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कन्हैया पासवान के प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

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सीमा से भाजपा कार्यालय तक जगह-जगह हुआ अभिनंदन, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण से गूंजा शहर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री एवं पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान के गृह जनपद सिद्धार्थनगर में प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। जनपद की सीमा से लेकर भाजपा कार्यालय तक कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। स्वागत के दौरान पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों से माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।

नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर जुटे। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर उत्साहित कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाकर भी खुशी का इजहार किया।

जगह-जगह हुआ स्वागत

पुलिस बूथ पर मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, चेयरमैन प्रतिनिधि हेमंत जायसवाल और पूर्व मंडल अध्यक्ष दृग नारायण सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद पकड़ी चौराहे पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी राकेश दत्त त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अभिनंदन किया।

बेलहिया दुर्गा मंदिर के सामने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जोगिया श्रीश चौधरी के नेतृत्व में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके अलावा मार्ग में कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर कन्हैया पासवान का अभिनंदन किया।

संगठन को मजबूत करने का जताया भरोसा

स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि कन्हैया पासवान के संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता से गोरखपुर क्षेत्र में पार्टी संगठन को और मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं ने उनके नए दायित्व को लेकर शुभकामनाएं देते हुए संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यकर्ताओं को बताया संगठन की ताकत

कन्हैया पासवान ने नए दायित्व के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने स्वागत एवं अभिनंदन के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति है और सभी के सहयोग एवं परिश्रम से संगठन को और मजबूत करने तथा पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

ये रहे मौजूद

स्वागत कार्यक्रम में भाजपा नेता संतोष पासवान, चेयरमैन बिस्कोहर अजय गुप्ता, संतोष शुक्ला, निशांत पांडेय, मयंक श्रीवास्तव, कुलदीप द्विवेदी, अंकित त्रिपाठी, ओंकार पांडेय, मनोज सिंह, सूरज कसौधन, रामेश्वर पाण्डेय, शरदेंदु त्रिपाठी, अनिल पासवान और गौरव कश्यप समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला एवं मंडल पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


स्वागत में दिखा कार्यकर्ताओं का उत्साह

सीमा से कार्यालय तक बना रहा माहौल

नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के प्रथम आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। स्वागत मार्ग पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण किया। वाहनों के काफिले के साथ समर्थकों की मौजूदगी और जगह-जगह हुए स्वागत ने कार्यक्रम को आकर्षण का केंद्र बना दिया।

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सिद्धार्थनगर में नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान का स्वागत करते भाजपा कार्यकर्ता।

भूमि विवाद के बीच युवक की गोली लगने से मौत, तीन लोग हिरासत में

सिद्धार्थनगर। जिले में भूमि विवाद से जुड़ा मामला उस समय गंभीर हो गया, जब एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

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विवाद के बीच हुई घटना से मचा हड़कंप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक का किसी भूमि संबंधी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था। इसी दौरान गोली चलने की घटना सामने आई। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

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तीन लोगों से पूछताछ, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच टीम घटना से पहले हुए विवाद, मौके पर मौजूद लोगों तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गोली चलने की परिस्थितियां क्या थीं और घटना में किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी अहम जानकारी

मृतक के शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के निष्कर्षों को जांच में शामिल किया जाएगा।

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जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

भूमि विवाद को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या का वास्तविक कारण और घटना की पूरी परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी। पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

शिक्षक राज्य पुरस्कार का लाइव प्रसारण हुआ अंबेडकर भवन में

सिद्धार्थनगर 05 सितम्बर 2026/शिक्षक दिवस के अवसर पर समर्पण, नवाचार एवं शिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 शिक्षकों का सम्मान एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 तथा मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025 का वितरण मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा योगीराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केन्द्र, रामगढ़ताल गोरखपुर से किया गया। जिसका लाइव प्रसारण मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह के साथ अम्बेडकर सभागार में देखा गया।

मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा द्वीप प्रज्ज्वलित कर मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा को बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या को बुके देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि आप सभी लोग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे। सभी शिक्षक सम्मान के योग्य है। सभी का एक गुरू होता है। मॉ, बा पके बाद गुरू ही जीवन का रास्ता दिखाता है जिससे सफल होकर हम लोग आज इस पद पर है। मा0 मुख्यमंत्री जी पूरे प्रदेश के लोगो के बारे में सोचते है। सभी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया गया है। आप लोग बच्चों को अच्छे से पढ़ाते है। सभी को पुनः शुभकामनाएं दिया।

जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या ने इस अवसर पर सभी का स्वागत करते हुए शिक्षक दिवस की बधाई दिया। बच्चों का भविष्य आप लोगो के हाथो में है। उनको अच्छी शिक्षा दे। बच्चों के सामाजिक स्तर को ऊॅचा करना आप लोगो का दायित्व है। मा0 प्रधानमंत्री जी का सपना 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। मा0 मुख्यमंत्री जी का संकल्प उ0प्र0 को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने का है। मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा पूरा प्रयास किया जा रहा है। स्कूलों में कायाकल्प योजना के अन्तर्गत कार्य कराये गये है। हाइटेक कम्प्यूटर, स्मार्ट क्लास संचालित किया जा रहा है। शिक्षामित्र एवं रसोईयों के मानदेय में वृद्धि किया गया है। शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया गया हैैै।

जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी मा0 जनप्रतिनिधिगण का स्वागत करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की बधाई दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि आप सभी लोगो ने मा0 मुख्यमंत्री जी के संबोधन को सुना। मा0 मुख्यमंत्री जी विस्तृत रूप से जानकारी दिया गया। मा0 मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में आप लोग अच्छे से कार्य करें। इस जनपद में भी अच्छा कार्य हो रहा है। सभी को पुनः शिक्षक दिवस की बधाई दिया।

इस अवसर पर मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा 30 शिक्षको को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि रिंकू पाल, पीडी अनिल कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार एवं अन्य संबधित अधिकारी/कर्मचारी व अन्य संबधित उपस्थित थे।

भारत-नेपाल सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त बैठक, तस्करी रोकने की बनी रणनीति

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस चौकी खुनुवा परिसर में ऑपरेशन कवच के तहत एंटी-स्मगलिंग ड्राइव टीम की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत और नेपाल की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में होने वाली तस्करी, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में एसएसबी, उत्तर प्रदेश पुलिस, कस्टम विभाग, नेपाल पुलिस और नेपाल एपीएफ के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत करने तथा संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं का दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि ऑपरेशन कवच के तहत भारत-नेपाल सीमा पर एंटी-स्मगलिंग ड्राइव को और प्रभावी बनाया जाएगा। तस्करी और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान बेहद जरूरी है।

अधिकारियों ने तस्करी के संभावित मार्गों को चिन्हित कर वहां विशेष निगरानी रखने, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच बढ़ाने तथा सीमा क्षेत्र में संयुक्त गश्त को प्रभावी बनाने पर भी सहमति जताई। विशेष रूप से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

बैठक में एसएसबी के इंस्पेक्टर सुनील कुमार पाण्डेय, नेपाल पुलिस के एसएसआई मीन बहादुर देउबा, नेपाल एपीएफ के इंस्पेक्टर गोविन्द सिंह थापा, यूपी पुलिस के खुनुवा चौकी प्रभारी एसआई सुरेश यादव तथा एसएसबी के एसआई नोबिन सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

इंजेक्शन के बाद मासूम की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

निजी अस्पताल में दो साल की बच्ची की मौत के बाद हंगामा, पुलिस ने संभाली स्थिति; मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं


सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय स्थित साड़ी तिराहे के पास एक निजी अस्पताल में शनिवार को इलाज के दौरान दो साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए उपचार को लेकर गंभीर सवाल उठाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बच्ची की हालत अचानक बिगड़ी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। परिवार की ओर से कथित ओवरडोज और उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी किसी चिकित्सकीय जांच या आधिकारिक रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है।


इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत का दावा, अस्पताल में हंगामा

मृत बच्ची की पहचान जया के रूप में हुई है। वह कठेला समयमाता थाना क्षेत्र के कटेला गर्बी गांव की रहने वाली बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार को जया को बुखार की शिकायत पर अस्पताल लाया गया था। जांच के बाद उसे दवाएं दी गईं। परिवार का कहना है कि अगले दिन हालत में सुधार नहीं होने पर शनिवार सुबह उसे दोबारा अस्पताल लाया गया।

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई।


हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस

बच्ची की मौत के बाद परिजन अस्पताल परिसर में शव को गोद में लेकर बैठ गए और उपचार को लेकर सवाल उठाने लगे। सूचना मिलते ही स्थानीय कोतवाल नवीन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ महिला कांस्टेबल समेत पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर स्थिति को संभाला और मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखी।


परिवार ने उठाए उपचार पर सवाल

बच्ची की मां की ओर से अस्पताल की पर्ची फाड़कर डस्टबिन में फेंकने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह इंजेक्शन की मात्रा अधिक होने अथवा इलाज में लापरवाही के आरोपों की भी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

डॉक्टर का पक्ष

पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का दिया हवाला

परिजनों के आरोपों पर चिकित्सक डॉ. संजय चौधरी ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि बच्ची को पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थीं और उसका उपचार चल रहा था। डॉक्टर के अनुसार, बच्ची तेज बुखार की स्थिति में अस्पताल लाई गई थी और उसकी स्थिति को देखते हुए उपचार किया जा रहा था।

परिजनों के मुताबिक, बच्ची को जन्म से ही स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें थीं और उसे चलने-फिरने में भी परेशानी होती थी। इन पूर्व स्वास्थ्य परिस्थितियों और मौत के बीच क्या संबंध था, यह चिकित्सकीय जांच का विषय है।

सारांश

दो साल की बच्ची की इलाज के दौरान मौत के बाद परिजनों ने कथित ओवरडोज और उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर चिकित्सक ने बच्ची की पहले से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला दिया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। फिलहाल मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं है।

टिप्पणी

आरोप गंभीर, लेकिन निष्कर्ष जांच के बाद ही

बच्ची की मौत निश्चित तौर पर परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक घटना है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होना स्वाभाविक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी चिकित्सक अथवा अस्पताल को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

मौत का वास्तविक कारण चिकित्सकीय अभिलेखों, उपचार की प्रक्रिया और आवश्यकता पड़ने पर पोस्टमार्टम जैसी प्रक्रिया से ही स्पष्ट हो सकता है। इसलिए इस मामले में आरोप और तथ्य के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।


तहरीर और पोस्टमार्टम की स्थिति पर नजर

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार की ओर से थाने में तहरीर दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है और बच्ची के शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की भी जानकारी नहीं है। आगे परिवार की ओर से शिकायत दर्ज कराई जाती है या कोई चिकित्सकीय/पुलिस जांच शुरू होती है तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

FT NEWS DIGITAL इस मामले में किसी भी पक्ष को दोषी घोषित नहीं करता। परिजनों के आरोप, चिकित्सक का पक्ष और मौके पर पुलिस की भूमिका को उपलब्ध जानकारी के आधार पर सामने रखा जा रहा है। मौत की वास्तविक वजह और आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि परिजनों के मुताबिक, जया के पिता दुर्गेश कसौधन की करीब तीन महीने पहले सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार अभी इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब दो साल की मासूम जया की मौत हो गई। एक ही परिवार पर कम समय के अंतराल में दो बड़े दुखों ने गहरा असर डाला है।


यह खबर उपलब्ध जानकारी और संबंधित पक्षों के कथनों पर आधारित है। किसी भी आरोप को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामले में आधिकारिक जांच अथवा चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने पर तथ्य उसी के अनुसार अपडेट किए जाएंगे।

श्रीरामजानकी मंदिर में आयोजन को लेकर बढ़ी तनातनी, चेयरमैन पति और पूर्व चेयरमैन पुत्र आमने-सामने

शोहरतगढ़ में समिति विवाद के बीच कहासुनी की स्थिति, पुलिस पहुंची; सुरक्षा को लेकर पीएसी तैनात

सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर शोहरतगढ़ कस्बे के श्रीरामजानकी मंदिर में उस समय माहौल गरमा गया, जब कार्यक्रम की जिम्मेदारी और कलाकारों के आयोजन को लेकर समिति से जुड़े लोगों के बीच मतभेद सामने आया। उपलब्ध अखबारी जानकारी के अनुसार, इसी विवाद के बीच नगर पालिका चेयरमैन के पति और पूर्व चेयरमैन के पुत्र के बीच कहासुनी की स्थिति बन गई। मामला बढ़ने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला गया।


कलाकारों के कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्रकाशित जानकारी के मुताबिक जन्माष्टमी आयोजन की जिम्मेदारी समिति के स्तर पर तय की गई थी। इसी बीच समिति के एक पक्ष की ओर से पहले से तय किए गए कलाकारों के मंदिर पहुंचने की बात सामने आई। इसे लेकर विवाद की स्थिति बनी।

बाद में कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाने को लेकर भी आपत्ति सामने आने की बात कही गई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंचने की स्थिति बनने की जानकारी प्रकाशित हुई।

सारांश

शोहरतगढ़ के श्रीरामजानकी मंदिर में जन्माष्टमी कार्यक्रम को लेकर समिति के भीतर विवाद सामने आया। कार्यक्रम और कलाकारों को लेकर मतभेद के बीच चेयरमैन पति और पूर्व चेयरमैन पुत्र के आमने-सामने आने की बात सामने आई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में पीएसी की तैनाती किए जाने की भी जानकारी है।


विवाद की वजह क्या थी?

मामला जन्माष्टमी के आयोजन से जुड़ा बताया जा रहा है। उपलब्ध कटिंग के अनुसार कार्यक्रम की जिम्मेदारी को लेकर समिति में पहले से मतभेद की स्थिति थी। इसी बीच कलाकारों के कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच बात बढ़ गई।

यह विवाद किस स्तर से शुरू हुआ और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही, इस संबंध में अंतिम स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान या पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।


पुलिस ने संभाला मोर्चा

मंदिर परिसर में विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रकाशित जानकारी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मंदिर में पीएसी तैनात किए जाने की बात भी सामने आई है।

फिलहाल पुलिस की मौजूदगी के बाद स्थिति सामान्य किए जाने की जानकारी है।


मंदिर में जुटे लोगों ने कराया मामला शांत

घटनाक्रम के दौरान मंदिर में मौजूद लोगों ने भी हस्तक्षेप किया और विवाद को शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया।

धार्मिक आयोजन स्थल होने के कारण पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती।


अब आगे क्या?

पूरे मामले में अब यह महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की ओर से इस घटनाक्रम को लेकर कोई आधिकारिक शिकायत, कार्रवाई या अन्य जानकारी सामने आती है या नहीं। यदि संबंधित पक्षों की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक पक्ष को विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

टिप्पणी

श्रीरामजानकी मंदिर जैसे धार्मिक स्थल पर जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर विवाद और तनाव की स्थिति निश्चित रूप से संवेदनशील मामला है। धार्मिक कार्यक्रम आपसी सहयोग और सौहार्द के साथ संपन्न हों, यही सभी पक्षों के हित में है।

इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे महत्वपूर्ण बात तथ्यों की स्पष्टता और विवाद का शांतिपूर्ण समाधान है। पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थिति को नियंत्रण में रखा जाना फिलहाल राहत की बात है।

FT News Digital की कानूनी सावधानी

यह समाचार उपलब्ध अखबारी कटिंग में प्रकाशित विवरण के आधार पर स्वतंत्र एवं मौलिक भाषा में तैयार किया गया है। FT News Digital किसी पक्ष के आरोप को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। कहासुनी अथवा विवाद से संबंधित विवरण उपलब्ध प्रकाशित जानकारी के आधार पर हैं। किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने या किसी अपराध के सिद्ध होने का दावा नहीं किया जा रहा है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान अथवा पुलिस की पुष्टि उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।

 

शोहरतगढ़ थाने के दो पुलिसकर्मियों पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप, पीड़ित पक्ष ने CO से लगाई गुहार

सिद्धार्थनगर | विशेष रिपोर्ट


सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें पीड़ित पक्ष ने थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष ने अपनी शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के सामने रखी और मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ की ओर से जांच कराए जाने की बात कही गई है।


मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि FT News Digital के पास रिश्वत लेते या पैसे देते हुए कोई वीडियो नहीं है। उपलब्ध सामग्री में पीड़ित पक्ष का बयान है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस स्तर पर मामले की जांच की बात सामने आई है।


पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संबंधित प्रकरण में दो पुलिसकर्मियों की ओर से 20 हजार रुपये की मांग की गई। शिकायत लेकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधिकारी के सामने अपनी बात रखी। पुलिस की ओर से मामले की जांच कराए जाने की बात कही गई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।


पीड़ित पक्ष ने क्या कहा?

पीड़ित पक्ष का कहना है कि उसके मामले में कार्रवाई/समाधान के सिलसिले में उससे 20 हजार रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के समक्ष अपनी शिकायत रखी और पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की।

पीड़ित पक्ष के बयान को ही आधार बनाकर यह आरोप सामने आया है। FT News Digital इस आरोप को स्वयं प्रमाणित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहा है।

पुलिस का पक्ष भी महत्वपूर्ण

मामले में क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ का पक्ष भी सामने आया है। पुलिस अधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए जांच कराए जाने की बात कही है।

जांच में शिकायत, संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष, उपलब्ध दस्तावेज और अन्य परिस्थितियों को देखा जाना महत्वपूर्ण होगा। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।


सिर्फ आरोप के आधार पर निष्कर्ष नहीं

पुलिसकर्मियों पर लगाया गया 20 हजार रुपये मांगने का आरोप गंभीर है, लेकिन फिलहाल यह शिकायतकर्ता/पीड़ित पक्ष का आरोप है। किसी भी पुलिसकर्मी को दोषी ठहराने से पहले जांच पूरी होना जरूरी है।

इसी वजह से FT News Digital ने खबर में आरोप को आरोप के रूप में ही रखा है और पुलिस का पक्ष भी शामिल किया है।


अब जांच रिपोर्ट पर नजर

अब पूरे मामले में पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच के निष्कर्ष के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।

फिलहाल इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आना है।


पुलिस व्यवस्था से जुड़ी किसी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन किसी आरोप को बिना जांच के अंतिम सत्य मानना भी उचित नहीं है। इस मामले में अच्छी बात यह है कि शिकायत सामने आने के बाद जांच की बात कही गई है।

अब जरूरत निष्पक्ष जांच की है, ताकि शिकायतकर्ता की बात और संबंधित पुलिसकर्मियों का पक्ष—दोनों सामने आ सकें और वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो।


यह समाचार पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप और पुलिस अधिकारी की ओर से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। FT News Digital के पास रिश्वत लेते या पैसे देते हुए कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है और न ही ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि की जा रही है। 20 हजार रुपये मांगने का आरोप जांच का विषय है। जांच पूरी होने से पहले किसी पुलिसकर्मी को दोषी नहीं माना जा रहा है। खबर का उद्देश्य किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि शिकायत और पुलिस की जांच संबंधी जानकारी को संतुलित रूप से सामने रखना है।

 

सिद्धार्थनगर में राजस्व विभाग में बड़ा फेरबदल, चार तहसीलदार समेत 11 राजस्वकर्मी बदले

सिद्धार्थनगर। जिले के राजस्व विभाग से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। एक स्थानीय अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में चार तहसीलदार समेत कुल 11 राजस्वकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। प्रकाशित खबर में बताया गया है कि जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद अपर जिलाधिकारी द्वारा यह प्रशासनिक बदलाव किया गया और संबंधित कर्मचारियों की नई तैनाती की जानकारी दी गई है।


राजस्व विभाग में हुए बताए जा रहे इस फेरबदल में तहसीलदारों के साथ राजस्व निरीक्षक और लेखपाल स्तर के कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र भी बदले जाने की बात प्रकाशित समाचार में कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने और संबंधित कर्मचारियों को नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।


तहसीलदार स्तर पर बदलाव

प्रकाशित समाचार के मुताबिक, दीपक कुमार श्रीवास्तव को बांसी तहसीलदार पद से तहसीलदार न्यायिक बांसी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं नवनीत कुमार को बांसी तथा मायावेंद्र प्रताप सिंह को शोहरतगढ़ तहसीलदार बनाए जाने की जानकारी दी गई है।

इसी रिपोर्ट में प्रकाश सिंह को तहसीलदार न्यायिक शोहरतगढ़ की जिम्मेदारी दिए जाने का भी उल्लेख है।


राजस्व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र भी बदले

अखबार में प्रकाशित विवरण के अनुसार राजस्व निरीक्षक स्तर पर भी फेरबदल किया गया है। रिपोर्ट में अजय कुमार वर्मा को भूलेख कार्यालय सिद्धार्थनगर, दिलीप कुमार श्रीवास्तव को संबद्ध तहसील नौगढ़, सुरेश कुमार को इटवा तथा रामकिशन को नौगढ़ भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

इसके अलावा प्रकाशित खबर में केशवनाथ/केशवनन्द चौधरी और अनूप कुमार यादव समेत अन्य राजस्वकर्मियों के कार्यक्षेत्र बदले जाने का उल्लेख है।


राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता के भूमि, प्रमाणपत्र और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव का असर प्रशासनिक कामकाज पर पड़ना स्वाभाविक है। अब नई तैनाती के बाद राजस्व मामलों के निस्तारण और आम लोगों से जुड़े कार्यों में क्या बदलाव देखने को मिलता है, यह आगे महत्वपूर्ण रहेगा।

 

जन्माष्टमी पर थानों में गूंजी भक्ति की धुन, सांसद जगदंबिका पाल ने की पूजा-अर्चना

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सिद्धार्थनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सिद्धार्थनगर जनपद के थानों में आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इसी क्रम में डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के सांसद जगदंबिका पाल ने थाना कोतवाली सिद्धार्थनगर और थाना कोतवाली जोगिया पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र और जनपदवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

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जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुए सांसद जगदंबिका पाल ने भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। थानों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ स्थानीय लोगों की भी मौजूदगी रही।


सांसद ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, न्याय और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज में प्रेम, भाईचारा और आपसी सौहार्द मजबूत करने का संदेश दिया।


सांसद ने क्या कहा?

जगदंबिका पाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी शिक्षाओं से समाज को निरंतर प्रेरणा मिलती है। जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और सद्भाव के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है।


सांसद के थानों में पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ओर से उनका स्वागत किया गया। थाना कोतवाली सिद्धार्थनगर के प्रभारी निरीक्षक नवीन सिंह और थाना कोतवाली जोगिया के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सहित पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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इस दौरान मंडल प्रभारी विपिन सिंह, अजय उपाध्याय, मीडिया प्रभारी रमेश मणि, मोरारी सिंह, दिलीप सिंह सहित सब-इंस्पेक्टर, पुलिसकर्मी और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


जन्माष्टमी के पर्व पर थानों में धार्मिक आयोजन की तस्वीरें पुलिस व्यवस्था के बीच आस्था और सामाजिक सहभागिता का अलग रूप सामने लाती हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा और उल्लास का माहौल रहा। सांसद ने इस अवसर को क्षेत्रवासियों के लिए सुख-शांति और समृद्धि की कामना से जोड़ा।

 

किसानों के संकट में सरकार का सहारा, 7 लाभार्थियों को सौंपे गए डेमो चेक

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दुर्घटना के संकट में किसानों का सहारा बनी कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, 7 लाभार्थियों को बांटे गए डेमो चेकScreenshot 20260905 072430


सिद्धार्थनगर। किसान परिवार के लिए दुर्घटना सिर्फ शारीरिक या भावनात्मक आघात नहीं, बल्कि कई बार आर्थिक संकट की वजह भी बन जाती है। ऐसे मुश्किल समय में पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत डुमरियागंज तहसील परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सात लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए गए। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद जगदंबिका पाल मौजूद रहे।


डुमरियागंज तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक सौंपे गए। इस दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि पात्र किसानों और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे।


मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उद्देश्य पात्र कृषकों एवं उनके आश्रित परिवारों को दुर्घटना के कारण उत्पन्न आर्थिक संकट में निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में 4 सितंबर 2026 को डुमरियागंज तहसील परिसर में सात लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए गए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।


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 क्या है मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना?

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य पात्र कृषकों तथा उनके आश्रित परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु अथवा निर्धारित परिस्थितियों में दिव्यांगता होने पर शासन के नियमों और पात्रता के आधार पर सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

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कार्यक्रम के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि किसानों, श्रमिकों और जरूरतमंदों के हित में सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब जरूरतमंद परिवारों तक सहायता समय से पहुंचे और पात्रता के अनुरूप प्रक्रिया पूरी हो।

टिप्पणी

किसान परिवारों के लिए दुर्घटना के बाद आर्थिक सहारा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सहायता आधारित योजनाएं संकट की घड़ी में परिवार का बोझ कम करने में भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि किसी भी योजना का लाभ संबंधित पात्रता, दस्तावेजों और शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही मिलता है। इसलिए लाभार्थियों के चयन और भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा समयबद्धता बेहद अहम है।

कार्यक्रम की झलक

तहसील सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और लाभार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित किए। बाद में उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके माध्यम से पात्र लोगों तक सहायता पहुंचाने की बात कही।

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डुमरियागंज तहसील परिसर में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित करते सांसद जगदंबिका पाल।

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