फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
SSB ने भारत-नेपाल सीमा पर दो युवकों को स्मैक के साथ पकड़ा, बाइक और मोबाइल भी बरामद

भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 9.60 ग्राम स्मैक के साथ दो युवक गिरफ्तार


बढ़नी/ढेबरूआ से बड़ी खबर
भारत-नेपाल सीमा पर नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसएसबी 50वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार देर रात विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एसएसबी की त्रिलोकपुर टीम ने दो संदिग्ध युवकों को पकड़कर उनके कब्जे से स्मैक बरामद की है।
जानकारी के अनुसार, उप निरीक्षक मंगला राम चौहान के नेतृत्व में एसएसबी की टीम बढ़नी-बलरामपुर मार्ग पर सीमा पिलर संख्या 571/2 के पास सघन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान बलरामपुर की ओर से आ रहे बाइक सवार दो युवकों को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान दोनों युवकों के पास से करीब 9.60 ग्राम स्मैक, एक बाइक, भारतीय मुद्रा 2640 रुपये, नेपाली मुद्रा 110 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विकास और मनोज कुमार यादव निवासी थाना ढेबरूआ क्षेत्र के रूप में हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे स्मैक बलरामपुर निवासी एक व्यक्ति से खरीदकर लाए थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच में जुट गई हैं।
एसएसबी ने बरामद सामान और दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना पचपेड़वा, जनपद बलरामपुर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
भारत-नेपाल सीमा पर लगातार बढ़ती नशे की तस्करी के बीच एसएसबी की यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था की सतर्कता को दर्शाती है।

भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी 50वीं वाहिनी ने विशेष चेकिंग अभियान के दौरान दो युवकों को 9.60 ग्राम स्मैक, बाइक, मोबाइल और नकदी के साथ गिरफ्तार किया।

सड़क के नीचे क्या चल रहा था? अचानक फटी सड़क, बाहर आने लगी गीली मिट्टी

 FT News Digital

उसका बाजार में अचानक फटी सड़क, चौराहे पर जुटी भीड़, लोग बोले- “ऐसा पहली बार देखा”


सिद्धार्थनगर जिले के उसका बाजार में रविवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। नगर पंचायत क्षेत्र के उसका-गोरखपुर मार्ग स्थित तेतरी चौराहे पर अचानक सड़क फट गई और उसके अंदर से गीली मिट्टी बाहर निकलने लगी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और राहगीर अपने मोबाइल कैमरों में इस अजीबोगरीब दृश्य को कैद करने लगे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क के नीचे से अचानक मिट्टी उभरने लगी, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि बाद में जानकारी हुई कि इलाके में गैस आपूर्ति के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से ड्रिल मशीन के जरिए जमीन के भीतर पाइपलाइन डालने का काम किया जा रहा था।

इसी दौरान जब ड्रिल मशीन तेतरी चौराहे के नीचे पहुंची तो दबाव बढ़ने से सड़क का हिस्सा फट गया और भीतर की गीली मिट्टी व मलबा ऊपर आने लगा। घटना के बाद आसपास के लोग दहशत में आ गए, लेकिन प्रशासन की ओर से तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कर मौके को बैरिकेडिंग कर घेर दिया गया।

file 000000008b3871fa9aa548b1e102c27a

नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि यह घटना पाइपलाइन बिछाने के दौरान तकनीकी दबाव की वजह से हुई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कार्य पूरा होने के बाद सड़क को दोबारा दुरुस्त कराया जाएगा।

इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि चैनल वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।

 

सिद्धार्थनगर में शिक्षकों का ऐतिहासिक सम्मान समारोह, 800 शिक्षाविदों को मिला सम्मान

IMG 20260510 WA1101

सिद्धार्थनगर। शिक्षा और संस्कार की धरती सिद्धार्थनगर ने रविवार को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर पूरे प्रदेश में नई मिसाल कायम की। जिला मुख्यालय स्थित लोहिया कला भवन में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में शिक्षा जगत से जुड़े लगभग 800 सेवानिवृत्त शिक्षाधिकारी, प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने न सिर्फ शिक्षा जगत को गौरवान्वित किया बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि गुरुजनों का सम्मान ही राष्ट्र निर्माण की असली नींव है।

IMG 20260510 WA0981

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके अनुभव, अनुशासन और समर्पण से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों का सम्मान समाज के लिए प्रेरणास्रोत है तथा उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मुख्य अतिथि शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेंद्र देव ने समारोह को प्रदेश स्तर पर अनुकरणीय बताते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार इतनी बड़ी संख्या में शिक्षाधिकारियों और शिक्षकों का सामूहिक सम्मान देखा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है।

समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मंच से बीएसए शैलेश कुमार, टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी, जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रमेश मिश्रा, प्रधानाचार्य परिषद के रमाकांत द्विवेदी, माध्यमिक शिक्षक संघ के रामबिलास यादव तथा पूर्व डीआईओएस सोमारू प्रधान ने भी शिक्षा और शिक्षक सम्मान की महत्ता पर अपने विचार रखे।

सम्मानित होने वाले प्रमुख सेवानिवृत्त अधिकारियों में शिवचंद राम, ए.के. सिंह, विकायल भारती, राम सिंह, गोविंद राम, डॉ. एसपी त्रिपाठी, मनोज कुमार, पारस नाथ कुशवाहा और मनोज कुमार अहीरवार सहित कई शिक्षाविद शामिल रहे। कार्यक्रम में इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में जनपद के टॉप-10 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया, जिससे समारोह और भी प्रेरणादायक बन गया।

कार्यक्रम की शुरुआत बेसिक शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई, जबकि शिवपति इंटर कॉलेज के बच्चों द्वारा प्रस्तुत “कपिलवस्तु गीत” ने पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और शिक्षकों के सम्मान ने समारोह को यादगार बना दिया।

मुख्य आयोजक एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ खुनियांव के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय बहादुर अंबेडकर ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज में सकारात्मक संदेश देता है और नई पीढ़ी को प्रेरित करता है। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य शैलेंद्र शर्मा ने किया।

यह आयोजन सिद्धार्थनगर के लिए केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज की कृतज्ञता और गुरुजनों के प्रति सम्मान की ऐतिहासिक मिसाल बनकर उभरा, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।

 

खूंखार जंगली सूअर का हमला, सास-बहू लहूलुहान

सिद्धार्थनगर। कठेला समय माता थाना क्षेत्र के ग्राम सोनबरसा में रविवार सुबह एक जंगली सूअर के हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घर में घुसे सूअर ने सास-बहू पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में चल रहा है।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी सावित्री देवी (55) पत्नी अमेरिका गुप्ता सुबह करीब छह बजे घर का दरवाजा खोल रही थीं। इसी दौरान अचानक एक जंगली सूअर तेजी से घर के अंदर घुस आया और उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर उनकी बहू इंद्रावती देवी (30) पत्नी राजेंद्र गुप्ता बचाने के लिए पहुंचीं, लेकिन सूअर ने उन पर भी हमला कर दिया। हमले में दोनों महिलाएं घायल होकर लहूलुहान हो गईं।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में दोनों घायलों को मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार जारी है।
ग्रामीणों के अनुसार जंगली सूअर काफी आक्रामक था, जिससे गांव में दहशत फैल गई। वहीं गांव में यह चर्चा भी रही कि आक्रोशित लोगों ने सूअर को घेरकर मार डाला। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले में स्थानीय पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक सूचना बाद में प्राप्त हुई, जिसके बाद पुलिस टीम गांव पहुंची थी।

बेकाबू डंपर ने उजाड़ी खुशियां, परिवार का सहारा बना रामू अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा

रात 10 बजे बेकाबू डंपर का कहर
परिवार का इकलौता सहारा अस्पताल में भर्ती


डंपर की टक्कर के बाद रेस्ट हाउस में घुसा वाहन


मिट्टी खनन वाले भारी वाहन बने खतरा!


 पसली की हड्डी टूटी, मेडिकल कॉलेज में इलाज जारी


तेज रफ्तार डंपरों पर उठे बड़े सवाल


सड़क सुरक्षा के दावों पर फिर सवाल


 नौगढ़-उसका मार्ग पर देर रात बड़ा हादसा


 लापरवाही की रफ्तार ने परिवार को संकट में डाला
खनन वाहनों की बेलगाम रफ्तार कब रुकेगी?


सिद्धार्थनगर। जिले में तेज रफ्तार और मिट्टी खनन में लगे भारी वाहनों का आतंक लगातार लोगों की जान पर भारी पड़ता दिखाई दे रहा है। शनिवार देर रात करीब 10 बजे सदर थाना क्षेत्र के नौगढ़-उसका मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद डंपर अनियंत्रित होकर पीडब्ल्यूडी के पुराने रेस्ट हाउस में जा घुसा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

जानकारी के अनुसार बढ़नी चौकी क्षेत्र के वार्ड नंबर-2 मुडिला निवासी करीब 40 वर्षीय रामू राजभर शास्त्री नगर मोहल्ले स्थित अपने ससुराल आया हुआ था। बताया जा रहा है कि उसके एक रिश्तेदार के सड़क हादसे में घायल होने की सूचना मिली थी, जिसे देखने वह मोटरसाइकिल से अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उसकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि रामू बाइक समेत सड़क किनारे जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और डंपर सीधे पीडब्ल्यूडी के पुराने रेस्ट हाउस में जा घुसा। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल रामू राजभर को तत्काल माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी पसली की एक हड्डी टूट गई है, हालांकि हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

परिजनों के मुताबिक रामू राजभर ही अपने परिवार का मुख्य सहारा और भरण-पोषण करने वाला सदस्य है। हादसे के बाद परिवार पर चिंता और आर्थिक संकट दोनों का साया मंडराने लगा है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिले में मिट्टी खनन में लगे भारी वाहन रात के समय तेज रफ्तार में सड़कों पर दौड़ते रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। एक तरफ शासन और प्रशासन सड़क सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था सुधारने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर भारी वाहनों की लापरवाही आम लोगों की जान के लिए खतरा बनती जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

आर्केस्ट्रा मंच पर कथित तमंचे संग डांस का वीडियो वायरल, जांच में खिलौना होने की बात

Screenshot 20260510 094843

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर।

चिल्हिया थाना क्षेत्र के मुसहरी गांव में आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवक आर्केस्ट्रा के मंच पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं, जिनमें दो युवकों के हाथ में हथियार जैसी वस्तु भी नजर आ रही है।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी और हिंदी गीतों पर प्रस्तुति चल रही थी। इसी बीच कुछ युवक मंच पर पहुंच गए और डांस करने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने जांच की। थाना स्तर से मिली जानकारी के अनुसार जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रही वस्तु असली हथियार नहीं बल्कि खिलौना थी।

हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि FT News Digital नहीं करता है। चैनल केवल सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा में आए वीडियो के आधार पर संबंधित पक्षों द्वारा दी गई जानकारी प्रस्तुत कर रहा है।

इस घटना के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ और सार्वजनिक आयोजनों में युवाओं के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि मनोरंजन के नाम पर ऐसे प्रदर्शन समाज में गलत संदेश दे सकते हैं, इसलिए युवाओं को संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।

 

आर्केस्ट्रा मंच पर कथित तमंचे संग डांस का वीडियो वायरल, जांच में खिलौना होने की बात

Screenshot 20260510 094843

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर।

चिल्हिया थाना क्षेत्र के मुसहरी गांव में आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में कुछ युवक आर्केस्ट्रा के मंच पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं, जिनमें दो युवकों के हाथ में हथियार जैसी वस्तु भी नजर आ रही है।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी और हिंदी गीतों पर प्रस्तुति चल रही थी। इसी बीच कुछ युवक मंच पर पहुंच गए और डांस करने लगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने जांच की। थाना स्तर से मिली जानकारी के अनुसार जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रही वस्तु असली हथियार नहीं बल्कि खिलौना थी।

हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि FT News Digital नहीं करता है। चैनल केवल सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा में आए वीडियो के आधार पर संबंधित पक्षों द्वारा दी गई जानकारी प्रस्तुत कर रहा है।

इस घटना के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ और सार्वजनिक आयोजनों में युवाओं के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि मनोरंजन के नाम पर ऐसे प्रदर्शन समाज में गलत संदेश दे सकते हैं, इसलिए युवाओं को संयम और जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।

 

सिद्धार्थनगर में युवक पर हमला और लूट का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

सिद्धार्थनगर। जनपद के भवानीगंज थाना क्षेत्र में एक युवक पर हमला और लूट की घटना सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। घायल युवक ने कुछ लोगों पर रास्ता रोककर मारपीट करने, चाकू से हमला करने और नकदी लूटने का आरोप लगाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

Screenshot 20260510 071018

बताया जा रहा है कि बलरामपुर जनपद के गैसड़ी क्षेत्र निवासी युवक अपनी बहन के घर असनाधरपुर आया हुआ था। आरोप है कि जब वह बाइक से वापस लौट रहा था, तभी धनखरपुर चौराहे के पास कुछ युवकों ने उसे रोक लिया और विवाद के बाद हमला कर दिया। घायल युवक के अनुसार हमलावरों ने उसके साथ मारपीट की तथा धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। साथ ही उसके पास मौजूद करीब दो लाख रुपये भी छीन लिए गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घायल युवक ने कुछ नामजद लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

उधर घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने और सोशल मीडिया पर भ्रामक या सांप्रदायिक पोस्ट साझा न करने की अपील की है।

 

सिद्धार्थनगर में धूमधाम से मनी महाराणा प्रताप जयंती

सिद्धार्थनगर। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक मेवाड़ के महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती शनिवार को सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित अम्बेडकर सभागार में भव्य और ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा सभागार “जय महाराणा”, “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों से देर तक गूंजता रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास का सबसे स्वाभिमानी योद्धा बताया।

हल्दीघाटी को पांचवां धाम मानना चाहिए

बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट अखंड प्रताप सिंह और शिवनाथ चौधरी ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर भारतीय को चार धाम के साथ हल्दीघाटी भी अवश्य जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि हल्दीघाटी केवल एक युद्धस्थल नहीं बल्कि भारतीय स्वाभिमान की पवित्र भूमि है।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का 81 किलो का भाला, उनका युद्ध कौशल और मातृभूमि के लिए समर्पण आज भी लोगों को रोमांचित कर देता है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने की सबसे अधिक आवश्यकता है।

जिला मुख्यालय पर स्थापित होगी भव्य प्रतिमा:जिला पंचायत अध्यक्ष (प्रo)

पूरा हाल उसे समयत तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा जब जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह ने घोषणा की, जल्द ही जिला मुख्यालय पर महाराणा प्रताप की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी और महाराणा प्रताप छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा।

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के प्रतीक

रामकृष्ण पाण्डेय ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि राष्ट्र गौरव और हिंदू स्वाभिमान के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि “जिस योद्धा ने जंगलों में घास की रोटी खाकर जीवन गुजार लिया लेकिन मुगल बादशाह अकबर की अधीनता स्वीकार नहीं की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।”

प्राचार्य प्रो. अरविंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र को पढ़ने और समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि “देश और धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाला योद्धा कभी इतिहास से मिट नहीं सकता। महाराणा प्रताप भारत की आत्मा हैं।”

सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मनाई गई जयंती

कार्यक्रम में राजकुमार सिंह उर्फ राजू शाही, कुँवर आनंद सिंह, सौरभ पाल सिंह, दिवाकर विक्रम सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, माधव सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजू सिंह, फते बहादुर सिंह, कृष्णपाल सिंह, विक्रांत सिंह विक्कू, अमर नाथ सिंह, कैलाश नाथ दुबे, प्रदीप वर्मा, दिलीप सिंह, शत्रुजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, मुरारी सिंह सहित दो सौ से अधिक लोग मौजूद रहे।

क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भूपनारायण सिंह उर्फ राजन सिंह की अध्यक्षता तथा महामंत्री हरेंद्र बहादुर सिंह के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में विकास सिंह हाड़ा, राजवंत सिंह, केपी सिंह, ओपी सिंह, कौशलेन्द्र त्रिपाठी, करण सिंह, कृपा शंकर त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, शिवम सिंह, विपलव दुबे, विनय शर्मा और बीरेंद्र सिंह सहित दर्जनों वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन पर अपने विचार रखे।

युवाओं से की गई राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान अपनाने की अपील

वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज की युवा पीढ़ी को मोबाइल और आधुनिकता की चकाचौंध से निकलकर इतिहास के महानायकों से प्रेरणा लेने की जरूरत है। महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने महाराणा प्रताप की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और “जय महाराणा” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

सिद्धार्थनगर में जर्जर ढांचों पर प्रशासन सख्त, काशीराम आवास हादसे के बाद डीएम का बड़ा एक्शन

 “काशीराम हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट”

 “जर्जर ढांचों पर डीएम का सख्त आदेश”

 “अब चिन्हित होंगे खतरनाक भवन”

 “लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी”

 “जन सुरक्षा को लेकर बड़ा एक्शन”


सिद्धार्थनगर।

सदर थाना क्षेत्र जेल चौंकी अंतर्गत स्थित काशीराम आवास के पीछे परिसर में पुरानी पानी की टंकी पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। हादसे में एक मासूम की मौत और बच्चों के घायल होने की घटना के बाद जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने जनपदभर में जर्जर एवं निष्प्रयोज्य भवनों, पानी की टंकियों और अन्य खतरनाक संरचनाओं को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

Screenshot 20260509 074001

बताया जा रहा है कि काशीराम आवास परिसर में कुछ बच्चे खेलते-खेलते पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। इसी दौरान पुरानी और जर्जर सीढ़ियां अचानक टूट गईं, जिससे बच्चे नीचे गिर गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत एवं बचाव दल ने अभियान चलाकर फंसे बच्चों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। इस हादसे ने जिले में वर्षों से उपेक्षित पड़े जर्जर ढांचों की स्थिति को फिर चर्चा में ला दिया है।

घटना के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी०एन० द्वारा जारी पत्र में सभी विभागाध्यक्षों, अधिशासी अभियंताओं, परियोजना प्रबंधकों, नगर निकायों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जनपद में मौजूद जर्जर, खतरनाक एवं निष्प्रयोज्य भवनों, पानी की टंकियों, बाउंड्रीवाल और अन्य संरचनाओं का तत्काल सर्वे कराया जाए। साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऐसे ढांचों को सुरक्षित तरीके से ध्वस्त कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया है कि ध्वस्तीकरण से पहले संबंधित स्थानों को पूरी तरह सुरक्षित किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि की संभावना न रहे। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि किसी जर्जर संरचना की वजह से भविष्य में हादसा होता है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। लोगों का कहना है कि जिले में कई पुराने सरकारी ढांचे लंबे समय से खतरे की स्थिति में खड़े हैं, जिनकी समय रहते निगरानी और मरम्मत आवश्यक है। काशीराम आवास की घटना के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और अधिक गंभीरता से कार्रवाई करेगा।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।