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सिद्धार्थनगर में अधिवक्ताओं का पूर्ति विभाग पर हल्लाबोल, गैस सिलेंडर और पेट्रोल व्यवस्था को लेकर जोरदार प्रदर्शन

पेट्रोलियम संकट और गैस एजेंसियों की मनमानी के खिलाफ फूटा गुस्सा

सिद्धार्थनगर। सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मंगलवार को जिला पूर्ति विभाग का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने जिले में व्याप्त पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत, गैस एजेंसियों की मनमानी और पेट्रोल पंपों पर अव्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने मांग उठाई कि बार प्रांगण में ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए तथा अधिवक्ताओं को पेट्रोल पंपों पर बिना लाइन लगाए पेट्रोल देने की विशेष व्यवस्था की जाए।

“पूर्ति विभाग के संरक्षण में चल रही मनमानी”: अखण्ड प्रताप सिंह

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन अध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह ने पूर्ति विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में गैस एजेंसियां और पेट्रोल पंप खुलेआम मनमानी कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग के बाद 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडर धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, तो दुकानदारों तक प्रतिदिन बड़ी संख्या में सिलेंडर कैसे पहुंच रहे हैं।

बंधू आयल पेट्रोल पंप पर भी लगाए आरोप

जिलाध्यक्ष अखण्ड प्रताप सिंह ने बताया कि वह स्वयं बंधू आयल पेट्रोल पंप पहुंचे थे, जहां ऑटो में सीएनजी भरी जा रही थी। जब उन्होंने बड़ी गाड़ियों के लिए ईंधन की उपलब्धता पूछी तो कर्मचारियों ने “प्रेशर नहीं होने” की बात कही, जबकि ऑटो में लगातार फ्यूल दिया जा रहा था।

इस पर अधिवक्ताओं ने पेट्रोल पंप के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।

अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

एसोसिएशन के महामंत्री कृपा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो अधिवक्ता बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को न्यायिक कार्यों के लिए लगातार दौड़भाग करनी पड़ती है, ऐसे में पेट्रोल और गैस की समस्या से उनका कार्य प्रभावित हो रहा है।

बड़ी संख्या में शामिल हुए अधिवक्ता

घेराव और प्रदर्शन में अनिल विश्वकर्मा, विकास शुक्ला, प्रमोद कुमार सिंह, मनीष यादव, राकेश कुमार सिंह, रामकुमार यादव, उमेश प्रताप सिंह, रियाज अहमद, मिथिलेश मिश्रा, संतोष मिश्रा और श्रीकृष्ण मिश्रा समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी उग्र दिखाई दिया।

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं: सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी का सख्त आदेश जारी

सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2024। जनपद में पेट्रोल के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देर रात पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बार-बार पहुंचकर पेट्रोल लेने और उसकी तस्करी करने की शिकायतों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम लागू

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना हेलमेट आए किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच

पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी की जाएगी। इससे बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी चौकसी

बलरामपुर और नेपाल सीमा से सटे पेट्रोल पंपों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बाहरी ग्राहकों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस-प्रशासन रहेगा अलर्ट

सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO/SO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।

ईंधन की उपलब्धता पर प्रशासन का दावा

प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में पेट्रोल की आपूर्ति पर्याप्त है। इसलिए जरूरी है कि इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सीमित रहे और किसी भी तरह के दुरुपयोग या तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

कड़ा संदेश: अब नहीं चलेगी मनमानी

प्रशासन के इस फैसले से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। आम जनता से भी अपील की गई है कि नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

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