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UGC मुद्दे पर सिद्धार्थनगर में सवर्ण समाज का बड़ा प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ADM को सौंपा ज्ञापन

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सिद्धार्थनगर। UGC से जुड़े 2026 के नए प्रावधानों, आरक्षण व्यवस्था, एससी-एसटी एक्ट और सवर्ण आयोग के गठन सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। बीएसए कार्यालय परिसर में धरना देने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पैदल मार्च किया और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को सौंपा गया।

सारांश

राम कृष्ण पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण महासभा, क्षत्रिय महासभा, सवर्ण आर्मी, सर्वजन हित पार्टी सहित विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों की भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों ने UGC 2026 से संबंधित प्रावधान वापस लेने/पुनर्विचार करने, आरक्षण को आर्थिक आधार से जोड़ने, एससी-एसटी एक्ट में सुधार अथवा समाप्ति, सवर्ण आयोग के गठन और गौ संरक्षण से जुड़ी मांगें उठाईं।

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खबर

सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय पर मंगलवार को सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों का प्रदर्शन उस समय चर्चा में आ गया, जब बड़ी संख्या में लोग बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर पैदल मार्च किया और नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।

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प्रदर्शन का नेतृत्व राम कृष्ण पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में ब्राह्मण महासभा, क्षत्रिय महासभा, सवर्ण आर्मी, सर्वजन हित पार्टी तथा अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित अपना पांच सूत्रीय ज्ञापन अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को सौंपा।

ज्ञापन में UGC 2026 से संबंधित प्रावधानों को वापस लेने, आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार से लागू करने, एससी-एसटी एक्ट को समाप्त अथवा उसमें सुधार करने, सवर्ण आयोग का गठन करने तथा गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने जैसी मांगें शामिल हैं। ज्ञापन में इन मांगों को सामाजिक समानता और जनहित से जोड़ते हुए सरकार से आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।

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‘मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा तेज’

प्रदर्शन के दौरान राम कृष्ण पाण्डेय ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों और सवर्ण समाज से जुड़े नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आने वाले समय में इसका जवाब दिया जाएगा। उनके बयान में आगामी चुनावों में राजनीतिक असर डालने की चेतावनी भी सामने आई।

कार्यक्रम में ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष सुधीर पाण्डेय बाबा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख कौशलेंद्र त्रिपाठी, क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष राजन सिंह, सवर्ण आर्मी के विनोद दुबे, गंगा मिश्र, सर्वजन हित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम नारायण चौबे, बार काउंसिल अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह, कृष्ण पाल सिंह, विजयभान मिश्रा, व्यापार मंडल अध्यक्ष अजय कसौधन समेत अनेक लोग मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

सिर्फ सिद्धार्थनगर तक सीमित नहीं है मुद्दा

यह मामला केवल सिद्धार्थनगर तक सीमित दिखाई नहीं देता। 1 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में भी प्रस्तावित UGC कानून के विरोध में प्रदर्शन और पैदल मार्च की रिपोर्ट सामने आई है।


इसी दिन अयोध्या में भी जातिगत आरक्षण, UGC एक्ट को वापस लेने और एससी-एसटी एक्ट से जुड़ी मांगों को लेकर जंतर-मंतर आंदोलन के समर्थन में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।


इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों में भी UGC के 2026 प्रावधानों, आरक्षण तथा एससी-एसटी एक्ट को लेकर विरोध की खबरें सामने आई हैं। अगस्त में दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी गैर-आरक्षित वर्गों के प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई थी।


यानी उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह कहना अधिक सटीक होगा कि सिद्धार्थनगर का प्रदर्शन व्यापक राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे विरोध के बीच स्थानीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम था; इसे केवल उत्तर प्रदेश या केवल सिद्धार्थनगर तक सीमित आंदोलन बताना सही नहीं होगा।

UGC मुद्दे पर कानूनी स्थिति को लेकर भी विवाद

UGC के 2026 के इक्विटी नियमों को लेकर पहले से ही देश में बहस और विरोध चल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 2026 के नए इक्विटी नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगाते हुए 2012 के नियमों को आगे के आदेश तक लागू रखने का निर्देश दिया था।


ऐसे में सिद्धार्थनगर में प्रदर्शनकारियों द्वारा UGC 2026 को वापस लेने की मांग को उनकी मांग और विरोध के रूप में ही देखा जाना चाहिए, न कि यह दावा किया जाए कि सरकार ने उनकी मांग स्वीकार कर ली है या संबंधित प्रावधान पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं।


प्रदर्शनकारियों की पांच प्रमुख मांगें

UGC 2026 से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने/पुनर्विचार की मांग।

आरक्षण को आर्थिक आधार से लागू करने की मांग।

एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करने अथवा उसमें सुधार की मांग।

सवर्ण आयोग के गठन की मांग।

गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने तथा संरक्षण के लिए प्रभावी कानून की मांग।

टिप्पणी | अब नजर सरकार के रुख पर

सिद्धार्थनगर का प्रदर्शन बताता है कि UGC, आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर समाज के विभिन्न वर्गों में मतभेद और असंतोष अब सड़क तक पहुंच रहा है। दूसरी ओर, इन मुद्दों पर संवैधानिक और न्यायिक प्रावधान भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए आंदोलनकारियों की मांगों को सामने रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि मांग, आरोप और स्थापित कानूनी तथ्य—तीनों को अलग-अलग रखा जाए। फिलहाल गेंद सरकार और संबंधित संस्थानों के पाले में है कि इन मांगों पर उनका आधिकारिक रुख क्या होता है।

 

 

मोहाना पुलिस ने 8 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

थाना मोहाना पुलिस द्वारा गैर इरादतन हत्या की घटना में वांछित 08 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा अभियुक्तगण की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल 01 अदद बास का मोटा डण्डा व 01 अदद यूकेलिप्टस का डण्डा व 01 अदद स्टील का पाईप बरामद ।*

दिनांक 26.06.2026 को ग्राम बेलहरी में दो पक्षों द्वारा पुरानी रंजिश की बात को मार-पीट करने लगे जिससे जमाल अहमद पुत्र अकबर अली को सर पर चोट लग गया। उपरोक्त घटना के सम्बन्ध में थाना मोहाना पर मु0अ0सं0 -99/2026 धारा- 191(2)/110/115(2)/352/351(3)BNS में अभियोग पंजीकृत किया गया था । घटना में घायल जमाल अहमद उपरोक्त इलज के बाद बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर से दिनांक 18.07.2026 को डिस्चार्ज होकर घर आ गया था । पुनः घायल जमाल अहमद उपरोक्त के स्वास्थ्य खराब होने पर परिजनो द्वारा करीब दो सप्ताह पहले जिला चिकित्सालय सिद्धार्थनगर ले जाया गया था । जहाँ से दवा ईलाज हेतु हायर सेन्टर रेफर किया गया था। परिजनो द्वारा मजरूब जमाल अहमद उपरोक्त को डा0 राम मनोहर लोहिया हास्पिटल लखनऊ में दाखिल किया गया था । जहाँ पर दिनांक 28/29.08.2026 की रात्रि को डा0 राम मनोहर लोहिया हास्पिटल लखनऊ में इलाज के दौरान मृत्यु हो जाने पर अभियोग उपरोक्त में धारा 105/190/191(3) BNS की बढोत्तरी की गयी।

डॉ0 अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक जनपद सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में प्रशांत कुमार प्रसाद अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के कुशल निर्देशन में व विश्वजीत सौरयान (IPS) सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी सदर सिद्धार्थनगर के कुशल पर्यवेक्षण में अभियोग उपरोक्त में वांछित अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन किया गया था गठित टीम द्वारा आज दिनांक 01.09.2026 को मुखबीर खास की सूचना मिली की मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित अभियुक्तगण सड्डा तिराहे पर खड़ा होकर सवारी का इन्तजार कर रहे हैं और नेपाल भागने की फिराक में है उक्त सूचना पर गठित टीम द्वारा सड्डा तिराहे पर पहुंचकर 08 अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर अभियुक्तगण की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल बरामद किया गया तथा आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण कर माननीय न्यायालय भेजा जा रहा है ।

 

*गिरफ्तार अभियुक्तगण का विवरण-*

1.जुबेर अहमद पुत्र रहमतुल्लाह

2.क्यूम अहमद पुत्र मकसूद अली

3.इमरान अहमद पुत्र महबुद अहमद उर्फ महबूब

4.कमरूद्दीन उर्फ रियाज पुत्र महबूब उर्फ महबुद

5.महबुद उर्फ महबूब पुत्र मोहम्मद हनीफ उर्फ मगर

6.सफीउल्लाह पुत्र सकूर

7.मोहम्मद आरिफ पुत्र सफीउल्लाह

8.हफीजुल्लाह उर्फ हाफू पुत्र सकूर

निवासीगण बर्डपुर नम्बर 05 टोला छोटकी बेलहरी थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर ।

 

*आपराधिक इतिहास-*

अभियुक्त सफीउल्लाह s/o सकूर

मु0अ0सं0 C-47/2008 धारा -147, 323, 427, 452, 504,506 भा0द0वि0

 

*बरामदगी का विवरण-*

कब्जे से आलाकत्ल 01 अदद बास का मोटा डण्डा व 01 अदद यूकेलिप्टस का डण्डा व 01 अदद स्टील का पाईप बरामद ।

 

*गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम का विवरण-*

1.जितेन्द्र सिंह थानाध्यक्ष मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर ।

2.उ0नि0 जगतनरायन यादव चौकी प्रभारी शुद्दोधन थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर

3.उ0नि0 अवधेश कुमार, हे0का0 राजेश कुमार सिंह, हे0का0 कनिकलाल मल्ल, हे0का0 जयप्रकाश यादव, हे0का0 रामाज्ञा पासवान, का0 धनन्जय सिंह यादव थाना मोहाना जनपद सिद्धार्थनगर ।

जिलाधिकारी ने की उद्योग बंधु की समीक्षा

सिद्धार्थनगर 01 सितम्बर 2026/जिला स्तरीय उद्योग बन्धु, व्यापार बन्धु की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा पिछली बैठक की कार्यवृत्ति की समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिया कि जिनका एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर किये गये है उनसे सम्पर्क करके उनकी समस्याओं का समाधान करायें तथा ज्यादा से ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित करे। जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को सुना तथा सम्बन्धित अधिकारियों को उसके निस्तारण हेतु निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को रोजगार सृजन योजना, हेतु शासन से प्राप्त लक्ष्य को पूर्ण करने तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों के आवेदन को अधिक से अधिक कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिया कि व्यापारियों की समस्याओं का सम्बंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर निस्तारण करायें। व्यापारियों का प्रकरण लम्बित न रहे। निवेश मित्र पोर्टल पर लम्बित प्रकरणो का संबधित विभाग को निस्तारित कराने का निर्देश दिया गया। दुग्ध विभाग पशुपालन विभाग, एमएसएमई, उद्यान विभाग, पर्यटन विभाग, प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एक जपपद एक उत्पाद आदि के संबध में व्यापारियों की समस्याओ को सुनकर उसके शीघ्र निस्तारण हेतु संबधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। सरस्वती विद्या मन्दिर नौगढ़ के पास वाटर एटीएम को ठीक कराने का मांग व्यापारियों द्वारा किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि व्यापारियों को जो भी समस्यायें है उनका निस्तारण कराये।

इस बैठक में उपरोक्त के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 संजय कुमार दोहरे, उपायुक्त उद्योग, डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार, संबधित अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत, व अन्य सम्बंधित अधिकारी तथा व्यापारियों आदि की उपस्थित रही।

बाणगंगा नदी में कूदने से 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत, शोहरतगढ़ क्षेत्र में मचा हड़कंप सिद्धार्थनगर।

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बाल गंगा में एक व्यक्ति की नदी में कूदने से मौत होने की सूचना सामने आई है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, शहाबुद्दीन उर्फ बुड़्ढे पुत्र स्वर्गीय नीरब मनिहार, उम्र करीब 45 वर्ष, के बाणगंगा नदी में कूदने की सूचना सामने आई है। बताया जा रहा है कि घटना फाटक के उत्तर दिशा की ओर हुई।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना मिलते ही थाना शोहरतगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाने के साथ आगे की कार्रवाई में जुट गई।
बताया जा रहा है कि मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गया है। घटना के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस द्वारा घटना के संबंध में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
स्थान: बाल गंगा, शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर
थाना: शोहरतगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर

राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 के लिए सिद्धार्थनगर के महेश कुमार चयनित नवाचार, योग और खेल के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान; विद्यालय और जनपद का बढ़ाया गौरव

सिद्धार्थनगर। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित बर्डपुर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूड़ा के सहायक अध्यापक महेश कुमार का चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 के लिए हुआ है। प्रदेश स्तर पर जारी 61 चयनित शिक्षकों की सूची में उनका नाम शामिल है। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय, क्षेत्र और जनपद में खुशी का माहौल है।

महेश कुमार की पहली नियुक्ति 4 फरवरी 2010 को जनपद संतकबीरनगर के प्राथमिक विद्यालय परसा चौबे में हुई थी। इसके बाद 16 सितंबर 2016 को उनका स्थानांतरण सिद्धार्थनगर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूड़ा में सहायक अध्यापक पद पर हुआ। सेवा अवधि के दौरान उन्होंने विद्यालय स्तर से लेकर जनपद, मंडल और प्रदेश स्तर तक विभिन्न पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त किए हैं।

शिक्षक महेश कुमार शिक्षा के साथ-साथ योग और खेल गतिविधियों को भी विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। वे सैकड़ों गांवों में बच्चों के साथ योगाभ्यास और योग के प्रति जनजागरूकता का संदेश पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि योग के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, सेवा और नेतृत्व की भावना विकसित होती है तथा बच्चों के माध्यम से समाज तक सकारात्मक संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

महेश कुमार ने अपनी अभिनव शिक्षण गतिविधियों और निरंतर प्रयासों से विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के साथ ही विद्यार्थियों को जनपद से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए हैं। योग और खेल के क्षेत्र में भी उन्होंने स्वयं तथा विद्यार्थियों को उच्च स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जिला स्काउट मास्टर के रूप में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भूमिका की सराहना की गई है। उन्होंने शिक्षा, योग, खेल और सामाजिक चेतना को एक-दूसरे से जोड़कर विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में अनुकरणीय कार्य किया है।

राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार, बीईओ रामू प्रसाद, राधे रमण त्रिपाठी, योगेंद्र प्रसाद पांडेय, लालजी यादव, अभय श्रीवास्तव, जिला व्यायाम शिक्षक उपेंद्र नाथ उपाध्याय, अर्चना वर्मा, सीमा द्विवेदी, मुस्तन शेरुल्लाह, सत्येंद्र कुमार गुप्ता, रविंद्र सिंह गुर्जर, राजकुमार यादव, माहेश्वरी पाठक, अनिल पांडेय, केसरी नंदन, गुलाम हुसैन रिजवी, साधु शरण चौहान, बृजेश वर्मा, अनिल यादव, संतोष सिंहानिया, अकमल फारुकी, अजय बरनवाल, राजेंद्र प्रसाद, अवधेश भारती, रामविलास यादव, किशन जी वर्मा, चंद्रमणि त्रिपाठी, राम शंकर पांडेय, सुखबीर सिंह, सुग्रीम यादव सहित अन्य लोगों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

भाजपा संगठन को नई मजबूती: अभिजात मिश्रा बने प्रदेश महामंत्री, नेताओं ने दी बधाई

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पुरानी रंजिश में मारपीट के बाद घायल की इलाज के दौरान मौत, पुलिस ने आरोपियों को दबोचा

सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैर इरादतन हत्या के आरोप से संबंधित मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बताए जा रहे बांस का मोटा डंडा, यूकेलिप्टस का डंडा और स्टील की पाइप भी बरामद की गई है।


|क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, 26 जून 2026 को ग्राम बेलहरी में दो पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी। घटना में जमाल अहमद पुत्र अकबर अली के सिर पर चोट आई थी। इस संबंध में मोहाना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

घायल जमाल अहमद का उपचार पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में कराया गया। स्वास्थ्य खराब होने के बाद परिजन उसे उपचार के लिए लखनऊ स्थित हायर सेंटर ले गए, जहां इलाज के दौरान 28/29 अगस्त 2026 की रात उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई।

पुलिस की घेराबंदी में पकड़े गए आरोपी

पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अधिकारियों के निर्देशन में टीम गठित की गई। पुलिस को सूचना मिली कि मुकदमे से संबंधित आरोपी सड्डा तिराहे पर खड़े होकर सवारी का इंतजार कर रहे हैं और नेपाल भागने की फिराक में हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त बताए गए तीन कथित आलाकत्ल भी बरामद किए।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

जुबेर अहमद पुत्र रहमतुल्लाह

कय्यूम अहमद पुत्र मकसूद अली

इमरान अहमद पुत्र महबूब अहमद उर्फ महबूब

कमरुद्दीन उर्फ रियाज पुत्र महबूब उर्फ महबूब

महबूब उर्फ महबूब पुत्र मोहम्मद हनीफ उर्फ मंगर

सफीउल्लाह पुत्र सकूर

मोहम्मद आरिफ पुत्र सफीउल्लाह

हफीजुल्लाह उर्फ हाफू पुत्र सकूर

सभी आरोपी ग्राम बेलहरी, टोला छोटकी बेलहरी, थाना मोहाना, जनपद सिद्धार्थनगर के निवासी बताए गए हैं।

बरामदगी

पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे/निशानदेही से—

01 बांस का मोटा डंडा

01 यूकेलिप्टस का डंडा

01 स्टील की पाइप

बरामद की गई है।

COMMENT | पुरानी रंजिश से शुरू हुआ विवाद पहुंचा गंभीर अंजाम तक

एक मामूली विवाद से शुरू हुई मारपीट का मामला करीब दो महीने बाद बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया। घायल की इलाज के दौरान मौत के बाद पुलिस ने मुकदमे में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की। खास बात यह है कि पुलिस के अनुसार कुछ आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे, जिन्हें सूचना के आधार पर घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेजा जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।

 

मुँहचुरवा नदी पुल के पास लापता ई-रिक्शा चालक, सोनबरसा घाट पर मिला शव

शोहरतगढ़ । ढेबरुआ थाना क्षेत्र के इटवा-बढ़नी मार्ग स्थित मुँहचुरवा नदी पुल के पास रविवार रात से लापता ई-रिक्शा चालक का शव मंगलवार को कठेला थाना क्षेत्र के सोनबरसा घाट के पास नदी से बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, इटवा थाना क्षेत्र के शुक्लागंज कपिया निवासी हरिश्चंद्र गुप्ता (40 वर्ष), पुत्र स्व. राम गुलाम, रविवार रात करीब 11 बजे किसी के फोन करने पर ई-रिक्शा लेकर बढ़नी बाजार की ओर निकले थे। कुछ समय बाद परिजनों ने उनके मोबाइल पर फोन किया तो किसी अन्य व्यक्ति ने फोन उठाकर बताया कि हरिश्चंद्र घायल अवस्था में मुँहचुरवा नदी पुल के पास सड़क किनारे पड़े हैं।

परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां हरिश्चंद्र का ई-रिक्शा सड़क किनारे खड़ा मिला। सड़क की पटरी से लेकर नदी तट तक खून के निशान दिखाई दिए, जबकि हरिश्चंद्र मौके से लापता थे। इसके बाद परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई।

सूचना मिलते ही ढेबरुआ समेत अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ टीम के साथ नदी में तलाश शुरू की गई। एसडीआरएफ की टीम ने स्टीमर और गोताखोरों की मदद से सोमवार को नदी में काफी देर तक खोजबीन की।

मंगलवार को कठेला थाना क्षेत्र के सोनबरसा घाट के पास हरिश्चंद्र का शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना पर कठेला पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी।

घटनास्थल पर मिले खून के निशान और हरिश्चंद्र के लापता होने की परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ढेबरुआ थाना अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद ने बताया कि लापता व्यक्ति की नदी में तलाश की जा रही थी। अब सोनबरसा घाट के पास शव बरामद हुआ है। ई-रिक्शा पहले ही पुलिस के कब्जे में है। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

सीमा पार त्रासदी पर ककरहवा की संवेदना

सरहदें अलग कर सकती हैं देश, दर्द नहीं—नेपाल की बाढ़ पर ककरहवा में जलीं मोमबत्तियां

नेपाल की त्रासदी में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि, कैंडल मार्च में उमड़ी संवेदनशीलता

ककरहवा, सिद्धार्थनगर।

सरहदें भले ही दो देशों को अलग करती हों, लेकिन इंसानियत और संवेदनाओं की कोई सीमा नहीं होती। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा में हुई जनहानि ने भारत-नेपाल सीमा से सटे ककरहवा के लोगों को भी गहरे तक विचलित किया। पड़ोसी देश में अपनों को खोने वाले परिवारों के दर्द को महसूस करते हुए ककरहवा में लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी।

रविवार शाम ककरहवा स्थित श्रीराम कॉम्प्लेक्स से नेपाल सीमा की ओर निकला कैंडल मार्च महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों के बीच मानवीय रिश्तों और संवेदनाओं का संदेश बन गया। हाथों में जलती मोमबत्तियां और दिल में नेपाल के लिए दर्द लिए व्यापारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में मार्च में शामिल हुए।


मोमबत्तियों की रोशनी में इंसानियत का संदेश

कैंडल मार्च का उद्देश्य नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देना और उनके परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करना रहा। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी सीमा, धर्म या देश को देखकर नहीं आती। ऐसे कठिन समय में पीड़ितों के साथ खड़ा होना ही सच्ची मानवीय संवेदना है।


| सीमा के इस पार, दर्द उस पार

ककरहवा और नेपाल के सीमावर्ती इलाकों के बीच वर्षों से सामाजिक, कारोबारी और पारिवारिक संबंध रहे हैं। इसलिए नेपाल में आई आपदा का असर सीमा से लगे भारतीय इलाकों में भी महसूस किया गया। कैंडल मार्च में शामिल लोगों की संवेदना ने यही संदेश दिया कि मुसीबत के वक्त इंसानियत सबसे बड़ी पहचान है।

व्यापारी और ग्रामीण भी बने संवेदना के सहभागी

व्यापार संगठन ककरहवा एवं स्वर्णकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। व्यापारी, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों ने मोमबत्तियां जलाकर नेपाल में आपदा के दौरान जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का नेतृत्व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिलीप पाण्डेय ने किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी सीमा को नहीं पहचानती। नेपाल में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके दुख की घड़ी में ककरहवा के व्यापारी और ग्रामीण उनके साथ खड़े हैं।

मार्च में शामिल लोगों ने भी कहा कि आपदा की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़ा होना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सीमा के आर-पार कायम मानवीय रिश्तों की जिम्मेदारी है।

सारांश

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि पर ककरहवा के लोगों ने संवेदना व्यक्त करते हुए कैंडल मार्च निकाला। श्रीराम कॉम्प्लेक्स से नेपाल सीमा तक निकले मार्च में व्यापारी, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मोमबत्तियों की रोशनी में दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए लोगों ने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी एकजुटता जताई।


सरहद के पार भी धड़कता है इंसानियत का दिल

ककरहवा का यह कैंडल मार्च इसलिए खास है क्योंकि यहां संवेदना किसी राजनीतिक मंच से नहीं, बल्कि आम लोगों के दिल से निकलती दिखाई दी। नेपाल और भारत के बीच सीमा जरूर है, लेकिन दोनों ओर रहने वाले लोगों के सामाजिक और मानवीय रिश्ते दशकों पुराने हैं।

आपदा के समय किसी पीड़ित के साथ खड़ा होना ही इंसानियत की सबसे बड़ी पहचान है। ककरहवा के लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर यही संदेश दिया कि दर्द की कोई सीमा नहीं होती और इंसानियत की कोई सरहद नहीं होती।

FT News Digital के लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि सीमा के आर-पार जीवित मानवीय संवेदनाओं की तस्वीर है।

मुंहचुरवा घाट पर ई-रिक्शा चालक लापता, खून के निशान मिलने से मचा हड़कंप

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घर से निकला था युवक, घाट पर मिला ई-रिक्शा और मोबाइल; परिजनों ने जताई अनहोनी की आशंका, SDRF की टीम नदी में जुटी तलाश

 कमलेश मिश्रा की एक रिपोर्ट

सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज।

बूढ़ी राप्ती नदी के मुंहचुरवा घाट से एक ई-रिक्शा चालक के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घाट के पास ई-रिक्शा, मोबाइल फोन और खून के छींटे मिलने से घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने युवक के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है और युवक की तलाश के साथ घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।


इटवा थाना क्षेत्र के ग्राम कपिया निवासी करीब 40 वर्षीय हरीशचंद्र पुत्र राम गुलाम अग्रहरी रविवार रात घर से ई-रिक्शा लेकर निकले थे। पुलिस को मिली सूचना के अनुसार वह बढ़नी रेलवे स्टेशन जाने की बात कहकर निकले थे। बाद में उनका ई-रिक्शा बूढ़ी राप्ती नदी के मुंहचुरवा घाट के पास मिला। मौके पर मोबाइल फोन तथा खून के छोटे-छोटे निशान मिलने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया। युवक का अब तक पता नहीं चल सका है।


घर से निकला, फिर नहीं लौटा

पुलिस की तलाश संबंधी सूचना के मुताबिक हरीशचंद्र 30 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे अपनी ई-रिक्शा संख्या UP 55 BT 4176 से बढ़नी रेलवे स्टेशन जाने की बात कहकर घर से निकले थे। इसके बाद मुंहचुरवा घाट के पास उनका ई-रिक्शा लावारिस हालत में मिला। पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की।


घाट पर मिले सुराग ने बढ़ाई चिंता

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान ई-रिक्शा के पास मोबाइल फोन तथा खून के निशान मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया। परिजनों को भी सूचना दी गई।

तलाश में उतरी SDRF की टीम

युवक के नदी में जाने अथवा किसी हादसे की आशंका को देखते हुए बूढ़ी राप्ती नदी में भी तलाश अभियान चलाया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार SDRF की टीम नदी में सघन सर्च ऑपरेशन कर रही है। बचाव दल आसपास के इलाकों में भी संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहा है।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

हरीशचंद्र के अचानक लापता होने और मौके से खून के निशान मिलने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है। परिजनों ने युवक के साथ अनहोनी की आशंका जताते हुए हत्या की आशंका भी व्यक्त की है। हालांकि, यह फिलहाल परिजनों की आशंका है। पुलिस की जांच और युवक की बरामदगी के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस की जांच में क्या सामने आएगा?

मौके से मिले ई-रिक्शा, मोबाइल और कथित खून के निशान अब जांच के अहम बिंदु हैं। पुलिस घटनास्थल के आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ युवक की गतिविधियों और उसके अंतिम संपर्कों की भी पड़ताल कर रही है। मोबाइल से मिले तथ्यों और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवक की तलाश लगातार जारी है। उपलब्ध बयान के मुताबिक युवक को तलाशने के लिए SDRF की मदद ली जा रही है और बरामद साक्ष्यों के आधार पर सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि युवक के मिलने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

सारांश

बूढ़ी राप्ती नदी के मुंहचुरवा घाट पर ई-रिक्शा चालक हरीशचंद्र के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने से हड़कंप मचा है। घाट के पास ई-रिक्शा, मोबाइल और खून के निशान मिलने से मामला गंभीर हो गया है। परिजन अनहोनी और हत्या की आशंका जता रहे हैं, जबकि पुलिस ने हत्या की पुष्टि नहीं की है। SDRF समेत पुलिस की टीमें नदी और आसपास के क्षेत्रों में युवक की तलाश कर रही हैं।

संपादकीय टिप्पणी

सवाल कई हैं, जवाब तलाश रही पुलिस:

एक व्यक्ति रात में घर से निकलता है, फिर उसका ई-रिक्शा नदी घाट के पास लावारिस मिलता है और मौके पर खून के निशान भी बताए जाते हैं—तो मामला स्वाभाविक रूप से गंभीर हो जाता है। लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच और साक्ष्यों का इंतजार जरूरी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हरीशचंद्र आखिर कहां हैं और मुंहचुरवा घाट तक उनका ई-रिक्शा किन परिस्थितियों में पहुंचा? पुलिस की जांच और युवक की बरामदगी से ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे।

 

अगले 3 घंटे भारी! 35 जिलों में Orange Alert, गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी

⚠️ अगले 3 घंटे भारी! 35

इन जिलों में मौसम बिगड़ने के आसार, कहीं-कहीं बहुत तेज बारिश की संभावना

लखनऊ/वाराणसी। सचेत ऐप के माध्यम से प्राप्त मौसम संबंधी सूचना के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन घंटों के दौरान मौसम के तेजी से बदलने की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर गरज और बिजली चमकने के साथ मध्यम से तीव्र बारिश हो सकती है, जबकि कुछ पृथक स्थानों पर बहुत तीव्र बारिश की संभावना भी बताई गई है। इसके मद्देनजर संबंधित क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी होने की सूचना है।

🔴 इन जिलों में अलर्ट

मौसम चेतावनी के दायरे में मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, संत रविदास नगर, वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, चित्रकूट, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, कानपुर नगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अयोध्या, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती शामिल हैं।


इन इलाकों में क्या हो सकता है?

अगले तीन घंटों के दौरान:


– गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

– कई स्थानों पर मध्यम से तीव्र बारिश

– कुछ पृथक स्थानों पर बहुत तेज बारिश की आशंका

– बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जोखिम बढ़ सकता है

– तेज बारिश से स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है

सावधानी जरूरी

मौसम के इस अलर्ट को देखते हुए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और अन्य असुरक्षित स्थानों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा। तेज बारिश की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन/मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।

सारांश

उत्तर प्रदेश के 35 जिलों में अगले तीन घंटों के लिए मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट की सूचना है। गरज और बिजली के साथ मध्यम से तीव्र बारिश तथा कुछ स्थानों पर बहुत तेज बारिश की संभावना जताई गई है।

FT News Digital टिप्पणी

मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। ऐसे में अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी बात सावधानी और ताजा आधिकारिक अपडेट पर नजर रखना है। बारिश की तीव्रता स्थानीय स्तर पर अलग-अलग हो सकती है, इसलिए चेतावनी को हल्के में लेना उचित नहीं होगा।

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