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पेट्रोल पंप विवाद ने पकड़ा सियासी रंग

UP | Siddharthnagar


भाजपा पदाधिकारी के आरोप, वायरल वीडियो और एफआईआर के बाद जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म

सिद्धार्थनगर।

जनपद के बर्डपुर क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर डीजल दिए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। भाजपा पदाधिकारी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, प्रशासनिक हस्तक्षेप और पुलिस कार्रवाई के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला 10 मई 2026 की शाम का बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता एवं भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री अविनाश सिंह ने आरोप लगाया है कि वह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए मधुबेनिया बर्डपुर स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पहुंचे थे।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने कथित तौर पर ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की बात कहते हुए डीजल देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

अविनाश सिंह का कहना है कि सूचना मिलने पर पंप संचालक चाँद मोहम्मद उर्फ चाँद भाई मौके पर पहुंचे, जहां कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें पंप परिसर से बाहर निकालने का प्रयास भी किया गया।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता का दावा है कि स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आरोप यह भी लगाया गया है कि प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ और कथित तौर पर धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

इसी बीच पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति खुद को भारतीय जनता पार्टी का “जिला महामंत्री” बताते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद जिले की राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गईं।

हालांकि, जब इस पूरे मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य से सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि संबंधित व्यक्ति भारतीय जनता पार्टी का सदस्य नहीं है और पार्टी से उसका कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।

वहीं शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र और पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली सिद्धार्थनगर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो सहित सभी तथ्यों को जांच के दायरे में लिया गया है।

फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत पत्र, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

अब बड़ा सवाल यह है कि जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं…

क्या वायरल वीडियो और लगाए गए आरोप जांच में प्रमाणित होंगे…

और प्रशासन इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाता है…

फिलहाल सिद्धार्थनगर का यह पेट्रोल पंप विवाद जिले में राजनीतिक बहस और चर्चाओं का केंद्र बना हुआ है।

(नोट : यह समाचार शिकायतकर्ता के आरोपों, वायरल वीडियो, पुलिस तहरीर एवं उपलब्ध स्थानीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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“सच और… कुछ नहीं।”

समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान

बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन

सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।

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रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।

सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।

उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।

कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।

रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।

समर्पण दिवस पर मानवता की मिसाल, 26 लोगों ने किया रक्तदान

बाबा हरदेव सिंह की स्मृति में संत निरंकारी मिशन का प्रेरणादायक आयोजन

सिद्धार्थनगर में बुधवार को संत निरंकारी मिशन द्वारा आयोजित ‘समर्पण दिवस’ कार्यक्रम मानव सेवा, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह की पावन स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में 26 महात्माओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता के प्रति अपने समर्पण का परिचय दिया।

रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 26 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल सेवा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच और मानवता की भावना मजबूत होती है।

सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र से आए महात्मा श्याम सिंह ने कहा कि बाबा हरदेव सिंह ने अपने जीवनभर प्रेम, सेवा, सहअस्तित्व और आत्मज्ञान का संदेश देकर करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उनके नेतृत्व में संत निरंकारी मिशन ने रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे अनेक सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज में नई जागरूकता पैदा की।

उन्होंने कहा कि “खून नालियों में नहीं, बल्कि नाड़ियों में बहना चाहिए” — बाबा जी का यह संदेश आज भी मानव सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा बना हुआ है। मिशन आज 67 से अधिक देशों में मानव कल्याण और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचा रहा है।

कार्यक्रम में मिशन के मुखी डॉ. राजाराम यादव ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी समर्पण दिवस पर रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके और लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया जा सके।

रक्तदान करने वालों में पूर्व विधायक विजय पासवान, राम प्यारे, राम सुमेर अंबेडकर, अनूप कुमार, मनीष कुमार, राजेश, राम उग्रह, दयानन्द, नीलकमल, बुधिराम, सुधीराम, सोमनाथ, रीता, अर्जुन, राम चरन, दीपक, राजेश गुप्ता, सुबाष, मोनू, कैलाश, चंदू, साधना, ओमकार, सुबाष चौरसिया और अनिल पासवान सहित कई महात्मा शामिल रहे।

परिवार से दूर शिक्षकों का फूटा दर्द, सिद्धार्थनगर में धरना देकर सरकार तक पहुंचाई आवाज

वरिष्ठता आधारित अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति की मांग तेज, बीएसए के मौके पर न पहुंचने से शिक्षकों में दिखा आक्रोश

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सिद्धार्थनगर। जनपद में वर्षों से परिवार से दूर रहकर सेवा दे रहे परिषदीय शिक्षक और शिक्षिकाओं का दर्द बुधवार को खुलकर सामने आ गया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद सिद्धार्थनगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग बुलंद की।

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धरने का नेतृत्व संगठन के जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश संयुक्त मंत्री आदित्य कुमार शुक्ल ने किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपते हुए वरिष्ठता आधारित पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू किए जाने की मांग उठाई।

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धरने में शामिल शिक्षकों का कहना था कि कई शिक्षक-शिक्षिकाएं पिछले दस से बारह वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर तैनात हैं, जिससे उनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान स्थानांतरण व्यवस्था में आकांक्षी जनपदों के शिक्षकों को अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

धरना स्थल पर उस समय नाराजगी और बढ़ गई जब ज्ञापन लेने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहे। शिक्षकों ने इसे उनकी समस्याओं के प्रति प्रशासनिक उदासीनता बताया। हालांकि बाद में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन शिक्षक अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।

जिलाध्यक्ष आदित्य कुमार शुक्ल ने कहा कि संगठन शिक्षकों की वर्षों पुरानी पीड़ा को गंभीरता से महसूस कर रहा है और अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई के मूड में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही वरिष्ठता के आधार पर पारदर्शी अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति लागू नहीं की गई तो आंदोलन जिला मुख्यालय से लेकर राजधानी लखनऊ तक पहुंचाया जाएगा।

जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी ने कहा कि लंबे समय से परिवार से दूर रह रहे शिक्षकों की समस्याओं को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह ने शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि संगठन शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ता रहेगा।

धरने को शिवपाल सिंह, जे.पी. गुप्ता, मनोज त्रिपाठी, आनन्द पाण्डेय, अरुण कुमार चतुर्वेदी, विपुल कुमार सिंह, रेनू मणि त्रिपाठी, विजय सिंह भास्कर, सुरेन्द्र गुप्ता, नवनीत पाण्डेय, राहुल कुमार, अंजनी झा, गोपेश दूबे, राकेश पाण्डेय, धर्मेन्द्र श्रीवास्तव, उमाकान्त गुप्ता, नगीना राय, आशीष पाण्डेय, अरुण भास्कर, प्रतिभा त्रिपाठी, अर्चना कटियार, विवेक द्विवेदी सहित अन्य शिक्षकों ने संबोधित किया।

धरना प्रदर्शन का संचालन संजय कुमार पाठक एवं सुरेन्द्र द्वारा किया गया।


“बच्चों का भविष्य संवारने वाले शिक्षक आज अपने परिवार से मिलने की उम्मीद लेकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं।”

 

दो महीने पहले बजी थी शहनाई, अब नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से गांव में सनसनी

मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी


सिद्धार्थनगर। जिले के डुमरियागंज थाना क्षेत्र के पचउथ गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान मनीषा के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब दो महीने पहले पचउथ गांव निवासी देवदत्त मौर्य से हुई थी। बताया जा रहा है कि विवाह के कुछ समय बाद से ही दहेज को लेकर विवाद की बातें सामने आ रही थीं।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि मनीषा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। मृतका की माँ ने रोते हुए आरोप लगाया कि उनकी बेटी की दहेज के लिए हत्या की गई है और परिवार को न्याय चाहिए।
घटना की सूचना मिलते ही डुमरियागंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला आत्महत्या का है या फिर हत्या का। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी मौत की असली वजह
मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। वहीं परिजनों की मांग है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

पेट्रोल पंप पर डीजल देने से इनकार और अभद्रता का आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग

 “मोबिल खरीदो तभी मिलेगा डीजल?” — वायरल शिकायती पत्र से मचा हड़कंप

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सिद्धार्थनगर। जिले में एक पेट्रोल पंप संचालक पर उपभोक्ताओं के साथ कथित मनमानी और अभद्र व्यवहार करने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा जिला मंत्री अविनाश सिंह द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए एक शिकायती पत्र के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि पेट्रोल पंप पर डीजल देने से पहले जबरन मोबिल ऑयल खरीदने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर कथित रूप से धमकी तक दी गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 मई 2026 की शाम अविनाश सिंह अपनी कार में डीजल भरवाने के लिए बर्डपुर क्षेत्र स्थित मेकरानी ऑयल कंपनी पेट्रोल पंप पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने ₹300 का मोबिल ऑयल खरीदने की शर्त रखी और बिना मोबिल खरीदे डीजल देने से इनकार कर दिया।

शिकायती पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब इस बात का विरोध किया गया तो पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मामले के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

भाजपा नेता ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पेट्रोल पंप के लाइसेंस और संचालन व्यवस्था की जांच कर आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है।

प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, संबंधित पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आ सका।

FT News Digital वायरल शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। यह खबर उपलब्ध शिकायत पत्र और स्थानीय चर्चाओं के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक जांच और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जनता के बीच उठ रहे सवाल

क्या उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त सामान खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है?

क्या पेट्रोल पंपों पर नियमों का पालन सही तरीके से हो रहा है?

आखिर आम उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर कहां जाए?

अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

सिद्धार्थनगर में विकास और सड़क सुरक्षा पर डीएम सख्त, मॉडल स्कूल निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

सिद्धार्थनगर, 12 मई 2026। शिवशरणप्पा जीएन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय, उसका बाजार के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मुख्य भवन, प्रधानाचार्य आवास, स्टाफ आवास, वालवाटिका, डोरमेट्री और मेस सहित विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने की। बैठक में डा. अभिषेक महाजन भी मौजूद रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच कराने, बिना पंजीकरण और बिना फिटनेस वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना परमिट चल रहे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने और ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड वाहनों का नियमित चालान करने के निर्देश एआरटीओ को दिए।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां साइन बोर्ड, गति सीमा बोर्ड तथा संकेतक बोर्डों की साफ-सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और हाईवे किनारे स्थित विद्यालयों में यातायात जागरूकता अभियान चलाने को कहा।

उन्होंने लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, तीन सवारी न बैठाने और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की अपील की। पेट्रोल पंपों पर “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” अभियान को सख्ती से लागू कराने तथा रोडवेज चालकों का नियमित नेत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार चौरसिया, अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता कमल किशोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

नर्सिंग सेवा के सम्मान में गूंजा सिद्धार्थनगर, छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को मिला नया मंच

“हमारी नर्सें, हमारा भविष्य” थीम के साथ अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर जागरूकता, सम्मान और सेवा भावना का संदेश


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सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य सेवा, मानवता और समर्पण की मिसाल मानी जाने वाली नर्सिंग सेवा को सम्मान देने के उद्देश्य से जनपद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री राम विलास इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड मेडिकल साइंसेज में “अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस” का आयोजन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ समाज में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य — नर्सों को सशक्त बनाएं” रखी गई, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत नर्सों के योगदान, जिम्मेदारियों और सेवा भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नर्सिंग ऑफिसर एवं लेबर रूम इंचार्ज श्रीमती संदीपा तथा ओटी इंचार्ज श्रीमती कमला वर्मा मौजूद रहीं। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज की प्रबंधक डॉ. अनीता द्विवेदी और कॉलेज के संरक्षक एवं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. विमल कुमार द्विवेदी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की पूर्व छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। नर्सिंग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहीं विदुषी सिंह, एकता, रुचिता आर्य, शिवांगी पाठक और रवीना वरुण को मंच पर सम्मान देकर वर्तमान छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया गया।
नर्स सप्ताह के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में बीएससी छठवें सेमेस्टर की प्रीति विश्वकर्मा और अर्चिता मिश्रा प्रथम स्थान पर रहीं। जीएनएम द्वितीय वर्ष की इंदु और सीमा यादव ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि एएनएम की उमा और प्रमिला तृतीय स्थान पर रहीं।
इसी क्रम में अन्य प्रतियोगिताओं में बीएससी सातवें सेमेस्टर की राखी ने प्रथम, बीएससी छठवें सेमेस्टर की सीमा विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा बीएससी चौथे सेमेस्टर के अतिरेश त्रिपाठी ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं मेकिंग प्रतियोगिता में अवंतिका प्रथम, रेहान द्वितीय और सौम्या गौड़ तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम का संचालन मिस आरजू ने किया, जबकि सह-संचालन में मिस अर्पिता, मिस श्रुति एवं मिस वैष्णवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संपूर्ण आयोजन कॉलेज की प्रिंसिपल जूही शुक्ला के संरक्षण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि नर्सें केवल स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा नहीं, बल्कि मरीजों के लिए विश्वास, सेवा और संवेदनशीलता की सबसे मजबूत पहचान होती हैं। ऐसे आयोजन छात्र-छात्राओं में सेवा, अनुशासन और मानवता की भावना को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

घरों की रसोई सूनी, बाजारों में जल रहे घरेलू सिलेंडर!

मोहाना क्षेत्र में घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग पर उठे सवाल, जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर भी चर्चा तेज


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सिद्धार्थनगर | FT News Digital
एक ओर सरकार आम लोगों तक रसोई गैस की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर सिद्धार्थनगर के मोहाना थाना क्षेत्र में बाजारों और सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडरों के कथित व्यावसायिक उपयोग को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता दिखाई दे रहा है।
चाट, चाउमीन, बर्गर और अन्य फास्ट फूड बेचने वाले कई ठेलों पर घरेलू गैस सिलेंडर खुलेआम उपयोग होते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले व्यवसायिक कार्यों के लिए कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होता था, लेकिन अब लागत बचाने और अधिक मुनाफे के लालच में घरेलू सिलेंडरों का उपयोग बढ़ता जा रहा है।
लोगों का सवाल है कि जब घरेलू गैस सिलेंडर बड़े पैमाने पर बाजारों और ठेलों तक पहुंच रहे हैं, तो आखिर आम परिवारों की रसोई तक गैस समय पर कैसे पहुंचेगी? क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि कई बार सिलेंडर के लिए इंतजार करना पड़ता है, जबकि बाजारों में घरेलू गैस धड़ल्ले से जलती दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि घरेलू गैस के कथित अवैध व्यावसायिक उपयोग के पीछे कहीं न कहीं कालाबाजारी और नियमों की अनदेखी का खेल भी हो सकता है। लोगों का कहना है कि यदि गैस वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच हो, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी उठ रहा है। आखिर सड़क किनारे खुलेआम घरेलू सिलेंडरों का उपयोग हो रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की नजर अब तक इस ओर क्यों नहीं गई? क्या नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, या फिर जांच और कार्रवाई में कहीं ढिलाई बरती जा रही है?
सुरक्षा के लिहाज से भी यह स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों के गैस सिलेंडरों का उपयोग किसी बड़े हादसे को दावत दे सकता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन, पूर्ति विभाग और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि घरेलू गैस के कथित व्यावसायिक उपयोग और संभावित कालाबाजारी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि आम परिवारों की रसोई, सुरक्षा और जनहित से जुड़ा बड़ा सवाल बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेते हैं।

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