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“बरसात से पहले प्रशासन अलर्ट! कूड़ा नदी के कटाव को रोकने मैदान में उतरे डीएम, गांवों की सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश”

 

FT News Digital |

सिद्धार्थनगर में आगामी बरसात और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

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कूड़ा नदी के बांये तट पर हो रहे कटाव निरोधक कार्यों का जायजा लेने स्वयं जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन मौके पर पहुंचे और कार्यों की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

डीएम ने कूड़ा-घोघी तटबंध के किलोमीटर 14.940 से 15.190 के मध्य ग्राम इमिलिया तथा किलोमीटर 20.040 से 20.290 के मध्य ग्राम मस्जिदिया के पास चल रहे बचाव कार्यों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान लांचिंग एप्रन और स्टेप स्लोप पिचिंग का कार्य प्रगति पर पाया गया।

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अधिशासी अभियंता द्वारा जिलाधिकारी को बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत लगभग 250 मीटर की एज क्रेटिंग, स्टेप स्लोप पिचिंग, स्लोप पिचिंग और तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन संरचना का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि नदी के तेज कटाव से गांवों और तटबंध को सुरक्षित रखा जा सके।

बताया गया कि परियोजना का कार्य 31 मार्च 2026 से प्रारंभ हुआ है और इसे 30 जून 2026 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।

जिलाधिकारी ने मौके पर कार्य की गुणवत्ता को संतोषजनक पाया, लेकिन साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश भी दिए कि किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

बरसात के मौसम से पहले प्रशासन की यह सक्रियता ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का संदेश मानी जा रही है।

क्योंकि हर वर्ष नदी कटान की मार झेलने वाले क्षेत्रों में लोगों के सामने घर, खेत और जीवनयापन बचाने की चुनौती खड़ी हो जाती है।

ऐसे में अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये सुरक्षा कार्य कितने प्रभावी साबित होते हैं।

निरीक्षण के दौरान इंजीनीयर्स और ड्रेनेज विभाग के कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

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“सच और… कुछ नहीं”

 

कम उम्र में बुझ गया घर का इकलौता चिराग, सड़क हादसे ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

“जिस बेटे के सहारे बूढ़े मां-बाप जी रहे थे, सड़क हादसे ने उसी को छीन लिया”

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की जिंदगी को गहरे अंधेरे में धकेल दिया। सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के वार्ड नंबर-5, मोहल्ला डॉक्टर हेडगेवार नगर साड़ी निवासी संतोष कुमार गुप्ता (लगभग 20 वर्ष) पुत्र राम रक्षा गुप्ता की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे नगर क्षेत्र में शोक का माहौल देखा गया।मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस्का थाना क्षेत्र के ग्राम फुलवरिया कला के बाहर मेन रोड पर हुई। बताया जा रहा है कि संतोष कुमार गुप्ता अपनी रिश्तेदारी से वापस सिद्धार्थनगर मुख्यालय नौगढ़ स्थित अपने घर लौट रहे थे। वह अपनी दोपहिया वाहन से नौगढ़ की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से गुजर रहे एक अज्ञात पिकअप वाहन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर सुहास चौकी क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि चौकी इंचार्ज एवं पुलिस कर्मियों ने तत्काल घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर भेजवाया, जहां इलाज के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही। बाद में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक संतोष बेहद साधारण परिवार से था और मेहनत-मजदूरी कर अपने बूढ़े माता-पिता का सहारा बना हुआ था। बताया जा रहा है कि परिवार की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा उसी के कंधों पर था। उसकी एक बहन भी है जिसकी शादी अभी बाकी बताई जा रही है। वहीं करीब एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी और स्थानीय लोगों के मुताबिक उसकी पत्नी गर्भवती बताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।कम उम्र में बेटे की मौत से बूढ़े माता-पिता बदहवास हैं। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। नगर क्षेत्र के लोग भी इस हादसे को लेकर गहरी संवेदना जता रहे हैं।फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

गांव की सरकार चौपाल में उतरी, एक छत के नीचे सुनी गईं ग्रामीणों की समस्याएं

 

मधुबनी पंचायत भवन में लगा समाधान चौपाल, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर निस्तारण का दिया भरोसा

सिद्धार्थनगर।

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सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान कराने के उद्देश्य से शुक्रवार, 15 मई 2026 को विकासखंड अंतर्गत ग्राम मधुबनी स्थित नगर पंचायत भवन सभागार में “ग्राम पंचायत चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “एक छत के नीचे पूरा समाधान” थीम पर आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनकर संबंधित विभागों द्वारा समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में हुई, जहां ग्रामीणों ने बिजली, बैंकिंग, कृषि, साफ-सफाई, रोजगार, राशन, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर ही लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ना और विभागों के चक्कर काटने की मजबूरी को कम करना रहा।

ग्राम प्रधान अमजद अली ने कहा कि सरकार की मंशा है कि गांव का हर व्यक्ति योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त करे और किसी भी समस्या के लिए उसे भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लें और पात्र लोग लाभ पाने के लिए आगे आएं।

सचिव अमित कुमार जायसवाल ने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गांव में विकास कार्यों, साफ-सफाई, पात्रता आधारित योजनाओं और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। रोजगार सेवक राम अवतार यादव ने मनरेगा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।

चौपाल में मौजूद स्टेट बैंक कर्मचारी राकेश कुमार ने ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, जनधन योजना, डिजिटल भुगतान और खातों से जुड़ी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया। कृषि विभाग से पहुंचे रामसागर ने किसानों को आधुनिक खेती, उर्वरक उपयोग और सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी दी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी, प्रेमलता देवी, आशा बहन शकुंतला देवी, सफाई कर्मी अनिल कुमार, मतीउल्लाह, शिवचरण, केयरटेकर अर्चना कुमारी समेत अन्य कर्मचारियों ने स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया।

कार्यक्रम में ग्रामीण तफसीर आलम, बिंदलाल, जयराम, सुंदरी, शीला, इंद्रजीत, महेश, इनामुल्लाह, जहांगीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, सफाई, राशन कार्ड, पेंशन और आवास से संबंधित समस्याएं उठाईं, जिन पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया गया।

ग्राम पंचायत चौपाल के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव की चौपाल तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगी। ग्रामीणों ने भी इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

अंग्रेजी छोटी हेडिंग:

Village Chaupal for Public Solutions

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मदरसे में मासूम की मौत का खुलासा!

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सबक सुनाने के विवाद में नाबालिग छात्र पर हत्या का आरोप**

FT News Digital | विशेष रिपोर्ट

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सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में मदरसे में पढ़ने वाले एक छात्र की संदिग्ध मौत का मामला अब पुलिस जांच के बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है।

पुलिस ने मामले में एक नाबालिग छात्र को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की है।

मामला तुलसियापुर गांव निवासी 12 वर्षीय छात्र अनीसुर्रहमान से जुड़ा है, जो बढ़नी क्षेत्र स्थित एक मदरसे में हाफिज़ की तालीम हासिल कर रहा था। बीते दिनों उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम की मांग किए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना में गला दबाकर मौत होने की बात सामने आई।

इसके बाद क्षेत्राधिकारी और ढेबरुआ पुलिस टीम ने मदरसे पहुंचकर शिक्षकों और छात्रों से गहन पूछताछ की। जांच के दौरान एक नाबालिग छात्र को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि पढ़ाई के दौरान “सबक सुनाने” को लेकर दोनों छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में आकर कथित रूप से घटना को अंजाम दिया गया।

हालांकि पूरे मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत की जा रही है और जांच अभी भी जारी है।

घटना के बाद इलाके में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं स्थानीय लोग मदरसों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

 

 

इटवा में हाईवोल्टेज ड्रामा: पति के दूसरी महिला संग जाने से आहत विवाहिता पानी की टंकी पर चढ़ी, घंटों चला मान-मनौव्वल

इटवा, सिद्धार्थनगर

इटवा थाना क्षेत्र के सोननगर गांव में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब पारिवारिक विवाद से आहत एक विवाहिता गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला अपने पति द्वारा दूसरी महिला के साथ चले जाने से मानसिक रूप से परेशान बताई जा रही थी। घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई और करीब दो घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद प्रशासन और पुलिस की समझाइश पर महिला सुरक्षित नीचे उतरी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोननगर गांव निवासी मंगेर की पुत्री दीपा (28) की शादी लगभग 12 वर्ष पूर्व जनपद बलरामपुर के रेहरा बाजार क्षेत्र में हुई थी। महिला के दो बच्चे भी हैं। बताया जा रहा है कि बीते कुछ समय से वह अपनी मां की सेवा के चलते अधिकतर समय मायके में रह रही थी। इसी दौरान पति का किसी अन्य महिला से संपर्क हो गया, जिससे पारिवारिक संबंधों में तनाव बढ़ गया।

परिजनों के मुताबिक, महिला को उम्मीद थी कि समय के साथ हालात सामान्य हो जाएंगे और पति-पत्नी के बीच संबंध सुधर जाएंगे। लेकिन हाल ही में पति के दूसरी महिला के साथ चले जाने की जानकारी मिलने के बाद वह काफी आहत हो गई। आरोप है कि फोन करने पर भी पति बातचीत से बचने लगा, जिससे महिला की मानसिक स्थिति और खराब हो गई।

बताया जाता है कि गुरुवार सुबह करीब 10 बजे महिला गांव में जल निगम की निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गई और वहीं से फोन पर पति से बात कराने की मांग करने लगी। सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ जुट गई। काफी देर तक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन महिला नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई।

स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने इटवा पुलिस को सूचना दी। सूचना पर नायब तहसीलदार विष्णु प्रताप सिंह श्रीनेत के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने संयम के साथ महिला को समझाया और करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले मान-मनौव्वल के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

घटना को लेकर क्षेत्र में पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला को सुरक्षित नीचे उतारकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में फिलहाल किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन ने लोगों से पारिवारिक विवादों को बातचीत और सामाजिक स्तर पर सुलझाने की अपील की है।

झोपड़ी में रखा सिलेंडर फटा, गृहस्थी का सामान जलकर राख

कोडरताल गांव में हादसा, बड़ा नुकसान लेकिन जनहानि टली

सिद्धार्थनगर जनपद के थाना कोतवाली जोगिया उदयपुर क्षेत्र अंतर्गत दोहनी टोला कोडरताल गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खाना बनाने के दौरान अचानक आग लगने से गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। हादसे में झोपड़ी में रखा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।IMG 20260514 WA1544

स्थानीय पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहनलाल पुत्र स्वर्गीय बद्री पासवान निवासी दोहनी टोला कोडरताल अपने झोपड़ी नुमा मकान में गैस सिलेंडर पर चाय बना रहे थे। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि आग पर काबू पाने की कोशिश के दौरान ही सिलेंडर में तेज धमाका हुआ और सिलेंडर फट गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के बाद झोपड़ी में रखा बॉक्स, कपड़े, गैस चूल्हा, पंखा सहित अन्य गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।

सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों व संबंधित विभाग को दी गई। प्रारंभिक स्तर पर आग लगने का कारण गैस सिलेंडर से संबंधित हादसा बताया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते लोग मौके पर न पहुंचते तो आग आसपास की अन्य झोपड़ियों तक भी फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


चाय बनाते समय सिलेंडर में ब्लास्ट, झोपड़ी में लगी भीषण आग

जोगिया में सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप, गृहस्थी का सामान राख

बड़ा हादसा टला: सिलेंडर विस्फोट से झोपड़ी जली, परिवार सुरक्षित

 

“एक खेत… तीन फसलें” : वैज्ञानिक खेती और वार्षिक नियोजन से बदलेगी किसानों की तस्वीर – अभिनव सिंह

 

सिद्धार्थनगर। बदलते मौसम, घटते जलस्तर और बढ़ती खेती लागत के बीच किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक खेती, वार्षिक फसल नियोजन और जल संरक्षण आधारित खेती पर विशेष जोर दिया गया।

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गौतम बुद्ध जागृति समिति द्वारा आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक तकनीकों और कम लागत वाली टिकाऊ खेती अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मौजूद सहायक विकास अधिकारी (कृषि) अभिनव सिंह ने कहा कि यदि किसान समय चक्र और फसल अवधि को ध्यान में रखते हुए खेत का वार्षिक नियोजन करें, तो एक ही खेत से वर्ष में तीन फसलें लेकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।

उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन की शुरुआत हो चुकी है, इसलिए किसान अपनी भूमि की प्रकृति के अनुसार बीजों का चयन करें तथा मिट्टी की जांच कराकर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फसलों में अत्यधिक पानी देना नुकसानदायक साबित हो सकता है और सीमित एवं संतुलित सिंचाई ही बेहतर उत्पादन की कुंजी है।

तकनीकी सहायक कृषि छोटेलाल ने खरीफ और रबी सीजन के बीच सब्जियों, दलहन और तिलहन की लाभकारी खेती पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही जैविक खेती, रोग एवं कीट नियंत्रण, मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उपायों पर किसानों को प्रशिक्षित किया गया।

कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि “मौसम परियोजना” के तहत किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप खेती के लिए तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, वैकल्पिक सौर ऊर्जा और टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को डीएसआर विधि, मेड़बंदी, मिश्रित खेती, हरी खाद, कम पानी वाली किस्में, सूखा एवं बाढ़ सहनशील फसलें, अगेती खेती और मृदा स्वास्थ्य सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवहारिक जानकारी दी गई।

इस मौके पर सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक करुणाकर पाण्डेय सहित कई कृषि कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम को किसानों के लिए जागरूकता और आधुनिक खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

 

ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन

 

 

 

सिद्धार्थनगर। जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। परिवहन विभाग द्वारा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों का डाटा संकलित किया जा रहा है, ताकि पात्र चालकों को योजना का लाभ दिलाया जा सके।

विभाग की ओर से बताया गया है कि इच्छुक चालक अपने एवं परिवार के आधार कार्ड की छायाप्रति, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन स्वामी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के साथ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर में उपस्थित होकर निर्धारित प्रारूप पर आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रधान सहायक राजेन्द्र गुप्ता के पास जमा किए जाएंगे।

परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों से भी अपील की है कि अधिक से अधिक वाहन चालकों को इस योजना की जानकारी देकर लाभ दिलाने में सहयोग करें।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों का विवरण संकलित कर मुख्यालय भेजा जाएगा, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।

इस पहल को वाहन चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवहन कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

 

ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन

 

 

 

सिद्धार्थनगर। जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। परिवहन विभाग द्वारा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों का डाटा संकलित किया जा रहा है, ताकि पात्र चालकों को योजना का लाभ दिलाया जा सके।

विभाग की ओर से बताया गया है कि इच्छुक चालक अपने एवं परिवार के आधार कार्ड की छायाप्रति, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन स्वामी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के साथ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर में उपस्थित होकर निर्धारित प्रारूप पर आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रधान सहायक राजेन्द्र गुप्ता के पास जमा किए जाएंगे।

परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों से भी अपील की है कि अधिक से अधिक वाहन चालकों को इस योजना की जानकारी देकर लाभ दिलाने में सहयोग करें।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों का विवरण संकलित कर मुख्यालय भेजा जाएगा, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।

इस पहल को वाहन चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवहन कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

 

सपा सांसद की कथित टिप्पणी पर देशभर में उबाल, सिद्धार्थनगर में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन

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सिद्धार्थनगर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद देशभर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कई राज्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए, वहीं सिद्धार्थनगर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट परिसर में रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सांसद के बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।

प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय राजनीति की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बयानबाजी केवल राजनीतिक माहौल को भड़काने का काम करती है। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि देशभर में महिलाओं और भाजपा समर्थकों में इस बयान को लेकर गहरा आक्रोश है।

कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संबंधित सांसद के बयान की निंदा करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई।

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही तथा पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बयान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

 

 

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