ड्यूटी पर गेटमैन पर जानलेवा हमला, खून से लथपथ मिला—आउटर पर रुकी गरीब रथ!
गेटमैन पर हमला, खून से लथपथ मिला; गरीब रथ आउटर पर रुकी
बोदरवार रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी के दौरान वारदात, गंभीर हालत में गोरखपुर रेफर; अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस
कुशीनगर। बोदरवार रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी कर रहे गेटमैन सुधीर मिश्रा पर कथित हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गेटमैन के केबिन में खून से लथपथ हालत में मिलने से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। घटना का असर रेल संचालन पर भी पड़ा और सिग्नल नहीं मिलने के कारण गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा।
गंभीर रूप से घायल गेटमैन को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
🔴 LEAD | फोन नहीं उठा तो खुला हमले का राज
बताया गया कि शुक्रवार रात ट्रेन के गुजरने का समय होने पर रेलवे कर्मचारियों ने गेटमैन सुधीर मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया। कई बार फोन करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला और ट्रेन को सिग्नल भी नहीं मिला तो रेलवे अधिकारियों को संदेह हुआ।
इसके बाद पास में ड्यूटी कर रहे कर्मचारी को गेट संख्या 13-सी के केबिन की ओर भेजा गया। वहां पहुंचने पर गेटमैन गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उनके शरीर पर चोट के निशान और खून देखकर तत्काल अधिकारियों को सूचना दी गई।
INSET | घटनाक्रम एक नजर में
● गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी — गेटमैन सुधीर मिश्रा ड्यूटी पर तैनात थे।
● संपर्क हुआ बंद — ट्रेन आने के समय फोन पर संपर्क नहीं हो सका।
● केबिन में मिले घायल — कर्मचारी ने उन्हें गंभीर हालत में पाया।
● ट्रेन प्रभावित — सिग्नल नहीं मिलने से गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा।
● अस्पताल में भर्ती — घायल को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
● गोरखपुर रेफर — हालत गंभीर होने पर बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया।
● जांच शुरू — पुलिस ने अज्ञात हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
INBOX | ड्यूटी के दौरान आखिर क्या हुआ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार गेटमैन रेलवे क्रॉसिंग की ड्यूटी संभाल रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने की आशंका जताई गई है। हालांकि हमले की वास्तविक वजह, हमलावरों की संख्या और वारदात की पूरी परिस्थितियां अभी पुलिस जांच का विषय हैं।
घटना के बाद गेटमैन के संपर्क में नहीं आने से रेलवे कर्मचारियों को स्थिति की जानकारी नहीं हो सकी। ट्रेन को सिग्नल नहीं मिलने पर जब कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो केबिन में गेटमैन घायल मिले।
गरीब रथ को भी रोकना पड़ा
घटना का सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा। गेटमैन से संपर्क नहीं होने और गेट की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण ट्रेन को आगे बढ़ाने से पहले सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। इसी दौरान गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा।
बाद में रेलवे कर्मचारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद ट्रेन को आगे रवाना किए जाने की जानकारी सामने आई।
सिर में गंभीर चोट, इलाज जारी
घायल गेटमैन को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उनके सिर में गंभीर चोट लगी है और कंधे में भी चोट/फ्रैक्चर की बात सामने आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गोरखपुर के लिए रेफर किया गया।
उनकी स्वास्थ्य स्थिति के कारण घटना के संबंध में उनका विस्तृत बयान जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है।
KEY LIST | जांच के केंद्र में ये सवाल
गेटमैन पर हमला किसने और क्यों किया?
वारदात के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे?
हमलावर किस वाहन से आए थे?
आसपास के सीसीटीवी में क्या रिकॉर्ड हुआ?
घटना से पहले गेटमैन से किसी का विवाद हुआ था या नहीं?
वारदात का रेल संचालन पर कितना असर पड़ा?
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी कब तक होती है?
पुलिस इन सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित पुलिस एवं रेलवे सुरक्षा अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। जांच टीम आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
आरोपियों की पहचान, हमले की वजह और घटना की पूरी सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सारांश
बोदरवार रेलवे स्टेशन के गेट संख्या 13-सी पर ड्यूटी कर रहे गेटमैन सुधीर मिश्रा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उनसे संपर्क नहीं होने और सिग्नल नहीं मिलने के कारण गरीब रथ एक्सप्रेस को आउटर पर रोकना पड़ा। घायल गेटमैन को उपचार के लिए गोरखपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान का प्रयास शुरू किया है।
टिप्पणी | सवाल सिर्फ एक कर्मचारी की सुरक्षा का नहीं
रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात कर्मचारी की जिम्मेदारी सीधे यात्रियों और रेल संचालन की सुरक्षा से जुड़ी होती है। ऐसे कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान कथित हमला होना गंभीर चिंता का विषय है। घटना की निष्पक्ष जांच के साथ यह भी जरूरी है कि रेलवे के संवेदनशील क्रॉसिंग और ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
साथ ही, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को हमले का दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। कौन जिम्मेदार है, यह पुलिस जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और आगे की कानूनी प्रक्रिया से ही तय होगा।

