फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
विदाई के बाद मातम में बदली खुशियां, पोल से टकराई कार में दूल्हा-दुल्हन समेत पांच घायल

(FT News Digital) Siddharthnagar के जोगिया क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को चिंता में बदल दिया। विदाई के बाद घर लौट रही एक कार महदेवा तिवारी चौराहे के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी बाइक से टकराने के बाद बिजली के पोल को तोड़ते हुए पुलिया में जा घुसी। हादसे में दूल्हा-दुल्हन समेत पांच लोग घायल हो गए, जबकि एक किशोरी की हालत गंभीर बताई जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।

जानकारी के मुताबिक डुमरियागंज क्षेत्र से बारात सोहास इलाके के एक गांव में गई थी। विदाई के बाद परिवार के लोग वापस लौट रहे थे, तभी जोगिया-पकड़ी मार्ग पर यह हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद यह दुर्घटना हुई।

सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा तथा सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों की निगरानी में घायलों का उपचार जारी है।

पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर चालक को झपकी आने की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

 

सीमा के गांवों तक सरकार की सीधी दस्तक दुल्हा सुमाली में डीएम की चौपाल, योजनाओं की हकीकत परखी

सिद्धार्थनगर।
भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के विकास खण्ड बर्डपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत दुल्हा सुमाली में आयोजित ग्राम चौपाल में प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानी और अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचे।
ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने सीमावर्ती गांवों की सुरक्षा, विकास और जनकल्याण

IMG 20260508 WA1048योजनाओं को लेकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की “वाइब्रेंट विलेज” योजना के तहत सीमा क्षेत्र के गांवों में सड़क, कनेक्टिविटी और मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि सीमावर्ती इलाकों का विकास तेज हो सके।

IMG 20260508 WA1049
डीएम ने खुली भारत-नेपाल सीमा का जिक्र करते हुए ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है और तस्करी जैसी गतिविधियों को रोकने में जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।
चौपाल में आयुष्मान कार्ड, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पेंशन, राशन, बिजली बिल समाधान योजना, भूमि विवाद और वरासत जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

IMG 20260508 WA1046जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गरीब, किसान और जरूरतमंदों की समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील भी की गई। वहीं ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराई गई तथा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

IMG 20260508 WA1038
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वर्तमान ग्राम प्रधान नीतू पांडे एवं प्रधान प्रतिनिधि/प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप पांडे की भूमिका भी सराहनीय रही। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने तथा चौपाल को व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने में उनका विशेष योगदान देखने को मिला।

Screenshot 20260508 163305
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से वंचित रखने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान उपजिलाधिकारी नौगढ़ कल्याण सिंह मौर्य, क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान, जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

भारत-नेपाल सीमा पर हाईटेक सुरक्षा का मजबूत घेरा

ककरहवा बॉर्डर पर 23 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय, प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी

सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत तथा तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सिद्धार्थनगर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। संवेदनशील मानी जाने वाली ककरहवा अंतरराष्ट्रीय चेक पोस्ट पर अब हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शुक्रवार को 23 अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों सहित यात्री सुविधाओं का लोकार्पण कर सीमा सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की।

प्रशासन द्वारा “क्रिटिकल गैप्स योजना” के अंतर्गत लगाए गए ये कैमरे सीमा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखेंगे। अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से संदिग्ध गतिविधियों, अवैध आवाजाही तथा तस्करी जैसी चुनौतियों पर प्रभावी निगरानी रखने में सहायता मिलेगी। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी इसे अहम पहल माना जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सतर्कता एवं निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर 43वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट उज्जवल दत्ता, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित अन्य प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहे।

सीमा से गुजरने वाले यात्रियों और सुरक्षा कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चेक पोस्ट पर स्थायी कमरा एवं शौचालय निर्माण कार्य का भी लोकार्पण किया गया। स्थानीय लोगों ने सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था का स्वागत किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी संसाधनों से लैस यह पहल सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ आम नागरिकों में भी सुरक्षा का विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एसएसबी जवानों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।

सिद्धार्थनगर में पशुधन प्रसार अधिकारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन संपन्न, अरुण कुमार प्रजापति लगातार छठवीं बार बने अध्यक्ष Livestock Extension

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में पशुधन प्रसार अधिकारी संघ का द्विवार्षिक अधिवेशन एवं चुनाव कार्यक्रम पशु चिकित्सालय नौगढ़ सदर परिसर में शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जिले भर से आए पशुधन प्रसार अधिकारियों ने सहभागिता निभाई तथा संगठन की मजबूती और कर्मचारी एकता का संदेश दिया।

Screenshot 20260507 153457

अधिवेशन की अध्यक्षता वर्तमान जिला अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री अवनीश त्रिपाठी द्वारा किया गया। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने हेतु मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार को चुनाव अधिकारी नामित किया गया था। वहीं उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नौगढ़ सदर डॉ. राज बहादुर यादव पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान संघ पदाधिकारियों द्वारा उपस्थित अधिकारियों का पुष्प गुच्छ, माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र देकर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। इसके बाद जिला अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने पुरानी कार्यकारिणी को औपचारिक रूप से भंग करते हुए नई कार्यकारिणी गठन की प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया।

चुनाव अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने अध्यक्ष, मंत्री समेत सभी छह पदों की घोषणा करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ की। सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से अरुण कुमार प्रजापति को लगातार छठवीं बार निर्विरोध जिला अध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा अवनीश त्रिपाठी मंत्री, अरुण कुमार उपाध्यक्ष, अश्वनी मिश्रा संयुक्त मंत्री, अरविंद चौधरी कोषाध्यक्ष तथा अमित यादव ऑडिटर पद पर निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए।

संगठन विस्तार के तहत रमेश चंद, राजेश कुमार एवं देवेंद्र प्रताप को संरक्षक तथा अरुण कुमार पांडे को संगठन मंत्री नामित किया गया।

अधिवेशन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष अनिल सिंह एवं कोषाध्यक्ष महेश्वर पांडेय भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। संघ की ओर से उनका भी माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया।

चुनाव संपन्न होने के बाद सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने “कर्मचारी एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ विकासखंड क्षेत्र का भ्रमण कर संगठन की एकजुटता का प्रदर्शन किया।

नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष अरुण कुमार प्रजापति ने सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साथियों द्वारा दिए गए विश्वास और समर्थन के लिए वह सदैव ऋणी रहेंगे तथा कर्मचारियों की आवाज को मजबूती से उठाने का कार्य करते रहेंगे।

वहीं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि पशुधन प्रसार अधिकारी संघ परिषद का महत्वपूर्ण घटक संगठन है और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए परिषद हर संभव प्रयास करेगा।

कार्यक्रम में बृज किशोर गुप्ता, शशांक प्रभाकर चौधरी, अनिल साहनी, शैलेंद्र यादव, शैलेंद्र द्विवेदी, अखिलेश साहनी, जयराम यादव समेत जनपद भर के अनेक कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

सांसद कार्यालय पर हुआ डिजिटल जनगणना जागरूकता कार्यक्रम

सिद्धार्थनगर। देश की 16वीं जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होने जा रही जनगणना को लेकर सिद्धार्थनगर में जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित आवास एवं कार्यालय पर स्वयं जनगणना जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Screenshot 20260507 084747

कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सदर कल्याण सिंह मौर्य, जिला जनगणना अधिकारी नागेंद्र यादव तथा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह की मौजूदगी में सांसद जगदंबिका पाल ने अपने परिवार का पूरा विवरण डिजिटल माध्यम से दर्ज कराया तथा जनगणना आईडी प्राप्त की।

इस अवसर पर सांसद ने कहा कि कोविड महामारी के बाद लगभग 15 वर्षों के अंतराल पर देश में जनगणना प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग स्वयं अपने मोबाइल फोन के माध्यम से पंजीकरण कर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी और आगामी चरणों में जातिगत आंकड़ों का भी समावेश किया जाएगा।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि भारत की 16वीं जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर सितंबर 2026 तक चलेगा। यह प्रक्रिया दो चरणों—हाउस लिस्टिंग एवं जनगणना—में संपन्न होगी। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा।

कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एसपी अग्रवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जाहिर सिद्दीकी, सभासद अखंड प्रताप सिंह, रिंकू पाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सांसद जगदंबिका पाल की पहल से तराई क्षेत्र को बड़ी रेल सौगात

नई अमृत भारत रेल सेवा सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली रफ्तार, क्षेत्र में खुशी की लहर

maxresdefault

डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर।

डुमरियागंज सांसद  जगदंबिका पाल ने अपने आवास कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में सिद्धार्थनगर समेत पूरे तराई क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं और नई रेल सेवाओं की जानकारी देकर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। सांसद ने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं को लेकर लगातार किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

सांसद ने बताया कि दिल्ली से गोरखपुर होते हुए सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और गोंडा मार्ग पर नई अमृत भारत रेल सेवा के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से सिद्धार्थनगर सहित आसपास के जिलों के यात्रियों को राजधानी तक बेहतर और सुगम यात्रा सुविधा मिल सकेगी।

इसके साथ ही गोरखपुर नकहा जंगल से बढ़नी होते हुए लखनऊ तक नई यात्री रेल सेवा के संचालन को भी मंजूरी मिल गई है। सांसद ने कहा कि इससे प्रतिदिन यात्रा करने वाले छात्रों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव द्वारा भेजे गए पत्रों को सार्वजनिक करते हुए बताया कि बहुप्रतीक्षित बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-खलीलाबाद नई रेल लाइन परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग पचास प्रतिशत भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा वन भूमि से संबंधित आवश्यक कार्रवाई भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

सांसद ने कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में पूरे तराई क्षेत्र के विकास की नई आधारशिला साबित होगी तथा रोजगार, व्यापार और आवागमन को नई गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि कानपुर से गोरखपुर चलने वाली चौरी-चौरा रेल सेवा को बढ़नी तक विस्तारित करने तथा गोरखपुर से आनंद विहार चलने वाली हमसफर रेल सेवा का प्रतिदिन संचालन शुरू कराने की मांग पर रेलवे स्तर पर परीक्षण प्रक्रिया जारी है। परीक्षण पूर्ण होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि जनता की हर मांग को गंभीरता से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जा रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, फतेह बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पत्रकार वार्ता के दौरान क्षेत्र में रेल विकास को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला।

बांसी तहसील में गरजी आजाद अधिकार सेना, गैस संकट और बढ़ती कीमतों पर सरकार से मांगा जवाब

सिद्धार्थनगर जिले की बांसी तहसील में आजाद अधिकार सेना ने जिलाध्यक्ष उपेन्द्र चतुर्वेदी के नेतृत्व में जोरदार जनजागरूकता अभियान चलाते हुए रसोई गैस संकट को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। संगठन ने उपजिलाधिकारी बांसी के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर गैस आपूर्ति व्यवस्था में सुधार और बढ़ती कीमतों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि देश में रसोई गैस की भारी कमी, लंबी वेटिंग, कालाबाजारी और आपूर्ति बाधित होने से आम नागरिक परेशान हैं। कई क्षेत्रों में गैस सिलेंडर समय से नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा और अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन रही है।
संगठन ने आरोप लगाया कि मई 2026 में 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 933 रुपये और 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर में 261 रुपये की बढ़ोतरी ने छोटे व्यापारियों और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है।
आजाद अधिकार सेना ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि खराब योजना, दूरदर्शिता की कमी, बफर स्टॉक का अभाव और पारदर्शिता में कमी के कारण यह संकट और गहरा हुआ है।
संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार तत्काल श्वेत पत्र जारी करे, सर्वदलीय समिति का गठन करे, गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए और कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई करे। साथ ही रसोई गैस की कीमतों में आगे बढ़ोतरी रोकने की मांग भी उठाई गई।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि आम जनता की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षामित्रों को बढ़े मानदेय का चेक वितरण का सिद्धार्थनगर में लाइव प्रसारण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर से शिक्षामित्रों के सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सिद्धार्थनगर के लोहिया कला भवन में देखा गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह मौजूद रहे।

सभी अतिथियों ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

शिक्षामित्रों के मानदेय में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बताया कि पहले शिक्षामित्रों को ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे पहले बढ़ाकर ₹10,000 किया गया और अब ₹8000 की बढ़ोतरी के साथ ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल से लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

महिला शिक्षामित्रों को मिलेगी नजदीकी तैनाती

मुख्यमंत्री ने महिला शिक्षामित्रों के लिए राहत की बात करते हुए कहा कि उन्हें उनके घर के नजदीक विद्यालयों में तैनाती देने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इससे उनकी कार्यक्षमता और सुविधा दोनों बढ़ेगी।

गुणवत्तापूर्ण और डिजिटल शिक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच के साथ बच्चों को डिजिटल और तकनीकी शिक्षा दें। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को विश्वास के साथ स्कूल भेजते हैं, इसलिए शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

स्कूल चलो अभियान’ से ड्रॉपआउट खत्म करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत ड्रॉपआउट बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

विद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार

सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें, जूते-मोजे और बैग दिए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।

विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों की भूमिका ग्रामीण शिक्षा में बेहद महत्वपूर्ण है।

अन्य विधायकों ने भी इस निर्णय को सराहनीय बताते हुए शिक्षामित्रों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की अपील की।

प्रतीकात्मक चेक वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान 10 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक वितरित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के बच्चों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग दिया।

अधिकारियों का संदेश

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने शिक्षकों से समय पर विद्यालय पहुंचने और एआई जैसी नई तकनीकों की जानकारी बच्चों को देने की अपील की। उन्होंने सभी शिक्षामित्रों को बधाई दी।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस दौरान सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी, शिक्षामित्र एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।