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ऑटो और टैक्सी चालकों को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, परिवहन विभाग ने मांगे आवेदन

 

 

 

सिद्धार्थनगर। जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। परिवहन विभाग द्वारा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कार्यालय सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि परिवहन विभाग, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में जनपद के ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी चालकों का डाटा संकलित किया जा रहा है, ताकि पात्र चालकों को योजना का लाभ दिलाया जा सके।

विभाग की ओर से बताया गया है कि इच्छुक चालक अपने एवं परिवार के आधार कार्ड की छायाप्रति, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन स्वामी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र के साथ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर में उपस्थित होकर निर्धारित प्रारूप पर आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रधान सहायक राजेन्द्र गुप्ता के पास जमा किए जाएंगे।

परिवहन विभाग ने ऑटो रिक्शा एवं टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों से भी अपील की है कि अधिक से अधिक वाहन चालकों को इस योजना की जानकारी देकर लाभ दिलाने में सहयोग करें।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों का विवरण संकलित कर मुख्यालय भेजा जाएगा, जिसके बाद पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जाएगा।

इस पहल को वाहन चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवहन कर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

 

सपा सांसद की कथित टिप्पणी पर देशभर में उबाल, सिद्धार्थनगर में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन

FT News Digital

सिद्धार्थनगर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर समाजवादी पार्टी के एक सांसद द्वारा की गई कथित अभद्र टिप्पणी के बाद देशभर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कई राज्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं और महिला मोर्चा द्वारा विरोध प्रदर्शन किए गए, वहीं सिद्धार्थनगर में भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट परिसर में रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।

हाथों में तख्तियां और पार्टी के झंडे लिए महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने सांसद के बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग राजनीतिक शिष्टाचार के विपरीत है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है।

प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय राजनीति की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की बयानबाजी केवल राजनीतिक माहौल को भड़काने का काम करती है। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि देशभर में महिलाओं और भाजपा समर्थकों में इस बयान को लेकर गहरा आक्रोश है।

कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के बाद भाजपा महिला मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संबंधित सांसद के बयान की निंदा करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की गई।

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही तथा पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो इस बयान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

 

 

पेट्रोल पंप विवाद ने पकड़ा सियासी रंग

UP | Siddharthnagar


भाजपा पदाधिकारी के आरोप, वायरल वीडियो और एफआईआर के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म

सिद्धार्थनगर।

जनपद के बर्डपुर क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर डीजल दिए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। भाजपा पदाधिकारी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, प्रशासनिक हस्तक्षेप और पुलिस कार्रवाई के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 10 मई 2026 की शाम का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री अविनाश सिंह ने आरोप लगाया है कि वह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए मधुबेनिया बर्डपुर स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पहुंचे थे।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने कथित तौर पर ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की बात कहते हुए डीजल देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

अविनाश सिंह का कहना है कि सूचना मिलने पर पंप संचालक चाँद मोहम्मद उर्फ चाँद भाई मौके पर पहुंचे, जहां कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें पंप परिसर से बाहर निकालने का प्रयास भी किया गया।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता का दावा है कि स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आरोप यह भी लगाया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

इसी बीच पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति खुद को भारतीय जनता पार्टी का “जिला महामंत्री” बताते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गईं।

हालांकि, जब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी का सदस्य नहीं है और पार्टी से उसका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

वहीं शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र और पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली सिद्धार्थनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो सहित सभी तथ्यों को जांच के दायरे में लिया गया है।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत पत्र, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

अब बड़ा सवाल यह है कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं…

क्या वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप जांच में प्रमाणित होंगे…

और प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाता है…

फिलहाल सिद्धार्थनगर का यह पेट्रोल पंप विवाद जिले में राजनीतिक बहस और चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।

(नोट : यह समाचार शिकायतकर्ता के आरोपों, वायरल वीडियो, पुलिस तहरीर एवं उपलब्ध स्थानीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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“सच और… कुछ नहीं।”

समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान

बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन

सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।

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रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।

सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।

उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।

कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।

रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।

समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान

बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन

सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।

रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।

सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।

उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।

कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।

रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।

परिवार से दूर शिक्षकों का फूटा दर्द, सिद्धार्थनगर में धरना देकर सरकार तक पहुंचाई आवाज

वरिष्ठता आधारित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति की मांग तेज, बीएसए के मौके पर न पहुंचने से शिक्षकों में दिखा आक्रोश

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सिद्धार्थनगर। जनपद में वर्षों से परिवार से दूर रहकर सेवा दे रहे परिषदीय शिक्षक और शिक्षिकाओं का दर्द बुधवार को खुलकर सामने आ गया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग बुलंद की।

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धरने का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश संयुक्त मंत्री आदित्य कुमार शुक्ल ने किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू किए जाने की मांग उठाई।

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धरने में शामिल शिक्षकों का कहना था कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले दस से बारह वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर तैनात हैं, जिससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान स्थानांतरण व्यवस्था में आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

धरना स्थल पर उस समय नाराजगी और बढ़ गई जब ज्ञापन लेने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहे। शिक्षकों ने इसे उनकी समस्याओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता बताया। हालांकि बाद में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।

जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार शुक्ल ने कहा कि संगठन शिक्षकों की वर्षों पुरानी पीड़ा को गंभीरता से महसूस कर रहा है और अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति लागू नहीं की गई तो आंदोलन जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी लखनऊ तक पहुंचाया जाएगा।

जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लंबे समय से परिवार से दूर रह रहे शिक्षकों की समस्याओं को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह ने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।

धरने को शिवपाल सिंह, जे.पी. गुप्ता, मनोज त्रिपाठी, आनन्द पाण्डेय, अरुण कुमार चतुर्वेदी, विपुल कुमार सिंह, रेनू मणि त्रिपाठी, विजय सिंह भास्कर, सुरेन्द्र गुप्ता, नवनीत पाण्डेय, राहुल कुमार, अंजनी झा, गोपेश दूबे, राकेश पाण्डेय, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, उमाकान्त गुप्ता, नगीना राय, आशीष पाण्डेय, अरुण भास्कर, प्रतिभा त्रिपाठी, अर्चना कटियार, विवेक द्विवेदी सहित अन्य शिक्षकों ने संबोधित किया।

धरना प्रदर्शन का संचालन संजय कुमार पाठक एवं सुरेन्द्र द्वारा किया गया।


“बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक आज अपने परिवार से मिलने की उम्मीद लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।”

 

दो महीने पहले बजी थी शहनाई, अब नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से गांव में सनसनी

मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी


सिद्धार्थनगर। जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के पचउथ गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मनीषा के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब दो महीने पहले पचउथ गांव निवासी देवदत्त मौर्य से हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही दहेज को लेकर विवाद की बातें सामने आ रही थीं।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मनीषा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका की माँ ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है और परिवार को न्याय चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही डुमरियागंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या का। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी मौत की असली वजह
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। वहीं परिजनों की मांग है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पेट्रोल पंप पर डीजल देने से इनकार और अभद्रता का आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग

 “मोबिल खरीदो तभी मिलेगा डीजल?” — वायरल शिकायती पत्र से मचा हड़कंप

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सिद्धार्थनगर। जिले में एक पेट्रोल पंप संचालक पर उपभोक्ताओं के साथ कथित मनमानी और अभद्र व्यवहार करने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा जिला मंत्री अविनाश सिंह द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए एक शिकायती पत्र के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप पर डीजल देने से पहले जबरन मोबिल ऑयल खरीदने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर कथित रूप से धमकी तक दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 मई 2026 की शाम अविनाश सिंह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए बर्डपुर क्षेत्र स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पेट्रोल पंप पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की शर्त रखी और बिना मोबिल खरीदे डीजल देने से इनकार कर दिया।

शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब इस बात का विरोध किया गया तो पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

भाजपा नेता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पेट्रोल पंप के लाइसेंस और संचालन व्यवस्था की जांच कर आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।

प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका।

FT News Digital वायरल शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह खबर उपलब्ध शिकायत पत्र और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जनता के बीच उठ रहे सवाल

क्या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है?

क्या पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है?

आखिर आम उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए?

अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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