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परशुराम जयंती पर निकली शोभायात्रा

सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज।सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा परसपुर बहेरिया में भगवान श्री परशुराम जी की जन्म जयंती के शुभ अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकालकर उत्साह एवं श्रद्धा के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया। इस पावन अवसर पर डुमरियागंज के लोकप्रिय सांसद माननीय श्री जगदंबिका पाल जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत शोभायात्रा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवा एवं क्षेत्रीय नागरिक पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। शोभायात्रा पूरे ग्राम क्षेत्र में भ्रमण करते हुए भक्ति एवं उत्साह का संदेश प्रसारित करती रही। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत एवं पुष्पवर्षा की गई, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय एवं उत्सवमय हो गया।

इस अवसर पर माननीय सांसद श्री जगदंबिका पाल जी ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम जी के जीवन एवं आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन हमें धर्म, सत्य, साहस और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक जागरूकता को मजबूत करते हैं।

माननीय सांसद जी ने आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में सच्चिदानंद पांडे, लव कुश पांडे, अरुण शुक्ला, महेंद्र शुक्ला, दुर्गेश पांडे, विश्वनाथ पांडे, दीनानाथ दुबे, मकसूदन पांडे, दिलीप पांडे, राजेश पांडे सहित सैंकड़ों की की संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, युवा एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

सिद्धार्थनगर सहित पूरे यूपी के विद्यालयों में समय बदला, अब नए समय से खुलेंगे विद्यालय

उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और लू (हीट वेव) को देखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है, ताकि बच्चों को तेज धूप और गर्मी से बचाया जा सके।

सुबह 7.30 बजे खुलेगा स्कूल

अब प्रदेश के सभी परिषदीय (सरकारी) स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे।

छात्र-छात्राएं सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक स्कूल में रहेंगे

शिक्षक और कर्मचारी 1:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहेंगे

प्रार्थना सभा और योग: 7:30 से 7:40 बजे तक

मध्यावकाश (लंच ब्रेक): 10:00 से 10:15 बजे तक

इस बदलाव का मकसद है कि पढ़ाई का समय सुबह की ठंडी अवधि में पूरा हो सके और बच्चों को लू से बचाया जा सके।

प्राइवेट (मान्यता प्राप्त) स्कूलों को भी इस स्थिति को देखते हुए अपने स्तर पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। उनकी प्रबंधन समितियां जरूरत के अनुसार समय तय कर सकती हैं।

शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

प्रदेश में तापमान लगातार बढ़ रहा है और दोपहर में लू का प्रकोप तेज हो जाता है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।

इलाज के दौरान युवती की मौत, जांच में जुटी पुलिस

इटवा क्षेत्र का मामला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

सिद्धार्थनगर (इटवा)

थाना क्षेत्र के समरी गांव की 21 वर्षीय युवती की तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पूनम विश्वकर्मा (21 वर्ष) पुत्री अंगद विश्वकर्मा, निवासी समरी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, 19 तारीख की रात में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा ले जाया गया।

चिकित्सकों ने स्थिति गंभीर देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना से पूर्व घर में कुछ कहासुनी हुई थी। हालांकि, मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

बताया जा रहा है कि युवती का विवाह आगामी 19 जून को थाना क्षेत्र के ग्राम तरैनी में प्रस्तावित था। इस घटना के बाद परिवार में खुशी का माहौल शोक में बदल गया है।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।


पूनम विश्वकर्मा (फोटो : परिजनों द्वारा उपलब्ध)

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19 जून को प्रस्तावित था विवाह

 तबीयत बिगड़ने पर CHC से किया गया रेफर

 पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होंगे कारण


Siddharthnagar News: इटवा में 21 वर्षीय युवती की इलाज के दौरान मौत, जांच जारी

 

चादर में लिपटी मिली दुधमुंही बच्ची, राहगीरों की सूझबूझ से बची जान

इटवा, सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)

इटवा थाना क्षेत्र के विशुनपुर सैनी गांव के समीप एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां निर्माणाधीन आईटीआई विद्यालय के पास स्थित इटवा शाखा नहर के किनारे एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली। घटना के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

घटना का समय:

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार तड़के की बताई जा रही है, जब कुछ राहगीर नहर की पटरी से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक चादर में बंधे बंडल पर पड़ी।

रोने की आवाज से खुला राज:

राहगीर पहले तो रुक गए, लेकिन तभी उस बंडल से रोने की आवाज सुनाई दी। शक होने पर जब पास जाकर देखा गया तो उसमें एक दुधमुंही बच्ची मिली। यह दृश्य देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस और राहत कार्रवाई:

स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा पहुंचाया।

बेहतर इलाज के लिए रेफर:

प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

जांच शुरू:

पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्ची को वहां छोड़ने वालों का पता लगाया जा सके।

समाज के लिए संदेश

नवजात को इस तरह छोड़ना गंभीर अपराध है

किसी भी आपात स्थिति में कानूनी और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं

समाज को ऐसे मामलों में संवेदनशील और सतर्क रहने की जरूरत है


यह खबर स्थानीय सूचना और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।

 

“कार्यकाल की उलटी गिनती शुरू: 26 मई से पहले खर्च पर सख्ती, यूपी में पंचायत चुनाव की आहट”

सिद्धार्थनगर में प्रशासन का स्पष्ट निर्देश—खाते से अधिक खर्च पर तय होगी जिम्मेदारी, बकाया से बचने पर जोर


सिद्धार्थनगर / उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि में प्रशासनिक सक्रियता तेज होती नजर आ रही है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर जनपद से एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी हुआ है, जिसने पंचायत स्तर पर कामकाज की दिशा को स्पष्ट कर दिया है।

Screenshot 20260419 165909जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 26 मई 2026 को वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इस तय समयसीमा के मद्देनजर प्रशासन ने वित्तीय अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। क्या है प्रशासन का निर्देश?

निर्देश में कहा गया है कि

25 मई 2026 तक ग्राम पंचायत के खाते में उपलब्ध धनराशि के अनुरूप ही कार्य कराए जाएं।

 कार्यकाल समाप्त होने के बाद कोई भी भुगतान लंबित न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते वित्तीय संतुलन नहीं बनाया गया, तो भविष्य में भुगतान विवाद और कानूनी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।

जिम्मेदारी भी तय

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि

यदि किसी भी स्थिति में उपलब्ध धनराशि से अधिक व्यय किया जाता है और बाद में भुगतान या विवाद की स्थिति बनती है, तो संबंधित स्तर पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी निर्धारित की जा सकती है।

यह निर्देश सीधे तौर पर पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

मानदेय भुगतान पर विशेष जोर

प्रशासन ने पंचायत स्तर पर कार्यरत

पंचायत सहायकों

सामुदायिक शौचालय के केयरटेकर

के मानदेय भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी कर्मचारी का भुगतान लंबित न रहे और व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

चुनावी पृष्ठभूमि में बढ़ी सतर्कता

गौरतलब है कि पूरे उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगामी समय में प्रस्तावित है, ऐसे में यह निर्देश सिर्फ एक जनपद तक सीमित नहीं बल्कि व्यापक प्रशासनिक दृष्टिकोण का संकेत माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कार्यकाल समाप्ति से पहले वित्तीय अनुशासन लागू करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि

नई पंचायतों को साफ-सुथरी वित्तीय स्थिति मिले

पुराने कार्यकाल के बकाया और विवाद आगे न बढ़ें

शासन की पारदर्शिता नीति जमीनी स्तर पर प्रभावी हो

प्रशासन का संदेश साफ

इस पूरे निर्देश से प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि

कार्यकाल समाप्ति से पहले हर पंचायत अपना वित्तीय लेखा-जोखा संतुलित करे

 अनावश्यक खर्च और बकाया से बचा जाए

 नियमों के अनुसार ही कार्य संपन्न किए जाएं


“चुनाव से पहले हिसाब-किताब दुरुस्त करने का संदेश, पंचायतों में बढ़ी सतर्कता”

 

नियमों से चलेगा दवा कारोबार, पारदर्शिता पर जोर — सांसद जगदंबिका पाल का सख्त संदेश

नियमों से चलेगा दवा कारोबार, पारदर्शिता पर जोर — सांसद जगदंबिका पाल का सख्त संदेश

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सिद्धार्थनगर | 19 अप्रैल 2026

जनपद में दवा व्यवसाय को पारदर्शी और नियमबद्ध बनाने की दिशा में रविवार को बड़ा संदेश सामने आया, जब केमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन का जिला सम्मेलन भीमापार स्थित होटल व्हाइट पैलेस में आयोजित हुआ।

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने साफ शब्दों में कहा कि दवा कारोबार में नियमों से कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन ईमानदार व्यापारियों का उत्पीड़न भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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सम्मेलन की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती पूजन से हुई, जिसके बाद विशेषज्ञों ने दवा व्यवसाय से जुड़ी चुनौतियों और समाधान पर खुलकर चर्चा की।

विशिष्ट अतिथि सुरेश गुप्ता ने लाइसेंस रिन्यूअल/रिटेंशन के नए डिजिटल सिस्टम ONDNS पोर्टल की जानकारी देते हुए कहा कि अब दवा कारोबार को पूरी तरह डिजिटल और ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जा रहा है।

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उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि दवाओं की खरीद-बिक्री केवल डॉक्टर के पर्चे और वैध बिल के जरिए ही होनी चाहिए—यही सुरक्षित और वैधानिक व्यवस्था है।

सम्मेलन में यह भी संदेश दिया गया कि नियमों का पालन ही दवा व्यवसाय की विश्वसनीयता और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रामचन्द्र गुप्ता ने की, जबकि संचालन मुश्ताक अहमद ने किया। बड़ी संख्या में दवा व्यापारी और संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।


“दवा कारोबार पर सख्ती: नियम से काम करें, सुरक्षा और सम्मान दोनों मिलेगा”

 

“रिकॉर्ड गायब… कार्रवाई शुरू: हरैया पंचायत में सचिव निलंबित, प्रधान पर नोटिस”

“जांच में असहयोग और रिकॉर्ड न देने पर प्रशासन सख्त—15 दिन में जवाब नहीं तो अधिकार होंगे सीज”


सिद्धार्थनगर | FT News (Friend Times) डेस्क


जांच में अभिलेख न देने पर सख्ती

सचिव सुभाष चंद्र निलंबित

प्रधान अब्दुल कयूम को नोटिस

15 दिन में जवाब अनिवार्य

जवाब न मिलने पर अधिकार सीज संभव


सिद्धार्थनगर जनपद के जोगिया विकास खंड स्थित हरैया ग्राम पंचायत में कथित अनियमितताओं का मामला अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। मीडिया में मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता कपिल देव द्वारा पंचायत में कराए गए विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे, जिसके आधार पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन के निर्देश पर जांच कराई गई।

चार अप्रैल को पंचायत भवन में जांच के दौरान संबंधित अभिलेख मांगे गए, लेकिन ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम और ग्राम सचिव सुभाष चंद्र द्वारा संतोषजनक रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच टीम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए दोनों की भूमिका को प्रथम दृष्टया संदिग्ध बताया।

इसी आधार पर प्रशासन ने ग्राम सचिव सुभाष चंद्र को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, ग्राम प्रधान अब्दुल कयूम को पंचायत राज अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए जा सकते हैं, साथ ही पंचायत संचालन के लिए एक वैकल्पिक समिति गठित की जाएगी।


प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई प्रथम दृष्टया तथ्यों और जांच आख्या के आधार पर की गई है, अंतिम निर्णय विस्तृत जांच और प्राप्त स्पष्टीकरण के बाद लिया जाएगा।

 

“लालजी त्रिपाठी से ‘पीढ़ा बाबा’ तक: 380 कन्याओं को मिला विवाह संस्कार का पवित्र आसन”

 

2012 से लगातार सेवा, सिद्धार्थनगर में पीढ़ा वितरण बन रहा संस्कृति संरक्षण का मिशन

उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर (नौगढ़)

आधुनिकता की दौड़ में जहां पारंपरिक संस्कार धीरे-धीरे पीछे छूटते जा रहे हैं, वहीं नौगढ़ ब्लॉक के कपिया चौराहे पर एक ऐसी पहल सामने आई है, जो भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूती देने का काम कर रही है।

पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष लालजी त्रिपाठी, जो अब पूरे जनपद में ‘पीढ़ा बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुके हैं, द्वारा “पीढ़ा संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन” के उद्देश्य से भव्य पीढ़ा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस दौरान हिन्दू कन्याओं के विवाह में उपयोगी आम की लकड़ी से बने 380 पवित्र पीढ़ों का वितरण किया गया। यह पीढ़ा विवाह संस्कार का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, जिस पर बैठकर वर-वधू वैवाहिक बंधन में बंधते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक राजीव नयन जी ने कहा कि बेटियों का सम्मान और संरक्षण ही संस्कृति और पर्यावरण की सुरक्षा की आधारशिला है। उन्होंने इस पहल को समाज को जोड़ने वाला और भारतीय परंपराओं को सहेजने वाला सराहनीय प्रयास बताया।

सहकारी समिति अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि पीढ़ा वितरण न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी है।

कार्यक्रम के आयोजक ‘पीढ़ा बाबा’ ने बताया कि वह वर्ष 2012 से लगातार इस पुनीत कार्य को कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू विवाह में पीढ़ा केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि संस्कारों का प्रतीक है और यही सेवा अब उनकी पहचान बन चुकी है।

इस अवसर पर समाजसेवी श्यामजी जायसवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत जायसवाल नगर पंचायत प्रतिनिधि रवि अग्रवाल, अरुणा मिश्रा, पवन मिश्र सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पद्माकर शुक्ल द्वारा किया गया।

 

“सड़क पर सख्ती का पहरा: रात में चेकिंग, दिन में जागरूकता—सिद्धार्थनगर में ट्रैफिक का डबल एक्शन”

सिद्धार्थनगर।
जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर अब केवल अपील नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई भी देखने को मिल रही है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने दिन में जागरूकता और रात में चेकिंग अभियान चलाकर स्पष्ट संदेश दिया—“नियम मानिए, वरना कार्रवाई तय है।”

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अभियान के दौरान सड़कों पर खड़े वाहनों की गहन जांच की गई। ट्रकों और अन्य वाहनों को रोककर दस्तावेज, हेल्मेट और सीटबेल्ट की जांच की गई। इस दौरान 86 वाहनों की चेकिंग में नियमों का पालन करने वालों को सराहा गया, वहीं लापरवाही बरतने वालों पर सीधे कार्रवाई की गई।

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15 वाहन चालकों पर हेल्मेट न पहनने का चालान
 5 वाहन चालकों पर सीटबेल्ट न लगाने की कार्रवाई
अभियान की खास बात यह रही कि अधिकारी खुद सड़क पर उतरकर निरीक्षण करते नजर आए। टीम ने रात के समय भी चेकिंग कर यह साफ कर दिया कि अब निगरानी 24 घंटे जारी रहेगी।
इस अभियान का नेतृत्व एआरटीओ संजय कुमार सिंह और प्रभारी यातायात अमरेश यादव ने किया, जिनके साथ प्रवर्तन टीम लगातार सक्रिय रही।
अधिकारियों ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि


हेल्मेट और सीटबेल्ट केवल नियम नहीं, जीवन रक्षा का कवच हैं
 लापरवाही सड़क पर भारी पड़ सकती है

“घूस कांड से भनवापुर ब्लॉक में भूचाल! बाबू गिरफ्तार, अब गिरेगी ट्रांसफर की गाज?”

उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लॉक में आंगनबाड़ी भर्ती से जुड़े कथित घूस कांड ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के कार्यालय में तैनात एक कनिष्ठ सहायक को एंटी करप्शन टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद ब्लॉक मुख्यालय पर दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

सूत्रों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में लेनदेन की शिकायत मिलने के बाद बस्ती मंडल की भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने जाल बिछाया। भनवापुर स्थित कार्यालय में ही टीम ने आरोपी को कथित रिश्वत लेते समय पकड़ लिया। शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी की नियुक्ति के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया था।

इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब विभागीय हलकों में ट्रांसफर और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई की चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि मामले की जांच के बाद संबंधित कार्यालय के अन्य कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी असर पड़ सकता है।

आरोपी को कोतवाली बांसी लाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी बाद में मिली, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

 

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