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 पूर्व विधायक ने जंतर मंतर में छात्र छात्राओं के साथ बर्बरता और विधानसभा चुनाव को लेकर दिया बड़ा बयान 

 

 

रायबरेली 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है।लेकिन उससे पहले जिस तरह से दिल्ली के जंतर मंतर में छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट कर करते हुए उन्हें अधमरा कर दिया गया, अश्रु गैस के गोले छोड़े गए। इन सब की गहनता से जांच होनी चाहिए। फिलहाल कांग्रेस पार्टी के पूर्व विधायक कुंवर अजय पाल सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा है जिस तरह से छात्राओं के साथ मारपीट की गई है वह कौन लोग हैं जो सिविल ड्रेस में आए उन्होंने छात्र छात्राओं के साथ-साथ नेता प्रति पक्ष सांसद राहुल गांधी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ जिस तरह से पुलिस कर्मियों ने बदसलूकी की वह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं पूर्व विधायक ने यह भी कहा देखा जा रहा है धीरे-धीरे प्राथमिक विद्यालय प्राइवेट स्कूल हजारों की संख्या में बंद कर दिए गए।बीजेपी सरकार बड़े-बड़े वादे ओर अभियान चला रही कि सब पढ़े ओर सब बढ़े का का नारा दिया जा रहा है, तो वहीं उन्होंने पौधा रोपण भी बड़ी बात कही जितने पौधे लगाए जा रहे हैं उतनी ही कटाई हो रही है।जिसका हमारे नेता आदरणीय राहुल गांधी ने मुद्दा भी उठाया।अभी हाल ही में ही उत्तराखंड राजस्थान में भी पौधारोपण को लेकर जिस तरह से कटाई की गई उस पर भी बड़ी बहस की गई।राम मंदिर में चंदा चोरी के के मामले में पूर्व विधायक ने कहा अभी तक आरोपियों का खुलासा नहीं हुआ किसान परेशान है ना समय से खाद मिल रही है ना किसानों की भरपाई हो पा रही है तो वहीं उन्होंने बढ़ती महंगाई और विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि सरकार कोई भी हो उन्हें अपने कर्तव्य को पूर्ण रूप से निभाना चाहिए और जो इस वक्त हमारे यहां ऊंचाहार में मौजूदा विधायक उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे हैं वह बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं की सड़कों की मरम्मत कराई दी गई है,जनता बड़ी खुश है तो जनता कहां खुश है कोटेदारों को परेशान किया जा रहा प्रधानों को परेशान किया जा रहा सड़को की स्थिति खस्ताहाल पड़ी हुई है ,क्या यह मौजूदा विधायक जी को नहीं दिखता।फिलहाल जब उनसे बात की गई 2027 चुनाव को लेकर कि आपकी आगे क्या तैयारी है अगर आपको टिकट मिला तो उन्होंने जवाब देते हुए कहा है कि पार्टी का नेतृत्व है टिकट देंगी तो हम कार्य करेंगे और जो भी समस्या ऊंचाहार विधानसभा में रह गई उन समस्याओं को निपटाने के साथ-साथ जो भी योजनाएं हर घर तक पहुंचाने का हमारा लक्ष्य रहेगा।फिलहाल 2007 से लेकर 2012 तक विधायक रहे कुंवर अजय पाल सिंह ने मौजूदा सरकार को बेधने का काम किया है।फिलहाल 2027 विधानसभा का चुनाव कहीं ना कहीं आरोप और प्रत्यारोप के दौर से गुजर रहा है।

*भाजपा राज में हर वर्ग उपेक्षित-श्यामलाल पाल*

 

रायबरेली समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार जनपद रायबरेली के विधानसभा क्षेत्र सलोन के बूथ स्तरीय संगठन की समीक्षा बैठक एवं पीडीए जनपंचायत का आयोजन सलोन में किया गया।जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने उपस्थित बूथ प्रभारियों व बूथ कमेटी के सदस्यों,बीएलए,सेक्टर प्रभारियों,जोन प्रभारियों,पीडीए कमेटी के सदस्यों/संयोजकों ब्लॉक कमेटियों,विधान सभा कमेटी के पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ ही सभी फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि भाजपा सरकार दमनकारी नीति पर काम कर रही है इस सरकार ने छात्रों,युवाओं,महिलाओं, किसानों,मजदूरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है रोजी रोजगार के अवसर समाप्त किए हैं विपक्ष की जनहित की आवाज को कुचलने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं हर वर्ग परेशान एवं निराश है।सभी बूथ से लेकर विधानसभा क्षेत्र सलोन के कार्यकर्ताओं का कर्तव्य है कि बूथों पर भाजपा सरकार की नाकामियों एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल में किए गए विकास,शिक्षा,रोजगार के कार्यों व उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए समाजवादी पार्टी की नीतियों एवं विचारों से आमजनों को जोड़ने का कार्य किया जाय।उन्होंने इस अवसर पर कार्यकर्ताओं से कहा कि वोटर लिस्टों पर सघन परीक्षण करते हुए डुप्लीकेट मतदाताओं को चिन्हित कर उनके नाम डिलीट कराये।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव द्वारा की गयी।

कार्यक्रम को प्रमुख रूप से विधायक बछरावा शश्याम सुंदर भारती,प्रदेश उपाध्यक्ष सीएल वर्मा,जिला अध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव,पूर्व प्रत्यासी चौ.सुरेश निर्मल,विधानसभा अध्यक्ष पुत्तन सिंह यादव,पूर्व चेयरमैन मो.अशफाक,मो.सरफराज, डा.सऊद,राम किशोर पुजारी,लवकुश मौर्य,आदर्श यादव,अशरफ़ मेवाती,ज्ञान प्रकाश पासी,लालजी पटेल,भूपेन्द्र सिंह आदि ने संबोधित किया।

इस अवसर पर प्रदेश सचिव चौ.मोहशिन,डा.शशिकांत शर्मा,जिला उपाध्यक्ष मुनेश्वर पासी,राजेश मौर्य,हसीन अहमद,मेहरबान सिंह,जिला महासचिव मो.अरशद ख़ान,जिला कोषाध्यक्ष श्रवण चौधरी,मो.मुशीर,अरुण प्रताप यादव,जगतपाल यादव,प्रदीप तिवारी,मो.सलीम,शुभम लोहिया,अजय यादव,मो.फ़हीम,देवेंद्र भीमराज,राम अभिलाख पासी,डा.एमआई जावेद,बबलू लोधी,ब्रजेन्द्र चौधरी,राकेश यादव,भानू प्रकाश पटेल,राजीव गौतम,सत्तेश गौतम,राम अचल यादव,डा.रामेश्वर,विनोद यादव,रामप्रताप यादव,जेपी यादव,रामनेवाज यादव,सग़ीर अहमद,नसीम ख़ान,जितेंद्र यादव,राजेश छतोह,रामचंद्र यादव,राघवेन्द्र सिंह यादव,हरिश्चंद्र,लालता प्रसाद,अविनाश यादव,आदित्य यादव,शत्रोहन गौतम,अमरजीत,राजेंद्र पटेल,कमलेश यादव,श्यामसुन्दर,रोहित कुमार,अनूप यादव,अभिषेक यादव,बुधराम यादव,रमेश रागी,रामनरेश पासी,राजेश पासी,संजीव विश्वकर्मा,रामराज पासी,अनूप विश्वकर्मा,मो.हासिम,हंसराज यादव,अमित यादव,सोनू यादव,उपेंद्र पासी,अशोक वर्मा,राजेंद्र वर्मा,संजय यादव,शैलेन्द्र कुमार,राजाराम यादव,राहुल यादव,नागेन्द्र यादव,दिलीप पासी,राजीव पटेल,डा.राजेंद्र पटेल,सुरेंद्र प्रधान,संदीप निर्मल,संदीप यादव आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे सभी ने एक स्वर में आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाकर श्री अखिलेश यादव जी को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया।

अंत में आजमगढ़ के निजामाबाद से पार्टी विधायक आलमबदी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मौन रखा गया।

वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया सम्मानित

गोरखपुर। चिकित्सा सेवा को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम मानने वाले गोरखपुर के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को उनके उत्कृष्ट चिकित्सकीय योगदान और समाज के प्रति समर्पण के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने सम्मानित किया। यह सम्मान प्रतिष्ठित दैनिक अमर उजाला द्वारा आयोजित ‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में मिला प्रतिष्ठित सम्मान

गोरखपुर में आयोजित इस भव्य समारोह में शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, समाजसेवा एवं विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. मुकेश शुक्ला को चिकित्सा क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान, मरीजों के प्रति समर्पित सेवा, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

पूर्वांचल ही नहीं, बिहार और नेपाल के मरीजों की भी पहली पसंद

डॉ. मुकेश शुक्ला वर्षों से गोरखपुर में न्यूरो सर्जरी की विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, नेपाल और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज उनके पास उपचार के लिए पहुंचते हैं।

मस्तिष्क एवं रीढ़ की हड्डी से जुड़ी जटिल शल्य चिकित्सा में उनकी विशेषज्ञता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और बेहतर उपचार पद्धति ने उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

जानिए सम्मान पर क्या बोले डॉ. मुकेश शुक्ला?

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. मुकेश शुक्ला ने कहाकि-

“यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि उन सभी मरीजों का विश्वास और मेरे पूरे चिकित्सा दल की मेहनत का सम्मान है। मरीजों की सेवा ही मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है और आगे भी पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से समाज की सेवा करता रहूंगा। यह सम्मान मुझे और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।”

चिकित्सा सेवा को मिला सम्मान, बढ़ा चिकित्सकों का उत्साह

‘आभार समर्पण’ कार्यक्रम में चिकित्सा सेवा को मिले इस सम्मान को स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी एक सकारात्मक संदेश माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सम्मान समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें जनसेवा के लिए और अधिक प्रेरित करते हैं।

शिक्षा के मंदिरों पर प्रहार बर्दाश्त नहीं करेंगे -शुभम लोहिया* *छात्रों के सपनों पर बुलडोज़र नहीं चलने देंगे – समाजवादी छात्रसभा* *जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के विरोध में छात्रों का बड़ा हस्ताक्षर अभियान*

 

रायबरेली समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर समाजवादी छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा एवं सपा जिलाध्यक्ष इ.वीरेंद्र यादव के निर्देशानुसार समाजवादी छात्र सभा रायबरेली द्वारा फ़िरोज़ गांधी डिग्री कॉलेज गेट पर मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने भाग लेकर हस्ताक्षर किए और ध्वस्तीकरण के आदेश के प्रति अपना लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराया छात्रों ने कहा कि शिक्षा के मंदिरों को बचाना और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है न कि उन्हें समाप्त करना।

इस अवसर पर समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष शुभम लोहिया ने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक प्रतिशोध का माध्यम बनाना किसी भी लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है जौहर यूनिवर्सिटी केवल इमारतों का नाम नहीं बल्कि हजारों विद्यार्थियों के सपनों,शिक्षकों के परिश्रम और उच्च शिक्षा की एक महत्वपूर्ण धरोहर का प्रतीक है यदि किसी प्रकार का कानूनी विवाद है तो उसका समाधान न्यायिक एवं संवैधानिक प्रक्रिया से होना चाहिए न कि शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाकर।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का उत्तर संवाद से दिया जाता है,दमन से नहीं। सरकार को शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जिस समय युवाओं को बेहतर विश्वविद्यालय,शोध और रोजगार के अवसर मिलने चाहिए,उस समय शिक्षा संस्थानों पर बुलडोज़र की राजनीति चिंताजनक है समाजवादी छात्रसभा सरकार से मांग करती है कि ध्वस्तीकरण के आदेश पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि जंतर-मंतर देश में लोकतांत्रिक आवाज़ उठाने का एक महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है लोकतंत्र की मूल भावना यही है कि नागरिक अपनी बात शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रख सकें छात्रों और युवाओं की आवाज़ को सुना जाना चाहिए तथा शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए।

समाजवादी छात्रसभा ने कहा कि यदि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करती है तो लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीकों से जनजागरण और हस्ताक्षर अभियान आगे भी जारी रहेगा इस अवसर पर सुरजीत सिंह,इजहार अज्जू, रत्नेश मौर्य,विनय कुमार,शिवकांत हरीश यादव,अभिषेक,धीरज यादव आदि अन्य दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कंपोजिट विद्यालय नकफुलहा सताव रायबरेली में बच्चों के लिए लोवर और शर्ट का वितरण किया गया

रायबरेली में बच्चों के लिए लोवर और शर्ट का वितरण किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में परम आदरणीय श्री अतुल गुप्ता जी प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल रायबरेली, एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में राजेश कुमार सिंह

जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद उपस्थित रहे, आज के कार्यक्रम में कंपोजिट विद्यालय नकुलहा के बच्चों को लोवर और टी,शर्ट आदरणीय अतुल गुप्ता जी के एवं उनके बेटे सागर गुप्ता जी के सौजन्य से वितरित किया गया, टी-शर्ट और लोअर पाकर बच्चे बहुत खुश हुए, इस मौके पर कंपोजिट विद्यालय नकफुलहा की प्रधानाचार्य श्रीमती ललिता देवी श्री चंद्रमणि बाजपेई जी सताव मीना मंच नोडल प्रभारी श्रीमती सविता सिंह एवं विद्यालय के सभी अध्यापक मौजूद रहे बच्चों में अपार खुशी देखी गई वरिष्ठ समाजसेवी राजेश सिंह के अनुसार विद्यालय में कुछ ना कुछ बच्चों से संबंधित कार्यक्रम होते रहते हैं मेरा भी प्रयास है की बच्चों के साथ कुछ ना कुछ अच्छा हो इसीलिए थोड़ा-थोड़ा व्यवस्थित करके बच्चों को हौसला अफजाई की जा रही है इससे विद्यालय का माहौल खुशनुमा होगा और बच्चे पढ़ाई में मन लगाएंगे ,

चेक बाउंस के 1.04 करोड़ रुपये के मामले में बड़ा फैसला, जिला जज ने आरोपी को नहीं दी राहत

संपादकीय टिप्पणी

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला न्यायालय का फैसला आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता और कानूनी जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है। बैंकिंग व्यवस्था में चेक एक महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज है और उसके सम्मान का संबंध व्यावसायिक विश्वास से जुड़ा होता है। ऐसे मामलों में न्यायालय के निर्णय यह संदेश देते हैं कि वित्तीय लेन-देन कानून के दायरे में होने चाहिए तथा प्रत्येक पक्ष को अपने अधिकारों और दायित्वों का पालन करना चाहिए। साथ ही, न्यायिक निर्णयों का सम्मान और वैधानिक प्रक्रिया का पालन ही विधि के शासन की मूल भावना है।


स्थान : संतकबीरनगर

मामला : चर्चित चेक बाउंस प्रकरण

फैसला : जिला जज ने आरोपी की अपील खारिज की

रिपोर्ट : अर्जुन सिंह, जिला संवाददाता

इनबॉक्स

• एक वर्ष की सजा बरकरार

• 1.26 करोड़ रुपये का जुर्माना यथावत

• अपील खारिज होने के बाद आरोपी जेल भेजा गया

• फैसला चेक बाउंस मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा


संतकबीरनगर के चर्चित 1.04 करोड़ रुपये के चेक बाउंस प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी की अपील खारिज कर दी। न्यायालय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) न्यायालय द्वारा सुनाई गई एक वर्ष की सजा तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। आदेश के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया गया।

मुख्य समाचार

संतकबीरनगर जनपद में वर्ष 2021 से चर्चित चेक बाउंस प्रकरण में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी द्वारा दायर अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला विभिन्न आर्थिक लेन-देन और जारी किए गए चेकों के अनादृत (बाउंस) होने से संबंधित है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर अनादृत हो गए, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई थी।

जिला जज ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और पक्षकारों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद अपील खारिज कर दी तथा निचली अदालत के आदेश को यथावत बनाए रखा। न्यायालय के आदेश के अनुसार विभिन्न मामलों में दी गई कारावास की सजा साथ-साथ चलेगी। जुर्माने की राशि का वितरण न्यायालय के आदेशानुसार किया जाएगा तथा जुर्माना अदा न करने की स्थिति में कानून के अनुसार अतिरिक्त कारावास का प्रावधान लागू होगा।

फैसले के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। जिले में इस निर्णय को चेक बाउंस मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।

सारांश

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की एक वर्ष की सजा और 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।


यह समाचार न्यायालय के निर्णय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें न्यायालय के आदेश का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। किसी भी व्यक्ति के संबंध में न्यायालय के अभिलेख और आगे उपलब्ध कानूनी उपाय प्रभावी रहेंगे।

 

चेक बाउंस के 1.04 करोड़ रुपये के मामले में बड़ा फैसला, जिला जज ने आरोपी को नहीं दी राहत

संपादकीय टिप्पणी

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला न्यायालय का फैसला आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता और कानूनी जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है। बैंकिंग व्यवस्था में चेक एक महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज है और उसके सम्मान का संबंध व्यावसायिक विश्वास से जुड़ा होता है। ऐसे मामलों में न्यायालय के निर्णय यह संदेश देते हैं कि वित्तीय लेन-देन कानून के दायरे में होने चाहिए तथा प्रत्येक पक्ष को अपने अधिकारों और दायित्वों का पालन करना चाहिए। साथ ही, न्यायिक निर्णयों का सम्मान और वैधानिक प्रक्रिया का पालन ही विधि के शासन की मूल भावना है।


स्थान : संतकबीरनगर

मामला : चर्चित चेक बाउंस प्रकरण

फैसला : जिला जज ने आरोपी की अपील खारिज की

रिपोर्ट : अर्जुन सिंह, जिला संवाददाता

इनबॉक्स

• एक वर्ष की सजा बरकरार

• 1.26 करोड़ रुपये का जुर्माना यथावत

• अपील खारिज होने के बाद आरोपी जेल भेजा गया

• फैसला चेक बाउंस मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा


संतकबीरनगर के चर्चित 1.04 करोड़ रुपये के चेक बाउंस प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी की अपील खारिज कर दी। न्यायालय ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) न्यायालय द्वारा सुनाई गई एक वर्ष की सजा तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। आदेश के बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को जेल भेज दिया गया।

मुख्य समाचार

संतकबीरनगर जनपद में वर्ष 2021 से चर्चित चेक बाउंस प्रकरण में शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने आरोपी संतोष कुमार चतुर्वेदी द्वारा दायर अपील को निरस्त करते हुए निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार मामला विभिन्न आर्थिक लेन-देन और जारी किए गए चेकों के अनादृत (बाउंस) होने से संबंधित है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर अनादृत हो गए, जिसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कारावास तथा 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसी निर्णय को चुनौती देते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई थी।

जिला जज ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और पक्षकारों की दलीलों का परीक्षण करने के बाद अपील खारिज कर दी तथा निचली अदालत के आदेश को यथावत बनाए रखा। न्यायालय के आदेश के अनुसार विभिन्न मामलों में दी गई कारावास की सजा साथ-साथ चलेगी। जुर्माने की राशि का वितरण न्यायालय के आदेशानुसार किया जाएगा तथा जुर्माना अदा न करने की स्थिति में कानून के अनुसार अतिरिक्त कारावास का प्रावधान लागू होगा।

फैसले के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। जिले में इस निर्णय को चेक बाउंस मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण फैसले के रूप में देखा जा रहा है।

सारांश

संतकबीरनगर के चर्चित चेक बाउंस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की एक वर्ष की सजा और 1.26 करोड़ रुपये के जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा। फैसले के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।


यह समाचार न्यायालय के निर्णय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें न्यायालय के आदेश का तथ्यात्मक विवरण प्रस्तुत किया गया है। किसी भी व्यक्ति के संबंध में न्यायालय के अभिलेख और आगे उपलब्ध कानूनी उपाय प्रभावी रहेंगे।

 

गौ माता को राष्ट्रीय गौ माता घोषित किया जाए’ — जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

अयोध्या प्रवास के दौरान गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की उठाई मांग

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 स्थान: अयोध्या

 मुख्य वक्ता: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

मुख्य मांग: गौ माता को राष्ट्रीय गौ माता घोषित किया जाए

अवसर: स्वागत, आशीर्वाद समारोह एवं भूमि पूजन


अयोध्या। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या प्रवास के दौरान गौ संरक्षण को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने की वकालत करते हुए कहा कि गौ माता को “राष्ट्रीय गौ माता” घोषित किया जाना चाहिए और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है।

मुख्य खबर

अयोध्या के माझा बरहटा स्थित सागर पैलेस में आयोजित स्वागत एवं आशीर्वाद समारोह में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सामाजिक कार्यकर्ता लड्डू लाल यादव, स्थानीय पार्षद कृष्ण गोपाल यादव तथा अन्य श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

सभा को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। उन्होंने मांग की कि गौ माता को राष्ट्रीय गौ माता का दर्जा दिया जाए तथा पूरे देश में गौ हत्या पर प्रभावी रोक सुनिश्चित की जाए।

अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर गौ संरक्षण के मुद्दे को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी की। यह उनके सार्वजनिक संबोधन में व्यक्त विचार हैं। उन्होंने कहा कि यदि गौ हत्या पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो यह गंभीर चिंता का विषय रहेगा। साथ ही उन्होंने गौ हत्या से जुड़े अवैध केंद्रों पर कार्रवाई की भी मांग की।

कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडे ने जगद्गुरु शंकराचार्य से आशीर्वाद प्राप्त किया। वरिष्ठ सपा नेता श्रीचंद यादव सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

आयोजक लड्डू लाल यादव ने बताया कि कार्यक्रम में चरण पादुका पूजन, आरती तथा सागर पैलेस का भूमि पूजन भी संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु ने अपने संदेश में गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रति समाज को जागरूक रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव, सूर्यकांत पांडे, मीरा यादव, राजेश यादव, वासुदेव यादव, प्रधान रामचंद्र यादव, रमेश यादव, बलराम यादव, विजय यादव, लक्ष्मण यादव, श्रीकांत यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

सारांश

अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण को लेकर अपनी प्रमुख मांगें दोहराईं। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के अनेक लोग भी शामिल हुए।


संपादकीय टिप्पणी: इस समाचार में सरकार से संबंधित आलोचनात्मक टिप्पणियां जगद्गुरु शंकराचार्य के सार्वजनिक संबोधन में व्यक्त विचारों के रूप में प्रस्तुत की गई हैं। समाचार में उन्हें तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि वक्ता के कथन के रूप में उद्धृत किया गया है, जिससे पत्रकारिता की निष्पक्षता और कानूनी संतुलन बना रहे।

13 साल के छात्र की बेबाक आवाज से गूंजा समाधान दिवस, प्रशासनिक जांच शुरू

लखीमपुर खीरी

लखीमपुर खीरी। कभी-कभी एक मासूम की आवाज ऐसे सवाल खड़े कर देती है, जिनका जवाब पूरा सिस्टम तलाशने लगता है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक 13 वर्षीय छात्र अपनी पारिवारिक शिकायत लेकर जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचा। बातचीत के दौरान छात्र का एक सहज लेकिन प्रभावशाली जवाब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है।


मुख्य बिंदु

13 वर्षीय छात्र ने संपूर्ण समाधान दिवस में रखी अपनी बात।

आर्थिक सहायता से जुड़े पारिवारिक विवाद की शिकायत की।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।

पुलिस और प्रशासनिक टीम ने मामले की पड़ताल शुरू की।

सोशल मीडिया पर बातचीत का वीडियो तेजी से वायरल।

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शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आठवीं कक्षा का एक छात्र अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के सामने पहुंचा। छात्र ने दावा किया कि उसे मिलने वाली आर्थिक सहायता का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। बातचीत के दौरान खर्च को लेकर पूछे गए एक सवाल पर छात्र ने जो जवाब दिया, उसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

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घटना के बाद जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने छात्र के घर पहुंचकर मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। प्रारंभिक स्तर पर पारिवारिक परिस्थितियों और शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।

फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और किसी भी पक्ष के दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में मामले के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

यह घटना सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वायरल वीडियो के आधार पर किसी भी व्यक्ति या पक्ष के बारे में निष्कर्ष निकालने के बजाय प्रशासनिक जांच के परिणाम का इंतजार करना उचित होगा।

सारांश

एक 13 वर्षीय छात्र की शिकायत ने लखीमपुर खीरी के संपूर्ण समाधान दिवस को सुर्खियों में ला दिया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

(संपादकीय टिप्पणी): यह समाचार उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं और प्रशासनिक कार्रवाई की जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है। जांच पूरी होने तक सभी आरोप और दावे जांच के अधीन माने जाएंगे।

एक्स पर गुहार, पुलिस हरकत में आई: बकरा चोरी की शिकायत पर जांच के निर्देश

स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने का दावा, सोशल मीडिया पर शिकायत के बाद धनघटा पुलिस को जांच सौंपी गई

रिपोर्ट: अर्जुन सिंह


संतकबीरनगर। डिजिटल युग में सोशल मीडिया आम नागरिकों की आवाज़ बनता जा रहा है। संतकबीरनगर में कथित बकरा चोरी के एक मामले में भी ऐसा ही देखने को मिला। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने का आरोप लगाने वाले एक ग्रामीण ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अपनी शिकायत सार्वजनिक की। शिकायत वायरल होने के बाद संतकबीरनगर पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए धनघटा थाना पुलिस को जांच एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष आना शेष है।


एक नजर में

घर से बकरा चोरी होने का दावा।

शिकायतकर्ता ने सीसीटीवी फुटेज होने की बात कही।

एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अधिकारियों को टैग कर लगाई गुहार।

संतकबीरनगर पुलिस ने धनघटा थाना को जांच के निर्देश दिए।

अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी या चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं।

सारांश

एक ग्रामीण की सोशल मीडिया शिकायत ने पुलिस महकमे का ध्यान अपनी ओर खींचा। पुलिस ने ऑनलाइन शिकायत का संज्ञान लेकर संबंधित थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में जांच जारी है और अभी किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है।

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संतकबीरनगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र में कथित बकरा चोरी का मामला सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन तक पहुंच गया। शिकायतकर्ता ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से पोस्ट कर आरोप लगाया कि देर रात उसके घर से बकरा चोरी हो गया। उसने यह भी दावा किया कि घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज मौजूद है तथा स्थानीय थाने में शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

जब स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं मिला तो शिकायतकर्ता ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर न्याय की गुहार लगाई। पोस्ट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं, जिसके बाद संतकबीरनगर पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने जवाब देते हुए लिखा कि “जांच एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु थाना धनघटा को निर्देशित किया गया है।”

पुलिस के इस जवाब के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने चोरी की घटना की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी जारी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि सोशल मीडिया शिकायत दर्ज कराने का एक प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। हालांकि किसी भी मामले की सच्चाई केवल जांच पूरी होने के बाद ही सामने आती है।

पुलिस का पक्ष

संतकबीरनगर पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया उत्तर में स्पष्ट किया कि शिकायत का संज्ञान लेकर धनघटा थाना पुलिस को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

कानूनी रूप से सुरक्षित नोट

यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए दावे तथा संतकबीरनगर पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया उत्तर के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में उल्लिखित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है। मामले का अंतिम सत्य पुलिस जांच और विधिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

रिपोर्ट: अर्जुन सिंह

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