*डीएम ने जनपदवासियों से पूर्ण सतर्कता एवं सावधानी बरतें की अपील* *30 मई तक तेज हवा, आंधी-तूफान, मेघगर्जन, बेमौसम भारी वर्षा एवं वज्रपात की संभावना* *सतर्कता एवं सावधानी ही आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी है माध्यम – डीएम*
रायबरेली मौसम विभाग, उ०प्र० एवं राहत आयुक्त कार्यालय, लखनऊ द्वारा प्रदेश के कतिपय जनपदों के साथ-साथ जनपद रायबरेली में 28 मई 2026 से 30 मई 2026 तक तेज हवा (हवा की गति 80 से 90 झोकों से बढ़कर 100 किमी/घंटा), आंधी-तूफान, मेघगर्जन, बेमौसम भारी वर्षा एवं वज्रपात की संभावना व्यक्त की गई है।
उक्त संभावित मौसमीय परिस्थितियों के दृष्टिगत जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने जनपदवासियों से अपील की गई है कि सभी नागरिक पूर्ण सतर्कता एवं सावधानी बरतें तथा किसी भी प्रकार की आपदा जनित स्थिति से बचाव हेतु प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने बताया गया कि आंधी-तूफान, तेज वर्षा एवं वज्रपात के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी जनहानि एवं दुर्घटना का कारण बन सकती है। मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा अपने आसपास उपलब्ध सुरक्षित स्थानों की पहचान पहले से कर लें। यदि अचानक तेज आंधी, बारिश अथवा वज्रपात की स्थिति उत्पन्न हो जाए तो तत्काल किसी सुरक्षित पक्के भवन अथवा छत वाले स्थान पर शरण लें तथा खुले मैदान, सड़क, खेत, पेड़ अथवा बिजली के खम्भों के नीचे खड़े होने से बचें।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से किसानों, मजदूरों, पशुपालकों एवं खुले स्थानों पर कार्य करने वाले लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने पर तत्काल कार्य स्थगित कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएँ। खेतों में कार्य करते समय मेघगर्जन एवं बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों के नीचे शरण न लें तथा पानी भरे खेतों एवं खुले स्थानों से दूर रहें।
इसके अतिरिक्त नागरिकों से अपील की गई है कि मौसम विभाग एवं प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों, अलर्ट एवं एडवाइजरी का नियमित रूप से पालन करें। जिन नागरिकों के पास स्मार्ट मोबाइल फोन उपलब्ध हैं, वे “दामिनी” एप डाउनलोड करें तथा प्राप्त सूचनाओं को अपने आसपास के लोगों तक भी पहुँचाएँ।
*क्या करें*
• मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित पक्के भवन अथवा छत के नीचे शरण लें।
• मेघगर्जन एवं बिजली चमकने के दौरान घर के अंदर रहें।
• बिजली से चलने वाले उपकरणों को बंद कर दें।
• वाहन चला रहे हों तो सुरक्षित स्थान पर वाहन रोककर वाहन के अंदर ही रहें।
• जलभराव वाले क्षेत्रों, नदी, तालाब एवं नहरों से दूर रहें।
• प्रशासन एवं मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
• आवश्यकता पड़ने पर तत्काल 1070, 112, 108 अथवा जिला आपदा नियंत्रण के टोल फ्री नम्बरः- 1077, 0535-224084 पर संपर्क करें।
• बच्चों एवं बुजुर्गों को मौसम खराब होने पर घर के अंदर सुरक्षित रखें।
*क्या न करें*
• खुले मैदान, सड़क, खेत अथवा छत पर न रुकें।
• पेड़, बिजली के खम्भे अथवा मोबाइल टावर के नीचे शरण न लें।
• बारिश एवं वज्रपात के दौरान तालाब, नदी, नहर अथवा जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएँ।
• धातु से बनी वस्तुओं, लोहे की छड़, कृषि उपकरण अथवा लोहे वाले छाते का प्रयोग न करें।
• मेघगर्जन के समय अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन एवं विद्युत उपकरणों का प्रयोग न करें।
• समूह में खुले स्थानों पर खड़े न रहें।
• वाहन को पेड़ों अथवा बिजली की लाइनों के नीचे खड़ा न करें।
जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों से अपील की गई है कि सतर्कता एवं सावधानी ही आपदा से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।सभी नागरिक संयम एवं जागरूकता के साथ प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करें।
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