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अवशेष मिलने की सूचना, पुलिस जांच में जुटी

इलाके में मचा हड़कंप, सूचना पर पहुंची पुलिस व पशु चिकित्सक टीम


सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत देवपुर गांव के पास स्थित एक प्राचीन कुएं से मवेशी के अवशेष मिलने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्जनपुर गांव पंचायत के देवपुर गांव में स्थित एक पुराने कुएं में मवेशी के अवशेष पड़े होने की जानकारी कुछ स्थानीय संगठनों के पदाधिकारियों और ग्रामीणों को मिली। इसके बाद तत्काल इसकी सूचना सदर थाना पुलिस को दी गई।
सूचना के आधार पर क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस द्वारा कुएं की जांच के दौरान मवेशी का सिर और खाल बरामद होने की पुष्टि की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि अवशेषों की जांच कराई जा सके।
इस संबंध में गांव के प्रधान की ओर से थाने में तहरीर दी गई है, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस का बयान
मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी विश्वजीत सौरयान ने बताया कि सूचना प्राप्त हुई थी कि देवपुर गांव के एक कुएं में मवेशी के अवशेष पड़े हैं। जांच के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया है। जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिल चुकी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। वहीं, किसी भी तरह की अफवाह से बचने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा नजर रखी जा रही है।

नौकरी मिलने से पहले उजड़ गया परिवार: सफाईकर्मी के बेटे की हत्या, पीछे रह गए दो मासूम

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनुहिया बुजुर्ग गांव में हुई घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि एक ऐसे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है, जो पहले ही संघर्षों से जूझ रहा था। पुरानी रंजिश में हुए कथित हमले में एक युवक की मौत हो गई, जिसकी कुछ ही दिनों में सरकारी नौकरी लगने वाली थी।
जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज कुमार (पुत्र स्व. दयाराम) के पिता पूर्व में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत थे, जिनका कुछ समय पहले निधन हो गया था। पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा के आधार पर मनोज कुमार को नौकरी मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। बताया जा रहा है कि कुछ ही दिनों में उसकी तैनाती होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई।
सुबह दूध देने निकला था युवक
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दूध देने के लिए मोटरसाइकिल से घर से निकले थे। तभी गांव के दक्षिण दिशा में स्थित बाग के पास कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया।
मृतक की मां सुमित्रा देवी द्वारा थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर मनोज कुमार के साथ गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन पर लोहे की रॉड और धारदार हथियार से हमला किया गया। हमले में मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए और खून से लथपथ होकर खेत में गिर पड़े।
शोर सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर कथित तौर पर धमकी देते हुए फरार हो चुके थे। घटनास्थल पर मनोज कुमार की टूटी हुई मोटरसाइकिल भी पाई गई।
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बुझ गया घर का चिराग
घायल मनोज कुमार को पहले सीएचसी खेसरहा ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए जिला चिकित्सालय सिद्धार्थनगर रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मनोज कुमार अपने परिवार का एकमात्र सहारा बताया जा रहा था। वह दो छोटे बच्चों का पिता था। उसकी मौत के बाद दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पहले ही परिवार पिता को खो चुका था।
मां की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
घटना के संबंध में मृतक की मां सुमित्रा देवी की तहरीर पर खेसरहा थाने में अनिल यादव, सुजीत यादव, हरिओम यादव, चइता, कलावती सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।
गांव में मातम और आक्रोश
घटना के बाद बनुहिया बुजुर्ग गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ऐसा युवक, जो जल्द ही अपने परिवार को स्थिर जीवन देने वाला था, उसकी इस तरह मौत होना बेहद दुखद है। पुलिस बल को गांव में तैनात किया गया है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सिद्धार्थनगर में सनसनी: सीकरी नाले के पास मिली किशोरी की लाश, बाद में हुई 12 वर्षीय अंशिका के रूप में शिनाख्त

सिद्धार्थनगर।

जनपद सिद्धार्थनगर के कठेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कठेला जनूबी गांव स्थित सीकरी नाले के पास संदिग्ध परिस्थितियों में एक किशोरी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी कठेला समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल की बारीकी से जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने मौके से साक्ष्य संकलित किए। इसके साथ ही डॉग स्क्वाड की मदद से आसपास के इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
पहले दिन नहीं हुई थी शिनाख्त
पुलिस के अनुसार, शव मिलने के समय मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं पाए गए, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और सभी संभावित पहलुओं से जांच शुरू कर दी गई थी।
दूसरे दिन सामने आई पहचान
इस खबर के प्रकाशित होने के अगले दिन सुबह पोस्टमार्टम के दौरान मृतका की पहचान हो सकी। मृतका की पहचान जनपद सिद्धार्थनगर की इटवा तहसील, थाना कठेला क्षेत्र के ग्राम धोबहा टोला पठान डिह निवासी 12 वर्षीय अंशिका, पुत्री स्वर्गीय पटवारी, के रूप में हुई।
परिवारिक पृष्ठभूमि
बताया जा रहा है कि अंशिका के माता-पिता दोनों का पहले ही निधन हो चुका था। अंशिका और उसकी एक बहन का पालन-पोषण उसके चाचा द्वारा किया जा रहा था, जबकि उसकी दूसरी बहन अपने ननिहाल में रहती है। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को दिन में करीब 1:30 बजे अंशिका घर पर नहीं दिखाई दी, तब यह मान लिया गया कि वह अपनी नानी के घर गई होगी। इसी बीच उन्हें सूचना मिली कि सीकरी नाले के पास एक किशोरी का शव मिला है।
जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच कर रही है और आसपास के गांवों में पूछताछ भी जारी है।
पुलिस का दावा है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी पूरी सच्चाई सार्वजनिक की जाएगी और यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर मारपीट का आरोप, ज्वेलर्स की दुकान पर हंगामे से नगर में तनाव

सिद्धार्थनगर।
जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषद के सामने शुक्रवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक ज्वेलर्स व्यापारी ने माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कुछ छात्रों पर दुकान में घुसकर मारपीट व अभद्रता करने का आरोप लगाया।

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घटना के बाद नगर के व्यापारियों में दहशत और नाराजगी का माहौल देखा गया।
घटना शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है। पीड़ित के अनुसार, मेडिकल कॉलेज से जुड़े कुछ छात्र अपने अन्य साथियों के साथ श्री धन लक्ष्मी ज्वेलर्स नामक दुकान पर पहुंचे, जहां कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पीड़ित व्यापारी का पक्ष

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पीड़ित व्यापारी पंकज वर्मा पुत्र झिनक वर्मा, निवासी वार्ड नंबर-24, पूरब पड़ाव, ने बताया कि वह बीते तीन वर्षों से नगर पालिका परिषद के सामने ज्वेलरी की दुकान संचालित कर रहे हैं।
उनका कहना है कि विवाद के दौरान उनके साथ-साथ दुकान में मौजूद कर्मचारियों से भी अभद्रता की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय उनकी बुजुर्ग माता, जो दुकान पर मौजूद थीं, उनके साथ भी दुर्व्यवहार हुआ।
पूर्व विवाद से जुड़ा होने की आशंका
पीड़ित व्यापारी का कहना है कि यह मामला 29 जनवरी 2026 को मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद से जुड़ा हो सकता है। उस समय भी उनके स्टाफ के साथ कहासुनी और मारपीट का आरोप लगाया गया था, जिसकी सूचना थाने में दी गई थी। हालांकि उस मामले में कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई थी।
व्यापारियों में रोष

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घटना के बाद नगर के व्यापारियों में रोष व्याप्त है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि बाजार क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होंगी, तो व्यापारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। व्यापारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस का पक्ष

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इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। तहरीर प्राप्त होने और तथ्यों की जांच के बाद कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनकर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

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फिलहाल मामला जांचाधीन बताया जा रहा है। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किस पक्ष की क्या भूमिका रही।

जमुवार जंगल पर बनेगी सुरक्षा की दीवार, जंगली जानवरों से किसानों को मिलेगी आज़ादी

सांसद-निधि से 2 KM लंबी बाउंड्री-वाल, फसलें बचेंगी, किसानों की चिंता खत्म

सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ ब्लॉक में किसानों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा कदम उठाया गया है। जमुवार जंगल के किनारे सांसद-निधि से 2 किलोमीटर से अधिक लंबी और 1.80 मीटर ऊँची पक्की सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है, जिसके ऊपर कंसर्टिना वायर लगाया जाएगा। यह दीवार वर्षों से जंगली जानवरों की मार झेल रहे किसानों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी।
जमुवार जंगल, गुजरौलिया खालसा, गुजरौलिया ग्रांट, हरनाहिया, कपिया खालसा और कपिया ग्रांट गांवों से सटा हुआ है। इसी घने जंगल के बीच से जमुवार नदी बहती है, जिसके दोनों ओर फैला सघन वन क्षेत्र जंगली जानवरों का प्राकृतिक आश्रय है।
इस जंगल में नीलगाय, जंगली सुअर, शाही (परक्युपाइन), हजारों बंदर, लंगूर, गीदड़, फिशिंग कैट और कई प्रजातियों के सांप खुलेआम विचरण करते हैं। इनके कारण किसानों की दलहनी फसलें, आलू, शकरकंद, चना, मटर पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थीं। हालात ऐसे थे कि किसानों ने इन फसलों की बुआई तक बंद कर दी थी। गेहूं और धान भी सुरक्षित नहीं रह पा रहे थे।
अब बाउंड्री-वाल के निर्माण से जंगली जानवरों की घुसपैठ रुकेगी, जिससे किसानों को राहत मिलेगी और खेत फिर से हरे-भरे होंगे। गांवों में इस कार्य को लेकर भारी उत्साह और उम्मीद का माहौल है। किसानों का कहना है कि यह दीवार उनके लिए फसल की ढाल और भविष्य की गारंटी है।

ब्रिज लाल, आईपीएस (सेवानिवृत्त)
पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश
सांसद, राज्यसभा
दिनांक: 05 फरवरी 2026

सिद्धार्थनगर में सनसनी: सीकरी नाले के पास संदिग्ध हालात में किशोरी का शव बरामद, शिनाख्त नहीं

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के कठेला थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कठेला जनूबी गांव स्थित सीकरी नाले के पास एक किशोरी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद होने से इलाके में हड़कंप मच गया।

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स्थानीय ग्रामीणों ने जब नाले के पास शव देखा तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी कठेला समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मृतका की उम्र करीब 21 वर्ष आंकी जा रही है, हालांकि अब तक शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

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घटनास्थल की जांच को और गहराई से करने के लिए डॉग स्क्वाड को भी मौके पर बुलाया गया। खोजी कुत्तों की मदद से आसपास के इलाके में सघन जांच की गई, ताकि किसी अहम सुराग तक पहुंचा जा सके।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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फिलहाल पुलिस मामले को हर एंगल से खंगाल रही है और आसपास के गांवों में पूछताछ भी जारी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले से जुड़ी अहम जानकारी सामने लाई जाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक का शब ए बारात के मद्देनजर गस्त

सिद्धार्थनगर। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा थाना ढ़ेबरुआ पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ भारत-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय बार्डर बढ़नी में त्यौहार शब-ए-बारात के दृष्टिगत सतर्कता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु पैदल गश्त किया गया ।

डॉ0 अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में त्यौहार शब-ए-बारात के दृष्टिगत सतर्कता एवं सुरक्षा को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु आज दिनांक 04-02-2026 को प्रशान्त कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर द्वारा थानाक्षेत्र ढ़ेबरुआ के भारत-नेपाल अतर्राष्ट्रीय बार्डर बढ़नी में थाना ढ़ेबरुआ पुलिस व एसएसबी की संयुक्त टीम के साथ पैदल गस्त किया गया तथा आम जनमानस मे सुरक्षा का एहसास कराया गया ।

SIR को लेकर जिलाधिकारी की नौगढ़ में baithak

सिद्धार्थनगर। 04 फरवरी 2026/एस.आई.आर. के दृष्टिगत जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा तहसील नौगढ में बैठक किया गया।

बैठक में नौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के समस्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बूथवार अनमैप्ड मतदाताओं के नोटिस निस्तारण व सुनवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के स्तर से पोर्टल पर 20 प्रतिशत से कम निस्तारण पाया गया और जिनके यहां सर्वाधिक आवेदन लंबित रहे, उन्हें चिन्हित करते हुए अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा प्रगति संतोषजनक न होने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी(ईआरओ) से अनमैप्ड मतदाताओं की अब तक की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर नोटिस निर्गत करने के उपरांत साक्ष्य मिलान के लिए अनिवार्य रूप से जनसुनवाई आयोजित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई से कम से कम दो दिन पूर्व संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और कार्य सुचारू रूप से संपन्न किया जा सके। बैठक में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने नोटिस निस्तारण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन को गांव-गांव जाकर कार्रवाई करनी होगी, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कम प्रगति वाले तहसील नौगढ़ के 19 ई0 आर0 ओ0/ए.ई.आर.ओ. को स्पष्टीकरण निर्गत करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गौरव श्रीवास्तव, उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य व अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी गण उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल: 24 IPS अधिकारियों के बड़े ट्रांसफर

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। बुधवार को कुल 24 आईपीएस (Indian Police Service) अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर आदेश जारी किए गए। इसमें सीनियर अफसर, जोन स्तर के नेता और जिलों के कप्तान — सभी के क्रम में परिवर्तन किए गए हैं।

सरकार के इस कदम का मकसद बेहतर कानून-व्यवस्था, जिम्मेदारियाँ नए सिरे से बांटना और चुनौतियों के अनुरूप नेतृत्व को तैनात करना बताया जा रहा है।

महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ एवं बदलाव

लखनऊ जोन में वरिष्ठ स्तर पर तैनाती

सुजीत पांडेय, जो पहले लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) थे,

अब पुलिस महानिदेशक (Director General of Police) — अग्निशमन एवं आपात सेवाएं के रूप में नया कार्यभार संभालेंगे।

यह पद राज्य की आपातकालीन तैयारियों और अग्नि सुरक्षा प्रबंधन के लिए अहम माना जाता है।

लखनऊ जोन के नए ADG की नियुक्ति

प्रवीन कुमार, जो अयोध्या के IG (Inspector General) थे,

उन्हें लखनऊ जोन का Additional Director General of Police (ADG) बनाया गया है।

लखनऊ जोन की भूमिका कानून-व्यवस्था, संवेदनशील स्थानीय मामलों और प्रमुख अपराध नियंत्रण के लिहाज़ से बहुत बड़ा ज़िम्मेदार पद है।

अन्य महत्वपूर्ण ट्रांसफर

अनुकृति शर्मा का तबादला

अपर पुलिस अधीक्षक (APs) अनुकृति शर्मा का तबादला संभल से

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट (Noida) के लिए किया गया है।

वहाँ उन्हें अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) की जिम्मेदारी दी गई है।

अनुकृति शर्मा अक्सर अपने सक्रिय कार्यों की वजह से चर्चा में रहती रही हैं।

सीनियर IPS अधिकारियों की नई पोस्टिंग

के.एस. इमैन्युअल, जो वर्तमान में EOW यूपी के IG हैं,

उन्हें पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस महानिदेशक (Director General) के GSO उत्तर प्रदेश का कार्यभार सौंपा गया है।

विनोद कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त एवं पुलिस कमिश्नरेट कानपुर,

अब पुलिस महानिरीक्षक के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, मुरादाबाद में तैनात होंगे।

आलोक प्रियदर्शी, गाजियाबाद कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त थे,

अब वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भेजे गए हैं।

राज करन नैय्यर, वर्तमान में गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP),

उन्हें अब गाजियाबाद के अपर पुलिस आयुक्त के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई।

अब गोरखपुर का नया SSP डॉ कौस्तुभ को बनाया गया है।

11 जिलों में कप्तानों का बदलाव

सरकार ने 11 जिलों के पुलिस कप्तानों (SP/SSP) के ट्रांसफर भी किए हैं — ये जिले इस प्रकार हैं:

सुल्तानपुर

जौनपुर

मुरादाबाद

रायबरेली

गाजियाबाद

गोरखपुर

मेरठ

बस्ती

पीलीभीत

अमेठी

मिर्जापुर

इन जिलों में क़ानून-व्यवस्था, आपराधिक गतिविधियों और सामाजिक-राजनैतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस कप्तानों की ताज़ा पोस्टिंग की गई है, ताकि प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ सके।

प्रशासनिक प्रभाव और विश्लेषण

कानून-व्यवस्था में सुधार: यह कदम उन जिलों और जोनों में नेतृत्व को मजबूत करने और ताज़ा सोच के साथ दिशा देने की कोशिश है जहाँ चुनौतियाँ अधिक हैं।

सीनियर अफसरों का बेहतर उपयोग: अनुभवी अधिकारियों को संवेदनशील पदों पर तैनात करके बेहतर प्रबंधन और निगरानी की उम्मीद की जा रही है।

क्राइम कंट्रोल और ऑपरैशनल तत्परता: नए पुलिस कप्तानों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर अपराध नियंत्रण और समाजिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

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