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यूपी पंचायत चुनाव अब नहीं दूर, ‘ओबीसी’ आयोग की बाधा दूर, योगी कैबिनेट से गठन को मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरी पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे करोड़ों ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए सोमवार का दिन बड़ी खुशखबरी लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मोहर लगा दी गई है। इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी ) के आरक्षण को लेकर रहा। इसने चुनाव के रास्ते की सबसे बड़ी कानूनी अड़चन को दूर कर दिया है।

समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को हरी झंडी

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन को लेकर पिछले काफी समय से बनी उहापोह की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। योगी कैबिनेट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में (ओबीसी) आरक्षण का सटीक स्वरूप और आनुपातिक आबादी तय करने के लिए ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ (डायरेक्टेड ओबीसी कमिशन) के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही सीटों के आरक्षण का रोटेशन तय किया जाएगा, जिससे सुप्रीम कोर्ट के ‘ट्रिपल टेस्ट’ फार्मूले की वैधानिक बाध्यता पूरी हो जाएगी। योगी कैबिनेट के फैसले के अनुसार पांच सदस्यीय आयोग का अध्यक्ष हाई कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश होंगे। अन्य सदस्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी रखने वाले लोग ही होंगे। इनका कार्यकाल 6 महीने होगा।

सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

सिद्धार्थनगर में धूमधाम से मनी महाराणा प्रताप जयंती

सिद्धार्थनगर। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक मेवाड़ के महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती शनिवार को सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित अम्बेडकर सभागार में भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा सभागार “जय महाराणा”, “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों से देर तक गूंजता रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास का सबसे स्वाभिमानी योद्धा बताया।

हल्दीघाटी को पांचवां धाम मानना चाहिए

बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह और शिवनाथ चौधरी ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर भारतीय को चार धाम के साथ हल्दीघाटी भी अवश्य जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि हल्दीघाटी केवल एक युद्धस्थल नहीं बल्कि भारतीय स्वाभिमान की पवित्र भूमि है।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का 81 किलो का भाला, उनका युद्ध कौशल और मातृभूमि के लिए समर्पण आज भी लोगों को रोमांचित कर देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने की सबसे अधिक आवश्यकता है।

जिला मुख्यालय पर स्थापित होगी भव्य प्रतिमा:जिला पंचायत अध्यक्ष (प्रo)

पूरा हाल उसे समयत तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह ने घोषणा की, जल्द ही जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और महाराणा प्रताप छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा।

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के प्रतीक

रामकृष्ण पाण्डेय ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “जिस योद्धा ने जंगलों में घास की रोटी खाकर जीवन गुजार लिया लेकिन मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

प्राचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को पढ़ने और समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाला योद्धा कभी इतिहास से मिट नहीं सकता। महाराणा प्रताप भारत की आत्मा हैं।”

सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मनाई गई जयंती

कार्यक्रम में राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, कुँवर आनंद सिंह, सौरभ पाल सिंह, दिवाकर विक्रम सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, माधव सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजू सिंह, फते बहादुर सिंह, कृष्णपाल सिंह, विक्रांत सिंह विक्कू, अमर नाथ सिंह, कैलाश नाथ दुबे, प्रदीप वर्मा, दिलीप सिंह, शत्रुजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, मुरारी सिंह सहित दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहे।

क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भूपनारायण सिंह उर्फ राजन सिंह की अध्यक्षता तथा महामंत्री हरेंद्र बहादुर सिंह के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विकास सिंह हाड़ा, राजवंत सिंह, केपी सिंह, ओपी सिंह, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, करण सिंह, कृपा शंकर त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, शिवम सिंह, विपलव दुबे, विनय शर्मा और बीरेंद्र सिंह सहित दर्जनों वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन पर अपने विचार रखे।

युवाओं से की गई राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान अपनाने की अपील

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मोबाइल और आधुनिकता की चकाचौंध से निकलकर इतिहास के महानायकों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और “जय महाराणा” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं: सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी का सख्त आदेश जारी

सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2024। जनपद में पेट्रोल के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देर रात पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बार-बार पहुंचकर पेट्रोल लेने और उसकी तस्करी करने की शिकायतों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम लागू

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना हेलमेट आए किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच

पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी की जाएगी। इससे बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी चौकसी

बलरामपुर और नेपाल सीमा से सटे पेट्रोल पंपों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बाहरी ग्राहकों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस-प्रशासन रहेगा अलर्ट

सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO/SO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।

ईंधन की उपलब्धता पर प्रशासन का दावा

प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में पेट्रोल की आपूर्ति पर्याप्त है। इसलिए जरूरी है कि इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सीमित रहे और किसी भी तरह के दुरुपयोग या तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

कड़ा संदेश: अब नहीं चलेगी मनमानी

प्रशासन के इस फैसले से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। आम जनता से भी अपील की गई है कि नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

सिद्धार्थनगर सहित पूरे यूपी के विद्यालयों में समय बदला, अब नए समय से खुलेंगे विद्यालय

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके।

सुबह 7.30 बजे खुलेगा स्कूल

अब प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे।

छात्र-छात्राएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल में रहेंगे

शिक्षक और कर्मचारी 1:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहेंगे

प्रार्थना सभा और योग: 7:30 से 7:40 बजे तक

मध्यावकाश (लंच ब्रेक): 10:00 से 10:15 बजे तक

इस बदलाव का मकसद है कि पढ़ाई का समय सुबह की ठंडी अवधि में पूरा हो सके और बच्चों को लू से बचाया जा सके।

प्राइवेट (मान्यता प्राप्त) स्कूलों को भी इस स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उनकी प्रबंधन समितियां जरूरत के अनुसार समय तय कर सकती हैं।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में लू का प्रकोप तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

24 घंटे में चोरी का खुलासा: जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शातिर चोर गिरफ्तार

सिद्धार्थनगर, 16 अप्रैल 2026। जनपद के थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए चोरी की घटनाओं का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया। पुलिस टीम ने एक शातिर चोर और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का सामान और नकदी बरामद की है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार एवं क्षेत्राधिकारी बाँसी सुबेन्दू सिंह के नेतृत्व में थानाध्यक्ष अभय सिंह की टीम ने यह सफलता हासिल की। पुलिस ने मुकदमा संख्या 48/2026 धारा 305(A) बीएनएस में वांछित अभियुक्त जितेन्द्र (24 वर्ष), निवासी ग्राम हरैया, थाना जोगिया उदयपुर को एक बाल अपचारी के साथ पकड़ी रोड के पास गिरफ्तार किया।

बरामद हुआ सामान:

पुलिस ने आरोपियों के पास से सरसों तेल, रिफाइंड तेल, चाय पत्ती, सॉस सहित कुल दर्जनों सामान के पैकेट और ₹7130 नगद बरामद किए।

🗣️ पूछताछ में खुलासा:

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि वे जोगिया क्षेत्र की दुकानों से चोरी कर सामान को सस्ते दामों पर राहगीरों को बेच देते थे और उसी से अपने खर्च चलाते थे। घटना के दिन भी वे चोरी का सामान बेचने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें धर दबोचा।

पुलिस टीम को मिली सराहना:

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक जानार्दन यादव, हेड कांस्टेबल श्रीनंद यादव, हेड कांस्टेबल हेमंत सिंह और कांस्टेबल राजाराम राजभर की अहम भूमिका रही।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है।

अंबेडकर जयंती पर सकारपार में निकला भव्य जुलूस

सकारपार (सिद्धार्थनगर)। भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बांसी तहसील क्षेत्र के सकारपार चौराहे से एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था और पूरा क्षेत्र “बाबा साहेब अमर रहें”, “बाबा साहेब जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंज उठा।

युवाओं ने संभाली कमान, दिखा उत्साह

जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में झंडे और बैनर लेकर चल रहे युवाओं ने पूरे मार्ग में जोश और उत्साह का प्रदर्शन किया। “जब तक सूरज-चांद रहेगा, बाबा साहेब तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों ने माहौल को पूरी तरह प्रेरणादायक बना दिया।

इन मार्गों से होकर गुजरा जुलूस

यह भव्य रैली सकारपार चौराहे से शुरू होकर कोटिया,पेडारी होते हुए कलनाखोर चौराहे तक पहुंची। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने भी जुलूस का स्वागत किया और बड़ी संख्या में इसमें शामिल होते गए।

क्षेत्रीय लोगों की रही सक्रिय भागीदारी

इस आयोजन में सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश गया।

बाबा साहेब के विचारों को किया याद

इस अवसर पर लोगों ने बाबा साहेब के समानता, शिक्षा और अधिकारों के विचारों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है। इस अवसर पर मास्टर राम जतन, रविकांत, एडवोकेट राजेश राव, अशोक कुमार, दिनेश कुमार बौद्ध, ज्वाला प्रसाद, गैस प्रसाद, डॉ विपिन राव, धर्मवीर गौतम, शुभकरन आदि लोग उपस्थित रहें।

अंबेडकर जयंती पर सकारपार से निकला भव्य जुलूस

सकारपार (सिद्धार्थनगर)। भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर बांसी तहसील क्षेत्र के सकारपार चौराहे से एक भव्य जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था और पूरा क्षेत्र “बाबा साहेब अमर रहें”, “बाबा साहेब जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंज उठा।

युवाओं ने संभाली कमान, दिखा उत्साह

जुलूस में बड़ी संख्या में युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथों में झंडे और बैनर लेकर चल रहे युवाओं ने पूरे मार्ग में जोश और उत्साह का प्रदर्शन किया। “जब तक सूरज-चांद रहेगा, बाबा साहेब तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों ने माहौल को पूरी तरह प्रेरणादायक बना दिया।

इन मार्गों से होकर गुजरा जुलूस

यह भव्य रैली सकारपार चौराहे से शुरू होकर कोटिया,पेडारी होते हुए कलनाखोर चौराहे तक पहुंची। रास्ते भर स्थानीय लोगों ने भी जुलूस का स्वागत किया और बड़ी संख्या में इसमें शामिल होते गए।

क्षेत्रीय लोगों की रही सक्रिय भागीदारी

इस आयोजन में सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इससे सामाजिक एकता और जागरूकता का मजबूत संदेश गया।

बाबा साहेब के विचारों को किया याद

इस अवसर पर लोगों ने बाबा साहेब के समानता, शिक्षा और अधिकारों के विचारों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है। इस अवसर पर मास्टर राम जतन, रविकांत, एडवोकेट राजेश राव, अशोक कुमार, दिनेश कुमार बौद्ध, ज्वाला प्रसाद, गैस प्रसाद, डॉ विपिन राव, धर्मवीर गौतम, शुभकरन आदि लोग उपस्थित रहें।

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