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*40 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद, 400 किलो लहन नष्ट व 02 अभियोग पंजीकृत* 

 

 

 

रायबरेली जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के आदेशानुसार जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1 प्रशांत कुमार ने अपनी टीम के साथ विभिन्न स्थानों पर सघन दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान सदर तहसील के थाना मिल एरिया अंतर्गत ग्राम राही ग्राम सभा तथा थाना गुरुबक्सगंज क्षेत्र के कोरिहर गांव में अवैध कच्ची शराब बनाने के अड्डों एवं संदिग्ध घरों की तलाशी ली गई। अभियान के दौरान कुल 40 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई तथा लगभग 400 किलो लहन बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।

इस कार्रवाई के संबंध में आबकारी अधिनियम के तहत 02 अभियोग पंजीकृत किए गए। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

एम्स रायबरेली में ‘विश्व स्तनपान सप्ताह 2026’ का उद्घाटन

 

एम्स रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य विभाग ने, प्रसूति एवं स्त्री रोग और बाल चिकित्सा विभागों के सहयोग से, 1 अगस्त 2026 को एम्स रायबरेली के अस्पताल भवन भूतल पर ‘विश्व स्तनपान सप्ताह 2026’ के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्तनपान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और माताओं, परिवारों तथा आम जनता के बीच शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए सही खान-पान के तरीकों को बढ़ावा देना था।

उद्घाटन कार्यक्रम में कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने स्तनपान, माँ के पोषण और शिशु के स्वास्थ्य के महत्व पर बात की। उन्होंने सफल स्तनपान के लिए माताओं को सहयोग देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इस मौके पर डीन (अकादमिक) डॉ. नीरज कुमारी, डॉ. भोलानाथ, डॉ. पारुल सिन्हा और डॉ. नमिता मिश्रा भी मौजूद थीं। उनकी उपस्थिति ने स्तनपान और माँ-बच्चे के स्वास्थ्य के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाया। कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ. अभय सिंह ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शिशु के जीवन के पहले छह महीनों में केवल स्तनपान कराने और उसके बाद सही पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखने के महत्व पर ज़ोर देने वाले संबोधन के साथ हुई। गणमान्य व्यक्तियों ने स्वास्थ्य कर्मियों व समुदाय को स्तनपान-अनुकूल तरीकों का सक्रिय रूप से समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण संस्थान के इंटर्न छात्रों द्वारा प्रस्तुत ‘नुक्कड़ नाटक’ था। एक दिलचस्प और जानकारीपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से, इंटर्न ने स्तनपान के फायदों के बारे में मुख्य संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाए, आम गलतफहमियों को दूर किया और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए परिवार के सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।

एक इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें दर्शकों ने स्तनपान के तरीकों, माँ के पोषण और शिशु के खान-पान से संबंधित सवालों के जवाब देकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों की सराहना की गई और उन्हें पुरस्कार दिए गए, जिससे यह सत्र शिक्षाप्रद और दिलचस्प बन गया।

उद्घाटन समारोह में फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों (डॉ. शशांक और डॉ. अपर्णा), इंटर्न, एमबीबीएस छात्रों, मरीजों और उनके साथ आए लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम ने स्तनपान के महत्व के बारे में सफलतापूर्वक जागरूकता पैदा की और सामुदायिक जुड़ाव तथा स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से माँ और बच्चे के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एम्स रायबरेली की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। वर्ल्ड ब्रेस्टफीडिंग वीक (विश्व स्तनपान सप्ताह) के दौरान पूरे हफ़्ते कई तरह की जागरूकता गतिविधियाँ, एजुकेशनल सेशन और कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम आयोजित किए जाएँगे। इनका मकसद स्तनपान की आदतों को मज़बूत करना और बच्चों की सेहत में सुधार लाना है।

रेस्टोरेंट के भीतर मिला 45 वर्षीय राम रूप का शव, इलाके में सनसनी; मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

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रेस्टोरेंट के भीतर मिला 45 वर्षीय राम रूप का शव, इलाके में सनसनी; मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

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बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र के देई साड़ बाजार का मामला; फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम व जांच से सामने आएगा मौत का कारण

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बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के देई साड़ बाजार स्थित दाना पानी रेस्टोरेंट में 45 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान राम रूप, उम्र करीब 45 वर्ष, पुत्र गंगाराम, निवासी भोगपुर, थाना महोली, जनपद संत कबीर नगर के रूप में बताई गई है।

घटना की सूचना मिलते ही लालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए, जबकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।

फिलहाल राम रूप की मौत आखिर किन परिस्थितियों में हुई, इसका निश्चित कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में किसी भी तरह की अटकल को तथ्य मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से मिलने वाले निष्कर्ष इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

इनसेट: रेस्टोरेंट में शव मिलने की सूचना और फिर शुरू हुई जांच

स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक दाना पानी रेस्टोरेंट के भीतर एक व्यक्ति के मृत मिलने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।

लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को जांच के दायरे में लिया। इसके बाद फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट की मदद से उन परिस्थितियों को समझने और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जिनसे राम रूप की मौत के कारणों तक पहुंचा जा सके।

घटनास्थल पर मौजूद वस्तुओं और अन्य संभावित साक्ष्यों का महत्व अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

इनबॉक्स: सीओ रुधौली अनिल सिंह ने दी कार्रवाई की जानकारी

उपलब्ध स्थानीय जानकारी के मुताबिक क्षेत्राधिकारी रुधौली अनिल सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और फॉरेंसिक टीम तथा फील्ड यूनिट की सहायता से घटनास्थल की बारीकी से जांच कराई जा रही है।

पुलिस का फोकस फिलहाल साक्ष्य संकलन और विधिक प्रक्रिया पूरी करने पर है।

सबसे बड़ा सवाल – राम रूप की मौत कैसे हुई?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि 45 वर्षीय राम रूप की मौत आखिर कैसे हुई और किन परिस्थितियों में उनका शव रेस्टोरेंट में मिला?

लेकिन इस सवाल का जवाब अभी अनुमान के आधार पर नहीं दिया जा सकता।

मृत्यु स्वाभाविक थी, किसी आकस्मिक परिस्थिति का परिणाम थी अथवा इसके पीछे कोई अन्य कारण था—इनमें से किसी निष्कर्ष पर पुलिस अथवा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले पहुंचना उचित नहीं होगा।

यही वजह है कि इस मामले में फॉरेंसिक जांच, परिस्थितिजन्य साक्ष्य, संबंधित लोगों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आगे की तस्वीर स्पष्ट करने में अहम हो सकते हैं।

लीड: बंद सवालों के बीच फॉरेंसिक जांच पर टिकी निगाहें

दाना पानी रेस्टोरेंट में राम रूप का शव मिलना अपने पीछे कई सवाल छोड़ गया है। वह वहां कब और किन परिस्थितियों में पहुंचे? मौत किस समय और किस वजह से हुई? घटनास्थल से मिले साक्ष्य क्या संकेत देते हैं? इन सवालों के जवाब अभी जांच के गर्भ में हैं। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और फील्ड यूनिट को जांच में लगाया है। ऐसे में अब वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम से मिलने वाली जानकारी पर निगाहें टिकी हैं।

जांच पूरी होने तक अटकलों से बचना जरूरी

ऐसे मामलों में सोशल मीडिया या स्थानीय चर्चाओं के आधार पर हत्या, आत्महत्या अथवा किसी अन्य कारण का दावा करना जांच को प्रभावित करने के साथ गलत सूचना फैलाने का कारण भी बन सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी केवल इतनी है कि राम रूप का शव रेस्टोरेंट में मिला है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।

किसी व्यक्ति, रेस्टोरेंट संचालक, कर्मचारी अथवा अन्य पक्ष की भूमिका को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यदि पुलिस जांच में कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसी आधार पर मामले की अगली तस्वीर स्पष्ट होगी।

टिप्पणी: सवाल गंभीर हैं, लेकिन जवाब जांच से ही आने चाहिए

किसी सार्वजनिक व्यावसायिक प्रतिष्ठान में व्यक्ति का शव मिलना स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में तेज और निष्पक्ष जांच जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी न ठहराया जाए।

फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलित करना जांच की महत्वपूर्ण कड़ी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस विवेचना ही बताएगी कि राम रूप की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

सारांश

लालगंज थाना क्षेत्र के देई साड़ बाजार स्थित दाना पानी रेस्टोरेंट में करीब 45 वर्षीय राम रूप पुत्र गंगाराम, निवासी भोगपुर, थाना महोली, जनपद संत कबीर नगर का शव मिलने की सूचना सामने आई है।

सूचना पर लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू की। फॉरेंसिक टीम तथा फील्ड यूनिट से घटनास्थल की जांच और साक्ष्य संकलन कराया जा रहा है।

मौत के वास्तविक कारण को लेकर फिलहाल कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले किसी आपराधिक कारण या किसी व्यक्ति की भूमिका का दावा करना उचित नहीं होगा।

 

निर्माणाधीन पोखरे में समा गईं तीन जिंदगियां, एक बच्चा बचा; सिसवा हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर बड़े सवाल

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नहाने गए चार बच्चों में तीन की डूबने से मौत; सूचना के बाद चला बचाव अभियान, प्रशासन मौके पर पहुंचा—सुरक्षित बचे बच्चे की काउंसलिंग के निर्देश, पीड़ित परिवारों को सहायता और जवाबदेही की कार्रवाई आगे बढ़ी

महराजगंज। सिसवा नगर पालिका क्षेत्र में रविवार की दोपहर एक निर्माणाधीन पोखरे में हुआ हादसा तीन परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे गया। चार बच्चे पोखरे की तरफ गए थे। पानी में उतरने के बाद तीन बच्चे गहरे पानी में डूब गए, जबकि एक बच्चा किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा। उसके जरिए घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग, पुलिस और बचाव दल सक्रिय हुए, लेकिन तीन बच्चों की जिंदगी नहीं बचाई जा सकी।

घटना सिसवा नगर पालिका क्षेत्र के मीराबाई नगर, वार्ड संख्या 25 के पोखरा टोला की बताई गई है। हादसे के बाद बच्चों को पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन को मृत घोषित कर दिया।


| एक साथ निकले थे चार दोस्त, तीन घरों तक पहुंची मौत की खबर

रविवार की दोपहर तक सब कुछ सामान्य था। बच्चे निर्माणाधीन पोखरे की ओर पहुंचे और पानी में उतर गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में यही पोखरा तीन परिवारों के लिए सबसे बड़ी त्रासदी का कारण बन जाएगा।

तीन बच्चों के गहरे पानी में फंसने के दौरान साथ मौजूद चौथा बच्चा किसी तरह बाहर निकल आया। उसने घटना की जानकारी लोगों तक पहुंचाई। खबर मिलते ही अफरा-तफरी मच गई और बच्चों को बचाने की कोशिश शुरू हुई।

पुलिस और गोताखोर भी मौके पर पहुंचे। तीनों बच्चों को पानी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।


| सिसवा हादसा एक नजर में

स्थान : मीराबाई नगर, पोखरा टोला, सिसवा नगर पालिका, महराजगंज

घटना : निर्माणाधीन पोखरे में डूबे बच्चे

कुल बच्चे : चार

मृत्यु : तीन बच्चों की मौत

सुरक्षित : एक बच्चा बाहर निकलने में सफल

कार्रवाई : पुलिस-प्रशासन और बचाव दल मौके पर

पोस्टमार्टम : शीघ्र प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश

विशेष निर्देश : सुरक्षित बचे बच्चे की काउंसलिंग

प्रमुख सवाल : निर्माणाधीन पोखरे पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं?

सुरक्षित बचा बच्चा बना दर्दनाक हादसे का गवाह

इस त्रासदी में एक बच्चा शारीरिक रूप से सुरक्षित बच गया, लेकिन अपने साथियों के साथ हुए हादसे को इतने करीब से देखने का मानसिक प्रभाव भी गंभीर हो सकता है।

प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर सुरक्षित बचे बच्चे का हालचाल जाना। अस्पताल प्रशासन को उसकी समुचित काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि वह हादसे के मानसिक आघात से उबर सके।

पोस्टमार्टम से लेकर शव घर पहुंचाने तक प्रशासन को निर्देश

तीन बच्चों की मौत के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

प्रशासन की ओर से पोस्टमार्टम प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के साथ पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री ने लिया घटना का संज्ञान

तीन बच्चों की मौत का मामला शासन तक पहुंचा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा राहत संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हादसे के बाद जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हुए और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया।

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल—निर्माणाधीन पोखरा कितना सुरक्षित था?

तीन बच्चों की मौत के बाद अब निर्माणाधीन पोखरे की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा के केंद्र में है।

आबादी के बीच या आसपास मौजूद किसी गहरे और निर्माणाधीन जलाशय तक बच्चों की पहुंच रोकने के लिए क्या पर्याप्त बैरिकेडिंग थी? क्या खतरे की चेतावनी देने वाले बोर्ड लगाए गए थे? क्या निर्माण स्थल पर प्रवेश रोकने की व्यवस्था पर्याप्त थी?

इन सवालों के निश्चित उत्तर जांच के बाद ही सामने आएंगे।

स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने के बाद प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य से जुड़े वेंडर/ठेकेदार के खिलाफ विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

हालांकि कार्रवाई का निर्देश किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि नहीं है। हादसे के लिए किसकी क्या जिम्मेदारी बनती है, यह जांच और कानूनी प्रक्रिया से निर्धारित होगा।

पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी भी सामने आई है।

तीन बच्चों को खो चुके परिवारों के दुख की भरपाई किसी आर्थिक सहायता से संभव नहीं है, लेकिन संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन की सहायता परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने का माध्यम बन सकती है।

सारांश | तीन मौतें छोड़ गईं कई सवाल

चार बच्चे पोखरे तक पहुंचे। तीन गहरे पानी में डूब गए। एक बच्चा सुरक्षित निकला और घटना की सूचना लोगों तक पहुंची। बचाव अभियान चला, बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तीन जिंदगियां नहीं बच सकीं।

इसके बाद पुलिस की कानूनी प्रक्रिया शुरू हुई, प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, सुरक्षित बच्चे की काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए गए और मृत बच्चों के परिवारों के लिए सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

अब इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू जांच और जवाबदेही है।

जांच से यह स्पष्ट होना जरूरी है कि निर्माणाधीन पोखरे पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और क्या किसी स्तर पर ऐसी कमी थी, जिसे समय रहते दूर किया जाता तो हादसे का खतरा कम हो सकता था।

टिप्पणी | तीन बच्चों की मौत एक चेतावनी भी

सिसवा का यह दर्दनाक हादसा केवल तीन बच्चों की मौत की खबर बनकर फाइलों में बंद नहीं होना चाहिए।

निर्माणाधीन पोखरे, तालाब, जलाशय या गहरे गड्ढे यदि आबादी के आसपास हैं, तो वहां मजबूत बैरिकेडिंग, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड और अनधिकृत प्रवेश रोकने की व्यवस्था बेहद जरूरी है।

इस घटना में किसी अधिकारी, ठेकेदार या संस्था की कानूनी जिम्मेदारी क्या है, इसका निर्णय जांच और विधिक प्रक्रिया करेगी। जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी घोषित करना उचित नहीं होगा।

लेकिन तीन बच्चों की मौत के बाद प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल जरूर है—

क्या जिले के दूसरे निर्माणाधीन पोखरों और जलाशयों की भी सुरक्षा जांच कराई जाएगी, ताकि सिसवा जैसी त्रासदी दोबारा किसी दूसरे परिवार के दरवाजे तक न पहुंचे?

तीन जिंदगियां वापस नहीं आ सकतीं, लेकिन इस हादसे से मिला सबक अगर सुरक्षा व्यवस्था बदल देता है, तो भविष्य में किसी और घर का चिराग बुझने से बचाया जा सकता है।

 

आजमगढ़ और मऊ में अनुदेशक संघ प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह का जबरदस्त स्वागत

मऊ/आजमगढ़। परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के मऊ और आजमगढ़ दौरे में अनुदेशकों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। दोनों जनपदों में सैकड़ों अनुदेशकों ने उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में संगठन की जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष के साथ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं कोर कमेटी सदस्य अभिषेक राय सहित कई प्रांतीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संगठन ने अनुदेशकों की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई का नया संदेश बताया।

सुप्रीम कोर्ट की जीत को बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट से मिले 17 हजार रुपये मानदेय, मार्च 2017 से एरियर के अधिकार तथा नियमितीकरण की लड़ाई को प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि संगठन अब सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के लिए लगातार प्रयास करेगा।

“नियमितीकरण तक चैन से नहीं बैठूंगा” : विक्रम सिंह 

अनुदेशकों को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब 17 हजार रुपये मानदेय मिलना भी असंभव माना जा रहा था, लेकिन संगठन के संघर्ष ने इसे संभव कर दिखाया।

उन्होंने कहा, “जब तक प्रदेश के अंतिम अनुदेशक का नियमितीकरण नहीं हो जाता, तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा। संगठन की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”

उन्होंने सभी अनुदेशकों से संगठन को मजबूत बनाने और एकजुट रहने की अपील की।

आयोजकों का किया सम्मान

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मऊ के जिलाध्यक्ष इंद्र प्रताप राव, आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष गणेश यादव तथा दोनों जनपदों की जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी की सराहना की गई। संगठन ने कहा कि प्रदेशभर में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से अनुदेशकों को एकजुट किया जाएगा।

संगठन का कहना है कि अब उसका मुख्य लक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूर्ण क्रियान्वयन और अनुदेशकों का नियमितीकरण सुनिश्चित कराना है।

सारस चौराहा पर पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेश पाल गौतम, बोले- 2027 में पूर्ण बहुमत से बनेगी कांग्रेस सरकार सारस चौराहे पर कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

 

 

रायबरेली। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सारस चौराहे पर रविवार, 2 अगस्त 2026 की शाम लगभग 6 बजे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेश पाल गौतम के आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इस दौरान रायबरेली जिला कांग्रेस अध्यक्ष पंकज तिवारी, शहर अध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर प्रदेश प्रभारी का अभिनंदन किया और पार्टी के समर्थन में नारेबाजी भी की।

 

स्वागत कार्यक्रम के बाद प्रदेश प्रभारी राजेश पाल गौतम ने मीडिया से बातचीत करते हुए उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है और सरकार दमनकारी नीतियां अपनाकर विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उनका आरोप था कि पुलिस का दुरुपयोग कर राजनीतिक विरोधियों को परेशान किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे।

 

राजेश पाल गौतम ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार को करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और जनता के सहयोग से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। उनका कहना था कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों से परेशान है तथा अब बदलाव चाहती है।

 

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनसंपर्क अभियान तेज करने का आह्वान किया। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने भी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की तैयारियों और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की बात कही।

 

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस समर्थकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। स्वागत समारोह में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही।

*दुष्कर्म के आरोपियों की हो तत्काल गिरफ्तारी-सपा* *लोकसभा में उठेगी पीड़ित की आवाज-सांसद आरके चौधरी*

 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशानुसार गठित समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सांसद मोहनलालगंज आरके चौधरी के नेतृत्व में जनपद रायबरेली के विधानसभा क्षेत्र सलोन के ग्राम पूरे पासिन मजरे बेवल थाना नसीराबाद पहुंचकर रूपचंद्र पासी की पुत्री उम्र लगभग 15 वर्ष नाबालिक के साथ पड़ोसी गाँव के सामंती,दबंग प्रवत्ति के लोगों द्वारा दुष्कर्म किये जाने की घटना की जानकारी एवं पीड़ित परिवार से मिलने उनके निवास स्थान पहुँचा।प्रतिनिधिमंडल से पीड़ित के पिता रूपचन्द्र पासी,पीड़िता बेटी,बेटी की संरक्षक गायत्री पासी एवं पीड़ित परिवार के अन्य परिजनों ने बताया कि दिनांक 28 जुलाई 2026 को दबंग प्रवृत्ति के पाँच लोगों द्वारा दिन में ही अपने ट्यूबवेल पर ले जाकर रूपचन्द्र पासी की बेटी के साथ जबरन मारपीट कर दुष्कर्म किया गया घटना की जानकारी पर गाँव वासियों के पहुँच जाने पर छोड़ कर भाग गये पीड़ित की संरक्षक गायत्री पासी ने बताया कि थाना नसीराबाद पुलिस को लिखित तहरीर दिया परन्तु पुलिस ने दबाव बनाकर तहरीर में बदलाव करवाकर दोषियों को लाभ पहुँचाने वाली तहरीर लेकर रख लिया उस पीड़ित को रात भर पुलिस थानाध्यक्ष ने थाने में बैठाकर सुलह कराने का दबाव बनाते रहे दूसरे दिन दिनांक 29 जुलाई 2026 को एफआईआर दर्ज की एवं मेडिकल जाँच कराने में आनाकानी करते रहे पीड़ित बेटी नाबालिक है परंतु पाकसो एक्ट नहीं लगाया गया।उल्लेखनीय है कि एक अभियुक्त बीजेपी का ब्लॉक छतोह का मंडल उपाध्यक्ष एवं अन्य भी बीजेपी के कार्यकर्ता हैं बीजेपी के क्षेत्रीय विधायक एवं सरकार का संरक्षण उन्हें प्राप्त है इसलिए पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई है।

उपस्थित मीडिया को संबोधित करते हुए सांसद आरके चौधरी ने कहा कि पीड़ित परिवार ग़रीब है इसलिए इनके साथ अन्याय एवं अत्याचार हुआ है पुलिस प्रशासन को न्यायहित में पाकसो एक्ट की कार्यवाही कर सभी अभियुक्तों की अविलम्ब गिरिफ़्तारी करनी चाहिए परंतु पुलिस बीजेपी सरकार एवं उनके कार्यकर्ताओं के अत्याचार में सहयोगी है।समाजवादी पार्टी इस अत्याचार एवं उत्पीड़न के मामले को लोकसभा के सदन में उठाने का कार्य कर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास करेगी।प्रतिनिधि मंडल के सदस्य सीएल वर्मा पासी,जिलाध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव,पूर्व प्रत्यासी चौ.सुरेश कुमार निर्मल,विधानसभा अध्यक्ष पुत्तन सिंह यादव,सपा नेता अनीता राकेश पासी,देवेंद्र भीमराज ने भी कहा कि उ.प्र.सरकार के मुख्यमंत्री हमेशा नारी सशक्तिकरण,महिला सुरक्षा एवं सम्मान की झूठी बातें करते हैं पीड़ित बेटी के साथ सत्ता संरक्षित बीजेपी के लोगों द्वारा किया गया दुष्कर्म अन्याय ही नहीं अत्याचार है।

प्रतिनिधिमंडल के साथ जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव,राजेश मौर्य, महासचिव मो.अरशद खान,जिला सचिव मो.मुशीर,श्रवण आज़ाद,यूथ ब्रिगेड जिलाध्यक्ष अजय यादव,छात्र सभा अध्यक्ष शुभम लोहिया,ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र यादव,आदर्श यादव,सरफराज रायनी,रामाभिलाख पासवान,आकाश मौर्य,विनोद रावत,भूपेन्द्र सिंह,मो.इरफान,सग़ीर अहमद,विनोद यादव,राजेंद्र वर्मा,अरविंद संजय,आदर्श भारती,महेंद्र सोनकर,बाबू यादव,अभिषेक यादव,राजेंद्र वर्मा,शिवम प्रजापति,अनुराग यादव,कौशलेंद्र पासी,सतीश यादव,राम अचल यादव,दारा यादव सहित सैकड़ो कार्यकर्ता एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रभाकर गुप्ता के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक शिव शंकर सिंह को ज्ञापन दिया

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रभाकर गुप्ता के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक शिव शंकर सिंह को ज्ञापन दिया गया और मांग की गई नाबालिक एवं बिना पंजीयन के ई रिक्शा शहर में चल रहे हैं इस पर रोक लगाई जाए,
अभी हाल में ही वरिष्ठ व्यापारी सुंदरलाल कसौधन कोतवाली के पास पैदल जा रहे थे ई रिक्शा के द्वारा टक्कर लगने से उनकी मृत्यु हो गई,
चालकों द्वारा बहुत ही लापरवाही से ई रिक्शा चलाए जा रहा है जिससे आए दिन दुर्घटनाएं घट रही हैं और लोग चोट खा रहे हैं,
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ने आश्वासन दिया कि तत्काल कार्रवाई की जाएगी इस अवसर पर प्रदेश युवा अध्यक्ष अतुल गुप्ता, वरिष्ठ जिला महामंत्री संदीप शुक्ल, नगर अध्यक्ष के के गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष वी के रावत, नगर युवा अध्यक्ष दिलदार राईनी, नगर कोषाध्यक्ष मोहम्मद शकील आदि उपस्थित रहे।

पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, बस्ती में वैदिक गणित और करियर काउंसलिंग सत्र से विद्यार्थियों को मिली नई उड़ान

बस्ती (उत्तर प्रदेश), 1 अगस्त। नेशनल चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस (NCSC) एवं डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, रुधौली (जनपद बस्ती) में विद्यार्थियों के लिए वैदिक गणित एवं करियर काउंसलिंग पर एक अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि जागृत करना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सशक्त बनाना तथा उन्हें भविष्य के विविध करियर विकल्पों से परिचित कराना था।

यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020, नीति आयोग की नवाचार एवं कौशल-आधारित शिक्षा की परिकल्पना तथा “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के अनुरूप विद्यार्थियों में 21वीं सदी के कौशल, तार्किक चिंतन, नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भर भारत की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश (CST-UP) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार से संबद्ध प्रख्यात गणित शिक्षाविद अनूप कुमार (अनूप सर) तथा डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन के चीफ एडवाइजर श्री अनूप कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने वैदिक गणित की सरल, रोचक एवं वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों को तेज मानसिक गणना, तार्किक सोच और समस्या समाधान की प्रभावी विधियाँ सिखाईं। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कम समय में जटिल गणितीय प्रश्नों को हल करने की नई तकनीकों को आत्मसात किया।

करियर काउंसलिंग सत्र में विद्यार्थियों को विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, सिविल सेवा, रक्षा सेवाओं तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारण, अनुशासित अध्ययन, समय प्रबंधन तथा निरंतर सीखने की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत 2047 के वैज्ञानिक, शिक्षक, इंजीनियर, शोधकर्ता, उद्यमी और नीति-निर्माता बनेंगे।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक अपनी जिज्ञासाएँ प्रस्तुत कीं, जिनका विशेषज्ञों ने सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान किया। पूरे सत्र में सीखने की ऊर्जा, उत्साह और सहभागिता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण एवं प्रेरक आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक, वैज्ञानिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, नवाचार, कौशल विकास एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कार्यक्रम के सफल एवं सकुशल समापन पर प्राचार्या डॉ. अमिता सक्सेना ने मुख्य वक्ता अनूप कुमार (अनूप सर), कार्यक्रम समन्वयक श्री अंबिका यादव, डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, समस्त आयोजन टीम, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पी.एम. श्री जवाहर नवोदय विद्यालय विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा, रचनात्मकता एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने तथा उन्हें विकसित भारत 2047 के निर्माण में सक्रिय योगदान देने योग्य नागरिक बनाने हेतु भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।

कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में विद्यार्थियों ने वैदिक गणित की तकनीकों को अपने दैनिक अध्ययन में अपनाने, वैज्ञानिक सोच विकसित करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

*भगवा वेश में प्रदर्शन पर बवाल,पप्पू यादव के खिलाफ हिंदू महासभा का तीखा विरोध* *सनातन परंपरा और संत समाज का हुआ अपमान – शैलेन्द्र अग्निहोत्री* *पप्पू यादव पर हिंदू महासभा का तीखा हमला* *प्रदेश अध्यक्ष बोले – संसद परिसर में साधु वेश धारण कर किया गया प्रदर्शन करोड़ों सनातनियों की आस्था पर चोट* *प्रदेश अध्यक्ष ने संसद से की कड़ी कार्रवाई की मांग*

 

 

रायबरेली।संसद भवन परिसर में बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन ‘पप्पू यादव’ द्वारा साधु वेश धारण कर भगवा वस्त्र पहनकर किए गए राजनीतिक प्रदर्शन को लेकर अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने कड़ी आपत्ति जताई है।संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र अग्निहोत्री ने इसे सनातन परंपरा,संत समाज और भगवा की गरिमा के विरुद्ध बताया तथा संसद से इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।दरअसल,संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि के कथित प्रबंधन संबंधी मुद्दे को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया था।प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के वेश में जमीन पर बैठ गए और उनके सामने प्रतीकात्मक रूप से दानपेटी रखी गई।विपक्ष के अन्य सांसदों ने उसमें सांकेतिक रूप से चंदा भी डाला।इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शैलेंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि भगवा वस्त्र त्याग,तपस्या,राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।ऐसे पवित्र प्रतीक का राजनीतिक प्रदर्शन के लिए उपयोग भारतीय संस्कृति और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार का प्रदर्शन सनातन धर्म और संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है।उन्होंने कहा कि इस घटना से करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों और संत समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।जनप्रतिनिधियों को अपने संवैधानिक दायित्वों के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत का भी सम्मान करना चाहिए।राजनीतिक विरोध के लिए धार्मिक प्रतीकों और संत वेश का इस्तेमाल किसी भी दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता।सनातन आस्था को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय हिंदू महासभा इस पूरे घटनाक्रम का तीव्र विरोध करती है और संसद से मांग करती है कि मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि सनातन आस्था और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और प्रदर्शन का अधिकार सभी को है,लेकिन धार्मिक प्रतीकों और संत वेश की मर्यादा का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।साथ ही संगठन ने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा,ताकि धार्मिक प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके।

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