कांग्रेस में नई पारी के बाद सिद्धार्थनगर पहुंचे हेमंत चौधरी, स्वागत के बीच प्रेस वार्ता में खुलकर रखा राजनीतिक रुख

लखनऊ में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद हेमंत चौधरी बुधवार को पहली बार अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर पहुंचे। तिलौली-बांसी बॉर्डर पर स्वागत से शुरू हुआ सिलसिला जिला कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद हुई प्रेस वार्ता में हेमंत चौधरी ने कांग्रेस में आने की वजह, अपनी आगामी राजनीतिक भूमिका और कुर्मी समाज को पार्टी से जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही।
सिद्धार्थनगर में पहला आगमन
सिद्धार्थनगर। कांग्रेस में शामिल होने के बाद हेमंत चौधरी का अपने गृह जनपद सिद्धार्थनगर में प्रथम आगमन बुधवार को हुआ। जनपद की सीमा पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उनका काफिला जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस कार्यालय पहुंचा, जहां पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।

यह कार्यक्रम महज स्वागत तक सीमित नहीं रहा। जिला कांग्रेस कार्यालय पर हेमंत चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपने राजनीतिक सफर और कांग्रेस में शामिल होने के फैसले को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी।
हेमंत चौधरी का राजनीतिक सफर
हेमंत चौधरी अपना दल एस के युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। बाद में उन्होंने राष्ट्रीय जन सरदार पार्टी का गठन किया और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

9 सितंबर 2026 को लखनऊ में उन्होंने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय करते हुए कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके साथ कई समर्थकों के अलावा 32 प्रधान और 17 बीडीसी सदस्य भी कांग्रेस में शामिल हुए।
कांग्रेस में आने की बताई वजह
प्रेस वार्ता में हेमंत चौधरी ने कहा कि वह गरीब, शोषित और वंचित लोगों के मुद्दों को लेकर राजनीति करते रहे हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस के साथ जुड़कर वह इन मुद्दों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वह कांग्रेस में लंबे समय के लिए आए हैं और टिकट मिले या न मिले, पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।
कुर्मी समाज को जोड़ने की बात
हेमंत चौधरी ने प्रदेश के कुर्मी समाज को कांग्रेस से जोड़ने की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस से जुड़ सकते हैं।
यह भविष्य से संबंधित उनका राजनीतिक दावा है। FT News Digital इसे स्वतंत्र तथ्य या पूर्वानुमान के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।
चुनाव को लेकर भी रखी राय
प्रेस वार्ता के दौरान हेमंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपना मत रखा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की बात कही।
यह बयान हेमंत चौधरी का राजनीतिक आकलन है। इसे FT News Digital की ओर से चुनावी भविष्यवाणी अथवा निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।
स्वागत में दिखा उत्साह
तिलौली-बांसी बॉर्डर से जिला कांग्रेस कार्यालय तक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। कार्यालय पहुंचने पर हेमंत चौधरी का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
प्राप्त कार्यक्रम विवरण के अनुसार पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, जिला कांग्रेस अध्यक्ष काजी सोहेल सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे।
FT NEWS DIGITAL | संपादकीय टिप्पणी
राजनीति में किसी नेता का एक दल छोड़कर दूसरे दल में जाना अपने आप में राजनीतिक घटनाक्रम है, लेकिन उसके प्रभाव का आकलन समय के साथ होने वाली गतिविधियों से ही किया जा सकता है।
हेमंत चौधरी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद सिद्धार्थनगर में उनका पहला आगमन और कार्यकर्ताओं का स्वागत स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा। अब उनकी कांग्रेस में संगठनात्मक भूमिका क्या रहती है और उनके द्वारा कुर्मी समाज को पार्टी से जोड़ने की कही गई बात किस रूप में आगे बढ़ती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
अब नजर आगे की गतिविधियों पर
FT News Digital की नजर इन सवालों पर रहेगी—
कांग्रेस संगठन में हेमंत चौधरी की आगे क्या भूमिका रहती है?
उनके साथ कांग्रेस में शामिल हुए समर्थक और जनप्रतिनिधि कितने सक्रिय रहते हैं?
कुर्मी समाज को कांग्रेस से जोड़ने के उनके अभियान की स्थानीय स्तर पर क्या गतिविधियां सामने आती हैं?
सिद्धार्थनगर की स्थानीय राजनीति में इसका आगे क्या असर दिखाई देता है?
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