सिद्धार्थनगर में पाल समाज का सम्मान समारोह, 200 लोगों को किया गया सम्मानित
श्याम लाल पाल बोले—शिक्षा, राजनीति और व्यापार में आगे बढ़ रहा पाल समाज

सिद्धार्थनगर, 15 सितंबर। जिला मुख्यालय स्थित समाजवादी अध्ययन केंद्र में समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा के संयोजन में पाल समाज का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत माता अहिल्या बाई होलकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल का आयोजक मणेन्द्र मिश्रा ने अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। वहीं शोहरतगढ़ विधानसभा के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र पाल ने उन्हें माता अहिल्या बाई होलकर का स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
पाल समाज की संस्कृति और योगदान पर हुई चर्चा
मुख्य अतिथि श्याम लाल पाल ने कहा कि पाल समाज की लोककथाओं और लोकगीतों में आज भी समाज के राजाओं, वीरों तथा पशुपालन से जुड़ी संस्कृति की झलक मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पाल समाज शिक्षा, राजनीति और व्यापार सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहा है।

उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा पाल समाज को राजनीतिक महत्व और प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने पाल समाज की राजनीतिक भूमिका पर भी विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान बृजभूषण तिवारी सभागार में मौजूद लोगों ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के समर्थन में हाथ उठाकर संकल्प लिया। यह संकल्प कार्यक्रम में मौजूद लोगों की राजनीतिक सहमति के रूप में सामने आया।
200 लोगों को गमछा देकर किया सम्मानित
सम्मान समारोह के संयोजक मणेन्द्र मिश्रा ने प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के हाथों पाल समाज के करीब 200 लोगों को गमछा प्रदान कर सम्मानित कराया। सम्मान पाने वालों में राम तीरथ पाल, राम लखन पाल, संतराम पाल, समपूरन पाल, किशन पाल, धर्म पाल, मंगरू पाल और घनश्याम पाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लालजी यादव समेत समाजवादी पार्टी एवं पाल समाज से जुड़े कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।
नोट: यह समाचार उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर संपादित किया गया है। राजनीतिक दावों और चुनाव संबंधी बयानों को संबंधित वक्ताओं के कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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