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नेताजी के संघर्ष पर तंज कसने वालों को पहले अपना राजनीतिक कद देखना चाहिए: डॉ. शशिकांत शर्मा

 

 

रायबरेली। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव डॉ. शशिकांत शर्मा ने भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के संघर्ष और राजनीतिक कद पर टिप्पणी करने से पहले हर व्यक्ति को अपने राजनीतिक जीवन और जनता के बीच किए गए कार्यों का आकलन करना चाहिए।

डॉ. शर्मा ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का नाम लेना आसान है, लेकिन उनके जैसा संघर्ष करना हर किसी के बस की बात नहीं है। नेताजी ने जमीन से उठकर राजनीति की शुरुआत की और गांव, गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, नौजवान तथा आम जनता के बीच रहकर अपना राजनीतिक आधार तैयार किया। अपने लंबे संघर्ष और जनसमर्थन के बल पर उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसी पहचान बनाई, जिसे किसी व्यक्ति की बयानबाजी से छोटा नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की आवाज को राजनीतिक मंच पर मजबूती से उठाया। उनके संघर्ष का मजाक उड़ाना सिर्फ एक नेता का अपमान नहीं, बल्कि उन तमाम मेहनतकश लोगों का भी अपमान है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर जीवन में मुकाम हासिल किया है।

नंदकिशोर गुर्जर के बयान पर कटाक्ष करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि नेताजी मुख्यमंत्री नहीं बनते तो क्या करते, इसका जवाब देने की जरूरत किसी और को नहीं है। उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष किया और जनता ने उन्हें बार-बार अपना नेता चुना। उन्होंने कहा कि कोई भी मेहनत का काम छोटा नहीं होता, लेकिन किसी मेहनतकश के पेशे को राजनीतिक ताने के रूप में इस्तेमाल करना निश्चित रूप से सोच के स्तर को दर्शाता है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने साइकिल को महज चुनाव चिन्ह नहीं रहने दिया, बल्कि उसे गांव, गरीब, किसान, मजदूर और आम आदमी की आवाज का प्रतीक बना दिया। उन्होंने अपने संघर्ष के बल पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान बनाया और तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा केंद्र की राजनीति में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सपा प्रदेश सचिव ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है और राजनीतिक दलों के बीच नीतियों को लेकर बहस भी होनी चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए किसी वरिष्ठ नेता के संघर्ष और योगदान को अपमानित करना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा नहीं है।

उन्होंने भाजपा नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि बयानबाजी और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर अपनी उपलब्धियां और नीतियां सामने रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरों के संघर्ष पर तंज कसने से किसी का राजनीतिक कद बड़ा नहीं होता। मुलायम सिंह यादव ने अपना कद सुर्खियों या बयानों से नहीं, बल्कि दशकों तक जनता के बीच रहकर संघर्ष करने से बनाया था।

डॉ. शर्मा ने कहा कि मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक योगदान किसी व्यक्ति के बयान का मोहताज नहीं है। सामाजिक न्याय की राजनीति, आम जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता और दशकों का उनका संघर्ष इतिहास का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “नेताजी इतिहास में दर्ज हैं और इतिहास बयानबाजी से नहीं मिटता। बेहतर होगा कि नंदकिशोर गुर्जर जी नेताजी के संघर्ष पर टिप्पणी करने के बजाय अपने राजनीतिक काम का हिसाब जनता के सामने रखें। बड़े नेताओं पर तंज कसने से कोई बड़ा नहीं होता, कई बार ऐसे बयानों से बयान देने वाले का राजनीतिक कद ही छोटा दिखाई देने लगता है।”

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल रायबरेली द्वारा नेपाल में आई भीषण त्रासदी पर श्रद्धांजलि सभा

नेपाल त्रासदी पर श्रद्धांजलि सभा_____आज दिनांक 29 अगस्त अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल एवं उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल रायबरेली द्वारा नेपाल में आई भीषण त्रासदी पर श्रद्धांजलि सभा की, युवा प्रदेश अध्यक्ष अतुल कुमार गुप्ता ने कहा कि नेपाल में 26 अगस्त को हुई भीषण त्रासदी पर पूरा देश दुखित है, काफी संख्या में लोक काल के गाल में समा गए उन सभी मृतक आत्माओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं एवं प्रभु से कामना करते हैं जो लोग लापता है वह सकुशल अपने वतन अपने घर वापस आए, जिला संरक्षक संदीप जैन ने कहा कि ऐसी आपदा किसी देश में ना आए जिसको देखकर रूह कांप जाती है, वरिष्ठ जिला महामंत्री संदीप शुक्ला ने कहा कि नेपाल त्रासदी पर देश के साथ सभी व्यापारी सहयोग के लिए खड़े हैं, उपाध्यक्ष गुरजीत सिंह तनेजा , आशीष जैन,जिला युवा अध्यक्ष पंकज प्रजापति नगर उपाध्यक्ष वी के रावत,आलोक सिंह अशोक सिंह, रामशरण साहू,सत्येंद्र यादव ने भी अज्ञात मृतकों के प्रति भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु से लापता लोगों के कुशल की प्रार्थना प्रभु से की!

*पूनम सिंह ने लखनऊ में ग्रहण की समाजवादी पार्टी की सदस्यता*

 

 

रायबरेली। सामाजिक सरोकारों से जुड़ीं पूनम सिंह ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उपस्थिति में सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर उन्होंने पार्टी के श्री अखिलेश यादव जी के नेतृत्व और समाजवादी विचारधारा में विश्वास व्यक्त करते हुए पार्टी के साथ मिलकर जनसेवा का संकल्प लिया।

 

सदस्यता ग्रहण करने के बाद पूनम सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए निरंतर संघर्ष करने वाला संगठन है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें संगठन से जुड़कर जनता के बीच काम करने का अवसर मिला है।

 

पूनम सिंह ने कहा कि वह महिलाओं, युवाओं, किसानों, गरीबों और जरूरतमंद लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने तथा समाजवादी पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में संगठन को मजबूत करने तथा जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाना उनका प्रमुख उद्देश्य रहेगा।

सदस्यता ग्रहण के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने पूनम सिंह का स्वागत करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।

फ़िराक़ की शायरी में आज भी जिंदा है गोरखपुर की साहित्यिक विरासत

 

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130वीं जयंती पर युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

गोरखपुर, 28 अगस्त।

उर्दू अदब के मशहूर शायर और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच पर गोरखपुर का नाम रोशन करने वाले रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर साहित्यिक जगत ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी के तत्वावधान में बेतियाहाता स्थित फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर युवा कवियों, शायरों एवं समाजसेवियों ने माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।

INSET | अदब की दुनिया का अमर नाम

फ़िराक़ गोरखपुरी केवल एक शायर का नाम नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य की उस समृद्ध परंपरा की पहचान हैं, जिसमें भाषा, संवेदना और मानवीय भावनाओं का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उनकी रचनाएं आज भी साहित्य प्रेमियों को जोड़ती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

INBOX | गोरखपुर को फ़िराक़ पर गर्व

कार्यक्रम में युवा कवि एवं शायर मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी अपनी शायरी और उर्दू साहित्य के माध्यम से रहती दुनिया तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ की साहित्यिक विरासत गोरखपुर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी सरदार जसपाल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी पर सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गर्व है। उनके साहित्यिक योगदान ने शहर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।

कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम का संयोजन युवा शायर गौतम गोरखपुरी ने तथा सह-संयोजन ई. बृजमोहन ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी एडवोकेट पूजा गुप्ता, अनुराग माझावर, गौतम गोरखपुरी, उत्कर्ष पाठक उत्पल, अभिषेक शर्मा, मोहम्मद अब्दुल्ला, एडवोकेट मिनहाज सिद्दीकी और सुशील सिंह सहित अन्य लोगों ने फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक गौतम गोरखपुरी ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य और समाज के प्रति लोगों की सहभागिता ही ऐसी महान साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।

सारांश

फ़िराक़ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर गोरखपुर में साहित्य प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। बेतियाहाता स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कर उनके साहित्यिक योगदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने फ़िराक़ की रचनाओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।


की धरती से निकली फ़िराक़ की आवाज आज भी अदब की दुनिया में गूंज रही है। उनकी 130वीं जयंती पर शहर के युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने एकजुट होकर महान शायर को श्रद्धांजलि दी और उनकी साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

संपादकीय टिप्पणी

साहित्य की असली ताकत यही है कि समय गुजर जाता है, लेकिन शब्द नहीं मरते। फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी ने गोरखपुर को साहित्य के वैश्विक मानचित्र पर पहचान दिलाई। उनकी जयंती पर युवा पीढ़ी का एकत्र होकर उन्हें याद करना इस बात का संकेत है कि महान रचनाकारों की विरासत किताबों तक सीमित नहीं रहती—वह समाज की चेतना में जीवित रहती है। जरूरत है कि फ़िराक़ के साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होते रहें।

 

 

फ़िराक़ की शायरी में आज भी जिंदा है गोरखपुर की साहित्यिक विरासत

 

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130वीं जयंती पर युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

गोरखपुर, 28 अगस्त।

उर्दू अदब के मशहूर शायर और अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच पर गोरखपुर का नाम रोशन करने वाले रघुपति सहाय ‘फ़िराक़’ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर साहित्यिक जगत ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी के तत्वावधान में बेतियाहाता स्थित फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर युवा कवियों, शायरों एवं समाजसेवियों ने माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उनके साहित्यिक योगदान को याद किया।

INSET | अदब की दुनिया का अमर नाम

फ़िराक़ गोरखपुरी केवल एक शायर का नाम नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य की उस समृद्ध परंपरा की पहचान हैं, जिसमें भाषा, संवेदना और मानवीय भावनाओं का अद्भुत संगम दिखाई देता है। उनकी रचनाएं आज भी साहित्य प्रेमियों को जोड़ती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।

INBOX | गोरखपुर को फ़िराक़ पर गर्व

कार्यक्रम में युवा कवि एवं शायर मिन्नत गोरखपुरी ने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी अपनी शायरी और उर्दू साहित्य के माध्यम से रहती दुनिया तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ की साहित्यिक विरासत गोरखपुर की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी सरदार जसपाल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि फ़िराक़ गोरखपुरी पर सिर्फ गोरखपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गर्व है। उनके साहित्यिक योगदान ने शहर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।

कार्यक्रम में युवाओं की सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम का संयोजन युवा शायर गौतम गोरखपुरी ने तथा सह-संयोजन ई. बृजमोहन ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी एवं साहित्य प्रेमी एडवोकेट पूजा गुप्ता, अनुराग माझावर, गौतम गोरखपुरी, उत्कर्ष पाठक उत्पल, अभिषेक शर्मा, मोहम्मद अब्दुल्ला, एडवोकेट मिनहाज सिद्दीकी और सुशील सिंह सहित अन्य लोगों ने फ़िराक़ गोरखपुरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक गौतम गोरखपुरी ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साहित्य और समाज के प्रति लोगों की सहभागिता ही ऐसी महान साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है।

सारांश

फ़िराक़ गोरखपुरी की 130वीं जयंती पर गोरखपुर में साहित्य प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। बेतियाहाता स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कर उनके साहित्यिक योगदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने फ़िराक़ की रचनाओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।


की धरती से निकली फ़िराक़ की आवाज आज भी अदब की दुनिया में गूंज रही है। उनकी 130वीं जयंती पर शहर के युवा कवियों, शायरों और समाजसेवियों ने एकजुट होकर महान शायर को श्रद्धांजलि दी और उनकी साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।

संपादकीय टिप्पणी

साहित्य की असली ताकत यही है कि समय गुजर जाता है, लेकिन शब्द नहीं मरते। फ़िराक़ गोरखपुरी की शायरी ने गोरखपुर को साहित्य के वैश्विक मानचित्र पर पहचान दिलाई। उनकी जयंती पर युवा पीढ़ी का एकत्र होकर उन्हें याद करना इस बात का संकेत है कि महान रचनाकारों की विरासत किताबों तक सीमित नहीं रहती—वह समाज की चेतना में जीवित रहती है। जरूरत है कि फ़िराक़ के साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर होते रहें।

 

 

मेकअप आर्टिस्ट सिमरन की चौथी पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि एवं लंगर सेवा आयोजित

 

रायबरेली को बहुजन चिंतक एवं समाजसेवी राजेश कुरील की लाडली बेटी एवं प्रोफेशनल मेकअप आर्टिस्ट सिमरन की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर रायबरेली सुपर मार्केट स्थित श्री गुरु नानक देव जी लंगर-प्याऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सिमरन की स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित कर गरीब एवं असहाय लोगों को भोजन दान-लंगर सेवा की गई।

कार्यक्रम में रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र/सन्त शिरोमणि गुरु रविदास मन्दिर, रायबरेली के व्यवस्थापक टीम इंचार्ज एस.के. आर्या, चाचा राम संजीवन, विमल किशोर सबरा, मास्टर श्रीराम वर्मा, अशोक सोनकर, कृष्णा चौधरी सहित दर्जनों लोगों ने सिमरन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सिमरन के बाल्य जीवन एवं उनके सरल, मिलनसार और सेवाभावी व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि सिमरन हम सभी की लाडली बिटिया थीं। वह एक होनहार युवती थीं और कम उम्र में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा एवं व्यक्तित्व से अलग पहचान बनाई थी। गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की मदद करना और समाजसेवा के कार्यों में सहयोग करना उनके स्वभाव का हिस्सा था।

सिमरन की पुण्यतिथि पर आयोजित लंगर सेवा में उनके परिवारजनों रेखा राजेश कुरील, शिवांशु राजेश कुरील, शन्नो, लवकुश सहित अन्य परिजनों ने सेवा भाव से सहभागिता की और श्रद्धालुओं एवं जरूरतमंद लोगों को भोजन वितरित किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सिमरन को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि अपनों की स्मृतियां सदैव हमारे बीच जीवित रहती हैं और सेवा एवं मानवता के कार्यों के माध्यम से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है।

संवाददाता, रायबरेली

नीरज कुमार

प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के निर्विरोध अध्यक्ष बने डॉ. शिव कुमार, भव्य समारोह में हुआ नागरिक अभिनंदन ​ ​राष्ट्र संत गाडगे बाबा जनसेवा एवं कल्याण संघ ने आयोजित किया स्वागत समारोह ​समाज के प्रबुद्धजनों ने माला व पुष्पगुच्छ पहनाकर दी ऐतिहासिक जीत पर बधाई ​समाज का विश्वास और सम्मान मेरे लिए अमूल्य आशीर्वाद: डॉ. शिव कुमार

 

 

 

रायबरेली प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (PMS) वर्ष 2026 के चुनाव में जनपद के वरिष्ठ नाक, कान एवं गला रोग (ENT) विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित होने पर बुधवार को राष्ट्र संत गाडगे बाबा जनसेवा एवं कल्याण संघ की ओर से भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान समाज के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें पुष्पगुच्छ व माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं और उनके सेवाभाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

​विस्तृत खबर:

​निस्वार्थ सेवा और समर्पण की सराहना

समारोह में उपस्थित वरिष्ठजनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने डॉ. शिव कुमार के निर्विरोध निर्वाचन को ऐतिहासिक बताते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. शिव कुमार का समाज और चिकित्सा के क्षेत्र में निस्वार्थ योगदान प्रेरणादायक है। वरिष्ठजनों में राम शरण प्रसाद, श्याम लाल दिवाकर, सत्य नारायण कनौजिया, राजीव जयंत एवं अमेठी से पधारे डॉ. संजय निर्मल ने डॉ. कुमार को बधाई देते हुए उनके समर्पण भाव को रेखांकित किया।

​शायराना अंदाज में हुआ संचालन

कार्यक्रम का कुशल संचालन पंकज चौधरी ने किया। उनके प्रभावशाली वक्तव्य और प्रासंगिक शेरो-शायरी ने पूरे सभागार को बांधे रखा और माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।

​समाज का स्नेह ही सबसे बड़ा संबल: डॉ. शिव कुमार

सम्मान से अभिभूत डॉ. शिव कुमार ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना जाना और समाज से मिला यह आत्मीय सम्मान उनके लिए गौरव एवं भावुकता का क्षण है। उन्होंने आगामी कार्यकाल की प्राथमिकताओं को साझा करते हुए विश्वास दिलाया कि वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे। ​ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम के अंत में रोहित कुमार चौधरी ने सभी आगंतुकों व सम्मानित अतिथियों के प्रति आभार जताते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

​समारोह में मुख्य रूप से डॉ. अरविन्द, सुरेश दिवाकर, जय प्रकाश, पंकज चौधरी, राजीव जयंत, दिलीप निर्मल, सारांश दिवाकर, राम शरण प्रसाद, रोहित कुमार चौधरी, सुजीत चौधरी, राजू दिवाकर, अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी, डॉ. संजय निर्मल (BAMS), श्रीकांत दिवाकर, सत्य नारायण कनौजिया, एम.डी. राजवंशी, राजीव संतोषी, गंगा किशन, गंगा प्रसाद, श्याम लाल दिवाकर, मदन लाल कनौजिया, सुनील कुमार कनौजिया एवं कामरेड अजीत चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

विद्युत आपूर्ति के आश्वासन पर 24 अगस्त का धरना स्थगित अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने जिलाधिकारी को दिया था ज्ञापन, विद्युत विभाग ने लिखित शेड्यूल उपलब्ध कराया

 

रायबरेली। सरेनी विधानसभा क्षेत्र संख्या 182 में लगातार बनी विद्युत समस्या को लेकर अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से 18 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी रायबरेली को ज्ञापन सौंपा गया था। संगठन की ओर से विद्युत व्यवस्था में 22 अगस्त तक सुधार न होने की स्थिति में 24 अगस्त 2026 को मल्केगांव पावर हाउस पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी।

संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग लालगंज एवं जूनियर इंजीनियर मल्केगांव की ओर से विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। संबंधित शेड्यूल सीयूजी मोबाइल नंबर के माध्यम से लिखित रूप में उपलब्ध कराया गया है।

विद्युत विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए शेड्यूल के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक तथा शाम 7:00 बजे से अगले दिन सुबह 6:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति निर्धारित की गई है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में ट्रांसमिशन सब-स्टेशन/कंट्रोल रूम के निर्देश पर रोस्टिंग की जा सकती है।

अधिकारियों द्वारा विद्युत व्यवस्था में सुधार तथा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति देने का आश्वासन दिए जाने और धरना-प्रदर्शन स्थगित करने के अनुरोध को देखते हुए अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने 24 अगस्त 2026, सोमवार को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है।

संगठन ने कहा कि क्षेत्र की जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार नियमित विद्युत आपूर्ति मिलना आवश्यक है। बिजली व्यवस्था को लेकर जनहित में संगठन संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखेगा।

अखिल भारतीय हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का उद्देश्य जनसमस्याओं का शांतिपूर्ण एवं प्रभावी समाधान कराना है। विद्युत विभाग द्वारा दिए गए लिखित शेड्यूल के अनुरूप आपूर्ति मिलने से सरेनी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ताओं और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

एआई अवसरों का नया द्वार, जरूरत है जागरूकता और संतुलित उपयोग की : अमित कुमार

 

रायबरेली। भारत विकास परिषद के तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर गोष्ठी का आयोजन किया गया। शहर के रायबरेली क्लब में आयोजित परिचर्चा का मुख्य विषय “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस—अवसर और चुनौतियां” रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वप्निल पांडेय एवं मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अमित कुमार रहे। परिषद के अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव ने किया।
परिषद की महिला अध्यक्ष सीमा श्रीवास्तव ने संस्कृत सप्ताह में सहयोग करने वाले सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। सचिव प्रभात श्रीवास्तव ने भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित विभिन्न गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। प्रांतीय उपाध्यक्ष नवल किशोर बाजपेई ने भारत विकास परिषद की स्थापना एवं उसकी उपलब्धियों की जानकारी दी। संस्कृति सप्ताह की संयोजिका कंचन श्रीवास्तव ने सप्ताह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि का परिचय डा. चम्पा श्रीवास्तव एवं मुख्य वक्ता का परिचय राकेश कक्कड़ ने दिया। मुख्य अतिथि अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वप्निल पांडेय ने एआई को लेकर समाज में व्याप्त विभिन्न भ्रांतियों और आशंकाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक को भय की दृष्टि से देखने के बजाय उसके सकारात्मक पक्ष को समझने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि एआई का विवेकपूर्ण और जिम्मेदार उपयोग मानव जीवन को अधिक सरल, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक अमित कुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि एआई से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। यह मानव की क्षमता का विकल्प नहीं, बल्कि उसे और अधिक प्रभावी बनाने वाला आधुनिक साधन है। इसके संतुलित, सतर्क और सकारात्मक उपयोग से शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, प्रशासन सहित प्रत्येक क्षेत्र में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने एआई के उपयोग के साथ सावधानी, जागरूकता और नैतिक जिम्मेदारी को भी आवश्यक बताया।
सह संयोजिका मधु कक्कड़ ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। भारत विकास परिषद के कार्यक्रमों में विशेष सहयोग करने वाले सीमा श्रीवास्तव, अरविंद श्रीवास्तव, गजानन खुबेले, प्रदीप पांडेय एवं निशा सिंह को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के आयोजन में सप्ताह के सह संयोजक विवेक सिंह, अम्बरीष अग्रवाल, डा. आर. बी. श्रीवास्तव, वी. के. अग्निहोत्री, डॉ. बरखा भारती, के. के. श्रीवास्तव, अजय मिश्रा, ममता अग्रवाल, शशि अग्निहोत्री, निशा सिंह, किरन मिश्रा, विजय सिंह, पवन श्रीवास्तव आदि का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर शिव कुमार गुप्ता, राकेश मिश्रा, कमलेश चन्द्र श्रीवास्तव, देवेन्द्र श्रीवास्तव, हरिश्चन्द्र शर्मा, विनोद दुबे, मंगलेश श्रीवास्तव, सतीश श्रीवास्तव, रवीन्द्र नाथ हरी, अतुल रुपेनवार, वीना श्रीवास्तव, दिवाकर द्विवेदी, अजय त्रिवेदी, सत्येंद्र सिंह, उषा त्रिवेदी, नीरज सिंह, रोटरी क्लब के अध्यक्ष नवीन मल्होत्रा, देवेंद्र श्रीवास्तव, स्नेहलता श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

रायबरेली में चुनावी मौसम आते ही जागती है भाजपा सरकार की विकास की याद : शशिकांत शर्मा “चार साल बाद फिर ₹879 करोड़ का विकास पैकेज, लेकिन 2021-22 के ₹834 करोड़ का हिसाब कौन देगा?”

 

 

रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रायबरेली दौरे और करीब 879 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास को समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव शशिकांत शर्मा ने विकास की गंभीर पहल के बजाय चुनावी घोषणाओं का नया पैकेज करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को रायबरेली की याद विकास के नियमित कामकाज के लिए नहीं, बल्कि चुनावी जरूरतों के समय आती है।

 

शशिकांत शर्मा ने कहा कि रायबरेली की जनता अब केवल शिलान्यास के पत्थर और मंच से होने वाली घोषणाएं नहीं, बल्कि योजनाओं का वास्तविक परिणाम जानना चाहती है। सवाल यह है कि जिन परियोजनाओं की घोषणाएं पहले की गईं, उनमें कितनी पूरी हुईं, कितनी अधूरी हैं और कितनी आज भी कागजों में चल रही हैं?

 

उन्होंने कहा कि दिसंबर 2021 और जनवरी 2022 में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा सरकार ने रायबरेली के लिए लगभग ₹834 करोड़ की परियोजनाओं का पैकेज पेश किया था। अब अगस्त 2026 में एक बार फिर लगभग ₹879 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया जा रहा है। शशिकांत शर्मा ने सवाल किया कि यदि पिछली घोषणाओं का विकास जमीन पर पूरी तरह दिखाई दे रहा है, तो सरकार को उसी उपलब्धि का विस्तृत हिसाब जनता के सामने रखने में क्या परेशानी है?

 

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “रायबरेली की जनता को अब यह समझने की जरूरत है कि चुनाव से पहले होने वाला शिलान्यास विकास की शुरुआत है या चुनावी राजनीति का पुराना फार्मूला। भाजपा सरकार अगर वास्तव में विकास को लेकर गंभीर है तो केवल नई योजनाओं की सूची न बताए, बल्कि पिछले वर्षों में घोषित परियोजनाओं की पूर्णता, खर्च और वास्तविक लाभार्थियों का भी सार्वजनिक हिसाब दे।”

 

महापुरुषों की जयंती भी राजनीतिक कैलेंडर का हिस्सा बन गई?

 

शशिकांत शर्मा ने अमर शहीद राना बेनी माधव सिंह की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री के रायबरेली आगमन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों का सम्मान किसी एक दिन या चुनावी वर्ष तक सीमित नहीं होना चाहिए।

 

उन्होंने कहा, “2017 से अब तक के मुख्यमंत्री कार्यकाल को देखें तो राना बेनी माधव सिंह की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री का रायबरेली आगमन 24 अगस्त 2022 और 24 अगस्त 2026 को हुआ। सवाल यह नहीं है कि मुख्यमंत्री आज आए क्यों हैं, सवाल यह है कि पिछले वर्षों में इस महान स्वतंत्रता सेनानी की जयंती पर सरकार की निरंतर उपस्थिति और उनके नाम से जुड़ी स्थायी योजनाएं कितनी दिखाई दीं?”

 

उन्होंने कहा कि महापुरुषों के नाम पर कार्यक्रम आयोजित करना अच्छी बात है, लेकिन उनकी विरासत को शिक्षा, शोध, स्मारक, संग्रहालय, स्थानीय विकास और नई पीढ़ी के बीच जीवित रखना उससे कहीं बड़ा सम्मान है। केवल जयंती पर पुष्पांजलि और मंचीय भाषण से स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति जिम्मेदारी पूरी नहीं हो जाती।

 

“शिलान्यास की राजनीति बंद हो, काम की प्रगति बताई जाए”

 

सपा प्रदेश सचिव ने कहा कि भाजपा सरकार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल नई घोषणाओं का नहीं, पुरानी घोषणाओं की जवाबदेही का है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार को रायबरेली की जनता के सामने एक सार्वजनिक रिपोर्ट रखनी चाहिए कि पिछले वर्षों में जिले के लिए कितनी परियोजनाओं की घोषणा हुई, उनमें कितने काम पूरे हुए, कितने लंबित हैं, कितनी लागत बढ़ी और कितनी परियोजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचा।

 

“सरकार हर दौरे पर करोड़ों रुपये की नई योजनाओं का आंकड़ा बताती है, लेकिन जनता यह जानना चाहती है कि उसके गांव की सड़क कब बनी, अस्पताल में व्यवस्था कब सुधरी, युवाओं को रोजगार कब मिला, किसानों की समस्याओं का समाधान कब हुआ और शहर-कस्बों की बुनियादी सुविधाएं कब बेहतर हुईं। करोड़ों के आंकड़े टीवी की सुर्खियां तो बन सकते हैं, लेकिन जनता की जिंदगी तब बदलती है जब परियोजना जमीन पर पूरी होती है।” — शशिकांत शर्मा

 

रायबरेली को पैकेज नहीं, स्थायी विकास चाहिए

 

शशिकांत शर्मा ने कहा कि रायबरेली राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिला जरूर है, लेकिन यहां के लोगों को चुनावी पैकेज नहीं, स्थायी और दिखाई देने वाला विकास चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि कुछ बड़े कार्यक्रम, परियोजनाओं की लंबी सूची और करोड़ों रुपये के आंकड़े दिखाकर जनता के मूल सवालों को दबाया जा सकता है।

 

“रायबरेली की जनता अब आंकड़ों की बाजीगरी और घोषणाओं की राजनीति से आगे बढ़ चुकी है। जनता पूछ रही है—पिछली घोषणा का क्या हुआ? पिछली परियोजना कब पूरी हुई? कितना पैसा खर्च हुआ? किसे लाभ मिला? और जो काम आज शुरू बताया जा रहा है, वह कब पूरा होगा?”

 

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार ही नहीं, बल्कि जनता के प्रति उसकी जिम्मेदारी भी है। इसलिए भाजपा सरकार को सपा के सवालों को राजनीतिक बयान समझकर खारिज करने के बजाय हर परियोजना का समयबद्ध और सार्वजनिक हिसाब देना चाहिए।

 

“चुनावी मौसम में शिलान्यास, चुनाव के बाद सन्नाटा—यह मॉडल अब नहीं चलेगा”

 

शशिकांत शर्मा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार की राजनीति का पैटर्न जनता के सामने स्पष्ट है—“चुनाव करीब आए तो महापुरुष याद आते हैं, बड़े-बड़े कार्यक्रम होते हैं, करोड़ों की परियोजनाओं की घोषणा होती है और चुनाव बीतने के बाद वही योजनाएं सरकारी फाइलों में दिखाई देती हैं।”

 

उन्होंने कहा कि रायबरेली की जनता अब इस राजनीतिक शैली को समझ चुकी है और आने वाले चुनाव में घोषड़ाएं नहीं, काम का मूल्यांकन करेगी।

 

उन्होंने कहा—

 

“रायबरेली को चुनावी लॉलीपॉप नहीं चाहिए। रायबरेली को जवाब चाहिए। भाजपा सरकार को पहले 2021-22 के ₹834 करोड़ के विकास पैकेज का हिसाब देना चाहिए और उसके बाद 2026 के ₹879 करोड़ के नए पैकेज की बात करनी चाहिए। जनता अब यह पूछेगी कि पत्थर कितने लगे, बल्कि काम कितने पूरे हुए।”

 

अंत में शशिकांत शर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी विकास की विरोधी नहीं है, बल्कि दिखावटी विकास की राजनीति के खिलाफ है। सरकार अगर वास्तव में रायबरेली का विकास चाहती है तो घोषणाओं के साथ उनकी समयसीमा, बजट, प्रगति और पूर्णता की स्थिति सार्वजनिक करे।

 

“रायबरेली की जनता अब भाषण नहीं, परिणाम देखना चाहती है; शिलान्यास नहीं, निर्माण देखना चाहती है; आंकड़े नहीं, अपने जीवन में बदलाव देखना चाहती है। आने वाले समय में जनता भाजपा सरकार से इन्हीं सवालों का जवाब मांगेगी।”

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