फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
हमसफर बनेंगे IPS केके विश्नोई और IPS अंशिका वर्मा, गोरखपुर से शुरू हुई थी लव स्टोरी

गोरखपुर : पुलिस के दो तेजतर्रार आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी अब विवाह के मुकाम तक पहुंच गई है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई और बरेली की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की शादी 28 मार्च को राजस्थान के बारमेर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होगी। इससे पहले 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी और संगीत समारोह आयोजित होगा, जबकि 30 मार्च को जोधपुर के एक रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन रखा जाएगा।

गोरखपुर में शुरू हुई थी लव स्टोरी

दोनों आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। उस समय गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान उनकी पहली मुलाकात हुई थी। उस समय कृष्ण कुमार बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात थे, जबकि अंशिका वर्मा वहां प्रशिक्षण के दौरान अंडर ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारी थीं। ड्यूटी के दौरान हुई मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर यही दोस्ती समय के साथ एक मजबूत रिश्ते में बदल गई। अब लगभग पांच साल बाद दोनों अपने रिश्ते को शादी के रूप में नई पहचान देने जा रहे हैं।

राजस्थान में होंगे सभी शादी समारोह

दोनों परिवारों की सहमति के बाद शादी की सभी रस्में राजस्थान में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी और संगीत समारोह होगा। इसके बाद 28 मार्च को विवाह संपन्न होगा। शादी के बाद 30 मार्च को जोधपुर के एक रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक सेवा और पुलिस विभाग से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

होली में भी चर्चा में रहे दोनों अधिकारी

हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस की होली के दौरान भी दोनों अधिकारी काफी चर्चा में रहे थे। बरेली में होली समारोह के दौरान एसपी अंशिका वर्मा ने काला चश्मा पहनकर लोकप्रिय गीत “लंदन ठुमकदा” पर डांस किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। इसके अगले दिन संभल में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने भी अनोखे अंदाज में पुलिस लाइन में एंट्री की थी। उन्होंने शिकारी स्टाइल की टोपी पहनकर खुली जिप्सी से फिल्मी गाने पर पुलिसकर्मियों के बीच प्रवेश किया था। उनके इस अंदाज को भी लोगों ने खूब पसंद किया।

राजस्थान के किसान परिवार से आते हैं केके बिश्नोई

आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में एक किसान परिवार में हुआ। छह भाई-बहनों में सबसे छोटे बिश्नोई ने बचपन से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 12वीं के बाद वे दिल्ली चले गए और सेंट स्टीफेन्स कालेज से 2013 में बीए की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विदेश में पढ़ाई का सपना देखा और फ्रांस सरकार की स्कॉलरशिप हासिल की। उन्हें करीब 40 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली और उन्होंने पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विषय में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

विदेश में भी किया महत्वपूर्ण काम

विदेश में पढ़ाई के दौरान बिश्नोई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अनुभव हासिल किया। उन्हें यूनाइटेड नेशन के ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट के रूप में काम करने का अवसर मिला, जहां उन्हें लगभग 30 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा और शोध कार्य जारी रखा और बाद में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बन गए।

पुलिस सेवा में तेजतर्रार छवि

आईपीएस बनने के बाद 2019 में उनकी पहली पोस्टिंग मेरठ के परतापुर थाने में थाना प्रभारी के रूप में हुई। इसके बाद वे मुजफ्फरनगर में एएसपी और बाद में संभल में एसपी के पद पर तैनात हुए। संभल में रहते हुए उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा धोखाधड़ी घोटाले का खुलासा किया, जिसमें 70 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके लिए उन्हें उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक और प्लैटिनम मेडल से सम्मानित किया गया।

अंशिका वर्मा की प्रेरणादायक कहानी

आईपीएस अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नोएडा में हुई। उन्होंने जेएसएस अकेडमी ऑफ टेक्निकल एडुकेशन नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की और 136 वीं रैंक प्राप्त कर आईपीएस अधिकारी बनीं। उनके पिता उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।

पुलिस सेवा में तेजतर्रार पहचान

अंशिका वर्मा की पहली पोस्टिंग आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी थाने में ट्रेनी अधिकारी के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें गोरखपुर में एएसपी के रूप में तैनाती मिली। वर्तमान में वे बरेली जिले में एसपी के पद पर कार्यरत हैं और अपनी कार्यशैली, अनुशासन और सक्रिय पुलिसिंग के लिए जानी जाती हैं।

सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय

आईपीएस अंशिका वर्मा सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर उनके छह लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनके काम और व्यक्तित्व के कारण युवा वर्ग उन्हें काफी पसंद करता है।

नई शुरुआत की ओर कदम

अब दोनों आईपीएस अधिकारी अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। पुलिस विभाग, प्रशासनिक सेवा और उनके परिचितों के बीच इस शादी को लेकर उत्साह का माहौल है। 28 मार्च को होने वाली यह शादी न केवल दो परिवारों के लिए बल्कि पुलिस विभाग के लिए भी एक खास अवसर बनने जा रही है। सभी लोग इस जोड़ी के सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की कामना कर रहे हैं।

सिद्धार्थनगर में होली के अवसर पर 5 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित

सिद्धार्थनगर। होली पर्व को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई। प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने 5 मार्च को होली के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। चूंकि 4 मार्च को होली है तो इस दिन शासन द्वारा आधिकारिक अवकाश घोषित है। लेकिन 5 मार्च को भी अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा की गई इस घोषणा के बाद खासकर सुदूर क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

शिक्षक संघ की मांग पर लिया गया निर्णय

प्राथमिक शिक्षक संघ ने होली पर्व को देखते हुए 5 मार्च को अवकाश घोषित करने की मांग प्रशासन से की थी। संघ का कहना था कि दूरदराज़ जिलों, ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षक अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पाते हैं।

संघ की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 5 मार्च को 1 से 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया।

जिलाधिकारी की आधिकारिक घोषणा

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में 5 मार्च को होली पर्व के उपलक्ष्य में अवकाश रहेगा। आदेश जारी होते ही शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल देखने को मिला।

सुदूर क्षेत्रों के शिक्षकों में खास उत्साह

खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में कार्यरत शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे उन्हें परिवार के साथ होली मनाने का अवसर मिलेगा।

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

त्योहारों पर संवेदनशील प्रशासन

इस निर्णय को प्रशासन की संवेदनशीलता और शिक्षकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। होली जैसे बड़े पर्व पर अवकाश मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों में उत्साह बढ़ा है।

मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान- अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ेगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बजट सत्र में विधान परिषद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित कर्मियों का मानदेय जल्द ही बढ़ाया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में कैशलेस व्यवस्था लागू करने की घोषणा करते हुए बताया कि यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से प्रभावी हो जाएगी।

बजट सत्र में कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार प्रदेश के शिक्षा और पोषण से जुड़े कर्मचारियों के योगदान को भली-भांति समझती है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सरकार ने बजट में इनके मानदेय बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रावधान कर दिए हैं, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

1 अप्रैल से लागू होगी कैशलेस व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में कैशलेस व्यवस्था लागू की जा रही है, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और कर्मचारियों को सुविधाजनक भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराना है।

सरकार का दावा है कि इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सुगम होगी।

उत्तर प्रदेश अनुदेशक संघ ने जताया आभार

इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश अनुदेशक संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “हमारा 25,000 अनुदेशकों का परिवार सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करता है। मुख्यमंत्री जी ने हमारे लंबे समय से लंबित मुद्दे को गंभीरता से लिया है। यह निर्णय अनुदेशक परिवार के लिए राहत भरा है।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि का निर्णय प्रदेश के शिक्षा तंत्र को और सशक्त बनाएगा।

शिक्षा और पोषण व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा तथा आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

प्रदेश में बड़ी संख्या में अनुदेशक, शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में यह फैसला व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह इटवा पहुंचकर कुश्ती प्रतियोगिता का किया उद्घाटन

इटवा, सिद्धार्थनगर। कुश्ती संघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह आज अपने निजी हेलिकॉप्टर से इटवा पहुंचकर बांसी बस स्टैंड के पास आयोजित दो दिवसीय भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, स्थानीय नागरिक और विभिन्न राज्यों से आए पहलवान उपस्थित रहे

खिलाड़ियों को किया सम्बोधित 

अपने संबोधन में बृजभूषण शरण सिंह ने खिलाड़ियों को अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ मुकाबला करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कुश्ती केवल शारीरिक शक्ति का खेल नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और रणनीति का भी प्रतीक है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में कुश्ती की समृद्ध परंपरा रही है और आज भारतीय पहलवान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

पूर्व मंत्री ने किया स्वागत

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा कि कुश्ती भारत की पारंपरिक और गौरवशाली खेल विरासत का अहम हिस्सा है। उन्होंने युवाओं से खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं।

दो दिवसीय होगी प्रतियोगिता 

आयोजक हरिशंकर सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता दो दिनों तक चलेगी। इसमें देश के ख्याति प्राप्त पहलवान विभिन्न भार वर्गों में अपने दांव-पेंच का प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना और क्षेत्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार और सम्मान पत्र प्रदान किए जाएंगे।

ये लोग रहे मौजूद

इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख बलराम मिश्रा, बीजेपी जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, रामकुमार कुंवर, विकास जायसवाल, अजय गुप्ता, प्रदीप कसौधन, पप्पू सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।

रामपुर अधिवक्ता हत्याकांड में सिविल बार एसोसिएशन की आपात बैठक, प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। सिविल बार एसोसिएशन सिद्धार्थनगर की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अधिवक्ताओं ने एकमत होकर रामपुर कांड में अधिवक्ता फारूक अहमद की नृशंस हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक में घटना को न्याय व्यवस्था पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई।

अधिवक्ता सुरक्षा को लेकर प्रमुख मांगें

बैठक के उपरांत महामहिम राज्यपाल महोदय को संबोधित ज्ञापन, जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें की गईं:

*अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को उत्तर प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

* मृतक अधिवक्ता के मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दिन-प्रतिदिन कर त्वरित निस्तारण किया जाए तथा अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

* मृतक अधिवक्ता के परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल प्रदान किया जाए।

बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख उपस्थिति

बैठक की अध्यक्षता अखंड प्रताप सिंह (अध्यक्ष) ने की।

इस अवसर पर इंदु कुमार सिंह (पूर्व अध्यक्ष), वीरेंद्र श्रीवास्तव (पूर्व अध्यक्ष), विमल मिश्रा (पूर्व अध्यक्ष), मनोज कुमार मिश्रा (सदस्य कार्यकारिणी), विकास मिश्रा, सतीश कुमार चौरसिया, सच्चिदानंद झा, श्री कृष्णा मिश्रा, ब्रह्मदेव मिश्रा, असगर अली, बृजेश कुमार पांडे, प्रमोद सिंह, दिव्य प्रकाश शुक्ला (प्रशासनिक मंत्री), विजेंद्र पांडे (पूर्व महामंत्री), अजय कुमार पांडे, प्रदीप सिंह, नागेंद्र नाथ पांडे (पूर्व कोषाध्यक्ष), राजेश मिश्रा (सदस्य कार्यकारिणी), दिनेश तिवारी (पूर्व कोषाध्यक्ष), देवेंद्र मणि त्रिपाठी, मिथिलेश मिश्रा, सुधाकर मिश्रा, अच्युतानंद मिश्र, नारद मुनि पांडे, मनोज मिश्रा, बृजेश पाठक, विवेक पांडे, अखिलेश कुमार, रवि कुमार पांडे, मराकर पांडे, राम शंकर पांडे, अश्वनी श्रीवास्तव, उमाशंकर पांडे, अशोक त्रिपाठी, ओम शंकर पांडे सहित अनेक अधिवक्ता गण उपस्थित रहे।

जोरदार नारेबाजी और ज्ञापन सौंपा

बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा—

“अधिवक्ता के हत्यारे को फांसी दो, फांसी दो!”

“अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करो, लागू करो!”

इसके पश्चात सभी अधिवक्ता जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को ज्ञापन सौंपने पहुंचे।

जिलाधिकारी का आश्वासन

जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने ज्ञापन को महामहिम राज्यपाल तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने अधिवक्ता समुदाय को आश्वस्त किया कि वे जिलाधिकारी रामपुर से वार्ता कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।

TET अनिवार्यता पर केंद्रीय मंत्री के बयान से भड़के शिक्षक, सिद्धार्थनगर में पुतला दहन और प्रदर्शन

सिद्धार्थनगर: संसद में केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के लिखित जवाब के बाद वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त बेसिक शिक्षकों में असमंजस और असुरक्षा की भावना गहरा गई है। इस मुद्दे को लेकर जिले में शिक्षकों का आक्रोश खुलकर सामने आया और मामला अब आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का प्रदर्शन

बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बड़ी संख्या में शिक्षक बीएसए कार्यालय पहुंचे। शिक्षकों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री के बयान की प्रतियां जलाकर नाराजगी जताई गई और पुतला दहन भी किया गया।

पुरानी नियुक्तियों पर नई शर्तें स्वीकार नहीं

प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित शैक्षणिक अर्हताओं के आधार पर हुई थी, जब टीईटी (TET) लागू नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद नई अनिवार्यता लागू करना शिक्षकों के अधिकारों और सेवा सुरक्षा के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों शिक्षकों की नौकरी की स्थिरता और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है।

सरकार से जल्द स्पष्टीकरण की मांग

जिला मंत्री योगेंद्र पांडेय ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व नियुक्त शिक्षकों को राहत नहीं दी गई तो संगठन वृहद आंदोलन शुरू करेगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अनिश्चितता की स्थिति जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा विरोध किया जाएगा।

एकजुटता के साथ संघर्ष का संकल्प

प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने एकजुट रहकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मौके पर लालजी यादव, इन्द्रसेन सिंह, शिवाकांत दूबे, सुधाकर मिश्र, करूणेश मौर्य, शैलेंद्र मिश्र, रामशंकर पांडेय, आनंद राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।

नोडल अधिकारी डॉ. जीवन लाल का गौशालाओं पर ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं की ली जानकारी

उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित गौशालाओं की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए शासन द्वारा नामित गौशाला नोडल अधिकारी एवं अपर निदेशक ग्रेड-2 बस्ती मंडल, बस्ती डॉ. जीवन लाल ने जनपद की विभिन्न गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी गई और आवश्यक निर्देश भी दिए गए।

गौ आश्रय स्थलों का किया निरीक्षण

नोडल अधिकारी ने अस्थाई गौ आश्रय स्थल रामगढ़, दूल्हा दरम्यानी, पिपरसन, बर्डपुर नंबर-3 तथा महादेव लाला गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान गौशालाओं से संबंधित कुल 14 महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

चारा, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की जांच

निरीक्षण के दौरान उपलब्ध भूसा-दाना, हरा चारा, पशु आहार, पानी की व्यवस्था, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, केयरटेकरों की संख्या, उनके मानदेय भुगतान, अधिकारियों द्वारा पूर्व निरीक्षण आख्या, पोर्टल पर ऑनलाइन फीडिंग तथा गौशाला भुगतान सहित अन्य व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की गई।

50 से कम गौवंश वाली गौशालाओं को शिफ्ट करने के निर्देश

डॉ. जीवन लाल ने बताया कि शासन की मंशा के अनुसार 50 से कम गौवंश वाले अस्थाई गौ आश्रय स्थलों को बंद कर वहां के पशुओं को निकटतम बृहद गौ आश्रय स्थल पर स्थानांतरित किया जाएगा। इस क्रम में दूल्हा दरम्यानी, पिपरसन और बर्डपुर नंबर-3 में कम संख्या पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को पत्राचार और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

केयरटेकरों की समस्याएं सुनीं, त्वरित समाधान के निर्देश

निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने केयरटेकरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानीं। साथ ही संबंधित ग्राम सचिव से टेलीफोन पर वार्ता कर समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ये अधिकारी रहे मौजूद

नोडल अधिकारी के भ्रमण के दौरान उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नौगढ़ डॉ. राजबहादुर यादव, पशु चिकित्सा अधिकारी बर्डपुर डॉ. विनोद पांडे, पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति तथा अमित यादव उपस्थित रहे।

Breaking News: यूपी में SIR की तारीख एक माह बढ़ी, अब 6 मार्च तक कर सकेंगे दावा-आपत्ति

उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में दावा और आपत्ति दर्ज कराने की समय-सीमा को एक माह के लिए बढ़ा दिया गया है। अब मतदाता 6 मार्च 2026 तक नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में फॉर्म-6 प्राप्त होने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

अब 6 मार्च तक मिलेगा मतदाताओं को मौका

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, कटवाने और संशोधन के लिए अब 6 मार्च तक समय मिलेगा

नोटिसों का निराकरण 27 मार्च 2026 तक किया जाएगा

अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित की जाएगी

हर बूथ पर रोज दो घंटे मौजूद रहेंगे बीएलओ

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिए हैं कि

बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) हर दिन

सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक

अपने-अपने पोलिंग स्टेशनों पर मौजूद रहेंगे

फॉर्म भरने में मतदाताओं की सहायता करेंगे और जरूरी प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे

राज्यभर में 8,990 एईआरओ करेंगे सुनवाई

सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि

पूरे प्रदेश में 8,990 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO)

दावे और आपत्तियों की सुनवाई करेंगे

आंकड़ों में SIR की स्थिति

मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाए गए

12.55 करोड़ मतदाताओं की ड्राफ्ट सूची जारी

प्रतिदिन 2.5 से 3 लाख लोग फॉर्म-6 भर रहे हैं

कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होनी है

अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी

86.27 लाख को नोटिस मिल चुकी

30.30 लाख मतदाताओं की सुनवाई पूरी

महिला और युवा मतदाता अभी भी पीछे

चुनाव आयोग के अनुसार

6 जनवरी तक 16.18 लाख लोगों ने फॉर्म-6 भरा

6 जनवरी से 4 फरवरी के बीच 37.80 लाख आवेदन

5 फरवरी को एक ही दिन में 3.51 लाख फॉर्म-6 जमा

अभी भी बड़ी संख्या में महिला और युवा मतदाता सूची से बाहर हैं

उन्हें शामिल करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं

नोटिस पाने वाले सिर्फ 13% मतदाताओं की हो सकी सुनवाई

वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान न हो पाने वाले और तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस भेजी जा रही है।

कुल 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस दी जानी है

अब तक केवल 13 प्रतिशत की ही सुनवाई हो सकी

अभी 1.53 करोड़ नोटिस जारी होना बाकी

इसी वजह से दावा-आपत्ति और सुनवाई की समय-सीमा बढ़ाई गई है।

चुनाव आयोग की अपील

चुनाव आयोग ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे तय समय-सीमा के भीतर अपने नाम की जांच कर लें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में दावा-आपत्ति जरूर दर्ज कराएं, ताकि कोई भी योग्य मतदाता अंतिम सूची से वंचित न रहे।

सुप्रीम कोर्ट के नियमित करने और 17 हजार के फैसले से सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर..बांटी मिठाईयां

सिद्धार्थनगर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय ₹17,000 प्रतिमाह किए जाने के ऐतिहासिक और न्यायपूर्ण निर्णय के बाद जनपद सिद्धार्थनगर में खुशी का माहौल है। वर्षों से चल रहे संघर्ष, धरना-प्रदर्शन और कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले को शिक्षकों ने अपने सम्मान और अधिकार की बड़ी जीत बताया है।

वर्षों के संघर्ष का मिला परिणाम

अनुदेशक शिक्षक लंबे समय से मानदेय बढ़ोतरी और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। यह फैसला उनके धैर्य, एकजुटता और निरंतर संघर्ष की जीत माना जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि इस निर्णय से न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि सामाजिक सम्मान भी बढ़ेगा।

जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने जताया आभार

परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि:

“यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शिक्षा से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है।”

उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया।

मानदेय वृद्धि सम्मान की जीत:मीडिया प्रभारी

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक ने कहाकि,

“यह सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी नहीं बल्कि सम्मान और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। यह फैसला अनुदेशक शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा।”

पदाधिकारियों ने जताई खुशी

महामंत्री रामानंद उपाध्याय और मधुकर मंजुल ने भी फैसले पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

मिठाई बांटकर मनाई खुशी

इस अवसर पर अनुपम कुंवर, सौम्य सोनकर, रविकांत, बुद्धिराम, विष्णु, दिलीप साहनी, संतोष सिंह, पप्पू सिंह, सत्य मृत्युंजयधर द्विवेदी, अजीजुररहमान सहित कई अनुदेशक शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

मैनपुरी: महिला के ‘पत्थर बनने’ की अफवाह से मचा हड़कंप, प्रशासन ने दी जानकारी 

मैनपुरी, उत्तर प्रदेश।जनपद मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में शनिवार 01 फरवरी 2026 को एक अजीब और चौंकाने वाली अफवाह ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। गिहार कॉलोनी के पीछे स्थित मोहल्ला फर्दखाना में खेतों के बीच बने एक मकान में महिला के पत्थर में तब्दील हो जाने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

सूचना मिलते ही क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ पड़ी और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया।

क्या है पूरा मामला

स्थानीय व्यक्ति द्वारा दावा किया गया कि उसकी पत्नी अचानक पत्थर की तरह हो गई है। इस दावे के आधार पर आसपास के गांवों से भी लोग मौके पर पहुंच गए। हालांकि, प्रशासनिक जांच में महिला के पत्थर बनने जैसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं हुई।

प्रशासन और पुलिस का पक्ष

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह अफवाह और भ्रम पर आधारित है।

पुलिस के अनुसार,

महिला के पत्थर बनने का कोई वैज्ञानिक या वास्तविक प्रमाण नहीं मिला

मकान में मौजूद कुछ मूर्तियों और वस्तुओं को देखकर गलतफहमी फैलाई गई

महिला जीवित है और किसी अलौकिक घटना की पुष्टि नहीं हुई

प्रशासन ने लोगों से अंधविश्वास और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की अपील की है।

स्थिति सामान्य

अधिकारियों की समझाइश के बाद भीड़ धीरे-धीरे हट गई और स्थिति सामान्य हो गई। पुलिस द्वारा मामले पर नजर रखी जा रही है ताकि भविष्य में किसी तरह की अफवाह फैलाकर माहौल खराब न किया जा सके।

 

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।