फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
प्रधानाचार्य परिषद की शैक्षिक गोष्ठी का हुआ आयोजन

आज दिनांक 16-5 -2026 को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की जनपद इकाई द्वारा ललिता इंटर कॉलेज चौखड़ा डुमरियागंज में एक शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के प्रादेशिक महामंत्री शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक श्री श्रीनिवास शुक्ल जी थे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के पूर्व महामंत्री श्री रविंद्र नाथ त्रिपाठी जी तथा विद्यालय के प्रबंधक (धौरहरा स्टेट) कुंवर आनंद प्रताप सिंह जी रहे। कार्यक्रम में जनपद के अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य इंतजार हुसैन रिजवी, रामकृष्ण द्विवेदी,सुनील कुमार रंजन, तथा रवीन्द्र उपाध्याय का सम्मान समारोह किया गया तथा नवागत प्रधानाचार्य मकसूद आलम ,मोहम्मद रफीक , लालचंद शिवकरन जी, विद्या शंकर कुशवाहा तथा अशोक त्रिपाठी को सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की जनपदीय इकाई की नवीन कार्यकारिणी का गठन किया गया।जिसमें संरक्षक के रूप में राष्ट्रपति पुरस्कृत चन्द्र प्रकाश श्रीवास्तव, भानु प्रताप मिश्रा, नलिनी कांत मणि त्रिपाठी,रमाकांत द्विवेदी,गोपेश्वर चौबे को चुना गया।नई कार्यकारिणी के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार द्विवेदी प्रधानाचार्य महात्मा गौतम बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जोगिया सिद्धार्थनगर,कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में डॉ धर्मेन्द्र मिश्र प्रधानाचार्य तिलक इंटरमीडिएट कॉलेज बांसी सिद्धार्थ नगर,जिला मंत्री शैलेंद्र शर्मा प्रधानाचार्य महामना मालवीय इंटर कॉलेज बरगदवा तथा चन्द्र प्रकाश राव प्रधानाचार्य ललित इंटरमीडिएट कॉलेज चौखड़ा को कोषाध्यक्ष चुना गया। साथ ही नौगढ़ तहसील से हिना, , बांसी से अरविंद चौधरी, इटवा से राजेंद्र सिंह, शोहरत गढ़ से विजय वर्मा डुमरियागंज सेअहमद फरीद अब्बासी को उपाध्यक्ष चुना गया। डॉक्टर शेषनारायण पाण्डेय प्रधानाचार्य दुर्गा श्री दुर्गा जी पाटेश्वरी इंटर कॉलेज पटनी जंगल को संरक्षण मंत्री तथा जयराम यादव प्रधानाचार्य जय किसान इंटर कॉलेज सकतपुर सनई को संगठन मंत्री तथा श्रीमती अंजू मिश्रा तथा काज़ी तारीख अहमद संयुक्त मंत्री के रूप में एवं आय व्यय निरीक्षक के रूप में रामनिवास कुशवाह तथा अभय प्रताप सिंह प्रधानाचार्य रुद्रपाल इंटर कॉलेज लटेरा , रवीन्द्र श्रीवास्तव को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया

जनगणना ड्यूटी में मनमानी का आरोप, कर्मियों को 20 किलोमीटर दूर भेजे जाने पर फूटा गुस्सा

विकल्प मांगे गए, लेकिन आवंटन में नहीं दिखी पारदर्शिता।

बांसी, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील क्षेत्र में जनगणना कार्य के लिए लगाए गए प्रगणकों और कर्मचारियों में ड्यूटी आवंटन को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग ने उनसे एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) के लिए विकल्प तो मांगे, लेकिन अंतिम आवंटन में उनकी पसंद और सुविधा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। कई कर्मचारियों की ड्यूटी उनके घर से 20 से 25 किलोमीटर दूर लगा दी गई है, जबकि कुछ कर्मियों का पहले से आवंटित एचएलबी अचानक निरस्त कर दिया गया।

खासकर ऐसी महिला कर्मियों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है, जिनके छोटे बच्चे हैं या जिनको कोई ले आने-जाने वाला नहीं है। महिला कर्मियों का कहना है कि, मनचाहा विकल्प चुनने के बाद भी इतनी दूर ड्यूटी लग जाने से हम परेशान हैं, कि इतनी दूर हम ड्यूटी कैसे कर पाएंगे।

“पहले एलॉट किया, फिर निरस्त कर दिया गया।”

प्रगणक सत्यपाल सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले एक एचएलबी (HLB) आवंटित किया गया था, लेकिन बाद में बिना किसी सूचना के उसे हटा दिया गया और अब उनकी स्थिति पेंडिंग में दिखाई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि अब उन्हें किसी दूरस्थ क्षेत्र में ड्यूटी दी जा सकती है।

वहीं विष्णु वरुण, रबीकांत, संजय चौधरी, निर्मल मौर्या समेत अन्य कर्मियों ने भी कहा कि उन्होंने अपने गांव या आसपास के क्षेत्रों का विकल्प चुना था, लेकिन विभाग ने उन्हें काफी दूर तैनात कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न सिर्फ आने-जाने में परेशानी होगी, बल्कि समय और आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।

कर्मचारियों ने लगाया मनमानी का आरोप

जनगणना कर्मियों का आरोप है कि बांसी तहसील स्तर पर ड्यूटी निर्धारण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि विकल्प लेने की प्रक्रिया अपनाई गई थी, तो उसी के अनुरूप एचएलबी (HLB)आवंटन किया जाना चाहिए था।

कई कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जिनकी ड्यूटी पहले उनके क्षेत्र या नजदीक लगी थी, उनकी ड्यूटी काटकर दूर स्थानों पर भेज दिया गया या फिर सूची से नाम ही हटा दिया गया।

तहसीलदार से लगाई न्याय की गुहार

नाराज कर्मचारियों ने तहसीलदार बांसी से मांग की है कि ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए। कर्मचारियों ने कहा कि जिनका एचएलबी निरस्त किया गया है, उन्हें पुनः वही एचएलबी आवंटित किया जाए और जिन कर्मियों को दूरस्थ क्षेत्रों में भेजा गया है, उन्हें उनके द्वारा चुने गए विकल्पों में से ही क्षेत्र दिया जाए।

कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर जनगणना कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों पर पड़ सकता है।

दस्तावेजों से खुलने लगे पंचायत फंड के राज! सिद्धार्थनगर की 6 ग्राम पंचायतों में करोड़ों के भुगतान पर जांच शुरू

 पत्र और भुगतान दस्तावेज सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में, विकास कार्यों और सामग्री खरीद पर उठे गंभीर सवाल

Screenshot 20260517 081116

सिद्धार्थनगर | FT News Digital

सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ और शोहरतगढ़ विकासखंड की छह ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और सरकारी धन के उपयोग को लेकर उठे सवाल अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गए हैं। लगातार सामने आ रहे शिकायत पत्रों, शपथ पत्रों और भुगतान संबंधी दस्तावेजों के बाद प्रशासन ने कई ग्राम पंचायतों में जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

Screenshot 20260517 081125

मामला ग्राम पंचायत टेड़िया, सेमरियांव, रामगढ़, हरदासपुर, रसूलपुर और रामपुर से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच विकास कार्यों, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, निर्माण सामग्री और अन्य मदों में हुए भुगतान को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ कार्य कागजों में दिखाकर भुगतान निकाला गया, जबकि कई कार्यों की वास्तविक स्थिति जांच का विषय बनी हुई है।

शिकायत पत्र में क्या-क्या आरोप?

Screenshot 20260517 081051

शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य, सफाई कार्य, निर्माण सामग्री आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट खरीद के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किए गए। शिकायत में दावा किया गया है कि कई मामलों में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर सरकारी धन निकाला गया।

 

Screenshot 20260517 081140दस्तावेजों में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल पर पूर्ण दर्शाया गया, जबकि मौके पर कार्यों की स्थिति अलग बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई मामलों में बाजार मूल्य से अधिक दरों पर सामग्री खरीद दिखाई गई।

Screenshot 20260517 081202

स्ट्रीट लाइट भुगतान पर सबसे ज्यादा सवाल

शिकायत पत्र में स्ट्रीट लाइट खरीद और भुगतान को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कुछ ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान दर्शाया गया, जबकि बाजार में उसी प्रकार की सामग्री कम कीमत पर उपलब्ध बताई जा रही है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कई भुगतान अभिलेखों और धरातल की स्थिति में अंतर दिखाई दे रहा है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री, सफाई कार्य और अन्य विकास योजनाओं में भी अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है।

जांच समितियों के गठन के बाद बढ़ी हलचल

सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने कुछ ग्राम पंचायतों की जांच के लिए समितियों का गठन किया है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

हालांकि जांच टीम में विभागीय अधिकारियों को शामिल किए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा भी तेज हो गई है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और सभी कार्यों का मौके पर जाकर सत्यापन कराया जाना चाहिए।

फर्मों और भुगतान प्रक्रिया पर भी उठे सवाल

शिकायत में संबंधित फर्मों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि कई पंचायतों में सामग्री आपूर्ति और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं। शिकायतकर्ता ने भुगतान रिकॉर्ड, बैंकिंग लेनदेन और तकनीकी स्वीकृतियों की जांच कराए जाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा।

प्रशासनिक जांच पर टिकी जिले की नजर

फिलहाल मामला जांच प्रक्रिया में है और सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों व प्रार्थना पत्र के आधार पर बताए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

अब पूरे जिले की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी तथा वास्तविक स्थिति सामने आएगी।


FT News Digital किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामला जांच और प्रशासनिक सत्यापन के अधीन है।


 क्या है पूरा मामला?

6 ग्राम पंचायतों के भुगतान पर सवाल

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को सौंपे दस्तावेज

विकास कार्य और सामग्री खरीद जांच के घेरे में

स्ट्रीट लाइट भुगतान पर उठे बड़े सवाल

प्रशासन ने शुरू की जांच प्रक्रिया

Screenshot 20260517 081105


पंचायत फंड के भुगतान पर उठे सवाल

 6 ग्राम पंचायतों में जांच शुरू

 दस्तावेज सामने आने के बाद बढ़ी हलचल

 स्ट्रीट लाइट भुगतान जांच के घेरे में

 शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय

 विकास कार्यों के सत्यापन की मांग तेज


“पंचायत फंड में बड़ा खेल?”


“6 पंचायतों की जांच शुरू”


 

शादी की खुशियां मातम में बदलीं: नदी में डूबने से 9 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा सन्नाटा

सिद्धार्थनगर जनपद के थाना गोल्हौरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तेलैरा घाट में शादी की खुशियां उस समय चीख-पुकार और मातम में बदल गईं, जब वैवाहिक रस्मों के दौरान एक 9 वर्षीय मासूम नदी के गहरे पानी में समा गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

मृतक की पहचान शिवरतन निषाद (9 वर्ष) पुत्र रामू निषाद निवासी ग्राम तेलैरा घाट थाना गोल्हौरा जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में एक दिन पूर्व विवाह समारोह सम्पन्न हुआ था। शुक्रवार सुबह पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत महिलाएं बुढ़ीरापती नदी पर तोरण-शेरवानी और पूजा-अर्चना की रस्म निभाने पहुंची थीं।

बताया जाता है कि पूजा के बाद महिलाएं परंपरा के अनुसार नदी की मिट्टी एक-दूसरे को लगा रही थीं। इसी दौरान मासूम शिवरतन भी वहां मौजूद था। कुछ देर बाद महिलाएं स्नान के लिए नदी के एक किनारे चली गईं, जबकि बच्चे दूसरी ओर खेल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसी बीच शिवरतन नहाने के लिए पानी में उतरा और अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया।

घटना के समय वहां मौजूद छोटे बच्चों ने उसे डूबते देखा, लेकिन वे घबरा गए और किसी को तत्काल सही ढंग से जानकारी नहीं दे सके। जब लोग रस्म पूरी कर घर लौटने लगे और शिवरतन दिखाई नहीं पड़ा, तब परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में बच्चों ने बताया कि वह नदी में गया था और वापस नहीं लौटा।

इसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने नदी में उतरकर खोजबीन शुरू की। करीब साढ़े 11 बजे काफी प्रयासों के बाद मासूम का शव नदी से बरामद किया गया। शव बाहर निकलते ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और परिजनों में कोहराम मच गया।

ग्रामीणों के अनुसार शिवरतन अपने भाइयों में सबसे छोटा था। उसका पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में प्रदेश से बाहर रहकर मजदूरी करता है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में जहां एक ओर शादी की खुशियां थीं, वहीं कुछ ही घंटों में पूरा माहौल गमगीन हो गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह हादसा शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे हुआ था, जबकि लगभग 11:30 बजे मासूम का शव नदी से निकाला जा सका। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।

पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

बिजली के खम्भे में लगी आग की सूचना पर भड़की PRV 8493, कॉलर को ही सुनाई खरी-खोटी!

बड़ी लापरवाही या संवेदनहीनता?


बांसी, सिद्धार्थनगर।

थाना कोतवाली बांसी क्षेत्र के मंगल बाजार स्थित सीएस गली के सामने बीती रात बिजली के खम्भे में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई। देखते ही देखते खम्भे से जलती हुई तार नीचे सड़क की ओर गिरने लगी। इसी दौरान बाइक से गुजर रहे एक राहगीर के ऊपर जलती तार गिर गई, जिससे उसके कपड़ों में आग लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना रात लगभग 12 बजे की बताई जा रही है। मौके पर मौजूद नगरवासियों ने तत्काल आपातकालीन सहायता के लिए यूपी-112 पर सूचना दी, ताकि पुलिस और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर राहत कार्य करा सके। लेकिन आरोप है कि सूचना पर पहुंची PRV 8493 की टीम ने राहत पहुंचाने के बजाय कॉलर को ही फटकार लगानी शुरू कर दी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस कर्मियों ने यह कहते हुए नाराजगी जताई कि ऐसी सूचना बिजली विभाग को देनी चाहिए थी, 112 पर क्यों दी गई। जबकि सरकार और उत्तर प्रदेश पुलिस स्वयं हर प्रकार की आकस्मिक स्थिति, आपदा और आपातकालीन घटनाओं में यूपी-112 पर सूचना देने के लिए जनता को लगातार जागरूक करती रही है, ताकि समय रहते सहायता मिल सके और घटनाओं का रिकॉर्ड दर्ज हो सके।

घटना के बाद क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों का कहना है कि यदि बिजली के खम्भे में आग लगने जैसी खतरनाक स्थिति में भी जनता 112 पर सूचना नहीं देगी, तो आखिर आपदा के समय किससे मदद मांगी जाए? लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि मौके पर पहुंचे पीआरवी कर्मियों के पास स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों के संपर्क नंबर तक उपलब्ध नहीं थे, जिससे तत्काल समन्वय स्थापित कर राहत कार्य कराया जा सके।

नगरवासियों में इस घटना के बाद यह भ्रम भी देखने को मिला कि कहीं यूपी-112 सेवा केवल मारपीट और झगड़े तक ही सीमित तो नहीं समझी जा रही। जबकि आग, सड़क हादसा, बिजली दुर्घटना और अन्य आकस्मिक घटनाओं में भी पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी राहत और समन्वय स्थापित करने की होती है।

हालांकि, इस मामले में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन जिस प्रकार आम नागरिक द्वारा दी गई आपदा संबंधी सूचना पर कथित तौर पर असंतोष जताया गया, उसने पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और उच्चाधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर जनता को बेहतर और सम्मानजनक सहायता उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

सवाल जो उठ रहे हैं…

क्या आपदा की सूचना देना आम नागरिक की गलती है?

क्या यूपी-112 केवल विवाद और मारपीट तक सीमित सेवा बनकर रह गई है?

क्या पीआरवी वाहनों को संबंधित विभागों के समन्वय हेतु आवश्यक संपर्क सूची उपलब्ध नहीं कराई गई है?

आखिर आम जनता आपात स्थिति में किसे फोन करे?

प्रशासन से जनता की मांग

क्षेत्रीय लोगों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि:

बिजली के जर्जर तारों और खम्भों की तत्काल जांच कराई जाए।

यूपी-112 कर्मियों को आपदा प्रबंधन और जनसंपर्क व्यवहार को लेकर संवेदनशील प्रशिक्षण दिया जाए।

पीआरवी वाहनों में संबंधित विभागों के आपातकालीन संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

FT News Digital

“सच और …कुछ नहीं”

“गांव की चौपाल में गूंजा विकास का संकल्प, डीएम बोले—हर पात्र तक पहुंचेगी सरकार की योजना”

लोटन/सिद्धार्थनगर।

जनपद सिद्धार्थनगर के विकास खण्ड लोटन बाजार अन्तर्गत ग्राम पंचायत देवपुर मस्जिदिया में शुक्रवार को आयोजित “ग्राम चौपाल-गांव की समस्या, गांव में समाधान” कार्यक्रम में प्रशासनिक सक्रियता और जनसमस्याओं के समाधान का व्यापक संदेश देखने को मिला। जिलाधिकारी Shivsharanappa G N की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी Balram Singh की मौजूदगी में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर समीक्षा की गई।

IMG 20260515 WA1124 IMG 20260515 WA1123 IMG 20260515 WA1122 IMG 20260515 WA1121

चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से आयुष्मान योजना, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पेंशन योजनाओं एवं राशन वितरण व्यवस्था को लेकर जानकारी प्राप्त की। ग्रामीणों ने बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए।

डीएम ने विशेष रूप से आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलती है। साथ ही किसानों की फसल क्षति, किसान सम्मान निधि एवं राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

उन्होंने कहा कि पूरे जनपद में ग्राम चौपालों के माध्यम से शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि योजनाओं को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए ताकि अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचे।

जिलाधिकारी ने वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं को मौके पर ही दर्ज कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं महिलाओं से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता एवं प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

बिजली विभाग की एकमुश्त समाधान योजना का उल्लेख करते हुए जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से बिजली बिल में छूट पाने हेतु पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

भूमि विवाद, पैमाइश, वरासत, जन्म प्रमाण-पत्र, आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र जैसे मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही आपदा राहत, कृषक दुर्घटना बीमा योजना एवं फार्मर रजिस्ट्री कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।

ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई गई। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कार्यक्रम भी विधिवत सम्पन्न कराया गया, जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी नौगढ़ Rahul Singh, जिला विकास अधिकारी Rajmani Verma, डीसी मनरेगा Sandeep Singh, उप कृषि निदेशक Rajesh Kumar, खण्ड विकास अधिकारी लोटन Sarvesh Mohan, ग्राम प्रधान Rachna Srivastava सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

 

“बरसात से पहले प्रशासन अलर्ट! कूड़ा नदी के कटाव को रोकने मैदान में उतरे डीएम, गांवों की सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश”

 

FT News Digital |

सिद्धार्थनगर में आगामी बरसात और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

IMG 20260515 WA1128

कूड़ा नदी के बांये तट पर हो रहे कटाव निरोधक कार्यों का जायजा लेने स्वयं जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन मौके पर पहुंचे और कार्यों की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

डीएम ने कूड़ा-घोघी तटबंध के किलोमीटर 14.940 से 15.190 के मध्य ग्राम इमिलिया तथा किलोमीटर 20.040 से 20.290 के मध्य ग्राम मस्जिदिया के पास चल रहे बचाव कार्यों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान लांचिंग एप्रन और स्टेप स्लोप पिचिंग का कार्य प्रगति पर पाया गया।

IMG 20260515 WA1130

अधिशासी अभियंता द्वारा जिलाधिकारी को बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत लगभग 250 मीटर की एज क्रेटिंग, स्टेप स्लोप पिचिंग, स्लोप पिचिंग और तीन पंक्तियों में परक्यूपाइन संरचना का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि नदी के तेज कटाव से गांवों और तटबंध को सुरक्षित रखा जा सके।

बताया गया कि परियोजना का कार्य 31 मार्च 2026 से प्रारंभ हुआ है और इसे 30 जून 2026 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है।

जिलाधिकारी ने मौके पर कार्य की गुणवत्ता को संतोषजनक पाया, लेकिन साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश भी दिए कि किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

बरसात के मौसम से पहले प्रशासन की यह सक्रियता ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का संदेश मानी जा रही है।

क्योंकि हर वर्ष नदी कटान की मार झेलने वाले क्षेत्रों में लोगों के सामने घर, खेत और जीवनयापन बचाने की चुनौती खड़ी हो जाती है।

ऐसे में अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ये सुरक्षा कार्य कितने प्रभावी साबित होते हैं।

निरीक्षण के दौरान इंजीनीयर्स और ड्रेनेज विभाग के कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

FT News Digital

“सच और… कुछ नहीं”

 

कम उम्र में बुझ गया घर का इकलौता चिराग, सड़क हादसे ने उजाड़ दिया पूरा परिवार

“जिस बेटे के सहारे बूढ़े मां-बाप जी रहे थे, सड़क हादसे ने उसी को छीन लिया”

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की जिंदगी को गहरे अंधेरे में धकेल दिया। सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के वार्ड नंबर-5, मोहल्ला डॉक्टर हेडगेवार नगर साड़ी निवासी संतोष कुमार गुप्ता (लगभग 20 वर्ष) पुत्र राम रक्षा गुप्ता की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे नगर क्षेत्र में शोक का माहौल देखा गया।मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस्का थाना क्षेत्र के ग्राम फुलवरिया कला के बाहर मेन रोड पर हुई। बताया जा रहा है कि संतोष कुमार गुप्ता अपनी रिश्तेदारी से वापस सिद्धार्थनगर मुख्यालय नौगढ़ स्थित अपने घर लौट रहे थे। वह अपनी दोपहिया वाहन से नौगढ़ की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से गुजर रहे एक अज्ञात पिकअप वाहन की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए।स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने पर सुहास चौकी क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि चौकी इंचार्ज एवं पुलिस कर्मियों ने तत्काल घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर भेजवाया, जहां इलाज के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही। बाद में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक संतोष बेहद साधारण परिवार से था और मेहनत-मजदूरी कर अपने बूढ़े माता-पिता का सहारा बना हुआ था। बताया जा रहा है कि परिवार की जिम्मेदारियों का बड़ा हिस्सा उसी के कंधों पर था। उसकी एक बहन भी है जिसकी शादी अभी बाकी बताई जा रही है। वहीं करीब एक वर्ष पहले ही उसकी शादी हुई थी और स्थानीय लोगों के मुताबिक उसकी पत्नी गर्भवती बताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।कम उम्र में बेटे की मौत से बूढ़े माता-पिता बदहवास हैं। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। नगर क्षेत्र के लोग भी इस हादसे को लेकर गहरी संवेदना जता रहे हैं।फिलहाल पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

गांव की सरकार चौपाल में उतरी, एक छत के नीचे सुनी गईं ग्रामीणों की समस्याएं

 

मधुबनी पंचायत भवन में लगा समाधान चौपाल, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मौके पर निस्तारण का दिया भरोसा

सिद्धार्थनगर।

IMG 20260515 113407
सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान कराने के उद्देश्य से शुक्रवार, 15 मई 2026 को विकासखंड अंतर्गत ग्राम मधुबनी स्थित नगर पंचायत भवन सभागार में “ग्राम पंचायत चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “एक छत के नीचे पूरा समाधान” थीम पर आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनकर संबंधित विभागों द्वारा समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय कर्मचारियों की मौजूदगी में हुई, जहां ग्रामीणों ने बिजली, बैंकिंग, कृषि, साफ-सफाई, रोजगार, राशन, पेंशन, आवास, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। चौपाल का मुख्य उद्देश्य गांव स्तर पर ही लोगों को सरकारी सुविधाओं से जोड़ना और विभागों के चक्कर काटने की मजबूरी को कम करना रहा।

ग्राम प्रधान अमजद अली ने कहा कि सरकार की मंशा है कि गांव का हर व्यक्ति योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त करे और किसी भी समस्या के लिए उसे भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लें और पात्र लोग लाभ पाने के लिए आगे आएं।

सचिव अमित कुमार जायसवाल ने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि गांव में विकास कार्यों, साफ-सफाई, पात्रता आधारित योजनाओं और जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है। रोजगार सेवक राम अवतार यादव ने मनरेगा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी।

चौपाल में मौजूद स्टेट बैंक कर्मचारी राकेश कुमार ने ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं, जनधन योजना, डिजिटल भुगतान और खातों से जुड़ी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया। कृषि विभाग से पहुंचे रामसागर ने किसानों को आधुनिक खेती, उर्वरक उपयोग और सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी दी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता देवी, प्रेमलता देवी, आशा बहन शकुंतला देवी, सफाई कर्मी अनिल कुमार, मतीउल्लाह, शिवचरण, केयरटेकर अर्चना कुमारी समेत अन्य कर्मचारियों ने स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया।

कार्यक्रम में ग्रामीण तफसीर आलम, बिंदलाल, जयराम, सुंदरी, शीला, इंद्रजीत, महेश, इनामुल्लाह, जहांगीर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, सफाई, राशन कार्ड, पेंशन और आवास से संबंधित समस्याएं उठाईं, जिन पर संबंधित कर्मचारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई और समाधान का आश्वासन दिया गया।

ग्राम पंचायत चौपाल के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि सरकार की योजनाएं अब कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि गांव की चौपाल तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगी। ग्रामीणों ने भी इस पहल को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए नियमित रूप से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।

अंग्रेजी छोटी हेडिंग:

Village Chaupal for Public Solutions

Hashtags:

#VillageChaupal #GramPanchayat #Madhubani #GovernmentSchemes #RuralDevelopment #FTNewsDigital #GroundReport #PublicSolution #VillageGovernment #Siddharthnagar

मदरसे में मासूम की मौत का खुलासा!

IMG 20260515 WA0793

सबक सुनाने के विवाद में नाबालिग छात्र पर हत्या का आरोप**

FT News Digital | विशेष रिपोर्ट

file 000000000e0071fa97d1b9d86cb4e839

सिद्धार्थनगर जिले के ढेबरुआ थाना क्षेत्र में मदरसे में पढ़ने वाले एक छात्र की संदिग्ध मौत का मामला अब पुलिस जांच के बाद नए मोड़ पर पहुंच गया है।

पुलिस ने मामले में एक नाबालिग छात्र को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू की है।

मामला तुलसियापुर गांव निवासी 12 वर्षीय छात्र अनीसुर्रहमान से जुड़ा है, जो बढ़नी क्षेत्र स्थित एक मदरसे में हाफिज़ की तालीम हासिल कर रहा था। बीते दिनों उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसके बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम की मांग किए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना में गला दबाकर मौत होने की बात सामने आई।

इसके बाद क्षेत्राधिकारी और ढेबरुआ पुलिस टीम ने मदरसे पहुंचकर शिक्षकों और छात्रों से गहन पूछताछ की। जांच के दौरान एक नाबालिग छात्र को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि पढ़ाई के दौरान “सबक सुनाने” को लेकर दोनों छात्रों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान गुस्से में आकर कथित रूप से घटना को अंजाम दिया गया।

हालांकि पूरे मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत की जा रही है और जांच अभी भी जारी है।

घटना के बाद इलाके में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है। वहीं स्थानीय लोग मदरसों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है तथा साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

 

 

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।