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कैशलैस ईलाज और मानदेय बढ़ाए जाने से अनुदेशक खुश, विधायकों का किया स्वागत, मुख्यमंत्री का जताया आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने तथा पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान किए जाने के निर्णय से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर है। सरकार के इस फैसले पर अनुदेशकों ने जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा और कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही को ज्ञापन सौंपकर धन्यवाद ज्ञापित किया। अनुदेशकों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।

सरकार के फैसले से अनुदेशकों में उत्साह

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर ₹17,000 करना उनके लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी मिलेगी।

अनुदेशकों ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के मनोबल को बढ़ाने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विधायकों को सौंपा ज्ञापन

सरकार के इस फैसले के बाद अनुदेशकों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनुदेशकों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा तथा कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही का स्वागत किया और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार अनुदेशकों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह सकारात्मक कदम उठाएगी।

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक और अधिक समर्पण के साथ बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय,अनुदेशक रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद, दिलीप कुमार सहित अन्य कई अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया।

मानदेय बढ़ाए जाने और कैशलेश ईलाज देने पर अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, विधायक जय प्रताप सिंह का किया स्वागत

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने और पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय को अनुदेशकों ने राहत भरा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने जताई खुशी, सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर 17000 रुपए करना अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी।

अनुदेशकों ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार का यह कदम उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

विधायक जय प्रताप सिंह का किया गया स्वागत

सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत किया और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो पाया है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक पहले से अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस दौरान अनुदेशक सीमा निषाद, रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, दिलीप, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद सहित कई अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से अनुदेशकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

BRD मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने निकाला कैंडल मार्च, एमबीबीएस छात्र आकाश पांडेय की मौत पर जताया शोक

गोरखपुरगोरखपुर स्थित BRD Medical College के जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों ने मंगलवार को एमबीबीएस छात्र स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय की आकस्मिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान सभी डॉक्टरों और छात्रों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए लोगों से आगे आने की अपील की।

एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र थे आकाश कुमार पाण्डेय

बताया गया कि स्वर्गीय आकाश कुमार पाण्डेय, पुत्र श्री देवेंद्र नाथ पाण्डेय, BRD Medical College में एमबीबीएस बैच 2023 के छात्र थे। 4 मार्च 2026 की रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है।

तेज रफ्तार फॉरच्यूनर ने मारी थी टक्कर

जानकारी के अनुसार 4 मार्च 2026 की रात रॉन्ग साइड से आ रही एक तेज रफ्तार फॉरच्यूनर कार ने आकाश कुमार पाण्डेय को टक्कर मार दी। आरोप है कि कार चालक गोल्डेन साहनी नशे की हालत में वाहन चला रहा था। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आकाश गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि

घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ ने कैंडल मार्च निकालकर दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी। सभी ने मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।

पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता के लिए अपील

जूनियर डॉक्टरों और कॉलेज प्रशासन की ओर से सभी मेडिकल संस्थानों, डॉक्टरों और समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे स्वेच्छा से आर्थिक सहयोग देकर पीड़ित परिवार की मदद करें। यह सहयोग राशि BRD Medical College के प्रधानाचार्य की देखरेख में चेक के माध्यम से पीड़ित परिवार तक पहुंचाई जाएगी।

सहायता के लिए बैंक खाता विवरण

खाता धारक का नाम: BRD FEES ACCOUNT

खाता संख्या: 40119591547

IFSC कोड: SBIN0003168

सहयोग राशि UPI / QR कोड या बैंक खाते के माध्यम से भेजी जा सकती है।

मेडिकल छात्रों में शोक और आक्रोश

इस घटना के बाद मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों में गहरा शोक और आक्रोश देखा जा रहा है। सभी ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

MBBS छात्र हादसे की सुर्खियों में दब गया विपिन जायसवाल के परिवार का दर्द– होली के दिन धर्मशाला ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गई थी जान

गोरखपुर : रंगों का पर्व होली आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्सव लापरवाही और हुड़दंग की वजह से दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसा ही एक हादसा 4 मार्च 2026 को गोरखपुर में हुआ, जिसमें एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

होली के दिन कार की टक्कर से हुए थे घायल

4 मार्च 1996 को जन्मे विपिन कुमार जायसवाल को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि 4 मार्च 2026 का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। होली के दिन दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त सुमित श्रीवास्तव के साथ स्कूटी से धर्मशाला ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति वेगनर कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विपिन ओवरब्रिज से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथी सुमित श्रीवास्तव भी बुरी तरह घायल हो गए।

इलाज के दौरान चली गई विपिन की जान 

दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान विपिन कुमार जायसवाल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि घायल सुमित श्रीवास्तव का अभी भी इलाज चल रहा है।

उसी रात एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की हुई थी मौत 

उसी दिन रात में चारफाटक मोहद्दीपुर इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे और उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आरोपी के एक राजनीतिक दल से जुड़े होने की वजह से यह मामला मीडिया में सुर्खियों में छाया रहा। लेकिन उसी दिन दोपहर धर्मशाला ओवरब्रिज पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले विपिन जायसवाल के परिवार की पीड़ा कहीं दबकर रह गई।

MBBS छात्र हादसे में दब गई विपिन की मौत

परिजनों का कहना है कि चारफाटक हादसे में मृतकों के परिवारों के घर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे तथा सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा भी की गई, लेकिन विपिन जायसवाल के परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक विपिन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, शायद यही वजह रही कि उनकी मौत को लेकर न तो किसी अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग 

घटना के अगले दिन मृतक के पिता राजेंद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक और उसके साथियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि विपिन की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।

अनुदेशकों ने भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या का किया स्वागत, मानदेय बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का जताया आभार

सिद्धार्थनगर। परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन सिद्धार्थनगर के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में अनुदेशकों ने प्रदेश सरकार के फैसले पर आभार व्यक्त किया है। एसोसिएशन की ओर से भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक मौर्य को संबोधित करते हुए धन्यवाद ज्ञापन सौंपा गया।

मानदेय बढ़ाकर 17 हजार किए जाने पर खुशी

अनुदेशकों ने बताया कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 फरवरी 2026 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुसार उत्तर प्रदेश के लगभग 25 हजार अनुदेशकों का मानदेय 1 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 17000 रुपये प्रतिमाह किए जाने का निर्णय लिया गया है। अनुदेशकों का कहना है कि यह निर्णय उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।

5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा का निर्णय सराहनीय

इसके साथ ही 29 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में अनुदेशकों और उनके आश्रितों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने के निर्णय का भी स्वागत किया गया।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस व्यवस्था से अनुदेशकों और उनके परिवारों को बीमारी या आपात स्थिति में बड़ी राहत मिलेगी।

सरकार के प्रति जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन ने इन महत्वपूर्ण फैसलों के लिए मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री, शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा के पदाधिकारियों तथा विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा सहित सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की उम्मीद

जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाण्डेय ने कहा कि सरकार के इन निर्णयों से अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा और वे शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में बेहतर योगदान दे सकेंगे। इस अवसर पर रामानंद उपाध्याय, रणविजय सिंह, रूमा मिश्रा, सत्यप्रकाश, हरिश्चंद्र तथा अन्य अनुदेशक मौजूद रहे

कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, फायर ब्रिगेड टीम ने सिलेंडर में आग लगने पर बचाव के बताए तरीके

सिद्धार्थनगर। खेसरहा विकासखंड के कंपोजिट विद्यालय विशुनपुर मुस्तहकम में सोमवार को आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने विद्यालय के शिक्षकों और छात्रों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आपदा के समय सतर्कता और बचाव के तरीके सिखाना था।

आग लगने की स्थिति में क्या करें

प्रशिक्षण के दौरान फायर ब्रिगेड कर्मियों ने रसोई गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि सबसे पहले गैस का रेगुलेटर बंद करना चाहिए और आग को नियंत्रित करने के लिए गीले कपड़े या अग्निशामक यंत्र का उपयोग करना चाहिए। साथ ही आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह भी दी गई।

व्यावहारिक प्रदर्शन कर दी जानकारी

फायर ब्रिगेड की टीम ने छात्रों और शिक्षकों को व्यावहारिक रूप से आग बुझाने के तरीके भी दिखाए। इस दौरान उन्होंने बताया कि छोटी आग को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन लापरवाही बरतने पर बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई सवाल पूछकर जानकारी हासिल की।

आपदा के समय सतर्कता जरूरी

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि आग, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय घबराने के बजाय सूझबूझ और सावधानी से काम लेना चाहिए। समय पर सही कदम उठाने से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।

प्राचार्य ने जताया आभार

विद्यालय के प्राचार्य नीरज मिश्र ने फायर ब्रिगेड टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं। इससे बच्चों में आपदा से निपटने की समझ विकसित होती है और वे भविष्य में ऐसी परिस्थितियों का सामना बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और सभी ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए एनजीओ का होगा चयन, इच्छुक संस्थाएं एक सप्ताह में करें आवेदन

सिद्धार्थनगर, 07 मार्च 2026।भारत सरकार की अटल वयो अभ्युदय योजना के अंतर्गत जनपद सिद्धार्थनगर में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन के लिए अनुभवी स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) का चयन किया जाएगा। इस संबंध में जनपद स्तरीय समिति द्वारा योग्य संस्थाओं का चयन किया जाएगा। इच्छुक संस्थाओं को एक सप्ताह के भीतर अपना आवेदन जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा करना होगा।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाए जाएंगे विशेष कार्यक्रम

अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत जनपद में वरिष्ठ नागरिकों के मोतियाबिंद सर्जरी, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर, उत्पादक वृद्धावस्था गतिविधियों के प्रोत्साहन तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन के लिए अनुभवी एनजीओ का चयन किया जाना है।

एनजीओ के लिए निर्धारित अनिवार्य पात्रताएं

आवेदन करने वाली संस्था को भारत सरकार द्वारा निर्धारित निम्न अर्हताएं पूरी करनी होंगी—

संस्था सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत हो।

संस्था का क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकृत अस्पताल के साथ एमओयू (MOU) होना अनिवार्य है।

संस्था का राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता संचालित होना चाहिए।

संस्था नीति आयोग के एनजीओ दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत हो।

संस्था के पास पैन कार्ड एवं जीएसटी पंजीकरण होना चाहिए।

संस्था को पिछले 02 वर्षों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

पिछले 03 वर्षों का ऑडिटेड लेखा विवरण अनिवार्य रूप से देना होगा।

घोषणा पत्र के साथ करना होगा आवेदन

इच्छुक संस्थाओं को 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर संस्था के लेटरहेड पर घोषणा-पत्र के साथ अपना प्रत्यावेदन एक सप्ताह के भीतर कार्यालय जिला समाज कल्याण अधिकारी, सिद्धार्थनगर में जमा करना होगा।

समिति द्वारा किया जाएगा अंतिम चयन

शासनादेश में निर्धारित सभी शर्तों को पूर्ण करने वाली संस्थाओं का जनपद स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण के बाद चयन किया जाएगा। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक संस्थाएं किसी भी कार्य दिवस में जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।

अधिकारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी

इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी एम.पी. सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनपद की योग्य एवं अनुभवी स्वयंसेवी संस्थाओं से आवेदन करने की अपील की है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।

हमसफर बनेंगे IPS केके विश्नोई और IPS अंशिका वर्मा, गोरखपुर से शुरू हुई थी लव स्टोरी

गोरखपुर : पुलिस के दो तेजतर्रार आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी अब विवाह के मुकाम तक पहुंच गई है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई और बरेली की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की शादी 28 मार्च को राजस्थान के बारमेर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होगी। इससे पहले 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी और संगीत समारोह आयोजित होगा, जबकि 30 मार्च को जोधपुर के एक रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन रखा जाएगा।

गोरखपुर में शुरू हुई थी लव स्टोरी

दोनों आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। उस समय गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान उनकी पहली मुलाकात हुई थी। उस समय कृष्ण कुमार बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात थे, जबकि अंशिका वर्मा वहां प्रशिक्षण के दौरान अंडर ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारी थीं। ड्यूटी के दौरान हुई मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर यही दोस्ती समय के साथ एक मजबूत रिश्ते में बदल गई। अब लगभग पांच साल बाद दोनों अपने रिश्ते को शादी के रूप में नई पहचान देने जा रहे हैं।

राजस्थान में होंगे सभी शादी समारोह

दोनों परिवारों की सहमति के बाद शादी की सभी रस्में राजस्थान में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी और संगीत समारोह होगा। इसके बाद 28 मार्च को विवाह संपन्न होगा। शादी के बाद 30 मार्च को जोधपुर के एक रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक सेवा और पुलिस विभाग से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

होली में भी चर्चा में रहे दोनों अधिकारी

हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस की होली के दौरान भी दोनों अधिकारी काफी चर्चा में रहे थे। बरेली में होली समारोह के दौरान एसपी अंशिका वर्मा ने काला चश्मा पहनकर लोकप्रिय गीत “लंदन ठुमकदा” पर डांस किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। इसके अगले दिन संभल में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने भी अनोखे अंदाज में पुलिस लाइन में एंट्री की थी। उन्होंने शिकारी स्टाइल की टोपी पहनकर खुली जिप्सी से फिल्मी गाने पर पुलिसकर्मियों के बीच प्रवेश किया था। उनके इस अंदाज को भी लोगों ने खूब पसंद किया।

राजस्थान के किसान परिवार से आते हैं केके बिश्नोई

आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में एक किसान परिवार में हुआ। छह भाई-बहनों में सबसे छोटे बिश्नोई ने बचपन से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 12वीं के बाद वे दिल्ली चले गए और सेंट स्टीफेन्स कालेज से 2013 में बीए की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विदेश में पढ़ाई का सपना देखा और फ्रांस सरकार की स्कॉलरशिप हासिल की। उन्हें करीब 40 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली और उन्होंने पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विषय में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

विदेश में भी किया महत्वपूर्ण काम

विदेश में पढ़ाई के दौरान बिश्नोई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अनुभव हासिल किया। उन्हें यूनाइटेड नेशन के ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट के रूप में काम करने का अवसर मिला, जहां उन्हें लगभग 30 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा और शोध कार्य जारी रखा और बाद में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बन गए।

पुलिस सेवा में तेजतर्रार छवि

आईपीएस बनने के बाद 2019 में उनकी पहली पोस्टिंग मेरठ के परतापुर थाने में थाना प्रभारी के रूप में हुई। इसके बाद वे मुजफ्फरनगर में एएसपी और बाद में संभल में एसपी के पद पर तैनात हुए। संभल में रहते हुए उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा धोखाधड़ी घोटाले का खुलासा किया, जिसमें 70 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके लिए उन्हें उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक और प्लैटिनम मेडल से सम्मानित किया गया।

अंशिका वर्मा की प्रेरणादायक कहानी

आईपीएस अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नोएडा में हुई। उन्होंने जेएसएस अकेडमी ऑफ टेक्निकल एडुकेशन नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की और 136 वीं रैंक प्राप्त कर आईपीएस अधिकारी बनीं। उनके पिता उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।

पुलिस सेवा में तेजतर्रार पहचान

अंशिका वर्मा की पहली पोस्टिंग आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी थाने में ट्रेनी अधिकारी के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें गोरखपुर में एएसपी के रूप में तैनाती मिली। वर्तमान में वे बरेली जिले में एसपी के पद पर कार्यरत हैं और अपनी कार्यशैली, अनुशासन और सक्रिय पुलिसिंग के लिए जानी जाती हैं।

सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय

आईपीएस अंशिका वर्मा सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर उनके छह लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनके काम और व्यक्तित्व के कारण युवा वर्ग उन्हें काफी पसंद करता है।

नई शुरुआत की ओर कदम

अब दोनों आईपीएस अधिकारी अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। पुलिस विभाग, प्रशासनिक सेवा और उनके परिचितों के बीच इस शादी को लेकर उत्साह का माहौल है। 28 मार्च को होने वाली यह शादी न केवल दो परिवारों के लिए बल्कि पुलिस विभाग के लिए भी एक खास अवसर बनने जा रही है। सभी लोग इस जोड़ी के सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की कामना कर रहे हैं।

सिद्धार्थनगर में होली के अवसर पर 5 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित

सिद्धार्थनगर। होली पर्व को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई। प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने 5 मार्च को होली के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। चूंकि 4 मार्च को होली है तो इस दिन शासन द्वारा आधिकारिक अवकाश घोषित है। लेकिन 5 मार्च को भी अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा की गई इस घोषणा के बाद खासकर सुदूर क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

शिक्षक संघ की मांग पर लिया गया निर्णय

प्राथमिक शिक्षक संघ ने होली पर्व को देखते हुए 5 मार्च को अवकाश घोषित करने की मांग प्रशासन से की थी। संघ का कहना था कि दूरदराज़ जिलों, ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षक अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पाते हैं।

संघ की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 5 मार्च को 1 से 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया।

जिलाधिकारी की आधिकारिक घोषणा

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में 5 मार्च को होली पर्व के उपलक्ष्य में अवकाश रहेगा। आदेश जारी होते ही शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल देखने को मिला।

सुदूर क्षेत्रों के शिक्षकों में खास उत्साह

खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में कार्यरत शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे उन्हें परिवार के साथ होली मनाने का अवसर मिलेगा।

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

त्योहारों पर संवेदनशील प्रशासन

इस निर्णय को प्रशासन की संवेदनशीलता और शिक्षकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। होली जैसे बड़े पर्व पर अवकाश मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों में उत्साह बढ़ा है।

मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान- अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ेगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बजट सत्र में विधान परिषद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित कर्मियों का मानदेय जल्द ही बढ़ाया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में कैशलेस व्यवस्था लागू करने की घोषणा करते हुए बताया कि यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से प्रभावी हो जाएगी।

बजट सत्र में कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार प्रदेश के शिक्षा और पोषण से जुड़े कर्मचारियों के योगदान को भली-भांति समझती है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सरकार ने बजट में इनके मानदेय बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रावधान कर दिए हैं, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

1 अप्रैल से लागू होगी कैशलेस व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में कैशलेस व्यवस्था लागू की जा रही है, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और कर्मचारियों को सुविधाजनक भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराना है।

सरकार का दावा है कि इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सुगम होगी।

उत्तर प्रदेश अनुदेशक संघ ने जताया आभार

इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश अनुदेशक संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “हमारा 25,000 अनुदेशकों का परिवार सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करता है। मुख्यमंत्री जी ने हमारे लंबे समय से लंबित मुद्दे को गंभीरता से लिया है। यह निर्णय अनुदेशक परिवार के लिए राहत भरा है।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि का निर्णय प्रदेश के शिक्षा तंत्र को और सशक्त बनाएगा।

शिक्षा और पोषण व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा तथा आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

प्रदेश में बड़ी संख्या में अनुदेशक, शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में यह फैसला व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

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