चादर में लिपटी मिली दुधमुंही बच्ची, राहगीरों की सूझबूझ से बची जान
इटवा, सिद्धार्थनगर (उत्तर प्रदेश)
इटवा थाना क्षेत्र के विशुनपुर सैनी गांव के समीप एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां निर्माणाधीन आईटीआई विद्यालय के पास स्थित इटवा शाखा नहर के किनारे एक नवजात बच्ची परित्यक्त अवस्था में मिली। घटना के सामने आते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
घटना का समय:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार तड़के की बताई जा रही है, जब कुछ राहगीर नहर की पटरी से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर एक चादर में बंधे बंडल पर पड़ी।
रोने की आवाज से खुला राज:
राहगीर पहले तो रुक गए, लेकिन तभी उस बंडल से रोने की आवाज सुनाई दी। शक होने पर जब पास जाकर देखा गया तो उसमें एक दुधमुंही बच्ची मिली। यह दृश्य देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस और राहत कार्रवाई:
स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पीआरवी टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इटवा पहुंचाया।
बेहतर इलाज के लिए रेफर:
प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा हेतु माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
जांच शुरू:
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में पूछताछ और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बच्ची को वहां छोड़ने वालों का पता लगाया जा सके।
समाज के लिए संदेश
नवजात को इस तरह छोड़ना गंभीर अपराध है
किसी भी आपात स्थिति में कानूनी और सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं
समाज को ऐसे मामलों में संवेदनशील और सतर्क रहने की जरूरत है
यह खबर स्थानीय सूचना और पुलिस कार्रवाई पर आधारित है। मामले की जांच जारी है और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।


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