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बरसात बनी मासूम की मौत का सबब! छत पर गई 10 वर्षीय राधा की संदिग्ध मौत

बरसाती मौसम बना मासूम की मौत का कारण? छत पर गई 10 वर्षीय बालिका की संदिग्ध मौत, परिजनों ने सर्पदंश की जताई आशंका; पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें


घटना: संदिग्ध परिस्थितियों में 10 वर्षीय बालिका की मौत

मृतका: राधा (10 वर्ष), पुत्री दुर्बली

स्थान: ग्राम सुकरौली, थाना शिवनगर तिवारी, जनपद सिद्धार्थनगर

समय: रविवार शाम लगभग 6:00 बजे

स्थिति: परिजनों ने सर्पदंश की आशंका जताई, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृत्यु का वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।


बरसात का मौसम अपने साथ जहां राहत लेकर आता है, वहीं लापरवाही और प्राकृतिक खतरों के कारण कई परिवारों के लिए यह दर्द और त्रासदी का कारण भी बन जाता है। सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम सुकरौली में रविवार शाम एक ऐसा ही हृदयविदारक हादसा सामने आया, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। महज 10 वर्ष की मासूम राधा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बच्ची को छत पर किसी जहरीले जीव, संभवतः सांप ने काट लिया था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

विस्तृत समाचार

थाना शिवनगर तिवारी क्षेत्र के ग्राम सुकरौली निवासी दुर्बली की 10 वर्षीय पुत्री राधा रविवार शाम लगभग छह बजे घर की छत पर किसी घरेलू कार्य से गई थी। परिजनों के अनुसार, कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिवार को आशंका है कि बच्ची को किसी जहरीले जीव ने काट लिया था। आनन-फानन में उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी।

घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चे की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

घटना की सूचना मृतका के पिता दुर्बली ने पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने नहीं आई थी, इसलिए मृत्यु का वास्तविक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बरसात में बढ़ जाता है खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में सांप और अन्य जहरीले जीव अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं और कई बार घरों की छत, आंगन, लकड़ी, भूसे, झाड़ियों तथा जलभराव वाले स्थानों में पहुंच जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद आवश्यक है।

जनहित में अपील

यदि किसी व्यक्ति को सांप या किसी जहरीले जीव के काटने की आशंका हो तो समय बर्बाद न करें। झाड़-फूंक, टोना-टोटका या घरेलू उपचार के बजाय तत्काल निकटतम सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल पहुंचें। समय पर चिकित्सकीय उपचार से कई मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बरसात के मौसम में छोटी-सी सावधानी भी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जारी की जा रही सावधानियों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

रिपोर्ट: विजय पाल चतुर्वेदी

FT News Digital

यह संस्करण भावनात्मक प्रभाव बनाए रखता है, लेकिन किसी अपुष्ट दावे को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं करता। इससे खबर प्रभावशाली होने के साथ-साथ पत्रकारिता और कानूनी दृष्टि से भी सुरक्षित रहती है।

छह माह में उखड़ी करोड़ों की आरसीसी सड़क, गुणवत्ता पर उठे सवाल; स्थानीय लोगों ने मांगी तकनीकी जांच

संवाददाता : विजय पाल चतुर्वेदी

डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर।

डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या राजेन्द्र नगर में करीब छह माह पहले निर्मित आरसीसी सड़क के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और जगह-जगह गड्ढे बनने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने सड़क की तत्काल मरम्मत के साथ निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

सारांश

छह माह पहले बनी आरसीसी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त।

राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना हो रही परेशानी।

स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।

समाचार लिखे जाने तक संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।

विस्तृत समाचार

डुमरियागंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या राजेन्द्र नगर में कुछ माह पूर्व आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। वर्तमान में सड़क के कई हिस्सों में कंक्रीट उखड़ने, दरारें आने और गड्ढे बनने की स्थिति दिखाई दे रही है। बरसात के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम अवधि में सड़क का क्षतिग्रस्त होना गंभीर चिंता का विषय है। उनका मानना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और मानकों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। हालांकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष केवल सक्षम तकनीकी जांच के बाद ही सामने आ सकता है।

क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि संबंधित विभाग तत्काल सड़क का स्थलीय निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराए। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मानकों की अनदेखी सामने आती है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

वर्ष 2008 में नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर आधारभूत सुविधाओं की उम्मीद थी। ऐसे में नई बनी सड़क का कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होना विकास कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक धन से कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

समाचार लिखे जाने तक इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

सिद्धार्थनगर में सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे, लगातार बारिश के बीच सिंचाई विभाग ने जारी की ताजा गेज रिपोर्ट

राप्ती, बूढ़ी राप्ती, बाणगंगा, कुवानो समेत सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर, कई क्षेत्रों में दर्ज हुई अच्छी वर्षा।

सिद्धार्थनगर, 13 जुलाई। जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के बीच सिंचाई विभाग ने सोमवार सुबह 8 बजे की दैनिक गेज रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार जिले की सभी प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। हालांकि विभिन्न क्षेत्रों में हुई वर्षा के कारण नदी जलस्तर में बदलाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

सिंचाई विभाग के अनुसार बाणगंगा, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कुवानो, घेघरा, कुंडा तथा अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। बाणगंगा नदी बाणगंगा बैराज पर खतरे के निशान से 4.12 मीटर नीचे दर्ज की गई, जबकि राप्ती नदी बर्डी पुल पर 3.67 मीटर नीचे बह रही है। बूढ़ी राप्ती, कुवानो, घेघरा और कुंडा नदी के जलस्तर भी खतरे के स्तर से सुरक्षित दूरी पर दर्ज किए गए हैं।

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार जिले के कई हिस्सों में वर्षा भी रिकॉर्ड की गई। राप्ती नदी के बर्डी पुल क्षेत्र में 37 मिलीमीटर, कुंडा नदी के उस्का क्षेत्र में 33 मिलीमीटर, अन्युसार गंगा क्षेत्र में 20 मिलीमीटर, कुवानो नदी के ककरही पुल क्षेत्र में 16.80 मिलीमीटर तथा बाणगंगा बैराज क्षेत्र में 10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

सिंचाई विभाग ने बताया कि सभी नदियों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि आगामी दिनों में भारी वर्षा होती है तो जलस्तर में वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग द्वारा पूर्वांचल में अगले कुछ दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।


प्रमुख नदियों की स्थिति (13 जुलाई, सुबह 8 बजे)

नदी

स्थिति

बाणगंगा

खतरे के निशान से 4.12 मीटर नीचे

राप्ती

खतरे के निशान से 3.67 मीटर नीचे

बूढ़ी राप्ती

खतरे के निशान से 3.96 से 5.67 मीटर नीचे

कुवानो

खतरे के निशान से 5.61 मीटर नीचे

घेघरा

खतरे के निशान से 3.30 मीटर नीचे

कुंडा

खतरे के निशान से 5.15 मीटर नीचे

(स्रोत: सिंचाई विभाग, सिद्धार्थनगर की 13 जुलाई 2026 प्रातः 8 बजे जारी दैनिक गेज रिपोर्ट)

 

जनहित का मुद्दा: रेलवे स्टेशन रोड पर गड्ढों और जलभराव से बढ़ी परेशानी

सिद्धार्थनगर का रेलवे स्टेशन रोड बदहाल, बरसात में गड्ढों और जलभराव से राहगीर परेशान

IMG 20260713 072803सिद्धार्थनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र का रेलवे स्टेशन रोड बरसात के मौसम में एक बार फिर बदहाल स्थिति में नजर आ रहा है। सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव के कारण लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिक सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।


सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद क्षेत्र का रेलवे स्टेशन रोड इन दिनों जनसुविधा से जुड़ा प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। बरसात के चलते सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे और जलभराव दिखाई दे रहे हैं, जिससे दोपहिया, चारपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की अस्थायी मरम्मत समय-समय पर की जाती है, लेकिन बारिश के दौरान गड्ढे फिर उभर आते हैं। नागरिकों का मानना है कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत होने से इस समस्या का समाधान हो सकता है।
यह मार्ग रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टेशन, डिग्री कॉलेज, सिंहेश्वरी मंदिर तथा लोटन क्षेत्र को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक इसी सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क की वर्तमान स्थिति के कारण वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि इसी मार्ग पर सदर विधायक का कार्यालय स्थित है तथा यह मार्ग उनके गांव की ओर भी जाता है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से सड़क की स्थायी मरम्मत और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था कराने की मांग की है।
इस संबंध में नगर पालिका परिषद अथवा संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। यदि विभाग की प्रतिक्रिया प्राप्त होती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

एक पेड़ माँ के नाम अभियान: देवरा चौधरी अमृत सरोवर पर हुआ वृहद पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

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सिद्धार्थनगर के विकासखंड बर्डपुर क्षेत्र में “एक पेड़ माँ के नाम” महाअभियान के तहत देवरा चौधरी स्थित अमृत सरोवर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं मातृ सम्मान का संदेश दिया।


सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” महाअभियान के अंतर्गत रविवार को ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-10 के देवरा चौधरी स्थित अमृत सरोवर परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित उपाध्याय सहित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

मुख्य समाचार

खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह ने पौधारोपण करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल भी करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।

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भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मातृ सम्मान, प्रकृति संरक्षण और हरित भारत के निर्माण का जनआंदोलन है। उन्होंने लोगों से अपनी माँ के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने की अपील की।

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उपस्थित रहे

कार्यक्रम में सचिव राजदीप मिश्रा, संतोष कुमार, सभासद विजय कश्यप, जयराम यादव, प्रधानाध्यापिका नगमा बानो, रामअवतार, सतीश सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीण मौजूद रहे।

सारांश

“एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के माध्यम से देवरा चौधरी में पर्यावरण संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश दिया गया। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पौधों की देखभाल का संकल्प लिया तथा अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

अंग्रेज़ी शॉर्ट हेडिंग: One Tree for Mother Plantation Drive

‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान से जुड़ा बर्डपुर, ग्राम पंचायत देवरा चौधरी में हुआ वृहद वृक्षारोपण

सिद्धार्थनगर, 12 जुलाई। प्रदेशव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण महाअभियान के अंतर्गत विकास क्षेत्र बर्डपुर की ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-10 के टोला देवरा चौधरी में ग्राम पंचायत सचिवालय तथा प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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सारांश

बर्डपुर के देवरा चौधरी में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित।

नवागत खंड विकास अधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों ने किया पौधारोपण।

लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल का भी किया गया आह्वान।

स्वच्छ पर्यावरण और हरित भविष्य के लिए जनभागीदारी पर दिया गया जोर।

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विस्तृत खबर

उत्तर प्रदेश सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान के तहत रविवार को विकास क्षेत्र बर्डपुर की ग्राम पंचायत बर्डपुर नंबर-10 के टोला देवरा चौधरी में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम पंचायत सचिवालय तथा प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए।

कार्यक्रम में नवागत खंड विकास अधिकारी अजय प्रताप सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संतोष कुमार चौधरा ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ वातावरण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लोगों से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील की।

कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक कलीमुल्लाह, नगमा बानो, ग्राम विकास अधिकारी राजदीप सिंह, युवा नेता सतीश चौधरी, विजय कुमार, रोजगार सेवक राम अवतार, मोहम्मद काशिफ, दीपेन्द्र चौधरी, नीलम देवी, सरस्वती देवी, गायत्री देवी सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

सिद्धार्थनगर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान: लक्ष्य से अधिक 45.65 लाख पौधारोपण का संकल्प, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

सिद्धार्थनगर, 12 जुलाई। उत्तर प्रदेश के वृहद वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत रविवार को नौगढ़ विकास खंड के धौरीकुईयां स्थित समय माता मंदिर परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की।

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सारांश

धौरीकुईयां में ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान का आयोजन।

जनपद में 45,65,400 पौधे लगाने का लक्ष्य, लक्ष्य से अधिक पौधारोपण का दावा।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पौधारोपण कर संरक्षण का लिया संकल्प।

पर्यावरण संतुलन, जल संरक्षण और स्वच्छ भविष्य के लिए जनभागीदारी पर जोर।

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विस्तृत खबर

उत्तर प्रदेश सरकार के वृहद वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के अंतर्गत सिद्धार्थनगर जनपद में रविवार को धौरीकुईयां स्थित समय माता मंदिर परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी एस. वी. एस. रंगाराव, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन., पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह तथा डीएफओ नीला एम. सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई। जिलाधिकारी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय के बच्चों ने स्वागत गीत और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का ध्यान प्रकृति संरक्षण की ओर आकर्षित किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पौधों के संरक्षण का भी संकल्प है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां जीवनभर हमारा पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

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विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेशभर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा अपनी मां के नाम अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।

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भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने का आह्वान किया।

प्रमुख सचिव एवं नोडल अधिकारी एस. वी. एस. रंगाराव ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर जनपद को 45 लाख 65 हजार 400 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने कहा कि जनपद लक्ष्य से अधिक पौधारोपण की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को विकसित भारत-2047 के संकल्प का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की।

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कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी. एन. ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

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इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि एस. पी. अग्रवाल, ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा, उपजिलाधिकारी राहुल सिंह, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, पीडी अनिल कुमार, एसडीओ वन विभाग बीना तिवारी, खंड विकास अधिकारी नौगढ़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

 

अगले 3 घंटे बेहद अहम: सिद्धार्थनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में तेज आंधी, बिजली और बारिश का तात्कालिक अलर्ट

सिद्धार्थनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटे मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी तात्कालिक (Nowcast) चेतावनी के अनुसार सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महाराजगंज और संत कबीर नगर के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश की प्रबल संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। प्रशासन और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।


मौसम अलर्ट | अगले 3 घंटे

⚡ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना

🌧️ हल्की से मध्यम, कहीं-कहीं तेज बारिश

🌬️ हवा की रफ्तार 40–60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है

🌨️ कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना

🚫 खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें

📱 मौसम विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें

मुख्य समाचार

सिद्धार्थनगर जिले में अगले तीन घंटों के दौरान मौसम अचानक करवट ले सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के तात्कालिक पूर्वानुमान के अनुसार जिले के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। इसी प्रकार गोरखपुर, महाराजगंज और संत कबीर नगर के कुछ क्षेत्रों के लिए भी मौसम संबंधी चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना व्यक्त की गई है। खराब मौसम के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने, सड़कों पर जलभराव तथा आवागमन में कठिनाई जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी-तालाब के किनारे तथा ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़ा होना जोखिमपूर्ण हो सकता है। यदि बिजली चमकने या तेज आंधी की स्थिति बने तो तुरंत किसी पक्के भवन के भीतर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

वाहन चालकों से अपील की गई है कि तेज बारिश और कम दृश्यता के दौरान सावधानी से वाहन चलाएं। किसान भी मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक कार्य करने से बचें तथा कृषि उपकरणों और फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल भारत मौसम विज्ञान विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करने की अपील की है। यदि किसी स्थान पर पेड़ गिरने, बिजली लाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य आपात स्थिति की जानकारी मिले तो संबंधित विभाग को तत्काल सूचित करें।

सारांश

अगले तीन घंटे सिद्धार्थनगर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं, बारिश तथा कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और सरकारी सलाह का पालन ही सबसे बड़ा बचाव है।

(यह समाचार भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी तात्कालिक मौसम पूर्वानुमान (Nowcast) पर आधारित है। मौसम की स्थिति समय और स्थान के अनुसार बदल सकती है।)

 

सावधान सिद्धार्थनगर! आज आसमान बरसाएगा कहर, भारी बारिश और आकाशीय बिजली का हाई अलर्ट

गरजेंगे बादल, बरसेंगे मेघ! सिद्धार्थनगर में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की सतर्कता


सिद्धार्थनगर में रविवार को मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। जिले में कई स्थानों पर तेज बारिश और झोंकेदार हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।


आज का मौसम

🌧️ भारी बारिश की संभावना

⚡ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा

🌬️ तेज हवा चलने के आसार

🌡️ अधिकतम तापमान: लगभग 33°C

🌡️ न्यूनतम तापमान: लगभग 28°C

🚨 अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह

मुख्य समाचार

मानसून के सक्रिय होने के साथ सिद्धार्थनगर में रविवार को मौसम का असर तेज रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी ताज़ा चेतावनी के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 से 15 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इसके साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवागमन में बाधा तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि मौसम सामान्य होने तक खेतों में अनावश्यक कार्य न करें और खुले स्थानों पर जाने से बचें।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे, खुले मैदानों, तालाबों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। यदि तेज बारिश या बिजली चमकने लगे तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। वाहन चलाने वाले चालक भी सावधानी बरतें और जलभराव वाले मार्गों से बचें।

प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का ही पालन करने की अपील की है। आपात स्थिति में संबंधित विभागों से तुरंत संपर्क करने की सलाह भी दी गई है।

सारांश

सिद्धार्थनगर में आज भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

 

सिद्धार्थनगर में चाइनीज मांझा और सिंथेटिक डोरी पर सख्ती की तैयारी, व्यापारियों को किया गया जागरूक

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जीएसटी विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कर चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री व उपयोग पर रोक को लेकर दिया जागरूकता संदेश


सिद्धार्थनगर, 11 जुलाई। जनपद में चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य कर (जीएसटी) विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। अधिकारियों ने इन उत्पादों से होने वाली जनहानि और पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी देते हुए व्यापारियों से इनके निर्माण, बिक्री और उपयोग से दूरी बनाने तथा लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।


मुख्य बातें

जीएसटी विभाग ने व्यापारियों के साथ किया संवाद कार्यक्रम।

चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी पर जागरूकता अभियान।

जनहानि और पर्यावरण संरक्षण पर दिया गया विशेष जोर।

व्यापारियों से समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और कर भुगतान की अपील।

विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी और अधिकारी रहे मौजूद।

पूरी खबर

जनपद सिद्धार्थनगर में राज्य कर (जीएसटी) विभाग की ओर से व्यापारियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा तथा सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को इन प्रतिबंधित सामग्रियों से होने वाले संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि चाइनीज एवं सिंथेटिक मांझा तथा सीसा-लेपित डोरी के उपयोग से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। व्यापारियों से अनुरोध किया गया कि वे ऐसे उत्पादों का निर्माण, भंडारण और बिक्री न करें तथा आम लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।

संवाद कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों से समय पर जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और नियमानुसार कर भुगतान सुनिश्चित करने की भी अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि कर अनुपालन और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों ही व्यापार जगत की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।

बैठक में उप आयुक्त सिद्धार्थ सौरभ बन्धु, उप आयुक्त विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज कुमार वर्मा, सहायक आयुक्त परमहंस यादव, राज्य कर अधिकारी महेंद्र सिंह तथा जय प्रकाश भारती सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

व्यापार मंडल के पदाधिकारी अजय कश्यप, राजकमल जायसवाल, भीमचंद, सुभम, उत्तम श्रीवास्तव, शिवव्रत अग्रहरी, रणजीत कश्यप, शिव कुमार कश्यप, ओमप्रकाश कश्यप सहित सिंथेटिक एवं नॉन-वोवन ट्रेड से जुड़े व्यापारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन और व्यापारियों के साझा प्रयास से ही जनसुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।

सारांश

सिद्धार्थनगर में राज्य कर विभाग ने व्यापारियों के साथ संवाद कर चाइनीज मांझा, सिंथेटिक मांझा और सीसा-लेपित डोरी के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग पर रोक को लेकर जागरूक किया। अधिकारियों ने जनहानि और पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए व्यापारियों से प्रतिबंधित सामग्री का कारोबार न करने और समय पर जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की।

 

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