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सिद्धार्थनगर के बांसी तहसील के सामने काका बेकर्स में चोरी, 17 हजार नगद और CCTV DVR ले उड़े चोर

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के ठीक सामने और बांसी कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर स्थित काका बेकर्स में बीती रात अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। संवेदनशील इलाके में स्थित दुकान का पीछे का शटर तोड़कर चोर अंदर घुसे और नगदी समेत सीसीटीवी का डीवीआर लेकर फरार हो गए।

पीछे का शटर तोड़कर दुकान में घुसे चोर

दुकान मालिक के अनुसार, “चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का शटर तोड़ा और देर रात अंदर प्रवेश किया। दुकान के भीतर रखे लगभग 17 हजार रुपये नगद और सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर अपने साथ ले गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके।”

सुबह जब दुकान मालिक मौके पर पहुंचे तो शटर टूटा देख उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

दुकान मालिक ने जताई नाराजगी

दुकान मालिक राहुल सिंह ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहाकि—

यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी दुकान इतने संवेदनशील स्थान पर है। सामने तहसील है और थोड़ी दूरी पर कोतवाली, इसके बावजूद चोरी हो गई। चोर 17 हजार रुपये कैश और सीसीटीवी का डीवीआर उठा ले गए। हमने कोतवाली में तहरीर दे दी है। कोतवाल साहब मौके पर आए थे और घटनास्थल का मुआयना किया है।”

 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

तहसील और कोतवाली के बेहद करीब स्थित दुकान में हुई इस चोरी की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को पकड़ने में सफल होती है।

क्षेत्र में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में भी डर का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि तहसील और कोतवाली के सामने स्थित दुकान सुरक्षित नहीं है तो बाकी दुकानों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

नेपाल तराई में बदलती सियासी हवा: क्या परंपरागत दलों का गढ़ ढह रहा है?

नेपाल के तराई क्षेत्र में इस बार चुनावी माहौल कुछ अलग नजर आ रहा है। रवि लामिछाने की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार बालेन शाह के रोड शो में उमड़ी भीड़ ने परंपरागत राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है।

भारत सीमा से सटे कपिलवस्तु जिला और रूपन्देही जिला में हुए इन रोड शो में भारी जनसमर्थन देखने को मिला। दोनों नेताओं के कार्यक्रम अलग-अलग समय पर हुए, लेकिन भीड़ का उत्साह लगभग समान रहा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि तराई क्षेत्र की राजनीति किसी नए मोड़ की ओर बढ़ रही है।

तराई: परंपरागत दलों का गढ़, अब नई चुनौती

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगभग 23 जिले आते हैं और यहां की आबादी करीब 90 लाख मानी जाती है। यह इलाका लंबे समय से नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) और विभिन्न मधेशी दलों का मजबूत आधार रहा है।

हिंदू बहुल इस क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भारत से गहरा जुड़ाव महसूस किया जाता है। ऐसे में मतदाताओं का परंपरागत दलों से हटकर नई पार्टी की ओर झुकाव राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका रहा है।

लोकप्रियता और विवाद: रवि लामिछाने फैक्टर

पूर्व गृहमंत्री रह चुके रवि लामिछाने अपनी टीवी एंकरिंग और जनसरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के कारण व्यापक लोकप्रियता रखते हैं। हालांकि वे अमेरिकी नागरिकता विवाद और धोखाधड़ी के एक मामले में जेल जाने को लेकर सुर्खियों में भी रहे।

अपने संबोधनों में वे धर्म आधारित राजनीति से दूरी बनाने की अपील करते नजर आते हैं। इससे शहरी और युवा मतदाताओं के बीच उनकी छवि एक वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में उभर रही है।

बालेन शाह की शैली और प्रतीकात्मक संदेश

काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह अपने रोड शो के दौरान स्थानीय मंदिरों में दर्शन करते दिखाई दिए। रूपन्देही और कपिलवस्तु में उन्होंने प्रसिद्ध मरचाई माता मंदिर से अपना कार्यक्रम शुरू किया।

उनका आत्मविश्वास और समर्थकों का उत्साह ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो चुनावी परिणाम उनके पक्ष में तय हों। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रैलियों की भीड़ हमेशा चुनावी जीत की गारंटी नहीं होती।

क्या बदलेगा चुनावी गणित?

राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि इस बार तराई में समीकरण बदल सकते हैं। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को कम आंकना वास्तविकता से आंखें मूंदने जैसा होगा।

हालांकि अंतिम फैसला मतपेटियों में बंद है। अक्सर मतदान के दिन मतदाताओं का रुझान बदल जाता है और नतीजे चौंकाने वाले आते हैं। फिर भी इस बार तराई में दिख रही हलचल पारंपरिक दलों के लिए चेतावनी संकेत जरूर है।

नेपाल के तराई क्षेत्र में उभरता जनसमर्थन यह संकेत दे रहा है कि मतदाता विकल्प तलाश रहे हैं। क्या यह बदलाव सत्ता परिवर्तन का कारण बनेगा या पारंपरिक दल वापसी करेंगे—यह आने वाला चुनाव तय करेगा। फिलहाल इतना तय है कि तराई की राजनीति नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है।

रामपुर अधिवक्ता हत्याकांड में सिविल बार एसोसिएशन की आपात बैठक, प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। सिविल बार एसोसिएशन सिद्धार्थनगर की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिवक्ताओं ने एकमत होकर रामपुर कांड में अधिवक्ता फारूक अहमद की नृशंस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक में घटना को न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

अधिवक्ता सुरक्षा को लेकर प्रमुख मांगें

बैठक के उपरांत महामहिम राज्यपाल महोदय को संबोधित ज्ञापन, जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गईं:

*अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को उत्तर प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

* मृतक अधिवक्ता के मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दिन-प्रतिदिन कर त्वरित निस्तारण किया जाए तथा अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

* मृतक अधिवक्ता के परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए।

बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख उपस्थिति

बैठक की अध्यक्षता अखंड प्रताप सिंह (अध्यक्ष) ने की।

इस अवसर पर इंदु कुमार सिंह (पूर्व अध्यक्ष), वीरेंद्र श्रीवास्तव (पूर्व अध्यक्ष), विमल मिश्रा (पूर्व अध्यक्ष), मनोज कुमार मिश्रा (सदस्य कार्यकारिणी), विकास मिश्रा, सतीश कुमार चौरसिया, सच्चिदानंद झा, श्री कृष्णा मिश्रा, ब्रह्मदेव मिश्रा, असगर अली, बृजेश कुमार पांडे, प्रमोद सिंह, दिव्य प्रकाश शुक्ला (प्रशासनिक मंत्री), विजेंद्र पांडे (पूर्व महामंत्री), अजय कुमार पांडे, प्रदीप सिंह, नागेंद्र नाथ पांडे (पूर्व कोषाध्यक्ष), राजेश मिश्रा (सदस्य कार्यकारिणी), दिनेश तिवारी (पूर्व कोषाध्यक्ष), देवेंद्र मणि त्रिपाठी, मिथिलेश मिश्रा, सुधाकर मिश्रा, अच्युतानंद मिश्र, नारद मुनि पांडे, मनोज मिश्रा, बृजेश पाठक, विवेक पांडे, अखिलेश कुमार, रवि कुमार पांडे, मराकर पांडे, राम शंकर पांडे, अश्वनी श्रीवास्तव, उमाशंकर पांडे, अशोक त्रिपाठी, ओम शंकर पांडे सहित अनेक अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।

जोरदार नारेबाजी और ज्ञापन सौंपा

बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा—

“अधिवक्ता के हत्यारे को फांसी दो, फांसी दो!”

“अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करो, लागू करो!”

इसके पश्चात सभी अधिवक्ता जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे।

जिलाधिकारी का आश्वासन

जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने ज्ञापन को महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने अधिवक्ता समुदाय को आश्वस्त किया कि वे जिलाधिकारी रामपुर से वार्ता कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।

TET अनिवार्यता पर केंद्रीय मंत्री के बयान से भड़के शिक्षक, सिद्धार्थनगर में पुतला दहन और प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर: संसद में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के लिखित जवाब के बाद वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा की भावना गहरा गई है। इस मुद्दे को लेकर जिले में शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया और मामला अब आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन

बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के बयान की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई गई और पुतला दहन भी किया गया।

पुरानी नियुक्तियों पर नई शर्तें स्वीकार नहीं

प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर हुई थी, जब टीईटी (TET) लागू नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद नई अनिवार्यता लागू करना शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों शिक्षकों की नौकरी की स्थिरता और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

सरकार से जल्द स्पष्टीकरण की मांग

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत नहीं दी गई तो संगठन वृहद आंदोलन शुरू करेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अनिश्चितता की स्थिति जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा विरोध किया जाएगा।

एकजुटता के साथ संघर्ष का संकल्प

प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर लालजी यादव, इन्द्रसेन सिंह, शिवाकांत दूबे, सुधाकर मिश्र, करूणेश मौर्य, शैलेंद्र मिश्र, रामशंकर पांडेय, आनंद राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।

इटावा में पत्नी ने पति को कुल्हाड़ी से काटा

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी पत्नी अपनी दोनों बेटियों को लेकर मौके से फरार हो गई। इस वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और घर में कोहराम मच गया।

पड़ियापुर गांव का मामला

जानकारी के अनुसार, भरथना थाना क्षेत्र के पड़ियापुर गांव निवासी रणवीर सिंह यादव (45) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घर में खून फैला मिला और घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।

प्रेम संबंध को लेकर हत्या का आरोप

मृतक के भाई लालू यादव ने आरोप लगाया कि रणवीर की शादी वर्ष 2018 में पूजा से हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि पूजा का अर्पित नामक युवक से प्रेम संबंध था। परिवार को इस बारे में जानकारी भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रणवीर की हत्या कर दी और बच्चियों को लेकर फरार हो गई।

मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही भरथना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को कब्जे में ले लिया है। एसपी ग्रामीण सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

क्या बोले अपर पुलिस अधीक्षक?

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पड़ियापुर गांव में हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया परिजनों ने पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया है।

गांव में तनाव, पुलिस अलर्ट

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और दोनों बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

नीमच में मधुमक्खी हमले की घटना: बच्चों को बचाने के प्रयास में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत

नीमच (मध्य प्रदेश)। नीमच जिले से सामने आई एक दुखद घटना में आंगनवाड़ी केंद्र में मधुमक्खियों के हमले के दौरान बच्चों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रही एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान कंचन बाई मेघवाल के रूप में हुई है, जो स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ी बताई जा रही हैं।

प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब आंगनवाड़ी केंद्र में करीब 20 से 25 बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने केंद्र के आसपास हमला कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को बचाने के प्रयास में कंचन बाई मेघवाल ने उन्हें सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि इस दौरान कंचन बाई को मधुमक्खियों के कई डंक लगे, जिससे उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि प्रशासन द्वारा मृत्यु के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुँचे। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा मानकों में कोई चूक हुई थी या नहीं।

मृतका के पारिवारिक हालात को देखते हुए बताया जा रहा है कि उनके पीछे पति और तीन छोटे बच्चे हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं अन्य सरकारी लाभों के संबंध में प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।

फिलहाल यह मामला प्रशासनिक जांच के अधीन है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

 

सिद्धार्थनगर बार एसोसिएशन की बड़ी कार्रवाई: अधिवक्ता इजहार अहमद खान की सदस्यता समाप्त, चैम्बर सील

सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने अधिवक्ता इजहार अहमद खान के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी है। कार्यकारिणी के सर्वसम्मत निर्णय के बाद उनके चैम्बर को भी तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

आपातकालीन बैठक में लिया गया निर्णय

जानकारी के अनुसार, दिनांक 03 फरवरी 2026 को सायं 4 बजे बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह की अध्यक्षता एवं महामंत्री कृपाशंकर त्रिपाठी के संचालन में आयोजित की गई। बैठक में सभी कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि इजहार अहमद खान द्वारा अधिवक्ता समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, जिसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग कार्यकारिणी को सुनाई गई। इसके बाद उन्हें 6 फरवरी 2026 तक स्पष्टीकरण देने हेतु नोटिस जारी किया गया था।

स्पष्टीकरण न मिलने पर बढ़ी कार्रवाई

निर्धारित समय तक संतोषजनक जवाब न मिलने पर 6 फरवरी को दोपहर 1 बजे पुनः कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई। बैठक में पूर्व में लगे आरोपों और हालिया घटनाओं पर चर्चा के बाद कार्यकारिणी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

कार्यकारिणी ने जताई गंभीर आपत्ति

बैठक में बताया गया कि अधिवक्ता पर पूर्व में भी विवादित आचरण के आरोप लग चुके हैं। हालिया घटना के बाद बार परिसर और अधिवक्ता समुदाय में आक्रोश का माहौल बताया गया। कार्यकारिणी ने इसे बार की गरिमा और अनुशासन के विरुद्ध मानते हुए कड़ा कदम उठाया।

सदस्यता समाप्त, चैम्बर किया गया सील

कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से इजहार अहमद खान की बार एसोसिएशन सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया। साथ ही उनके चैम्बर को सील कर कार्यकारिणी के नियंत्रण में लेने का आदेश दिया गया, जिसका तत्काल अनुपालन भी कराया गया।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि

बार एसोसिएशन अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह और पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की गरिमा, अनुशासन और पेशे की मर्यादा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और भविष्य में भी किसी भी अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Breaking News: यूपी में SIR की तारीख एक माह बढ़ी, अब 6 मार्च तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति

उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दावा और आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया गया है। अब मतदाता 6 मार्च 2026 तक नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में फॉर्म-6 प्राप्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

अब 6 मार्च तक मिलेगा मतदाताओं को मौका

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने और संशोधन के लिए अब 6 मार्च तक समय मिलेगा

नोटिसों का निराकरण 27 मार्च 2026 तक किया जाएगा

अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी

हर बूथ पर रोज दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि

बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) हर दिन

सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक

अपने-अपने पोलिंग स्टेशनों पर मौजूद रहेंगे

फॉर्म भरने में मतदाताओं की सहायता करेंगे और जरूरी प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे

राज्यभर में 8,990 एईआरओ करेंगे सुनवाई

सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि

पूरे प्रदेश में 8,990 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO)

दावे और आपत्तियों की सुनवाई करेंगे

आंकड़ों में SIR की स्थिति

मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए

12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी

प्रतिदिन 2.5 से 3 लाख लोग फॉर्म-6 भर रहे हैं

कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होनी है

अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी

86.27 लाख को नोटिस मिल चुकी

30.30 लाख मतदाताओं की सुनवाई पूरी

महिला और युवा मतदाता अभी भी पीछे

चुनाव आयोग के अनुसार

6 जनवरी तक 16.18 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरा

6 जनवरी से 4 फरवरी के बीच 37.80 लाख आवेदन

5 फरवरी को एक ही दिन में 3.51 लाख फॉर्म-6 जमा

अभी भी बड़ी संख्या में महिला और युवा मतदाता सूची से बाहर हैं

उन्हें शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं

नोटिस पाने वाले सिर्फ 13% मतदाताओं की हो सकी सुनवाई

वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस भेजी जा रही है।

कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस दी जानी है

अब तक केवल 13 प्रतिशत की ही सुनवाई हो सकी

अभी 1.53 करोड़ नोटिस जारी होना बाकी

इसी वजह से दावा-आपत्ति और सुनवाई की समय-सीमा बढ़ाई गई है।

चुनाव आयोग की अपील

चुनाव आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे तय समय-सीमा के भीतर अपने नाम की जांच कर लें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में दावा-आपत्ति जरूर दर्ज कराएं, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अंतिम सूची से वंचित न रहे।

सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

सिद्धार्थनगर सिविल कोर्ट में ‘राम द्वार’ का भव्य उद्घाटन, जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने दिया सामाजिक संदेश

जनपद सिद्धार्थनगर के सिविल कोर्ट परिसर में बने “राम द्वार” का विधिवत उद्घाटन तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव द्वारा फीता काटकर किया गया। यह अवसर पूरे न्यायालय परिसर के लिए उत्सव जैसा बन गया, जहाँ अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई और शुभकामनाएं दीं।

धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा आयोजन

राम द्वार के उद्घाटन समारोह में न्यायिक गरिमा के साथ-साथ सांस्कृतिक आस्था की झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। आयोजन के बाद भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।

मेरे लिए यह गर्व का क्षण: जिला जज 

उद्घाटन के दौरान तृतीय जनपद न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि:

“यह मेरे लिए अत्यंत गर्व व हर्ष का विषय है कि मुझे राम द्वार का उद्घाटन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हम सभी को प्रभु श्रीराम के आदर्शों का अनुकरण करना चाहिए। साथ ही अधिवक्ताओं से अनुरोध है कि अनावश्यक हड़ताल से बचें और न्याय व्यवस्था को सुचारु रूप से चलने दें।”

उनके इस संदेश को उपस्थित अधिवक्ताओं ने गंभीरता से सुना और सराहा।

अधिवक्ता संघ की भी रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में सिद्धार्थ सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने इस अवसर को न्यायालय परिवार के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि, “इस तरह के निर्माण न्यायिक परिसर की गरिमा बढ़ाते हैं और अधिवक्ताओं को एकता का संदेश देते हैं।”

न्यायाधीशगणों की रही मौजूदगी

इस अवसर पर अरविंद राय (न्यायाधीश मोटर दुर्घटना न्यायालय), मो.रफी (अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम), विशेष न्यायाधीश विरेंद्र, न्यायालय एससी-एसटी मनोज तिवारी भी मौजूद रहे।

भंडारे का हुआ आयोजन 

उद्घाटन के बाद आयोजित भंडारे में अधिवक्ताओं और अन्य उपस्थित लोगों ने सहभागिता की। पूरे वातावरण में उल्लास और सौहार्द का माहौल रहा।

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