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जमीनी विवाद में मौत के बाद सियासत तेज, पीड़ित परिवार से मिले भाजपा नेता—दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा

सिद्धार्थनगर। जिले के लोटन विकास खंड के कोल्हुआ गांव में जमीनी विवाद में हुई युवक संदीप यादव की मौत के बाद अब सियासी हलचल तेज हो गई है। रविवार सुबह करीब 10 बजे कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या और विधायक प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
नेताओं ने मृतक के पिता भोला यादव और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस दौरान यह भी सामने आया कि घटना में मृतक की मां और बहन भी घायल हुई हैं। मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने तत्काल डॉक्टरों की टीम बुलवाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया और बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, साथ ही दवाइयों की व्यवस्था भी कराई।
नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीते दो दिनों में कई राजनीतिक दलों के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने केवल बयानबाजी और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया, जबकि घायल महिलाओं की सुध तक नहीं ली।
वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। इस पर नेताओं ने थाना प्रभारी हरिओम कुशवाहा को निर्देशित करते हुए टीम गठित कर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
ग्राउंड रिएक्शन
ग्रामीणों ने भाजपा प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने और घायल महिलाओं के इलाज की व्यवस्था कराने की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि अब तक आए अन्य नेताओं ने केवल औपचारिकता निभाई, जबकि इस प्रतिनिधिमंडल ने वास्तविक स्थिति को समझने और मदद करने का प्रयास किया।
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यह रिपोर्ट स्थानीय सूत्रों और मौके पर मौजूद लोगों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। मामले की जांच जारी है, अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

24 घंटे में हत्या का खुलासा: 1 आरोपी गिरफ्तार, 3 बाल अपचारी अभिरक्षा में

जनपद सिद्धार्थनगर के थाना मोहाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना का पुलिस ने महज़ 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए तीन बाल अपचारीगण को अभिरक्षा में लिया है। सभी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही पूरी कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान (IPS) के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सुरेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई।

बताया गया कि थाना मोहाना में दर्ज मुकदमा संख्या 63/2026, धारा 103(1)/3(5) बीएनएस से संबंधित इस प्रकरण में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए मोहाना पुल के पास स्थित अमरूद के बाग से आरोपी वजीर अहमद पुत्र जलाल मोहम्मद निवासी मधुबनी टोला जिगनिहवा को गिरफ्तार किया। साथ ही तीन बाल अपचारीगण को भी अभिरक्षा में लिया गया।

घटना में प्रयुक्त एक लकड़ी का टेढ़ा डंडा (आलाकत्ल) भी पुलिस ने बरामद किया है।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है तथा सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।


यह खबर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर प्रसारित की जा रही है।


मामले की अंतिम पुष्टि न्यायालय के निर्णय के अधीन होगी।

 

सिद्धार्थनगर में सनसनीखेज मामला! किशोर की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप

 

जनपद सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर टोला मोहाना चौक थाना मोहाना मार्ग पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक किशोर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।

📍 मृतक की पहचान सगीर पुत्र कलीमुल्लाह के रूप में हुई है, जिसका शव घर से महज कुछ मीटर दूरी पर मिला।

⚠️ शव पर गंभीर चोटों के निशान – मुंह, नाक और सिर पर गहरी चोटें मिलने से मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है।

👨‍👩‍👦 परिजनों का आरोप – गांव के ही 4 युवकों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि सगीर की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

❓ बड़ा सवाल – आखिर एक मासूम किशोर की जान किसने और क्यों ली?

🚔 प्रशासन से मांग – निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: जर्जर पानी की टंकी बनी मौत का कारण, एक मासूम की जान गई

सीढ़ी टूटने से 100 फीट नीचे गिरे 3 बच्चे, 2 का इलाज जारी, 2 टंकी पर फंसे—रेस्क्यू ऑपरेशन जारी


उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सदर थाना क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास योजना के पास बनी एक पुरानी और परित्यक्त पानी की टंकी अचानक हादसे का कारण बन गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह टंकी करीब दो दशक पहले ही अनुपयोगी घोषित की जा चुकी थी, बावजूद इसके वहां पर्याप्त सुरक्षा या घेराबंदी नहीं थी।

शनिवार दोपहर, 5 बच्चे खेलते हुए टंकी पर चढ़ गए। इनमें से 2 बच्चे ऊपर पहुंच गए, जबकि 3 बच्चे जैसे ही ऊपर पहुंचने वाले थे, तभी बीच की सीढ़ी अचानक टूटकर नीचे लटक गई। इसके बाद लगभग 100 फीट की ऊंचाई से तीन बच्चे नीचे गिर पड़े।

घटना की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां 14 वर्षीय सिद्धार्थ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं 13 वर्षीय गोलू और 11 वर्षीय सनी का उपचार जारी है।

इस बीच, टंकी के ऊपर फंसे 2 अन्य बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए राहत और बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी शुरू कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है और समन्वय के साथ बचाव कार्य तेज किया गया है।


क्या इस परित्यक्त और जर्जर टंकी को सुरक्षित नहीं किया जाना चाहिए था?

क्या ऐसे खतरनाक ढांचे बच्चों की पहुंच में खुले छोड़ना बड़ी लापरवाही नहीं है?


फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है और पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है। यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि समय रहते खतरनाक संरचनाओं को सुरक्षित करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

— FT News Digital

रोडवेज कर्मचारियों का उबाल: 9 सूत्रीय मांगों पर सरकार को अल्टीमेटम, आंदोलन होगा और तेज

 

19 सितंबर तक समाधान नहीं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, कर्मचारियों ने उठाई अपनी पीड़ा


सिद्धार्थनगर

उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की सिद्धार्थनगर डिपो शाखा के तत्वावधान में आयोजित धरना-प्रदर्शन ने कर्मचारियों की बढ़ती बेचैनी और असंतोष को खुलकर सामने ला दिया। प्रदेश स्तरीय आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों की एकजुटता और अपनी मांगों को लेकर गंभीरता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाई पी यादव (अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश) उपस्थित रहे। उनके साथ शिवाकांत पांडे (जिला मंत्री), गोविंद ओझा (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), रत्नेश दुबे (कोषाध्यक्ष) भी मौजूद रहे, जिन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता दिनेश चंद्र मिश्र ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन अष्टभुजा पांडे (शाखा मंत्री) द्वारा किया गया।

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धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं पर यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर न केवल कर्मचारियों बल्कि परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से अपेक्षा जताई कि कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विजय शंकर गंगवार को सौंपा और जल्द समाधान की मांग की।

कार्यक्रम में बृजेश पांडे (फार्मासिस्ट), विजय मिश्रा, सुरेश चंद्र, गणेश शंकर मिश्रा, गोरखनाथ पांडे, मोहम्मद अशरफ, अमित मिश्रा, दीपक गौड़ सहित अन्य कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही। वहीं राजकुमार यादव, रिजवान मुल्ला, मनोज सिंह, रामायण उपाध्याय, अल्लाह हुसैन, विनोद मिश्रा, लवकुश शुक्ला, जितेंद्र उपाध्याय, सत्य प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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धरना-प्रदर्शन में यह स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का रास्ता चुना है।

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संतुलित निष्कर्ष (चैनल सुरक्षा)

कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया गया है। शासन-प्रशासन से अपेक्षा जताई गई है कि वह कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करे। इस संबंध में संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी है।

 

जमीनी विवाद में मौत: नामजद और अज्ञात समेत कई पर मुकदमा, जांच तेज

सिद्धार्थनगर | FT News Digital

सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद में युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इस प्रकरण में पहले से दर्ज मुकदमे में कई नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों को शामिल किया गया है, जबकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य नामों को भी जोड़ा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मृतक पक्ष द्वारा दी गई तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों (जिनमें कथित वीडियो/ऑडियो का भी उल्लेख है) के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमे का विस्तार किया है। हालांकि, आरोपियों के नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले उनकी भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।

इससे पहले, घटना के विरोध में परिजन और ग्रामीण करीब 5 घंटे तक धरने पर बैठे रहे, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया। इसी दौरान प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तत्कालीन कोतवाल को हटाकर नए प्रभारी की तैनाती भी की गई।

पुलिस ने हालात को नियंत्रित करते हुए मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


महत्वपूर्ण: इस मामले में सामने आए नाम और दावे जांच का हिस्सा हैं। चैनल किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।

जमीनी विवाद में युवक की मौत, 5 घंटे जाम के बाद प्रशासन का सख्त एक्शन

📍 सिद्धार्थनगर | लोटन से विशेष रिपोर्ट

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जनपद सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद ने गंभीर रूप लेते हुए एक युवक की जान ले ली। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा, जिसके चलते लोटन चौराहे पर करीब 5 घंटे तक यातायात बाधित रहा।

हालांकि, पुलिस प्रशासन की तत्परता और संयमित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और बातचीत के बाद जाम समाप्त कराया गया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को गदमरहवा गांव निवासी राममिलन और कोल्हुआ निवासी संदीप यादव के परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ था।

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यह विवाद बाद में मारपीट में बदल गया, जिसमें संदीप यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर लखनऊ रेफर किया गया, जहां 28 अप्रैल की शाम इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

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पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सड़क पर उतरा जन आक्रोश, 5 घंटे जाम

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मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बुधवार सुबह लोटन चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया गया, जिससे मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया।

करीब 5 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों से संवाद स्थापित किया।

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पुलिस की सक्रियता से संभले हालात

अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अधिकारियों के समझाने और भरोसा दिलाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

प्रशासन का बड़ा कदम

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए लोटन कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार सरोज को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

उनकी जगह हरिओम कुशवाहा को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिन्होंने मामले की जांच और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय जनभावना और स्थिति की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


यह घटना दर्शाती है कि जमीनी विवाद जैसे मुद्दों को समय रहते सुलझाना कितना आवश्यक है।

फिलहाल प्रशासन की सक्रियता से क्षेत्र में शांति बनी हुई है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

 

“सिद्धार्थनगर में सड़कों पर उतरी महिलाओं का आक्रोश—आरक्षण की मांग को लेकर पुतला दहन, व्यवस्था को खुली चेतावनी”

मोहन चौराहे पर सैकड़ों महिलाओं का प्रदर्शन, ‘हक और हिस्सेदारी’ को लेकर तेज हुआ आंदोलन

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सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत मुहाना थाना इलाके के मोहन चौराहे पर सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर नारेबाजी की और प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।

मौके पर मौजूद दृश्य यह साफ संकेत दे रहा था कि यह प्रदर्शन केवल औपचारिक विरोध नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मांगों के प्रति बढ़ती बेचैनी और असंतोष का परिणाम है।

नेतृत्व और भागीदारी

इस आंदोलन की अगुवाई

ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा,

महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अरुण मिश्रा,

और नगर अध्यक्ष गायत्री मिश्रा ने की।

वहीं प्रदर्शन में शामिल प्रमुख महिलाओं में

किरन देवी, नीमा देवी, सूरजमती देवी, अनीता देवी, तारामती, सरोज देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, कमलावती देवी, सुभावती देवी, रामवती देवी, कलावती देवी, सुनीता, सुमन, गुड़िया, संगीता देवी, रंजन मौर्य, निरमा देवी, सत्यभामा, नेमा देवी, सुशीला देवी, रिंकी, रीता पांडे, बबीता देवी, पूनम देवी

की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम में

ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश मिश्रा,

अजय गुप्ता,

मंडल महामंत्री वीरेंद्र कुमार,

और मंडल मंत्री करीम खान भी मौजूद रहे।

विरोध का तरीका और संदेश

महिलाओं ने सड़क पर उतरकर:

जोरदार नारेबाजी की

पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया

एकजुटता के साथ अपनी मांगों को रखा

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

महिला आरक्षण बिल—मुद्दे की जड़

जिस मुद्दे को लेकर यह प्रदर्शन हुआ, वह है महिला आरक्षण बिल।

बिल का उद्देश्य:

लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना

महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना

राजनीतिक क्षेत्र में लैंगिक समानता सुनिश्चित करना

आक्रोश क्यों?

प्रदर्शनकारियों के अनुसार:

बिल के बावजूद जमीनी स्तर पर लागू करने में देरी

महिलाओं को तत्काल राजनीतिक अवसर नहीं मिल पा रहे

केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस क्रियान्वयन की जरूरत

प्रशासनिक स्थिति

राहत की बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।


सिद्धार्थनगर की सड़कों पर उतरी यह भीड़ अब एक साफ संदेश दे रही है—

महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं, निर्णायक भूमिका चाहती हैं।

अगर उनकी आवाज अनसुनी रही, तो यह आंदोलन और तेज और व्यापक हो सकता है।

 

जोगिया ब्लॉक में प्रधानों की हुंकार: मांगें पूरी न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

सिद्धार्थनगर | जोगिया ब्लॉक

जनपद सिद्धार्थनगर के जोगिया विकास खंड में मंगलवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले आयोजित मासिक बैठक में ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। बैठक का नेतृत्व जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र एवं ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव ने किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों की मौजूदगी रही, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों ने पंचायत संचालन में आ रही गंभीर बाधाओं पर खुलकर चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।


क्या हैं प्रधानों की मुख्य मांगें?


ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 के बाद समाप्त होने की स्थिति में

या तो कार्यकाल बढ़ाया जाए या प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया जाए

मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों का

3 वर्षों से लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए

 राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त योजनाओं के

सभी बकाया भुगतान जल्द किए जाएं और नए कार्य स्वीकृत हों

 चुनाव के समय फर्जी शिकायतों पर

बिना जांच कार्रवाई रोकने की मांग

 ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर

कम से कम ₹15,000 प्रति माह किया जाए

 विकास कार्यों के दौरान दबंगों से खतरे को देखते हुए

प्रधानों को प्रशासनिक और विधिक सुरक्षा दी जाए


बैठक का संचालन व प्रमुख मौजूदगी

कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र गौतम (प्रधान प्रतिनिधि, भैसहवा) ने किया, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव (ग्राम प्रधान, करौंदा मसिना) ने निभाई।

मुख्य रूप से उपस्थित रहे—

डॉ. पवन मिश्र (जिलाध्यक्ष)

ताकीब रिजवी (प्रदेश उपाध्यक्ष)

एडवोकेट नीरज सिंह

जिला कमेटी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान

इसके अलावा जमील अहमद, नसीम अहमद, अरविंद यादव, पिंटू सिंह, सुग्रीम यादव, मनीष मिश्रा, दुर्गा चौधरी, महमूद हुसैन सहित कई ग्राम पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।

आंदोलन के संकेत

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह जोगिया ब्लॉक सहित कुल 14 ब्लॉकों में से एक महत्वपूर्ण बैठक थी। अन्य ब्लॉकों में बैठक के बाद

👉 बड़े स्तर पर पंचायत/आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी

प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

नारे और माहौल

बैठक के दौरान

“प्रधान एकता जिंदाबाद”

“स्व. महावीर दत्त शर्मा अमर रहें”

जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।


यह बैठक केवल एक सामान्य बैठक नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर बढ़ती नाराजगी का संकेत है। यदि समय रहते सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले सकता है।

 

सिद्धार्थनगर में शाही विदाई का नजारा: हेलीकॉप्टर से दुल्हन विदा, खैरा बाजार बना ‘मेला’

सिद्धार्थनगर के खैरा बाजार में दूल्हे ने दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा कराया, हजारों लोग देखने पहुंचे—पढ़ें पूरी खबर।


सिद्धार्थनगर। जिले के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत खैरा बाजार गांव में बुधवार को एक ऐसी विदाई देखने को मिली, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। आमतौर पर जहां दुल्हन की विदाई कार या पारंपरिक साधनों से होती है, वहीं यहां दूल्हा हेलीकॉप्टर लेकर पहुंचा और दुल्हन को शाही अंदाज में विदा कराया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इटवा ब्लॉक के जिगना शुक्ल गांव निवासी राम अजोरे चौधरी के पुत्र राम लखन चौधरी का विवाह 28 अप्रैल को खैरा बाजार निवासी सुभाष चौधरी की पुत्री प्रियंका चौधरी के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के बाद विदाई को यादगार बनाने के लिए दूल्हे ने हेलीकॉप्टर का इंतजाम किया।

बुधवार को जैसे ही हेलीकॉप्टर गांव में उतरा, पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई। आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते खैरा बाजार में मेले जैसा माहौल बन गया।

दुल्हन की विदाई के दौरान हर कोई इस पल को अपने मोबाइल में कैद करता नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस ‘रॉयल विदाई’ के गवाह बने। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इस तरह की भव्य विदाई देखी है।

इस आयोजन के लिए पहले से तैयारियां की गई थीं, जिससे हेलीकॉप्टर के उतरने और उड़ान भरने में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया।

फिलहाल, यह अनोखी शादी और हेलीकॉप्टर से हुई विदाई पूरे सिद्धार्थनगर समेत आसपास के जिलों में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।


पहली बार गांव में हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई

हजारों लोगों की भीड़, मेले जैसा माहौल

28 अप्रैल को हुई थी शादी

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल


 

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