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देश में राज्यपालों और उपराज्यपालों का बड़ा फेरबदल, कई राज्यों में नई नियुक्तियां

केंद्र सरकार ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों और लेफ्टिनेंट गवर्नरों (उपराज्यपालों) की नियुक्ति एवं स्थानांतरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

दिल्ली से लद्दाख भेजे गए विनय कुमार सक्सेना

विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद से हटाकर लद्दाख का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। इस बदलाव को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के नए एलजी

पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। उनके प्रशासनिक और कूटनीतिक अनुभव को राजधानी के लिए अहम माना जा रहा है।

शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना की जिम्मेदारी

शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद से स्थानांतरित कर तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है।

जिष्णु देव वर्मा अब महाराष्ट्र के राज्यपाल

जिष्णु देव वर्मा, जो पहले तेलंगाना के राज्यपाल थे, अब महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

नंद किशोर यादव को नागालैंड की कमान

वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल

सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। उनके सैन्य अनुभव को प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।

आर.एन. रवि अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

आर.एन. रवि को तमिलनाडु से स्थानांतरित कर पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर संभालेंगे तमिलनाडु का कार्यभार

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में केरल के राज्यपाल हैं, अब तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।

कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश भेजा गया

कविंदर गुप्ता, जो लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे, अब हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम फैसला

केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह फेरबदल प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का संबंधित राज्यों की प्रशासनिक कार्यशैली और नीतिगत फैसलों पर प्रभाव देखने को मिल सकता है।

देश में राज्यपालों और उपराज्यपालों का बड़ा फेरबदल, कई राज्यों में नई नियुक्तियां

केंद्र सरकार ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों और लेफ्टिनेंट गवर्नरों (उपराज्यपालों) की नियुक्ति एवं स्थानांतरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

दिल्ली से लद्दाख भेजे गए विनय कुमार सक्सेना

विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद से हटाकर लद्दाख का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। इस बदलाव को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के नए एलजी

पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। उनके प्रशासनिक और कूटनीतिक अनुभव को राजधानी के लिए अहम माना जा रहा है।

शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना की जिम्मेदारी

शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद से स्थानांतरित कर तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है।

जिष्णु देव वर्मा अब महाराष्ट्र के राज्यपाल

जिष्णु देव वर्मा, जो पहले तेलंगाना के राज्यपाल थे, अब महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

नंद किशोर यादव को नागालैंड की कमान

वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल

सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। उनके सैन्य अनुभव को प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।

आर.एन. रवि अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

आर.एन. रवि को तमिलनाडु से स्थानांतरित कर पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर संभालेंगे तमिलनाडु का कार्यभार

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में केरल के राज्यपाल हैं, अब तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।

कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश भेजा गया

कविंदर गुप्ता, जो लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे, अब हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम फैसला

केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह फेरबदल प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का संबंधित राज्यों की प्रशासनिक कार्यशैली और नीतिगत फैसलों पर प्रभाव देखने को मिल सकता है।

सिद्धार्थनगर में होली के अवसर पर 5 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित

सिद्धार्थनगर। होली पर्व को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई। प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने 5 मार्च को होली के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। चूंकि 4 मार्च को होली है तो इस दिन शासन द्वारा आधिकारिक अवकाश घोषित है। लेकिन 5 मार्च को भी अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा की गई इस घोषणा के बाद खासकर सुदूर क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

शिक्षक संघ की मांग पर लिया गया निर्णय

प्राथमिक शिक्षक संघ ने होली पर्व को देखते हुए 5 मार्च को अवकाश घोषित करने की मांग प्रशासन से की थी। संघ का कहना था कि दूरदराज़ जिलों, ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षक अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पाते हैं।

संघ की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 5 मार्च को 1 से 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया।

जिलाधिकारी की आधिकारिक घोषणा

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में 5 मार्च को होली पर्व के उपलक्ष्य में अवकाश रहेगा। आदेश जारी होते ही शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल देखने को मिला।

सुदूर क्षेत्रों के शिक्षकों में खास उत्साह

खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में कार्यरत शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे उन्हें परिवार के साथ होली मनाने का अवसर मिलेगा।

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

त्योहारों पर संवेदनशील प्रशासन

इस निर्णय को प्रशासन की संवेदनशीलता और शिक्षकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। होली जैसे बड़े पर्व पर अवकाश मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों में उत्साह बढ़ा है।

Siddharthnagar district: साइबर फ्रॉड के 40 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस, जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी सफलता

सिद्धार्थनगर। डॉ अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में साइबर अपराध एवं साइबर क्राइम रिकवरी/लीन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना जोगिया उदयपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेंदु सिंहके पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।

एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

दिनांक 04.02.2026 को थाना जोगिया उदयपुर क्षेत्र के लखनापार निवासी मनोज कुमार द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि यूपीआई आईडी गलत अंकित हो जाने के कारण उनके खाते से 40,000 रुपये की गलत ट्रांजेक्शन हो गई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

साइबर सेल की सक्रियता से पूरी धनराशि हुई रिकवर

थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में उ0नि0 अवधेश यादव (प्रभारी साइबर सेल) एवं साइबर सेल टीम द्वारा तकनीकी जांच की गई। तत्पर प्रयासों के परिणामस्वरूप फ्रॉड की गई पूरी धनराशि 40,000 रुपये आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।

इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली है तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

सराहनीय कार्य करने वाली टीम

श्री अभय सिंह – थानाध्यक्ष, थाना जोगिया उदयपुर

उ0नि0 अवधेश यादव – प्रभारी साइबर सेल

कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए सेनजीत निषाद

का0 विकास कुमार गोंड

का0 मृत्युंजय गुप्ता

का0 अजीत यादव

साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत एनसीआरपी पोर्टल या नजदीकी थाना पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को रिकवर कराया जा सके।

सिद्धार्थनगर के बांसी तहसील के सामने काका बेकर्स में चोरी, 17 हजार नगद और CCTV DVR ले उड़े चोर

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के ठीक सामने और बांसी कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर स्थित काका बेकर्स में बीती रात अज्ञात चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। संवेदनशील इलाके में स्थित दुकान का पीछे का शटर तोड़कर चोर अंदर घुसे और नगदी समेत सीसीटीवी का डीवीआर लेकर फरार हो गए।

पीछे का शटर तोड़कर दुकान में घुसे चोर

दुकान मालिक के अनुसार, “चोरों ने दुकान के पिछले हिस्से का शटर तोड़ा और देर रात अंदर प्रवेश किया। दुकान के भीतर रखे लगभग 17 हजार रुपये नगद और सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर अपने साथ ले गए, ताकि उनकी पहचान न हो सके।”

सुबह जब दुकान मालिक मौके पर पहुंचे तो शटर टूटा देख उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।

दुकान मालिक ने जताई नाराजगी

दुकान मालिक राहुल सिंह ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहाकि—

यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी दुकान इतने संवेदनशील स्थान पर है। सामने तहसील है और थोड़ी दूरी पर कोतवाली, इसके बावजूद चोरी हो गई। चोर 17 हजार रुपये कैश और सीसीटीवी का डीवीआर उठा ले गए। हमने कोतवाली में तहरीर दे दी है। कोतवाल साहब मौके पर आए थे और घटनास्थल का मुआयना किया है।”

 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

तहसील और कोतवाली के बेहद करीब स्थित दुकान में हुई इस चोरी की घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों में भी इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है।

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपियों को पकड़ने में सफल होती है।

क्षेत्र में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद क्षेत्र के व्यापारियों में भी डर का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि यदि तहसील और कोतवाली के सामने स्थित दुकान सुरक्षित नहीं है तो बाकी दुकानों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

नेपाल तराई में बदलती सियासी हवा: क्या परंपरागत दलों का गढ़ ढह रहा है?

नेपाल के तराई क्षेत्र में इस बार चुनावी माहौल कुछ अलग नजर आ रहा है। रवि लामिछाने की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के दावेदार बालेन शाह के रोड शो में उमड़ी भीड़ ने परंपरागत राजनीतिक दलों की चिंता बढ़ा दी है।

भारत सीमा से सटे कपिलवस्तु जिला और रूपन्देही जिला में हुए इन रोड शो में भारी जनसमर्थन देखने को मिला। दोनों नेताओं के कार्यक्रम अलग-अलग समय पर हुए, लेकिन भीड़ का उत्साह लगभग समान रहा। इससे संकेत मिल रहे हैं कि तराई क्षेत्र की राजनीति किसी नए मोड़ की ओर बढ़ रही है।

तराई: परंपरागत दलों का गढ़, अब नई चुनौती

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगभग 23 जिले आते हैं और यहां की आबादी करीब 90 लाख मानी जाती है। यह इलाका लंबे समय से नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) और विभिन्न मधेशी दलों का मजबूत आधार रहा है।

हिंदू बहुल इस क्षेत्र में सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भारत से गहरा जुड़ाव महसूस किया जाता है। ऐसे में मतदाताओं का परंपरागत दलों से हटकर नई पार्टी की ओर झुकाव राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका रहा है।

लोकप्रियता और विवाद: रवि लामिछाने फैक्टर

पूर्व गृहमंत्री रह चुके रवि लामिछाने अपनी टीवी एंकरिंग और जनसरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों के कारण व्यापक लोकप्रियता रखते हैं। हालांकि वे अमेरिकी नागरिकता विवाद और धोखाधड़ी के एक मामले में जेल जाने को लेकर सुर्खियों में भी रहे।

अपने संबोधनों में वे धर्म आधारित राजनीति से दूरी बनाने की अपील करते नजर आते हैं। इससे शहरी और युवा मतदाताओं के बीच उनकी छवि एक वैकल्पिक नेतृत्व के रूप में उभर रही है।

बालेन शाह की शैली और प्रतीकात्मक संदेश

काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह अपने रोड शो के दौरान स्थानीय मंदिरों में दर्शन करते दिखाई दिए। रूपन्देही और कपिलवस्तु में उन्होंने प्रसिद्ध मरचाई माता मंदिर से अपना कार्यक्रम शुरू किया।

उनका आत्मविश्वास और समर्थकों का उत्साह ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो चुनावी परिणाम उनके पक्ष में तय हों। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रैलियों की भीड़ हमेशा चुनावी जीत की गारंटी नहीं होती।

क्या बदलेगा चुनावी गणित?

राजनीतिक समीक्षकों का कहना है कि इस बार तराई में समीकरण बदल सकते हैं। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी को कम आंकना वास्तविकता से आंखें मूंदने जैसा होगा।

हालांकि अंतिम फैसला मतपेटियों में बंद है। अक्सर मतदान के दिन मतदाताओं का रुझान बदल जाता है और नतीजे चौंकाने वाले आते हैं। फिर भी इस बार तराई में दिख रही हलचल पारंपरिक दलों के लिए चेतावनी संकेत जरूर है।

नेपाल के तराई क्षेत्र में उभरता जनसमर्थन यह संकेत दे रहा है कि मतदाता विकल्प तलाश रहे हैं। क्या यह बदलाव सत्ता परिवर्तन का कारण बनेगा या पारंपरिक दल वापसी करेंगे—यह आने वाला चुनाव तय करेगा। फिलहाल इतना तय है कि तराई की राजनीति नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है।

रामपुर अधिवक्ता हत्याकांड में सिविल बार एसोसिएशन की आपात बैठक, प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। सिविल बार एसोसिएशन सिद्धार्थनगर की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिवक्ताओं ने एकमत होकर रामपुर कांड में अधिवक्ता फारूक अहमद की नृशंस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक में घटना को न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

अधिवक्ता सुरक्षा को लेकर प्रमुख मांगें

बैठक के उपरांत महामहिम राज्यपाल महोदय को संबोधित ज्ञापन, जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गईं:

*अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को उत्तर प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

* मृतक अधिवक्ता के मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दिन-प्रतिदिन कर त्वरित निस्तारण किया जाए तथा अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

* मृतक अधिवक्ता के परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए।

बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख उपस्थिति

बैठक की अध्यक्षता अखंड प्रताप सिंह (अध्यक्ष) ने की।

इस अवसर पर इंदु कुमार सिंह (पूर्व अध्यक्ष), वीरेंद्र श्रीवास्तव (पूर्व अध्यक्ष), विमल मिश्रा (पूर्व अध्यक्ष), मनोज कुमार मिश्रा (सदस्य कार्यकारिणी), विकास मिश्रा, सतीश कुमार चौरसिया, सच्चिदानंद झा, श्री कृष्णा मिश्रा, ब्रह्मदेव मिश्रा, असगर अली, बृजेश कुमार पांडे, प्रमोद सिंह, दिव्य प्रकाश शुक्ला (प्रशासनिक मंत्री), विजेंद्र पांडे (पूर्व महामंत्री), अजय कुमार पांडे, प्रदीप सिंह, नागेंद्र नाथ पांडे (पूर्व कोषाध्यक्ष), राजेश मिश्रा (सदस्य कार्यकारिणी), दिनेश तिवारी (पूर्व कोषाध्यक्ष), देवेंद्र मणि त्रिपाठी, मिथिलेश मिश्रा, सुधाकर मिश्रा, अच्युतानंद मिश्र, नारद मुनि पांडे, मनोज मिश्रा, बृजेश पाठक, विवेक पांडे, अखिलेश कुमार, रवि कुमार पांडे, मराकर पांडे, राम शंकर पांडे, अश्वनी श्रीवास्तव, उमाशंकर पांडे, अशोक त्रिपाठी, ओम शंकर पांडे सहित अनेक अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।

जोरदार नारेबाजी और ज्ञापन सौंपा

बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा—

“अधिवक्ता के हत्यारे को फांसी दो, फांसी दो!”

“अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करो, लागू करो!”

इसके पश्चात सभी अधिवक्ता जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे।

जिलाधिकारी का आश्वासन

जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने ज्ञापन को महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने अधिवक्ता समुदाय को आश्वस्त किया कि वे जिलाधिकारी रामपुर से वार्ता कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।

TET अनिवार्यता पर केंद्रीय मंत्री के बयान से भड़के शिक्षक, सिद्धार्थनगर में पुतला दहन और प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर: संसद में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के लिखित जवाब के बाद वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा की भावना गहरा गई है। इस मुद्दे को लेकर जिले में शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया और मामला अब आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन

बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के बयान की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई गई और पुतला दहन भी किया गया।

पुरानी नियुक्तियों पर नई शर्तें स्वीकार नहीं

प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर हुई थी, जब टीईटी (TET) लागू नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद नई अनिवार्यता लागू करना शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों शिक्षकों की नौकरी की स्थिरता और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

सरकार से जल्द स्पष्टीकरण की मांग

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत नहीं दी गई तो संगठन वृहद आंदोलन शुरू करेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अनिश्चितता की स्थिति जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा विरोध किया जाएगा।

एकजुटता के साथ संघर्ष का संकल्प

प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर लालजी यादव, इन्द्रसेन सिंह, शिवाकांत दूबे, सुधाकर मिश्र, करूणेश मौर्य, शैलेंद्र मिश्र, रामशंकर पांडेय, आनंद राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।

इटावा में पत्नी ने पति को कुल्हाड़ी से काटा

इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की कुल्हाड़ी से हत्या करने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी पत्नी अपनी दोनों बेटियों को लेकर मौके से फरार हो गई। इस वारदात के बाद पूरे गांव में दहशत और घर में कोहराम मच गया।

पड़ियापुर गांव का मामला

जानकारी के अनुसार, भरथना थाना क्षेत्र के पड़ियापुर गांव निवासी रणवीर सिंह यादव (45) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। घर में खून फैला मिला और घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।

प्रेम संबंध को लेकर हत्या का आरोप

मृतक के भाई लालू यादव ने आरोप लगाया कि रणवीर की शादी वर्ष 2018 में पूजा से हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। उन्होंने बताया कि पूजा का अर्पित नामक युवक से प्रेम संबंध था। परिवार को इस बारे में जानकारी भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर रणवीर की हत्या कर दी और बच्चियों को लेकर फरार हो गई।

मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम

घटना की सूचना मिलते ही भरथना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को कब्जे में ले लिया है। एसपी ग्रामीण सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

क्या बोले अपर पुलिस अधीक्षक?

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पड़ियापुर गांव में हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रथम दृष्टया परिजनों ने पत्नी और उसके प्रेमी पर हत्या का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया है।

गांव में तनाव, पुलिस अलर्ट

घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और दोनों बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।

नीमच में मधुमक्खी हमले की घटना: बच्चों को बचाने के प्रयास में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत

नीमच (मध्य प्रदेश)। नीमच जिले से सामने आई एक दुखद घटना में आंगनवाड़ी केंद्र में मधुमक्खियों के हमले के दौरान बच्चों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रही एक महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान कंचन बाई मेघवाल के रूप में हुई है, जो स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ी बताई जा रही हैं।

प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब आंगनवाड़ी केंद्र में करीब 20 से 25 बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के एक झुंड ने केंद्र के आसपास हमला कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को बचाने के प्रयास में कंचन बाई मेघवाल ने उन्हें सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि इस दौरान कंचन बाई को मधुमक्खियों के कई डंक लगे, जिससे उनकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि प्रशासन द्वारा मृत्यु के सटीक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही की जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुँचे। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा मानकों में कोई चूक हुई थी या नहीं।

मृतका के पारिवारिक हालात को देखते हुए बताया जा रहा है कि उनके पीछे पति और तीन छोटे बच्चे हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि नियमानुसार आर्थिक सहायता एवं अन्य सरकारी लाभों के संबंध में प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।

फिलहाल यह मामला प्रशासनिक जांच के अधीन है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

 

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