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नाले के पुल के नीचे मिला युवक का शव, खून के निशान और चप्पल मिलने से हत्या की आशंका गहराई

उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर

सदर थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर राजा के टोला लोध पुरवा निवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब और गहराता नजर आ रहा है। गांव के ही निवासी जसवंत लोधी (लगभग 30 वर्ष) पुत्र शिवकुमार लोधी का शव कोईलहरा नाले के पुल के नीचे पानी में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।

परिजनों के अनुसार, जसवंत बीते 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे घर से निकला था, जिसके बाद वह लापता हो गया। परिजन लगातार उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

बुधवार सुबह सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल के पास मृतक की चप्पल पड़ी मिली है और कुछ स्थानों पर खून जैसे निशान भी देखे गए हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या कहीं और कर शव को पुल के नीचे फेंका गया हो। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


मृतक के परिजनों ने भी हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।


बताया जा रहा है कि मृतक के तीन मासूम बच्चे हैं और उसकी पत्नी गर्भवती है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही, जहां एक ओर पुलिस जांच में जुटी रही, वहीं दूसरी ओर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।


पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।”

 

जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

ब्रेकिंग न्यूज़ | सिद्धार्थनगर

जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

जिला कारागार में निरुद्ध उजबेकिस्तान की महिला बंदी जर्निगोर तुखताबोएवा द्वारा एक बार फिर आत्महत्या का प्रयास किए जाने से मंगलवार को न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूत्रों के अनुसार, पेशी के लिए लाई गई महिला बंदी ने कोर्ट परिसर स्थित महिला बंदी गृह में अचानक दीवार से सिर पटकना शुरू कर दिया, जिससे उसके सिर और गर्दन में चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया।


चिकित्सकों के मुताबिक, महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।


पहले भी कर चुकी है आत्महत्या का प्रयास

बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 3 जनवरी को भी उक्त महिला बंदी द्वारा जिला कारागार में आत्महत्या का प्रयास किया गया था, जिसमें उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई थी।

विदेशी नागरिक, अवैध प्रवेश में हुई थी गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, महिला बंदी को 28 दिसंबर को बढ़नी बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले थे और वह नेपाल जाने की कोशिश में थी। इसके बाद से वह जिला कारागार में निरुद्ध है।

प्रशासन का बयान

प्रभारी निरीक्षक सदर मिथलेश राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को उपचार के लिए भेजा और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया।

वहीं जेल अधीक्षक सचिन वर्मा के अनुसार, महिला बंदी में आत्मघाती प्रवृत्ति देखी गई है, जिसके चलते उसका इलाज मानसिक रोग विशेषज्ञ से कराया जा रहा है। भाषा की समस्या (हिंदी और अंग्रेजी न आना) के कारण उसकी स्थिति को समझने में भी दिक्कत हो रही है।

स्थिति पर प्रशासन की नजर

प्रशासन का कहना है कि महिला बंदी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जेल लौटने के बाद पूरी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।

 

संदिग्ध हालात में डेकोरेशन मजदूर की मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

भनवापुर/सिद्धार्थनगर | संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहां शादी समारोह में सजावट का काम कर रहे एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों ने मामले में गंभीर आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डुमरियागंज क्षेत्र के सिरसिया गांव निवासी रामदेव (लगभग 41 वर्ष), जो लाइट डेकोरेशन का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, रविवार रात त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बुढ़ऊ गांव में आयोजित एक शादी समारोह में काम करने गए थे।
बताया जा रहा है कि रात के समय ही उनकी हालत बिगड़ने की बात सामने आई, और कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, इस संबंध में परिवार को तत्काल कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे घटना और भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
अगली सुबह, डेकोरेशन से जुड़े व्यक्ति द्वारा मृतक की पत्नी को यह कहकर बुलाया गया कि रामदेव की तबीयत खराब है। जब उन्हें स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, तो चिकित्सक ने बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी।
इसके बाद शव को घर भेज दिया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति मौके से अनुपस्थित हो गया। इस घटनाक्रम ने परिवार की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
मृतक के परिजनों का कहना है कि मामले की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है, जिससे इस घटना ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है।
परिजनों द्वारा पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है, जिसमें पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस क्या कहती है?
स्थानीय पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मानवीय पहलू
यह घटना केवल एक मौत नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार की त्रासदी है जो पहले ही सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रहा था। कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से झकझोर दिया है।

“प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”

नौगढ़-बर्डपुर बैठकों के बाद जिला स्तर पर महापंचायत की “प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”

सिद्धार्थनगर (नौगढ़/बर्डपुर):

जनपद में ग्राम प्रधानों से जुड़े मुद्दों को लेकर गतिविधियां लगातार गति पकड़ रही हैं। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले विकास खंड नौगढ़ एवं उसके बाद विकास खंड बर्डपुर में क्रमवार बैठकें आयोजित की गईं।

इससे पूर्व 5 विकास खंडों में बैठकें संपन्न हो चुकी थीं, जबकि इन दो बैठकों के साथ यह संख्या बढ़कर 7 विकास खंड हो गई है। संगठन के अनुसार यह अभियान अनवरत जारी रहेगा और सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद जिला मुख्यालय पर वृहद महापंचायत आयोजित की जाएगी।

नौगढ़ में उठे मुद्दे

विकास खंड नौगढ़ में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा मुख्य अतिथि रहे, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष तकी रिज़वी एवं वरिष्ठ प्रधान धर्मराज यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

संचालन चंद्रजीत जायसवाल उर्फ गुड्डू ने किया तथा आयोजन राघवेंद्र मिश्रा उर्फ गंगा मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों/प्रतिनिधियों ने पंचायत स्तर के कार्यों और व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

बर्डपुर में नेतृत्व के साथ सहभागिता

विकास खंड बर्डपुर में बैठक ग्राम प्रधान अध्यक्ष (इंजीनियर) प्रदीप कुमार चौधरी की अगुवाई में आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में प्रधान/प्रतिनिधि शामिल हुए।

जहां महिला प्रधान निर्वाचित हैं, वहां उनकी ओर से अधिकृत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रमुख मुद्दे और अपेक्षाएं

बैठकों में प्रस्तुत बिंदुओं के अनुसार—

ग्राम पंचायतों के वित्तीय आवंटन में वृद्धि

मनरेगा एवं ग्राम निधि के लंबित भुगतान का निस्तारण

पंचायत स्तर पर कार्यों के संचालन में सुगमता

प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने

जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।

चुनाव, कार्यभार और भुगतान पर सुझाव

कुछ प्रधानों/प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि आगामी पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को देखते हुए कार्यभार हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आवश्यक है।

उन्होंने सुझाव दिया कि—

लंबित भुगतान एवं कार्यों का निस्तारण समय रहते सुनिश्चित किया जाए


कार्यभार से संबंधित प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित किया जाए

 अन्य प्रदेशों का संदर्भ भी उठा

बैठकों के दौरान कुछ वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों में पंचायत स्तर से जुड़े कुछ व्यवस्थात्मक प्रावधान लागू किए जा चुके हैं।


उन्होंने अपेक्षा जताई कि उत्तर प्रदेश में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ऐसे पहलुओं पर विचार किया जा सकता है, जिससे ग्राम स्तर पर कार्यों का संचालन और सुगम हो सके।

आगे की रणनीति संगठन के अनुसार—

सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद

 जिला मुख्यालय सिद्धार्थनगर में

 एक वृहद महापंचायत आयोजित करने की योजना है

संतुलित दृष्टिकोण

बैठकों में यह भी कहा गया कि उद्देश्य संवाद के माध्यम से समाधान प्राप्त करना है और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहयोगात्मक वातावरण आवश्यक है।

सामूहिक अभिव्यक्ति

“ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को सुचारु रखने के लिए

समन्वय, संसाधन और स्पष्ट प्रक्रिया जरूरी है।”

सूचना

यह समाचार बैठकों में व्यक्त विचारों एवं उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप होगा।

 

SSB जवानों ने नशीली दवाई सहित एक व्यक्ति को पकड़ा

दिनांक 24.04.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस के जवानों ने संयुक्त तलाशी के दौरान नशीली दवाओं के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा I दैनिक प्रचालन गतिविधि के तहत सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस चौकी ककरहवा की संयुक्त दल सीमा स्तंभ संख्या 544 के समीप चेक पोस्ट ककरहवा पर तैनात थे और आवागमन कर रहे लोगों की गहन जाँच किया जा रहा था इसी दौरान एक व्यक्ति भारत से नेपाल की ओर जा रहा था I संदेह के आधार पर चेक पोस्ट पर तैनात संयुक्त दल द्वारा उसको रोककर उसके सामान की तलाशी लिया जा रहा था तो वह घबरा गया और उसने बताया कि उसकी पैंट की जेब में नशीली दवा है I ड्यूटी दल द्वारा समवाय कमांडर को सूचित कर मौके पर राजपत्रित अधिकारी को बुलाया गया और उनकी उपस्थिति में उस व्यक्ति की तलाशी ली गई जिसमें उसके पास से प्रॉक्सिमो स्पास 240 टैबलेट (Proxiohm Spas) नशीली दवा बरामद हुआ I पूछ- ताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने अपना नाम गोविन्द प्रसाद तेली, उम्र- 29 वर्ष, पुत्र- राजेन्द्र प्रसाद तेली, ग्राम- तरकुलहा, थाना- लुंबिनी, जिला- रूपंदेही नेपाल बताया I और बताया कि वह यह दवा नुनहवां से किसी अज्ञात व्यक्ति से लिया है और खुद ही इसका नशे के रूप में प्रयोग करता है I संयुक्त दल द्वारा सभी दवाओं को जब्त कर व्यक्ति सहित पुलिस थाना मोहना को सुपुर्द कर दिया गया।

भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रचालन गतिविधियों द्वारा 43वी वाहिनी एस.एस.बी निरन्तर प्रयासरत है जिसके फलस्वरूप एस.एस.बी द्वारा लगातार भारत –नेपाल सीमा पर अवैध रूप से हो रही तस्करी के सामान,मानव तस्करी,नशीली दवा, अवैध मुद्रा व वन्य जीव और उत्पाद को जब्त किया जा रहा है तथा उसमे सम्बंधित लिप्त व्यक्तियों पर आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही की जा रही है l

शादी से लौटते वक्त लापता अधेड़ का शव पुलिया के नीचे मिला, क्षेत्र में सनसनी

सिद्धार्थनगर, संवाददाता।

जनपद के डिडई थाना क्षेत्र में एक अधेड़ व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। शादी समारोह से लौटते समय लापता हुए व्यक्ति का शव अगले दिन सुबह पुलिया के नीचे बरामद होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।

डिडई थाना क्षेत्र के परसा खुर्द गांव निवासी चंद्र प्रकाश (50 वर्ष) शनिवार को अपने परिवार के साथ एक रिश्तेदारी में आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। परिजनों के अनुसार, देर शाम वह सभी के साथ निजी वाहन से लौट रहे थे। इसी दौरान कठोलवा गांव के पास उन्होंने वाहन रुकवाया और घर जाने की बात कहकर वहीं उतर गए। इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए।

रातभर तलाश के बावजूद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन चिंतित हो उठे। रविवार सुबह करीब 8 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने कठोलवा गांव के समीप एक पुलिया के नीचे शव पड़ा देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना पर पहुंची डिडई थाना पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पहचान कराई, जिसमें मृतक की पहचान चंद्र प्रकाश के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।

पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।


यह समाचार उपलब्ध तथ्यों एवं पुलिस द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही संभव होगी।

 

ओवरलोड वाहनों पर चला प्रशासन का शिकंजा, संयुक्त अभियान शुरू

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सिद्धार्थनगर | 25 अप्रैल 2026
परिवहन विभाग और प्रशासन ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जिले में विशेष संयुक्त चेकिंग अभियान की शुरुआत कर दी है। यह अभियान 25 अप्रैल से 10 मई 2026 तक लगातार चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य सड़कों पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं पर रोक लगाना है।
कार्यालय सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। अभियान के तहत खासतौर पर उन वाहनों पर नजर रखी जा रही है जो कम्पनी निर्मित बॉडी में अवैध परिवर्तन कर अधिक माल ढोने का काम कर रहे हैं।
संयुक्त अभियान की बड़ी कार्रवाई
आज चलाए गए अभियान में क्षेत्राधिकारी (यातायात) सुजीत राय की अध्यक्षता में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी संजय कुमार सिंह एवं खान निरीक्षक मुकेश मिश्रा की टीम ने मिलकर सघन चेकिंग की।
कुल 15 वाहनों की जांच की गई
02 वाहन ओवरलोडिंग के आरोप में जब्त
दोनों वाहनों को थाना उसका में निरुद्ध किया गया
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

“पंचायत समस्याओं को लेकर प्रधानों की पहल, उसका बाजार में ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग”

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“उसका बाजार में प्रधानों का संगठित कदम, ब्लॉक स्तर पर सौंपा गया ज्ञापन—समस्याओं के समाधान को लेकर उठी आवाज”

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उसका बाजार, सिद्धार्थनगर | 25 अप्रैल 2026

राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले विकास खंड उसका बाजार में ग्राम प्रधानों की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के उपरांत ग्राम प्रधानों ने पंचायत स्तर से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर संबंधित ब्लॉक अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

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बैठक में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा

बैठक के दौरान उपस्थित प्रधानों एवं पदाधिकारियों ने पंचायत संचालन में आ रही व्यावहारिक चुनौतियों, विकास कार्यों में आ रही बाधाओं तथा भुगतान से जुड़े लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की।

प्रतिभागियों का कहना रहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए समन्वय और समयबद्ध प्रक्रिया आवश्यक है, जिससे गांव स्तर पर विकास कार्यों की गति बनी रहे।

मुख्य अतिथि व उपस्थिति

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पवन मिश्रा उपस्थित रहे।

इसके साथ ही संगठन के विभिन्न पदाधिकारी एवं क्षेत्र के अनेक ग्राम प्रधान बैठक में शामिल हुए और क्रमवार अपने विचार रखे।

ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया

बैठक के बाद ग्राम प्रधानों ने संगठित रूप से आगे बढ़कर ब्लॉक स्तर के अधिकारी ओमप्रकाश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।

यह पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई, जिसमें प्रधानों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाई।

ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख बिंदु

पंचायत चुनाव में विलंब की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार


मनरेगा एवं ग्राम निधि के लंबित भुगतान को प्राथमिकता से जारी करने का अनुरोध


पंचायत कार्यों में विभागीय समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता


विकास कार्यों में आ रही प्रक्रियात्मक बाधाओं के समाधान की अपेक्षा


योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर


व्यापक भागीदारी

कार्यक्रम में विकास खंड उसका बाजार के करीब 49 ग्राम प्रधानों की भागीदारी दर्ज की गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मुद्दों को लेकर स्थानीय स्तर पर सक्रियता बनी हुई है।

निष्कर्ष 

ग्राम प्रधानों द्वारा उठाए गए मुद्दों को प्रशासन के समक्ष सुव्यवस्थित रूप से रखा गया है। शासन की मंशा के अनुरूप समाधान की दिशा में आगे की कार्रवाई अपेक्षित मानी जा रही है।

 

प्रधानों का दर्द छलका, लंबित भुगतान पर उठी आवाज – समाधान न हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

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शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर (संवाददाता):
शोहरतगढ़ ब्लॉक परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले आयोजित मासिक बैठक में ग्राम प्रधानों की समस्याएं खुलकर सामने आईं। बैठक में विकास कार्यों के लंबित भुगतान, अधिकारों से जुड़े मुद्दों और कार्यकाल विस्तार की मांग को लेकर प्रधानों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
बैठक के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि ग्राम पंचायतों में लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी किया जाए, ताकि ग्रामीण विकास कार्य बाधित न हों और योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंच सके।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष ताकीब रिज़वी ने कहा कि ग्राम प्रधानों ने बीते वर्षों में सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए उनके कार्यकाल विस्तार जैसे विषयों पर भी विचार किया जाना आवश्यक है।

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वहीं, संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा ने जनपद में लंबित भुगतानों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि कई ग्राम पंचायतों में 15 से 20 लाख रुपये तक का भुगतान लंबित है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ रहा है। साथ ही मनरेगा के तहत भी भुगतान लंबित होने से मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि यदि समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हुआ, तो संगठन को आगे की रणनीति बनानी पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात शासन तक पहुंचाने के पक्ष में है।

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प्रशासनिक पक्ष
वहीं, प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, बजट प्रक्रिया और तकनीकी औपचारिकताओं के तहत भुगतान जारी करने की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जाती है, ताकि योजनाओं का लाभ सही ढंग से पात्रों तक पहुंचे।

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निष्कर्ष
ग्राम प्रधानों की यह बैठक एक ओर जहां जमीनी स्तर की समस्याओं को उजागर करती है, वहीं प्रशासन और शासन के समन्वय से समाधान की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। अब देखना होगा कि इन मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है, जिससे ग्रामीण विकास की गति बनी रहे और पंचायतों की भूमिका और मजबूत हो सके।

हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं: सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी का सख्त आदेश जारी

सिद्धार्थनगर, 24 अप्रैल 2024। जनपद में पेट्रोल के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देर रात पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के बार-बार पहुंचकर पेट्रोल लेने और उसकी तस्करी करने की शिकायतों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

हेलमेट नहीं तो ईंधन नहीं” नियम लागू

प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब बिना हेलमेट आए किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंप संचालकों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

ड्राइविंग लाइसेंस की होगी जांच

पेट्रोल पंपों पर आने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की यादृच्छिक जांच भी की जाएगी। इससे बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ी चौकसी

बलरामपुर और नेपाल सीमा से सटे पेट्रोल पंपों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इन क्षेत्रों में बाहरी ग्राहकों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त निगरानी और जरूरत पड़ने पर पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।

पुलिस-प्रशासन रहेगा अलर्ट

सभी क्षेत्राधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO/SO) को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्त और निरीक्षण के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, प्रशासन, आपूर्ति विभाग और पेट्रोल पंप संचालकों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।

ईंधन की उपलब्धता पर प्रशासन का दावा

प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में पेट्रोल की आपूर्ति पर्याप्त है। इसलिए जरूरी है कि इसका उपयोग केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही सीमित रहे और किसी भी तरह के दुरुपयोग या तस्करी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

कड़ा संदेश: अब नहीं चलेगी मनमानी

प्रशासन के इस फैसले से साफ संकेत मिल गया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। आम जनता से भी अपील की गई है कि नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

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