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जिला मुख्यालय पर दिनदहाड़े कथित लूट, पत्रकार की तहरीर पर हरकत में आई पुलिस

दिनदहाड़े पत्रकार से कथित लूट का मामला: जिला मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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बुद्धा पार्क के पास हथियार दिखाकर ₹29 हजार नकद छीनने का आरोप, तहरीर मिलने के बाद जांच में जुटी पुलिस

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सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय के सदर थाना क्षेत्र में एक वरिष्ठ पत्रकार से कथित रूप से हथियार के बल पर ₹29 हजार नकद लूटे जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना ने जिला मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और दिनदहाड़े अपराध की चुनौती को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

सिद्धार्थनगर।

जिला मुख्यालय स्थित सदर थाना क्षेत्र के अशोक मार्ग पर बुद्धा पार्क के निकट मंगलवार दोपहर एक वरिष्ठ पत्रकार से कथित लूट की घटना सामने आने के बाद शहर में चर्चा का माहौल है। घटना ऐसे स्थान पर हुई है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने आम नागरिकों, व्यापारियों और पत्रकारों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शास्त्रीनगर निवासी वरिष्ठ पत्रकार आसिफ इकबाल अपने एक परिचित के साथ मोटरसाइकिल से साड़ी तिराहे की ओर जा रहे थे। पीड़ित का आरोप है कि बुद्धा पार्क के समीप दो अज्ञात बाइक सवार युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल रुकवाई, हथियार दिखाकर डराया और उनकी जेब में रखे करीब ₹29 हजार नकद लेकर फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित ने सदर कोतवाली पहुंचकर मामले की लिखित तहरीर दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी।

पुलिस का पक्ष

सदर कोतवाल मिथिलेश राय ने बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर प्राप्त हो गई है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी है।


जिला मुख्यालय पर क्या पड़ा असर?

घटना के बाद आम नागरिकों और व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज।

पत्रकार संगठनों ने भी घटना को गंभीरता से लेने की बात कही।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई वारदात से लोगों में सतर्कता बढ़ी।

पुलिस ने जांच तेज करते हुए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।


घटना एक नजर में

स्थान: बुद्धा पार्क के पास, अशोक मार्ग, सिद्धार्थनगर

पीड़ित: वरिष्ठ पत्रकार आसिफ इकबाल

आरोप: हथियार दिखाकर ₹29 हजार नकद ले जाने का आरोप

पुलिस कार्रवाई: तहरीर प्राप्त, जांच जारी

स्थिति: सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं

समाचार सारांश

जिला मुख्यालय पर पत्रकार से कथित लूट का मामला।

पीड़ित ने हथियार के बल पर नकदी छीने जाने का आरोप लगाया।

सदर कोतवाल मिथिलेश राय ने तहरीर मिलने की पुष्टि की।

पुलिस ने जांच शुरू कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया।

घटना के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज।


संपादकीय नोट (कानूनी रूप से सुरक्षित): यह समाचार पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों तथा पुलिस के आधिकारिक बयान पर आधारित है। पुलिस ने तहरीर मिलने और जांच जारी होने की पुष्टि की है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

भामाशाह जयंती पर व्यापारियों का गौरव सम्मान, उत्कृष्ट उद्यमियों को मिला ‘भामाशाह सम्मान’, राष्ट्रनिर्माण में योगदान का हुआ अभिनंदन

दानवीर भामाशाह की जयंती पर गूंजा व्यापारी सम्मान का संदेश, उत्कृष्ट व्यापारियों को मिला ‘भामाशाह सम्मान’


सिद्धार्थनगर। दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर सोमवार को अंबेडकर सभागार में व्यापारी कल्याण दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों को ‘भामाशाह सम्मान’ से सम्मानित किया गया तथा व्यापारियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की गई।


दानवीर भामाशाह के त्याग को किया याद

वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप के संघर्ष के कठिन दौर में दानवीर भामाशाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति समर्पित कर राष्ट्रभक्ति, त्याग और सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 29 जून को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है।


कार्यक्रम की प्रमुख बातें

दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ।

सांसद, विधायकों व प्रशासनिक अधिकारियों ने की सहभागिता।

उत्कृष्ट व्यापारियों को भामाशाह सम्मान प्रदान किया गया।

व्यापारियों के आर्थिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना।

व्यापारिक संगठनों और कर विभाग के अधिकारियों की रही उपस्थिति।

विस्तृत समाचार

दानवीर भामाशाह की जयंती एवं व्यापारी कल्याण दिवस के अवसर पर सोमवार को अंबेडकर सभागार में आयोजित समारोह में जिले के व्यापारी समाज का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुआ। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही, विधायक विनय वर्मा तथा भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने अपने संबोधन में कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की अनुपम मिसाल है। उन्होंने कहा कि जब महाराणा प्रताप कठिन संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण धन-संपत्ति राष्ट्रहित में समर्पित कर इतिहास में अमर स्थान प्राप्त किया।

विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने भामाशाह के जन्मदिवस को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाकर व्यापारी समाज को सम्मान देने का कार्य किया है। व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है।

विधायक विनय वर्मा ने व्यापारी बंधुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भामाशाह का आदर्श समाज को सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता रहेगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि व्यापारी वर्ग राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण स्तंभ है और सरकार उनके हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान सांसद, विधायकों, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यापारियों को ‘भामाशाह सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया।

अंत में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने सभी अतिथियों, व्यापारी संगठनों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन और व्यापारी समाज के सहयोग से विकास की नई संभावनाएं साकार होंगी।

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, उपायुक्त सिद्धार्थ सौरभ, बंधु उपायुक्त विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज वर्मा, परमहंस यादव, कुलदीप, राज्य कर अधिकारी जयप्रकाश भारती, महेंद्र प्रताप सिंह, सदाशिव त्रिपाठी, प्रमोद भास्कर सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सारांश

सिद्धार्थनगर में दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर आयोजित व्यापारी कल्याण दिवस समारोह में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भामाशाह के त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उत्कृष्ट व्यापारियों को ‘भामाशाह सम्मान’ से सम्मानित किया तथा व्यापारियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की।

स्वनिधि महोत्सव में स्ट्रीट वेंडरों को मिला आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश, पात्र लाभार्थियों को वितरित हुए ऋण स्वीकृति पत्र

 

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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर परिसर में स्वनिधि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्ट्रीट वेंडरों को योजना के प्रति जागरूक करने के साथ पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। साथ ही डिजिटल भुगतान, वित्तीय साक्षरता और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया।


समय पर ऋण चुकाने वालों को मिलेगा अधिक लाभ नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत समय पर ऋण चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडरों को चरणबद्ध तरीके से अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, द्वितीय चरण में 25 हजार रुपये तथा तृतीय चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है।


स्वनिधि महोत्सव की प्रमुख बातें

पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण-पत्र वितरित।

डिजिटल भुगतान और वित्तीय साक्षरता पर जागरूकता कार्यक्रम।

उत्कृष्ट स्ट्रीट वेंडरों का सम्मान।

समय पर ऋण चुकाने पर अधिक ऋण की सुविधा।

स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश।

विस्तृत समाचार

प्रधानमंत्री स्वनिधि (पीएम स्वनिधि) योजना के सफल छह वर्ष पूर्ण होने पर नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में आयोजित स्वनिधि महोत्सव में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाना, उन्हें वित्तीय सेवाओं से जोड़ना तथा योजना के अधिकतम लाभ के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति चेक एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। उपस्थित अधिकारियों ने लाभार्थियों से योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही नगर को स्वच्छ बनाए रखने, कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने तथा जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की गई।

अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों के आर्थिक उत्थान की महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बताया कि जो लाभार्थी समय पर ऋण का भुगतान करते हैं, उन्हें अगले चरण में अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से नियमित एवं समयबद्ध ऋण अदायगी करने का आग्रह किया।

महोत्सव में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्ट्रीट वेंडरों को सम्मानित करने के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर शहर मिशन प्रबंधक रामसजीवन, सामुदायिक आयोजक विकास कुमार चौरसिया, नगर पालिका के सभासदगण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सारांश

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्वनिधि महोत्सव में पात्र स्ट्रीट वेंडरों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में डिजिटल भुगतान, वित्तीय साक्षरता, स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया गया तथा समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को अधिक ऋण सुविधा की जानकारी भी प्रदान की गई।

 

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गूंजा ‘विकसित भारत’ का संकल्प, 37 में 28 स्वर्ण पदकों पर बेटियों का शानदार कब्ज़ा

बेटियों ने फिर लहराया परचम, 37 स्वर्ण पदकों में 28 छात्राओं ने बनाई शानदार पहचान

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कपिलवस्तु की पावन धरती पर आयोजित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला है। समारोह में छात्राओं का दबदबा रहा और 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं ने अपने नाम किए।

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मुख्य बिंदु

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया 10वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ।

37 स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र वितरित।

28 छात्राओं और 9 छात्रों को मिला स्वर्ण पदक।

पीएचडी शोधार्थियों को भी प्रदान की गई उपाधियां।

डिजिटल लाइब्रेरी एवं “किलकारी” बालगृह का लोकार्पण।

डीजी पोर्टल पर वर्ष 2026 की डिग्रियां और अंकपत्र ऑनलाइन अपलोड।

700 आंगनबाड़ी किट का वितरण।

एचपीवी टीकाकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान।

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राज्यपाल ने भगवान गौतम बुद्ध की पावन भूमि कपिलवस्तु को नमन करते हुए विद्यार्थियों से नवाचार, संस्कार, जल संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण स्तंभ हैं।

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सिद्धार्थनगर, 29 जून।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में सोमवार को आयोजित 10वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने समारोह का शुभारंभ मां शारदा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया तथा विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान गौतम बुद्ध की यह पावन धरती पूरे विश्व को शांति, करुणा और मानवता का संदेश देती रही है। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, नवाचार अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान किया।

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उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आज का युवा केवल अपने भविष्य का निर्माता नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का भी निर्माणकर्ता है।

समारोह में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मधुलिका अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, शोध और नवाचार को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है और यहां से निकलने वाले विद्यार्थी देश-दुनिया में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।

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विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ज्ञान, अनुशासन और परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।

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विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय से 265 महाविद्यालय संबद्ध हैं। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया गया है तथा डिजिटल व्यवस्था, शोध, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, मिशन शक्ति और गुणवत्ता आधारित शिक्षा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

दीक्षांत समारोह में कुल 37 स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें 28 छात्राओं तथा 9 छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मान प्राप्त किया। साथ ही पीएचडी शोधार्थियों को भी उपाधियां प्रदान की गईं।

इस अवसर पर डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी एवं नवनिर्मित ‘किलकारी’ बालगृह का लोकार्पण किया गया। वर्ष 2026 की डिग्रियों एवं अंकपत्रों को डीजी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया का शुभारंभ भी राज्यपाल द्वारा किया गया।

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समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 700 आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया गया तथा एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक श्यामधनी राही, विधायक विनय वर्मा, पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी, विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ।

संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता मिला 17 वर्षीय किशोरी का शव, परिजनों में मचा कोहराम

महदेइया गांव की घटना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार; हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस


सिद्धार्थनगर जिले के सदर कोतवाली नौगढ़ चौकी  क्षेत्र स्थित महदेइया गांव में रविवार शाम एक 17 वर्षीय किशोरी का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।


स्थान: महदेइया गांव, सदर कोतवाली नौगढ़ चौकी क्षेत्र , सिद्धार्थनगरमृतका: सविता गुप्ता (17 वर्ष)स्थिति: कमरे में फंदे से लटका मिला शवकार्रवाई: पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी


सारांश

घर में अकेली थी किशोरी।

परिजनों के लौटने पर कमरे में फंदे से लटका मिला शव।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।


पूरी खबर

सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर थाना क्षेत्र के महदेइया गांव में रविवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक किशोरी का शव उसके ही घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी लक्ष्मण गुप्ता की 17 वर्षीय पुत्री सविता गुप्ता रविवार की शाम घर पर अकेली थी। बताया जा रहा है कि परिवार के अन्य सदस्य किसी आवश्यक कार्य से बाहर गए हुए थे। कुछ समय बाद जब वे वापस लौटे तो सविता को आवाज लगाने पर कोई उत्तर नहीं मिला।

परिजनों ने जब कमरे का दरवाजा खोलकर देखा तो सविता का शव छत की कुंडी से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

नोट: यह समाचार पुलिस और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

नोटिस के बावजूद चल रहा था अस्पताल! देर रात प्रशासन की कार्रवाई, अस्पताल सील

इटवा में नोटिस के बावजूद अस्पताल संचालन का आरोप, प्रशासन ने देर रात की कार्रवाई में अस्पताल किया सील


उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर  मेइटवा क्षेत्र में एक निजी अस्पताल पर प्रशासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल को पूर्व में संचालन रोकने का नोटिस जारी किया गया था, इसके बावजूद वहां मरीज भर्ती होने की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने छापेमारी की। मामले की जांच जारी है।


मुख्य बिंदु

नोटिस के बावजूद अस्पताल संचालन का आरोप।

देर रात स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई।

अस्पताल परिसर को सील किया गया।

भर्ती मिले मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मामले में जांच जारी, दोष मिलने पर आगे होगी कार्रवाई।


इटवा (सिद्धार्थनगर)। इटवा क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल पर प्रशासन ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल को पहले ही संचालन बंद करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद अस्पताल में मरीज भर्ती होने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जांच के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीज मिलने की बात सामने आई। अधिकारियों ने मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की व्यवस्था कराई। इसके बाद अस्पताल परिसर को सील कर दिया गया तथा आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उस प्रकरण से जुड़ी है जिसमें पूर्व में अस्पताल के खिलाफ उपचार में कथित लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसी मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल के संचालन पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रशासन का दावा है कि नोटिस के बावजूद अस्पताल का संचालन किए जाने की सूचना मिलने पर यह छापेमारी की गई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर उसे भी नियमानुसार शामिल किया जाएगा।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अस्पताल में इलाज कराने से पहले उसके वैध पंजीकरण और आवश्यक अनुमतियों की जानकारी अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचा जा सके।

नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रकाशित जानकारी एवं प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी व्यक्ति या संस्थान को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं है। अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।


सिद्धार्थनगर के इटवा में नोटिस के बावजूद अस्पताल संचालन की सूचना पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने देर रात छापेमारी कर अस्पताल सील किया। मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जांच जारी।

 

FIR के बाद भी नहीं थमी दबंगई! चार मासूम बेटियों के सामने महिला पर दोबारा हमले का आरोप

FIR के बाद भी नहीं थमी दबंगई? चार मासूम बेटियों के सामने महिला पर फिर हमले का आरोप, जिला अस्पताल में भर्ती


पहले मारपीट का मुकदमा… फिर दोबारा हमले का आरोप

पीड़िता बोली- बेटियों ने वीडियो बनाना चाहा तो उन्हें भी नहीं बख्शा गया


स्थान: ग्राम गजरहवा, थाना सिद्धार्थनगर

एफआईआर संख्या: 0185/2026

मुकदमा दर्ज: 26 जून 2026

धाराएं: BNS की धारा 115(2), 351(3) एवं 352

शिकायतकर्ता: सुनीता पत्नी नन्दलाल

नामजद आरोपी (एफआईआर के अनुसार): चन्द्रलाल, सीमा, बिन्दु एवं सहजराम यादव

वर्तमान स्थिति: पीड़िता जिला अस्पताल में उपचाराधीन (परिजन का दावा)


सिद्धार्थनगर। जिले के ग्राम गजरहवा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून-व्यवस्था और पीड़ितों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला की तहरीर पर पुलिस पहले ही मारपीट और धमकी के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी थी। अब पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी पक्ष के लोगों ने दोबारा उसके घर पहुंचकर हमला किया, जिसमें वह घायल हो गई। घायल महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गजरहवा निवासी सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने 26 जून 2026 को एफआईआर संख्या 0185/2026 दर्ज की। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 25 जून की रात उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 351(3) एवं 352 के तहत चन्द्रलाल, सीमा, बिन्दु और सहजराम यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।

लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।

पीड़िता का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी बीती रात फिर कुछ लोग उसके घर पहुंचे और उसके साथ दोबारा मारपीट की। महिला का कहना है कि उस समय उसकी चार मासूम बेटियां भी घर पर मौजूद थीं। परिजनों के अनुसार, जब बच्चियों ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उन्हें भी डराया-धमकाया गया और मारपीट की गई।

मारपीट में घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि महिला का पति रोजी-रोटी कमाने के लिए दूसरे प्रदेश में रहता है और महिला अपनी बच्चियों के साथ गांव में रहती है।

इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मामले में पुलिस पहले ही मुकदमा दर्ज कर चुकी थी, तो पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित होना भी उतना ही आवश्यक है। यदि एफआईआर के बाद भी हिंसा के आरोप सामने आते हैं, तो ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा स्वाभाविक है।

हालांकि, दूसरी घटना के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। इस मामले में पुलिस जांच जारी है और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सारांश

महिला की तहरीर पर पहले से पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

एफआईआर में चार लोगों को नामजद किया गया है।

पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दोबारा मारपीट की गई।

घायल महिला जिला अस्पताल में उपचाराधीन है।

दूसरी घटना की पुलिस जांच जारी है।

जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

FT NEWS DIGITAL का संपादकीय नोट

यह समाचार उपलब्ध एफआईआर, पीड़िता एवं परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा मौके से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। दूसरी घटना की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। किसी भी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।

‘मन की बात’ के 135वें संस्करण में उमड़ा जनसैलाब, साड़ी वितरण और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बना आकर्षण

मन की बात के 135वें संस्करण का ग्राम नगरा में हुआ भव्य सामूहिक श्रवण, साड़ी वितरण और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण

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सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड जोगिया अंतर्गत ग्राम नगरा में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का सामूहिक श्रवण उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री एवं डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने किया। इस अवसर पर जनसंवाद के साथ-साथ महिलाओं को साड़ी वितरण तथा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


कार्यक्रम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ का 135वाँ सामूहिक श्रवण

स्थान: ग्राम नगरा, विकास खंड जोगिया, जनपद सिद्धार्थनगर

विशेष आकर्षण: साड़ी वितरण, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण

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विस्तृत समाचार

ग्राम नगरा में आयोजित कार्यक्रम में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं, किसानों एवं बुजुर्गों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण करते हुए उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत, नवाचार और विकसित भारत के निर्माण से जुड़े संदेशों को ध्यानपूर्वक सुना।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह रहे। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक मौर्य, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष लालजी त्रिपाठी ‘लाल बाबा’, सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रजनीश राय ‘बब्बू’, जिला उपाध्यक्ष कुंवरचंद्र जायसवाल, जिला महामंत्री फुलेन्द्र बहादुर सिंह, पूर्व जिला महामंत्री विपिन सिंह, मंडल अध्यक्ष राकेश दुबे, बूथ अध्यक्ष शशांक लोधी, प्रधान प्रतिनिधि सुरेश दीक्षित, मंडल उपाध्यक्ष रेखा सिंह, जिला कार्यसमिति सदस्य महेंद्र लोधी, ऋषिपाल, नीलेश सिंह, पद्मपाल शुक्ला, नीरज सिंह, अशोक दुबे,IMG 20260628 WA0954 अजय सिंह, विकास सरोज, रामानंद वर्मा, प्रदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ आज केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने, जनभागीदारी बढ़ाने और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन चुका है। वक्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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कार्यक्रम के उपरांत महिलाओं को साड़ी वितरित कर सम्मानित किया गया, जिससे महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इसके बाद ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।

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पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, उत्साह और जनसहभागिता का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को जनोत्सव का स्वरूप प्रदान किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सभी से सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

उपस्थित प्रमुख लोग

रमेश सिंह (भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष), पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद जगदंबिका पाल, दीपक मौर्य, लालजी त्रिपाठी ‘लाल बाबा’, एस.पी. अग्रवाल, रजनीश राय ‘बब्बू’, कुंवरचंद्र जायसवाल, फुलेन्द्र बहादुर सिंह, विपिन सिंह, राकेश दुबे, शशांक लोधी, सुरेश दीक्षित, रेखा सिंह, महेंद्र लोधी, ऋषिपाल, नीलेश सिंह, पद्मपाल शुक्ला, नीरज सिंह, अशोक दुबे, अजय सिंह, विकास सरोज, रामानंद वर्मा, प्रदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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सारांश

ग्राम नगरा में आयोजित ‘मन की बात’ के 135वें सामूहिक श्रवण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संदेशों को सुनने के साथ महिलाओं को साड़ी वितरण एवं ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कर सेवा, सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

नवजात की मौत से मचा हड़कंप, बढ़नी के निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित, ओटी, लाइसेंस, चिकित्सा सुविधाओं और मानकों की होगी गहन पड़ताल; एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट


 क्या है मामला?

बढ़नी स्थित निजी अस्पताल में नवजात शिशु की उपचार के दौरान मौत।

स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया।

सीएमओ के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित।

अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और लाइसेंस सहित सभी मानकों की होगी जांच।

रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।


बिंदु

जानकारी

मामला

नवजात शिशु की मौत

स्थान

अल हयात हेल्थ केयर एंड फ्रैक्चर क्लीनिक, बढ़नी, शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

कार्रवाई

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित

जांच के बिंदु

ओटी, लाइसेंस, चिकित्सा सुविधाएं, उपकरण, स्टाफ एवं मानकों का अनुपालन

रिपोर्ट

एक सप्ताह के भीतर सीएमओ को सौंपी जाएगी


सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बढ़नी कस्बे स्थित अल हयात हेल्थ केयर एंड फ्रैक्चर क्लीनिक में नवजात शिशु की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने तक विभाग ने किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से परहेज किया है और कहा है कि आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

विस्तृत खबर

बढ़नी कस्बे के निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और प्रारंभिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, ऑपरेशन थिएटर (ओटी), साफ-सफाई, आवश्यक उपकरणों, लाइसेंस तथा अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन से संबंधित अभिलेखों और आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, जांच समिति अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, आपातकालीन सेवाओं, नवजात उपचार की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की भी समीक्षा करेगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी भी पक्ष के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय होगा कि किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा कानूनी कार्रवाई आवश्यक है या नहीं।

इधर, नवजात की मौत के बाद क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार के निष्कर्ष पर न पहुंचें। विभाग का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, लाइसेंस व्यवस्था और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर होने वाली ऐसी जांचें स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।

अधिकारी का पक्ष

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जांच समिति अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं, ऑपरेशन थिएटर, आवश्यक लाइसेंस, उपकरणों तथा अन्य निर्धारित मानकों की विस्तृत जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सारांश

बढ़नी के निजी अस्पताल में नवजात शिशु की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर, लाइसेंस, उपकरण और अन्य मानकों की जांच करेगी। रिपोर्ट एक सप्ताह में सीएमओ को सौंपी जाएगी, जिसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल जांच जारी है और किसी भी व्यक्ति या संस्थान की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से तय नहीं की गई है।

संपादकीय नोट (कानूनी सुरक्षा): इस खबर में किसी भी व्यक्ति या अस्पताल को दोषी नहीं ठहराया गया है। सभी तथ्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू की गई जांच और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी पर आधारित हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में एक लाख का इनामी आरोपी ढेर

 

बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का कथित मुख्य शूटर था संजय उर्फ संजीव, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में मार गिराने का दावा किया


राजधानी लखनऊ में शनिवार को पुलिस और एक लाख रुपये के इनामी आरोपी संजय उर्फ संजीव के बीच हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, वह 27 मई 2026 को हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का कथित मुख्य शूटर था और लंबे समय से फरार चल रहा था।


मुख्य बिंदु

एक लाख रुपये का इनामी आरोपी मुठभेड़ में मारा गया।

बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का कथित मुख्य शूटर था।

इंदिरा कैनाल रोड पर चेकिंग के दौरान हुई कार्रवाई।

पुलिस का दावा—आरोपी ने पहले फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ।

हत्या, रंगदारी सहित कई गंभीर मामलों में वांछित था।

कथित तौर पर खान मुबारक गैंग से संबंधों की भी जांच।


मुख्य खबरलखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी आरोपी संजय उर्फ संजीव को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, संजय 27 मई को पीजीआई थाना क्षेत्र में हुई बिल्डर संदीप सिंह की हत्या का कथित मुख्य शूटर था और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। उसके बारे में सूचना देने वाले के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी आरोपी संजय उर्फ संजीव को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, संजय 27 मई को पीजीआई थाना क्षेत्र में हुई बिल्डर संदीप सिंह की हत्या का कथित मुख्य शूटर था और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। उसके बारे में सूचना देने वाले के लिए एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, इंदिरा कैनाल रोड पर संदिग्धों की तलाश में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने संजय को रोकने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया।

घायल आरोपी को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मौके से साक्ष्य जुटाए गए और विधिक प्रक्रिया पूरी की गई।

कई जिलों में दर्ज थे गंभीर मुकदमे

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संजय उर्फ संजीव मूल रूप से अंबेडकरनगर का रहने वाला था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के कई मुकदमे दर्ज थे। जांच एजेंसियों के अनुसार उसके कथित संबंध कुख्यात खान मुबारक गैंग से भी रहे हैं। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

बिल्डर हत्याकांड की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदीप सिंह हत्याकांड की जांच अभी जारी है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है और पूरे आपराधिक नेटवर्क की भी जांच चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ के बाद भी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

पुलिस का पक्ष

पुलिस का कहना है कि कार्रवाई आत्मरक्षा और कानून के दायरे में की गई। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने पहले पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई। इस दावे की जांच नियमानुसार की जाएगी।

सारांश

लखनऊ में एक लाख रुपये के इनामी आरोपी संजय उर्फ संजीव की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार वह बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का कथित मुख्य शूटर था। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे आपराधिक नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।

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