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नहर में गिरने से बाल-बाल बची स्कूल बस, रेहरा गांव में पलटी; बाल-बाल बचे बच्चे

स्कूटी को बचाने के प्रयास में हादसा होने का स्कूल प्रबंधन का दावा, RTO निरीक्षण में बस के फिटनेस-परमिट समेत कागजात सही

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के रेहरा गांव में मंगलवार सुबह बच्चों को लेने जा रही एक निजी विद्यालय की बस अचानक असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बस नहर में गिरने से बच गई और बस में सवार बच्चों के साथ कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।

मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल की बस विद्यालय से निकलकर बच्चों को उनके घरों से लेने जा रही थी। इसी दौरान रेहरा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बस के सामने अचानक एक स्कूटी आने की बात सामने आई। बस में उस समय करीब छह से सात बच्चे सवार बताए जा रहे हैं।

स्कूटी को बचाने में मुड़ी बस, पाइप से टकराने का स्कूल प्रबंधन का पक्ष

स्कूल के प्रधानाचार्य के अनुसार, संबंधित सड़क पहले से संकरी है और वहां गिट्टी-बालू तथा पाइप रखे होने से रास्ता और सीमित हो गया था। इसी दौरान अचानक स्कूटी सामने आने पर उसे बचाने के प्रयास में चालक ने बस मोड़ी। प्रधानाचार्य के मुताबिक बस सड़क किनारे रखे पाइप से टकराई और पलट गई।

प्रधानाचार्य ने बताया कि बस की गति बहुत अधिक नहीं थी और हादसे के बावजूद किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। उनके अनुसार, बच्चे सुरक्षित हैं; कुछ बच्चे अपने घर चले गए, जबकि कुछ स्कूल भी पहुंच गए।

मौके पर पहुंची ग्रामीणों की मदद, बच्चों को निकाला बाहर

बस के पलटते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और बच्चों को बस से बाहर निकाला। घायल बताए जा रहे बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए ले जाया गया।

RTO ने किया निरीक्षण, कागजात सही पाए जाने की जानकारी

घटना की सूचना मिलने के बाद परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बस का निरीक्षण किया। RTO की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक बस के फिटनेस, इंश्योरेंस और परमिट समेत जरूरी दस्तावेज सही पाए गए।

RTO के प्रारंभिक निरीक्षण के मुताबिक स्कूटी को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक कट लिया, जिसके बाद बस असंतुलित हुई और आगे पुल से टकराकर पलट गई। निरीक्षण के दौरान बस का पिछला एक्सल निकलने की जानकारी भी सामने आई।

RTO ने चालक के लाइसेंस के संबंध में निलंबन की कार्रवाई किए जाने की बात कही है। हालांकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों और वास्तविक कारणों का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

सड़क पर रखी निर्माण सामग्री भी जांच के दायरे में

इस हादसे के बाद सड़क पर रखी गिट्टी-बालू और पाइप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि सड़क संकरी होने के कारण ऐसी सामग्री से आवागमन की जगह और कम हो जाती है।

अब यह जांच का विषय है कि सड़क पर रखी निर्माण सामग्री ने हादसे की परिस्थितियों को किस हद तक प्रभावित किया और इसके लिए संबंधित स्तर पर क्या जिम्मेदारी बनती है।

बड़ा सवाल—बच्चों की सुरक्षा के लिए आगे क्या?

हादसे ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार बस के आवश्यक दस्तावेज RTO निरीक्षण में सही पाए गए हैं और स्कूल प्रबंधन ने भी घटना को दुर्घटना बताते हुए अपना पक्ष रखा है।

अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और चालक के विरुद्ध प्रस्तावित कार्रवाई का अंतिम स्वरूप क्या होगा।

फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि एक संभावित गंभीर हादसा टल गया और बच्चों की जान सुरक्षित बची।

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