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कटान रोधी कार्यों पर उठे सवाल, विधायक ने जिलाधिकारी से मांगा जमीनी सत्यापन

जनप्रतिनिधि ने कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर जताई चिंता, प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

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सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में संचालित कटान रोधी परियोजनाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा ने सार्वजनिक रूप से जारी अपने बयान में कटान रोधी कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से जमीनी स्तर पर सत्यापन कराने की मांग की है।

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विधायक का कहना है कि उन्हें क्षेत्रीय नागरिकों और स्थानीय लोगों द्वारा कुछ वीडियो एवं सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें कटान रोधी कार्यों की स्थिति अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जमीनी स्तर पर मिल रही जानकारियां और विभागीय रिपोर्टों में अंतर नजर आ रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

विधायक विनय वर्मा ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने पूर्व में भी प्रशासन से अनुरोध किया था कि करोड़ों रुपये की लागत से चल रही परियोजनाओं का सत्यापन जनप्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और मीडिया की उपस्थिति में कराया जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

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उन्होंने यह भी कहा कि कटान रोधी परियोजनाएं सीधे तौर पर क्षेत्र की सुरक्षा, किसानों की भूमि और ग्रामीण आबादी के हितों से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में कार्यों की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों का समय रहते समाधान किया जाना आवश्यक है।

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विधायक ने प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने मानसून से पूर्व निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्यों को मानक के अनुरूप पूरा कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

हालांकि, विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों और उठाए गए सवालों पर प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और तकनीकी परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल कटान रोधी कार्यों को लेकर उठे सवालों ने जिले में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और संभावित जांच पर टिकी हुई हैं।


विधायक की प्रमुख मांगें 🔹 कटान रोधी कार्यों का जमीनी सत्यापन

🔹 गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच

🔹 मानसून से पहले कार्य पूर्ण कराने की व्यवस्था

🔹 पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग

🔹 जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर संज्ञान


क्या है विवाद का केंद्र?

कटान रोधी कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल

जमीनी हकीकत और रिपोर्ट में अंतर का दावा

विधायक ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की

करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर उठी चर्चा

प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार


शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने कटान रोधी कार्यों की गुणवत्ता को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी से जमीनी सत्यापन और पारदर्शी जांच की मांग की है। प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।


संपादकीय नोट: इस खबर में विधायक के सार्वजनिक बयान और दावों को आधार बनाया गया है। किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभागीय जांच और प्रशासनिक तथ्यों के आधार पर ही निर्धारित होगा।

“बेटी ने कहा- नहीं करूंगी शादी, फिर परिवार पर टूटा संकट!”

बेटी ने ठुकराया रिश्ता, मां के लापता होने से मचा हड़कंप


एक फैसले के बाद बदली परिवार की जिंदगी, पुलिस के सामने खड़े हुए कई सवाल


बरेली से चौंकाने वाला मामला

बरेली। कभी-कभी एक फैसला पूरे परिवार की जिंदगी में ऐसा तूफान ला देता है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद से सामने आया एक ऐसा ही मामला लोगों के बीच चर्चा और हैरानी का विषय बना हुआ है। यहां एक युवती द्वारा कथित तौर पर शादी से इनकार किए जाने के बाद ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे परिवार को चिंता और अनिश्चितता के दौर में धकेल दिया।

परिजनों के अनुसार, एक युवक युवती से विवाह करना चाहता था और इस संबंध में लगातार संपर्क में था। लेकिन जब युवती ने कथित रूप से इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, तो हालात अचानक बदल गए। इसके बाद परिवार की एक महिला सदस्य के लापता होने की सूचना सामने आई, जिससे घर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

परिवार का दावा है कि उन्होंने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किया, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी। धीरे-धीरे चिंता बढ़ती गई और मामला पुलिस तक पहुंच गया।

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और हर पहलू की जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने समाज के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या रिश्तों में बढ़ता दबाव ऐसे हालात पैदा कर रहा है? क्या भावनात्मक फैसले कभी-कभी परिवारों को संकट में डाल देते हैं? और सबसे बड़ा सवाल यह कि आखिर इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है?

फिलहाल इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा। लेकिन इतना जरूर है कि इस घटना ने न केवल एक परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा। तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


क्या है पूरा मामला?

🔹 युवती ने कथित रूप से शादी का प्रस्ताव ठुकराया।

🔹 परिजनों ने युवक पर गंभीर आरोप लगाए।

🔹 परिवार की महिला सदस्य के लापता होने की सूचना।

🔹 परिजनों में मचा हड़कंप और चिंता।

🔹 पुलिस ने शिकायत के बाद जांच शुरू की।

🔹 सच्चाई सामने आने का इंतजार।


जांच के घेरे में ये बड़े सवाल

✔ महिला कहां है और किस हाल में है?

✔ क्या वह अपनी इच्छा से गई है या मामला कुछ और है?

✔ परिजनों के आरोपों में कितनी सच्चाई है?

✔ पुलिस जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आएंगे?

✔ क्या इस मामले में कोई नया मोड़ आएगा?


एक युवती के शादी से इनकार के बाद परिवार की महिला सदस्य के लापता होने का मामला चर्चा में है। परिजनों ने युवक पर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह घटना लोगों के बीच चर्चा और चिंता का विषय बनी हुई है।

महिला के लापता होने से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी


“एक फैसले ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी, अब हर कोई जानना चाहता है आखिर सच क्या है?”

 

PWD की बेशकीमती जमीन पर निर्माण का आरोप, विभाग ने डीएम से लगाई गुहार

बांसी स्टैंड के पास सरकारी भूमि पर निर्माण को लेकर मचा हड़कंप, प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

सिद्धार्थनगर। जनपद मुख्यालय स्थित बांसी स्टैंड के समीप लोक निर्माण विभाग (PWD) की भूमि पर कथित रूप से निर्माण कराए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, डाटा संख्या 144 एवं 152 से संबंधित भूमि लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व में दर्ज बताई जा रही है। विभाग का आरोप है कि उक्त भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारियों ने मौके का संज्ञान लेते हुए प्रशासन को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशाषी अभियंता कमल किशोर द्वारा जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को प्रेषित पत्र में सरकारी भूमि पर हो रहे कथित निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने तथा भूमि को सुरक्षित कराने का अनुरोध किया गया है। विभाग का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है।

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि भूमि सरकारी अभिलेखों में विभाग के नाम दर्ज है तो निर्माण कार्य किस आधार पर कराया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और राजस्व अभिलेखों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि विभाग द्वारा भेजे गए पत्र और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश सरकार की मंशा सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त रखने की रही है। ऐसे में अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि विभाग की शिकायत के बाद इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं और सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए क्या कार्रवाई सामने आती है।

फिलहाल, मामला प्रशासनिक परीक्षण और जांच के दायरे में है तथा संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

FT NEWS DIGITAL | सिद्धार्थनगर

बैकुंठ धाम मार्ग पर कूड़े में लगी आग से मचा हड़कंप

धुएं और दुर्गंध से राहगीर बेहाल, पुरानी नौगढ़ मार्ग पर घंटों अफरा-तफरी जैसे हालात


सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर क्षेत्र के सदर थाना अंतर्गत पुरानी नौगढ़ चौकी क्षेत्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जब जमुआर घाट स्थित बैकुंठ धाम के पास सड़क किनारे पड़े कूड़े के ढेर में अचानक आग लग गई। तेज गर्मी और धूप के बीच उठे धुएं ने कुछ ही देर में पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।file 00000000dfa07208b2cf08eb4907ca6d

जानकारी के अनुसार बैकुंठ धाम के पास नहर के उस पार दो प्रमुख मार्ग अलग-अलग दिशाओं में जाते हैं। एक मार्ग एनएच बाईपास की ओर निकलता है, जबकि दूसरा पुरानी नौगढ़ नगर क्षेत्र को जोड़ते हुए मुख्य मार्ग में जाकर मिलता है। इसी व्यस्त मार्ग पर धुएं और आग के कारण कुछ समय के लिए हालात बेहद चिंताजनक बन गए।

स्थानीय लोगों और राहगीरों के मुताबिक उक्त क्षेत्र में लंबे समय से सड़क किनारे कूड़ा डाले जाने की समस्या बनी हुई है। लोगों का कहना है कि कूड़े से उठने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण राहगीरों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है। गुरुवार को भीषण गर्मी के बीच कूड़े में आग लगने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद सड़क पर घना धुआं फैल गया, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। इसी दौरान कई दोपहिया वाहन, ई-रिक्शा और अन्य वाहन आपस में टकरा गए। कुछ वाहन डिवाइडर से भी भिड़ने की बात सामने आई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार कई राहगीरों को चोटें भी आईं, जबकि कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा। हालांकि घायलों और क्षति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो घंटे तक मार्ग पर धुआं और अव्यवस्था जैसी स्थिति बनी रही। बाद में जेसीबी मशीन की मदद से आग और धुएं पर नियंत्रण का प्रयास किया गया, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई।

घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यदि नियमित साफ-सफाई, निगरानी और निर्धारित स्थान पर कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो, तो इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सकता है।

यह घटना नगर क्षेत्र में कूड़ा प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े करती नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

फिलहाल आधिकारिक बयान का इंतजार

इस पूरे मामले में फिलहाल नगर पालिका परिषद, जिला प्रशासन अथवा अन्य संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यदि संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, तो समाचार को अपडेट किया जाएगा।

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▶ बैकुंठ धाम के पास कूड़े में लगी आग

▶ धुएं से राहगीरों का निकलना हुआ मुश्किल

▶ कई वाहन आपस में भिड़ने की चर्चा

▶ दुर्गंध और गंदगी से लोग पहले से परेशान

▶ जेसीबी की मदद से आग पर पाया गया काबू

▶ स्थानीय लोगों ने बेहतर व्यवस्था की उठाई मांग

▶ फिलहाल प्रशासनिक बयान का इंतजार

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यह समाचार स्थानीय लोगों, प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर उपलब्ध दृश्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी संस्था, विभाग या व्यक्ति पर प्रत्यक्ष आरोप लगाना उद्देश्य नहीं है। आधिकारिक पुष्टि अथवा प्रशासनिक बयान प्राप्त होने पर समाचार में आवश्यक अपडेट किया जा सकता है।

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सच और… कुछ नहीं

नवजात मौत मामले के बाद इटवा क्षेत्र के निजी अस्पताल पर उठे गंभीर सवाल, जांच शुरू

सिद्धार्थनगर / इटवा

सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा क्षेत्र में संचालित एक निजी अस्पताल नवजात की मौत के मामले को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गया है। मामले में पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था और निजी अस्पतालों के संचालन पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसूता महिला का एक निजी अस्पताल में उपचार और ऑपरेशन किया गया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय सावधानियों में लापरवाही बरती गई, जिसके बाद नवजात की हालत गंभीर हो गई। बाद में नवजात की मृत्यु हो गई, जबकि महिला की हालत भी बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चाएं तेज हैं। लोगों का कहना है कि यदि निजी अस्पतालों की नियमित जांच, मानकों की समीक्षा और निगरानी प्रभावी ढंग से हो, तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संबंधित अस्पताल पहले भी विवादों में रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने एक बार फिर जनपद में संचालित निजी अस्पतालों की व्यवस्था, मानकों और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है। अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

महत्वपूर्ण सूचना:

यह समाचार प्राप्त जानकारी, स्थानीय चर्चाओं और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामला जांचाधीन है। किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं है। अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

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“सच और… कुछ नहीं”

 

सिद्धार्थनगर में अमन, भाईचारे और प्रशासनिक सतर्कता के बीच सम्पन्न हुई ईद-उल-अजहा की नमाज

शासन की मंशा और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरे जिले में दिखी सतर्कता और सौहार्द की मिसालIMG 20260528 075150

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पावन पर्व इस वर्ष पूरे धार्मिक उल्लास, अनुशासन और भाईचारे के वातावरण में सम्पन्न हुआ। जिले की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने पूरी अकीदत के साथ विशेष नमाज अदा कर देश, प्रदेश और जनपद में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम, इंसानियत तथा सौहार्द का संदेश दिया।

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ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो त्याग, समर्पण, कुर्बानी और मानवता का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास की याद में मनाया जाता है। यही कारण है कि यह पर्व समाज में भाईचारा, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी देता है।

इस बार सिद्धार्थनगर में बकरीद का पर्व जिस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ, उसके पीछे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की लगातार सतर्कता, जनसंपर्क और रणनीतिक तैयारियों को अहम माना जा रहा है। शासन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता को लेकर दिए गए निर्देशों का जिलेभर में गंभीरता से पालन कराया गया।

त्योहार से पूर्व विभिन्न थाना क्षेत्रों, कस्बों और संवेदनशील इलाकों में लगातार शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संभ्रांत नागरिकों और व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की गई।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन स्वयं लगातार फील्ड में सक्रिय दिखाई दिए। दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रियता से आमजन में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बना रहा।

जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख ईदगाहों, बाजारों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च, रूट मार्च और पैदल गश्त की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, महिला सुरक्षा बल, यातायात पुलिस और साइबर सेल की टीमें पूरी तरह सक्रिय रहीं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर विशेष निगरानी भी रखी गई।

प्रशासन द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। कई क्षेत्रों में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया ताकि स्वच्छ वातावरण बना रहे।

सोशल मीडिया और इंटरनेट गतिविधियों पर भी प्रशासन की विशेष नजर बनी रही। साइबर सेल और मॉनिटरिंग टीम लगातार सक्रिय रही ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक पोस्ट या माहौल खराब करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने भी लोगों से शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। जनता ने भी जिम्मेदारी और समझदारी का परिचय देते हुए प्रशासन का पूरा सहयोग किया, जिसके चलते पूरे जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी शांति और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।

सिद्धार्थनगर में बकरीद का यह शांतिपूर्ण आयोजन प्रशासनिक सतर्कता, बेहतर पुलिसिंग, शासन की प्रभावी रणनीति और जनता के सहयोग की एक सकारात्मक और प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है।

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सिद्धार्थनगर में खाद को लेकर किसानों को बड़ी राहत

जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सिद्धार्थनगर। खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला कृषि विभाग ने साफ किया है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

जिला कृषि विभाग के अनुसार जिले के सरकारी और निजी उर्वरक केंद्रों पर यूरिया, डीएपी समेत अन्य आवश्यक खाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। किसान अपने नजदीकी केंद्रों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं।

विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए और बिक्री पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाए। साथ ही किसानों का पूरा विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।

प्रशासन ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचता पाया गया या किसानों के साथ किसी प्रकार की अनियमितता करता मिला, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला कृषि अधिकारी की ओर से जारी इस सूचना के बाद किसानों में राहत का माहौल है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

सिद्धार्थनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आर्म्स एक्ट के मामले में 15 साल से फरार वारंटी फजलुरहमान गिरफ्तार, भेजा गया जेल

सिद्धार्थनगर। जनपद में अपराधियों और वांछितों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोहाना थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आर्म्स एक्ट के मामले में काफी समय से फरार चल रहे एक वारंटी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चला अभियान यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश के अनुक्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सदर (IPS) विश्वजीत सौरयान के कुशल पर्यवेक्षण में सुनिश्चित की गई। थाना प्रभारी मोहाना जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस वारंटी को दबोचा।

15 साल पुराने मामले में चल रहा था फरार पकड़ा गया आरोपी फजलुरहमान पुत्र अब्दुल सलाम, मोहाना थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर (टोला गौहनिया) का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2011 में मोहाना थाने में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखने) के तहत क्रिमिनल केस संख्या 1000566/2011 दर्ज हुआ था। मामले में न्यायालय द्वारा वारंट जारी होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम इस शातिर वारंटी को कानून के शिकंजे में लाने वाली टीम में मुख्य रूप से उप-निरीक्षक (SI) खुशीलाल शर्मा और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र कुमार सिंह शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने टीम की इस तत्परता की सराहना की है।

प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले का प्रधान संगठन ने किया स्वागत

“ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार” — डॉ. पवन मिश्रा व जफर आलम



सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को पंचायत प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपे जाने और पंचायतों के कार्यकाल विस्तार के फैसले को लेकर जिले में प्रधान संगठनों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण विकास को मजबूती देने वाला कदम बताया है।

प्रधान संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से गांवों में चल रहे विकास कार्यों को निरंतर गति मिलेगी और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन पहले से अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर कई निर्माण कार्य और विकास परियोजनाएं संचालित हैं, जिनकी निरंतरता बनाए रखने में यह निर्णय सहायक साबित होगा।

संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष जफर आलम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला ग्राम पंचायतों के अधिकारों और सम्मान को मजबूती प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि इससे पंचायत प्रतिनिधियों का मनोबल बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।

वहीं संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के हितों और अधिकारों को लेकर संगठन लगातार सक्रिय रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार के निर्णय को ग्रामीण विकास, पंचायत व्यवस्था की मजबूती और गांवों में विकास की गति बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।

प्रधान संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय गांव, गरीब, किसान और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक पहल साबित होगा।

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सच और… कुछ नहीं

पंचायतों के कार्यकाल विस्तार के फैसले का ग्राम प्रधानों ने किया स्वागत

“विकास कार्यों को मिलेगी निरंतर गति” — अनारकली देवी, प्रतिनिधि तीरथ सोनकर

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाए जाने और वर्तमान ग्राम प्रधानों को पंचायत प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपे जाने के फैसले का जिले में ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा स्वागत किया जा रहा है।

विकासखंड नौगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवनगर की ग्राम प्रधान अनारकली देवी एवं प्रतिनिधि तीरथ सोनकर ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों को अब निरंतर गति मिलेगी और अधूरे कार्यों को समय से पूरा करने में मदद मिलेगी।

प्रधान प्रतिनिधि तीरथ सोनकर ने कहा कि गांवों में सड़क, नाली, आवास, पेयजल, सामुदायिक विकास और जनकल्याण से जुड़े कई कार्य लगातार संचालित हो रहे हैं। ऐसे में पंचायतों के कार्यकाल विस्तार से योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थिरता बनी रहेगी तथा ग्रामीण जनता को सीधा लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों पर विश्वास जताकर सरकार ने गांव, गरीब, किसान और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

ग्राम प्रधान अनारकली देवी ने भी प्रदेश सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों और जनहित योजनाओं को अब और गति मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।

हालांकि पंचायत व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन क्षेत्र के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे जनहित और विकासोन्मुख निर्णय बताया है।

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