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पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के विरोध में भीम आर्मी का राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

जंतर-मंतर लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, भर्ती व्यवस्था में सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग


देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने सोमवार को जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, भर्ती अनियमितताओं तथा 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने के लिए प्रभावी सुधार लागू करने की अपील की।


प्रमुख मांगें

🔹 प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।

🔹 जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की उच्चस्तरीय जांच।

🔹 परीक्षा एवं भर्ती प्रक्रिया को तकनीकी रूप से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए।

🔹 दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई हो।

🔹 युवाओं के लिए निष्पक्ष और भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


| ज्ञापन में क्या कहा गया?

संगठन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्तियों को लेकर कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक की घटनाओं ने अभ्यर्थियों के बीच चिंता का माहौल पैदा किया है। संगठन का कहना है कि लाखों युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्न उठते हैं, तो युवाओं का मनोबल प्रभावित होता है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सुरक्षित है और यदि किसी स्तर पर बल प्रयोग हुआ है तो उसकी वस्तुनिष्ठ जांच आवश्यक है।

भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मांग की कि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रभावी कानून, आधुनिक तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत निगरानी तंत्र लागू किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास मजबूत हो सके।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि भर्ती प्रक्रियाओं में यदि किसी स्तर पर अनियमितता सिद्ध होती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही शिक्षा एवं भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए केंद्र सरकार से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया। संगठन ने अपने ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के संबंध में नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग का भी उल्लेख किया है।

संगठन का कहना है कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और संविधान के अनुरूप न्याय मिलना चाहिए। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब इस पर संबंधित संवैधानिक एवं सरकारी स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर अभ्यर्थियों की निगाहें टिकी हैं।

सारांश

भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा।

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं पर चिंता जताई।

जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हुए कथित पुलिस बल प्रयोग की जांच की मांग।

परीक्षा एवं भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता और तकनीकी सुधार लागू करने की अपील।

दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई और युवाओं के हितों की रक्षा की मांग।

टिप्पणी

देश की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दे लाखों युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़े हैं। ऐसे मामलों में विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक माध्यम से उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। वहीं, कथित अनियमितताओं या किसी भी घटना की पुष्टि संबंधित जांच एजेंसियों और सक्षम प्राधिकार के निष्कर्षों से ही होती है। पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था युवाओं के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।


संपादकीय नोट: इस समाचार में प्रयुक्त “कथित”, “संगठन का आरोप”, “ज्ञापन में कहा गया” और “मांग की गई” जैसे शब्द संबंधित पक्ष के दावों को दर्शाते हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं किया जा रहा है। समाचार का उद्देश्य ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों को तथ्यात्मक एवं संतुलित रूप में प्रस्तुत करना है, जिससे चैनल, प्रकाशन और संवाददाता कानूनी रूप से सुरक्षित रहें।

छात्र हितों को लेकर कांग्रेस का कैंडल मार्च, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की उठी मांग

सिद्धार्थ नगर ब्यूरो रिपोर्ट 

जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में शनिवार को नौगढ़ में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कैंडल मार्च एवं सत्याग्रह आयोजित किया गया। कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, छात्र नेताओं, युवाओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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मुख्य बिंदु

नौगढ़ में कांग्रेस का शांतिपूर्ण कैंडल मार्च।

– छात्र हितों और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग।

– महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि देकर सत्याग्रह का समापन।

– शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और निष्पक्ष जांच की मांग।


कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नौगढ़ तहसील परिसर से नगर पालिका परिषद स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई।

विस्तृत समाचार

मार्च के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों का भविष्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष काज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रही चिंताओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज़ को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है तथा सरकार को परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने मांग की कि यदि किसी परीक्षा में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए तथा छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम का समापन महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सत्य, अहिंसा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यक्रम में जावेद मोकीम, अनिल सिंह अन्नू, सादिक अहमद, राजन श्रीवास्तव, पंकज चतुर्वेदी, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, अश्विनी सिंह सोलंकी, रितेश त्रिपाठी, डॉ. प्रमोद कुमार, होरी लाल श्रीवास्तव, मोबीन खान, सुदामा प्रसाद, संतोष चौधरी, रियाजउद्दीन राईनी, आशुतोष मिश्रा, जोखन प्रजापति, अकरम अली, श्याम प्रकाश पांडेय, प्रेमजीत तिवारी, शिवपूजन, भोला पांडेय, कासिम, रियाज़ मनिहार, रवि प्रजापति, शौकत अली सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सारांश

नौगढ़ में आयोजित कांग्रेस के कैंडल मार्च में छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई गई। नेताओं ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।

टिप्पणी

शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। किसी भी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर उनकी निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच आवश्यक है। इस समाचार में उल्लिखित आरोप कांग्रेस नेताओं के सार्वजनिक बयान हैं। इन आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम न्यायिक अथवा जांच एजेंसी द्वारा होना शेष हो सकता है।


(यह समाचार कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्रम एवं नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। FT News Digital इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।)

शहादत दिवस पर पूर्व सांसद फूलन देवी को सपा नेताओं ने किया नमन, संघर्ष और स्वाभिमान की विरासत को किया याद

कौन थीं फूलन देवी?

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फूलन देवी भारतीय राजनीति और सामाजिक विमर्श की चर्चित हस्तियों में रही हैं। उनका जीवन अत्यंत संघर्षपूर्ण रहा। बाद में उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुईं। 25 जुलाई 2001 को नई दिल्ली में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनके समर्थक उन्हें सामाजिक अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक मानते हैं, जबकि उनके जीवन के कुछ पहलू लंबे समय तक विवाद और न्यायिक चर्चाओं का विषय भी रहे। इसी कारण उनके व्यक्तित्व का उल्लेख करते समय संतुलित और तथ्यपरक दृष्टिकोण आवश्यक माना जाता है।

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महराजगंज में समाजवादी पार्टी जिला कार्यालय पर पूर्व सांसद फूलन देवी के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन और सामाजिक न्याय के लिए किए गए प्रयासों को याद किया।

सारांश

सपा जिला कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित।

नेताओं ने फूलन देवी के जीवन और संघर्षों को किया याद।

वंचितों, शोषितों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर हुई चर्चा।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद।

विस्तृत समाचार

महराजगंज। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर पूर्व सांसद फूलन देवी के शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव ने की।

सभा में उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पूर्व सांसद फूलन देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उनके संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय के मुद्दों पर उनकी सक्रियता तथा राजनीतिक योगदान का उल्लेख किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सपा नेता आनंद निषाद ने कहा कि उनके अनुसार फूलन देवी ने अपने जीवन में अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना किया और शोषित एवं वंचित वर्गों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि संसद तक पहुंचने का उनका सफर संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान की मिसाल के रूप में देखा जाता है।

जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के सम्मान के मुद्दों को लगातार उठाती रही है। उन्होंने कहा कि अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संदेश समाज के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

श्रद्धांजलि सभा में जिला सचिव शमसुद्दीन अली, प्रणव गौतम, हरेंद्र कृष्ण त्रिपाठी, सुमन ओझा, श्रीपति आजाद, बिंद्रेश कन्नौजिया, सत्यभामा सिंह, गोविंद निषाद, सुभाष यादव, जितेंद्र यादव, राजेश पासवान, अमित निषाद सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

टिप्पणी

फूलन देवी का जीवन भारतीय समाज, राजनीति और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई जटिल प्रश्नों का हिस्सा रहा है। एक ओर उनके समर्थक उन्हें सामाजिक उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक मानते हैं, वहीं उनके जीवन से जुड़े कुछ घटनाक्रम लंबे समय तक कानूनी और सामाजिक बहस का विषय रहे। ऐसे में उनके व्यक्तित्व और विरासत पर चर्चा करते समय तथ्यों, संतुलन और संवेदनशीलता के साथ विभिन्न पक्षों को समझना आवश्यक है।

अपार आईडी सृजन में शिथिलता पर 13 विद्यालयों को अंतिम चेतावनी, दोबारा लापरवाही पर मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति संभव

रिपोर्ट: एफटी न्यूज़ डिजिटल, शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)


मामला क्या है?

अपार (APAAR) आईडी सृजन की धीमी प्रगति पर 13 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अंतिम चेतावनी जारी।

 कब होगी समीक्षा?

27 जुलाई 2026 को खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा पुनः समीक्षा।

क्या हो सकती है कार्रवाई?

प्रगति संतोषजनक न मिलने पर विद्यालयों की मान्यता प्रत्याहरण के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेजी जा सकती है।

किसने जारी किया नोटिस?

खण्ड शिक्षा अधिकारी, शोहरतगढ़ संजय कुमार।


शिक्षा विभाग ने अपार (APAAR) आईडी सृजन में अपेक्षित प्रगति न करने वाले विद्यालयों के प्रति सख्त रुख अपनाया है। शोहरतगढ़ विकास खण्ड के 13 मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित तिथि तक कार्य में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति उच्चाधिकारियों को भेजी जा सकती है।

विस्तृत समाचार

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर।

खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, शोहरतगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार 25 जुलाई 2026 को अपार (APAAR) आईडी सृजन की समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं के सापेक्ष अपार आईडी सृजन की प्रगति विभागीय अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है, जिसके चलते बड़ी संख्या में विद्यार्थी अभी भी इस प्रक्रिया से वंचित हैं।

जारी नोटिस के अनुसार उदय प्रताप इंटर कॉलेज गोपालगंज खुरहुरिया, सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज शोहरतगढ़, सेंट थॉमस स्कूल शोहरतगढ़, सावित्री देवी पब्लिक स्कूल गौहनिया, जीवन ज्योति आदर्श शिक्षा संस्थान रमवापुर खास, न्यू पब्लिक स्कूल महमुदवा ग्रांट, कृष्ण शिशु विद्यालय जूनियर हाई स्कूल शोहरतगढ़, सरस्वती रामरतन पब्लिक स्कूल, दिनेश सिद्धार्थ इंटर कॉलेज चिल्हिया, सेठ रामकुमार खातान बालिका इंटर कॉलेज शोहरतगढ़, ग्लोरियस कॉन्वेंट स्कूल चोड़ार, जय गुरुदेव बाल विद्या मंदिर सहित कुल 13 विद्यालयों की प्रगति असंतोषजनक दर्ज की गई है।

खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 27 जुलाई 2026 को पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि समीक्षा के दौरान भी संबंधित विद्यालयों द्वारा विभागीय निर्देशों का समुचित अनुपालन नहीं पाया जाता है, तो नियमानुसार उनके विरुद्ध विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण (Recognition Withdrawal) की कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को संस्तुति भेजी जा सकती है। नोटिस में इसकी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन पर निर्धारित की गई है।

खण्ड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार ने सभी प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि वे अपार आईडी सृजन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराते हुए विभागीय आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी छात्र-छात्रा इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।

टिप्पणी

अपार (APAAR) आईडी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहचान को डिजिटल स्वरूप देने की एक महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे में समयबद्ध आईडी सृजन विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी विभिन्न शैक्षणिक सेवाओं और रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए आवश्यक माना जा रहा है। विभाग द्वारा जारी नोटिस इसी प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने की प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है।

सारांश

शोहरतगढ़ क्षेत्र के 13 विद्यालयों को अपार आईडी सृजन में धीमी प्रगति के कारण अंतिम चेतावनी दी गई है। 27 जुलाई को होने वाली अगली समीक्षा के बाद विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा। फिलहाल यह विभागीय नोटिस के आधार पर जारी प्रशासनिक कार्रवाई है और अंतिम निर्णय समीक्षा रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।


यह समाचार खण्ड शिक्षा अधिकारी, शोहरतगढ़ द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस एवं विभागीय दस्तावेजों के आधार पर प्रकाशित किया गया है। समाचार में उल्लिखित तथ्य विभागीय अभिलेखों पर आधारित हैं। अंतिम प्रशासनिक निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाने वाली समीक्षा एवं नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, पांच सूत्रीय मांगों के समाधान की उठाई आवाज

 

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खबर विस्तार से:

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को दिया गया।


संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने कहा कि शासन स्तर से शिक्षामित्रों के हित में कई आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन अनेक जनपदों में उनका पूर्ण पालन अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के तहत शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय में वापसी तथा महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास स्थान की ग्राम पंचायत स्थित विद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद लखनऊ और बाराबंकी को छोड़कर अधिकांश जिलों में प्रक्रिया अधूरी है, जिससे कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर तक की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।

ज्ञापन में संघ ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को सम्मिलित करने का अवसर देने की मांग की। साथ ही टीईटी एवं एनसीटीई के मानकों को पूरा करने वाले लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपरटेट से छूट देकर शिक्षक पद पर समायोजित करने की भी मांग उठाई गई।

इसके अतिरिक्त शिक्षामित्रों को 11 माह के बजाय 12 माह का मानदेय, योग्यता एवं अनुभव के आधार पर सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने तथा सेवा के दौरान आकस्मिक निधन होने पर उनके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी दिए जाने की भी मांग की गई।

जिला महामंत्री यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों की समस्याओं के शीघ्र एवं स्थायी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।

इस दौरान जिला संरक्षक श्याम नारायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, उपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, सुनील मिश्रा, यूनुस खान, अनुपमा द्विवेदी, घनश्याम पांडेय, अखिलेश त्रिपाठी, लवकुश, मुक्तनाथ सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

 

 

शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार, पांच सूत्रीय मांगों के समाधान की उठाई आवाज

 

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खबर विस्तार से:

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में पिछले 26 वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षामित्रों की विभिन्न समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कलेक्ट्रेट में अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव को दिया गया।


संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने कहा कि शासन स्तर से शिक्षामित्रों के हित में कई आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन अनेक जनपदों में उनका पूर्ण पालन अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी 2025 को जारी शासनादेश के तहत शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय में वापसी तथा महिला शिक्षामित्रों को उनके पति के निवास स्थान की ग्राम पंचायत स्थित विद्यालय में स्थानांतरण का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद लखनऊ और बाराबंकी को छोड़कर अधिकांश जिलों में प्रक्रिया अधूरी है, जिससे कई शिक्षामित्रों को प्रतिदिन 80 से 90 किलोमीटर तक की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।

ज्ञापन में संघ ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के लिए आयोजित होने वाली विशेष टीईटी परीक्षा में शिक्षामित्रों को सम्मिलित करने का अवसर देने की मांग की। साथ ही टीईटी एवं एनसीटीई के मानकों को पूरा करने वाले लगभग 60 हजार शिक्षामित्रों को सुपरटेट से छूट देकर शिक्षक पद पर समायोजित करने की भी मांग उठाई गई।

इसके अतिरिक्त शिक्षामित्रों को 11 माह के बजाय 12 माह का मानदेय, योग्यता एवं अनुभव के आधार पर सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने तथा सेवा के दौरान आकस्मिक निधन होने पर उनके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी दिए जाने की भी मांग की गई।

जिला महामंत्री यशवंत सिंह ने मुख्यमंत्री से शिक्षामित्रों की समस्याओं के शीघ्र एवं स्थायी समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया।

इस दौरान जिला संरक्षक श्याम नारायण त्रिपाठी, अशोक मिश्रा, उपेंद्र सिंह, धर्मेंद्र त्रिपाठी, सुनील मिश्रा, यूनुस खान, अनुपमा द्विवेदी, घनश्याम पांडेय, अखिलेश त्रिपाठी, लवकुश, मुक्तनाथ सहित बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

 

 

एरियर का रास्ता साफ होने के बाद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर

सिद्धार्थनगर। वर्षों तक सीमित मानदेय और आर्थिक तंगी से जूझते रहे अनुदेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला नई उम्मीद लेकर आया है। वर्ष 2017-18 से एरियर का रास्ता साफ होने के बाद जिले के 258 अनुदेशकों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है। अनुमान है कि शासनादेश जारी होने के बाद प्रत्येक अनुदेशक को करीब 9 लाख रुपये तक का एरियर मिलेगा। यही वजह है कि वर्षों से अधूरे पड़े सपने अब साकार होते दिखाई दे रहे हैं।

भविष्य के लिए पैसा जमा करूंगा

अनुदेशक जिला अध्यक्ष अनिल पांडेय कहते हैं कि कम मानदेय के कारण वह अपने बच्चों को बेहतर स्कूल में नहीं पढ़ा सके। अब एरियर मिलने की उम्मीद ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है। उनका कहना है कि सबसे पहले बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करेंगे और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए पैसा जमा करेंगे

अब बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाऊंगा”

अनुदेशक रविकांत हैं कि वर्षों से जमीन खरीदकर अपना घर बनाने की इच्छा थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण यह संभव नहीं हो सका। एरियर मिलते ही सबसे पहले जमीन खरीदकर अपने आशियाने का सपना पूरा करेंगे।

गाड़ी का सपना पूरा करूंगा

अनुदेशक बुद्धिराम कहते हैं कि उनका सबसे बड़ा सपना अपना पक्का घर बनाना है। साथ ही विद्यालय आने-जाने की परेशानी दूर करने के लिए एक नई मोटरसाइकिल भी खरीदेंगे।

बेटियों की शादी करूंगा

अनुदेशक विष्णु वरुण कहते हैं कि घर की मरम्मत लंबे समय से टल रही है और बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी सामने है। एरियर मिलने पर दोनों महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाएंगे।

अब नियमितीकरण का इंतजार 

जिला मीडिया प्रभारी सत्यपाल सिंह कौशिक का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, धैर्य और सम्मान की जीत है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार पर टिकी हैं। उनका आग्रह है कि जल्द से जल्द शासनादेश जारी कर एरियर का भुगतान कराया जाए और हमें नियमित किया जाए। ताकि न्यायालय के फैसले का वास्तविक लाभ प्रत्येक अनुदेशक तक पहुँच सके।

दो-तीन दिनों से घायल हालत में तड़प रहा बेजुबान बंदर, सूचना के बाद भी नहीं पहुंची रेस्क्यू टीम; स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

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स्थान: सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर, नगर पालिका परिषद क्षेत्र, सिद्धार्थनगर

मामला: घायल एवं अस्वस्थ बंदर

⏳ स्थिति: पिछले 2–3 दिनों से मौके पर पड़ा होने का स्थानीय लोगों का दावा

स्थानीय प्रयास: नागरिक भोजन, पानी और देखभाल कर रहे हैं

दावा: संबंधित विभाग को सूचना देने के बावजूद रेस्क्यू नहीं होने की बात


सिद्धार्थनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र स्थित सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास एक घायल बंदर पिछले दो-तीन दिनों से अस्वस्थ अवस्था में पड़ा होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने संबंधित विभाग को इसकी सूचना भी दी, लेकिन समाचार लिखे जाने तक रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची। फिलहाल आसपास के नागरिक ही मानवता का परिचय देते हुए बेजुबान जानवर की देखभाल कर रहे हैं।

विस्तृत समाचार

सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास एक घायल बंदर पिछले दो-तीन दिनों से अस्वस्थ अवस्था में पड़ा हुआ है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार बंदर काफी कमजोर दिखाई दे रहा है और स्वयं उठने-बैठने की स्थिति में भी नहीं है।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि उन्होंने संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी है। स्थानीय लोगों का दावा है कि सूचना के बावजूद समाचार लिखे जाने तक कोई रेस्क्यू टीम या उपचार दल मौके पर नहीं पहुंचा।

इस बीच आसपास के दुकानदार और नागरिक अपनी ओर से बंदर को भोजन और पानी उपलब्ध कराकर उसकी देखभाल करने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते चिकित्सकीय सहायता और रेस्क्यू नहीं मिला तो बेजुबान जानवर की जान को खतरा हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने वन विभाग, पशुपालन विभाग तथा जिला प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर घायल बंदर का चिकित्सकीय परीक्षण, उपचार और सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू कराए जाने की मांग की है।

📋 सारांश

सेठ रामचंद्र साइकिल स्टोर के पास घायल बंदर पड़ा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार वह पिछले 2–3 दिनों से अस्वस्थ है।

नागरिक भोजन-पानी देकर उसकी देखभाल कर रहे हैं।

सूचना देने के बावजूद विभागीय टीम के न पहुंचने का स्थानीय लोगों का दावा।

वन विभाग और प्रशासन से तत्काल रेस्क्यू व उपचार की मांग।

जनहित में टिप्पणी

बेजुबान वन्यजीव भी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। यदि कोई घायल वन्यजीव दिखाई दे तो उसका उपचार और रेस्क्यू प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। संबंधित विभागों से अपेक्षा है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर मौके पर टीम भेजें, घायल बंदर का चिकित्सकीय उपचार कराएं और आवश्यकता होने पर उसे सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करें। इससे न केवल एक बेजुबान जीव का जीवन बचाया जा सकेगा, बल्कि आमजन का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत होगा।


यह समाचार मौके पर उपलब्ध तस्वीरों तथा स्थानीय नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में विभाग के प्रति कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। समाचार का उद्देश्य केवल जनहित में प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित करना है।

सिद्धार्थनगर में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर दो दुकानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित

जनहित में टिप्पणी:

किसानों को समय पर और नियमों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन और विक्रेताओं दोनों की साझा जिम्मेदारी है। समय-समय पर होने वाले निरीक्षण पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वहीं सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसानों को भी अधिकृत प्रतिष्ठानों से ही रसीद के साथ उर्वरक खरीदना चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता दिखाई देने पर संबंधित कृषि विभाग को तत्काल सूचना देना जनहित में आवश्यक है।


जिला

सिद्धार्थनगर

तिथि

24 जुलाई 2026

विभाग

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय

निरीक्षण टीम

अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन

कार्रवाई

दो उर्वरक प्रतिष्ठानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित

कारण

निरीक्षण के दौरान वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखीय कमियां

सारांश

सिद्धार्थनगर में किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो दुकानों में वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखों में कमियां पाए जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने उनके उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। साथ ही जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

विस्तृत समाचार

सिद्धार्थनगर। किसानों को पारदर्शी एवं नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन की संयुक्त टीम ने कई उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दो प्रतिष्ठानों पर उर्वरक वितरण प्रक्रिया में अनियमितताएं तथा अभिलेखीय कमियां पाए जाने की बात कही गई।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित कमियों के आधार पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे उर्वरकों का वितरण केवल निर्धारित सरकारी नियमों के अनुरूप करें।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक बिक्री के समय किसान की खतौनी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर सहित आवश्यक विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज किए जाएं तथा किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता एवं निर्धारित मात्रा के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

कृषि विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आधिकारिक जानकारी

यह कार्रवाई जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा 24 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर की गई है।


कानूनी नोट: यह समाचार जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें उल्लिखित कार्रवाई एवं तथ्य संबंधित विभाग के आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। समाचार में किसी प्रकार का स्वतंत्र आरोप या निष्कर्ष नहीं जोड़ा गया है।

शोहरतगढ़ पुलिस का बड़ा दावा: चोरी के मुकदमे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार; आभूषण और नकदी बरामद

📰 बड़ी खबर |

शोहरतगढ सिद्धार्थनगर से धर्मेंद्र चौधरी की एक रिपोर्ट

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सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ क्षेत्र में दर्ज चोरी के एक चर्चित मुकदमे में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता मिलने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कई दिनों तक चली विवेचना, सूचना संकलन और दबिश के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए पीली धातु के आभूषण और ₹1500 नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है, जबकि मामले की विवेचना अभी जारी

एक नजर में

क्या है पूरा मामला?

थाना शोहरतगढ़ में चोरी का मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी।

पुलिस ने मुखबिर की सूचना और विवेचना के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए आभूषण और ₹1500 नकद बरामद हुए।

आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है।

मामले की आगे की जांच जारी है।

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पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मुकदमे के खुलासे का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस के अनुसार, घटना दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य माध्यमों से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी क्रम में शुक्रवार को प्लाईवुड तिराहे के पास से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसे मामले में गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान निरंजन केवट उर्फ भोला, निवासी जिला कपिलवस्तु (नेपाल) के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित बताए गए तीन ब्रेसलेट, दो जोड़ी कंगन, नौ अंगूठियां, दो नेकलेस, दो जोड़ी कान के टॉप्स, पांच मंगलसूत्र (लॉकेट सहित), एक हार तथा ₹1500 नकद बरामद किए गए।

पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी ने की, जबकि कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह ने किया।

क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ ने मीडिया को बताया कि मामले की विवेचना जारी है। यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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बरामदगी (पुलिस के अनुसार)

✔ 03 ब्रेसलेट

✔ 02 जोड़ी कंगन

✔ 09 अंगूठियां

✔ 02 नेकलेस

✔ 02 जोड़ी कान के टॉप्स

✔ 05 मंगलसूत्र (लॉकेट सहित)

✔ 01 हार

✔ ₹1500 नकद


 5 बड़ी बातें

✅ चोरी के मुकदमे में एक आरोपी की गिरफ्तारी का दावा।

✅ आभूषण और नकदी बरामद होने की जानकारी।

✅ आरोपी को न्यायालय भेजा गया।

✅ पुलिस की विवेचना अभी जारी।

✅ अन्य संभावित पहलुओं की जांच जारी।

सारांश

क्या हुआ? चोरी के मामले में एक आरोपी गिरफ्तार।

क्या मिला? पुलिस के अनुसार आभूषण और ₹1500 नकद।

क्या कार्रवाई हुई? आरोपी न्यायालय भेजा गया।

अब आगे क्या? मामले की विवेचना जारी है।


प्रेस विज्ञप्ति एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में प्रयुक्त “पुलिस के अनुसार”, “पुलिस का दावा है” और “बरामद बताए गए” जैसे शब्द इसलिए उपयोग किए गए हैं क्योंकि मामले की अंतिम सत्यता और आरोपी की दोषसिद्धि का निर्णय केवल सक्षम न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। इस रिपोर्ट का उद्देश्य जनहित में तथ्यात्मक जानकारी देना है।

 

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