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गहनों की चोरी में महिला गिरफ्तार, पुलिस ने बरामद किए जेवर

 

लोटन पुलिस की कार्रवाई, चोरी का सामान बरामद होने के बाद इलाके में चर्चा

सिद्धार्थनगर/लोटन। जनपद के लोटन थाना क्षेत्र में चोरी के मामले में पुलिस ने एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी किए गए जेवरात बरामद करने का दावा किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

पुलिस के अनुसार, थाना लोटन पर दर्ज मुकदमा संख्या 42/2026 से संबंधित मामले में वांछित चल रही अभियुक्ता पूजा पत्नी विजय निवासी सिंगरहा थाना लोटन को शुक्रवार को लोटन-सोहास मार्ग स्थित धंधरा पुलिया के पास से गिरफ्तार किया गया।IMG 20260522 WA1116

चोरी के जेवर बरामद होने का दावा

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार महिला के पास से एक जोड़ी टप्स, मंगलसूत्र, दो तल्ला झुमका, नाक की कील, ब्रेसलेट, पायजेब, अंगूठियां और कई जोड़ी विछुआ समेत अन्य आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने बरामदगी को शत-प्रतिशत बताते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद अभियुक्ता को न्यायालय भेज दिया।

अभियान के तहत हुई कार्रवाई

पुलिस विभाग द्वारा अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत प्रसाद एवं क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण में थाना लोटन पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।

कार्रवाई में उपनिरीक्षक गोपाल यादव, राहुल गुप्ता, महिला आरक्षी पूजा वर्मा, आरक्षी राजेश यादव और सौरभ सिंह शामिल रहे।

इलाके में बनी चर्चा का विषय

स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। गांवों में लोग चोरी की घटनाओं और पारिवारिक विश्वास से जुड़े पहलुओं को लेकर अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई है और आगे की जांच जारी है।


क्या-क्या हुआ बरामद?

एक जोड़ी टप्स

मंगलसूत्र

दो तल्ला झुमका

नाक की कील व ब्रेसलेट

एक जोड़ी पायजेब

दो अंगूठियां

पांच जोड़ी जड़ीदार विछुआ

 

“भैंसों को बचाने में गई युवक की जान, शोहरतगढ़ में दर्दनाक हादसा”

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शोहरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर सुबह हुआ दर्दनाक हादसा, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़। जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। परसोहिया नानकार गांव निवासी 19 वर्षीय विक्की उर्फ ईनल साहानी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, शोहरतगढ़ और महथा रेलवे स्टेशन के बीच दक्षिण रेलवे गटर नहर पुलिया के पास रेलवे ट्रैक किनारे सुबह करीब 5:30 बजे लगभग आधा दर्जन भैंस चर रही थीं। इसी दौरान ट्रेन आती दिखाई दी तो वहां मौजूद युवक भैंसों को ट्रैक से हटाने में लग गए, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।

बताया जा रहा है कि इसी अफरा-तफरी के बीच विक्की उर्फ ईनल साहानी समेत कुछ युवक ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में विक्की गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों और साथियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक विक्की स्वभाव से शांत और मिलनसार था। उसकी असमय मौत से पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल है।

वहीं घटना में कुछ अन्य युवकों के घायल होने की भी चर्चा है, लेकिन देर शाम तक उनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। उनका इलाज कहां चल रहा है और उनकी हालत कैसी है, इसको लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस जांच में जुटी

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अक्सर ट्रैक के पास पशु पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।


क्या है पूरा मामला?

शोहरतगढ़-महथा रेलवे ट्रैक पर हुआ हादसा

भैंसों को हटाने के दौरान ट्रेन की चपेट में आया युवक

19 वर्षीय विक्की उर्फ ईनल साहानी की मौत

मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

गांव में पसरा मातम, पुलिस जांच में जुटी

दुखद संदेश

“एक पल की कोशिश किसी की जिंदगी बचा सकती है, लेकिन रेलवे ट्रैक के पास जरा सी लापरवाही जानलेवा भी साबित हो सकती है।”

 

 

“डीएम की पहल: छात्रा को मिला मोबाइल, अब बिना रुके होगी पढ़ाई”

“मोबाइल की कमी अब नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा”


सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी की संवेदनशील पहल, छात्रा को दिलाया मोबाइल और एक वर्ष का इंटरनेट

सिद्धार्थनगर। शिक्षा के प्रति संवेदनशील प्रशासन की एक प्रेरणादायक तस्वीर उस समय सामने आई, जब मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत आयोजित “हक की बात” कार्यक्रम में एक छात्रा की समस्या सुनकर जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने तुरंत मानवीय पहल करते हुए उसकी पढ़ाई का रास्ता आसान बना दिया।

बांसी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा-09 की छात्रा काजल ने कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी को बताया कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है, जिसके कारण वह गर्मी की छुट्टियों में चल रही ऑनलाइन कक्षाओं में शामिल नहीं हो पा रही थी। तकनीकी संसाधनों की कमी उसकी शिक्षा में बड़ी बाधा बन रही थी।

जिलाधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता

छात्रा की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने तत्काल “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अंतर्गत छात्रा को मोबाइल फोन उपलब्ध कराया। इतना ही नहीं, उसकी ऑनलाइन पढ़ाई बिना रुकावट जारी रहे, इसके लिए एक वर्ष की इंटरनेट सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

इस पहल के बाद छात्रा और उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी जिलाधिकारी की इस संवेदनशील पहल की सराहना की।

“डीएम की पहल: छात्रा को मिला मोबाइल, अब बिना रुके होगी पढ़ाई”

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी छात्र-छात्रा की आर्थिक या तकनीकी समस्या उसकी शिक्षा में बाधा नहीं बनने दी जाएगी।

उन्होंने छात्रा को मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मनिर्भर बनने और अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

समाज को दिया सकारात्मक संदेश

यह पहल केवल एक छात्रा को मोबाइल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो तो संसाधनों की कमी किसी बच्चे के सपनों को रोक नहीं सकती।

आज डिजिटल शिक्षा के दौर में जहां मोबाइल और इंटरनेट पढ़ाई का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं, वहीं जरूरतमंद बच्चों तक ऐसी सुविधाएं पहुंचाना शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय कदम माना जा रहा है।


छात्रा की एक आवाज… और प्रशासन ने बदल दी तस्वीर

ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित थी छात्रा

“हक की बात” कार्यक्रम में रखी समस्या

डीएम ने तुरंत उपलब्ध कराया मोबाइल

एक वर्ष का इंटरनेट भी कराया उपलब्ध

“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के तहत मिली मदद

प्रेरणादायक संदेश

“अगर इरादे मजबूत हों और प्रशासन संवेदनशील, तो कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।”

 

चारपाई से बांधकर युवक को जिंदा जलाने का आरोप, पत्नी व कथित प्रेमी पर केस

सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज। जनपद के डुमरियागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत रेहरा गांव में एक युवक को कथित रूप से चारपाई में बांधकर आग लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना में युवक गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज बस्ती रेफर किया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पत्नी और एक अन्य युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, गांव निवासी धमाल प्रसाद गौतम ने आरोप लगाया है कि उनका पुत्र लालजी गौतम गुरुवार रात घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसकी पत्नी पूजा गौतम और गोरखपुर जनपद के पीपीगंज थाना क्षेत्र निवासी फिरोज के बीच कथित संबंधों को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दोनों ने मिलकर लालजी को चारपाई में बांध दिया और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी।

चीख-पुकार सुन पहुंचे ग्रामीण

परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक युवक की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाकर उसे बाहर निकाला। घटना में युवक गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज कैली बस्ती रेफर कर दिया।

“जीजा” बताकर घर लाती थी आरोपी!

परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी फिरोज का घर में पहले से आना-जाना था। परिजनों का कहना है कि पूजा गौतम उसे रिश्तेदारी का करीबी बताते हुए “जीजा” कहकर घर लाती थी, जिसके चलते परिवार को उस पर संदेह नहीं हुआ।

पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि आरोपी युवक अक्सर लालजी के साथ समय बिताता था और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जिसको लेकर परिवार में विवाद होने लगा था।

पुलिस जुटी जांच में

थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कानूनी स्थिति स्पष्ट

यह समाचार पुलिस में दर्ज शिकायत, परिजनों के आरोपों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है तथा आरोपों की पुष्टि पुलिस विवेचना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।


क्या है पूरा मामला?

रेहरा गांव में युवक को आग से झुलसाने का मामला

पत्नी और एक युवक पर गंभीर आरोप

चारपाई में बांधकर आग लगाने का दावा

घायल युवक बस्ती मेडिकल कॉलेज रेफर

पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच

वायरल ब्रॉडशीट मामले में जांच पूरी, दो अधिकारियों पर कार्रवाई

जोगिया और बर्डपुर आंगनबाड़ी चयन प्रकरण में दस्तावेज प्रबंधन में लापरवाही उजागर


सिद्धार्थनगर। जनपद में आंगनबाड़ी सहायिका चयन प्रक्रिया से जुड़ी वायरल ब्रॉडशीट मामले में प्रशासनिक जांच पूरी हो गई है। जिला प्रशासन द्वारा गठित त्रिसदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को सौंप दी है। जांच आख्या के आधार पर जोगिया एवं बर्डपुर परियोजनाओं से जुड़े दो बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की कार्रवाई की गई है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब सोशल मीडिया पर आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया से संबंधित कथित ब्रॉडशीट वायरल हुई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी की संयुक्त समिति गठित की गई थी।

जांच में क्या सामने आया?

समिति ने उपलब्ध अभिलेखों, वायरल ब्रॉडशीट की फोटो कॉपी तथा संबंधित अधिकारियों के लिखित स्पष्टीकरण का परीक्षण किया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने या किसी अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने जैसी दुर्भावना के प्रमाण नहीं मिले।

हालांकि रिपोर्ट में यह जरूर माना गया कि गोपनीय दस्तावेजों के रख-रखाव और दस्तावेज प्रबंधन में शिथिलता बरती गई, जिसके चलते संवेदनशील दस्तावेज सार्वजनिक होने की स्थिति बनी। इसी आधार पर संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज की गई है।

चयन प्रक्रिया पर नहीं पड़ा असर

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि वायरल ब्रॉडशीट की घटना से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। समिति के अनुसार, अत्यधिक प्रशासनिक दबाव और कार्यभार के बीच अनजाने में त्रुटि हुई, लेकिन किसी प्रकार की साजिश या पक्षपात सामने नहीं आया।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि वायरल सामग्री केवल जोगिया और बर्डपुर परियोजनाओं से संबंधित पाई गई तथा इससे चयन प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हुई।

प्रशासनिक सख्ती का संदेश

मामले में प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों को भविष्य में गोपनीय दस्तावेजों के संरक्षण और चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।


क्या है पूरा मामला?

वायरल ब्रॉडशीट मामले में जांच पूरी, दो अधिकारियों पर कार्रवाई जुड़ी कथित ब्रॉडशीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।

मामले में गोपनीयता भंग होने की आशंका जताई गई थी।

जिलाधिकारी के निर्देश पर त्रिसदस्यीय जांच समिति गठित की गई।

जांच में दुर्भावना नहीं, लेकिन दस्तावेज प्रबंधन में लापरवाही पाई गई।

दो संबंधित अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।

 

शादी की खुशियां मातम में बदलीं

डांस के दौरान विवाद के बाद तेज रफ्तार वाहन भीड़ में घुसने का आरोप, दो लोगों की मौत से गांव में पसरा मातम


 सिद्धार्थनगर | मोहम्मद मुस्लिम | FT News Digital


सिद्धार्थनगर जनपद के थाना मोहाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खलीलपुर टोला रेहरवा में एक शादी समारोह उस समय दर्दनाक हादसे में बदल गया, जब बारात के दौरान हुए विवाद के बाद तेज रफ्तार चार पहिया वाहन के भीड़ की तरफ बढ़ने की बात सामने आई। घटना में दो लोगों की मौत होने से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी ओमप्रकाश उर्फ कललान की पुत्री की शादी समारोह में बांसी थाना क्षेत्र के ग्राम कुदरहा से बारात आई थी। द्वार पूजा कार्यक्रम के दौरान बारात पक्ष के कुछ युवकों के बीच डांस को लेकर विवाद होने की चर्चा है। इसी बीच प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार एक युवक द्वारा कथित रूप से चार पहिया वाहन तेजी से भीड़ की ओर ले जाने की बात कही जा रही है।

घटना में गांव निवासी राधेश्याम प्रजापति (42 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बांसी क्षेत्र निवासी दिलीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मृत्यु हो गई।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि घटना में अन्य कुछ लोग घायल हुए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के बाद शादी का माहौल पूरी तरह गम में बदल गया और पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई। दोनों मृतकों के शवों को पंचनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है तथा घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

हालांकि, FT News Digital वायरल दावों और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शादी की खुशियों के बीच पसरा मातम…

 एक विवाद ने छीन ली दो जिंदगियां…


📰 FT News Digital

सच और… कुछ नहीं

भीषण गर्मी और पेट्रोल संकट के बीच शुरू हुई जनगणना, घंटों लाइन में लगने को मजबूर कर्मी

सिद्धार्थनगर। जनगणना कार्य की शुरुआत होते ही जनगणना कर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। एक ओर जहां भीषण गर्मी में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों ने कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ा दी है। कई जनगणना कर्मियों को ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।

जनगणना स्थल पर पहुंचना मुश्किल 

जनगणना कर्मियों का कहना है कि जिले में पेट्रोल की किल्लत और पंपों पर भारी भीड़ के कारण समय पर कार्यस्थल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कर्मी रविकांत, बुद्धिराम और विष्णु ने बताया कि उन्हें पेट्रोल भरवाने के लिए करीब दो से तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। इसके बाद ही वे जनगणना स्थल तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पहले ही तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करना कठिन हो रहा है, ऊपर से पेट्रोल के लिए घंटों इंतजार करने से पूरा कार्य प्रभावित हो रहा है।

जनगणना कार्य prabhavit

कर्मियों ने बताया कि जनगणना का कार्य समयबद्ध होता है और हर दिन तय लक्ष्य पूरा करना पड़ता है। लेकिन ईंधन संकट के कारण समय का बड़ा हिस्सा पेट्रोल पंपों पर ही निकल जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन करे विशेष व्यवस्था 

जनगणना कर्मियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर अलग लाइन या प्राथमिकता सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है ताकि जनगणना कार्य बिना बाधा के समय पर पूरा किया जा सके।

सिद्धार्थनगर में राशन वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने कोटेदार पर लगाए घटतौली और अनियमितता के आरोप, जांच की मांग तेज

रामगढ़/नौगढ़, सिद्धार्थनगर  | FT News Digital

सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़ विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। ग्रामवासियों द्वारा जिला प्रशासन को दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र में स्थानीय सस्ते गल्ले की दुकान के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में राशन वितरण के दौरान कथित घटतौली, निर्धारित यूनिट से कम खाद्यान्न देने और वितरण प्रक्रिया में अनियमितता जैसे आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई लाभार्थियों को तय मात्रा से कम राशन मिलने की शिकायत लंबे समय से सामने आ रही है। वहीं कुछ लोगों ने वितरण के दौरान वजन प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

रजिस्टर और स्टॉक जांच की मांग

प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि संबंधित राशन दुकान के वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर तथा खाद्यान्न आवंटन अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। ग्रामीणों ने अधिकारियों से लाभार्थियों के बयान दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है।

ग्रामीणों में नाराज़गी, प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से होती है तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने शिकायत की प्रतिलिपि खाद्य एवं रसद विभाग सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी है।

जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट

हालांकि, FT News Digital शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामला फिलहाल शिकायत और जांच प्रक्रिया के दायरे में है। प्रशासनिक जांच एवं आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।


अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आता है और क्या कार्रवाई होती है।

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सच और… कुछ नहीं

सिद्धार्थनगर में मासूम की मौत के बाद उठा सवालों का तूफान, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

सिद्धार्थनगर। जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र अंतर्गत मटेहना टोला रामनगर में 5 वर्षीय मासूम बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से हुई मौत के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गांव के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच किए जाने की बात कह रही है।

मृतक बच्चे के परिजनों के अनुसार गांव में कुछ दिन पूर्व एक व्यक्ति से विवाद और कहासुनी हुई थी। परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें धमकी भी दी गई थी। परिजनों का कहना है कि इसके कुछ दिन बाद ही उनके मासूम बेटे की करंट लगने से मौत हो गई, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया है।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर उनकी तहरीर में बदलाव कराया गया। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।

(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्ष एवं परिजनों के बयान पर आधारित हैं। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।)

राप्ती नदी में डूबने से 12 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

सिद्धार्थनगर। जनपद के बांसी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रूदालापुर में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां राप्ती नदी में डूबने से 12 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक किशोरी मूल रूप से ग्राम पंचायत बेलवालघुनही (बेलौहा) क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है। वह कुछ दिनों पहले अपने ननिहाल ग्राम रूदालापुर आई हुई थी। बताया जा रहा है कि गुरुवार को वह किसी कार्य से राप्ती नदी के किनारे गई थी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया अथवा गहरे पानी का सही अंदाजा न लग पाने के कारण वह नदी में डूब गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किशोरी को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस एवं स्थानीय लोगों की मदद से किशोरी को नदी से बाहर निकाला गया।

घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर आंख नम दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ाने की मांग भी उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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