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सिद्धार्थनगर में पांचवीं बार सजा सामूहिक विवाह का भव्य मंच, 151 जोड़ों ने थामा जीवनसाथी का हाथ

 

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गरीब परिवारों के सपनों को मिला सहारा, तीनों समुदायों के जोड़ों का एक ही मंच पर हुआ विवाह; जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद।


सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत शनिवार को जिले का पांचवां सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 151 जोड़ों का विवाह विभिन्न धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की मौजूदगी रही। अधिकारियों के अनुसार पात्र नवविवाहित जोड़ों को योजना के तहत आर्थिक सहायता और गृहस्थी का आवश्यक सामान भी उपलब्ध कराया गया।


मुख्य बातें एक नजर में

स्थान: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बगल स्थित मैदान, सिद्धार्थनगर

कुल विवाह: 151 जोड़े

हिन्दू: 95 जोड़े

बौद्ध: 36 जोड़े

मुस्लिम: 20 जोड़े

डीबीटी के माध्यम से सहायता: ₹64,000 प्रति वधू

गृहस्थी का आवश्यक सामान भी वितरित

जिले में पांचवीं बार हुआ सामूहिक विवाह समारोह

सिद्धार्थनगर में फिर बना सामाजिक समरसता का उदाहरण

सिद्धार्थनगर जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत जिले का पांचवां सामूहिक विवाह समारोह भव्य वातावरण में आयोजित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के समीप आयोजित कार्यक्रम में कुल 151 नवयुगलों ने एक साथ नए जीवन की शुरुआत की। समारोह में हिन्दू, मुस्लिम और बौद्ध समुदाय के जोड़ों का विवाह उनकी-अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न कराया गया, जिससे सामाजिक समरसता और सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में सांसद, विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

तीनों समुदायों के विवाह अपनी-अपनी परंपरा से संपन्न

आयोजकों के अनुसार हिन्दू समुदाय के विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों द्वारा संपन्न कराए गए। मुस्लिम समुदाय के जोड़ों का निकाह मौलाना ने पढ़ाया, जबकि बौद्ध समुदाय के विवाह उनकी धार्मिक परंपरा के अनुरूप कराए गए। पूरे आयोजन के लिए अलग-अलग व्यवस्थाओं हेतु अधिकारियों की जिम्मेदारी पहले से तय की गई थी।

नवदंपतियों को मिली आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान

जिला प्रशासन के अनुसार योजना के तहत प्रत्येक पात्र वधू के बैंक खाते में ₹64,000 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। इसके अलावा गृहस्थी शुरू करने के लिए कपड़े, बर्तन, ट्रॉली बैग, सीलिंग फैन, कूलर, प्रेस, बिस्तर, कंबल, तकिया, डिनर सेट, कूकर सहित अन्य आवश्यक सामग्री का किट भी प्रदान किया गया।

जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं

समारोह को संबोधित करते हुए उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। वक्ताओं ने कहा कि इस योजना से जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग मिलता है तथा समाज में समानता और सम्मान की भावना को बल मिलता है। सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया गया।

डीएम ने दी योजना की जानकारी

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही गृहस्थी के लिए आवश्यक सामग्री भी वितरित की गई है। उन्होंने सभी नवदंपतियों को सफल एवं सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं।

बड़ी संख्या में अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, डीसी मनरेगा, विभिन्न खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी तथा अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे और आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।


“सिद्धार्थनगर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित पांचवें सामूहिक विवाह समारोह में एक साथ 151 जोड़ों ने सात फेरे और निकाह के साथ नए जीवन की शुरुआत की।”

 

बारिश बनी किसानों के लिए राहत की उम्मीद, नहरों में बढ़ा जल प्रवाह; सिंचाई विभाग ने जारी की ताजा रिपोर्ट

मानसून के बीच नहर संचालन पर विशेष निगरानी, खेतों तक समय पर पानी पहुंचाने की कवायद तेज


सिद्धार्थनगर। जिले में सक्रिय मानसून के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सिंचाई खंड, सिद्धार्थनगर द्वारा 11 जुलाई 2026 की दैनिक नहर संचालन रिपोर्ट जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न मुख्य एवं शाखा नहरों में जल प्रवाह की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित न हो और किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।


मानसून में सिंचाई व्यवस्था पर विभाग की पैनी नजर

11 जुलाई की रिपोर्ट में नहरों के जल प्रवाह का ब्यौरा जारी, अधिकारियों को निगरानी के निर्देश

समाचार

सिद्धार्थनगर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच सिंचाई व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए सिंचाई विभाग पूरी तरह सक्रिय है। सिंचाई खंड, सिद्धार्थनगर की ओर से जारी 11 जुलाई 2026 की दैनिक रिपोर्ट में विभिन्न मुख्य एवं शाखा नहरों के जल प्रवाह की स्थिति दर्ज की गई है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को सिंचाई के लिए पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

रिपोर्ट के अनुसार सभी प्रमुख नहरों की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। जल प्रवाह में किसी भी प्रकार की कमी या तकनीकी समस्या सामने आने पर संबंधित अवर अभियंताओं और क्षेत्रीय कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी लगातार फील्ड स्तर पर निगरानी कर रहे हैं ताकि जल वितरण व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

मानसून के इस दौर में धान समेत अन्य खरीफ फसलों की खेती तेजी से चल रही है। ऐसे समय में नहरों के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध होना किसानों के लिए राहत की बात है। सिंचाई विभाग का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जल वितरण व्यवस्था में आवश्यक परिवर्तन भी किए जाएंगे।

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रिपोर्ट की प्रमुख बातें

11 जुलाई 2026 की दैनिक नहर संचालन रिपोर्ट जारी।

मुख्य एवं शाखा नहरों के जल प्रवाह की समीक्षा।

मानसून के दौरान सिंचाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी।

अधिकारियों और अवर अभियंताओं को सतर्क रहने के निर्देश।

खरीफ फसलों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने पर विभाग का फोकस।

सारांश

मानसून के बीच सिंचाई विभाग ने नहर संचालन की ताजा रिपोर्ट जारी कर जल प्रबंधन को लेकर अपनी सक्रियता दिखाई है। विभाग का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने और नहरों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

 

कांग्रेस की बैठक संपन्न

सिद्धार्थनगर 08 जुलाई। आज जिला कांग्रेस कार्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह ने किया।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष क़ाज़ी सुहेल अहमद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के संविधान, लोकतंत्र और जनहित की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश और देश की जनता महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और किसानों की समस्याओं से त्रस्त है, जबकि सरकार जनहित के मुद्दों से पूरी तरह बेखबर है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज़ बनकर अन्याय और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को और तेज़ करे। संगठन की मजबूती ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाकर आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनसेवा और कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाने का आह्वान किया।

 

बैठक में गंगेश्वर राय, डा• नादिर सलाम, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, कृष्ण बहादुर सिंह, अनिल सिंह अन्नू, दीपक यदुवंशी, सादिक अहमद, अकील अहमद मुन्नू, हृषीकेश मिश्रा, राजन श्रीवास्तव, अश्विनी सिंह सोलंकी, रियाज़ मनिहार, आसिफ़ रिज़्वी, डॉ प्रमोद कुमार, गालिब बिसेन, सुदामा प्रसाद, कपिलदेव यादव, परमहंस मिश्रा, विक्की रिज़्वी, अशोक गुप्ता, ओमप्रकाश दूबे, मनोज श्रीवास्तव, पप्पू खान, होरी लाल श्रीवास्तव, संतोष चौधरी, ओमप्रकाश दूबे, जाकिर हुसैन, पवन पांडेय, अवध बिहारी, श्याम नारायन वैज्ञानिक, अखलाक अहमद, जुबैर खान, शौकत अली, रुखमीना साहनी सहित तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

क़ाज़ी सुहेल अहमद

जिला अध्यक्ष

जिला कांग्रेस कमेटी सिद्धार्थनगर

राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत नाबार्ड द्वारा जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन

सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह (22 जून से 06 जुलाई 2026) के अंतर्गत राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), सिद्धार्थनगर द्वारा विकास भवन स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में जिला स्तरीय मत्स्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह रहे।

मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पूरे देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि प्रदेश में सिद्धार्थनगर जनपद दूसरे स्थान पर है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन एवं उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में सम्मानजनक वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने मत्स्य पालकों से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही बैंकों एवं विभागीय अधिकारियों से पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी मत्स्य पालन से जोड़कर उनकी आजीविका को सशक्त बनाया जाना चाहिए।

अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री रवि कुमार सिन्हा ने कहा कि मत्स्य पालक अपने सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण रखें, जिससे बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि बैंक ऋण एवं सरकारी अनुदान के माध्यम से मत्स्य पालन को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है।

कार्यक्रम में मत्स्य विभाग के अधिकारियों, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), मत्स्य उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा जनपद के बड़ी संख्या में मत्स्य पालकों ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पोर्टल के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं अन्य वित्तीय सेवाओं तक मत्स्य पालकों की आसान पहुँच सुनिश्चित करना था।

इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री हिमांशु त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र में ऋण वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनेगी। उन्होंने सभी बैंक शाखाओं से मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने तथा मत्स्य क्षेत्र में संस्थागत वित्त को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने नाबार्ड के PODF समर्थित मत्स्य एफपीओ की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मत्स्य निरीक्षक श्री राहुल कुमार ने मत्स्य बीमा योजना की प्रक्रिया एवं उसके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं से प्रतिभागियों को अवगत कराया तथा अधिक से अधिक मत्स्य पालकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

कार्यशाला के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से प्रतिभागियों का राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर पंजीकरण भी कराया गया।

कार्यक्रम का संचालन गौतम बुद्ध जागृति समिति के सचिव श्रीधर पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुनील कुमार, ममता, सुधा, संजना, अनीता, राम बहल एवं मुहम्मद मुस्लिम सहित अन्य सहयोगियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री पर उठे सवाल, शासन से जांच की मांग

विभागाध्यक्ष की शिकायत में नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग, शासन स्तर पर कार्रवाई का इंतजार


सिद्धार्थनगर स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की शैक्षणिक योग्यता को लेकर विवाद सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के एक विभागाध्यक्ष ने शासन को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि संबंधित शिक्षक की पीएचडी डिग्री और सेवा अवधि के बीच गंभीर विसंगतियां हैं। फिलहाल मामले की सत्यता की पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी।


शिकायत में प्रमुख बिंदु

एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री पर सवाल।

पूर्णकालिक नौकरी के दौरान पीएचडी करने का आरोप।

प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई शिकायत।

शासन स्तर पर जांच की मांग।


स्थान : राजकीय मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर

मामला : पीएचडी डिग्री एवं नियुक्ति प्रक्रिया पर उठे सवाल

शिकायतकर्ता : विभागाध्यक्ष (कम्युनिटी मेडिसिन)

शिकायत भेजी गई : प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश

स्थिति : मामले की जांच अथवा शासन की आधिकारिक कार्रवाई की प्रतीक्षा

विस्तृत समाचार

सिद्धार्थनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री को लेकर नया विवाद सामने आया है। मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष द्वारा प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा को भेजी गई शिकायत में संबंधित शिक्षक की शैक्षणिक योग्यता एवं नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर वर्ष 2013 से 2021 तक राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में पूर्णकालिक संविदा सेवा में कार्यरत थे। वहीं, इसी अवधि के दौरान वर्ष 2018 से 2021 के बीच उन्होंने इंदौर स्थित एक निजी विश्वविद्यालय से एनाटॉमी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।

शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि पीएचडी के लिए विश्वविद्यालय की निर्धारित उपस्थिति एवं अन्य शैक्षणिक मानकों का पालन नहीं किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में नियुक्ति के समय प्रस्तुत अभिलेखों की भी जांच की मांग की गई है।

मामले में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित विश्वविद्यालय का नाम पूर्व में भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान चर्चा में रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि संबंधित शिक्षक की डिग्री किसी अनियमितता का हिस्सा है। इसका निर्णय केवल सक्षम जांच एजेंसी अथवा शासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही संभव होगा।

फिलहाल शासन अथवा मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर कोई सार्वजनिक आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित एसोसिएट प्रोफेसर का पक्ष भी समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि शासन शिकायत की जांच कराता है या नहीं तथा जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।

सारांश

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक एसोसिएट प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री और सेवा अवधि को लेकर विभागाध्यक्ष ने शासन से जांच की मांग की है। फिलहाल मामला शिकायत के स्तर पर है। आरोपों की पुष्टि किसी सक्षम जांच अथवा न्यायिक प्रक्रिया से नहीं हुई है और संबंधित शिक्षक का पक्ष भी अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।


संपादकीय सुझाव (कानूनी सुरक्षा): इस खबर के साथ “आरोप”, “शिकायत के अनुसार”, “दावा किया गया है”, “जांच लंबित है” और “संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा” जैसे वाक्यों का उपयोग अवश्य रखें। इससे रिपोर्ट संतुलित रहेगी और मानहानि संबंधी कानूनी जोखिम कम होगा।

सिद्धार्थनगर: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, न्यायालय भेजा गया

📰 हेडिंग:

 

सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में दर्ज मुकदमे के वांछित आरोपी को पुलिस ने घटना दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज है। मामले की आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।


24 घंटे के भीतर कार्रवाई, डोमसरा मोड़ से गिरफ्तारी

त्रिलोकपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को डोमसरा मोड़ से गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।


जनपद: सिद्धार्थनगर

थाना: त्रिलोकपुर

गिरफ्तारी की तिथि: 10 जुलाई 2026

आरोप: नाबालिग से कथित दुष्कर्म

धाराएं: बीएनएस धारा 65(2) एवं पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6

गिरफ्तार आरोपी: राजेश कुमार, निवासी ग्राम डोमसरा, थाना त्रिलोकपुर, जनपद सिद्धार्थनगर

स्थिति: न्यायालय भेजा गया, विवेचना जारी

विस्तृत समाचार

सिद्धार्थनगर। जनपद में महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत त्रिलोकपुर पुलिस ने नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया।

पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार थाना त्रिलोकपुर पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 126/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत मामला पंजीकृत किया गया था। इसी मामले में वांछित आरोपी राजेश कुमार पुत्र प्रहलाद, निवासी ग्राम डोमसरा, थाना त्रिलोकपुर को 10 जुलाई 2026 को डोमसरा मोड़ से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक कुमार महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में गठित टीम ने की।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय, हेड कांस्टेबल सरोज कुमार यादव, कांस्टेबल विशाल बौद्ध तथा कांस्टेबल कृष्ण कुमार शामिल रहे।

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे माननीय न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। मामले की विवेचना प्रचलित है। न्यायालय में आरोप सिद्ध होने तक आरोपी को कानून की दृष्टि में दोषी नहीं माना जाता।

सारांश

त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में नाबालिग से कथित दुष्कर्म के मामले में दर्ज मुकदमे के वांछित आरोपी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और आगे की कार्रवाई विधि के अनुसार की जाएगी।

 

लोटन ब्लॉक में पंचायत सचिव से कथित मारपीट, दो नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हेडिंग

लोटन ब्लॉक में पंचायत सचिव से कथित मारपीट, दो नामजद के खिलाफ मुकदमा दर्ज

गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी व जातिसूचक शब्द कहने का आरोप; पुलिस ने शुरू की जांच


स्थान: लोटन, सिद्धार्थनगर

दिनांक: 10 जुलाई 2026

मुख्य बिंदु:

पंचायत सचिव की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।

ब्लॉक सभागार में विभागीय कार्य के दौरान हुआ कथित विवाद।

मारपीट, धमकी और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप।

पुलिस ने निष्पक्ष जांच के बाद विधिक कार्रवाई का दिया भरोसा।


रिपोर्ट : FT NEWS DIGITAL ब्यूरो


सिद्धार्थनगर जिले के लोटन विकास खंड सभागार में तैनात एक पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट, अभद्रता, जान से मारने की धमकी और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर लोटन थाना पुलिस ने दो नामजद आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष विवेचना कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। जनपद के लोटन विकास खंड में तैनात पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ब्लॉक सभागार में विभागीय कार्य के दौरान हुए विवाद के बाद पीड़ित पंचायत सचिव ने पुलिस को तहरीर देकर दो व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

तहरीर के अनुसार पंचायत सचिव रविंद्र कुमार जाटव गुरुवार को लोटन ब्लॉक सभागार में बैठकर विभागीय कार्यों का निस्तारण कर रहे थे। इसी दौरान पीयूष सिंह और गुड्डू यादव नामक दो व्यक्ति सभागार में पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने बिना किसी कारण गाली-गलौज शुरू कर दी। जब पंचायत सचिव ने इसका विरोध किया तो कथित रूप से उनके साथ मारपीट की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान आरोपियों द्वारा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमानित किया गया। घटना के बाद सचिव ने पुलिस से सुरक्षा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

तहरीर प्राप्त होने के बाद लोटन थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

इस संबंध में थाना प्रभारी लोटन हरिओम कुशवाहा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुरूप विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना के बाद ब्लॉक परिसर में कुछ समय के लिए चर्चा का माहौल बना रहा। हालांकि प्रशासनिक कार्य सामान्य रूप से जारी रहे। पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह साक्ष्यों एवं कानून के आधार पर की जाएगी।

सारांश

लोटन ब्लॉक सभागार में पंचायत सचिव के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और जातिसूचक टिप्पणी के आरोप में दो व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला जांचाधीन है और अंतिम कार्रवाई विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

कानूनी अस्वीकरण: यह समाचार पुलिस में दर्ज तहरीर एवं प्राथमिकी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित आरोप शिकायतकर्ता के हैं। आरोपों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

IGRS पहुंची मनरेगा भुगतान की शिकायत, ग्रामीण ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

 

मनरेगा भुगतान और पंचायत कार्यप्रणाली को लेकर डीएम से शिकायत, IGRS पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई शिकायत


स्थान- ग्राम पंचायत मनोहरी, विकास खंड नौगढ़, जनपद सिद्धार्थनगर


• जिलाधिकारी को सौंपा गया शिकायत पत्र।

• जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज।

• मनरेगा भुगतान एवं पंचायत कार्यप्रणाली पर लगाए गए आरोप।

• शिकायतकर्ता का दावा- पहले भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था।

• निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग।

सारांश

सिद्धार्थनगर के नौगढ़ विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मनोहरी के एक ग्रामीण ने मनरेगा भुगतान और पंचायत कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं की शिकायत जिलाधिकारी से की है। शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

खबर

सिद्धार्थनगर। जनपद के विकास खंड नौगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत मनोहरी निवासी जितेन्द्र पाण्डेय ने जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर को शिकायती पत्र सौंपकर मनरेगा कार्यों, भुगतान प्रक्रिया तथा पंचायत कार्यप्रणाली में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 

शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने इस संबंध में उत्तर प्रदेश जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत पत्र में मनरेगा कार्यों के संचालन, मजदूरों की उपस्थिति, भुगतान प्रक्रिया तथा पंचायत स्तर की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का उल्लेख किया गया है।

 

शिकायतकर्ता का यह भी दावा है कि उन्होंने इस मामले से संबंधित एक वीडियो पहले सोशल मीडिया पर साझा किया था। उनका कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद उन्होंने पुनः जिलाधिकारी को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभाग की ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। संबंधित अधिकारियों अथवा अन्य पक्ष का बयान भी प्राप्त नहीं हो सका था।

एफटी न्यूज़ डिजिटल स्पष्ट करता है कि इस समाचार में प्रकाशित सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए शिकायती पत्र एवं जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल पर दर्ज शिकायत पर आधारित हैं। चैनल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे तथा संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होगा, उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

 

 

सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध का आरोप, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध की शिकायत, ग्रामीण ने पुलिस से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग


स्थान: ग्राम पंचायत चौरासी, विकास खंड उसका बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर

थाना: जोगिया उदयपुर

शिकायतकर्ता: देवेन्द्र कुमार शुक्ल

मामला: सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध लगाए जाने की शिकायत


क्या है मामला?

शिकायतकर्ता ने थाना जोगिया उदयपुर में लिखित प्रार्थना पत्र दिया।

सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर गोबर, खाद एवं अन्य सामग्री रखकर रास्ता बाधित करने का आरोप लगाया।

शिकायत में कहा गया कि इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी और गंदगी की समस्या उत्पन्न हो रही है।

पुलिस से निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई और मार्ग खाली कराने की मांग की गई।

नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

सारांश

सिद्धार्थनगर जिले के उसका बाजार विकास खंड स्थित ग्राम पंचायत चौरासी में सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध लगाए जाने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीण देवेन्द्र कुमार शुक्ल ने थाना जोगिया उदयपुर में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि मार्ग पर गोबर एवं अन्य सामग्री रखे जाने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।

सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध की शिकायत, पुलिस से जांच की मांग

सिद्धार्थनगर। जनपद के विकास खंड उसका बाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत चौरासी निवासी देवेन्द्र कुमार शुक्ल ने थाना जोगिया उदयपुर में एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर अवरोध लगाए जाने की शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके घर के निकट स्थित सार्वजनिक इंटरलॉकिंग मार्ग पर गांव के कुछ लोगों द्वारा गोबर, खाद एवं अन्य सामग्री रखे जाने से ग्रामीणों के आवागमन में कठिनाई हो रही है। उन्होंने यह भी कहा है कि इससे आसपास गंदगी फैलने की समस्या उत्पन्न हो रही है।

प्रार्थना पत्र में पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने तथा यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो सार्वजनिक मार्ग से अवरोध हटवाने की मांग की गई है।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई थी। संबंधित पक्ष का पक्ष भी प्राप्त नहीं हो सका है।


एफटी न्यूज़ डिजिटल इस शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। यह समाचार उपलब्ध लिखित शिकायत के आधार पर प्रकाशित किया गया है। मामले में पुलिस जांच तथा संबंधित पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। इससे समाचार संतुलित एवं कानूनी रूप से सुरक्षित बना रहता है।

जनसुनवाई में उठीं 15 समस्याएं, पालिका अध्यक्ष ने दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश Inset

स्ट्रीट लाइट, पेयजल, नाली व सड़क मरम्मत की शिकायतों पर प्राथमिकता से कार्रवाई के आदेश


लखीमपुर-खीरी। नगर पालिका परिषद में बुधवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने नगरवासियों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई के दौरान कुल 15 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें स्ट्रीट लाइट, पेयजल पाइपलाइन लीकेज, नाली की सफाई तथा सड़क मरम्मत से जुड़े मामले प्रमुख रहे। अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


मोहम्मद असलम

लखीमपुर-खीरी।

नगर पालिका परिषद में आयोजित जनसुनवाई के दौरान पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और प्रत्येक शिकायत पर संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में स्ट्रीट लाइट खराब होने, पेयजल पाइपलाइन लीकेज, नालियों की सफाई, सड़क मरम्मत सहित विभिन्न जनसुविधाओं से जुड़ी कुल 15 शिकायतें दर्ज की गईं। पालिका अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने नगरवासियों से अपील की कि यदि किसी प्रकार की नागरिक समस्या हो तो सोशल मीडिया अथवा मोबाइल के माध्यम से शिकायत भेजने के बजाय प्रत्येक बुधवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इससे शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण किया जा सकेगा।

पालिका प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनसुनवाई की व्यवस्था निरंतर जारी रहेगी।


जनसुनवाई की मुख्य बातें

कुल 15 शिकायतें दर्ज।

स्ट्रीट लाइट, पेयजल, नाली और सड़क से जुड़े मामले प्रमुख।

अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

प्रत्येक बुधवार सुबह 11:00 से 1:00 बजे तक नगर पालिका कार्यालय में जनसुनवाई।

नागरिकों से सीधे कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की अपील।

 

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