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ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति की बैठक में सांसद जगदंबिका पाल ने की सहभागिता, पवन ऊर्जा क्षेत्र के विकास पर हुई विस्तृत चर्चा

माननीय सांसद जगदंबिका पाल ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी (EPHA) के समिति कक्ष-1 में आयोजित ऊर्जा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में सहभागिता की।

बैठक के दौरान नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) तथा राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा “देश में पवन ऊर्जा क्षेत्र का मूल्यांकन” विषय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया।

प्रस्तुति के दौरान देश में पवन ऊर्जा की वर्तमान स्थिति, उत्पादन क्षमता, भावी विस्तार की संभावनाओं, नीतिगत सुधारों, तकनीकी नवाचारों, निवेश, अवसंरचना विकास तथा इस क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव एवं विचार भी प्रस्तुत किए।

माननीय सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पवन ऊर्जा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार, प्रभावी नीतियाँ तथा आधुनिक तकनीकों का समुचित उपयोग देश के सतत एवं समावेशी विकास को नई गति प्रदान करेगा।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समिति की यह चर्चा एवं सुझाव पवन ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

यह बैठक देश में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं उपयोगी रही।

लायंस क्लब बलरामपुर एवं बलरामपुर चीनी मिल के संयुक्त तत्वावधान में विशाल रक्तदान शिविर, 26 यूनिट रक्त हुआ संग्रहित

बलरामपुर। मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को साकार करते हुए लायंस क्लब बलरामपुर एवं बलरामपुर चीनी मिल के संयुक्त तत्वावधान में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर लायंस इंटरनेशनल के नवीन सत्रारंभ, डॉक्टर्स डे एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स डे (सी.ए. डे) के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों से लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया।

 

शिविर का शुभारंभ अटल बिहारी वाजपेयी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बलरामपुर के प्राचार्य प्रो. डॉ. राजेश चतुर्वेदी एवं लायंस क्लब के अध्यक्ष लायन के. के. वाजपेई ने लायंस क्लब के अन्य पदाधिकारियों लायन प्रद्युम्न सिंह, लायन अशोक गुप्ता, लायन अरुण गुप्ता, लायन प्रीतपाल सिंह के साथ दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने रक्तदान को जीवन बचाने वाला सबसे बड़ा मानवीय दान बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से नियमित रक्तदान करने की अपील की।

रक्तदान शिविर के संयोजक लायन आलोक अग्रवाल ने बताया कि रक्तदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवन और मृत्यु के बीच की दूरी को समाप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में सुरक्षित रक्त की निरंतर आवश्यकता बनी रहती है, जिसे केवल स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सहयोग से ही पूरा किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि लायंस क्लब बलरामपुर द्वारा प्रत्येक वर्ष नवीन सत्रारंभ, डॉक्टर्स डे एवं सी.ए. डे के अवसर पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। इस वर्ष शिविर में 34 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 26 यूनिट रक्तदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जबकि 8 लोग स्वास्थ्य संबंधी कारणों से रक्तदान नहीं कर सके।

शिविर की विशेष उपलब्धि यह रही कि बी. एन. ठाकुर एवं दीपिका ठाकुर तथा डी. के. सिंह एवं पूनम सिंह ने पति-पत्नी के रूप में साथ रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में युवाओं एवं नियमित रक्तदाताओं ने भी उत्साहपूर्वक रक्तदान कर इस सेवा अभियान को सफल बनाया। अन्य रक्तदाताओं में श्रवण वाधवानी, आशुतोष मिश्रा, विवेक श्रीवास्तव, संतोष राय, डी. एस. चौहान, सिमरनजीत सिंह इत्यादि सम्मिलित रहे।

रक्तदान शिविर के सफल संचालन में स्थानीय स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बलरामपुर के ब्लड बैंक की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान डॉ. आकांक्षा शुक्ला, लैब टेक्नीशियन अशोक पांडेय, सोनम तिवारी, अभिषेक सिंह तथा काउंसलर हिमांशु तिवारी एवं शब्बू ने अपनी सेवाएं प्रदान कर शिविर को सफल बनाया।

कार्यक्रम के अंत में सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें मानवता का सच्चा प्रहरी बताया गया तथा भविष्य में भी अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया। सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

सीमा पर ‘सफेद ज़हर’ का खेल बेनकाब, सिद्धार्थनगर पुलिस के शिकंजे में 60 लाख की हेरोइन; एसओजी और थाना पुलिस की बड़ी कामयाबी

नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर में ‘सफेद ज़हर’ पर पुलिस का बड़ा प्रहार

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60 लाख रुपये की हेरोइन बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार; एसपी के नेतृत्व में पुलिस और एसओजी की बड़ी सफलता

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सिद्धार्थनगर। भासिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर विद्युत सोनी के कुशल नेतृत्व में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 308 ग्राम अवैध हेरोइन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये है। सीमा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट मानी जा रही है।रत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी सदर विद्युत सोनी के कुशल नेतृत्व में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 308 ग्राम अवैध हेरोइन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये है। सीमा क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट मानी जा रही है।

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बरामदगी एक नजर में

308 ग्राम अवैध हेरोइन (अनुमानित कीमत ₹60 लाख)

02 मोबाइल फोन

स्विफ्ट कार (UP 55 AS 5493)

02 आरोपी गिरफ्तार

एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

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पूरी खबर

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सिद्धार्थनगर जिले में पुलिस लगातार मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए कथित ‘सफेद ज़हर’ की बड़ी खेप बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल निषाद (27 वर्ष) निवासी ग्राम परसहना उर्फ परमेश्वरपुर, थाना कपिलवस्तु तथा कोमल निषाद उर्फ कैलाश प्रसाद साहनी (53 वर्ष) निवासी वार्ड संख्या-05, अंबेडकर नगर, मोहल्ला उसका बाजार, थाना उसका बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है।

आरोपियों के कब्जे से 308 ग्राम अवैध हेरोइन, दो मोबाइल फोन तथा एक स्विफ्ट कार बरामद की गई। पुलिस के अनुसार बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये है।

पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपियों से मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त तथा उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

इस सफल अभियान में निम्न पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही—

प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय, थाना सिद्धार्थनगर

प्रभारी एसओजी चंद्रकांत पाण्डेय

हेड कांस्टेबल अर्थेंद्र कुमार राय

उपनिरीक्षक विजय कुमार

हेड कांस्टेबल राजीव शुक्ला

हेड कांस्टेबल मनोज राय

हेड कांस्टेबल दिलीप कुमार

एसओजी टीम के सदस्य प्रदीप यादव

सतीश यादव

रोहित चौहान

सत्येंद्र यादव

अविनाश यादव

एसआई नरेंद्र पाल पाण्डेय (थाना सिद्धार्थनगर)

सीमा सुरक्षा और समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई

भारत-नेपाल सीमा से सटे जिले में नशे की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाना कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण विषय है। सिद्धार्थनगर पुलिस और एसओजी की यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की सक्रियता और सतर्कता का उदाहरण मानी जा रही है। समय रहते इतनी बड़ी खेप बरामद होने से यह मादक पदार्थ अवैध बाजार तक पहुंचने से पहले ही पुलिस के कब्जे में आ गया।

सारांश

सिद्धार्थनगर पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने 60 लाख रुपये मूल्य की 308 ग्राम हेरोइन के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। भारत-नेपाल सीमा से सटे जनपद में यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की मजबूत रणनीति और प्रभावी कार्यशैली का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

 

जिला मुख्यालय पर दिनदहाड़े कथित लूट, पत्रकार की तहरीर पर हरकत में आई पुलिस

दिनदहाड़े पत्रकार से कथित लूट का मामला: जिला मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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बुद्धा पार्क के पास हथियार दिखाकर ₹29 हजार नकद छीनने का आरोप, तहरीर मिलने के बाद जांच में जुटी पुलिस

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सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय के सदर थाना क्षेत्र में एक वरिष्ठ पत्रकार से कथित रूप से हथियार के बल पर ₹29 हजार नकद लूटे जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। घटना ने जिला मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और दिनदहाड़े अपराध की चुनौती को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

सिद्धार्थनगर।

जिला मुख्यालय स्थित सदर थाना क्षेत्र के अशोक मार्ग पर बुद्धा पार्क के निकट मंगलवार दोपहर एक वरिष्ठ पत्रकार से कथित लूट की घटना सामने आने के बाद शहर में चर्चा का माहौल है। घटना ऐसे स्थान पर हुई है, जहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने आम नागरिकों, व्यापारियों और पत्रकारों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शास्त्रीनगर निवासी वरिष्ठ पत्रकार आसिफ इकबाल अपने एक परिचित के साथ मोटरसाइकिल से साड़ी तिराहे की ओर जा रहे थे। पीड़ित का आरोप है कि बुद्धा पार्क के समीप दो अज्ञात बाइक सवार युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल रुकवाई, हथियार दिखाकर डराया और उनकी जेब में रखे करीब ₹29 हजार नकद लेकर फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित ने सदर कोतवाली पहुंचकर मामले की लिखित तहरीर दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी।

पुलिस का पक्ष

सदर कोतवाल मिथिलेश राय ने बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर प्राप्त हो गई है तथा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई जारी है।


जिला मुख्यालय पर क्या पड़ा असर?

घटना के बाद आम नागरिकों और व्यापारियों में सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज।

पत्रकार संगठनों ने भी घटना को गंभीरता से लेने की बात कही।

भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई वारदात से लोगों में सतर्कता बढ़ी।

पुलिस ने जांच तेज करते हुए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।


घटना एक नजर में

स्थान: बुद्धा पार्क के पास, अशोक मार्ग, सिद्धार्थनगर

पीड़ित: वरिष्ठ पत्रकार आसिफ इकबाल

आरोप: हथियार दिखाकर ₹29 हजार नकद ले जाने का आरोप

पुलिस कार्रवाई: तहरीर प्राप्त, जांच जारी

स्थिति: सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं

समाचार सारांश

जिला मुख्यालय पर पत्रकार से कथित लूट का मामला।

पीड़ित ने हथियार के बल पर नकदी छीने जाने का आरोप लगाया।

सदर कोतवाल मिथिलेश राय ने तहरीर मिलने की पुष्टि की।

पुलिस ने जांच शुरू कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया।

घटना के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज।


संपादकीय नोट (कानूनी रूप से सुरक्षित): यह समाचार पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों तथा पुलिस के आधिकारिक बयान पर आधारित है। पुलिस ने तहरीर मिलने और जांच जारी होने की पुष्टि की है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच और विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

भामाशाह जयंती पर व्यापारियों का गौरव सम्मान, उत्कृष्ट उद्यमियों को मिला ‘भामाशाह सम्मान’, राष्ट्रनिर्माण में योगदान का हुआ अभिनंदन

दानवीर भामाशाह की जयंती पर गूंजा व्यापारी सम्मान का संदेश, उत्कृष्ट व्यापारियों को मिला ‘भामाशाह सम्मान’


सिद्धार्थनगर। दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर सोमवार को अंबेडकर सभागार में व्यापारी कल्याण दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. तथा मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों को ‘भामाशाह सम्मान’ से सम्मानित किया गया तथा व्यापारियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की गई।


दानवीर भामाशाह के त्याग को किया याद

वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप के संघर्ष के कठिन दौर में दानवीर भामाशाह ने अपनी संपूर्ण संपत्ति समर्पित कर राष्ट्रभक्ति, त्याग और सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 29 जून को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाया जाता है।


कार्यक्रम की प्रमुख बातें

दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ।

सांसद, विधायकों व प्रशासनिक अधिकारियों ने की सहभागिता।

उत्कृष्ट व्यापारियों को भामाशाह सम्मान प्रदान किया गया।

व्यापारियों के आर्थिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना।

व्यापारिक संगठनों और कर विभाग के अधिकारियों की रही उपस्थिति।

विस्तृत समाचार

दानवीर भामाशाह की जयंती एवं व्यापारी कल्याण दिवस के अवसर पर सोमवार को अंबेडकर सभागार में आयोजित समारोह में जिले के व्यापारी समाज का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुआ। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल, विधायक श्यामधनी राही, विधायक विनय वर्मा तथा भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने अपने संबोधन में कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और समर्पण की अनुपम मिसाल है। उन्होंने कहा कि जब महाराणा प्रताप कठिन संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी संपूर्ण धन-संपत्ति राष्ट्रहित में समर्पित कर इतिहास में अमर स्थान प्राप्त किया।

विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने भामाशाह के जन्मदिवस को व्यापारी कल्याण दिवस के रूप में मनाकर व्यापारी समाज को सम्मान देने का कार्य किया है। व्यापारी समाज देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है।

विधायक विनय वर्मा ने व्यापारी बंधुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भामाशाह का आदर्श समाज को सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा देता रहेगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने कहा कि व्यापारी वर्ग राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण स्तंभ है और सरकार उनके हितों के लिए लगातार कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान सांसद, विधायकों, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यापारियों को ‘भामाशाह सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया।

अंत में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने सभी अतिथियों, व्यापारी संगठनों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रशासन और व्यापारी समाज के सहयोग से विकास की नई संभावनाएं साकार होंगी।

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, उपायुक्त सिद्धार्थ सौरभ, बंधु उपायुक्त विजय सिंह बिसेन, सहायक आयुक्त मनोज वर्मा, परमहंस यादव, कुलदीप, राज्य कर अधिकारी जयप्रकाश भारती, महेंद्र प्रताप सिंह, सदाशिव त्रिपाठी, प्रमोद भास्कर सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सारांश

सिद्धार्थनगर में दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर आयोजित व्यापारी कल्याण दिवस समारोह में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भामाशाह के त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए उत्कृष्ट व्यापारियों को ‘भामाशाह सम्मान’ से सम्मानित किया तथा व्यापारियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान की सराहना की।

स्वनिधि महोत्सव में स्ट्रीट वेंडरों को मिला आर्थिक सशक्तिकरण का संदेश, पात्र लाभार्थियों को वितरित हुए ऋण स्वीकृति पत्र

 

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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर परिसर में स्वनिधि महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्ट्रीट वेंडरों को योजना के प्रति जागरूक करने के साथ पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। साथ ही डिजिटल भुगतान, वित्तीय साक्षरता और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया।


समय पर ऋण चुकाने वालों को मिलेगा अधिक लाभ नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत समय पर ऋण चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडरों को चरणबद्ध तरीके से अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, द्वितीय चरण में 25 हजार रुपये तथा तृतीय चरण में 50 हजार रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है।


स्वनिधि महोत्सव की प्रमुख बातें

पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण-पत्र वितरित।

डिजिटल भुगतान और वित्तीय साक्षरता पर जागरूकता कार्यक्रम।

उत्कृष्ट स्ट्रीट वेंडरों का सम्मान।

समय पर ऋण चुकाने पर अधिक ऋण की सुविधा।

स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश।

विस्तृत समाचार

प्रधानमंत्री स्वनिधि (पीएम स्वनिधि) योजना के सफल छह वर्ष पूर्ण होने पर नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर में आयोजित स्वनिधि महोत्सव में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडरों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाना, उन्हें वित्तीय सेवाओं से जोड़ना तथा योजना के अधिकतम लाभ के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति चेक एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। उपस्थित अधिकारियों ने लाभार्थियों से योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही नगर को स्वच्छ बनाए रखने, कूड़ा निर्धारित स्थानों पर डालने तथा जल संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की गई।

अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों के आर्थिक उत्थान की महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बताया कि जो लाभार्थी समय पर ऋण का भुगतान करते हैं, उन्हें अगले चरण में अधिक राशि का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने सभी लाभार्थियों से नियमित एवं समयबद्ध ऋण अदायगी करने का आग्रह किया।

महोत्सव में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्ट्रीट वेंडरों को सम्मानित करने के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर शहर मिशन प्रबंधक रामसजीवन, सामुदायिक आयोजक विकास कुमार चौरसिया, नगर पालिका के सभासदगण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सारांश

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे होने पर आयोजित स्वनिधि महोत्सव में पात्र स्ट्रीट वेंडरों को ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम में डिजिटल भुगतान, वित्तीय साक्षरता, स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश दिया गया तथा समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को अधिक ऋण सुविधा की जानकारी भी प्रदान की गई।

 

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गूंजा ‘विकसित भारत’ का संकल्प, 37 में 28 स्वर्ण पदकों पर बेटियों का शानदार कब्ज़ा

बेटियों ने फिर लहराया परचम, 37 स्वर्ण पदकों में 28 छात्राओं ने बनाई शानदार पहचान

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कपिलवस्तु की पावन धरती पर आयोजित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि विकसित भारत की आधारशिला है। समारोह में छात्राओं का दबदबा रहा और 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं ने अपने नाम किए।

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मुख्य बिंदु

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया 10वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ।

37 स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र वितरित।

28 छात्राओं और 9 छात्रों को मिला स्वर्ण पदक।

पीएचडी शोधार्थियों को भी प्रदान की गई उपाधियां।

डिजिटल लाइब्रेरी एवं “किलकारी” बालगृह का लोकार्पण।

डीजी पोर्टल पर वर्ष 2026 की डिग्रियां और अंकपत्र ऑनलाइन अपलोड।

700 आंगनबाड़ी किट का वितरण।

एचपीवी टीकाकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान।

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राज्यपाल ने भगवान गौतम बुद्ध की पावन भूमि कपिलवस्तु को नमन करते हुए विद्यार्थियों से नवाचार, संस्कार, जल संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही वर्ष 2047 के विकसित भारत के निर्माण स्तंभ हैं।

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सिद्धार्थनगर, 29 जून।

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में सोमवार को आयोजित 10वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने समारोह का शुभारंभ मां शारदा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया तथा विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान गौतम बुद्ध की यह पावन धरती पूरे विश्व को शांति, करुणा और मानवता का संदेश देती रही है। शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, नवाचार अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान किया।

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उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आज का युवा केवल अपने भविष्य का निर्माता नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का भी निर्माणकर्ता है।

समारोह में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मधुलिका अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, शोध और नवाचार को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहा है और यहां से निकलने वाले विद्यार्थी देश-दुनिया में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।

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विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी ने कहा कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ज्ञान, अनुशासन और परिश्रम ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।

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विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने विश्वविद्यालय की प्रगति का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय से 265 महाविद्यालय संबद्ध हैं। परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया गया है तथा डिजिटल व्यवस्था, शोध, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, मिशन शक्ति और गुणवत्ता आधारित शिक्षा को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है।

दीक्षांत समारोह में कुल 37 स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जिनमें 28 छात्राओं तथा 9 छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मान प्राप्त किया। साथ ही पीएचडी शोधार्थियों को भी उपाधियां प्रदान की गईं।

इस अवसर पर डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी एवं नवनिर्मित ‘किलकारी’ बालगृह का लोकार्पण किया गया। वर्ष 2026 की डिग्रियों एवं अंकपत्रों को डीजी पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया का शुभारंभ भी राज्यपाल द्वारा किया गया।

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समारोह के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। इसके अलावा 700 आंगनबाड़ी किटों का वितरण किया गया तथा एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक माता प्रसाद पाण्डेय, विधायक श्यामधनी राही, विधायक विनय वर्मा, पूर्व विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन, मुख्य विकास अधिकारी, विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ।

संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता मिला 17 वर्षीय किशोरी का शव, परिजनों में मचा कोहराम

महदेइया गांव की घटना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार; हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस


सिद्धार्थनगर जिले के सदर कोतवाली नौगढ़ चौकी  क्षेत्र स्थित महदेइया गांव में रविवार शाम एक 17 वर्षीय किशोरी का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।


स्थान: महदेइया गांव, सदर कोतवाली नौगढ़ चौकी क्षेत्र , सिद्धार्थनगरमृतका: सविता गुप्ता (17 वर्ष)स्थिति: कमरे में फंदे से लटका मिला शवकार्रवाई: पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी


सारांश

घर में अकेली थी किशोरी।

परिजनों के लौटने पर कमरे में फंदे से लटका मिला शव।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।

पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।


पूरी खबर

सिद्धार्थनगर जिले के बर्डपुर थाना क्षेत्र के महदेइया गांव में रविवार की शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक किशोरी का शव उसके ही घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी लक्ष्मण गुप्ता की 17 वर्षीय पुत्री सविता गुप्ता रविवार की शाम घर पर अकेली थी। बताया जा रहा है कि परिवार के अन्य सदस्य किसी आवश्यक कार्य से बाहर गए हुए थे। कुछ समय बाद जब वे वापस लौटे तो सविता को आवाज लगाने पर कोई उत्तर नहीं मिला।

परिजनों ने जब कमरे का दरवाजा खोलकर देखा तो सविता का शव छत की कुंडी से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।

नोट: यह समाचार पुलिस और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

नोटिस के बावजूद चल रहा था अस्पताल! देर रात प्रशासन की कार्रवाई, अस्पताल सील

इटवा में नोटिस के बावजूद अस्पताल संचालन का आरोप, प्रशासन ने देर रात की कार्रवाई में अस्पताल किया सील


उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर  मेइटवा क्षेत्र में एक निजी अस्पताल पर प्रशासन ने देर रात कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल को पूर्व में संचालन रोकने का नोटिस जारी किया गया था, इसके बावजूद वहां मरीज भर्ती होने की सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने छापेमारी की। मामले की जांच जारी है।


मुख्य बिंदु

नोटिस के बावजूद अस्पताल संचालन का आरोप।

देर रात स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई।

अस्पताल परिसर को सील किया गया।

भर्ती मिले मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मामले में जांच जारी, दोष मिलने पर आगे होगी कार्रवाई।


इटवा (सिद्धार्थनगर)। इटवा क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल पर प्रशासन ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल को पहले ही संचालन बंद करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद अस्पताल में मरीज भर्ती होने की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जांच के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीज मिलने की बात सामने आई। अधिकारियों ने मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की व्यवस्था कराई। इसके बाद अस्पताल परिसर को सील कर दिया गया तथा आवश्यक दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई।

बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उस प्रकरण से जुड़ी है जिसमें पूर्व में अस्पताल के खिलाफ उपचार में कथित लापरवाही की शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसी मामले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल के संचालन पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। प्रशासन का दावा है कि नोटिस के बावजूद अस्पताल का संचालन किए जाने की सूचना मिलने पर यह छापेमारी की गई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर उसे भी नियमानुसार शामिल किया जाएगा।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अस्पताल में इलाज कराने से पहले उसके वैध पंजीकरण और आवश्यक अनुमतियों की जानकारी अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या जोखिम से बचा जा सके।

नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रकाशित जानकारी एवं प्रशासनिक कार्रवाई के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी व्यक्ति या संस्थान को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं है। अंतिम निष्कर्ष सक्षम जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन होगा।


सिद्धार्थनगर के इटवा में नोटिस के बावजूद अस्पताल संचालन की सूचना पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने देर रात छापेमारी कर अस्पताल सील किया। मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जांच जारी।

 

FIR के बाद भी नहीं थमी दबंगई! चार मासूम बेटियों के सामने महिला पर दोबारा हमले का आरोप

FIR के बाद भी नहीं थमी दबंगई? चार मासूम बेटियों के सामने महिला पर फिर हमले का आरोप, जिला अस्पताल में भर्ती


पहले मारपीट का मुकदमा… फिर दोबारा हमले का आरोप

पीड़िता बोली- बेटियों ने वीडियो बनाना चाहा तो उन्हें भी नहीं बख्शा गया


स्थान: ग्राम गजरहवा, थाना सिद्धार्थनगर

एफआईआर संख्या: 0185/2026

मुकदमा दर्ज: 26 जून 2026

धाराएं: BNS की धारा 115(2), 351(3) एवं 352

शिकायतकर्ता: सुनीता पत्नी नन्दलाल

नामजद आरोपी (एफआईआर के अनुसार): चन्द्रलाल, सीमा, बिन्दु एवं सहजराम यादव

वर्तमान स्थिति: पीड़िता जिला अस्पताल में उपचाराधीन (परिजन का दावा)


सिद्धार्थनगर। जिले के ग्राम गजरहवा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून-व्यवस्था और पीड़ितों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला की तहरीर पर पुलिस पहले ही मारपीट और धमकी के आरोप में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी थी। अब पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपी पक्ष के लोगों ने दोबारा उसके घर पहुंचकर हमला किया, जिसमें वह घायल हो गई। घायल महिला का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर थाना क्षेत्र के ग्राम गजरहवा निवासी सुनीता की तहरीर पर पुलिस ने 26 जून 2026 को एफआईआर संख्या 0185/2026 दर्ज की। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 25 जून की रात उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 351(3) एवं 352 के तहत चन्द्रलाल, सीमा, बिन्दु और सहजराम यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी।

लेकिन मामला यहीं नहीं रुका।

पीड़िता का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी बीती रात फिर कुछ लोग उसके घर पहुंचे और उसके साथ दोबारा मारपीट की। महिला का कहना है कि उस समय उसकी चार मासूम बेटियां भी घर पर मौजूद थीं। परिजनों के अनुसार, जब बच्चियों ने घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो उन्हें भी डराया-धमकाया गया और मारपीट की गई।

मारपीट में घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि महिला का पति रोजी-रोटी कमाने के लिए दूसरे प्रदेश में रहता है और महिला अपनी बच्चियों के साथ गांव में रहती है।

इस घटना ने गांव में चर्चा का विषय बना दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मामले में पुलिस पहले ही मुकदमा दर्ज कर चुकी थी, तो पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित होना भी उतना ही आवश्यक है। यदि एफआईआर के बाद भी हिंसा के आरोप सामने आते हैं, तो ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा स्वाभाविक है।

हालांकि, दूसरी घटना के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। इस मामले में पुलिस जांच जारी है और जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सारांश

महिला की तहरीर पर पहले से पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

एफआईआर में चार लोगों को नामजद किया गया है।

पीड़िता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी दोबारा मारपीट की गई।

घायल महिला जिला अस्पताल में उपचाराधीन है।

दूसरी घटना की पुलिस जांच जारी है।

जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

FT NEWS DIGITAL का संपादकीय नोट

यह समाचार उपलब्ध एफआईआर, पीड़िता एवं परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों तथा मौके से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। दूसरी घटना की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। किसी भी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय के निर्णय के अधीन होगा।

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