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अनुदेशकों के लिए बड़ी सौगात: 17 हजार मानदेय कैबिनेट से मंजूर, विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

लखनऊ/उत्तर प्रदेश: प्रदेश सरकार द्वारा अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने के कैबिनेट फैसले के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे अनुदेशकों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

विक्रम सिंह ने जताया आभार, कहा,सरकार ने समझी हमारी पीड़ा

इस महत्वपूर्ण निर्णय पर अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिक्षामंत्री संदीप सिंह और शिक्षक विधायक श्रीचंद शर्मा का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उनके सम्मान को भी बढ़ाएगा।

“यह सिर्फ मानदेय नहीं, सम्मान की जीत” – विक्रम सिंह

विक्रम सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि अनुदेशकों के संघर्ष और आत्मसम्मान की जीत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने हमेशा शिक्षा और शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता दी है, जिसका यह परिणाम है।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती का आधार

विक्रम सिंह ने कहा कि, मानदेय में वृद्धि से अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।

प्रदेशभर में जश्न का माहौल

फैसले के बाद कई जिलों में अनुदेशकों ने खुशी जताई और सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। सोशल मीडिया पर भी इस निर्णय की सराहना हो रही है।

भाजपा स्थापना दिवस पर बांसी में जोश: विधायक जय प्रताप सिंह ने फहराया ध्वज, जनसेवा का दिया संदेश

बांसी, सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह, ऊर्जा और संगठन के प्रति समर्पण का माहौल देखने को मिला। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वर्तमान विधायक बांसी राजा जय प्रताप सिंह ने अपने आवास राजमहल बांसी पर पार्टी का ध्वज फहराया।

संगठन के मूल्यों को किया याद

ध्वजारोहण के दौरान जय प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ा एक मजबूत संगठन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पार्टी की विचारधारा को आत्मसात करते हुए जनसेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं।

राष्ट्र सेवा और सुशासन का संकल्प

उन्होंने कहा कि भाजपा विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन है, जो राष्ट्र सेवा, लोक-कल्याण, सुशासन और गरीबों के उत्थान के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। स्थापना दिवस हमें यह प्रेरणा देता है कि हम अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक जिम्मेदार बनें और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।

उन्होंने कहा कि, “भाजपा केवल एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक मजबूत माध्यम है, जो सेवा, सुशासन और समर्पण के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।”

संकल्प से संगठन 

भाजपा का स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि संगठन की विचारधारा, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण को पुनः याद करने का अवसर है। इस मौके पर लिए गए संकल्प ही पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा तय करते हैं।

खबर का हुआ असर: 25 साल से जर्जर सड़क पर शुरू हुआ निर्माण, बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग पर दौड़ी विकास की रफ्तार

सिद्धार्थनगर। बांसी-डुमरियागंज मार्ग पर स्थित बेदौली-खोजीपुर-खरचौला मार्ग, जो पिछले 25 वर्षों से बदहाली की मार झेल रहा था, अब विकास की राह पर लौटता नजर आ रहा है। 4 दिन पहले इस सड़क की दुर्दशा को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब यहां निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया गया है।

ग्रामीणों को हो रही थी परेशानी 

यह सड़क लंबे समय से गड्ढों, जलभराव और टूट-फूट के कारण स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई थी। स्कूली बच्चों, किसानों और मरीजों को रोजाना इस रास्ते से गुजरते समय भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार शिकायतों और मांगों के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तब इस मुद्दे को FT News ने प्रमुखता से प्रकाशित किया।

निर्माण कार्य शुरू हुआ 

खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए मौके पर टीम भेजी और सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया। अब जेसीबी मशीनों की गूंज और सड़क पर बिछती नई परतें ग्रामीणों के लिए राहत और उम्मीद का संदेश लेकर आई हैं।

ग्रामीणों में खुशी की लहर 

ग्रामीणों की खुशी अब शब्दों में साफ झलक रही है। स्थानीय निवासी नीरज मिश्र ने कहाकि,

हमने कभी नहीं सोचा था कि खबर का इतना जल्दी असर होगा। 25 साल से हम इस सड़क की बदहाली झेल रहे थे, लेकिन अब काम शुरू होते देख बहुत राहत मिली है।”

वहीं अन्य ग्रामीणों ने कहाकि,

मीडिया ने हमारी आवाज को उठाया, तभी यह संभव हो पाया। अब उम्मीद है कि जल्द ही सड़क पूरी बनकर तैयार होगी और आवागमन आसान हो जाएगा।

इस निर्माण कार्य से न केवल क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

सिद्धार्थनगर में सांसद व डीएम का औचक निरीक्षण: आरोग्य मेले में कम ओपीडी पर नाराजगी, गौशाला व्यवस्थाओं पर दिए सख्त निर्देश

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के तहत जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने नगरीय स्वास्थ्य केंद्र सनई और विकासखंड उसका क्षेत्र के नए स्वास्थ्य केंद्र महुलानी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों व स्टाफ की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का गहन मूल्यांकन किया गया।

निरीक्षण में दोनों केंद्रों पर ओपीडी में मरीजों की संख्या अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही मरीजों का समुचित पंजीकरण, आवश्यक जांच, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई और उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यह योजना गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, ऐसे में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसी क्रम में आज महारिया गौशाला का निरीक्षण भी मा. सांसद डुमरियागंज जगदंबिका पाल और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। निरीक्षण के दौरान गौवंश के रख-रखाव, साफ-सफाई, चारे-पानी और पशु स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया गया।

सांसद और जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गौशाला में हरे चारे और स्वच्छ पेयजल की नियमित व्यवस्था हो तथा पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण को और मजबूत किया जाए। उन्होंने गौशाला को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया।

इस दौरान सोमनाथ मौर्य द्वारा गौशाला के लिए हरा चारा एवं केयरटेकर मानदेय हेतु प्रतिमाह 30 हजार रुपये सहयोग देने की घोषणा की गई। अधिकारियों ने बताया कि गौशाला में पर्याप्त संख्या में गौवंश संरक्षित हैं और उनके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।

निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने गौवंश को गुड़ और चारा खिलाकर संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी जताई।

टीएफआई की बैठक संपन्न, 4 अप्रैल आंदोलन को लेकर बनी रणनीति

सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के तत्वावधान में टीईटी से मुक्ति की मांग को लेकर प्रस्तावित 4 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले विशाल धरना-प्रदर्शन की तैयारियों के क्रम में बुधवार को जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला मुख्यालय स्थित एक होटल में संपन्न हुई, जिसमें विभिन्न ब्लॉकों से आए पदाधिकारी और शिक्षक शामिल हुए।

धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने पर जोर

बैठक के दौरान आगामी धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक संख्या में शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। सभी को 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाने का आह्वान किया गया।

एकजुटता ही समाधान का रास्ता: आनंद त्रिपाठी

पर्यवेक्षक एवं मंडलीय मंत्री आनंद कुमार त्रिपाठी (देवी पाटन मंडल) ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए एकजुटता और सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी शिक्षकों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

टीईटी मुद्दे पर गरमाई चर्चा

टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने टीईटी से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षकों ने अपनी नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता पूरी की थी, ऐसे में बाद में नई योग्यता लागू करना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षकों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।

ज्यादा से ज्यादा शिक्षक दिल्ली पहुंचे: योगेंद्र पांडेय

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा और बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचना होगा।

संगठन को मजबूत करने पर दिया गया जोर

जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र और महामंत्री कलीमुल्लाह ने भी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।

कार्यक्रम में संगठन विस्तार के तहत राघवेंद्र तिवारी को उस्का बाजार इकाई का संगठन मंत्री तथा दुर्गेश पांडेय को मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया।

डीजीपी ने कहा, दहेज उत्पीड़न समेत 31 मामलों में एफआईआर न करें दर्ज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अब पुलिस 31 मामलों में थानों में एफआईआर दर्ज नहीं करेगी। इसमें दहेज और घरेलू हिंसा से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इस प्रकार के मामलों के सामने आने के बाद थाने केवल परिवाद यानी शिकायत लेंगे। इसके बाद इन्हें कोर्ट के भेजा जाएगा। कोर्ट के आदेश पर ही इन मामलों में केस दर्ज किया जाएगा। यूपी डीजीपी राजीव कृष्ण ने पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। डीजीपी ने साफ तौर पर कहा है कि जिन मामलों में कानून के तहत केवल परिवाद का प्रावधान है, उनमें एफआईआर दर्ज करना पूरी तरह गलत है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ की ओर इस संबंध में आपत्ति के बाद डीजीपी की ओर से आदेश जारी किया गया है।

हाई कोर्ट ने क्या कहा ?

हाई कोर्ट लखनऊ पीठ ने 25 फरवरी को अनिरुद्ध तिवारी बनाम यूप सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की थी। कोर्ट ने बीएनएस की धारा 82 में एफआईआर दर्ज किए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 219 यह प्रावधान करती है कि कोई भी कोर्ट भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 81 से 84 के तहत दंडनीय किसी अपराध का संज्ञान तब तक नहीं लेगा, जब तक कि उस अपराध से पीड़ित किसी व्यक्ति की ओर से शिकायत न की गई हो।

हाई कोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में केस क्राइम संख्या 0014/2025 में एफआईआर दर्ज करते समय भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 82 का प्रयोग किया गया है। यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 115(2), 352, 351(3), 85 एवं 82(1) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत श्रावस्ती महिला थाना में दर्ज की गई है।

हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के क्रम में टिप्पणी में कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 220, 221 और 222 आगे यह प्रावधान करती हैं कि बीएनएस के तहत कुछ अन्य अपराधों की परिकल्पना है। इस प्रकार के मामलों में कोर्ट तब तक संज्ञान नहीं लेगा, जब तक मामले के आधार पर पीड़ित व्यक्ति, राज्य, या किसी लोक सेवक की ओर से शिकायत दर्ज न की गई हो। इसलिए, यहां एक विशिष्ट रोक है कि कोर्ट उन अपराधों का संज्ञान नहीं लेगा, जिनका उल्लेख भारतीय न्याय संहिता, 2023 में किया गया है।

यूपी डीजीपी का सभी पुलिस अधिकारियों को जारी आदेश

कोर्ट की टिप्पणी पर आदेश जारी

हाई कोर्ट की टिप्पणी और इस प्रकार के मामलों में आपत्ति जताए जाने के बाद डीजीपी की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। डीजीपी ने इसमें स्पष्ट किया है कि कई बार पुलिस नियमों के विपरीत एफआईआर दर्ज कर लेती है। इससे आरोपित को कोर्ट में लाभ मिल जाता है। साथ ही, पूरी जांच प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।

हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद इसे गंभीर त्रुटि मानते हुए डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी मामले में एफआईआर दर्ज करने से पहले अनिवार्य रूप से इस संबंध में जांच कर लें। मामलों में देखा जाए कि इसमें एफआईआर दर्ज करने का कानूनी प्रविधान है या नहीं।

31 मामलों में कोर्ट में परिवाद का प्रावधान

डीजीपी राजीव कृष्ण ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मानहानि, घरेलू हिंसा, निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट (चेक बाउंस), माइंस एंड मिनरल एक्ट, कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट और पशुओं के साथ क्रूरता जैसे मामले शामिल हैं। साथ ही, दहेज के साथ-साथ 31 अलग-अलग कानूनों में केवल अदालत में परिवाद दाखिल करने का ही प्रविधान है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देशित किया कि वे कानून के प्रविधानों का गंभीरता से अध्ययन करें। इसी के आधार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इन मामलों में कोर्ट में परिवाद का प्रावधान:

घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881

खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957

गर्भधारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) अधिनियम, 1994

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1950

बाल श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम, 1986

वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972

पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

आयात और निर्यात (नियंत्रण) अधिनियम, 1947

खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013

ट्रेड मार्क्स अधिनियम, 1999

मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994

कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013

जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1974

केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999

कीटनाशक अधिनियम, 1968

नोटरी अधिनियम, 1952

बीमा अधिनियम, 1938

पुरावशेष और आर्ट ट्रेजर अधिनियम, 1972

औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006

आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019

उत्तर प्रदेश गन्ना (आपूर्ति और खरीद का विनियमन) अधिनियम, 1953

अग्नि निवारण और अग्नि सुरक्षा अधिनियम, 2005

दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 (धारा: 07-1(b)(i) पीड़ित व्यक्ति द्वारा शिकायत) अपराध से प्रभावित व्यक्ति, या ऐसे व्यक्ति के माता-पिता या अन्य रिश्तेदार, अथवा किसी मान्यता प्राप्त कल्याण संस्था या संगठन की ओर से)

बाट और माप मानक अधिनियम, 1976

यूपी में रामनवमी पर दो दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित, अब 26 व 27 दो दिन रहेगी छुट्टी

उत्तर प्रदेश। रामनवमी पर योगी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। पहले से घोषित 26 मार्च के सार्वजनिक अवकाश के साथ अब 27 मार्च को भी छुट्टी घोषित कर दी गई है। मंदिरों में रामनवमी के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

हर साल इस पर्व पर बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं, जिससे व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में अतिरिक्त अवकाश से लोगों को सुविधा मिलेगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस निर्णय के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकार आस्था और परंपराओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। लगातार दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, बल्कि यात्रा और दर्शन भी अधिक सहज हो सकेंगे।

हाईटेंशन तार से टकराई बस, करंट की चपेट में आकर बुजुर्ग की मौत, तीन लोग झुलसे

सिद्धार्थनगर। जिले के शोहरतगढ़ क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में चल रहा है।

अंतिम संस्कार के लिए जा रही थी बस

मिली जानकारी के अनुसार शोहरतगढ़ क्षेत्र के लखनपारा गांव के राम नरेश का निधन हो गया था। उनके परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए बस से अयोध्या जा रहे थे।

गांव से बाहर मोड़ के पास सामने से आ रहे एक वाहन को साइड देने के दौरान बस सड़क किनारे नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन तार से छू गई।

करंट की चपेट में आने से एक की मौत

बस के हाईटेंशन तार से छूते ही उसमें करंट फैल गया। करंट की चपेट में आने से श्याम सुंदर नामक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं बुद्धि सागर, जगदीश साहनी और राम अजोर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घायलों से मिलने पहुंचे एसडीएम

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम विवेकानंद मिश्र मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मृतक और घायलों को मिलेगा मुआवजा

एसडीएम विवेकानंद मिश्र ने बताया कि इस घटना में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता विद्युत विभाग की ओर से दी जाएगी।

लटकते बिजली तार बने हादसे की वजह

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बाहर सड़क किनारे लंबे समय से हाईटेंशन बिजली के तार नीचे लटक रहे थे, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती थी। इस घटना के बाद लोगों ने विद्युत विभाग से तारों को दुरुस्त कराने की मांग की है।

मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में रोजा इफ्तार का हुआ आयोजन, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय रहे मौजूद

सिद्धार्थनगर, 15 मार्च 2026।

जनपद सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र स्थित बढ़नी तिराहे पर समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा द्वारा शनिवार को रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, रोजेदार मुस्लिम भाईयों के साथ-साथ हिंदू समाज के लोग और क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

बुद्धभूमि से दुनिया तक जाए शांति और सौहार्द का संदेश

इफ्तार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि सिद्धार्थनगर भगवान बुद्ध की पावन धरती है। इस बुद्धभूमि से पूरी दुनिया में शांति, मानवता और सामाजिक सौहार्द का संदेश जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पवित्र रमजान माह में आयोजित इफ्तार पार्टी इसी उद्देश्य से समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास है।

अमन-चैन और आपसी सहयोग की अपील

कार्यक्रम में मौजूद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने लोगों से अमन-चैन बनाए रखने और एक-दूसरे की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश और समाज की तरक्की आपसी सद्भाव और भाईचारे से ही संभव है।

सर्वधर्म समभाव की परंपरा को मजबूत करने पर जोर

पूर्व सांसद कुशल तिवारी ने कहा कि भारत की पहचान सर्वधर्म समभाव की परंपरा से है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।

बड़ी संख्या में नेता और गणमान्य लोग रहे मौजूद

इफ्तार पार्टी में पूर्व विधायक अनिल सिंह, प्रदेश सचिव अजय चौधरी, विधायक प्रतिनिधि डुमरियागंज जहीर मलिक, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुरलीधर मिश्रा, डॉ. सरफराज अंसारी, जयकरन गौतम, प्रदेश सचिव राम मिलन भारती, जिला महासचिव कमरुज्जमा, अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष शकील शाह, जिला सचिव हरिराम यादव, प्रदेश सचिव जावेद खान, मसूद खान, डॉ. शराफुद्दीन, इफ्तिखार मैनेजर, पूर्व चेयरमैन निसार बागी, पूर्व प्रमुख जाकिर हुसैन, डॉ. इस्तहाक, राष्ट्रीय सचिव अल्पसंख्यक इब्राहिम बाबा, जिला अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ गोपाल फौजी, राष्ट्रीय सचिव छात्र सभा अजय चौरसिया, जोन प्रभारी राकेश दूबे, अकील अहमद उर्फ मुन्नू, सभासद निजाम व निसार, सेक्टर प्रभारी हरिनाथ यादव, शफात, विधानसभा अध्यक्ष इटवा बबलू खान, ब्लॉक अध्यक्ष इटवा सुनील यादव, मुस्तफा, जहीर नेता, प्रधान गयासुद्दीन, जिला सचिव सोनू यादव, राकेश कुमार, मुजम्मिल प्रधान, प्रधान सईद आलम दुधवनिया, शादाब, इरशाद, शफीक, वाहिद, डॉ. मोईन, मारूफ खान, मतलूब खान, अब्दुल मन्नान, जलाल, फैजान, करतब यादव, डॉ. खालिद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इफ्तार के दौरान रोजेदारों ने दुआ के साथ रोजा खोला और क्षेत्र में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की कामना की।

उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा: डीएम व एसपी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण परीक्षा के दिए निर्देश

सिद्धार्थनगर, 14 मार्च 2026।जनपद में उपनिरीक्षक (उ0नि0) नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी क्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने शनिवार को परीक्षा केंद्र श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, नौगढ़ का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा कक्षों की स्थिति तथा परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मियों और अन्य ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

परीक्षा को निष्पक्ष कराने पर जोर

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और कड़ाई के साथ संपन्न कराया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखें और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखें।

शांतिपूर्ण ढंग से हुई प्रथम पाली की परीक्षा

प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में उ0नि0 नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा-2025 की प्रथम पाली की परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराई गई। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

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