिए और भविष्य की स्थायी सुरक्षा चाहिए।

आजमगढ़ और मऊ में अनुदेशक संघ प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह का जबरदस्त स्वागत

मऊ/आजमगढ़। परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के मऊ और आजमगढ़ दौरे में अनुदेशकों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। दोनों जनपदों में सैकड़ों अनुदेशकों ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में संगठन की जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कोर कमेटी सदस्य अभिषेक राय सहित कई प्रांतीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संगठन ने अनुदेशकों की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई का नया संदेश बताया।

सुप्रीम कोर्ट की जीत को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट से मिले 17 हजार रुपये मानदेय, मार्च 2017 से एरियर के अधिकार तथा नियमितीकरण की लड़ाई को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि संगठन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के लिए लगातार प्रयास करेगा।

“नियमितीकरण तक चैन से नहीं बैठूंगा” : विक्रम सिंह 

अनुदेशकों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब 17 हजार रुपये मानदेय मिलना भी असंभव माना जा रहा था, लेकिन संगठन के संघर्ष ने इसे संभव कर दिखाया।

उन्होंने कहा, “जब तक प्रदेश के अंतिम अनुदेशक का नियमितीकरण नहीं हो जाता, तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा। संगठन की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”

उन्होंने सभी अनुदेशकों से संगठन को मजबूत बनाने और एकजुट रहने की अपील की।

आयोजकों का किया सम्मान

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मऊ के जिलाध्यक्ष इंद्र प्रताप राव, आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष गणेश यादव तथा दोनों जनपदों की जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी की सराहना की गई। संगठन ने कहा कि प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अनुदेशकों को एकजुट किया जाएगा।

संगठन का कहना है कि अब उसका मुख्य लक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूर्ण क्रियान्वयन और अनुदेशकों का नियमितीकरण सुनिश्चित कराना है।

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