फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
शोहरतगढ़ पुलिस का बड़ा दावा: चोरी के मुकदमे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; आभूषण और नकदी बरामद

📰 बड़ी खबर |

शोहरतगढ सिद्धार्थनगर से धर्मेंद्र चौधरी की एक रिपोर्ट

IMG 20260725 WA0301

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ क्षेत्र में दर्ज चोरी के एक चर्चित मुकदमे में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कई दिनों तक चली विवेचना, सूचना संकलन और दबिश के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए पीली धातु के आभूषण और ₹1500 नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि मामले की विवेचना अभी जारी

एक नजर में

क्या है पूरा मामला?

थाना शोहरतगढ़ में चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना और विवेचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए आभूषण और ₹1500 नकद बरामद हुए।

आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।

मामले की आगे की जांच जारी है।

IMG 20260724 WA0681

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मुकदमे के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार, घटना दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को प्लाईवुड तिराहे के पास से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे मामले में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान निरंजन केवट उर्फ भोला, निवासी जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए तीन ब्रेसलेट, दो जोड़ी कंगन, नौ अंगूठियां, दो नेकलेस, दो जोड़ी कान के टॉप्स, पांच मंगलसूत्र (लॉकेट सहित), एक हार तथा ₹1500 नकद बरामद किए गए।

पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने की, जबकि कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने किया।

क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

IMG 20260724 WA0682

बरामदगी (पुलिस के अनुसार)

✔ 03 ब्रेसलेट

✔ 02 जोड़ी कंगन

✔ 09 अंगूठियां

✔ 02 नेकलेस

✔ 02 जोड़ी कान के टॉप्स

✔ 05 मंगलसूत्र (लॉकेट सहित)

✔ 01 हार

✔ ₹1500 नकद


 5 बड़ी बातें

✅ चोरी के मुकदमे में एक आरोपी की गिरफ्तारी का दावा।

✅ आभूषण और नकदी बरामद होने की जानकारी।

✅ आरोपी को न्यायालय भेजा गया।

✅ पुलिस की विवेचना अभी जारी।

✅ अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी।

सारांश

क्या हुआ? चोरी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार।

क्या मिला? पुलिस के अनुसार आभूषण और ₹1500 नकद।

क्या कार्रवाई हुई? आरोपी न्यायालय भेजा गया।

अब आगे क्या? मामले की विवेचना जारी है।


प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में प्रयुक्त “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा है” और “बरामद बताए गए” जैसे शब्द इसलिए उपयोग किए गए हैं क्योंकि मामले की अंतिम सत्यता और आरोपी की दोषसिद्धि का निर्णय केवल सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। इस रिपोर्ट का उद्देश्य जनहित में तथ्यात्मक जानकारी देना है।

 

सीडीओ ने किया वृक्षारोपण

सिद्धार्थनगर- पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर के बांसी रेंज द्वारा विकासखंड जोगिया के प्राथमिक विद्यालय दोहनी परिसर में बलराम सिंह मुख्य विकास अधिकारी द्वारा हरिशंकरी पौधरोपित किया गया ।इस अवसर पर पीपल, बरगद व पाकड़ के पौधे का संयुक्त रूप से रोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने उक्त अवसर पर कहा कि हरिशंकरी भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति आस्था का प्रतीक माना गया है। पीपल ,बरगद और पाकड़ का संयुक्त रोपण धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन ,जैव विविधता संरक्षण और आने वाली पीढियां के लिए स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है। पौधों का संरक्षण कर ही अपने जीवन में हरियाली और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है ।उक्त अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारी, सामान्य जनमानस द्वारा भी पौधरोपित किए गए ।अधिकारियों का स्वागत व धन्यवाद ज्ञापन शिवकुमार गुप्ता क्षेत्रीय वन अधिकारी बांसी द्वारा किया गया। उक्त क्रम में जनपद के समस्त रेंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी गण के देखरेख में हरिशंकरी पौधरोपित कर स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया गया ।बांसी रेंज के गौरी पाठक व खोरिया रघुवीर सिंह ग्राम में प्रधान प्रतिनिधि नारायण स्वरूप पाठक, सलाउद्दीन सचिव ,राजदेव मिश्रा द्वारा हरिशंकरी पौध रोपित किए गए ।उक्त कार्यक्रम की सफलता पर

डी.एफ .ओ. नीला एम. व एस.डी.ओ. वीना तिवारी ने समस्त वन क्षेत्राधिकारियों की प्रशंसा की है।

24 घंटे बाद खत्म हुआ इंतजार: बाणगंगा नदी से तीनों युवकों के शव बरामद

IMG 20260724 WA0833

बैदौली घाट पर अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान हुआ हादसा, स्थानीय गोताखोरों की मेहनत से सफल हुआ रेस्क्यू अभियान


शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। बाणगंगा नदी के बैदौली घाट पर स्नान के दौरान लापता हुए तीन युवकों के शव करीब 24 घंटे बाद शुक्रवार को बरामद कर लिए गए। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों के संयुक्त प्रयास से कई घंटे तक चले खोज अभियान के बाद जाल की मदद से तीनों शव नदी से बाहर निकाले गए। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।


स्थान: बैदौली घाट, बाणगंगा नदी, शोहरतगढ़

मृतक: शिवा चौहान, रवि वरुण एवं मोनू वरुण

घटना: अंतिम संस्कार के बाद स्नान के दौरान नदी में डूबे

रेस्क्यू: पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों का संयुक्त अभियान

सम्मान: रेस्क्यू में सहयोग करने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस ने किया सम्मानित

सारांश

स्नान के दौरान तीन युवक नदी में डूबे।

करीब 24 घंटे तक चला खोज एवं बचाव अभियान।

स्थानीय गोताखोर मछुआरों की मदद से तीनों शव बरामद।

दो शव परिजनों को सौंपे गए, एक का पोस्टमार्टम कराया गया।

गोताखोर मछुआरों के साहस और सहयोग की सराहना की गई।

पूरी खबर

गुरुवार दोपहर लगभग 1:30 बजे ग्राम पंचायत मधवापुर के टोला मिझुनिया निवासी शिवा चौहान, रवि वरुण और मोनू वरुण गांव की बुजुर्ग महिला कंचन के अंतिम संस्कार में शामिल होने बैदौली घाट पहुंचे थे। अंतिम संस्कार के बाद तीनों युवक बाणगंगा नदी में स्नान करने उतरे। इसी दौरान वे गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए और नदी में लापता हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। देर शाम तक नदी में खोज अभियान चलाया गया, लेकिन पहले दिन सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद शुक्रवार सुबह नई डहर गांव के मछुआरा समुदाय के अनुभवी गोताखोरों ने बड़े जालों की सहायता से दोबारा तलाश शुरू की। कई घंटे की लगातार मशक्कत के बाद तीनों युवकों के शव नदी से बरामद कर लिए गए।

शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रवि वरुण और मोनू वरुण के परिजनों ने पोस्टमार्टम न कराने का अनुरोध किया, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए। वहीं शिवा चौहान के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

रेस्क्यू अभियान में स्थानीय मछुआरा समुदाय के गोताखोरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उनके प्रयासों से ही नदी से तीनों शवों को बाहर निकाला जा सका। अभियान में सहयोग देने वाले गोताखोर मछुआरों को जनप्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

घटना के बाद बैदौली घाट और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग मृतकों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।

बॉक्स: रेस्क्यू अभियान की प्रमुख बातें

24 घंटे तक चला खोज अभियान।

पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से किया रेस्क्यू।

स्थानीय गोताखोर मछुआरों ने बड़े जाल की मदद से शव खोजे।

सफल अभियान के बाद गोताखोरों को सम्मानित किया गया।

संपादकीय टिप्पणी (कानूनी रूप से सुरक्षित)

यह समाचार स्थानीय प्रशासन और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें घटना का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। दुर्घटना के कारणों या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। घटना से संबंधित वैधानिक प्रक्रिया पुलिस द्वारा नियमानुसार पूरी की गई।

डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम से प्रशिक्षित होंगे कार्यकर्ता, भाजपा युवा मोर्चा ने बनाई रणनीति

IMG 20260724 WA1033

जिला कार्यसमिति बैठक में संगठन विस्तार और डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को गति देने पर जोर

IMG 20260724 WA1028


सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिला कार्यसमिति बैठक में डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को अभियान के रूप में चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षित और सक्षम बनाने का संकल्प लिया।

IMG 20260724 WA1032


स्थान: भाजपा जिला कार्यालय, सिद्धार्थनगर

आयोजन: भाजपा युवा मोर्चा जिला कार्यसमिति बैठक

मुख्य अतिथि: अखिलेश चंद्र कौशिक (क्षेत्रीय कार्यसमिति सदस्य, गोरखपुर क्षेत्र)

मुख्य एजेंडा: डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को सफल बनाना

अध्यक्षता: विकास पाण्डेय

संचालन: प्रिंस गुप्ता

समाचार

भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में मुख्य अतिथि एवं जिला प्रवासी अखिलेश चंद्र कौशिक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर संगठन को मजबूत बनाने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम के माध्यम से कार्यकर्ताओं को वैचारिक, संगठनात्मक और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे वे समाज के बीच प्रभावी भूमिका निभा सकें।

उन्होंने सभी पदाधिकारियों से आह्वान किया कि प्रत्येक मंडल और बूथ स्तर तक अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम से जोड़कर इसे सफल बनाया जाए।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला उपाध्यक्ष विकास पाण्डेय ने कहा कि डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम कार्यकर्ताओं के लिए एक सुनियोजित प्रशिक्षण अभियान है। इससे प्रशिक्षित कार्यकर्ता संगठन की नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक का संचालन जिला महामंत्री प्रिंस गुप्ता ने किया, जबकि जिला उपाध्यक्ष राहुल गुप्ता ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

बैठक में जिला महामंत्री नीरज त्रिपाठी, जिला मंत्री विवेक गुप्ता, अभिषेक शुक्ला, अनिल सोनी, जिला सोशल मीडिया प्रभारी सुनील पाण्डेय, जिला कार्यसमिति सदस्य चंदन पाण्डेय, मंडल अध्यक्ष रामस्वरूप अग्रहरि, लक्ष्मण गुप्ता, दीपचंद साहनी, विजय गुप्ता, मनोज सोनी, हेमंत सिंह सोनू सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सार

डिजिटल लर्निंग प्रोग्राम को बूथ स्तर तक पहुंचाने की रणनीति।

प्रशिक्षित और सक्षम कार्यकर्ता तैयार करने पर जोर।

संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर विशेष चर्चा।

अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को अभियान से जोड़ने का आह्वान।

 

खाद संकट पर IFFDC संगठन का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, किसानों के हित में डीएम को सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन

उर्वरक आवंटन बढ़ाने, बिक्री सीमा में राहत और वितरण व्यवस्था में सुधार की उठाई मांग

Screenshot 20260724 125507

सिद्धार्थनगर, 24 जुलाई। खरीफ सीजन के दौरान जिले में उर्वरक की बढ़ती मांग और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध न होने की समस्या को लेकर शुक्रवार को आईएफएफडीसी (IFFDC) संगठन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों एवं उर्वरक विक्रेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। इसके बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए उर्वरक वितरण व्यवस्था में सुधार और किसानों के हित में तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों की उर्वरक आवश्यकता काफी बढ़ गई है, लेकिन निर्धारित बिक्री सीमा और सीमित आवंटन के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो खेती-किसानी प्रभावित हो सकती है।


स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सिद्धार्थनगर

आयोजक: आईएफएफडीसी (IFFDC) संगठन, सिद्धार्थनगर

मामला: उर्वरक संकट को लेकर धरना-प्रदर्शन एवं ज्ञापन

किसे सौंपा ज्ञापन: जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर

तारीख: 24 जुलाई 2026

मुख्य मांगें

प्रत्येक आईएफएफडीसी केंद्र को प्रतिदिन 100 बोरी उर्वरक विक्रय की अनुमति दी जाए।

उर्वरक आवंटन 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाए।

सहकारी समितियों की सदस्यता पासबुक एवं उर्वरक वितरण की जांच कराई जाए।

किसानों की मांग के अनुरूप अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

क्षेत्र प्रबंधक पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

संगठन का कहना है कि आईएफएफडीसी केंद्रों पर किसानों को केवल उर्वरक ही नहीं, बल्कि फसल सुरक्षा दवाएं, कृषि उपकरण और कृषि संबंधी अन्य तकनीकी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। इसलिए केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना आवश्यक है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ सहकारी समितियों में सदस्यता पासबुक और उर्वरक वितरण को लेकर अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। संगठन ने प्रशासन से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक किसानों को प्राथमिकता देने की मांग की है।

संगठन ने अपने क्षेत्र प्रबंधक पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपने दायित्वों का ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ निर्वहन किया है। ज्ञापन में प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है।

प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर किसानों के व्यापक हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में उर्वरक विक्रेता और संगठन के सदस्य मौजूद रहे।

Screenshot 20260724 125529

बाइट (संगठन प्रतिनिधि)

“किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। प्रशासन से हमारी मांग है कि उर्वरक आवंटन बढ़ाया जाए, बिक्री सीमा में राहत दी जाए और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।”

(यह समाचार आईएफएफडीसी संगठन द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रदर्शन एवं जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित मांगें और दावे संबंधित संगठन के हैं।)

चलती ई-बाइक में दुपट्टा फंसने से महिला की दर्दनाक मौत

ब्रेकिंग न्यूज़

 

 

सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज-चंद्रीपघाट मार्ग पर भड़रिया पुलिस बूथ के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ई-बाइक पर पीछे बैठी 48 वर्षीय महिला का दुपट्टा अचानक पिछले पहिए में फंस गया। दुपट्टा तेजी से खिंचने से महिला का गला कस गया और वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं।

मृतका की पहचान मजीदुन्निशा (48 वर्ष), पत्नी अन्नू, निवासी ग्राम नावडीह, थाना त्रिलोकपुर के रूप में हुई है।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेंवा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना पर भवानीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का कारण ई-बाइक के पिछले पहिए में दुपट्टा फंसना बताया जा रहा है। हालांकि दुर्घटना के सटीक कारणों की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही होगी।

इस हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दोपहिया वाहन पर यात्रा करते समय दुपट्टा, साड़ी या अन्य ढीले कपड़ों को अच्छी तरह संभालकर रखें। थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।


FT News Digital

सिद्धार्थनगर

बाढ़ के खतरे पर प्रशासन अलर्ट, तैयारियों का ज़मीनी निरीक्षण

बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट


बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। तटबंधों, राहत शिविरों, स्वास्थ्य सेवाओं और बचाव संसाधनों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, तटबंधों से लेकर राहत शिविरों तक तैयारियों का लिया जायजा


संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर तटबंधों, राहत शिविरों, स्वास्थ्य सेवाओं, नावों, पेयजल, बिजली एवं संचार व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।


संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा

सिद्धार्थनगर। जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसी क्रम में संबंधित अधिकारियों द्वारा बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तटबंधों की स्थिति, संभावित राहत शिविरों की व्यवस्था, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारियों, नावों की उपलब्धता, राहत सामग्री, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं संचार व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किए जा सकें।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने तथा मौसम और जलस्तर से संबंधित आधिकारिक सूचनाएं समय-समय पर आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन दल, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए कहा गया है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करें। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

📌 महत्वपूर्ण सूचना (Highlight Box)

☎️ जिला कंट्रोल रूम (24×7)

05544-297030

05544-297010

बाढ़ पर अलर्ट मोड में विधायक श्यामधनी राही, गांव-गांव पहुंचकर परखे हालात; अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

IMG 20260723 WA0775

● जोगिया ब्लॉक के बाढ़ संभावित गांवों का किया स्थलीय निरीक्षण।

● नदियों के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों का लिया जायजा।

● ग्रामीणों से संवाद कर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश।

IMG 20260723 WA0779


सिद्धार्थनगर।

कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया विकास खंड के बाढ़ संभावित गांवों का दौरा कर हालात का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।

पूरी खबर

कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने गुरुवार को विकास खंड जोगिया के भूतहिया, गंगवल, चिरहवां, अमरिया, धोबहा, रीवानानकार, पेड़ारी, पटखौली तथा तालभिलौना सहित कई गांवों का भ्रमण किया।

दौरे के दौरान विधायक ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।

विधायक ने क्षेत्र की नदियों, तटबंधों और बाढ़ संभावित स्थानों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रहें।

श्यामधनी राही ने कहा कि बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए।

उन्होंने कहा कि कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र की जनता की सुरक्षा, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान और क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष स्थानीय समस्याएं भी रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

सारांश

विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया ब्लॉक के बाढ़ संभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद किया और अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।

IMG 20260723 WA0773

 

अंतिम विदाई के बीच दर्दनाक हादसा! बैदौली घाट की तेज धारा में लापता हुए तीन किशोर, जाल डालकर रात तक चलती रही तलाश

IMG 20260723 WA0806


● अंतिम संस्कार के दौरान नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता।

● पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा, जाल डालकर शुरू हुआ सघन खोज अभियान।

● परिजनों की चीख-पुकार से गूंजा बैदौली घाट, पूरे गांव में पसरा मातम और बेचैनी।

Screenshot 20260723 164627


शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। अंतिम संस्कार के लिए जुटा गांव अचानक चीख-पुकार में बदल गया। बैदौली घाट पर नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता हो गए। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर नदी में जाल डालकर व्यापक खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक तीनों की तलाश जारी रही।

Screenshot 20260723 164616

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बैदौली घाट पर गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। ग्राम पंचायत माधवापुर के टोला मिझुनिया निवासी कंचन देवी (85) के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ युवक नदी में स्नान करने उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान तीन किशोर अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए।

लापता युवकों की पहचान शिवा (17) पुत्र राममूरत, रवि (17) पुत्र रामरूप तथा मोनू (18) पुत्र बबलू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण बैदौली घाट पहुंच गए।

सूचना पर पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोताखोरों और स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी में जाल डालकर खोज अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा, फिर भी राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहा।

क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया और खोज अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ अभियान चला रहा है।

थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाश में कठिनाई आ रही है, लेकिन गोताखोर और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक तीनों किशोरों का पता नहीं चल सका था और खोज अभियान जारी था।

सारांश

बैदौली घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता हो गए। पुलिस, प्रशासन, गोताखोर और स्थानीय लोग संयुक्त रूप से तलाश अभियान चला रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक तीनों की खोज जारी थी।


यह खबर उपलब्ध तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी अपुष्ट जानकारी को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह रिपोर्ट कानूनी रूप से संतुलित और सुरक्षित रहे।

छत के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट लाइन बनी हादसे की वजह, दो मासूम झुलसे; ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था और सड़क की बदहाली पर उठाए सवाल

सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तौलिहवा के फुलवरिया टोला में घर की छत पर खेल रहे दो बच्चे कथित रूप से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों के अनुसार एक बच्चे की हालत चिंताजनक है। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली लाइन की सुरक्षा व्यवस्था और गांव तक पहुंचने वाले जर्जर मार्ग को लेकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

Screenshot 20260723 092348

मुख्य समाचार

सिद्धार्थनगर। जिले के बढ़नी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तौलिहवा के फुलवरिया टोला में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शाम लगभग चार बजे घर की छत पर खेल रहे दो मासूम बच्चे पास से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गए, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।

घायल बच्चों की पहचान प्रिंस (10 वर्ष) पुत्र राजेंद्र तथा ललित (8 वर्ष) पुत्र राम सकल के रूप में बताई गई है। परिजनों के मुताबिक घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दोनों बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें एक बच्चे का इलाज जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर तथा दूसरे का उपचार इटवा क्षेत्र के अस्पताल में चल रहा है। परिजनों के अनुसार एक बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

एम्बुलेंस पहुंचने में हुई परेशानी का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई थी, लेकिन गांव तक जाने वाला मार्ग अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण एम्बुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। इस संबंध में एम्बुलेंस सेवा अथवा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी।

ग्रामीणों ने लगाए उपेक्षा के आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित बनाने तथा जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग लंबे समय से संबंधित विभागों के समक्ष उठाई जाती रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो संभवतः इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभागों की आधिकारिक टिप्पणी की प्रतीक्षा है।

जांच और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा गांव के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।

FT NEWS DIGITAL | तथ्य

दो बच्चे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलसे।

परिजनों के अनुसार एक बच्चे की हालत गंभीर।

ग्रामीणों ने सड़क और बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा।

प्रशासन से जांच और आवश्यक सुरक्षा उपायों की मांग।

 

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।