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शैलेंद्र कुमार पांडे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने सवर्ण आर्मी के सिद्धार्थनगर जिलाध्यक्ष

जिले में संगठन को नई दिशा देने की उम्मीद, नियुक्ति के बाद समर्थकों और शुभचिंतकों ने दी बधाई


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सिद्धार्थनगर। जिले में सवर्ण आर्मी संगठन को लेकर एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। संगठन की उत्तर प्रदेश इकाई की ओर से शैलेंद्र कुमार पांडे को सिद्धार्थनगर जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। 16 सितंबर 2026 को जारी नियुक्ति पत्र में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी दी गई है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जिले के लोगों और शुभचिंतकों की ओर से उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

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नियुक्ति पत्र में क्या है खास?

शैलेंद्र कुमार पांडे को जारी नियुक्ति पत्र में उन्हें सवर्ण आर्मी उत्तर प्रदेश की ओर से जिला सिद्धार्थनगर का जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की बात दर्ज है।

पत्र में संगठन की ओर से उनसे पद की गरिमा बनाए रखते हुए संगठन के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने तथा संगठन के हितों को प्राथमिकता देते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करने की अपेक्षा व्यक्त की गई है।

नियुक्ति पत्र पर उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष कमलेन्द्र मिश्रा (पवन मिश्रा) के हस्ताक्षर और संगठन की मुहर दिखाई दे रही है।

नियुक्ति पत्र की तारीख — 16 सितंबर 2026।


नई जिम्मेदारी

नाम: शैलेंद्र कुमार पांडे

पद: जिला अध्यक्ष

संगठन: सवर्ण आर्मी उत्तर प्रदेश

जनपद: सिद्धार्थनगर

नियुक्ति पत्र: 16 सितंबर 2026


बधाई देने वालों ने जताई उम्मीद

शैलेंद्र कुमार पांडे को जिला अध्यक्ष बनाए जाने के बाद जिले के कुछ संभ्रांत नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी।

बधाई देने वालों में कन्हैया पांडे, व्यास जी पांडे, पुरुषोत्तम पांडे, विनोद कुमार दुबे, ज्ञानेंद्र द्विवेदी, विजय प्रकाश मिश्रा, अमित कुमार त्रिपाठी, रंजीत अग्रहरि, अंबुज श्रीवास्तव और कृष्ण पाल सिंह के नाम बताए गए हैं।

बधाई देने वालों ने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद शैलेंद्र कुमार पांडे संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएंगे और संगठन से जुड़े लोगों के हितों तथा सामाजिक विषयों को आगे रखने का प्रयास करेंगे।


महत्वपूर्ण

उपरोक्त बातें बधाई देने वाले लोगों द्वारा व्यक्त की गई उम्मीदें हैं। इन्हें FT NEWS DIGITAL की ओर से किसी भविष्यवाणी या प्रमाणित उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।


जिम्मेदारी बड़ी, अब नजर काम पर

जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि शैलेंद्र कुमार पांडे जिले में संगठन को किस तरह सक्रिय करते हैं।

संगठन के कार्यक्रम, जिला इकाई का विस्तार, पदाधिकारियों के साथ समन्वय और समाज से जुड़े मुद्दों पर संगठन की आगामी भूमिका—इन सभी पर आने वाले समय में तस्वीर और स्पष्ट होगी।


सारांश

सवर्ण आर्मी उत्तर प्रदेश की ओर से 16 सितंबर 2026 को शैलेंद्र कुमार पांडे को सिद्धार्थनगर जिले का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। नियुक्ति पत्र में संगठन को मजबूती देने और संगठन के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहने की अपेक्षा व्यक्त की गई है। नियुक्ति के बाद जिले के कई लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं।


FT NEWS DIGITAL की विशेष टिप्पणी


पद मिलना शुरुआत है, असली पहचान काम से बनती है।

शैलेंद्र कुमार पांडे को मिली नई जिम्मेदारी के बाद अब संगठनात्मक स्तर पर उनके सामने जिले में अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाने की चुनौती होगी। बधाई और शुभकामनाओं के बीच अब निगाहें उनके आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर रहेंगी।

 

 

सिद्धार्थनगर में बिजली संकट: इटवा में रात भर गुल रहती है बिजली, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र

लखनऊ/सिद्धार्थनगर: जनपद सिद्धार्थनगर के इटवा विधानसभा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में जारी अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा अब सियासी रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने क्षेत्र में रात के समय हो रही भारी बिजली कटौती पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखा है।

नेता प्रतिपक्ष ने अपने पत्र में ऊर्जा मंत्री का ध्यान सिद्धार्थनगर की चरमराती बिजली व्यवस्था की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र 305-इटवा के अंतर्गत आने वाले सब-स्टेशनों—इटवा ग्रामीण, कठौतिया, तरहर, बेलवा, खुनियांव और भिलौरी सहित कई अन्य उपकेंद्रों से अधिकांशतः रात के समय बिजली सप्लाई बंद कर दी जा रही है।

रात में घंटों बिजली गायब रहने के कारण भीषण गर्मी और उमस में स्थानीय जनता, बच्चों व बुजुर्गों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

माता प्रसाद पांडेय ने जनहित का हवाला देते हुए ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल आदेश जारी कर इन क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बंद कराई जाए और निर्बाध रूप से सामान्य विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए।

कांग्रेस में नई पारी के बाद सिद्धार्थनगर पहुंचे हेमंत चौधरी, स्वागत के बीच प्रेस वार्ता में खुलकर रखा राजनीतिक रुख

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लखनऊ में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद हेमंत चौधरी बुधवार को पहली बार अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर पहुंचे। तिलौली-बांसी बॉर्डर पर स्वागत से शुरू हुआ सिलसिला जिला कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद हुई प्रेस वार्ता में हेमंत चौधरी ने कांग्रेस में आने की वजह, अपनी आगामी राजनीतिक भूमिका और कुर्मी समाज को पार्टी से जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही।


सिद्धार्थनगर में पहला आगमन

सिद्धार्थनगर। कांग्रेस में शामिल होने के बाद हेमंत चौधरी का अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर में प्रथम आगमन बुधवार को हुआ। जनपद की सीमा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचा, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।

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यह कार्यक्रम महज स्वागत तक सीमित नहीं रहा। जिला कांग्रेस कार्यालय पर हेमंत चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने राजनीतिक सफर और कांग्रेस में शामिल होने के फैसले को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी।

Screenshot 20260916 163833हेमंत चौधरी का राजनीतिक सफर

हेमंत चौधरी अपना दल एस के युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय जन सरदार पार्टी का गठन किया और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

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9 सितंबर 2026 को लखनऊ में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करते हुए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके साथ कई समर्थकों के अलावा 32 प्रधान और 17 बीडीसी सदस्य भी कांग्रेस में शामिल हुए।


कांग्रेस में आने की बताई वजह

प्रेस वार्ता में हेमंत चौधरी ने कहा कि वह गरीब, शोषित और वंचित लोगों के मुद्दों को लेकर राजनीति करते रहे हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस के साथ जुड़कर वह इन मुद्दों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस में लंबे समय के लिए आए हैं और टिकट मिले या न मिले, पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।


कुर्मी समाज को जोड़ने की बात

हेमंत चौधरी ने प्रदेश के कुर्मी समाज को कांग्रेस से जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस से जुड़ सकते हैं।

यह भविष्य से संबंधित उनका राजनीतिक दावा है। FT News Digital इसे स्वतंत्र तथ्य या पूर्वानुमान के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।


चुनाव को लेकर भी रखी राय

प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपना मत रखा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की बात कही।

यह बयान हेमंत चौधरी का राजनीतिक आकलन है। इसे FT News Digital की ओर से चुनावी भविष्यवाणी अथवा निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।


स्वागत में दिखा उत्साह

तिलौली-बांसी बॉर्डर से जिला कांग्रेस कार्यालय तक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। कार्यालय पहुंचने पर हेमंत चौधरी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

प्राप्त कार्यक्रम विवरण के अनुसार पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सोहेल सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे।

FT NEWS DIGITAL | संपादकीय टिप्पणी

राजनीति में किसी नेता का एक दल छोड़कर दूसरे दल में जाना अपने आप में राजनीतिक घटनाक्रम है, लेकिन उसके प्रभाव का आकलन समय के साथ होने वाली गतिविधियों से ही किया जा सकता है।

हेमंत चौधरी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद सिद्धार्थनगर में उनका पहला आगमन और कार्यकर्ताओं का स्वागत स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। अब उनकी कांग्रेस में संगठनात्मक भूमिका क्या रहती है और उनके द्वारा कुर्मी समाज को पार्टी से जोड़ने की कही गई बात किस रूप में आगे बढ़ती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।


अब नजर आगे की गतिविधियों पर

FT News Digital की नजर इन सवालों पर रहेगी—

कांग्रेस संगठन में हेमंत चौधरी की आगे क्या भूमिका रहती है?

उनके साथ कांग्रेस में शामिल हुए समर्थक और जनप्रतिनिधि कितने सक्रिय रहते हैं?

कुर्मी समाज को कांग्रेस से जोड़ने के उनके अभियान की स्थानीय स्तर पर क्या गतिविधियां सामने आती हैं?

सिद्धार्थनगर की स्थानीय राजनीति में इसका आगे क्या असर दिखाई देता है?

 

सिद्धार्थनगर: ओवरब्रिज पर बाइक से गिरने के बाद महिला की मौत, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

डीएम कार्यालय-विकास भवन के समीप हुआ हादसा; चिल्हिया थाना क्षेत्र के सरकारडीह की बताई जा रही मृतका


सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय में डीएम कार्यालय एवं विकास भवन के समीप स्थित ओवरब्रिज पर मोटरसाइकिल से गिरने के बाद एक महिला की मौत होने की सूचना सामने आई है। मृतका की पहचान सबीना खातून (45), पत्नी अब्दुल हकीम, निवासी सरकारडीह, थाना चिल्हिया, सिद्धार्थनगर के रूप में बताई गई है।


मिली जानकारी के अनुसार सबीना खातून अपने देवर अब्दुल सबूर के साथ मोटरसाइकिल से जा रही थीं। इसी दौरान ओवरब्रिज पर वह बाइक से गिर गईं। घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अस्पताल पहुंचने के बाद सामने आई मौत की जानकारी

बताया गया कि हादसे के बाद महिला को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार चिकित्सकीय परीक्षण के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया गया।

घटना की सूचना परिजनों को मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

संतुलन बिगड़ने की बात सामने आई

प्रारंभिक रूप से मिली जानकारी में मोटरसाइकिल से गिरने की वजह अचानक संतुलन बिगड़ना बताई जा रही है। हालांकि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना को सड़क हादसे के रूप में रिपोर्ट किया जा रहा है। किसी अन्य वाहन की टक्कर या किसी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई दावा नहीं किया जा रहा है।

 

 


हादसे में महिला की मौत

मृतका: सबीना खातून

उम्र: 45 वर्ष

पति: अब्दुल हकीम

निवासी: सरकारडीह, थाना चिल्हिया, सिद्धार्थनगर

यात्रा: देवर अब्दुल सबूर के साथ मोटरसाइकिल पर

स्थान: डीएम कार्यालय/विकास भवन के समीप ओवरब्रिज

अस्पताल: माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर

अस्पताल की जानकारी: चिकित्सकीय जांच के बाद मृत घोषित किए जाने की बात सामने आई है।

सारांश

सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय के ओवरब्रिज पर मोटरसाइकिल से गिरने के बाद 45 वर्षीय महिला सबीना खातून की मौत हो गई। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित किया। हादसे की परिस्थितियों की आधिकारिक जानकारी पुलिस की कार्रवाई के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।

टिप्पणी

यह खबर अस्पताल से प्राप्त जानकारी एवं उपलब्ध विवरण के आधार पर तैयार की गई है। रिपोर्टर घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था। इसलिए दुर्घटना के कारण अथवा घटनाक्रम के संबंध में अपुष्ट दावे नहीं किए गए हैं। पुलिस की आधिकारिक पुष्टि अथवा पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।


सिद्धार्थनगर से इस वक्त एक दुखद सड़क हादसे की खबर है। जिला मुख्यालय में डीएम कार्यालय और विकास भवन के समीप ओवरब्रिज पर मोटरसाइकिल से गिरने के बाद एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित किया। आखिर पूरा घटनाक्रम क्या है, देखिए हमारी यह रिपोर्ट।


पुलिस जांच और पोस्टमार्टम से हादसे की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद खबर में आगे की जानकारी जोड़ी जाएगी।

 

FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर

जनहित में तथ्यपरक और सावधानीपूर्वक समाचार प्रस्तुति

“सिंचाई की नहर में गंदगी का अंबार! योजना और जिम्मेदारी पर भी सवाल”

सिद्धार्थनगर में सिंचाई की नहर पर बड़ा सवाल

नहर में सिंचाई का पानी नहीं, आबादी का गंदा पानी और कचरा जरूर! ग्रामीणों ने सफाई, जलनिकासी और पैमाइश की उठाई मांग

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सिद्धार्थनगर। नौगढ़ क्षेत्र के बर्डपुर नं. 14, अमारी समेत आसपास के गांवों में एक नहर की मौजूदा स्थिति को लेकर ग्रामीणों में परेशानी की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि यह नहर सिंचाई के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन लंबे समय से इसमें सिंचाई का पानी नहीं आता। दूसरी ओर आबादी के आसपास नहर में गंदा पानी, कूड़ा-कचरा और झाड़ियां जमा होने की शिकायत है।

 

FT NEWS DIGITAL को उपलब्ध कराई गई तस्वीरों में कई स्थानों पर नहरनुमा मार्ग में ठहरा हुआ गंदा पानी, प्लास्टिक एवं अन्य कचरा तथा आसपास उगी झाड़ियां दिखाई दे रही हैं। कुछ स्थानों पर यह स्थिति मकानों और आबादी के बिल्कुल नजदीक नजर आती है।

ग्रामीणों की परेशानी: सिंचाई की नहर बनी जलभराव का कारण?

ग्रामीणों के अनुसार, जिस नहर का इस्तेमाल सिंचाई के लिए होना चाहिए, उसमें पानी नहीं आने से उसका उपयोग अपेक्षित रूप में नहीं हो पा रहा है। वहीं आबादी से निकलने वाला पानी कई स्थानों पर नहर में जमा होने की बात ग्रामीणों ने कही है।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी जमा रहने और कचरा पड़े रहने से दुर्गंध तथा मच्छरों की समस्या बनी रहती है और लोगों को परेशानी होती है।

महत्वपूर्ण: उपलब्ध तस्वीरों से किसी संक्रामक बीमारी के फैलने की पुष्टि नहीं होती। बीमारी अथवा स्वास्थ्य जोखिम संबंधी वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित स्वास्थ्य विभाग की जांच से ही हो सकती है।

सबसे बड़ा सवाल—आखिर यह नहर किस योजना की है?

इस मामले में विभागीय स्तर पर जानकारी लेने पर भी फिलहाल नहर की योजना और श्रेणी की अंतिम पुष्टि नहीं हो पाई है।

संबंधित सिंचाई विभाग की ओर से बताया गया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उक्त नहर किस योजना के अंतर्गत आती है, जमींदारी नहर है अथवा किसी अन्य योजना/श्रेणी से संबंधित है।

यही वजह है कि अब ग्रामीणों की मांग है कि विभागीय अभिलेखों के आधार पर इस नहर की वास्तविक पहचान और जिम्मेदार इकाई स्पष्ट की जाए।

यानी सवाल सिर्फ सफाई का नहीं—पहले नहर की पहचान और जिम्मेदारी भी स्पष्ट होनी चाहिए।

ग्रामीणों की शिकायतों की मुख्य सूची

नहर में लंबे समय से सिंचाई का पानी नहीं आने की बात।

आबादी का गंदा पानी नहर में जमा होने की शिकायत।

नहर के आसपास कूड़ा-कचरा और झाड़ियों की स्थिति।

नियमित सफाई नहीं होने की ग्रामीणों की शिकायत।

मच्छरों एवं दुर्गंध से परेशानी की बात।

नहर की भूमि पर अतिक्रमण और पक्के निर्माण की शिकायत।

नहर की पैमाइश एवं सीमांकन कराने की मांग।

संबंधित विभाग/खंड की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग।

जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग।

अतिक्रमण की शिकायत भी जांच के घेरे में

ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की जमीन के कुछ हिस्सों पर लोगों ने कब्जा कर रखा है और कहीं-कहीं पक्के निर्माण भी किए गए हैं।

हालांकि किसी व्यक्ति को अतिक्रमणकारी कहना तभी उचित होगा, जब राजस्व अभिलेख, विभागीय नक्शे और मौके की पैमाइश से इसकी पुष्टि हो।

इसलिए प्रशासन से मांग है कि नहर की जमीन का अभिलेखीय सत्यापन और मौके पर सीमांकन कराया जाए। यदि जांच में सरकारी/नहर भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

प्रशासन और सिंचाई विभाग से 7 सीधे सवाल

1. यह नहर किस योजना के अंतर्गत निर्मित हुई थी?

2. क्या यह वर्तमान में सिंचाई विभाग के अभिलेखों में दर्ज है?

3. यह नहर जमींदारी नहर है या किसी अन्य योजना की संरचना?

4. इसका संबंधित खंड और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है?

5. यदि यह सिंचाई की नहर है तो इसमें वर्तमान में पानी क्यों नहीं पहुंच रहा?

6. नहर की भूमि की पैमाइश और सीमांकन कब हुआ था?

7. यदि आबादी का पानी इसमें जमा हो रहा है तो उसके लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था क्या है?

जनहित में क्या होना चाहिए?

ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए संबंधित विभाग द्वारा मौके का स्थलीय निरीक्षण कराया जाना चाहिए।

इसके साथ—

नहर की वास्तविक पहचान → विभागीय रिकॉर्ड की जांच → मौके की पैमाइश → सफाई → जलनिकासी की व्यवस्था → अतिक्रमण की जांच

इन सभी बिंदुओं पर क्रमवार कार्रवाई की जरूरत है।

यदि नहर सिंचाई के लिए बनी है तो उसकी सिंचाई क्षमता और वर्तमान जलप्रवाह की स्थिति भी स्पष्ट की जानी चाहिए। यदि वर्तमान में इसका स्वरूप जलनिकासी से जुड़ा है तो जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है।

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संपादकीय टिप्पणी | FT NEWS DIGITAL

सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किसी जलस्रोत या नहर की पहचान और जिम्मेदारी स्पष्ट होना ग्रामीणों का जायज सवाल है।

यह खबर किसी व्यक्ति, अधिकारी अथवा विभाग को दोषी ठहराने के लिए नहीं है। ग्रामीणों की शिकायत, मौके की तस्वीरों और विभागीय स्तर पर अभी स्पष्ट पुष्टि नहीं होने की स्थिति को सामने रखते हुए संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक जांच की मांग की जा रही है।

यदि ग्रामीणों की शिकायतें जांच में सही पाई जाती हैं, तो सफाई, जलनिकासी, सिंचाई व्यवस्था तथा अतिक्रमण संबंधी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

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नहर किसकी है—इसका जवाब अनुमान से नहीं, सरकारी रिकॉर्ड से मिलना चाहिए।

जिम्मेदारी किसकी है—यह भी अभिलेख से स्पष्ट होना चाहिए।


“सिद्धार्थनगर के नौगढ़ क्षेत्र में नहर की तस्वीरों ने कई सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीण सिंचाई का पानी नहीं आने, गंदे पानी के जमाव और सफाई की समस्या बता रहे हैं। वहीं नहर की योजना और श्रेणी को लेकर विभागीय स्तर पर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हो पाई है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग रिकॉर्ड खंगालकर इस नहर की वास्तविक पहचान और जिम्मेदारी कब स्पष्ट करता है और मौके पर सफाई एवं जलनिकासी के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। FT NEWS DIGITAL इस मामले में विभागीय जवाब और कार्रवाई को प्रमुखता से सामने रखेगा।”


स्थान: नौगढ़ क्षेत्र, सिद्धार्थनगर

क्षेत्र: बर्डपुर नं. 14, अमारी एवं आसपास

मुद्दा: नहर में गंदा पानी, कचरा, जलजमाव और सफाई की शिकायत

ग्रामीणों की मांग: सफाई, जलनिकासी, पैमाइश और अतिक्रमण की जांच

विभागीय स्थिति: नहर किस योजना/श्रेणी में है, इसकी अभी अंतिम पुष्टि नहीं

FT NEWS DIGITAL का रुख: रिकॉर्ड आधारित जांच और जनहित में समाधान की मांग

 

सिद्धार्थनगर में पाल समाज का सम्मान समारोह, 200 लोगों को किया गया सम्मानित

श्याम लाल पाल बोले—शिक्षा, राजनीति और व्यापार में आगे बढ़ रहा पाल समाज

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सिद्धार्थनगर, 15 सितंबर। जिला मुख्यालय स्थित समाजवादी अध्ययन केंद्र में समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के संयोजन में पाल समाज का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता अहिल्या बाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल का आयोजक मणेन्द्र मिश्रा ने अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। वहीं शोहरतगढ़ विधानसभा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र पाल ने उन्हें माता अहिल्या बाई होलकर का स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

पाल समाज की संस्कृति और योगदान पर हुई चर्चा

मुख्य अतिथि श्याम लाल पाल ने कहा कि पाल समाज की लोककथाओं और लोकगीतों में आज भी समाज के राजाओं, वीरों तथा पशुपालन से जुड़ी संस्कृति की झलक मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पाल समाज शिक्षा, राजनीति और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहा है।

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उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा पाल समाज को राजनीतिक महत्व और प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने पाल समाज की राजनीतिक भूमिका पर भी विचार व्यक्त किए।

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कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण तिवारी सभागार में मौजूद लोगों ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के समर्थन में हाथ उठाकर संकल्प लिया। यह संकल्प कार्यक्रम में मौजूद लोगों की राजनीतिक सहमति के रूप में सामने आया।

200 लोगों को गमछा देकर किया सम्मानित

सम्मान समारोह के संयोजक मणेन्द्र मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के हाथों पाल समाज के करीब 200 लोगों को गमछा प्रदान कर सम्मानित कराया। सम्मान पाने वालों में राम तीरथ पाल, राम लखन पाल, संतराम पाल, समपूरन पाल, किशन पाल, धर्म पाल, मंगरू पाल और घनश्याम पाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।

कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लालजी यादव समेत समाजवादी पार्टी एवं पाल समाज से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।

नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर संपादित किया गया है। राजनीतिक दावों और चुनाव संबंधी बयानों को संबंधित वक्ताओं के कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

अयोध्या में गूंजा सिद्धार्थनगर का सेवा-सम्मान

चार समाजसेवियों को मिला ‘राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान-2026’, सम्मान के बाद रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश

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अयोध्या/सिद्धार्थनगर। प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या धाम में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय रक्तदान महोत्सव-4 एवं सम्मान समारोह में सिद्धार्थनगर के चार समाजसेवियों को ‘राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान-2026’ से सम्मानित किए जाने से जिले का नाम राष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित हुआ। रक्तदान, स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक कार्यों के लिए इन समाजसेवियों को सम्मान प्रदान किया गया।

राम कृष्ण सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से सामाजिक कार्यों से जुड़े लोगों ने सहभागिता की। सिद्धार्थनगर की टीम की अगुवाई बस्ती मंडल संयोजक हिमांशु द्विवेदी ने की। मंच पर सम्मान प्राप्त करते समाजसेवियों की तस्वीर इस उपलब्धि की कहानी खुद बयां करती नजर आई।

चार समाजसेवियों को मिला सम्मान

हिमांशु द्विवेदी — संस्थापक, S.R.N. फाउंडेशन ट्रस्ट, जिला अध्यक्ष NIFAA एवं बस्ती मंडल संयोजक के रूप में सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय हैं। रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करने में उनकी भूमिका बताई गई।

मनीष दुबे — रक्तदान के साथ ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किए गए।

जितेन्द्र पाण्डेय — रक्तदान, शिक्षा और युवा कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा गया।

देवकीनंदन उपाध्याय — रक्तदान के साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए सम्मानित हुए।

सम्मान के बाद खुद रक्तदान कर दिया बड़ा संदेश

समारोह की खास बात यह रही कि सम्मान हासिल करने के बाद चारों समाजसेवियों ने स्वयं रक्तदान कर सेवा और समर्पण का संदेश दिया। उनका यह कदम केवल सम्मान ग्रहण करने तक सीमित न रहकर समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी बना।

समाजसेवियों ने कहा कि राष्ट्रीय सम्मान उनके व्यक्तिगत गौरव से कहीं अधिक उन रक्तदाताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों का सम्मान है, जो बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आते हैं। उन्होंने लोगों से रक्तदान को लेकर जागरूक होने और जरूरत के समय दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए आगे आने की अपील की।

राष्ट्रीय मंच पर सिद्धार्थनगर की मजबूत मौजूदगी

अयोध्या की पावन धरती पर सिद्धार्थनगर के चार समाजसेवियों का सम्मान जिले के सामाजिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। रक्तदान जैसे मानवीय कार्य को लेकर युवाओं में जागरूकता पैदा करने और समाजसेवा को जनभागीदारी से जोड़ने वाले ऐसे प्रयास निश्चित रूप से प्रेरणादायी हैं।

फ्रेंड्स टाइम्स / FT NEWS DIGITAL के लिए विशेष रिपोर्ट

रिपोर्टर — सिद्धार्थनगर

नहर में गिरने से बाल-बाल बची स्कूल बस, रेहरा गांव में पलटी; बाल-बाल बचे बच्चे

स्कूटी को बचाने के प्रयास में हादसा होने का स्कूल प्रबंधन का दावा, RTO निरीक्षण में बस के फिटनेस-परमिट समेत कागजात सही

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में मंगलवार सुबह बच्चों को लेने जा रही एक निजी विद्यालय की बस अचानक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बस नहर में गिरने से बच गई और बस में सवार बच्चों के साथ कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।

मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल की बस विद्यालय से निकलकर बच्चों को उनके घरों से लेने जा रही थी। इसी दौरान रेहरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बस के सामने अचानक एक स्कूटी आने की बात सामने आई। बस में उस समय करीब छह से सात बच्चे सवार बताए जा रहे हैं।

स्कूटी को बचाने में मुड़ी बस, पाइप से टकराने का स्कूल प्रबंधन का पक्ष

स्कूल के प्रधानाचार्य के अनुसार, संबंधित सड़क पहले से संकरी है और वहां गिट्टी-बालू तथा पाइप रखे होने से रास्ता और सीमित हो गया था। इसी दौरान अचानक स्कूटी सामने आने पर उसे बचाने के प्रयास में चालक ने बस मोड़ी। प्रधानाचार्य के मुताबिक बस सड़क किनारे रखे पाइप से टकराई और पलट गई।

प्रधानाचार्य ने बताया कि बस की गति बहुत अधिक नहीं थी और हादसे के बावजूद किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। उनके अनुसार, बच्चे सुरक्षित हैं; कुछ बच्चे अपने घर चले गए, जबकि कुछ स्कूल भी पहुंच गए।

मौके पर पहुंची ग्रामीणों की मदद, बच्चों को निकाला बाहर

बस के पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चों को बस से बाहर निकाला। घायल बताए जा रहे बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।

RTO ने किया निरीक्षण, कागजात सही पाए जाने की जानकारी

घटना की सूचना मिलने के बाद परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बस का निरीक्षण किया। RTO की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक बस के फिटनेस, इंश्योरेंस और परमिट समेत जरूरी दस्तावेज सही पाए गए।

RTO के प्रारंभिक निरीक्षण के मुताबिक स्कूटी को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक कट लिया, जिसके बाद बस असंतुलित हुई और आगे पुल से टकराकर पलट गई। निरीक्षण के दौरान बस का पिछला एक्सल निकलने की जानकारी भी सामने आई।

RTO ने चालक के लाइसेंस के संबंध में निलंबन की कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों और वास्तविक कारणों का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

सड़क पर रखी निर्माण सामग्री भी जांच के दायरे में

इस हादसे के बाद सड़क पर रखी गिट्टी-बालू और पाइप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सड़क संकरी होने के कारण ऐसी सामग्री से आवागमन की जगह और कम हो जाती है।

अब यह जांच का विषय है कि सड़क पर रखी निर्माण सामग्री ने हादसे की परिस्थितियों को किस हद तक प्रभावित किया और इसके लिए संबंधित स्तर पर क्या जिम्मेदारी बनती है।

बड़ा सवाल—बच्चों की सुरक्षा के लिए आगे क्या?

हादसे ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार बस के आवश्यक दस्तावेज RTO निरीक्षण में सही पाए गए हैं और स्कूल प्रबंधन ने भी घटना को दुर्घटना बताते हुए अपना पक्ष रखा है।

अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और चालक के विरुद्ध प्रस्तावित कार्रवाई का अंतिम स्वरूप क्या होगा।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि एक संभावित गंभीर हादसा टल गया और बच्चों की जान सुरक्षित बची।

48 घंटे तक तलाश, फिर मछुआरों ने देखा शव: नाले में डूबे 55 वर्षीय अधेड़ की मौत

सिद्धार्थनगर। जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के मनकर गांव में एक दर्दनाक हादसे में 55 वर्षीय अधेड़ की नाले में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह शौच के लिए नाले के पास गया था। इसी दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में जा गिरा और डूब गया। घटना के बाद पुलिस प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम ने भी तलाश अभियान चलाया, लेकिन करीब 48 घंटे तक उसका कोई पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह नाले में मछली पकड़ने गए लोगों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी।

शौच के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के मनकर गांव निवासी स्वर्गीय प्रसाद के 55 वर्षीय पुत्र शौच के लिए नाले की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक पैर फिसल गया और वह नाले के गहरे पानी में जा गिरे। देखते ही देखते वह पानी में समा गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय स्तर पर तलाश शुरू की गई। मौके पर पुलिस प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची और नाले में काफी देर तक तलाश अभियान चलाया गया।

48 घंटे बाद मछली पकड़ने वालों ने देखा शव

लगातार तलाश के बावजूद करीब 48 घंटे तक अधेड़ का पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह नाले में मछली पकड़ने पहुंचे कुछ लोगों की नजर पानी में पड़े शव पर पड़ी। शव दिखाई देने की सूचना तत्काल ग्रामीणों और पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही मिश्रौलिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

परिवार का मुख्य सहारा था मृतक

ग्रामीणों के अनुसार, मृतक अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और परिवार के लिए मुख्य सहारा माने जाते थे। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं, जिनकी शादी अभी होनी बाकी बताई जा रही है।

 

अचानक हुई इस मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। गांव में शोक और मातम का माहौल है।

पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

मिश्रौलिया पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत से संबंधित स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। प्रथम दृष्टया घटना नाले में डूबने से हुई मौत के रूप में सामने आ रही है।

सारांश

मनकर गांव में 55 वर्षीय अधेड़ की नाले में डूबने से मौत हो गई। शौच के दौरान पैर फिसलने की बात सामने आ रही है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने तलाश अभियान चलाया। करीब 48 घंटे बाद सुबह मछली पकड़ने गए लोगों ने शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मिश्रौलिया पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक परिवार का मुख्य सहारा बताया जा रहा है। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।

हिंदी दिवस पर गूंजा मातृभाषा का गौरव, विद्यार्थियों ने काव्य-पाठ व गीतों से बांधा समां

महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोगिया में उत्साहपूर्वक मनाया गया हिंदी दिवस

सिद्धार्थनगर। महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जोगिया में सोमवार को हिंदी दिवस उत्साह, हर्ष और गौरव के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी अभिरुचि और प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए काव्य-पाठ, निबंध लेखन और गीतों की प्रस्तुति दी। विद्यालय परिसर में दिनभर हिंदी भाषा की महत्ता और उसके गौरव को लेकर सकारात्मक माहौल बना रहा।


कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां

विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा पर काव्य-पाठ किया।

छात्र-छात्राओं ने निबंध लेखन में प्रतिभाग किया।

हिंदी गीतों की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह भरा।

शिक्षकों ने विद्यार्थियों को हिंदी के महत्व और उपयोगिता से परिचित कराया।

प्रधानाचार्य ने मातृभाषा के माध्यम से प्रभावी अभिव्यक्ति पर दिया जोर।

मातृभाषा में भावों की अभिव्यक्ति अधिक प्रभावी : प्रधानाचार्य

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के शिक्षक पंकज कुमार द्विवेदी ने विद्यार्थियों को हिंदी दिवस के उद्देश्य और हिंदी भाषा के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सम्मान और रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य बृजेश कुमार द्विवेदी ने हिंदी भाषा के ज्ञान, उपयोगिता और प्रभाव पर काव्यात्मक अंदाज में अपने विचार रखे। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी को अपनाने और अपनी मातृभाषा पर गर्व करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपने मनोभावों को अपनी मातृभाषा में जिस सहजता और प्रभाव के साथ व्यक्त कर सकता है, वह किसी दूसरी भाषा को सीखने के बाद भी उसी स्तर पर संभव नहीं हो पाता। मातृभाषा भावों को समझने और संवाद को प्रभावी बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रधानाचार्य ने हिंदी की उन्नति के संदर्भ में भारतेंदु हरिश्चंद्र की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा—

“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।

बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय को शूल।”

उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के प्रति आत्मगौरव की भावना रखने तथा दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

काव्य और गीतों के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा की विशेषताओं और महत्ता पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। काव्य-पाठ और गीतों के बाद विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने करतल ध्वनि के साथ कार्यक्रम का उत्साह बढ़ाया। अंत में सामूहिक रूप से काव्य-गीत की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक पंकज कुमार द्विवेदी, युगल किशोर मिश्रा, श्याम सुंदर मल्ल, अरुण लाल श्रीवास्तव, अंगद प्रसाद, दिनेश धर द्विवेदी, राजन गौड़, मुनीराम लोधी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

संक्षिप्त सार

जोगिया स्थित महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में हिंदी दिवस पर विद्यार्थियों ने काव्य-पाठ, निबंध लेखन और गीतों के माध्यम से हिंदी के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। प्रधानाचार्य बृजेश कुमार द्विवेदी ने मातृभाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से हिंदी के प्रति गौरव की भावना रखने का आह्वान किया।

 

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