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अगले 3 घंटे बेहद अहम: सिद्धार्थनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में तेज आंधी, बिजली और बारिश का तात्कालिक अलर्ट

सिद्धार्थनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी तात्कालिक (Nowcast) चेतावनी के अनुसार सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महाराजगंज और संत कबीर नगर के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश की प्रबल संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।


मौसम अलर्ट | अगले 3 घंटे

⚡ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना

🌧️ हल्की से मध्यम, कहीं-कहीं तेज बारिश

🌬️ हवा की रफ्तार 40–60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है

🌨️ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना

🚫 खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें

📱 मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें

मुख्य समाचार

सिद्धार्थनगर जिले में अगले तीन घंटों के दौरान मौसम अचानक करवट ले सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार जिले के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इसी प्रकार गोरखपुर, महाराजगंज और संत कबीर नगर के कुछ क्षेत्रों के लिए भी मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की गई है। खराब मौसम के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने, सड़कों पर जलभराव तथा आवागमन में कठिनाई जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी-तालाब के किनारे तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़ा होना जोखिमपूर्ण हो सकता है। यदि बिजली चमकने या तेज आंधी की स्थिति बने तो तुरंत किसी पक्के भवन के भीतर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

वाहन चालकों से अपील की गई है कि तेज बारिश और कम दृश्यता के दौरान सावधानी से वाहन चलाएं। किसान भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक कार्य करने से बचें तथा कृषि उपकरणों और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करने की अपील की है। यदि किसी स्थान पर पेड़ गिरने, बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिले तो संबंधित विभाग को तत्काल सूचित करें।

सारांश

अगले तीन घंटे सिद्धार्थनगर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं, बारिश तथा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और सरकारी सलाह का पालन ही सबसे बड़ा बचाव है।

(यह समाचार भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी तात्कालिक मौसम पूर्वानुमान (Nowcast) पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय और स्थान के अनुसार बदल सकती है।)

 

सावधान सिद्धार्थनगर! आज आसमान बरसाएगा कहर, भारी बारिश और आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट

गरजेंगे बादल, बरसेंगे मेघ! सिद्धार्थनगर में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की सतर्कता


सिद्धार्थनगर में रविवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। जिले में कई स्थानों पर तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।


आज का मौसम

🌧️ भारी बारिश की संभावना

⚡ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा

🌬️ तेज हवा चलने के आसार

🌡️ अधिकतम तापमान: लगभग 33°C

🌡️ न्यूनतम तापमान: लगभग 28°C

🚨 अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह

मुख्य समाचार

मानसून के सक्रिय होने के साथ सिद्धार्थनगर में रविवार को मौसम का असर तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताज़ा चेतावनी के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 15 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवागमन में बाधा तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक कार्य न करें और खुले स्थानों पर जाने से बचें।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों, तालाबों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। यदि तेज बारिश या बिजली चमकने लगे तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। वाहन चलाने वाले चालक भी सावधानी बरतें और जलभराव वाले मार्गों से बचें।

प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करने की अपील की है। आपात स्थिति में संबंधित विभागों से तुरंत संपर्क करने की सलाह भी दी गई है।

सारांश

सिद्धार्थनगर में आज भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

 

सिद्धार्थनगर में चाइनीज मांझा और सिंथेटिक डोरी पर सख्ती की तैयारी, व्यापारियों को किया गया जागरूक

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जीएसटी विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कर चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री व उपयोग पर रोक को लेकर दिया जागरूकता संदेश


सिद्धार्थनगर, 11 जुलाई। जनपद में चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। अधिकारियों ने इन उत्पादों से होने वाली जनहानि और पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी देते हुए व्यापारियों से इनके निर्माण, बिक्री और उपयोग से दूरी बनाने तथा लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।


मुख्य बातें

जीएसटी विभाग ने व्यापारियों के साथ किया संवाद कार्यक्रम।

चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी पर जागरूकता अभियान।

जनहानि और पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर।

व्यापारियों से समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और कर भुगतान की अपील।

विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अधिकारी रहे मौजूद।

पूरी खबर

जनपद सिद्धार्थनगर में राज्य कर (जीएसटी) विभाग की ओर से व्यापारियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा तथा सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को इन प्रतिबंधित सामग्रियों से होने वाले संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझा तथा सीसा-लेपित डोरी के उपयोग से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। व्यापारियों से अनुरोध किया गया कि वे ऐसे उत्पादों का निर्माण, भंडारण और बिक्री न करें तथा आम लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

संवाद कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों से समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और नियमानुसार कर भुगतान सुनिश्चित करने की भी अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि कर अनुपालन और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों ही व्यापार जगत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।

बैठक में उप आयुक्त सिद्धार्थ सौरभ बन्धु, उप आयुक्त विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त परमहंस यादव, राज्य कर अधिकारी महेंद्र सिंह तथा जय प्रकाश भारती सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

व्यापार मंडल के पदाधिकारी अजय कश्यप, राजकमल जायसवाल, भीमचंद, सुभम, उत्तम श्रीवास्तव, शिवव्रत अग्रहरी, रणजीत कश्यप, शिव कुमार कश्यप, ओमप्रकाश कश्यप सहित सिंथेटिक एवं नॉन-वोवन ट्रेड से जुड़े व्यापारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और व्यापारियों के साझा प्रयास से ही जनसुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।

सारांश

सिद्धार्थनगर में राज्य कर विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कर चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग पर रोक को लेकर जागरूक किया। अधिकारियों ने जनहानि और पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए व्यापारियों से प्रतिबंधित सामग्री का कारोबार न करने और समय पर जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की।

 

सिद्धार्थनगर में पांचवीं बार सजा सामूहिक विवाह का भव्य मंच, 151 जोड़ों ने थामा जीवनसाथी का हाथ

 

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गरीब परिवारों के सपनों को मिला सहारा, तीनों समुदायों के जोड़ों का एक ही मंच पर हुआ विवाह; जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद।


सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को जिले का पांचवां सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 151 जोड़ों का विवाह विभिन्न धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की मौजूदगी रही। अधिकारियों के अनुसार पात्र नवविवाहित जोड़ों को योजना के तहत आर्थिक सहायता और गृहस्थी का आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया गया।


मुख्य बातें एक नजर में

स्थान: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बगल स्थित मैदान, सिद्धार्थनगर

कुल विवाह: 151 जोड़े

हिन्दू: 95 जोड़े

बौद्ध: 36 जोड़े

मुस्लिम: 20 जोड़े

डीबीटी के माध्यम से सहायता: ₹64,000 प्रति वधू

गृहस्थी का आवश्यक सामान भी वितरित

जिले में पांचवीं बार हुआ सामूहिक विवाह समारोह

सिद्धार्थनगर में फिर बना सामाजिक समरसता का उदाहरण

सिद्धार्थनगर जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जिले का पांचवां सामूहिक विवाह समारोह भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समीप आयोजित कार्यक्रम में कुल 151 नवयुगलों ने एक साथ नए जीवन की शुरुआत की। समारोह में हिन्दू, मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के जोड़ों का विवाह उनकी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया, जिससे सामाजिक समरसता और सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में सांसद, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

तीनों समुदायों के विवाह अपनी-अपनी परंपरा से संपन्न

आयोजकों के अनुसार हिन्दू समुदाय के विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा संपन्न कराए गए। मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का निकाह मौलाना ने पढ़ाया, जबकि बौद्ध समुदाय के विवाह उनकी धार्मिक परंपरा के अनुरूप कराए गए। पूरे आयोजन के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों की जिम्मेदारी पहले से तय की गई थी।

नवदंपतियों को मिली आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान

जिला प्रशासन के अनुसार योजना के तहत प्रत्येक पात्र वधू के बैंक खाते में ₹64,000 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके अलावा गृहस्थी शुरू करने के लिए कपड़े, बर्तन, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, कूलर, प्रेस, बिस्तर, कंबल, तकिया, डिनर सेट, कूकर सहित अन्य आवश्यक सामग्री का किट भी प्रदान किया गया।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

समारोह को संबोधित करते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग मिलता है तथा समाज में समानता और सम्मान की भावना को बल मिलता है। सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया गया।

डीएम ने दी योजना की जानकारी

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही गृहस्थी के लिए आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई है। उन्होंने सभी नवदंपतियों को सफल एवं सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।

बड़ी संख्या में अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, डीसी मनरेगा, विभिन्न खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।


“सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित पांचवें सामूहिक विवाह समारोह में एक साथ 151 जोड़ों ने सात फेरे और निकाह के साथ नए जीवन की शुरुआत की।”

 

बारिश बनी किसानों के लिए राहत की उम्मीद, नहरों में बढ़ा जल प्रवाह; सिंचाई विभाग ने जारी की ताजा रिपोर्ट

मानसून के बीच नहर संचालन पर विशेष निगरानी, खेतों तक समय पर पानी पहुंचाने की कवायद तेज


सिद्धार्थनगर। जिले में सक्रिय मानसून के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सिंचाई खंड, सिद्धार्थनगर द्वारा 11 जुलाई 2026 की दैनिक नहर संचालन रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न मुख्य एवं शाखा नहरों में जल प्रवाह की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित न हो और किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।


मानसून में सिंचाई व्यवस्था पर विभाग की पैनी नजर

11 जुलाई की रिपोर्ट में नहरों के जल प्रवाह का ब्यौरा जारी, अधिकारियों को निगरानी के निर्देश

समाचार

सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग पूरी तरह सक्रिय है। सिंचाई खंड, सिद्धार्थनगर की ओर से जारी 11 जुलाई 2026 की दैनिक रिपोर्ट में विभिन्न मुख्य एवं शाखा नहरों के जल प्रवाह की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

रिपोर्ट के अनुसार सभी प्रमुख नहरों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। जल प्रवाह में किसी भी प्रकार की कमी या तकनीकी समस्या सामने आने पर संबंधित अवर अभियंताओं और क्षेत्रीय कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी लगातार फील्ड स्तर पर निगरानी कर रहे हैं ताकि जल वितरण व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

मानसून के इस दौर में धान समेत अन्य खरीफ फसलों की खेती तेजी से चल रही है। ऐसे समय में नहरों के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध होना किसानों के लिए राहत की बात है। सिंचाई विभाग का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जल वितरण व्यवस्था में आवश्यक परिवर्तन भी किए जाएंगे।

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रिपोर्ट की प्रमुख बातें

11 जुलाई 2026 की दैनिक नहर संचालन रिपोर्ट जारी।

मुख्य एवं शाखा नहरों के जल प्रवाह की समीक्षा।

मानसून के दौरान सिंचाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी।

अधिकारियों और अवर अभियंताओं को सतर्क रहने के निर्देश।

खरीफ फसलों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने पर विभाग का फोकस।

सारांश

मानसून के बीच सिंचाई विभाग ने नहर संचालन की ताजा रिपोर्ट जारी कर जल प्रबंधन को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई है। विभाग का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और नहरों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

 

कांग्रेस की बैठक संपन्न

सिद्धार्थनगर 08 जुलाई। आज जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह ने किया।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के संविधान, लोकतंत्र और जनहित की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश की जनता महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं से त्रस्त है, जबकि सरकार जनहित के मुद्दों से पूरी तरह बेखबर है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज़ बनकर अन्याय और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज़ करे। संगठन की मजबूती ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाकर आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनसेवा और कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाने का आह्वान किया।

 

बैठक में गंगेश्वर राय, डा• नादिर सलाम, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, कृष्ण बहादुर सिंह, अनिल सिंह अन्नू, दीपक यदुवंशी, सादिक अहमद, अकील अहमद मुन्नू, हृषीकेश मिश्रा, राजन श्रीवास्तव, अश्विनी सिंह सोलंकी, रियाज़ मनिहार, आसिफ़ रिज़्वी, डॉ प्रमोद कुमार, गालिब बिसेन, सुदामा प्रसाद, कपिलदेव यादव, परमहंस मिश्रा, विक्की रिज़्वी, अशोक गुप्ता, ओमप्रकाश दूबे, मनोज श्रीवास्तव, पप्पू खान, होरी लाल श्रीवास्तव, संतोष चौधरी, ओमप्रकाश दूबे, जाकिर हुसैन, पवन पांडेय, अवध बिहारी, श्याम नारायन वैज्ञानिक, अखलाक अहमद, जुबैर खान, शौकत अली, रुखमीना साहनी सहित तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

क़ाज़ी सुहेल अहमद

जिला अध्यक्ष

जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर

राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत नाबार्ड द्वारा जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन

सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह (22 जून से 06 जुलाई 2026) के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), सिद्धार्थनगर द्वारा विकास भवन स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह रहे।

मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि प्रदेश में सिद्धार्थनगर जनपद दूसरे स्थान पर है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में सम्मानजनक वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने मत्स्य पालकों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही बैंकों एवं विभागीय अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आजीविका को सशक्त बनाया जाना चाहिए।

अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री रवि कुमार सिन्हा ने कहा कि मत्स्य पालक अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखें, जिससे बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण एवं सरकारी अनुदान के माध्यम से मत्स्य पालन को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारियों, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), मत्स्य उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा जनपद के बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पोर्टल के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं अन्य वित्तीय सेवाओं तक मत्स्य पालकों की आसान पहुँच सुनिश्चित करना था।

इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में ऋण वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं से मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने तथा मत्स्य क्षेत्र में संस्थागत वित्त को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने नाबार्ड के PODF समर्थित मत्स्य एफपीओ की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मत्स्य निरीक्षक श्री राहुल कुमार ने मत्स्य बीमा योजना की प्रक्रिया एवं उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा अधिक से अधिक मत्स्य पालकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

कार्यशाला के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से प्रतिभागियों का राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण भी कराया गया।

कार्यक्रम का संचालन गौतम बुद्ध जागृति समिति के सचिव श्रीधर पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुनील कुमार, ममता, सुधा, संजना, अनीता, राम बहल एवं मुहम्मद मुस्लिम सहित अन्य सहयोगियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री पर उठे सवाल, शासन से जांच की मांग

विभागाध्यक्ष की शिकायत में नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग, शासन स्तर पर कार्रवाई का इंतजार


सिद्धार्थनगर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के एक विभागाध्यक्ष ने शासन को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि संबंधित शिक्षक की पीएचडी डिग्री और सेवा अवधि के बीच गंभीर विसंगतियां हैं। फिलहाल मामले की सत्यता की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी।


शिकायत में प्रमुख बिंदु

एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री पर सवाल।

पूर्णकालिक नौकरी के दौरान पीएचडी करने का आरोप।

प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई शिकायत।

शासन स्तर पर जांच की मांग।


स्थान : राजकीय मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर

मामला : पीएचडी डिग्री एवं नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल

शिकायतकर्ता : विभागाध्यक्ष (कम्युनिटी मेडिसिन)

शिकायत भेजी गई : प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश

स्थिति : मामले की जांच अथवा शासन की आधिकारिक कार्रवाई की प्रतीक्षा

विस्तृत समाचार

सिद्धार्थनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री को लेकर नया विवाद सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष द्वारा प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई शिकायत में संबंधित शिक्षक की शैक्षणिक योग्यता एवं नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर वर्ष 2013 से 2021 तक राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में पूर्णकालिक संविदा सेवा में कार्यरत थे। वहीं, इसी अवधि के दौरान वर्ष 2018 से 2021 के बीच उन्होंने इंदौर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से एनाटॉमी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय की निर्धारित उपस्थिति एवं अन्य शैक्षणिक मानकों का पालन नहीं किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में नियुक्ति के समय प्रस्तुत अभिलेखों की भी जांच की मांग की गई है।

मामले में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित विश्वविद्यालय का नाम पूर्व में भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान चर्चा में रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि संबंधित शिक्षक की डिग्री किसी अनियमितता का हिस्सा है। इसका निर्णय केवल सक्षम जांच एजेंसी अथवा शासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संभव होगा।

फिलहाल शासन अथवा मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर कोई सार्वजनिक आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर का पक्ष भी समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन शिकायत की जांच कराता है या नहीं तथा जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।

सारांश

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री और सेवा अवधि को लेकर विभागाध्यक्ष ने शासन से जांच की मांग की है। फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया से नहीं हुई है और संबंधित शिक्षक का पक्ष भी अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।


संपादकीय सुझाव (कानूनी सुरक्षा): इस खबर के साथ “आरोप”, “शिकायत के अनुसार”, “दावा किया गया है”, “जांच लंबित है” और “संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा” जैसे वाक्यों का उपयोग अवश्य रखें। इससे रिपोर्ट संतुलित रहेगी और मानहानि संबंधी कानूनी जोखिम कम होगा।

सिद्धार्थनगर: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, न्यायालय भेजा गया

📰 हेडिंग:

 

सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में दर्ज मुकदमे के वांछित आरोपी को पुलिस ने घटना दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। मामले की आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।


24 घंटे के भीतर कार्रवाई, डोमसरा मोड़ से गिरफ्तारी

त्रिलोकपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को डोमसरा मोड़ से गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।


जनपद: सिद्धार्थनगर

थाना: त्रिलोकपुर

गिरफ्तारी की तिथि: 10 जुलाई 2026

आरोप: नाबालिग से कथित दुष्कर्म

धाराएं: बीएनएस धारा 65(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6

गिरफ्तार आरोपी: राजेश कुमार, निवासी ग्राम डोमसरा, थाना त्रिलोकपुर, जनपद सिद्धार्थनगर

स्थिति: न्यायालय भेजा गया, विवेचना जारी

विस्तृत समाचार

सिद्धार्थनगर। जनपद में महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत त्रिलोकपुर पुलिस ने नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार थाना त्रिलोकपुर पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 126/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। इसी मामले में वांछित आरोपी राजेश कुमार पुत्र प्रहलाद, निवासी ग्राम डोमसरा, थाना त्रिलोकपुर को 10 जुलाई 2026 को डोमसरा मोड़ से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक कुमार महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में गठित टीम ने की।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय, हेड कांस्टेबल सरोज कुमार यादव, कांस्टेबल विशाल बौद्ध तथा कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल रहे।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। मामले की विवेचना प्रचलित है। न्यायालय में आरोप सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की दृष्टि में दोषी नहीं माना जाता।

सारांश

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में दर्ज मुकदमे के वांछित आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और आगे की कार्रवाई विधि के अनुसार की जाएगी।

 

लोटन ब्लॉक में पंचायत सचिव से कथित मारपीट, दो नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हेडिंग

लोटन ब्लॉक में पंचायत सचिव से कथित मारपीट, दो नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी व जातिसूचक शब्द कहने का आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच


स्थान: लोटन, सिद्धार्थनगर

दिनांक: 10 जुलाई 2026

मुख्य बिंदु:

पंचायत सचिव की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।

ब्लॉक सभागार में विभागीय कार्य के दौरान हुआ कथित विवाद।

मारपीट, धमकी और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप।

पुलिस ने निष्पक्ष जांच के बाद विधिक कार्रवाई का दिया भरोसा।


रिपोर्ट : FT NEWS DIGITAL ब्यूरो


सिद्धार्थनगर जिले के लोटन विकास खंड सभागार में तैनात एक पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट, अभद्रता, जान से मारने की धमकी और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर लोटन थाना पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष विवेचना कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। जनपद के लोटन विकास खंड में तैनात पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ब्लॉक सभागार में विभागीय कार्य के दौरान हुए विवाद के बाद पीड़ित पंचायत सचिव ने पुलिस को तहरीर देकर दो व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

तहरीर के अनुसार पंचायत सचिव रविंद्र कुमार जाटव गुरुवार को लोटन ब्लॉक सभागार में बैठकर विभागीय कार्यों का निस्तारण कर रहे थे। इसी दौरान पीयूष सिंह और गुड्डू यादव नामक दो व्यक्ति सभागार में पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने बिना किसी कारण गाली-गलौज शुरू कर दी। जब पंचायत सचिव ने इसका विरोध किया तो कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान आरोपियों द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया गया। घटना के बाद सचिव ने पुलिस से सुरक्षा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

तहरीर प्राप्त होने के बाद लोटन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

इस संबंध में थाना प्रभारी लोटन हरिओम कुशवाहा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना के बाद ब्लॉक परिसर में कुछ समय के लिए चर्चा का माहौल बना रहा। हालांकि प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से जारी रहे। पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह साक्ष्यों एवं कानून के आधार पर की जाएगी।

सारांश

लोटन ब्लॉक सभागार में पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप में दो व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला जांचाधीन है और अंतिम कार्रवाई विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

कानूनी अस्वीकरण: यह समाचार पुलिस में दर्ज तहरीर एवं प्राथमिकी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ता के हैं। आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

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